आपत्ति क्या है वो बताएं, सिर्फ तीनों कानून रद्द करो कहने से काम नहीं चलेगा
केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने साफ किया है कि सरकार आंदोलनकारी किसानों से पर्दे के पीछे कोई बातचीत नहीं कर रही । हम जो भी बात करेंग वो खुलकर, सामने से करेंग, हमारे मन में चोर नहीं है, फिर हम लुकछिप कर बातें क्यों करें । कृषि मंत्री मीडिया के एक तबके में आई उस खबर पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें कहा गया था कि सरकार पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिश कर रही है ।
केन्द्र सरकार का स्टैंड बिल्कुल साफ है-तोमर
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आंदोलन के शुरुआती दिनों में किसानों की मुख्य आशंका ये थी कि कहीं मंडी सिस्टम और MSP खत्म न हो जाए । केंद्र सरकार ने उनकी बात मानते हुए साफ कर दिया है कि मंडी सिस्टम पहले की तरह जारी रहेगी, बल्कि उन्हे ई-नाम से जोड़कर और मजबूत किया जा रहा है । अब वहां ऑनलाइन खरीद-बिक्री भी होगी । MSP को लेकर सरकार लिखित आश्वासन देने कोशतैयार है कि MSP खत्म नहीं होगी, बल्कि आजाद भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा MSP पर खरीद करने वाली सरकार ही मोदीजी की है । इस साल हमने धान की रिकॉर्ड खरीदारी की है । मोदी सरकार ने MSP का दायरा बढ़ाते हुए दूसरी फसलों को भी इसमे जोड़ा है ।
बिना तर्क के सिर्फ अफवाहों के सहारे खड़ा किया गया आंदोलन
कृषि मंत्री ने कहा कि सिर्फ भीड़ जुटाकर, बिना तर्क के और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम कर अगर कोई यह सोचता है कि मोदी सरकार को झुका सकता है तो ये उनकी गलतफहमी है । उनकी डिमांड है कि हम तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर दें । अरे भई! क्यों रद्द कर दें, इसके पीछे तर्क तो बताओ । क्या किसानों को अपनी ऊपज कहीं भी बेचने की इजाजत नहीं होनी चाहिए? हमारे देश के किसान ऑनलाइन, अपनी मर्जी से अपने फसल का मोल-भाव क्यों नहीं कर सकते । आखिर क्यों उन्हें पंजाब और हरियाणा की मंडियों में बैठे दलालों की कृपा पर निर्भर रहना पड़े?
कोई पूंजीपति किसानों को नहीं लूट सकता
कृषि मंत्री ने कहा कि पहली बात तो ये कि नये कानून के तहत किसान अपनी ऊपज का सौदा करता है, अपनी जमीन का नहीं । दूसरी बात, कंपनी और किसान के बीच सिर्फ इस बात का सौदा होगा कि किसान अपनी फसल फलाने कंपनी को बेचेगा, इसके लिए किसानों को एडवांस पैसे मिल जाएंगे। तीसरी बात,, ये किसान की मर्जी के ऊपर है कि वो सरकारी मंडी में जाकर बेचे, कंपनी को बेचे या लोकल अढाती को । हम सिर्फ किसान को विकल्प दे रहे हैं । अगर फिर भी विपक्ष को लगता है कि इसमें कुछ गलत हो सकता है तो कई राज्यों में उनकी सरकार है, वे अपने यहां लागू न करें । महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में सालों से ये चल रहा है ।
झारखंड की हेमंत कैबिनेट ने रघुवर सरकार की नियोजन नीति को बदल दिया है । रघुवर दास की सरकार 2018 में नियोजन नीति लेकर आई थी जिसे हाईकोर्ट ने असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था ।
क्या थी रघुवर सरकार की नियोजन नीति ?
झारखंड की पिछली सरकार ने 2016 में स्थानीयता नीति लायी थी और उसी के आधार पर राज्य में नियोजन नीति भी बनायी गयी थी। इसी नियोजन नीति के तहत 2016 में ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा हाईस्कूलों में शिक्षक नियुक्ति का विज्ञापन निकाला गया था। इस विज्ञापन में झारखंड के कुल 24 जिलों को दो कोटि (13 अनुसूचित जिला व 11 गैर-अनुसूचित जिला) में बांटा गया था। अनुसूचित जिलों के पद उसी जिले के स्थानीय निवासी के लिए 100 प्रतिशत आरक्षित कर दिये गये थे। वहीं गैर-अनुसूचित जिलों में बाहरी अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की अनुमति दी गयी थी।
13 अनुसूचित जिलों में शामिल है- रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लातेहार, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ व साहिबगंज। इनमें से लगभग 3684 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी। ये शिक्षक वर्तमान में स्कूलों में पदस्थापित हैं।
सोनी कुमारी ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
तत्कालीन झारखंड सरकार की हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति के विज्ञापन को 7 मार्च, 2017 को झारखंड हाईकोर्ट में सोनी कुमारी ने चुनौती दी एवं बाद में संशोधित याचिका दायर कर सरकार की नियोजन नीति को ही चुनौती दे दी। 14 दिसंबर, 2018 को जस्टिस एस चन्द्रशेखर की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे खंडपीठ में भेज दिया। 18 अगस्त, 2019 को खंडपीठ ने राज्य सरकार की अधिसूचना 5938/14.07.2016 के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा लगाते हुए मामले को लार्जर बेंच में भेज दिया। 21 अगस्त, 2020 को सभी पक्षों की सुनवाई पूरी हुई और तीन सदस्यीय लार्जर बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। 21 सितंबर को अंततः हाईकोर्ट ने फैसला सुना दिया ।
हाईकोर्ट ने क्या कहा था ?
झारखंड हाईकोर्ट में 21 सितंबर, 2020 को जस्टिस एचसी मिश्र, जस्टिस एस चन्द्रशेखर और जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने फैसला सुनाते हुए राज्य की नियोजन नीति को रद्द कर दिया। तीनों जजों ने सर्वसम्मति से फैसला देते हुए कहा कि सरकार की यह नीति संविधान के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इस नीति से एक जिले के सभी पद किसी खास लोगों के लिए आरक्षित हो जा रहे हैं, जबकि शत-प्रतिशत आरक्षण किसी भी चीज में नहीं दिया जा सकता। किसी भी नियोजन में केवल ‘स्थानीयता’ और ‘जन्मस्थान’ के आधार पर 100 प्रतिशत सीटें आरक्षित नहीं की जा सकती है, यह सुप्रीम कोर्ट के ‘इंदिरा साहनी एवं चेबरुलु लीला प्रसाद राव (सुप्रा)’ में पारित आदेश के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किया था कि किसी भी परिस्थिति में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर लगी मुहर
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। फैसले की जानकारी देते हुए ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने बताया कि किन-किन प्रस्तावों पर सरकार की मुहर लगी है।
★ राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने हेतु अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग वर्ग के युवाओं को ऋण-सह-अनुदान योजना अंतर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागान्तर्गत संचालित झारखण्ड राज्य आदिवासी सहकारी विकास निगम/झारखण्ड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम/ झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम/झारखण्ड राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य योजना मद अन्तर्गत उपलब्ध बजटीय उपबंध से सुगम एवं सस्ती दर पर ऋण की सुविधा एवं ऋण में 40% अनुदान या अधिकतम 5 लाख रुपए (पांच लाख रुपए) मात्र का अनुदान के प्रावधान एवं ऋण-सह-अनुदान योजना का नाम मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना परिवर्तित करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
★ झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2000 (अंगीकृत एवं यथा संशोधित) के अंतर्गत विश्वविद्यालयों के वित्तीय सलाहकार/पारामर्शी के वेतनमान की स्वीकृति दी गई।
★ झारखंड कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (Establishment of Jharkhand policy), 2020 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
★ सेवाकाल में मृत सरकारी सेवक के आश्रित की अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति से सम्बन्धित नीति में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
★ कोविड-19 (कोरोना वायरस महामारी) के दृष्टिगत् लॉकडाऊन के दौरान राज्य में प्रवासी मजदूरों के विरुद्ध लॉकडाऊन प्रावधानों के उल्लंघन के फलस्वरूप दर्ज प्राथमिकी/अभियोजन को वापस लेने की स्वीकृति दी गई।
★ झारखण्ड राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर श्री देवेन्द्र कुमार तिवारी,भाoप्रoसेo (JH-1986) (सेवानिवृत) की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई।
★ ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए केन्द्र प्रायोजित योजना- NRLM के लिए भारत सरकार द्वारा विमुक्त राशि के विरुद्ध समानुपातिक राज्यांश की निकासी हेतु एसoसीoएसoपीo प्रक्षेत्र में रुपए 3275.00 लाख मात्र झारखण्ड आकस्मिकता निधि से स्वीकृत अग्रिम पर घट्नोत्तर स्वीकृति दी गई।
★ पुनरीक्षित पुनर्वास नीति, 2012 में निहित प्रावधान के आलोक में जल संसाधन विभागान्तर्गत वर्ग तीन के पदों की नियुक्ति नियमावली गठित करने की स्वीकृति दी गई।
★ मुख्यमंत्री श्रमिक योजना Mukhymantri SHRAMIK (SHahari RozgAr ManjurI for Kamgar Yojna), 2020 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
★ झारखण्ड राज्य अंतर्गत चास, राँची एवं मानगो नगर निकाय के शहरी क्षेत्र में चिन्हित नालों से बहने वाले Sewage की रोकथाम हेतु In situ Remediation/Treatment कार्य के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान CSIR-NEERI (नीरी) को मनोनयन के आधार पर DPR तैयार करने एवं इस निमित्त परामर्शी शुल्क के रूप में कुल राशि 153.25 लाख रुपए मात्र का व्यय राज्य योजना मद अंतर्गत सुसंगत मद से करने की स्वीकृति दी गई।
★ बोकारो जिलान्तर्गत गोमिया प्रखण्ड के 08 ग्रामों को मिलाकर गठित गोमिया नगर परिषद् वर्ग-‘ख‘ को विघटित किये जाने के प्रस्ताव की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
★ ग्रीष्म ऋतु में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति की समस्या से निदान हेतु राज्य के सभी 4374 ग्राम पंचायतों के कुल 21870 अदद् टोलों में (प्रति पंचायत 05) चापानलों/Drilled Tubewell से आच्छादित करने हेतु अनुमानित प्राक्कलित राशि 18431.00 लाख (एक अरब चैरासी करोड़ इकतीस लाख) रुपए मात्र पर योजना एवं व्यय कीस्वीकृति दी गई।
★ राज्य योजना अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना अंतर्गत योग्य व्यक्तियों के शत्-प्रतिशत आच्छादन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
★ राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं लघु आंगनबाड़ी केन्द्रों में ताजा गरम पोषाहार तैयार कर लाभुकों को उपलब्ध कराने हेतु राज्य योजनान्तर्गत गैस सिलिण्डर एवं कूकिंग स्टोव की आपूर्ति की योजना में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
★ मुख्यमंत्री के सलाहकार (नागर विमानन), झारखण्ड के वेतन भत्ता एवं अन्य सुविधाओं के निर्धारण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
★ खूँटी जिलान्तर्गत अंचल-खूँटी, मौजा-कदमा, थाना संख्या-84, खाता संख्या-56 के विभिन्न प्लॉटों में अन्तर्निहित कुल रकबा-13.00 एकड़ कैसरे हिन्द भूमि (जो वर्तमान में बिरसा महाविद्यालय, खूँटी के दखल-कब्जा एवं उपयोग में है) को बिरसा महाविद्यालय, खूँटी के निमित्त राँची विश्वविद्यालय, राँची को निःशुल्क भू-हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई।
★ The Commercial Courts, Commercial Appellate Division of High Courts (Amendment) Act, 2018 की धारा-6 के प्रावधानों के अंतर्गत झारखण्ड राज्य के प्रत्येक जिले में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के 01-01 न्यायालय, जिला न्यायाधीश स्तर के 01-01 न्यायालय गठन करने एवं जिला न्यायाधीश स्तर के न्यायालय को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोटि के वाणिज्यिक न्यायालय द्वारा पारित आदेश/ न्यायादेश के विरुद्ध अपील श्रवण की शक्ति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।
★ गढ़वा जिलान्तर्गत नगर उँटारी अनुमंडलीय न्यायालय के गठन करने की स्वीकृति दी गई।
★ झारखण्ड राज्य में सड़क दुर्घटना में प्रभावित जख्मी व्यक्तियों के सहायतार्थ नेक नागरिकों को प्रेरित करने के उद्देश्य से Jharkhand Good Samaritan Policy पर स्वीकृति दी गई।
★ राज्य के सभी वर्गों के अस्पतालों में निरंतर तथा नियमित रूप से दवाओं की उपलब्धता बनाये रखने हेतु झारखण्ड वित्तीय नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत् भारत सरकार के 05 औषधि निर्माता उपक्रमों से मनोनयन के आधार पर क्रय कर राज्य सरकार के विभिन्न अस्पतालों को आपूर्ति किए जाने के निमित्त उत्पादित 103 जेनरिक जीवन रक्षक दवाओं को क्रय किए जाने पर स्वीकृति दी गई।
★ सदर अस्पताल, धनबाद के लिए भारतीय लोक स्वास्थ्य मानक (IPHS) अनुरूप चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सक एवं दन्त चिकित्सक के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
★ जल संसाधन विभाग द्वारा RIDF-XXVI (RIDF-XXVI) के तहत् सोन कनहर वृहद् सिंचाई परियोजना के कार्यान्वयन हेतु राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 105779.39 लाख (एक हजार सन्तावन करोड़ उन्नासी लाख उनचालीस हजार रुपए) मात्र के ऋण आहरण करने तथा नाबार्ड द्वारा कुल स्वीकृत ऋण (105779.39 लाख रुपए) का 20% अर्थात 21155.878 लाख रुपए (दो सौ ग्यारह करोड़ पचपन लाख सतासी हजार आठ सौ रुपए) मात्र नाबार्ड द्वारा Mobilization Advance के रूप में उपलब्ध कराये जाने की स्वीकृति दी गई।
★ श्री आशुतोष कुमार, झारखंड प्रशासनिक सेवा (चतुर्थ ‘सीमित’ बैच, गृह जिला-पाकुड़) तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी सह प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी, चतरा, सम्प्रति-निलंबित को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।
★ पंचम झारखंड विधानसभा का पंचम (बजट) सत्र दिनांक 26 फरवरी, 2021 से 23 मार्च, 2021 तक आहूत करने एवं तत्संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।
★ झारखंड वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत झारखंड के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में एकीकृत डिजिटल प्रबंधन प्रणाली अधिष्ठापित करने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार सेवाएं प्राप्त करने के लिए कार्य हित में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्मार्ट गवर्नेंस का मनोनयन के आधार पर चयन करने एवं सेवा शुल्क के रूप में प्रदेय रुपए 63,80,000/- (कर अतिरिक्त) को स्वीकृति दी गई।
★ रामगढ़ जिला अंतर्गत गोला में नवनिर्मित महिला अभियंत्रण महाविद्यालय के नाम के स्थान पर अभियंत्रण, महाविद्यालय गोला (रामगढ़) करने की स्वीकृति दी गई।
★ तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (झारखंड सरकार का उपक्रम) में मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियोजन देने हेतु शैक्षणिक योग्यता (मैट्रिक) क्षांत करने हेतु घट्नोत्तर स्वीकृति दी गई।
★ जीएसटी कर प्रणाली के अनुरूप वाणिज्य कर विभाग के मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर पुनर्गठन हेतु झारखंड वित्त सेवा के विभिन्न कोटि के 104 अतिरिक्त पदों के सृजन तथा राज्य कर पदाधिकारी एवं पदचर के क्रमशः 48 एवं 200 पद अर्थात कुल 248 पदों को प्रत्यर्पित करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।
★ “शहरी स्थानीय निकायों के अंतर्गत अवस्थित तालाबों, सैरात का सुरक्षित जमा निर्धारण एवं सैरात की बंदोबस्ती हेतु प्रक्रिया” प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई।
★ द झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विस एग्जामिनेशन रूल्स, 2021 में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति दी गई।
★ राज्य के अनुसूचित जिलों के जिला स्तर के समूह ‘ख’ अराजपत्रित तथा समूह ‘ग’ एवं समूह ‘घ’ पदों पर नियुक्तियों में संबंधित जिले के स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देने संबंधी अधिसूचना संख्या-5938, दिनांक 14 जुलाई 2016, (संकल्प संख्या-8468, दिनांक 20 नवंबर 2018 द्वारा यथा संशोधित) एवं आदेश संख्या-5939, दिनांक 14 जुलाई 2016 के आहरण की स्वीकृति दी गई।
★ राज्य के गैर अनुसूचित जिलों के जिला स्तर के समूह ‘ख’ के अराजपत्रित तथा समूह ‘ग’ एवं समूह ‘घ’ के पदों पर नियुक्तियों में संबंधित जिले के स्थानीय निवासियों को एवं राज्य स्तरीय समूह ‘ख’ के अराजपत्रित तथा समूह ‘ग’ एवं समूह ‘घ’ के पदों पर नियुक्तियों में झारखंड राज्य के स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देने संबंधी संकल्प संख्या- 3854, दिनांक 1 जून 2018 (संकल्प संख्या-8468 दिनांक 20 नवंबर 2018 द्वारा यथा संशोधित) के आहरण की स्वीकृति दी गई।
★ झारखंड लोकायुक्त कार्यालय अधीनस्थ कर्मी (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशर्त) संवर्ग नियमावली, 2021 के गठन की स्वीकृति दी गई।
★ झारखंड लोक सेवा आयोग के द्वारा आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।
★ राज्य के सभी न्याय मंडलों में सिविल जज (सीनियर डिवीजन-I) के न्यायालय को The Specific Relief Act, 1963 (अमेंडमेंट एक्ट), 2018 की धारा-20(B) के अंतर्गत विशेष न्यायालय के रूप में पदभिहित (designate) करने की स्वीकृति दी गई।
★ झारखंड कस्टम मिल्ड राईस (दायित्व एवं नियंत्रण) संशोधित आदेश, 2020 पर स्वीकृति दी गई।
★ ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले द्वारा) RIDF-XXVI के तहत 26 ग्रामीण पुल परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 13799.02 लाख रुपये के ऋण आहरण करने तथा नाबार्ड द्वारा कुल स्वीकृत ऋण (13799.02 लाख रुपए) का 20% अर्थात रूपए 2759.80 लाख नाबार्ड द्वारा मोबिलाइजेशन एडवांस के रूप में ऋण राशि उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी गई।
★ झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद की नियमावली, 2021 के गठन की स्वीकृति दी गई।
★ बिरसा मुंडा हवाई अड्डा, रांची के विस्तारीकरण के लिए झारखंड सरकार तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच एमओयू तथा तदनुसार भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पक्ष में 27.34 एकड़ भूमि के स्थाई हस्तांतरण तथा 276.28 एकड़ भूमि के लीज बंदोबस्ती सहित कुल 303.62 एकड़ भूमि हस्तांतरण हेतु स्वीकृति दी गई।
★ पथ निर्माण विभाग द्वारा RIDF-XXVI के तहत 11 ग्रामीण पुल परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 20406.16 लाख रुपए के ऋण आहरण करने तथा नाबार्ड द्वारा कुल स्वीकृत ऋण (20406.16 लाख रुपए) का 20% अर्थात 4081.23 लाख रुपए मात्र नाबार्ड द्वारा मोबिलाइजेशन एडवांस के रूप में ऋण राशि उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी गई।
★ रांची शहर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना अंतर्गत बायोडिग्रेडेबल नगरीय ठोस अपशिष्ट के प्रसंस्करण का कार्य हेतु झारखंड वित्त नियमावली के नियम 235 को शिथिल करते हुए वित्त नियमावली के नियम 245 एवं लोक निर्माण संहिता के नियम 158 के तहत M/s GAIL (India) Limited से मनोनयन के आधार पर सेवाएं प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।
★ 1400 सरकारी भवनों में से शेष 606 सरकारी भवनों में लगभग 7.0 मेगावाट ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट अधिष्ठापित करने हेतु जरेडा को वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट के उपबंध से उपलब्ध कराए गए राज्यांश की राशि 87 करोड़ व्यय करने की स्वीकृति दी गई।
★ मंत्रीपरिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में विभिन्न श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी प्रदान करने हेतु बजट उपबंधित राशि 1000 करोड़ रुपए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को विमुक्त करने की स्वीकृति के क्रम में अधिरोपित शर्त “अक्टूबर 2020, से मार्च 2021 तक कलेक्शन बेस्ड सब्सिडी” को शिथिल करने की स्वीकृति दी गई।
★ ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले) अंतर्गत कार्य प्रमंडल पाकुड़ के अधीन राज्य संपोषित पथ योजना न्यू अंजना से चांदपुर भाया पृथ्वीनगर विद्यालय सितेशनगर तक पथ निर्माण कार्य का द्वितीय पुनरीक्षण की राशि 6 करोड़ 21 लाख 2 हजार 500 रुपए मात्र के लागत पर स्वीकृति दी गई।
★ आदिम जनजाति के सदस्य नन्दलाल बिरहोर, पिता-स्वo छोटा सुकर बिरहोर,भूतपर्व अन्न भण्डार, चैकीदार की अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता को क्षान्त करने की स्वीकृति दी गई।
गिरिडीह : गांडेय थाना क्षेत्र के रांगामाटीटांड के इरकिया में बीतें 26 जनवरी को बरामद वृद्ध महिला पार्वती देवी (79 वर्ष) के शव मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है। इस हत्याकांड मामले में पुलिस ने मृतका के छोटे बेटे चूड़का टुडु को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ अनिल सिंह ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि प्रापर्टी बंटवारे को लेकर नाराज छोटे बेटे ने ही मां की हत्या पत्थर से कुच कर कर दी थी।
बताया कि मृतका पार्वती देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से काफी कुछ सामने आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही गांडेय थाना पुलिस अनुसंधान ने किया। अनुसंधान के दौरान मृतका के बड़े बेटे सोमाय टुडु से पुलिस को जानकारी मिली कि मृतका पार्वती देवी के पति ने खेत और प्रापर्टी पार्वती देवी के नाम कर रखा था। जिसे पार्वती अपने बड़े बेटे सोमाय टुडु के नाम करना चाहती थी। इसी प्रापर्टी को लेकर छोटे बेटे चूड़का और उसकी मां के बीच अक्सर विवाद हुआ करता था।
एसडीपीओ ने बताया कि 25 जनवरी को चूड़का अपनी मां को किसी बहाने गांव के समीप इरकिया इलाके में ले गया और पत्थर से कुच कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने मां के शव को घटनास्थल पर ही छोड़ दिया था। घटना बीते 25 जनवरी को घटित हुई थी और मृतका की लाश 26 जनवरी को बरामद हुआ था। पुलिस लाईन में हुई प्रेसवार्ता में गांडेय थाना प्रभारी प्रदीप कुमार भी मौजूद थे।
रामगढ़: रामगढ़ के कोठार क्षेत्र अंतर्गत जेल मोड़ के समीप नवनिर्मित वन स्टॉप सेंटर का उद्धघाटन बुधवार को रामगढ़ विधायक ममता देवी ने विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने तथा नारियल फोड़ने के उपरांत फीता काटकर किया।
मौके पर ममता देवी ने कहा कि रामगढ़ जिले में सखी वन स्टॉप सेंटर का अपना भवन होना काफी गर्व की बात है। नवनिर्मित भवन के पूर्व वन स्टॉप सेंटर रामगढ़ के मुर्राम कला स्थित पंचायत भवन में चल रहा था। जिसके माध्यम से किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, सुरक्षा, कानूनी सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही थी। अब जब वन स्टॉप सेंटर का अपना भवन बन गया है तो यह और भी प्रभावी होगा। सेंटर पर प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा यह प्रयास किया जाएगा कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सभी तरह की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व में वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से लगभग 28 मामले सामने आए हैं जिन पर कार्य करते हुए 25 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है एवं तीन का निष्पादन करने हेतु तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है।
गौरतलब हो कि वन स्टॉप सेंटर अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थाई आश्रय, पुलिस, विधिक सहायता,चिकित्सा एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, इसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदान करना है। पीड़ित महिला एवं बालिका को तत्काल आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध कराना जैसे चिकित्सा, विधिक, मनोवैज्ञानिक परामर्श आदि भी इसमें शामिल है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नचिकेता मिश्रा, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल अवधेश कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी शशांक शेखर मिश्रा, वार्ड पार्षद जयंती देवी, दिनेश मुंडा, सुरेश महतो, पंकज तिवारी, सुधीर मंगलेश, गौरी शंकर महतो, मानिक पटेल, हीरालाल महतो, नंदकिशोर गुप्ता, रंजीत करमाली सहित अन्य उपस्थित थे।
सिमरिया। प्रतिबंधित टीएसपीसी नक्सलियों के विरुद्ध बुधवार को चतरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। एसपी ऋषभ झा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर लावालौंग पुलिस और सीआरपीएफ 190 बटालियन की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के लिए कुरियर का काम करने वाला अरविंद गंझु को गिरफ्तार कर लिया।उसके घर से पुलिस ने विदेशी हथियार व भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है।
अरविंद गंझु लावालौंग थाना क्षेत्र के टिकदा गांव स्थित खाखर टोला का रहनेवाला बताया जाता है।पुलिस ने उसके घर से अमेरिकन मेड 30 एमआई यूएस रायफल, 0.315 बोर का बोल्ट रायफल और 2680 चक्र जिंदा कारतूस बरामद किया।चतरा पुलिस के अनुसार अरविंद नक्सलियों के लिए कोयलांचल क्षेत्र से लेवी की उगाही भी किया करता है।पुलिस फिल्हाल उससे गहन पूछताछ कर रही है।
मरकच्चो।स्वास्थ्य केंद्र मरकच्चो में बंध्याकरण का शिविर लगाया गया है मगर बेड ना मिलने पर ऑपरेशन के बाद ज़मीन पर लिटाया जा रहा है । दरअसल मरकच्चो विवाह भवन में शिविर लगाकर किया जा रहा था बंध्याकरण का ऑपरेशन। इस दौरान देखा गया कि लोगो को ठंड के मौसम में नीचे जमीन पर लिटाया जा रहा है । मरकच्चो प्रखंड प्रमुख प्रधान सावित्री देवी ने कहा यहां का व्यवस्था से मैं दुखी हूं इस तरह का मैं अपने जीवन में ऐसा व्यवस्था कभी नहीं देखा था एक तरफ कोरोना को लेकर स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रचार किया जा रहा है ,वही इस कैंप में जमीन में बिछाया गया चादर तथा बिछोना दुर्गंध दे रहा है उसी पर ऑपरेशन के बाद महिलाओं को लिटाया जा रहा है जिसे लोगो को इंफेक्शन का डर सता रहा है ।
वही सामाजिक कार्यकर्ता एम चंद्रा ने कहा की मरकच्चो चिकित्सक प्रभारी डॉ बिपिन कुमार के द्वारा पूर्व में लगे 11 जनवरी शिविर कैम्प में बंध्याकरण के दौरान एक महिला दशारो की है जिसका नाम सोनिया खातून पति मोइन अंसारी का हालत नाजुक बना हुआ है ऑपरेशन के बाद उसका अंदरूनी हालत बिगडने के बाद उसे इलाज हेतु झारखंड हॉस्पिटल रांची में भर्ती कराया गया था वहाँ से जवाब देने के बाद 9 दिन के बाद वहां से आलम हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है फिलहाल उसका जान खतरे में है इसके बावजूद यहां पर इस तरह का व्यवस्था से मैं काफी दुखी हूं ऑपरेशन हो रहे जगह पर नर्स के साथ साथ आम पब्लिक घेरा बना कर देख रहे थे ।जैसे मानो किसी चीज की प्राइटिक्स हो रही हो।
रांची । दिल्ली बॉर्डर की ‘नाकेबंदी’ पर हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर पूछा सवाल, ‘क्या हम अपनों के बीच ऐसे ही रहेंगे ? सीएम हेमंत सोरेन ने पूछा है कि आख़िर अपने ही देश में कितनी सरहदें बनेंगी? किन-किन वर्गों के बीच सरहदें बनेगी? किन-किन समुदायों के बीच सरहदें बनेगी? आख़िरकार देश में ‘अपनो के बीच’ ही सरहदें बनाने का सिलसिला कब तक चलेगा?
कृषि कानूनों को लेकर आंदोलनकारी किसानों और सरकार के बीच कायम गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा है. किसान जहां कानूनों को वापस लेने से की मांग कर रहे हैं तो दूसरी ओर सरकार इसके लिए तैयार नहीं है और संशोधन पर जोर दे रही है. किसान संगठनों ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 6 फरवरी को चक्काजाम का ऐलान किया है, ऐसे में गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस फूंक-फूंककर कदम उठा रही है. पुलिस ने दिल्ली बॉर्डर की हर तरफ का ‘नाकेबंदी’ कर दी है, नुकीली कीलें, नुकीले तारों, बैरिकेड आदि से दिल्ली को ‘अभेद किला’ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान आंदोलन पर विदेश से समर्थन आने पर मोदी सरकार ने जारी किया बयान, कहा- ‘बोलने से पहले जानकारी जरूरी है । केंद्र सरकार ने कहा कि इसके पीछे कोशिश यही है कि असामाजिक तत्व फिर से दिल्ली में प्रवेश करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं कर पाएं । हालांकि दिल्ली पुलिस की यह कवायद कई लोगों को पसंद नहीं आ रही है और वे इसे संविधान के तहत दिए गए अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन बता रहे हैं. उनका कहना है कि दिल्ली के बॉर्डर पर इस तरह से नाकेबंदी की गई है मानो यह चीन या पाकिस्तान की सीमा हो. झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने दिल्ली की सीमा पर लगाए गए अवरोधकों का फोटो ट्वीट करते हुए कुछ तीखे सवाल किए हैं ।
एक व्यक्ति गंभीर रुप से घायल शरीर से दोनों पैर हुआ अलग
उज्जवल दुनिया संवाददाता
चरही। एन एच 33 पर स्थित चरही घाटी में बुधवार की अहले सुबह एक बड़ी सड़क दुर्घटना हुई। इसमें एक व्यक्ति दिलीप भूईया पिता गोपाल भूईया ग्राम हरहद गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति दिलीप भूईया का दोनों पैर कट कर शरीर से
अलग हो गया है। जिसके कारण उसके शरीर से काफी खून बह जाने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बताया जाता है कि हजारीबाग से ट्रैक्टर चरही की ओर आ रहा था। उसी दौरान चरही घाटी में पीछे से आ रहे 12 चक्का ट्रक ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। दुर्घटना होते ही चरही घाटी में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। जिसके बाद देखते ही देखते पूरे घाटी की तस्वीर जाम में बदल गई।
स्थानीय चरही पुलिस ने घाटी में लगे जाम को बड़ी मशक्कत से खुलवाया। इतना ही नहीं स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत घायल व्यक्ति को एंबुलेंस से रांची भेजा। घायल व्यक्ति की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई थी। इधर पुलिस दुर्घटना ग्रस्त दोनों वाहनों को जब्त कर थाना ले आया है।
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि किसी भी स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि अहिंसक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे लोगों की जुबां बंद करने के लिए सड़कों पर दिवार खड़ी जा रही है, रास्ते में नुकली और बड़े-बड़े कील लगाये जा रहे है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार प्रजातंत्र को कीलतंत्र में तब्दील कर रही है।
कश्मीरी उग्रवादियों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं हुआ
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की शैली है, इनको चुप करा दो, काट दो इनको, उन्हें कुचल दो। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के स्थान की किले बंदी जिस तरह से हो रही है, वह तो कभी कश्मीर घाटी में आतंकवादियों को रोकने के लिए भी नहीं किया गया। किसान और जनता वर्ष 2024 के चुनाव में इसे याद रखेगी।उन्होंने कहा कि सड़कों पर लोहे की कीलें,कंटीले तार एवं सीमेंट की दिवार बनाकर अन्याय के विरुद्ध शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे अन्नदाताओं को अपने ही देश में दुश्मन बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। बिजली, पानी, इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी जा रही है,केंद्र सरकार का यह रवैया लोकतंत्र के लिए बेहतर नहीं है।
केंद्र सरकार ने बर्बरता की हद पार की
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार किसानों से इस बर्बर और अन्यायपूर्ण तरीके से निपटने में जुटी है, वहीं अर्थव्यवस्था की हाल खास्ता है। सरकारी बैंकों से लेकर बंदरगाह तक, सरकारी बीमा कंपनी से लेकर बिजली लाइनों तक, रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से लेकर वेयरहाउस तक, बजट में सभी रिफार्म के लिए एक ही उपाय, इसे बेच दें, की नीति पर केंद्र सरकार काम कर रही है।
देश का बजट नहीं, पूंजीपतियों का धनतेरस पर्व
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में विनिवेश कर रही है, लेकिन इसके बावजूद जनता टैक्स और सेस देते-देते परेशान है। भाजपा नेता जिसे राष्ट्रीय बजट कह रहे है, देश की जनता उसे अंबानी-अडाणी और अन्य पूंजीपतियों का धनतेरस पर्व कह रहे है। देश की सीमाएं भी आज सुरक्षित नहीं है, प्रधानमंत्री फोटो-ऑप के लिए उनके साथ दिवाली मनाते है, लेकिन उन्हें जवानों के लिए रक्षा बजट बढ़ाने की जरुरत नहीं महसूस होती है।
गिरिडीह : बनियाडीह कोलियरी के ओपन कास्ट धोबीडीह कोलियरी को सीटीओ मिलने और लोकल सेल के पुनः चालू हो जाने से कोलियरीमजदूर यूनियनों और कामगारों के बीच खुशी की लहर वयाप्त हो गयी है। इस खुशी के अवसर पर कामगारों ने मिठाइयां बांट अपनी खुशी का इजहार किया।
लोकल सेल के पुनः चालू होने पर बुधवार को विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने नारियल फोड़ कर लोकल सेल का शुभारंभ किया।मौके पर सीसीएल के पीओ और प्रबंधक मौजूद थे। इस दौरान झारखण्ड कोलियरी मजदूर यूनयन, ट्रक एसोसिएशन तथा लोकल सरदार ने विधायक सुदिव्य कुमार सोनू धन्यवाद दिया।
विधायक को पुष्पगुच्छ दे स्वागत करते लोग
इस अवसर पर सीसीएल के पीओ ने कहा कि बनियाडीह कोलियरी में सवा लाख टन उत्पादन की क्षमता है। लेकिन फिलवक्त सिर्फ 15 से 20 हजार टन का ही उठाव हो पाता है। उन्होंने उठाव की क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया ताकि उत्पादन के अनुरूप ज्यादा कोयला बिक सके। वंही विधायक श्री सोनू ने सभी स्टेकहोल्डर्स से आग्रह किया कि आपस मे समन्वय बनाकर ज्यादा से ज्यादा उठाव की पहल की जाए ताकि सभी को इसका आर्थिक लाभ मिले और कोलियरी जिंदा रह सके । कबरीबाद टीओआर के बावत विधायक ने बताया कि वह शीघ्र दिल्ली जाकर मिनिस्ट्री ऑफ फारेस्ट इंवॉरमेन्ट (Ministery of Forest and Environment) में जाकर इस सम्बंध में बात करेंगे और टीओआर लाने का प्रयास करेंगे।
मौके पर छकु साव, तेजलाल मंडल, चुड़का हांसदा, दिलीप मंडल, गोपाल शर्मा समेत सभी सरदार व स्थानीय मजदूर मुख्य रूप से उपस्थित थे।
रांची। झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उस घोषणा का स्वागत किया है जिसमें उन्होंने झारखंड आंदोलन के शहीदों के आश्रितों को सीधी नौकरी देने की बात कही है। मोर्चा ने इसे अपनी मांगों की दिशा में पहला कदम बताया है और मांग की है कि झारखंड आंदोलनकारी आयोग का शीघ्र गठन किया जाए।
मोर्चा ने आज एक विशेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता संयोजक मुमताज खान ने की, जिसमें मुख्य रूप से विमल कच्छप, प्रवीण प्रभाकर, महावीर विश्वकर्मा, उमेश यादव, बसंत महतो, भुआ उरांव, जाकिर अहमद, शिवशंकर महतो, पाबुरुस तिर्की, विष्णु भगत, जुबैर अहमद, अनवर खान, शमीम बड़ेहार समेत कई लोग उपस्थित थे।
बैठक में कहा गया कि मोर्चा को विश्वास है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड आन्दोलनकारियों को सम्मान एवं पेंशन देने को लेकर काफी गंभीर हैं और कदम भी उठा रहे हैं, लेकिन आयोग का पुनर्गठन नहीं होने के कारण चिन्हितिकरण का कार्य अधूरा पड़ा है।
मोर्चा ने मांग की है कि जो आंदोलनकारी चिन्हित हो चुके हैं उन्हें सम्मानित करते हुए परिचय पत्र तथा ताम्रपत्र दिया जाए। साथ ही पेंशन की राशि तीस हजार की जाए और आंदोलनकारी के आश्रितों को नौकरियों में आरक्षण दिया जाए।
परिवहन सचिव के. रविकुमार और गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे
देवनगरी को एयरपोर्ट की सौगात को ले 12 फरवरी को विमान कंपनियों की बैठक – परिवहन सचिव के.रविकुमार
नीरज कुमार जैन/ साहिबगंज
देवघर एयरपोर्ट से अप्रैल से विमान सेवा शुरू होने की प्रबल संभावना प्रतीत हो रही है। फ्लाइट ऑपरेशन के लिए देवघर एयरपोर्ट का कार्य अंतिम चरण में है। परिवहन सचिव के.रवि कुमार ने बताया कि 12 फरवरी को विमान कंपनियों के साथ रांची में मीटिंग हाेनी है। जिसमें कौन सी कंपनी देवघर एयरपोर्ट से कहां के लिए विमान सेवा शुरू करेगी पर विशेष चर्चा कर तय होनी है। इस पर भी निर्णय लिया जाएगा कि देवघर हवाई अड्डे से कितनी फ्लाइटें शुरू होंगी।
परिवहन सचिव ने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित याेजना का निरीक्षण मे कार्य प्रगति पर है जिसे देखकर यह उम्मीद की जा सकती है कि अप्रैल माह मे देवघर एयरपोर्ट से विमान सेवा हो सकती है। वहीं देवघर एयरपोर्ट के निदेशक प्रदीप ढींगरा की माने तो एप्रॉन पर एक बार में तीन विमान पार्क किए जा सकेंगे। और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर बनकर भी तैयार हो चुका है। इसमें उपकरण लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा। जिस रफ्तार से एयरपोर्ट निर्माण कार्य चल रहा है, उससे तय है कि जल्द ही विमान सेवा शुरू होने वाली है। लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे लोगों को जल्द ही खुशखबरी मिलने वाली है।
देवघर एयरपोर्ट के कार्य प्रगति से सासंद डाँ.निशिकांत दुबे भी संतुष्ट है और उन्होंने कहा कि उनका यह स्वप्न अब साकार होता प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा इससे सावन माह मे विदेशी पर्यटकों मे भी इजाफा होगा। बाबा बैधनाथ के आशीर्वाद से उक्त कार्य को पूर्ण करवाने मे सफल हो पाया। इसके लिए अमित सिंह, कुशमाकर तिवारी ने सासंद डाँ. दुबे को साधूवाद दिया है।
01 फरवरी को मन्नू पाहन को लगाया गया था कोरोना का टीका
रेहान संवाददाता ओरमांझी
ओरमांझी(रांची) । हमेशा सुर्खियों में रहने वाला मेदांता हॉस्पिटल फिर से आया सुर्खियों में। मेदांता अस्पताल रांची के हाउसकीपिंग स्टाफ मन्नू पाहन कि कोविड वैक्सीन लेने के बाद मौत हो गयी है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मन्नू पाहन ने एक फरवरी को कोविशील्ड वैक्सीन लिया था। मन्नू मेदांता अस्पताल के इंडोस्कोपी डिपार्टमेंट में काम करता था। रांची के ओरमांझी प्रखंड के कोयलारी गांव का रहने वाला था।
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह अचानक उसकी तबियत खराब होने के बाद अस्पताल लाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मन्नू पाहन ब्रॉड डेड ही लाया गया था। वहीं इस बारे में मेदांता प्रबंधन ने बताया कि मन्नू पाहन हार्ट की समस्या से ग्रसित था। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने बतलाया की मन्न्नू तंदरुस्त थे और कोई बीमारी वगैरह का शिकायत नहीं था। इसका खुलासा 3 फरवरी को ग्रामीणों ने किया। शव का पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया है। जिसकी अंतिम रिपोर्ट अभी आना बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि मौत का कारण कोरोना वैक्सीन का डोज है या नहीं।