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2021 होगा विकास और नियुक्तियों का साल

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झारखंड मुक्ति मोर्चा का  42वां स्थापना दिवस

वैश्विक महामारी मे गुजरे सरकार के एक सालसीएम


रामजी साह/ उज्ज्वल दुनिया संंवाददाता

दुमकाझारखंड मुक्ति मोर्चा का 42वां स्थापना दिवस समारोह सादगी के साथ उपराजधानी दुमका गांधी मैदान में मनाया गया। झामुमो सुप्रीमो शिबु सोरेन ने गांधी मैदान दुमका में पार्टी का झंडारोहण कर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया । मंच में सीएम हेमंत सोरेन ,विधायक बसंत सोरेन  शिबु सोरेन ,जामा विधायक सीता सोरेन ,नलीन सोरेन के अलावा अन्य झामुमो नेता मौजूद रहे । लोगों को संम्बोधित करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि कोरोना काल को लेकर  झारखंड में एक बर्ष तक विकास की गति धीमी रही ,लेकिन 2021 का साल युवाओ के लिये नियुक्तियों का साल होगा ।

“हारने के बाद भी कुछ लोग खुद को सरकार समझते हैं”

सीएम ने  भाजपा पर भी तीखा प्रहार किया । उन्होंने कहा कि  2019 में जनता का जनादेश मुझे मिला है और हम विकास की और बढ रहे हैं । हम बेरोजगारी खत्म हो, इसके लिए प्रयास कर रहे हैं । लेकिन राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी क्या कर रही है ? हिन्दू को मुसलमान से, सरना को ईसाई से, सदान को आदिवासी से लड़ाने के अलावा उनके पास और क्या बचा है । रांची और दिल्ली में बैठकर साज़िश रचना ही कुछ लोगों का काम हो गया है ।

बजट पर क्या कहा हेमंत सोरेन ने

सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के बजट को हर सेक्टर के लोगो के लिये निराशाजनक बताया । उन्होंने कहा कि बजट बोझो बढाने वाला बजट है । उन्हें आशा थी कि केन्द्र सरकार की बजट लोगो की राहत देगी लेकिन बजट लोगो की  जेब भरने की जगह जेब पर बोझ बढा दिया । उन्होंने कहा पैट्रोल डीजल की मुल्य वृद्धि से मंहगाई बढेगी ।  मनरेगा को लेकर आशा थी लेकिन मनरेगा में कोई बदलाव नही हुआ । किसानों को खुशी देने के बजाय  बजट ने किसानों को दुखी कर दिया । उन्होंने दर्द भरे लहजे में कहा कि एक तो लोग पहले से कोरोना काल के कारण आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे, रही सही कसर बजट ने लोगो को पुरी तरह से झकझोर कर रख दिया ।

झारखंड सरकार अपने वादे निभाना जानती है

हेमंत सोरेन ने कहा कि जब तक झारखंड में झामुमो की सरकार है तब तक लोगो की घबराने की जरूरत नही है । झारखंड सरकार अपने किये गये वादे को निभाना बखूबी जानती है।

हेमंत सोरेन की सरकार बढ़िया काम कर रही है- शिबू सोरेन

झामुमो सुप्रीमो शिबु सोरेन ने कहा कि काफी संर्घष के बाद झारखंड की सत्ता का जनादेश से मिला है । हेमंत सोरेन की सरकार बढिया काम कर रही है । जनता से किये वायदे को सरकार पुरा करने की और लगातार प्रयास में है ।

सभा को जामा विधायक सीता सोरेन, बसंत सोरेन ,नलीन सोरेन आदि नेताओं ने संम्बोधित करते कहा कि अब झारखंड में विकास होगा। सरकार लगातार विकास की और अग्रसर है । वही गांधी मैदान दुमका में कोरोना काल के कारण हर वर्ष की तरह इस बार कम तामझाम दिखा तथा दिन में ही समारोह का समापन हो गया।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान मंच पर मौजूद लोग

शाहनवाज हुसैन, नीतिन नवीन…. जानिए भाजपा कोटे से कौन

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शाहनवाज हुसैन नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाए गए

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और नीतीश कुमार के बीच बातचीत के बाद नीतीश कुमार मंत्रीमंडल के नये चेहरों पर सहमति बन गई है । तय हुआ है कि भाजपा और जेडीयू कोटे से बराबर-बराबर मंत्री होंगे । अगर उपेन्द्र कुशवाहा अपनी पार्टी का विलय जेडीयू में करते हैं तो उनके हिस्से का मंत्री जेडीयू कोटे से होगा ।

भाजपा कोटे से कौन-कौन बनेंग मंत्री?

भाजपा इस बार बिहार सरकार में कई युवा चेहरों को स्‍थान देना चाहती है। वरिष्‍ठ नेताओं में शाहनवाज हुसैन का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। इनके अलावा कई अन्‍य नामों की चर्चा है जिनमें अंतरराष्ट्रीय शूटर और जमुई से बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह, राणा रणधीर सिंह, बांकीपुर के विधायक नितिन, संजय सिंह, दरभंगा के विधायक संजय सरावगी, दीघा के विधायक संजीव चौरसिया, कृष्‍ण कुमार, एमएलसी सम्राट चौधरी, नीतीश मिश्रा, प्रमोद कुमार, बरौली के विधायक रामप्रवेश राय के नाम शामिल हैं। 

जमीन पर रहकर काम करने वाले को तरजीह

भाजपा में हवा-हवाई नेताओं के अच्छे दिन नहीं आएंगे । पार्टी ने तय किया है कि जमीन पर रहकर काम करने वालों को ही पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिए जाएंगे । “परिक्रमा” नेताओं से पार्टी दूरी बनाएगी । इससे उन नेताओं को निराशा हाथ लगेगी जिनकी जमीनी पकड़ कमज़ोर है और जो बड़े नेताओं का झोला ढोकर महत्वपूर्ण पद पाने की आस में हैं ।

झारखंड में 196 किलोमीटर ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर के आसपास बनेंगे 10 इंडस्ट्रियल टाउनशिप

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दो साल में पूरा होगा “इस्टर्न फ्रेड डेडिकेटेड कोरिडोर” का काम काम

बजट 2021 में रेलवे के मामले में झारखंड को सबसे बड़ी सौगात ईस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर के रुप में मिली है । झारखंड का गोमो पूर्वी भारत का सबसे बड़ा मालढुलाई का केन्द्र बनने जा रहा है। झारखंड अगले डेढ़ साल में कोलकाता-अमृतसर ईस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर से जुड़ जाएगा ।

सोननगर-गोमो का काम इसी साल पूरा हो जाएगा

ईस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर झारखंड में 196 किलोमीटर लंबाई में होगा। इससे होकर केवल मालगाड़ियां गुजरेंगी जो औद्योगिक उत्पादों या कच्चे माल को उनके ठिकाने तक तेज रफ्तार से पहुंचाएंगी। झारखंड के उद्योगों तक भी इस कॉरीडोर के जरिए तेजी से कच्चा माल पहुंचेगा और तैयार माल भेजा जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में इसके निर्माण का एलान किया है। पहले सोननगर-गोमो खंड तैयार होगा। उसके तुरंत बाद गोमो-दानकुनी खंड का भी निर्माण शुरू हो जाएगा।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास इंडस्ट्रियल टाउनशीप बनेगा

ईस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर के दोनों ओर 10 किलीमोटर की दूरी तक इंडस्ट्रियल टाऊनशिप पहले से ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम भी पूरा हो चुका है।

राँची एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए विमान सेवा शुरु

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रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (फाइल तस्वीर)

आज यानि 02 फरवरी 2021 से रांची एयरपोर्ट से गुजरात के अहमदाबाद के लिए सीधी विमान सेवा शुरु हो गई है । इससे पहले प्लेन से अहमदाबाद जाने के लिए कोलकता जाना पड़ता था । इस विमान सेवा को शुरु करवाने में रांची के सांसद संजय सेठ की अहम भूमिका रही ।

रात 8.20 से अहमदाबाद के लिए भरेगा उड़ान

यह विमान सेवा इंडिगो की होगी। यह विमान अहमदाबाद-रांची-अहमदाबाद सप्ताह में तीन दिन उड़ान भरेगी। इसमें मंगलवार, गुरुवार और शनिवार शामिल हैं। विमान का रांची आगमन शाम 7.40 बजे होगा और रात्रि 8.20 बजे अहमदाबाद के लिए यह उड़ान भरेगा।

लखनऊ और बनारस के लिए सीधी विमानसेवा जल्द- संजय सेठ

रांची के सांसद संजय सेठ ने बताया कि रांची एयरपोर्ट से देश के 17 शहरों के लिए फ्लाइट है। जल्द ही लखनऊ और बनारस के लिए भी सीधी विमानसेवा शुरु हो जाएगी । उन्होेंने खुद एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी जी से बात की है और उनका रेस्पॉन्स बेहद सकारात्मक था ।

आदिवासी इलाकों में खुलेंगे 758 एकलव्य स्कूल, 4 करोड़ आदिवासी छात्रों को स्कॉलरशीप

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झारखंड के लिए सुनहरा मौका है 2021 का बजट

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का 2021 का बजट झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य के लिए सुनहरा मौका है। बजट में अनुसूचित जनजातियों की भलाई के लिए इस बार सरकार ने जी खोलकर योजनाएं दी हैं। सरकार का सबसे ज्यादा जोर शिक्षा पर है।

आदिवासी इलाकों में खुलेंगे 758 एकलव्य स्कूल


केंद्र सरकार ने बजट 2021 में आदिवासी बहुल इलाकों में एकलव्य स्कूल खोलने का ऐलान किया है। इसका सीधा फायदा झारखंड और छत्तीसगढ़ को मिलेगा। आदिवासी इलाकों में 758 एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे। एक एकलव्य स्कूल खोलने पर सरकार 38 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस लिहाज से देखें तो सरकार एकलव्य स्कूलों के लिए 28 हजार 804 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम खर्च करेगी। 

आदिवासी छात्र-छात्राओं को 35 हजार करोड़ रुपए का स्कॅलरशीप

बजट भाषण के दौरान ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी कि अनुसूचित जातियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये स्कॉलरशिप दी गई। इस स्कीम से चार करोड़ छात्रों को फायदा मिला। इसके अलावा लद्दाख के लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी बनाई जाएगी। 

चाय बेचने वाले को मारी गोली, रिम्स रेफर

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उज्जवल दुनिया संवाददाता

हजारीबाग। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में चाय बेचने वाले को अज्ञात लोगों ने सीने में गोली मार कर घायल कर दिया है। युवक को सीने में लगी है। घायल युवक धर्मेंद्र चौरसिया पिता मदन प्रसाद पंचशील कालोनी का रहने वाला है। वह हुंडई शो रुम के निकट चाय बेचता है। हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार कर वेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स रेफर कर दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही सदर विधायक मनीष जायसवाल अस्पताल पहुंचे। इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जूटी है। घायल युवक धर्मेंद्र चौरसिया नमन विद्या पंचशील कॉलोनी का बताया जा रहा है ।

कलकत्ता विश्वविद्यालय

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कोलकाता। लगभग दस महीनों के बाद कलकत्ता विश्वविद्यालय प्रबंधन ने ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कीं। विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग की प्रैक्टिकल क्लास सोमवार से शुरू हुई। स्नातकोत्तर स्तर के प्रथम वर्ष के छात्रों ने दाखिले के बाद पहली बार विश्वविद्यालय आना शुरू किया।

हालांकि, जैसा कि विश्वविद्यालय का छात्रावास खुला नहीं है, कुछ छात्र फ्लैट किराए पर लेकर तो कुछ अपने दोस्तों के घरों से कक्षाएं लेंगे। इस दिन सुबह 11 बजे से कक्षाएं शुरू हुईं। विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों के अनुसार, व्यावहारिक कक्षाएं संचालित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन से अनुमति ली गई है। बाद में यह उच्च अधिकारियों के क्लास लेने के निर्णय पर निर्भर करता है। इस बारे में जूलॉजी विभाग के प्रमुख सागरतीर्थ सरकार ने कहा, “छात्र लंबे समय से कक्षाओं के लिए आवेदन किए हैं।” हमने उच्च अधिकारियों से इस बारे में बात की। फिलहाल व्यावहारिक कक्षाएं शुरू करने की अनुमति मिली है। शुरू में व्यावहारिक कक्षाएं लगातार 10 दिनों तक आयोजित की जाएंगी।

उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोमवार देर रात एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। यूपी सरकार ने 10 वरिष्ठ आइएएस अफसरों का तबादला कर दिया।

राजेंद्र कुमार तिवारी : मुख्य सचिव : मुख्य सचिव के साथ अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार

आलोक सिन्हा : कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव राज्य कर तथा मनोरंजन कर विभाग : अपर मुख्य सचिव राज्य कर तथा मनोरंजन कर विभाग का प्रभार हटाते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग का अतिरिक्त प्रभार

संजीव मित्तल : अपर मुख्य सचिव वित्त एवं वित्त आयुक्त, अपर मुख्य सचिव संस्थागत वित्त एवं वाह्य सहायतित परियोजना, अध्यक्ष राज्य सतर्कता आयोग एवं प्रशासनाधिकरण व अध्यक्ष प्रशासनाधिकरण-2 : अपर मुख्य सचिव राज्य कर विभाग के पद पर तैनाती के साथ अध्यक्ष राज्य सतर्कता आयोग एवं प्रशासनाधिकरण व अध्यक्ष प्रशासनाधिकरण-2 का अतिरिक्त प्रभार

एस.राधा चौहान : अपर मुख्य सचिव व्यावसायिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार व महानिदेशक राज्य पोषण निगम : अपर मुख्य सचिव वित्त एवं वित्त आयुक्त, अपर मुख्य सचिव संस्थागत वित्त, वाह्य सहायतित परियोजना के पद पर तैनाती के साथ अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार तथा महानिदेशक राज्य पोषण मिशन का अतिरिक्त प्रभार

अरविंद कुमार : अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत तथा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन, जल विद्युत निगम व उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा पारेषण निगम के अध्यक्ष : अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास तथा आइटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स

रजनीश दुबे : अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा : अपर मुख्य सचिव नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन तथा राज्य मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन

दीपक कुमार : प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन तथा राज्य मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन : प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन

एम.देवराज : प्रमुख सचिव ऊर्जा तथा जल विद्युत निगम व उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक : अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक उप्र पावर कॉरपोरेशन तथा जल विद्युत निगम व उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा पारेषण निगम के अध्यक्ष

आलोक कुमार द्वितीय : प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण : प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा

आलोक कुमार तृतीय : सचिव मुख्यमंत्री : वर्तमान पद के साथ सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा

02 February 2021

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आम बजट में पश्चिम बंगाल के लिए कई अहम घोषणाएं

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कोलकाता.विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  ने पश्चिम बंगाल के लिए अहम ऐलान किया है। पश्चिम बंगाल में नेशनल हाईवे पर 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राज्य में 11,000 किलोमीटर के हाईवे का काम पूरा हुआ, मार्च 2022 तक 8500 किलोमीटर के हाईवे बनाए जाएंगे।

इसके साथ ही कोलकाता- सिलीगुड़ी मार्ग के रिपेयरिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा। इधर, बंगाल के लिए जैसे ही वित्त मंत्री ने घोषणा की संसद में तालियों की गूंज सुनाई देने लगी।

विपक्ष का बजट पर कटाक्ष, पूछा

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लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के ​लिए आज बजट पेश कर दिया है. इसके बाद बजट पर सत्‍ता पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव  ने बजट  2021 पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि इस बजट ने उन सभी प्रदर्शनकारी किसानों को क्या दिया? बीजेपी हमेशा कहती थी कि वो आय दोगुनी करेगी, क्या इस बजट से किसानों की आय दोगुनी हो रही? हमारे युवा जो पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए काम, रोजगार के लिए इस बजट में क्या व्यवस्था की गई है, क्या इनको रोजगार मिलेगा?

कांग्रेस बोली- पीएम मोदी देश को बेचने की राह पर

प्रयागराज. आम बजट को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे खराब और गरीब विरोधी बजट है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल का अब तक का सबसे निराशाजनक बजट है. इस बजट से किसी भी वर्ग को कोई लाभ नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि इस बजट से साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को बेचने की राह पर हैं. एलआईसी में विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा दिया गया है. केंद्र सरकार ने एलआईसी को बेचने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है. इतना ही नहीं सैनिक स्कूलों के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा दिया. इससे खतरनाक कुछ भी नहीं हो सकता.

51 लाख गाड़ियां हो जाएंगी कबाड़, 20 साल पुरानी गाड़ियां नहीं चलेंगी

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सरकार जल्द ही नई “वाहन कबाड़ नीति” का एलान करेगी

गाड़ियों की कीमत 30 प्रतिशत तक होगी कम

पुरानी सरकारी गाड़ियां हटेंगी जल्द

15 साल पुराने कमर्शियल वाहन हटेंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2021-22 में पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए ‘स्क्रैप पॉलिसी’ की घोषणा की है । अब निजी गाड़ियां 20 और कमर्शियल गाड़ियां 15 साल के बाद सड़कों पर नहीं चल सकेंगी । विशेषज्ञ इसे ऑटो सेक्टर के लिए बहुत बड़ी सकारात्मक खबर बता रहे है. वाहन कबाड़ नीति के लागू होने से ऑटोमोबिल सेक्टर को नई ताकत मिलेगी. पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कर लोग नई गाड़ियां खरीदेंगे इससे ऑटोमोबिल सेक्टर में तेजी आएगी.


10 हजार करोड़ का निवेश, 50 हजार नई नौकरियां


स्क्रैपिंग पॉलिसी का स्वागत करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इससे 10 हजार हजार करोड़ का निवेश होगा और 50 हजार नई नौकरियां आएंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सभी ऑटो ब्रांड भारत में मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि स्क्रैपिंग पॉलिसी की वजह से ऑटो सेक्टर की इकोनॉमी का आकार 4.50 लाख करोड़ से बढ़कर 6 लाख करोड़ हो जाएगा. 

देश में चल रहीं 51 लाख गाड़ियां हो जाएंगी कबाड़


नितिन गडकरी ने कहा कि स्क्रैपिंग पॉलिसी की वजह से 20 साल से पुराने 51 लाख पुराने वाहन स्क्रैप हो जाएंगे. जो भी गाड़ी स्क्रैप करेंगे वो नई खरीदेंगे. इससे ऑटो इंडस्ट्री का बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि 1 करोड़ से ज्यादा वाहन ऐसे हैं वो प्रदूषण कर रहे थे, ये वाहन 10 से 12 गुणा ज्यादा प्रदूषण करते हैं. इससे देश को राहत मिलेगी. इसके बाद गाड़ियों की वजह से होने वाले प्रदूषण में 25 से 30 फीसदी कमी होगी. 

बजट: MSP बढ़ाकर लागत का डेढ़ गुना किया, कपास और दलहन पर भी मिलेगा MSP

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बजट 2021 में स्वास्थ्य और गांव-किसान पर जोर

MSP के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान किया है । वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार किसानों की खेती में लगने वाली लागत से अधिक MSP किसानों को देगी। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने एपीएमसी (APMC) के लिए एग्री इंफ्रा फंड का ऐलान किया है । सरकार ने इस बजट में कपास और APMC की खरीद पर भी जोर देने की बात कही है ।

MSP देने के लिए 75 हजार करोड़ रुपए का फंड

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सभी किसानों को किसी फसल में आने वाली लागत पर लागत से डेढ़ गुना मूल्य पर MSP प्रदान करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने MSP के लिए 75 हजार करोड़ रुपये आंवटित किए हैं. किसानों को MSP की सौगात देने के साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में किसानों की उपज की खरीद पर अधिक ध्यान दिया जाएगा ।

कृषि infrastructure के विकास के लिए 1.72 लाख करोड़

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि कृषि विकास के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये की राशि आंवटित की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की उपज खरीदने पर भी जोर देगी. सरकार कृषि क्षेत्र में विकास के साथ ही देश में उत्पादकता को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देगी.

कपास और दलहन के किसानों के लिए तोहफा

आगामी वित्तीय वर्ष में सरकार कपास किसानों को मिलने वाली राशि में इजाफा कर सकती है । वित्त मंत्री ने धान की खेती करने वाले किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए 1.7 लाख करोड़ रुपये की राशि धान किसानों को भुगतान करने की घोषणा की है । सरकार ने दलहन की खेती करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की है । वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में दलहन की खरीद में 40 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिलेगी ।

APMC मंडियों के लिए एग्री इंफ्रा फंड

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एपीएमसी (APMC) मंडियों के लिए एग्री इंफ्रा फंड का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार एपीएमसी मंडियों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करेगी । वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में 1,000 मंडियों को राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के साथ एकीकृत किया जाएगा ।

बजट: स्वास्थ्य पर 64 हजार करोड़ अतिरिक्त खर्च, पिछले साल के मुकाबले 137% की वृद्धि

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कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़

2020 कोरोना केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि भारत के पास कोरोना महामारी के दो टीके हैं, दो और टीके जल्दी ही आने वाले हैं। उन्होंने बताया कि 2020 कोरोना वायरस के बीच निकला और लॉकडाउन में PM केयर्स के फंड्स से वेंटिलेटर्स खरीदे गए। टीके के लिए भी फंड्स जारी किए गए। ऐसे में, उम्मीद थी कि इस वर्ष के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। और ऐसा ही हुआ है।

सिर्फ वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपए

वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया गया है। WHO के स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछली बार के बजट के मुकाबले इस बार 137% अधिक का फंड रखा गया है। केंद्र सरकार ने ‘आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना’ का ऐलान किया है, जिसके लिए 64180 करोड़ रुपए के भारी बजट का प्रबंध किया गया है।

कोरोना से लड़ने के लिए दो और टीके बाज़ार में आएंगे

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि भारत के पास कोरोना महामारी के दो टीके हैं, दो और टीके जल्दी ही आने वाले हैं। उन्होंने बताया उन्होंने कहा कि सरकार ने सबसे संवेदनशील वर्गों को सहारा देने के लिए, PMGKY, तीन आत्मनिर्भर पैकेज और बाद में की गईं घोषणाएँ अपने आप में 5 मिनी बजट के समान थीं। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर पैकेजों ने ढाँचागत सुधारों की हमारी गति को बढ़ाया।

बजट: वरिष्ठ नागरिकों को नहीं भरना होगा ITR

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केंद्र सरकार ने करदाताओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं । वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स रिटर्न्स पर छूट दी गई है। जो 75 वर्ष से ऊपर की उम्र के हैं, उनके लिए ‘Compliance Burden’ कम दिया गया। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक केवल इंटरेस्ट से ही कमाई कर रहा है, या फिर पेंशन ही उसकी एकमात्र कमाई है – तो, ऐसी स्थिति में उन्हें किसी भी प्रकार के टैक्स रिटर्न्स फाइल करने की ज़रूरत नहीं है। इसे बुजुर्गों के लिए टैक्स में एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

टैक्स रिटर्न असेसमेंट 6 वर्षों के बजाय 3 वर्षों में

इन सबके अलावा टैक्स रिटर्न्स के असेसमेंट को अब 6 वर्षों की बजाय 3 वर्षों में ही रीओपन किया जा सकता है। छोटे करदाताओं के लिए ‘फेसलेस डिस्प्यूट रिजोल्यूशन कमिटी’ के गठन का ऐलान किया गया। साथ ही डिजिटल लेन-देन के लिए टैक्स ऑडिट थ्रेसहोल्ड बढ़ाया गया। FPIs के लिए डिविडेंट टैक्स बर्डेन को भी घटाया गया है। अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए 1 साल तक पेमेंट का ब्याज घटाया गया।

प्रवासी मजदूरों के लिए घर खरीदने में टैक्स पर छूट

जो माइग्रेंट मजदूर हैं, उन्हें नोटफाइड अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए टैक्स में छूट मिलेगी। साथ ही एयरक्राफ्ट लीजिंग कंपनियों को भी टैक्स से छूट देने का ऐलान किया गया है। हालाँकि, होम लोन की शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार करदाताओं पर कम से काम बोझ पड़े इसके लिए प्रतिबद्ध है। औसत करदाता के हाथ में अधिक रुपए आने से अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।