Friday 3rd of July 2026 10:02:03 PM
Home Blog Page 334

जल्द होगा 20 सूत्री और निगरानी समिति का गठन

0
झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरावं व अन्य

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और राज्य के वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव चार दिवसीय दिल्ली दौरे पर है। नई दिल्ली में आज पत्रकारों से बातचीत में डॉ0 उरांव ने कहा कि 20 सूत्री और निगरानी समिति का गठन जल्द ही कर लिया जाएगा। समिति में पार्टी कार्यकर्त्ताओं को ही उचित स्थान मिलेगा,पार्टी प्रभारी आर0पी0एन0 सिंह खुद सारे मामलों को गंभीरता से देख रहे है।

दिल्ली दौरे को लेकर कोई अंदाजा न लगाएं


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली आने के कारणों की कोई विशेष व्याख्या नहीं की जानी चाहिए, देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली वे कोरोना संक्रमण काल के कारण महीनों नहीं आ सके थे, हाल के दिनों में दो बार दिल्ली दौरा हुआ है। व्यक्तिगत काम के अलावा पार्टी नेताओं से भी मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ महीनों में पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनाव होने वाले है, पश्चिम बंगाल की बड़ी सीमा झारखंड से लगी है, वहीं असम में भी बडी संख्या में झारखंड के लोग रहते है। पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में झारखंड के भी कांग्रेस नेता-कार्यकर्त्ता इन दोनों राज्यों के चुनाव में सहयोग करेंगे। इस संबंध में पार्टी हाईकमान और प्रभारी से भी लगातार चर्चा हो रही है, चुनावी दौरे को लेकर कार्यक्रमों की रूपरेखा को समय आने पर अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

लाल-पीला ही नहीं, हरा कार्ड भी मिलने लगा है


राज्य सरकार के आगामी बजट को लेकर पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप किसानों का ऋण माफ किया, राज्य के नौ लाख किसानों को 50 हजार रुपये तक का कृषि ऋण माफ किया गया। वहीं गरीबों और जरुरतमंद परिवारों को अनाज उपलब्ध कराने में भी बड़ी सफलता मिली है, एवं पन्द्रह लाख गरीबों को राशन कार्ड से जोड़ा गया है और अब लाल-पीला नहीं, बल्कि लोगों को हरा राशन कार्ड भी मिलना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वभाविक है कि दिल्ली दौरे के क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी सलाह लेंगे और उनके द्वारा दिये गये सुझावों को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल किया जाएगा।


राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि झारखण्ड कांग्रेस डा रामेश्वर उराँव के नेतृत्व में मजबूती से काम कर रही है।

अबुवा राज के बबुआ मुख्यमंत्री ने आदिवासी

0
प्रेस वार्ता को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

हेमन्त सरकार किसान विरोधी,महिला विरोधी एवं युवा विरोधी सरकार है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि हेमन्त सरकार ने राज्य के आदिवासी-मूलवासियों छात्रों के साथ धोखा देने का काम किया है। यह सरकार किसान विरोधी,महिला विरोधी युवा विरोधी सरकार है।
रघुवर दास ने कहा कि यह सरकार नौकरी देने वाली नही बल्कि नौकरी छीनने वाली सरकार है। वोट केलिये लंबे चौड़े वायदे करने वाली सरकार ने सबको ठगा है।यह गठबंधन ठगबंधन साबित हुआ।


उन्होंने कहा कि यह सरकार नई योजना तो ला नही सकी बल्कि लोक कल्याणकारी योजनाएं को बंद करने में यह सरकार जुटी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की एक रुपये में 50 लाख की संपत्ति रजिस्ट्री योजना,किसानों की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना बंद कर दी गई।रेडी टू ईट योजना को सखी मंडल की 39हजार बहनो से छीन कर बड़े व्यवसायी को दे दी गई।
उन्होंने हाल में राज्य सरकार द्वारा रद्द की गई नियोजन नीति पर बोलते हर कहा कि हेमन्त सोरेन की सरकार एक दिग्भ्रमित सरकार है।वह एक कदम आगे बढ़ कर दो कदम पीछे हट जाती है।वह अपने ही बने जाल में इस कदर उलझ जाती है कि उससे निकलने के लिए छटपटाने लगती है।इसका ताजा उदाहरण नियोजन नीति की वापसी है।आगे श्री दास ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन के समय से ही यह मांग उठती रही है कि तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नौकरियां हर हाल में झारखंडियों को ही मिले, लेकिन इस दिशा में कोई त्रुटिहीन निर्विवाद प्रयत्न नही हो सका था।हमारी सरकार ने राज्य के 13 अधिसूचित जिलो में नियोजन के लिए एक नीति बनाई,जो 2016 में लागू हो गई।इस नियोजन नीति के अनुसार 13 अधिसूचित जिलो में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नौकरियां उन्ही जिलो के निवासियों को मिलेगी।इस दिशा में काम शुरू हुआ और नियुक्तियाँ होने लगी।आगे श्री दास ने कहा कि इस तत्कालीन मंत्री अमर बाउरी जी की अध्यक्षता में कमिटी भी बनाई,ताकि शेष 11 जिलो में भी यही नियोजन नीति लागू की जा सके।यह गैर संवैधानिक भी नही है।लेकिन हेमन्त सरकार ने झारखंड के हित मे बनी इस नीति को एक तरह से खत्म करने की योजना बनानी शुरू कर दी।परिणाम यह हुआ कि जो भी नियुक्तियां हो चुकी थी,उसके बाद कि नियुक्तियां प्रक्रिया शिथिल कर दी गई।

श्री दास ने कहा कि 4000 पंचायत सचिवों की नियुक्ति की प्रक्रिया पिछली सरकार में पूरी होने को थी।उन्हें सिर्फ नियुक्ति पत्र देना था।लेकिन चुनाव आचार संहिता लगने के कारण ऐसा नहीं हो सका।इसी तरह रेडियो ऑपरेटर, स्पेशल ब्रांच सहित अन्य विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होनी थी, हेमंत सरकार ने इसे भी रोक दिया है।जिन मामलों में प्रक्रिया पूरी हो गयी थी, उन मामलों में प्रतिभागियों को नौकरी दी जानी चाहिए।हेमन्त सोरेन की सरकार ने एक साल में 5 लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया था।


इस बीच एक अभ्यर्थी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया।हाई कोर्ट में हेमन्त सरकार ने लचर दलीलें दी और अभ्यर्थि की याचिका को खारिज़ कर दि गई।आगे उन्होंने कहा कि इसके बाद झारखंडी समाज मे कोलाहल का माहौल पैदा हो गया।इससे घबराकर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई।सुप्रीम कोर्ट ने जब सरकार को हाई कोर्ट जाने को कहा तो उसके हाथ पैर फूल गए और अब उसने नियोजन नीति को ही रद्द कर दिया।


उन्होंने कहा कि नियोजन नीति में क्या खामियां थी,क्या इसके माध्यम से बाहरी लोगों को नौकरियां मिल रही थी, नही तो फिर उसने हाइकोर्ट में नियोजन नीति के पक्ष में मजबूत दलीले क्यों नही पेश की। दूसरा सवाल यह है कि यदि किन्ही कारणों से नियोजन नीति सरकार के नजरो में गलत थी तो उसे सुप्रीम कोर्ट जाने की क्या जरूरत थी।सुप्रीम कोर्ट जाने में जो पैसा खर्च हुए वह जनता की गाढ़ी कमाई का था।सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने का मतलब तो यही था की उसकी नज़र में नियोजन नीति राज्य के हित मे थी और हाई कोर्ट का निर्णय त्रुटिपूर्ण था।उन्होंने कहा कि यदि ऐसा था तो फिर राज्य सरकार ने नियोजन नीति रद्द क्यों की? जिसे वह सही मानते हुए सुप्रीम कोर्ट गई थी,उसी को गलत मानते हुए रद्द क्यों किया? इसी को को कहते है दिग्भ्रमित सरकार।


उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री जी कह रहे है कि नई नियोजन नीति बहुत जल्द आएगी।लेकिन कब तक आएगी इसके बारे में उन्होंने कुछ नही कहा है।आगे उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीयत में खोट नही होती तो वह स्थानीय नियोजन नीति लाती।इससे पुरानी नियोजन नीति स्वतः विलोपित हो जाती।

रघुवर दास ने कहा कि अच्छा होता कि पुरानी नियोजन नीति को ही लागू करने के लिए राज्य सरकार संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत एक कानून बनाती।लेकिन वह अच्छी नीतियों,अच्छे निर्णय-कार्यक्रमो और अच्छी योजनाओ को खत्म करने पर अमादा है और ऐसा करते हुए वह अपने ही जाल में फंसती जा रही है।आगे श्री दास ने कहा कि ऐसी सरकार कही देखी है जो किंकर्तव्यविमूढ़ सरकार,जो सिर्फ बदले की भावना से काम कर रही है और अपने ही राज्य का बंटाधार कर रही है।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन के वायदों का क्या हुआ सरकार को बताना चाहिये।क्या हुआ 5000 एयर 7000 बेरोजगारी भत्ता का।साल भर में कितनी नियुक्ति हुई ।

देवभूमि में कुदरत के कहर में गोला के भी चार मजदूर लापता

0

उत्तराखंड सरकार की जारी लापता की सूची में नाम आते ही गांव में मचा कोहराम

मजदूरों के सुरक्षित होने की दुआ कर रहे ग्रामीण

गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी भी चिंतित, कुशलक्षेम की कामना की


…..

मनोज मिश्र/ उज्ज्वल दुनिया संवाददाता
……
गोला(रामगढ़)उत्तराखंड में रविवार की सुबह हुई हादसे में झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के चार मजदूर लापता हैं। मजदूरों के लापता होने की सूचना उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी सूची में उल्लेख किया गया है । इस सूची में गोला प्रखंड क्षेत्र के ग्राम चोकाद के बिरसाय महतो पिता प्यारेलाल महतो, मिथिलेश महतो पिता राजाराम महतो, कुलदीप महतो पिता दिनेश्वर महतो और ग्राम संग्रामपुर के मदन महतो पिता लकी महतो है। इन मजदूरों के लापता की सूचना सूची जारी होने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई और पूरा गांव मातम छा गया। सभी लापता मजदूरों के परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमारे यहां से सभी एक महीना पूर्व टनल में काम करने के लिए गए हुए थे ।

उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुई हादसे के बाद इन मजदूरों से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, परंतु किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर सरकार द्वारा इनके लापता होने की सूचना सूची जारी कर दी गई है । जो खाद के बिरसा महतो की शादी 7 वर्ष पूर्व हुई थी बिरसा महतो के परिवार में पत्नी समेत और पिता हैं। मिथिलेश महतो के घर पर पत्नी समेत एक बच्ची और माता पिता मौजूद हैं । कुलदीप महतो का पत्नी समेत दो बच्चा और पिता है ।

इन मजदूरों की माली हालत इनके घरों को देखकर प्रतीत होता है कि इसके परिवार के सदस्य मजदूरी कर कैसे अपनी परिवार के सदस्यों का भरण पोषण करते हैं । मजदूरों के लापता होने की सूचना पर परिवार के सदस्यों का रो रो कर बुरा हाल है । इधर गिरिडीह के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने उत्तराखंड में आई आपदा पर गहरा दुख प्रकट करते हुए ईश्वर से मजदूरों के सुरक्षित रहने की कामना की है ।

2024 तक प्रखंड क्षेत्र के हर घर को मिलेगा, शुद्ध पेयजल: रामनरेश पासवान

0

सरायकेला: सोमवार को कुकड़ू प्रखंड कार्यालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति के बैनर तले जल जीवन मिशन को लेकर एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजन किया गया। कार्यशाला में जल जीवन मिशन से जुड़े कई विषयों पर उपस्थित लोगों को प्रोजेक्टर के द्वारा जानकारी दी गई। वही उपस्थित लोगों को जल जीवन मिशन को आगे बढ़ाने एवं पानी बचाने को लेकर शपथ भी दिलायी गयी।

जानकारी देते हुए पेजयल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता रामनरेश पासवान ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक कुकड़ू प्रखंड के सभी ग्रामीण परिवारों को नल से शुद्ध जल मुहैया कराया जाना है, इसी को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में पेयजल विभाग के जिला समन्वयक श्याम चरण प्रामाणिक, जल जीवन मिशन के जिला समन्वयक रश्मिता भोल, प्रखंड समन्वयक शशिभूषण महतो, आईसीडीएस के सुपरवाइजर संगीता कुमारी, नाजिर कृष्णा चंद्र सोय, मुखिया इंद्रजीत सिंह मुंडा, पहाड़ सिंह मुंडा, तपन सिंह मुंडा, गोराचांद सिंह मुंडा, पूर्ण चंद्र सिंह मुंडा, अमृत सिंह सरदार, मनोरंज सिंह सरदार सहित कई जल सहिया आदि लोग शामिल थे।

27 दिन बाद हुआ कांड्रा दुष्कर्म मामले का खुलासा, पुलिस ने दो को भेजा जेल

0
गिरफ्तार अपराधी

सरायकेला: सरायकेला जिला के कांड्रा थाना क्षेत्र के पिंड्राबेड़ा जंगल के पास सालमपाथर की एक युवती के साथ विगत 11 जनवरी 2021 को हुए दुष्कर्म के मामले का सरायकेला जिला पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगो को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त के नाम बुद्धे कालिंदी उर्फ काला कालिंदी और दिनेश बेहरा है। दोनों अभियुक्त जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र सोपोडोर के रहने वाले है।

पुलिस ने इनके पास से एक बिना नंबर प्लेट का काला रंग का पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन और एक थैला से दो नम्बर प्लेट भी जब्त किया है। अपने कार्यालय में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए सरायकेला जिला के एसपी मोहम्मद अर्शी ने बताया कि घटना के बाद से ही एक टीम का गठन कर पारम्परिक तथा तकनीकी अनुसंधान प्रारम्भ किया गया था। वही अज्ञात अभियुक्तों के सत्यापन हेतु पीड़िता के बताये अनुसार हुलिया के करीब 100 से ज्यादा व्यक्तियों का फोटो पीड़िता को दिखाया गया था। वही आसपास के सभी गांव के मुखिया, ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति के सदस्य आदि से सहयोग लेकर उक्त कांड में संलिप्त अभियक्तों का पता लगाने का प्रयास किया गया तथा कुशल गुप्तचर की तैनाती की गयी।

वही दोनों अभियुक्तों को अंततः 07 फरवरी को प्राप्त सूचना के आधार पर काड्रा थाना क्षेत्र के चीरूगोड़ा में घटना के समय प्रयुक्त मोटर-साईकिल तथा मोबाईल आदि के साथ गिरफ्तार किया गया। एसपी मोहम्मद अर्शी ने बताया कि उक्त दोनों अप्राथमिकी अभियुक्तो ने अपने अपने स्वीकारोक्ति बयान में अपना- अपना दोष स्वीकार किया लिया है। वही एसपी ने बताया कि घटना के बाद समाचार पत्र में अपना हुलिया प्रकाशित होने के बाद वे दोनो अपना भेष बदलकर घूम रहे थे।

आपराधिक घटना को अंजाम देने के फिराक में घूम रहे दो अपराधी चढ़े पुलिस के हत्थे

0
सरायकेला एसपी मोहम्मद अर्शी

सरायकेला: सरायकेला जिला पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आदित्यपुर थाना क्षेत्र से दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधकर्मीयों का नाम सीताराम बिरुली और अर्जुन तंतुबाई है। पुलिस ने गिरफ्तार इन अपराधियों से एक देशी कट्टा, दो गोली, एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। अर्जुन तंतुबाई आदित्यपुर थाना क्षेत्र के बेलडीह बस्ती का रहने वाला है,जबकि सीताराम बिरुली पश्चिम सिंहभूम जिला के झिकपानी का रहने वाला बताया जा रहा है।

अपने कार्यालय में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए सरायकेला जिला के एसपी मोहम्मद अर्शी ने बताया कि सुबह पुलिस गश्ती के दौरान गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि आदित्यपुर थाना क्षेत्र के सपड़ा हथियाडीह तीन मुहानी मोड़ के पास दो लोग संदिग्ध हालत में घूम रहे जो किसी घटना को अंजाम देने की साजिश कर रहे हैं। इसी सूचना के सत्यापन को लेकर पुलिस ने गश्ती दल के साथ वहां छापेमारी की तो पहले से मौजूद दो युवक गश्ती टीम को देख भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने पीछा करते हुए दोनों युवकों को धर दबोचा। एसपी मोहम्मद अर्शी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों के पूर्व के अपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। इसके बाद इन पर अन्य मामलों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से बरामद हथियार

विधायक ममता देवी ने किया विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास

0
शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद विधायक ममता देवी

रामगढ़ । विधायक ममता देवी ने सोमवार को रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विधायक मद से बनने वाली विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया।  ममता देवी ने गोला प्रखंड के बुटगोडवा एवं बोनजरा में पीसीसी निर्माण हेतु शिलान्यास किया । साथ ही उन्होंने जोभिया मे सामुदायिक भवन निर्माण एवं बंदा में स्नानागार एवं सीढ़ी निर्माण कार्य का पूजा अर्चना एवं नारियल फोड़कर शिलान्यास की।


इस अवसर पर ममता देवी ने कहा कि सभी योजनाओं का निर्माण विधायक विधायक मद से किया जाएगा। उन्होंने  समय पर योजनाओं का निर्माण कराकर आमजनों को समर्पित करने की बात कही। उन्होंने क्षेत्र के विकास से संबंधित लोगों से सुझाव की मांग करते हुए कहा कि आप सभी अपने गांव के विकास से संबंधित सुझाव से मुझे अवगत कराएं, मैं उनको धरातल पर उतारने का प्रयास करूंगी।


कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए विधायक ममता देवी ने कहा कि आप सबों के अपार स्नेह और समर्थन की वजह से मुझे रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता का सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोगों को हर जरूरी मूलभूत सुविधा मुहैया कराना मेरी प्राथमिकता है।

शेर के साथ ले रहा था सेल्फी, फिर जो हुआ आप भी देखें

0

एक युवक को चिड़ियाघर में बाड़े में बंद शेर के साथ सेल्फी लेना महंगा पड़ गया । वो बंद शेर के पहले मंजिल पर बने बाड़ के ऊपर चढ़ गया, युवक सेल्फी ले पाता ऊससे पहले उसकी टांग शेर के पंजे में आ गई । फिर तच वहां चीख-पुकार मच गई । आसपास के लोगों ने फहुत कोशिश की, लेकिन चिढ़ा हुआ शेर युवक को छोड़ने को तैयार नहीं था ।

हालांकि ये वीडियो कहां की है ये साफ नहीं हो सका है, लेकिन ये दोनों वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरव हो रहा है ।

पाकिस्तान की ये महिलाएं 80 साल में 20 की तरह दिखती हैं

0
पाकिस्तान की हुंजा जनजातीय महिलाएं

पाकिस्तान के गिलगिट-बाल्टिस्तान की पहाड़ियों से घिरी एक घाटी है- हुंजा घाटी । इसी हुंजा घाटी में रहती है हुंजा जनजाति । कहते हैं कि हुंजा ट्राइब के लोग कभी बूढ़े नहीं होते । इस कबीले की महिलाएं खुबसूरत और हमेशा जवान रहती हैं । वे 65 साल की उम्र तक बच्चे पैदा करती हैं । वे खुद को शुद्घ आर्य कहते हैं और पशुपति को अपना इष्टदेव मानते हैं ।

हुंजा कबीले की महिला का मनमोहक नृत्य

हुंजा लोग वादियों में रहते हैं । इसे “बड़ों की वादी” के तौर पर लोग जानते है । इसका मतलब होता है “वो लोग जो तीर की तरह एक ही महाज़ में मुताहद हैं । वे ऐसे लोग हैं जो टीवी तक नहीं जानते हैं और मोटर कार की सुविधा भी उन तक नहीं पहुंची है, और ना ही वो स्मार्टफोन को ही जानते हैं । हुंजा लोग मशीनों से दूर रहना खुशहाली की गारंटी मानते हैं ।इनका विश्वास है कि एक दिन आधुनिक लोग भी खुशी पूर्वक जीने के लिए प्रकृति के करीब आएंगे ।

160 साल तक जिंदा रहते हैं हुंजा

हुंजा लोगों की औसत उम्र करीब डेढ सौ (150 साल) साल है । हैरानी की बात है कि ये लोग कभी बीमार नहीं पड़ते । कैंसर, टीवी जैसी बीमारियों का इन्होने नाम तक नहीं सुना । इनके यहां 170-175 साल के कई बुजुर्ग हैं ।

हुंजा महिलाएं बेहद खुबसूरत होती हैं

80 साल की उम्र में 20 साल की दिखती हैं महिलाएं

हुंजा लोग केवल अपने हाथों से उगाए हुए साग सब्ज़ी और फल को खाते हैं। यह लोग कच्चे फल और सब्जी तिलहन, सूखे खुबानी,खास तौर से बाजरा या बिसनाह, और जौ, फलियां, अंडा दूध, और पनीर खाते हैं।

इनका रोज़ का खाना बहुत आम से होता है: नाश्ते में यह लोग अनाज,रोटी और ब्रेड के साथ ताज़े या उबला हुआ खुबानी एक कटोरा होता है। सुबह 10 बजे एक ही तरह खाना खाते हैं, ताजी या उबली हुई सब्जी। 13-14 बजे के बीच यह लोग सूखा खुबानी का खाना खाते हैं, और गर्मी में पानी में पतला ताजा खुबानी।

योगी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का किया निरीक्षण

0

गाजीपुर। सीएम योगी आदित्‍यनाथ का हेलिकॉप्‍टर लगभग 25 मिनट की देरी से कार्यक्रम स्थल पर पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे के पास पहुंचा तो समर्थकों में उत्‍साह का कोई ओर छोर ही नहीं रहा। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कार से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निरीक्षण किया जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों से जनसंवाद भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 मिनट तक अधिकारियो के साथ की समीक्षा की। इसके बाद  जनसंवाद स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सिक्सलेन निरीक्षण के लिए गाजीपुर आया हूं। अप्रैल तक सिक्सलेन को आवागमन के लिये चालू कर लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे।

ममता बनर्जी सरकार पर आपदा में भ्रष्टाचार के अवसर खोजने का आरोप लगाया

0

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर आपदा में भ्रष्टाचार के अवसर खोजने का आरोप लगाया। उन्होंने बंगाल की बदहाली के पीछे राजनीति के अपराधीकरण को जिम्मेदार बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये वो सरकार है जो आपदा में भी भ्रष्टाचार के अवसर खोज लेती है। इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है? इतना बड़ा चक्रवात आया, इतना कुछ तबाह हो गया। लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने जो पैसे भेजे, उसका इन लोगों ने क्या किया, ये पश्चिम बंगाल के लोग भली-भांति जानते हैं। हालात ये थी कि कोर्ट तक को इस पर सख्त टिप्पणी करनी पड़ी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछली बार मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जन्म जयंती पर बंगाल आया था। आज हल्दिया सहित पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़ी करीब 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए आपके बीच आया हूं। बंगाल पहले से जितना आगे था, अगर बीते दशकों में उसकी वो गति और बढ़ी होती, तो आज बंगाल कहां से कहां पहुंच गया होता। पश्चिम बंगाल की इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण है यहां की राजनीति।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद जब पश्चिम बंगाल के विकास को नई दिशा देने की जरूरत थी, तब यहां विकास वाली राजनीति नहीं हो पाई। पहले कांग्रेस ने शासन किया, तो भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। फिर लेफ्ट का शासन लंबे समय तक रहा, उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार बढ़ाने के साथ ही विकास पर ही ब्रेक लगा दिया।

16 अंकों का यूनिक कोड जारी करेगी सरकार

0

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार अब जमीन खरीददारों के साथ होने वाली धोखेबाजी को बचाने के लिए 16 अंकों का यूनिक कोड जारी करेगी, इससे जमीनों पर होने वाला फर्जीवाड़ा रूकेगा। राज्य सरकार का राजस्व विभाग कृषि, आवासीय और व्यवसायिक भूमि को चिन्हित कर यूनिक नंबर जारी कर रहा है। जिससे कोई भी व्यक्ति अब घर बैठे एक क्लिक से जमीन का पूरा ब्योरा जान सकेगा।

यूनिक कोड के जरिये विवादित भूखंडों के फर्जी बेनामों पर रोक लगाई जा सकेगी। प्रदेश भर में इस योजना को लागू किया जा रहा है। ज्यादातर जिलों में इस पर काम शुरू हो गया है। सभी राजस्व गांवों में अवस्थित भूखंडों के लिए यूनीक कोड निर्धारण और वादग्रस्त भूखंडों का राजस्व न्यायालय कम्प्युटरीकरण प्रबंध प्रणाली में अंकन करने का काम किया जा रहा है। योजना में जमीन के पुराने मालिक के साथ ही नए मालिक का भी नाम दर्ज होगा।

जमीनों के गाटे का यह यूनीक कोड सोलह अंकों का होगा। पहले एक से लेकर छह अंक गांव की जनगणना के आधार पर होगा। सात से 10 तक भूखंड की गाटा संख्या और 11 से 14 अंक जमीन के विभाजन का नंबर होगा। 15 से 16 नंबर भूमि की श्रेणी होगी। जिससे कृषि, आवासीय और व्यवसायिक भूमि चिन्हित की जा सकेगी।

जमीन की खरीद में हेरफेर और धोखाधड़ी रोकने के लिहाज से योगी सरकार की इस योजना को गेम चेंजर माना जा रहा है। यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद कोई भी जमीन के मामले में धोखाधड़ी नहीं कर सकेगा।

राज्यसभा में पीएम मोदी के व्यंग्य, जिसपर विपक्षी भी मुस्कुरा उठे

0
राज्यसभा में किसान बिल पर बहस का जवाब देते प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी सदन में किसान कानूनों पर बोलने के लिए उठे तो विपक्ष शोरगुल कर रहा था, लेकिन लगभग एक घंटे के उनके भाषण के दौरान माहौल हल्का होता चला गया । कई ऐसे मौके आए जब विपक्षी खेमा भी मुस्कुराते हुए दिखा ।

मोदी है तो मौक़ा लीजिये …

भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि सदन में बेहद सार्थक बहस हुई । कई लोगों ने गंभीर चर्चा की तो कुछ लोग बेहद गुस्से में थे । ये गुस्सा अच्छा है….अच्छा है कि उनके अंदर का गुस्सा सदन में ही बाहर आ गया…अच्छा है कि मोदी को गाली देने से उनके अंदर का गुस्सा शांत हो गया । अब वे हल्का महसूस कर रहे होंगे । इस मामले में मैं अपने-आप को बड़ा सौभाग्यशाली मानता हूँ । अगर मोदी को गाली देने से, मोदी पर गुस्सा उतारने से वे शांत होते हैं, उनके घर का माहौल खुशनुमा होता है तो इससे बड़ा सौभाग्य मेरे लिए और क्या है? मोदी है तो मौका लीजिए

आंदोलनजीवी

पीएम मोदी ने कहा

“इस देश में कई शब्दों को हम बार-बार सुनते हैं । श्रमजीवी….बुद्धिजीवी…आदि । लेकिन हाल के दिनों में एक और शब्द आया है- “आंदोलनजीवी

ये ऐसे लोग हैं जो हर तरह के आंदोलनों में दिख जाते हैं । कई राज्यों में हमारे विरोधी दलों की भी सरकारें हैं । उनका पाला भी इन “आंदोलनजीवियो” से पड़ता ही रहता है । कहीं भी कोई विषय हो, ये आंदोलनजीवी लोग पहुंच जाते हैं । इससे इनका काम तो चल जाता है, कुछ दिनों तक खर्चा-पानी निकल जाता है….”

नये तरह का FDI

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा कि

“FDI देश के लिए अच्छा है । हम सब चाहते हैं कि देश में FDI आए । लेकिन इस देश में एक और तरह की FDI आती रही है । ये है Foreign guided direct investment.

ये कौन लोग हैं ? इनकी मंशा क्या है ? आखिर विदेशों में बैठी ऐसी कौन सी शक्तियां हैं जो भारत में इतना FDI कर रही हैं, और क्यों? हमें इसे समझने की जरुरत है ।

G-23, लेटर वाले

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद की ओर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद जी बहुत मीठा बोलते हैं । वे कभी भी ऐसी बातें नहीं करते जो सामने वाले को बुरा लगे । उन्होंने कृषि कानूनों पर कुछ अहम सुझाव दिए हैं । उम्मीद है कि उनके सुझावों को उनकी पार्टी के लोग ही G-23 लेटर वाले” सुझाव बताकर खारिज नहीं करेंगे ।

दरअसल, हाल ही में गुलाम नबी आजाद, पी चिदंबरम और कपिल सिब्बल जैसे 23 नेताओं ने कांग्रेस पार्टी में सुधार को लेकर आलाकमान को एक चिट्ठी के जरिए सुझाव दिए थे । इस चिट्ठी के मीडिया में लीक होने के बाद पार्टी आलाकमान और गांधी परिवार के करीबियों ने इन 23 नेताओं को काफी भला-बुरा कहा था । मोदी का इशारा इसी ओर था ।

आंदोलनजीवियों और Foreign Distructive Ideology (FDI) से बचने की जरुरत

0
राज्यसभा में किसान बिल पर बहस का जवाब देते प्रधानमंत्री मोदी

अगर हमने किसानों के लिए कुछ बुरा सोचा है, या किसानों के जीवन को बेहतर बनाने में हमारे नियत में कोई खोट हो तो हमें सज़ दिजिए, अपयश को हमारे खाते में जुड़ने दीजिए, लेकिन भगवान् के लिए किसानों के नाम पर राजनीति बंद कीजिए । हमारा लक्ष्य सिर्फ एक है कि किसी तरह किसानों की आमदनी बढ़े, खेती-किसानी को दोबारा वही इज्ज़त मिले जो एक दौर में था । अगर बिल में कोई कमी है तो हमें सलाह दीजिए, आइए हम सब मिलकर किसानों-गरीबों के लिए कुछ बेहतर सोचें । जनता ने हमें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है, आइए हम सब मिलकर अपने समाज, अपने देश की सेवा करें । ये बातें प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कृषि कानूनों पर बहस का जवाब देते हुए कहा ।

सिखों ने इस देश के लिए कुर्बानियां दी हैं, सिख गुरु हम सबके लिए पूजनीय

प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि इस देश के लिए जितना सिखों ने किया है उसकी कोई दूसरी मिसाल नहीं । आजादी के बाद जो बंटवारा हुआ उसकी पीड़ा सबसे ज्यादा पंजाब ने भुगता है । 1984 में हुई हिंसा में सबसे ज्यादा आंसू सिखों ने बहाये हैं । लेकिन इसके बावजूद वो हर पीड़ा सहकर मां भारती की सेवा करते रहे । आज कुछ लोग सिखों को अलग-अलग करने की साजिश रच रहे हैं । कृषि कानूनों के बहाने पंजाब में दोबारा आतंकवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन देशवासियों के मन में सिख समाज के लिए आदरभाव है, वो तमाम नफ़रतों पर भारी पड़ेगा ।

बुजुर्गों से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि वो अपने घर लौट जाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई बुजुर्ग इस ठंड में सड़कों पर बैठे हैं । ये हमारे लिए बेहद पीड़ादायक है । हम उनसे करबद्ध निवेदन करते हैं कि कृपया अपने घर लौट जाएं । सरकार आपकी हर बात सुनने को तैयार है ।

आंदोलनकारी परजीवियों से परेशान है देश

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा कि कुछ लोगों का जीवनयापन आंदोलन से चलता है । चाहे किसी भी तरह का आंदोलन हो, चाहे कोई भी मांग हो, ये लोग वहां पाए जाते हैं । कई राज्यों में विपक्षी दलों की भी सरकार है । वे राज्य सरकारें भी आंदोलनकारी परजीवियों से परेशान हैं । ये ऐसे लोग हैं जो हर तरह के आंदोलन में पाये जाते हैं । इससे इनका काम तो चल जाता है, पर समाज और राष्ट्र को बड़ी परेशानी होती है ।

Foreign guided direct investment से बचने की जरुरत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि FDI देश के लिए बेहतर है । लेकिन देश में एक नए तरह का FDI आ रहा है । Foreign guided direct investment । विदेशों में बैठे ये कौन लोग हैं जो भारत में FDI करते हैं, हमें उन्हें पहचानने की जरुरत है । जो लोग इन पैसों का सदुपयोग आंदोलन के लिए करते हैं, सरकार उनकी पहचान करने में जुटी है ।

गुलाम नबी आजाद के बहाने कटाक्ष

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद पर भी चुटकी ली । उन्होंने कहा कि गुलाम नबी आजाद जी बहुत मीठा बोलते हैं । उनके सुझाव अच्छे थे । लेकिन कहीं उनके सुझाव को “G-23” के लेटर वाले सुझाव बताकर खारिज न कर दिया जाए, इसका ख्याल रखना होगा । प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोग बहुत गुस्से में थे, लेकिन ये गुस्सा जायज है । अगर संसद में गुस्सा करने से, मोदी को गाली देने से उनका मन हल्का होता है, और उनके घर का माहौल खुशनुमा होता है तो इससे बड़ा सौभाग्य मेरे लिए और क्या है ?

अवैध लकड़ी लदा एक ट्रैक्टर को वन विभाग की टीम ने किया जब्त

0
जब्त वाहन के साथ वन विभाग की टीम

गिरिडीह/गावां : गावां थाना क्षेत्र के हड़हड़ा से रविवार की देर रात वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अवैध लकड़ी लदा एक ट्रैक्टर को जब्त किया। हालांकि मौके से चालक फरार होने में सफल रहा।


वनपाल जयप्रकाश राम महतो ने बताया कि वरीय पदाधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि बरदोनी जंगल से अवैध लकड़ी काटकर एक ट्रैक्टर से परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर वन विभाग ने एक टीम गठित कर रविवार की देर रात छापेमारी कर हड़हड़ा से अवैध लकड़ी लदा एक ट्रैक्टर को धर दबोचा लेकिन चलती गाड़ी से कूदकर ट्रेक्टर चालक फरार हो गया। वनपाल ने बताया कि लकड़ी तस्करी मामले में संलिप्त दोषियों पर वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


छापामारी अभियान में प्रभारी वनपाल रोहित पानुरी, वनरक्षी पवन चौधरी, राजेंद्र प्रसाद, बम शंकर वर्मा, संजय महतो, दीपक कुमार शामिल थे।