कोलकाता । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह एक के बाद एक तृणमूल कांग्रेस के नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी में ममता बनर्जी के अलावा कोई भी नहीं बचेगा। रविवार को हावड़ा के डुमुरजला स्टेडियम में भाजपा की विशाल जनसभा को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि बंगाल में विधानसभा चुनाव होने तक तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के अलावा कोई भी नहीं बचेगा।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व वन मंत्री राजीव बनर्जी, बाली विधानसभा क्षेत्र की विधायक वैशाली डालमिया, उत्तरपाड़ा के विधायक प्रबीर घोषाल, हावड़ा के पूर्व मेयर रथीन चक्रवर्ती और बांग्ला फिल्मों के अभिनेता रुद्रनील घोष शनिवार को भाजपा में शामिल हुए हैं।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाए रहने के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। कोहरे की वजह से विज़िबिलिटी काफी कम है। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, “आज बहुत ज़्यादा ठंड है और कोहरा भी है। कोहरे की वजह से थोड़ी दूर का भी दिखाई नहीं दे रहा है।
…………………………………. वनकर्मियों ने हाथियों के झुंड को खदेड़ कर बचाई महिला की जान ………………………………….
गुस्साए हाथियों ने कई घरों को किया ध्वस्त
उज्ज्वल दुनिया संवाददाता
अजय निराला / सुनील कुमार
हजारीबाग/ बड़कागांव। जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र के इंदिरा गांव में हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया। हाथियों के झुंड ने हमला कर एक महिला पार्वती देवी पति कंदन मांझी को शनिवार की देर रात लगभग नौ बजे के आसपास हाथी ने शुंड से पटक दिया एवम पैर से कुचलने जा रहा था। इसी बीच वनकर्मियों ने हाथी को खदेड़कर उक्त महिला पार्वती देवी की जान बचाई। हालांकि इस घटना में उक्त महिला को गंभीर चोट आई। वन कर्मियों के इस साहस को कोटि कोटि धन्यवाद। जिन्होंने महिला के जान बचाने का सफल प्रयास किया। हालांकि हाथियों के झुंड ने इस बीच एक किसान के काड़ा/ भैंसा को पटक-पटक कर मार दिया।
इस दौरान हाथियों ने कई घरों को भी ध्वस्त कर दिया। साथ ही कई एकड़ में लगे फसलों को रौंद दिया। बताते चलें कि बड़कागांव थाना क्षेत्र में 27 हाथियों का झुंड 28 जनवरी को हेंदेगीर की ओर से चोराटोगरी में प्रवेश किया। उसके बाद से हाथियों का उत्पात जारी है। हाथियों ने खेतों में लगे गेहूं, चना, सरसों, प्याज और आलू के फसल को बर्बाद कर दिया। पश्चिमी वन प्रमंडल हजारीबाग के डीएफओ रविन्द्र नाथ मिश्रा और सहायक वन संरक्षक सह बड़कागांव के वन क्षेत्र पदाधिकारी उदय चंद्र झा के निर्देश पर वन विभाग के बड़कागांव के वनपाल रामचंद्र प्रसाद, भोला साव, केशव प्रसाद, मनोरंजन कुमार, कृष्णा महतो और अशोक महतो सहित ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड को खदेड़कर जंगलों की ओर भगा दिया। लेकिन 30 जनवरी की रात हाथियों का झुंड इंदिरा जंगल होते हुए इंदिरा खेल मैदान पहुंच गया। जहां से ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड को भगाने का प्रयास किया। जिसके बाद गुस्साए हाथियों ने सीमन मांझी के घर को तोड़ दिया और घरों में रखे चावल, धान, गेहूं, आलू, महुआ को चट कर गया। गुस्साए हाथियों ने चंदन मांझी की पत्नी को भी घायल कर दिया।
हाथियों को भगाने का प्रयास करते वन विभाग के लोग
वन कर्मियों ने बड़ी मशक्कत से हाथियों को भगाया नहीं तो उस महिला की जान चली जाती। वन क्षेत्र पदाधिकारी ने घायल महिला को एंबुलेंस की व्यवस्था कर इलाज के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा है। जहां महिला की इलाज चल रहा है। डाक्टर के मुताबिक घायल महिला खतरे से बाहर हैं।
मंच पर मुमताज खान, प्रवीण प्रभाकर, कमल नयन, शफीक आलम आदि
जिनके बल पर झारखंड बना वही सम्मान के लिए भटक रहे
रांची। हजारीबाग के छड़वा डैम में झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा का सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि जिनके बल पर झारखंड बना, वही 20 साल से सम्मान के लिए भटक रहे हैं। राज्य में आंदोलनकारियों की सरकार बनने से आशा की किरण जगी है। वक्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि आंदोलनकारियों आयोग का शीघ्र पुनर्गठन हो और आंदोलनकारियों को सम्मान, पेंशन, पहचान पत्र उपलब्ध करवाया जाए।
सम्मेलन को मुख्य रूप से संयोजक मुमताज खान, प्रवीण प्रभाकर, शफीक आलम, कमल नयन सिंह, उमेश यादव, महावीर विश्वकर्मा, शिवलाल महतो, सुखदेव यादव, शमीम बड़ेहार, कौलेश्वर मांझी, दौलत महतो, अनवर अंसारी, बद्री सिंह आदि नेताओं ने संबोधित किया।
सम्मेलन में झारखंड आंदोलन में शहीद हुए निर्मल महतो, सुनील महतो, सुदर्शन भगत आदि को राजकीय शहीद का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। सम्मेलन में झारखंड आंदोलनकारियों को ₹30000 पेंशन और शहीदों व आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी में आरक्षण की मांग उठाई गई। झारखंड के शहीदों के नाम पर विभिन्न संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कालेजों,मुख्य सड़क, चौक और चौराहों का नामकरण करने के लिए भी प्रस्ताव पारित किया गया।
सम्मेलन में शिरकत करते लोग
सम्मेलन में यह भी मांग उठाई गई कि सभी आंदोलनकारियों को एक ही कैटेगरी में रखकर बराबरी का दर्जा दिया जाए, 1932 के खतियान या अंतिम सर्वे के आधार पर स्थानीय नीति बनाई जाए, 20 सूत्री और निगरानी समिति में आंदोलनकारियों को स्थान दिया जाए, पाठ्यक्रम में आंदोलनकारी और शहीदों की संघर्ष गाथा को शामिल किया जाए, सभी वरिष्ठ आंदोलनकारियों को जिले के कार्यक्रम में अतिथि के रुप में आमंत्रित किया जाए और टोल टैक्स पर भी आंदोलनकारियों को छूट मिले।
नीतीश कुमार से सीएम आवास पर जाकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार (31 जनवरी ) को मुलाकात की। बशिष्ठ नारायण सिंह भी मौजूद थे।
एक महीने के अंदर तीसरी बार नीतीश कुमार से मुलाक़ात कर रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने RLSP का JDU में विलय की सहमति दे दी है । सीएम हाउस से निकलने के बाद उपेन्द्र कुशवाहा ने पत्रकारों से कहा -“मैं और नीतीश जी कभी अलग थे ही नहीं, हमारी विचारधारा एक है।” विलय के सवाल पर उन्होंने कहा कि समय आने पर सबकुछ साफ हो जाएगा ।
NDA से चिराग होंगे बाहर, कुशवाहा की एंट्री होगी!
नीतीश कुमार किसी भी कीमत पर चिराग पासवान और उनकी पार्टी को NDA से बाहर का रास्ता दिखाना चाहते हैं । नीतीश कुमार चाहते हैं कि चिराग बाहर जाएं और उनकी जगह उपेन्द्र कुशवाहा की एनडीए में वापसी हो । उपेन्द्र कुशवाहा की एनडीए में एंट्री के साथ ही नीतीश कुमार का “लव-कुश” समीकरण भी पूरा हो जाएगा ।
कुर्मी-कोयरी वोटों को एकजुट रखने के लिए विलय जरुरी
दोनों नेताओं की यह तीसरी मुलाकात है। पहली बार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद दोनों मिले थे। उसके बाद दो दिसंबर को मिलना हुआ था। तब भी जदयू में रालोसपा के विलय की बात उठी थी, लेकिन उस वक्त भी कुशवाहा ने जदयू में अपनी पार्टी का विलय करने से साफ इन्कार कर दिया था। फिर भी चर्चा है कि कुशवाहा और नीतीश कुमार की मुलाकात का परिणाम जल्द सामने आएगा और बिहार में नया राजनीतिक समीकरण बन सकता है।
रांची । सरना धर्म कोड की मांग को लेकर रविवार को केंद्रीय सरना समिति अध्यक्ष फूलचंद तिर्की, संरक्षक भुनेश्वर लोहरा एवं महासचिव रोशन तिर्की के नेतृत्व में सरना हेलो हां समिति के लोगों ने रांची मुरी रेल खण्ड पर किता स्टेशन पर प्रदर्शन किया। लगभग दो बजे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मालगाड़ी के इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे।वे सरना धर्म कोड लागू करने की मांग कर रहे थे। वहां पहले से तैनात मुरी आरपीएफ, सिल्ली पुलिस व रांची जीआरपी के जवानों ने कार्यकर्ताओं को इंजन से नीचे उतारा।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे लोगो ने बताया कि सरकार वर्ष 2021 की जनगणना में सरना कोड का भी कॉलम दर्ज करे। करीब घंटे भर के प्रदर्शन के बाद में सभी प्रदर्शनकारी चले गए। मुरी आरपीएफ थाना प्रभारी आरके तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम की सूचना पर किता स्टेशन पर पर्याप्त बल तैनात किये गए थे । इस कारण रेल आवागमन में कोई बाधा नहीं हुई। रेड सिग्नल के कारण खड़ी मालगाड़ी के इंजन पर प्रदर्शनकारी चढ़ गए थे।
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय सरना समिति महिला अध्यक्ष निरा टोप्पो आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सतनारायण लकड़ा, शंकर लोहरा, केंद्रीय सरना समिति सदस्य मगरा उराव, केंद्रीय सरना समिति सदस्य विनय उराव, राम मुंडा, प्रमोद एक्का आदि दर्जनों लोग शामिल थे।
चौपारण में 158 मिशनिरियां धर्म परिवर्तन के काम में सक्रिय- वीएचपी
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चौपारण। इन दिनों चौपारण में 158 मिशनिरियां धर्म परिवर्तन करने का काम कर रही हैं। पहले गुपचुप तरीके से अंधेरी रात में धर्म परिवर्तन का काम होता था लेकिन अब खुलेआम दिनदहाड़े यह काम हो रहा हैं। धर्म परिवर्तन एक बहुत बड़ी समस्या के रूप में देखा जा रहा है। जिसे रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती हो गई है।
मालूम हो कि प्रखंड के कई पंचायतों में खुलेआम ईसाई मिशनरियों की कई संस्थाएं इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। इस बात की जानकारी देते हुए विहिप के प्रखंड महामंत्री शेखर गुप्ता ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में सनातन धर्म खतरे में पड़ सकता है।
चौपारण के नावाडीह हरिजन टोला में धर्म परिवर्तन का वीडियो
चौपारण के नावाडीह हरिजन टोला में इस तरह का प्रयास करते हुए देखा गया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवतियां ईसा मसीह के प्रति आस्था जताते हुए प्रार्थना सभा में शामिल हुए। पूछे जाने पर शेखर गुप्ता ने कहां की इस तरह का कार्य पूरे प्रखंड में तेजी के साथ हो रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सनातन विरोधी धर्म के लोगों ने हिंदु धर्म को संकुचित करने का षड्यंत्र रच रहे हैं जिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की जरूरत है। मौके पर विश्व हिन्दू परिषद के शंकर कुमार रवि, पंकज वर्णवाल, हिमांशु वैध, अंकित सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।
गिरिडीह : बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल की गिरिडीह शाखा इकाई का वार्षिक आम बैठक रविवार को एलआईसी कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष संजय शर्मा ने किया। जबकि संचालन शाखा सचिव धर्मप्रकाश ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए मंडलीय महासचिव महेंद्र किशोर प्रसाद ने कहा कि आज देश भर में डर का माहौल बना दिया गया। केंद्र सरकार सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को बेच रही है। देश में व्याप्त महंगाई बेरोजगारी जैसी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा सामने कर दिया जाता है और लोग दिग्भ्रमित हो जाते हैं।
मंडलीय संयुक्त सचिव हेमंत मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार देश को कारपोरेट के हाथों में दे रही हैं। उन्होंने कहा कि 3 नए कृषि बिल सिर्फ किसान के विरोध में ही नहीं पूरे देश के जनता के लिए घातक है। केंद्र सरकार ने देश के समस्त श्रम कानूनों को समाप्त कर श्रम संविदा लाना श्रमिक विरोधी है।
संगठन सचिव जगदीश चंद्र मित्तल ने कहा कि एलआईसी इस देश की सबसे मजबूत वित्तीय संस्था है जो इस देश की आधारभूत संरचना के विकास में अहम योगदान दे रही हैं। ऐसी संस्था को आईपीओ के माध्यम से निजी करण करना देश के लिए घातक है। इनके अलावा संयुक्त सचिव सुमित कुमार सिन्हा संगठन सचिव अमरजीत राजवंशी और सहायक सचिव मदन कुमार पाठक ने संबोधित किया।
नये सत्र हेतु पदाधिकारियों का हुआ चुनाव :
बैठक में वर्ष 2021 के लिए सर्वसम्मति से कॉमरेड संजय शर्मा को अध्यक्ष तथा कामरेड धर्म प्रकाश को पुनः सचिव चुना गया। संहिता सरकार और डेनियल मरांडी को उपाध्यक्ष, विजय कुमार, राजेश कुमार उपाध्याय ,अनुराग मुर्मू और श्वेता को संयुक्त सचिव, उमा नाथ झा, सुनील कुमार वर्मा और दीपक कुमार पासवान को संगठन सचिव, श्वेता कुमारी को कोषाध्यक्ष तथा अभय कुमार को सह कोषाध्यक्ष चुना गया।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति :
बैठक में विजय कुमार, अनुराग मुर्मू ,राजेश कुमार उपाध्याय, संहिता सरकार डेनियल मरांडी, उमा नाथ झा, कुमकुम बाला वर्मा, विनय कुमार, श्वेता, अंजलि श्वेता, सबा परवीन, अंशु कुमारी सिंघानिया, श्वेता कुमारी ,अनिल कुमार वर्मा, दीपक कुमार पासवान ,अरविंद मुर्मू ,सुनील कुमार वर्मा, प्रभाष शर्मा ,नीतिश गुप्ता ,कुलदीप कुमार रवि, संजय कुमार शर्मा, नीरज कुमार सिंह, प्रज्ञा आनंद, महेश्वरी वर्मा, देवनाथ दास, प्रवीण कुमार हंसदा, अभय कुमार, प्रीतम कुमार मेहता, पंकज कुमार, गौरव कुमार सिंह सहित सभी सदस्यों ने भाग लिया।
गिरिडीह : जिले के सरिया थाना क्षेत्र के चंद्रमारणी गाँव में ग्रामीणों ने मवेशी लदे एक 407 वाहन को धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। सरिया थाना पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और इस मामले में वाहन चालक और खलासी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जाता है ग्रामीणों ने शक के बिनाह पर वाहन को रोक लिया तो पाया कि वाहन में 6 मवेशी लदे थे। इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना सरिया थाने की पुलिस को दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन समेत चालक और सहचालक को भी अपने साथ थाने ले गयी।
गिरिडीह : नोबेल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के तेलोनारी गांव निवासी मो. सुल्तान अंसारी को पंचबा थाना पुलिस ने हजारीबाग से गिरफ्तार कर लिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद सुल्तान पर महिला व युवतियों को शिक्षक और सुपरवाईजर के पद की प्राईवेट नौकरी और सात से आठ हजार का वेतन देने का प्रलोभन देने के नाम पर ठगी करने का आरोप है। बताया गया कि मोहम्मद सुल्तान पिछले सात आठ महीने से पुलिस को झांसा देकर फरार चल रहा था। पंचबा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए सुल्तान को गिरफ्तार किया है।
पचम्बा थाना प्रभारी नितीश कुमार ने बताया कि मो. सुल्तान नाम के इस ठग ने जिन-जिन महिलाओं से पैसे लेकर शिक्षक और सुपरवाईजर बनाया। उन्हें जब कई महीनों बाद तक वेतन नहीं मिला। तब ठगी की शिकार हुई भुक्तभोगी महिलाओं ने बेंगाबाद और पचंबा थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराई।
केस दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। शनिवार को जब पचंबा थाना पुलिस को इसके हजारीबाग में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली। तो थाना प्रभारी नीतिश कुमार के निर्देश पर एसआई राजीव सिंह इसके ठिकाने पर छापेमारी कर इसे गिरफ्तार करने में सफलता पाये।
सुबह-सुबह मिथिलेश धर का एक ट्वीट देखा, जिसमें फ्रीलांस पत्रकार मनदीप पुनिया को गिरफ़्तारी के वक्त का एक वीडियो है, जिसमें मनदीप अपनी गिरफ़्तारी का विरोध कर रहा है और पुलिसवाले उसे ज़बरदस्ती ले जा रहे हैं । फिर राहुल गांधी का ट्वीट देखा जो मनदीप पुनिया के समर्थन में था । हमारे देश में हर रोज पत्रकार गिरफ्तार होते हैं, खबर कवर करने को लेकर मारे भी जाते हैं, धमकी तो लगभग रोज की बात है, लेकिन राहुल गांधी ने शायद ही कभी किसी एक पत्रकार को मौत के घाट उतारने, ट्रैक्टर से कुचलने या जमीन, कोयला, खनन माफिया द्वारा गोलियों से छलनी करने पर ट्वीट किया हो । फिर मनदीप पुनिया में ऐसी कौन सी खास बात है ?
राहुल गांधी के बाद बहन प्रियंका ने भी एक के बाद एक चार ट्वीट दे मारा मनदीप के समर्थन में…
राहुल-प्रियंका गांधी के ट्वीट से नजर हटी ही थी कि पता चला कि रवीश कुमार ने पिछले पांच साल में अपना पहला ट्वीट किया है। बिल्कुल अपने ऑफीशियल ट्वीटर हैंडल से, ब्लू टिक वाला…..हमें लगा कि हो न हो मनदीप पुनिया की लेखनी में दम होगा, या वो ग्राउंड रिपोर्टिंग बेहतरीन करता होगा, या फिर एक्सक्लूसिव खबर निकालने में उसकी कोई सानी नहीं होगी….कम से कम सच के साथ साहस के साथ खड़ा रहता होगा…
गूगल ,फेसबुक और ट्वीटर पर दिन भर की मगजमारी के बाद सिर्फ इतना पता चला कि मनदीप पुनिया को न पुलिस ने मारा-पीटा है, न ही लोकतंत्र पर कोई खतरा है । हां, अदालत ने उनके खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है । मनदीप पर फेक न्यूज फैलाने, दिल्ली पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है ।
कौन है मनदीप पुनिया ?
मनदीप ने साल 2017-18 में IIMC (Indian Institute of mass communication) से पढ़ाई की । साल 2018 में मनदीप IIMC प्रशासन के खिलाफ ‘हॉस्टल’ की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठा था । तीन दिन तक चली उस भूख हड़ताल के बाद प्रशासन को पीछे हटना पड़ा ।
IIMC छोड़ने के बाद उसने कुछ जगह छोटी-मोटी नौकरी की। वह मीडिया से निराश था ही कि इसी बीच उसके पिता दुनिया छोड़कर चले गए । मीडिया की हालत देखकर मनदीप अपने गांव लौट गया और वहां जाकर खेती करने लगा। लेकिन खेती सिर्फ इसलिए की ताकि पेट भरता रहे और और जहां-तहां आंदोलनों की रिपोर्ट करने के लिए आने-जाने का किराया आ जाया करे।
मनदीप के राजनीतिक रुझान की वजह से उसे मेनस्ट्रीम मीडिया में नौकरी नहीं मिली। हां, CARAVAN, द वायर, फ्रंट पोस्ट और कुछ दलित पत्रिकाओं में उसके लिखे आर्टिकल जरुर छपे । लेकिन बीते दो महीनों से वो केवल और केवल किसानों के मुद्दों पर लिख रहा है। वह आमतौर पर किसान आंदोलनों के टैंटों में ही सोता, वहीं खाता है।
बिमल बुधिया अध्यक्ष रामगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
इतने बड़े पद पर रहकर इतनी छोटी सोच वाले मंत्री
रामगढ़। झारखंड के मंत्री रामेश्वर उरांव का बयान कि रांची में मारवाड़ी और बिहारी भर गए हैं यह उनकी ओछी सोच है । ये बातें रामगढ़ चैैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विमल बुधिया ने कही । उन्होंने कहा कि-
“मैं माननीय मंत्री जी को बता देना चाहता हूं झारखंड में आज से ही मारवाड़ी बिहारी नहीं रहते हैं । सदियों से रहते आ रहे हैं । झारखंड किसी एक जाति का नहीं है ।”
मारवाड़ी समाज देश के आर्थिक रीढ़ की हड्डी
उन्होंने कहा कि सरकार में रहते यह बातें करना उन को शोभा नहीं देता । मारवाड़ी देश में आर्थिक रीड की हड्डी है । हमारे द्वारा टैक्स एवं अनेकों प्रकार राज्य के हित में सामाजिक कार्य भी करते हैं और दिन-रात खटकर देश और राज्य सरकार को टैक्स देने का काम करते हैं ।उसके बाद भी हमारे मंत्री जी की सोच क्या है, समझ से परे है ।
मंत्रियों के बयान पर लगाम लगाएं सीएम
उन्होंने कहा कि
मंत्री रामेश्वर उरावं एक बुद्धिजीवी भी हैं । उसके बाद भी ऐसी बात करना शोभा नहीं देता है । हम रामगढ़ मारवाड़ी समाज एवं रामगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से मुख्यमंत्री झारखंड सरकार हेमंत सोरेन से मांग करते हैं कि ऐसे बयान देने वाले मंत्री पर लगाम लगाएं ।मंत्री रामेश्वर उरावं को ऐसा लगता है यह सरकार सिर्फ आदिवासियों की है। मुख्यमंत्री को स्पष्ट कर देना चाहिए कि दूसरे जाति के लोग भी सरकार में हैं।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख
झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख शनिवार को अपने बिहार दौरे पर थे । बादल पत्रलेख राजद नेता तेजस्वी यादव के आह्वान पर मानव श्रृंखला को समर्थन देने वहां पहुंचे थे । दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के समर्थन में बिहार में यह मानव श्रृंखला बनाई गई थी ।
कृषि मंत्री बादल ने कहा कि बिहार के कृषि मंत्री जब झारखंड दौरे पर आए थे तो उन्होंने कहा था कि बिहार में इस कानून के खिलाफ एक भी किसान नहीं है, लेकिन इस मानव श्रृंखला में लाखों की भीड़ यह बताने के लिए काफी है की बिहार के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस कानून से कितने आहत हैं । बादल पत्रलेख ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि झारखंड में रविवार को होने वाली किसानों की ट्रैक्टर रैली ऐतिहासिक होगी ।
बादल पत्रलेख ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि किसानों के खिलाफ लाए गए तुगलकी फरमान को वह वापस लें, केंद्र सरकार किसानों के बारे में सोचें । उन्होंने कहा की गोड्डा के शहीद मैदान से देवघर के रोहिणी तक निकलने वाली यह रैली किसानों की रैली होगी । जिस प्रकार से संथाल परगना की धरती से ही सिद्धू कान्हू ने हुल आंदोलन की शुरुआत की थी, वैसे ही संथाल से ट्रैक्टर रैली की शुरुआत एक हुल है क्रांति है । जिसकी गूंज दिल्ली के बादशाह के कानों तक साफ-साफ जाएगी।
रामेश्वर उरावं ने रांची में बिहारी और मारवाड़ी भरने की बात बोलकर बर्रे के छत्ते में हाथ डाल दिया है । उन्हें इस बात का शायद ही अंदाजा होगा कि कांग्रेस के अंदर से ही इतनी तीखी प्रतिक्रिया आएगी । झारखंड कांग्रेस के अंदर आदिवासी ईसाई गुट खुलकर रामेश्वर उरावं के बयान का समर्थन कर रहा है तो दूसरी ओर दीपिका पांडे सिंह और कुमार गौरव के नेतृत्व में गैर- आदिवासी विधेयकों की पूरी लॉबी अपने अध्यक्ष के बयान के खिलाफ उतर गई है । रामेश्वर उरावं की शिकायत राहुल और सोनिया गांधी तक पहुंच चुकी है ।
ममता देवी ने अपने अंगरक्षक लौटाए
रामगढ़ से कांग्रेस की विधायक ममता देवी ने अपने सरकारी अंगरक्षकों को वापस कर दिया है । वे लगातार कहती रही हैं कि पुलिस-प्रशासन के लोग उनकी सुनते ही नहीं तो फिर सत्ताधारी दल का विधायक रहने का क्या फायदा ?
बेरमो से कांग्रेस के विधायक कुमार गौरव ने भी अपने प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ भड़ास निकाली है । उन्होने अपने ट्वीट में लिखा है-
” कांग्रेस की सोच है कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई आपस में है सब भाई भाई। यह बयान कांग्रेस विचारधारा के विपरीत है और कांग्रेस की आत्मा को चोट पहुंचाने का कार्य करता है। बिरसा की महान धरती पर रहने वाला हर व्यक्ति झारखंडी है और अपने कर्मों से इस धरती को सिच रहा है।”
झारखंड कांग्रेस में होगा बड़ा सांगठनिक फेरबदल
झारखंड में जल्द ही दो बड़े बदलाव होने हैं । चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्ष तक बदले जाएंगे । इसके साथ ही हेमंत मंत्रीमंडल विस्तार भी होना है । मौजूदा सरकार के एकमात्र अल्पसंख्यक मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का निधन हो चुका है । ईसाई लॉबी चाहती है कि अल्पसंख्यक कोटे वाली मंत्री की सीट किसी आदिवासी ईसाई को मिले । वहीं हेमंत मंत्रीमंडल में एक भी मुसलमान न होने की बात इरफ़ान अंसारी जोर शोर से उठा रहे हैं ।
कई बड़े नेता प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं । धीरज साहू तो सोनिया और राहुल गांधी से मुलाक़ात भी कर चुके हैं । अजय कुमार कांग्रेस में दोबारा शामिल हुए हैं और फिलहाल उनके पास कोई खास काम भी नहीं हैं । सूत्र बताते हैं कि ये सारी बयानबाजी मंत्री और बोर्ड-निगम को लेकर है ।
झारखंड सरकार में शामिल दलों के विधायकों में नाराजगी
पुलिस प्रशासन के रवैया के खिलाफ विधायकों में है भारी रोष
रामगढ़। झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी के विधायकों में प्रशासनिक महकमे के खिलाफ आक्रोश दिख रहा है। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के मनमानी रवैया के खिलाफ विधायक अब आर-पार की लड़ाई में उतरने का मन बना लिए हैं। इसका परिणाम भी अब सामने आने लगा है। जो आने वाले दिनों में झारखंड सरकार के लिए परेशानी का कारण बनता दिख रहा है । समय रहते सरकार अगर नहीं चाहती तो आने वाले समय में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विधायकों की नाराजगी अब सामने आने लगी है
रामगढ़ जिला पुलिस प्रशासन से नाराज विधायक ममता देवी ने कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जिला में कोई भी सरकारी सेवा लेने से इनकार करते हुए अपने तीनों अंग रक्षकों को वापस कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रामगढ़ की विधायक ममता देवी जिला पुलिस प्रशासन से काफी खफा चल रही है। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के बेरुखी और मनमानी विधायक को पसंद नहीं आ रही है।
विधायक ममता देवी ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन मुख्य कार्यक्रम स्थल से भी कार्यक्रम के बीच में ही निकल गई थी। विधायक ममता देवी ने बीती रात अपने तीनों अंगरक्षकों को वापस रामगढ़ पुलिस लाइन भेज दिया है। जानकारी के अनुसार विधायक ने जिला पुलिस से आग्रह किया था कि उनके अंगरक्षकों को वापस ले लिया जाए। उन्हें सुरक्षाकर्मी की जरूरत नहीं है। पिछले दो-तीन दिनों तक अंगरक्षकों की वापसी को लेकर टालमटोल होता रहा। लेकिन शुक्रवार की देर रात को ममता देवी ने अपने तीनों अंग रक्षकों हवलदार बनवारी राम, सिपाही मिथिलेश यादव एवं मिथिलेश तिवारी को वापस कर दिया है।
विधायक ममता देवी के कड़े रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में झारखंड में होने वाले राजनीतिक उठापटक के परिदृश्य में देखा जा सकता है। वहीं जानकारों की मानें तो झारखंड के कई अन्य विधायक भी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के रवैया से खासे नाराज हैं। आने वाले दिनों में और भी विधायकों के कड़े रुख सामने आएंगे।