खड़गपुर । बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने ‘चा-चक्र’ (चाय पर चर्चा) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बंगाल बीजेपी के चीफ दिलीप घोष भी मौजूद रहे। जेपी नड्डा ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर जमकर बरसे।
जेपी नड्डा ने कहा, ‘जो मां, माटी, मानुष के नाम पर जीत कर आते हैं वो लोग तानाशाही और तुष्टीकरण करते हैं। गरीब किसान भाई जिनके विकास के बारे में सोचना चाहिए था उनके लिए कुछ नहीं किया गया। जिस तरीके से गरीब भाईयों के साथ अन्याय हुआ है ये ज़्यादा दिन नहीं चलेगा। आगे चुनाव आएगा, ममता जी को जाना होगा।
लखनऊ । यूपी के डीजीपी एच.सी. अवस्थी ने कहा है कि संगठित माफिया के खिलाफ कई महीनों से अभियान चल रहा है। हमने इनकी 700 करोड़ से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की है। शराब माफियाओं के खिलाफ सैकड़ो मामलों में हमने बरामदगी की है। हमारा उनको साफ संदेश है कि उनके दिन गिने हुए हैं, वे भाग जाएं या जेल में स्थान पाएं ।
उन्होंने कहा कि हम पश्चिमी यूपी में शराब माफिया के खिलाफ अभियान चला रहे थे जिसके तहत टीम कार्रवाई करने गई थी। जो ऐसा दुस्साहस कर रहे हैं उनको कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा दिलाएंगे ।
एक अप्रैल से कामकाज के घंटों और टेक होम सैलरी में होगा बदलाव
मोदी सरकार कर्मचारियों के हितों से जुड़ा बड़ा फैसला लेने जा रही है. 1 अप्रैल 2021 से आपकी ग्रेच्युटी, पीएफ और काम के घंटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. एक तरफ जहां आपकी ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) मद में बढ़ोतरी होगी वहीं, हाथ में आने वाला पैसा (टेक होम सैलरी) घटेगा. हालांकि सरकार काम करने के घंटों को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. सरकार के इस फैसले से कंपनियों की बैलेंस शीट भी प्रभावित होती इसलिए सरकार पिछले साल संसद में पास किए गए तीन मजदूरी संहिता विधेयक (कोड ऑन वेजेज बिल) को इस साल 1 अप्रैल से लागू कर सकती है.
मजदूरी की बदलेगी परिभाषा सरकार वेज (मजदूरी) की परिभाषा बदलने जा रही है. अब भत्ते कुल सैलेरी के अधिकतम 50 फीसदी होंगे. इस फैसले का मतलब यह होगा कि मूल वेतन (सरकारी नौकरियों में मूल वेतन और महंगाई भत्ता) अप्रैल से कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए. यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि देश में 73 सालों में पहली बार श्रम कानूनों में बदलाव किया जा रहा है. सरकार दावा कर रही है कि नया श्रम कानून नियोक्ता और श्रमिक दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा.
काम के घंटे 12 घंटे बदलने का प्रस्ताव सरकार ने जो नया ड्राफ्ट तैयार किया है उसके मुताबिक कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है. वहीं ओएसएच कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है. अभी तक के नियमों के मुताबिक 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम नहीं माना जाता है. ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने को प्रतिबंधित किया गया है. कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का विश्राम देने के निर्देश भी ड्राफ्ट नियमों में शामिल हैं.
सरकार की ओर से जो ड्राफ्ट तैयार किया गया है उसके मुताबिक मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए. इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन संरचना बदलेगी, क्योंकि वेतन का गैर-भत्ते वाला हिस्सा आमतौर पर कुल सैलेरी के 50 फीसदी से कम होता है. ग्रेच्युटी और पीएफ में योगदान बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि में इजाफा होगा. इससे लोगों को रिटायरमेंट के बाद सुखद जीवन जीने में आसानी होगी. उच्च-भुगतान वाले अधिकारियों के वेतन संरचना में सबसे अधिक बदलाव आएगा और इसके चलते वो ही सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.
म्यांमार में सेना द्वारा तख्तापलट के विरोध में प्रदर्शन
म्यांमार मे विद्रोह हो गया है। तख्तापलट के खिलाफ जनता ने बगावत कर दी है। जनता को कुचलने की कोशिश सैन्य तानाशाह कर रहा है । प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने का आदेश सैन्य शासन ने जारी कर दिया है। इसके बावजूद लाखों लोग सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं । कई शहरों से फायरिंग की आवाजें आ रही हैं । कुछ जगहों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है ।
सूकी की पार्टी मुख्यालय को सेना ने तहस-नहस किया
सूकी की पार्टी के मुख्यालय को सेना ने तहस-नहस कर दिया। न्यूज़ीलैंड ने सैन्य तख्तापलट के विरोध में म्यांमार से अपने सारे रिश्ते तोड़ लिए हैं । बीसीसी बर्मी सेवा के मुताबिक़ विरोध प्रदशनों के दौरान कम से कम दो सौ लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की ख़बर है । कई शहरों में नाइट कर्फ्यू भी लगाया गया है । सेना ने यांगून और मांडले शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है और पांच से अधिक लोगों के एक जगह एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
पानी की बौछार का सामना करते लोग
बौद्ध भिक्षु भी तख्तापलट के खिलाफ
म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। इसमें अब नर्स और बौद्ध भिक्षु भी कूद गए हैं। इससे घबराई नई सैन्य सरकार ने इस आंदोलन को कुचलने की धमकी दी है। वहीं अमेरिका ने सैन्य सरकार से सूकी को रिहा करने और लोकतांत्रिक सरकार के गठन के लिए रास्ता साफ करने को कहा है ।
बिहार में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा भी हो गया है । बीजेपी की ओर से विधान परिषद के सदस्य शाहनवाज हुसैन को मंत्री बनाने के बाद अब उन्हें उद्योग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है । संजय झा को जल संसाधन और सूचना-जनसंपर्क तो वहीं सम्राट चौधरी को पंचायती राज की जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
श्रवण कुमार एकबार फिर ग्रामीण विकास विभाग का काम संभालेंगे । तो वहीं मदन सहनी को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई । जबकि प्रमोद कुमार को गन्ना विभाग व विधि मंत्रालय, संजय कुमार झा को जल संसाधन विभाग व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, लेशी सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सम्राट चौधरी को पंचायती राज का जिम्मा दिया गया है ।
मंत्री पद की शपथ लेते भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन
पटना में शाहनवाज हुसैन को मंत्रीपद की शपथ लेते देख एक भूमिहार नेता ने टिप्पणी की….एनडीए से एक भी मुसलमान नहीं जीता, लेकिन दो मुसलमान मंत्री बन गए और एक हमलोग हैं, लालू से लड़ने में सबसे आगे, लेकिन आज न नीतीश को हमारी जरुरत है, न भाजपा को…
शाहनवाज हुसैन के मंत्री बनने पर श्रीनगर में बंटी मिठाइयां
तो क्या शाहनवाज हुसैन बिहार बीजेपी का मुस्लिम चेहरा हैं? श्रीनगर से भाजपा के टिकट पर DISTRICT DEVELOPMENT AUTHORITY ( DDA) का चुनाव जीत चुके एजाज हुसैन बताते हैं कि शाहनवाज हुसैन देश के राष्ट्रवादी मुसलमान का चेहरा हैं । एजाज हुसैन कहते हैं कि शाहनवाज हुसैन उन लाखों पढे-लिखे मुसलमान लड़के- लड़कियों का प्रतिबिंब हैं जो मुंबई, पुणे, बैंगलुरु के कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करते हैं, जो सूट-टाई या स्कर्ट पहनते हैं, जिनकी गर्लफ्रेंड या ब्वॉयफ्रेंड हिन्दू भी हैं, मुस्लिम भी, सिख भी और ईसाई भी । वे अपने नाम या सरनेम से नहीं, बल्कि अपनी काबिलियत से मुकाम पाना चाहते हैं । जो तथाकथित सेक्यूलर दलों केघिसे-पीटे राजनीतिक जुमलों से ऊब चुके हैं । वे पहचान की राजनीति (identity politics) नहीं चाहते ।
नीतीश कुमार की भी पसंद हैं शाहनवाज हुसैन
राजनीतिक सफर की शुरुआत
शाहनवाज हुसैन ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भारतीय जनता युवा मोर्चा के सचिव के रूप में किया था। इसके अलावा वे दिल्ली वफ्फ बोर्ड, राष्ट्रीय शक्ति फाउंडेशन जैसे संस्था के सदस्य भी रहे हैं।शाहनवाज हुसैन ने भारतीय जनता पार्टी में अपनी राजनीतिक शुरुआत 1999 में 13 वें लोकसभा चुनाव से की थी। वे सबसे कम उम्र में केंद्रीय मंत्री बने थे। उन्होंने उस समय मानव संसाधन विकास युवा मामले और खेल, खाद्य संस्करण, उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाला। 2001 में उन्हें कोयला मंत्री के रूप में अलग से प्रभाव दिया गया था।
नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में पदोन्नति
इसके बाद 2001 की दूसरी छमाही में नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में पदोन्नति मिली। 2003 में उन्हें कपड़ा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया। हालांकि शाहनवाज 2004 में चुनाव हार गए और इसके बाद 2006 में वे भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और भारी मतों से जीत दर्ज की और 15 वीं लोकसभा के सदस्य बने।
वहीं, शाहनवाज को एक बार फिर से 2014 के चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। जिसके कारण 2019 के लोकसभा चुनाव में इन्हें पार्टी द्वारा प्रत्याशी नहीं बनाया गया। लेकिन, इसके बावजूद वे संगठन के कार्य में लगे रहे। जिसका उपहार शाहनवाज को मिला है।
सधे हुए कदमों से बिहार में एंट्री
शाहनवाज ज्यादातर दिल्ली की राजनीति में रहते थे। इनकी पत्नी का नाम रेनू है उनके दो बच्चे हैं। शाहनवाज को भाजपा ने बहुत सधे हुए कदमों से बिहार में एंट्री करवाई है। पहले बिहार विधान परिषद में एमएलसी बनाया गया, इसके बाद बिहार में उद्योग मंत्री बनाया गया।
गौरतलब हो कि नीतीश और शाहनवाज की दोस्ती अटल बिहारी वाजपेई के जमाने से चली आ रही है। बिहार के दोनों नेता को अटल जी भी बहुत पसंद किया करते थे। बिहार के लिए जाने वाले हर एक हर एक फैसले में दोनों की संयुक्त भागीदारी होती थी। ऐसे में नीतीश कुमार को सुशील मोदी के राज्यसभा जाने के बाद एक भरोसेमंद साथी की जरूरत थी, जिसकी कमी शाहनवाज हुसैन पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं।
मुस्लिम विरोधी प्रचार पर कड़ा प्रहार
बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में बीजेपी की चेहराविहीन राजनीति भविष्य की संभावनाओं को धूमिल कर रही थी. ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व ने नौजवान, सुलझे और सर्व स्वीकार्य चेहरे को बिहार भेजकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं. इनमें से एक बीजेपी की मुस्लिम विरोधी राजनीति के प्रचार पर हमला भी है. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं था. इसका एक तरह जहां बीजेपी को नुकसान हुआ, तो आरजेडी को इसका फायदा मिला. ऐसे में अब बीजेपी शाहनवाज को मुस्लिम चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट कर सीमांचल में अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है. इतना ही नहीं आरजेडी के मुस्लिम वोट बैंक में भी सेंध लगाने की जुगत में है.
बिहार से देंगे बंगाल को संदेश
बंगाल में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. बीजेपी कमर कसकर चुनावी मैदान में अभी से उतर चुकी है. राजनीतिक विसाद पर सियासी मोहरे अभी से सजाए जा रहे हैं. पार्टी के बड़े और खुर्राट नेताओं को चुनाव की कमान सौंपी गई है. मुकाबला ममता बनर्जी से हैं. इसलिए बीजेपी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती. सभी जानते हैं कि बंगाल में मुस्लिम मतदाता निर्णायक स्थिति में है. कट्टर छवि की वजह से बीजेपी के लिए मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाना मुश्किल है. ऐसे में शाहनवाज हुसैन की ताजपोशी भले ही बिहार में होगी, लेकिन इसका संदेश बंगाल तक जाएगा. इसका फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में मिल सकता है.
सूरज दूबे हत्याकांड की CBI जांच की मांग करते पलामू सांसद बीडी राम
पलामू निवासी नौसैनिक सूरज कुमार दुबे को चेन्नई से अपहरण करने के बाद पालघर में जिंदा जलाए जाने के मामले की जांच के लिए रक्षा मंत्रालय ने उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। यह जानकारी पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि नेवी जवान की अपहरण के बाद हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर सोमवार को उन्होंने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। रक्षा मंत्री ने अविलंब मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। साथ ही मामले की जांच को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की बात कही।
रक्षा मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में पलामू सांसद ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि सूरज 2 जनवरी को छुट्टी पर अपने घर आए थे। 30 जनवरी को वह पलामू से अपने कार्यस्थल कोयंबटूर जाने के लिए निकले थे। चेन्नई पहुंचने के बाद उन्होंने परिजनों को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। बाद में एक फरवरी 2021 को सूरज दुबे के परिजनों ने पलामू के चैनपुर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच से मोबाइल नंबर ट्रैक करने पर उनका लास्ट लोकेशन मेट्रो स्टेशन मीनमबक्कम चेन्नई दिखा। वहीं अन्य लोकल इंक्वायरी में पता चला कि श्रीधर नामक टैक्सी ड्राइवर ने सूरज दुबे को एनएसजी कैंप ओटेरी थाना के पास छोड़ा था। इसके तीन दिन बाद महाराष्ट्र के पालघर जिले अंतर्गत वेलजीपाड़ा जंगल में सूरज दुबे लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा जली अवस्था में पाए गए। बाद में मुंबई के नौसेना अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सूरज ने मौत से पूर्व पुलिस को दिए बयान में बताया था कि 30 जनवरी को चेन्नई हवाई अड्डे के बाहर लगभग 11 बजे अज्ञात तीन सशस्त्र लोगों ने सफेद एसयूवी गाड़ी से उन्हें अगवा कर 10 लाख की फिरौती मांगी थी। सूरज ने पैसे देने में असमर्थता जताई। इसके बाद अपहर्ताओं ने तीन दिनों तक उन्हे बंदी बनाकर रखा। इसके बाद जली हुई अवस्था में वे महाराष्ट्र के पालघर स्थित जंगल से में मिले।
अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि चेन्नई से 1500 किलोमीटर दूर वह महाराष्ट्र के पालघर कैसे पहुंच गए और महाराष्ट्र पुलिस ने उनकी खोज में कोई रुचि क्यों नहीं दिखाई। सांसद विष्णु दयाल के अनुसार सूरज दुबे की मौत महाराष्ट्र पुलिस की नाकामी को बयां कर कई संदेह को पैदा करती है। सांसद ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने गृह मंत्री भारत सरकार को भी पत्र लिखा है। इस पत्र में मामले की सीबीआइ या उच्चस्तरीय जांच कर इस दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलाने की मांग की है।
झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव (फाइल)
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा की हेमन्त सरकार ने जेपीएससी की परीक्षा में विद्यार्थियों के साथ छल किया है। प्रतुल ने कहा कि 2019 के अपने चुनावी मेनिफेस्टो में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने साफ कहा था कि वह जेपीएससी या जेएसएससी परीक्षा में किसी भी जाति,धर्म के गरीब अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लेगी।अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से सिर्फ ₹100 शुल्क लेने की बात थी। लेकिन इस सरकार ने इस व्यवस्था को लागू नहीं किया।एस सी, एस टी विद्यार्थियों के लिए भी डेढ़ सौ रुपए शुल्क निर्धारित कर दिया है। अन्य वर्गों के लिए ₹600 शुल्क रखा गया है।
प्रतुल ने कहा कि 1 वर्ष पूर्व जब जेपीएससी ने 2017,2018 और 2019 का विज्ञापन जारी किया था तो उस समय 267 पदों के लिए विज्ञापन था।इस बार तो वर्ष 2020 को जोड़कर 4 वर्षों का विज्ञापन जारी हुआ है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पदों की संख्या कम करके 252 कर दी गई है। प्रतुल ने कहा यह संभवत पहली बार हुआ है की समय बीतने के बाद पदों की संख्या कम हो।
प्रतुल ने कहा यह सरकार अपने चुनाव से पूर्व किए गए वादों को पलटने का रिकॉर्ड कायम कर रही है।किसानों,युवाओं ,बेरोजगारों महिलाओं, खिलाड़ियों, अभ्यर्थियों -सभी को इस सरकार ने ठगने का कार्य किया है
भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने झामुमो महा सचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के स्थानीय नीति संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके पार्टी के महासचिव के बयान पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी एवम राजद को भी इस संबंध में राज्य की जनता को बताना चाहिये कि उनकी क्या राय है।
आदित्य साहू ने कहा कि राज्य गठन के 14 वर्षों के बाद राज्यहित में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नीति बनाई गई। नीति बनाते समय सभी दलों से सुझाव मांगे गए परंतु आज राज्य की सत्ताधारी पार्टियां इससे दूर भागती रही। सदन में चर्चा का बहिष्कार किया। और आज फिर से जनता को गुमराह करने में ये पार्टियां जुट गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का धर्म है जनहित में नीति बनाना, परंतु इसके लिये साफ नीयत सबसे ज्यादा जरूरी है।
आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सरकार बड़बोलेपन की शिकार हो चुकी है। सत्ताधारी दल अपनी चुनावी घोषणाओं को पूरा न करके नई नई घोषणाओं की मकड़जाल में जनता को फंसा कर रखना चाहते हैं। जो वादा करके सत्ता में आये उसे तो पूरा कर नही रहे।जनता जब सवाल कर रही तो उसे दूसरी बातों में भटका रहे। उन्होंने कहा कि इन दलों के चाल चरित्र को जनता समझ चुकी है।अवसर आने पर करारा जवाब देगी।
प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते सुप्रियो भट्टाचार्य
हम रघुवर दास की तरह राज्य का बंटवारा 13-11 जिलों में नहीं करेंगे
रघुवर दास ने 11 जिलों में बिहार-छत्तीसगढ़ और यूपी के लोगों को भर दिया
पांच साल में एक भी जेपीएससी नहीं करवा सके रघुवर, हम हर साल दो जेपीएससी की तैयारी में
हर बार अन्ना को बैठाकर पन्ना नहीं पहन सकेगी भाजपा
मुख्यमंत्री को ई-मेल पर धमकी से चिंतित
मोमेंटम की जांच के लिए स्वीकृति दे दी है, जांच एजेंसियों का काम है कि जल्द रिपोर्ट सौंपे
रांची । झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रघुवर दास की नियोजन नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब रघुवर दास को झारखंड के स्थानीय लोगों की इतनी ही चिंता थी तो उन्होंने स्थानीय नीति बनाकर सभी रिक्त पदों को क्यों नहीं भरा । सुप्रियो भट्टाचार्य ने रघुवर दास को महामानव बताते हुए कहा कि उन्होंने किस विजडम के सहारे राज्य का बंटवारा 13 और 11 जिलों के बीच किया था ?
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर राज में 11 जिलों में पड़ोसी राज्यों ( उत्तर प्रदेश व बिहार) से आकर लोग राज्य में नौकरी पा लिये, लेकिन स्थानीयों को नौकरी नहीं मिल सकी. चाहे वह पुलिस की बहाली हो व शिक्षकों की.
रघुवर सरकार का झारखंडी छात्र-छात्राओं के प्रति रवैया क्या था, यह सभी जानते हैं. 2017 में उनकी सरकार ने अनुबंध पर नियुक्ति प्रकिया शुरू की थी. सरकार ने यह भी लिख दिया था कि उनकी नियुक्ति तीन साल तक ही रहेगी.
यह बात तो रघुवर दास को बतानी चाहिए कि उन्होंने इस तरह की खिलवाड़ क्यों किया. जब उनके पास रिक्तियां थीं, तो नियोजन नीति बना कर सरकारी सेवाओं में इन बेरोजगारों को नियुक्त क्यों नहीं कर दिया.
सेंधमारी के बाद आसपास क्षेत्र का मुआयना करती पुलिस
सेंसर अलार्म बजने पर सामान छोड़ भागे अपराधी
कोडरमा। जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमा स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में बीती रात अज्ञात चोरों ने सेंधमारी की घटना को अंजाम दिया। इस बाबत घटना की जानकारी देते हुए शाखा प्रबंधक शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि सुबह ब्रांच खोलने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। इसके बाद घटना की सूचना तिलैया थाना को दी गई। सूचना के बाद तिलैया थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच की। इस दौरान अपराधियों के द्वारा घटनास्थल पर छोड़े गए सब्बल, गैस कटर समेत अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
शाखा प्रबंधक ने बताया कि बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज में बीती रात बैंक के दीवार को काटकर दो अपराधी शाखा में प्रवेश करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद जैसे ही अपराधियों ने बैंक के लॉकर के ताले को तोड़ने का प्रयास किया। इस बीच लॉकर में लगा सेंसर अलार्म बज उठा। इसके बाद अपराधी अपने सभी सामानों को छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गए।
शाखा प्रबंधक ने बताया कि घटना में शामिल अपराधी बैंक से किसी प्रकार का कोई कीमती सामान व नकदी ले जाने में सफल नहीं हो पाए। वहीं घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने चोरों के द्वारा छोड़े गए सामानों को जब्त कर लिया है। वहीं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी हुई है। खबर भेजे जाने तक अपराधियों की पहचान नहीं हो सकी थी।
प्रश्न पत्रों के बदलते पैटर्न पर दी गई अहम जानकारियां
उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ संदीप सिन्हा
हजारीबाग। झारखंड अधिविध परिषद(जैक) के तत्वाधान में राजकीय प्लस टू जिला स्कूल के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मैट्रिक व इंटर की होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों में जो बदलाव किए गए हैं। उनकी जानकारी शिक्षकों को देने के लिए की गई थी। इस अवसर पर जैक अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष डॉ शंकर लाल, प्रमंडल के आरडीडीई मिथिलेश कुमार सिन्हा, प्रखंडों के बीईईओ सहित जिले के तमाम माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व उनके प्रतिनिधि मौजूद थे। साथ ही जैक के तकनीकी सेल से कुणाल सिंह ने कई तकनीकी जानकारियां साझा की।
बतातें चलें कि इस बार कोरोना महामारी के कारण राज्य के तमाम विद्यालय लगभग 9-10 माह तक बंद रहें हैं। इसी के मद्देनजर वार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्रों में भी कई बदलाव किए गए हैं। विदित है कि इस बार मैट्रिक व इंटर की परीक्षाएं आगामी 4 मई से प्रारंभ होकर 21 मई तक चलेंगी।
सभी के लिए परीक्षा की घड़ी: जैक अध्यक्ष
जैक के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह ने कार्यशाला के दौरान कहा कि चूंकि इस बार आयोजित होने वाली मैट्रिक व इंटर की परीक्षाएं चुनौतियों से भरा है। ऐसे में इस बार की वार्षिक परीक्षा सही अर्थों में सभी की परीक्षा है। क्योंकि प्रश्न पत्रों में भी कई बदलाव किए गए हैं। साथ ही इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या भी अधिक होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक कार्यपालिका, विधायिका व न्यायपालिका तीनों भूमिकाओं का निर्वहन करतें हैं। उन्होंने इस दौरान कहा कि प्रश्न पत्रों में बदलाव की जानकारी बच्चों तक पहुंचाने की जिम्मेवारी शिक्षकों की है। कहा कि जैक ने मैट्रिक व इंटर के एक-एक मॉडल प्रश्न पत्र जारी कर दिया है। जल्द ही 5 मॉडल प्रश्न पत्र अपलोड कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैट्रिक का इंटरनल असेसमेंट इस बार 10 अंकों का होगा। पहले यह 20 अंकों का होता था। साथ ही इस बार की परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या में बढ़ोत्तरी की गई है।
क्या-क्या किए गए हैं बदलाव?
मैट्रिक की उन विषयों के प्रश्न पत्र जिनमें प्रायोगिक परीक्षा नहीं ली जाती है। उन विषयों के प्रश्न पत्रों में 20 प्रश्न ऑब्जेक्टिव, 10 प्रश्न खाली स्थानों को भरने, 10 अति लघुउत्तरीय प्रश्न, 5 प्रश्न लघुउत्तरीय तथा 4 प्रश्न दीर्घ उत्तरीय होंगे। वहीं जिन विषयों की प्रायोगिक परीक्षा होतीं हैं उनमें 15 प्रश्न ऑब्जेक्टिव, 5 प्रश्न खाली स्थानों को भरने, 10 प्रश्न अति लघु उत्तरीय, 5 प्रश्न लघु उत्तरीय तथा 4 प्रश्न दीर्घ उत्तरीय होंगें। वहीं इंटर की वार्षिक परीक्षा में वैसे विषय जिनमें प्रायोगिक परीक्षा नहीं ली जातीं हैं। उनमें 30 प्रश्न ऑब्जेक्टिव, 10 प्रश्न रिक्त स्थानों को भरने, 10 प्रश्न अति लघु उत्तरीय, 5 प्रश्न लघु उत्तरीय तथा 4 प्रश्न दीर्घ उत्तरीय होंगें। साथ ही वैसे विषय जिनमें प्रायोगिक परीक्षा होतीं हैं। उन विषयों के प्रश्न पत्रों में 20 प्रश्न ऑब्जेक्टिव, 7 प्रश्न रिक्त स्थानों को भरने, 7 प्रश्न अति लघु उत्तरीय प्रश्न, 5 प्रश्न लघु उत्तरीय तथा 2 प्रश्न दीर्घ उत्तरीय होंगें। वहीं वाणिज्य विषय के अंतर्गत 20 अंक प्रायोगिक परीक्षा के लिए निर्धारित हैं। इनमें 20 प्रश्न ऑब्जेक्टिव, 12 प्रश्न रिक्त स्थानों को भरने, 8 प्रश्न अति लघु उत्तरीय प्रश्न, 4 प्रश्न लघु उत्तरीय तथा 2 प्रश्न दीर्घ उत्तरीय होंगे।
तकनीकी सत्र में दी गई जानकारियां:
जैक के तकनीकी सेल के विशेषज्ञ कुणाल सिंह ने शिक्षकों को कई जानकारियां दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि तकनीकी गलतियों के कारण कई विद्यार्थियों के भविष्य अंधकारमय हो जातें हैं। ऐसे में उन्होंने कहा कि विद्यालयों के नामांकन पंजी में विद्यार्थियों के संदर्भ में सभी प्रविष्टियों को अंग्रेजी में लिखे जाने से उनके नामों के स्पेलिंग में गलतियों की संभावना कम हो जाती है। वहीं ऑनलाइन परीक्षा प्रपत्र भरने में भी सावधानियां बरते जाने पर जोर दिया।
…………………………………. गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन गिरोह का एक गुर्गा कारबाईन सहित विभिन्न आग्नेयास्त्रों के साथ धराया …………………………………. अंतरराज्यीय तीन बैंक लूटेरों को भागलपुर से धर-दबोचा …………………………………. उज्जवल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला
हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस कप्तान कार्तिक एस के नेतृत्व में जिला पुलिस को दो बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एक तो गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन साव गिरोह का गुर्गा कारबाईन समेत विभिन्न आग्नेयास्त्रों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं अंतर राज्यीय बैंक लूटेरों को पकड़ने में हजारीबाग पुलिस को सफलता मिली। अंतर राज्यीय बैंक लूटेरा गिरोह के तीन लूटेरों को हजारीबाग पुलिस ने भागलपुर के सुल्तानगंज के शाहकुंड से धर दबोचा।
हजारीबाग के एसपी कार्तिक एस ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन साव गिरोह के कुख्यात अपराधियों द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए हथियार के साथ बड़कागांव थाना क्षेत्र में एकत्रित होने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने एक छापामारी दल का गठन किया गया। छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त गिरोह के अपराधियों के विरूद्ध सघन छापामारी की गई। छापामारी के क्रम में सोमवार 08 फरवरी 21 को बड़कागांव थाना क्षेत्रांतर्गत पलांडू स्थित पुल के पास से केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडू निवासी सैफ अली, पिता मुबारक मियां को भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्र के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया।
एसपी ने बताया कि पुछताछ के क्रम में सैफ अली ने बताया कि उनके द्वारा अन्य सहयोगी के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बनाया गया था। पुलिस कप्तान ने कहा कि सैफ अली अक्तूबर माह में जेल से छूट बाहर आया है। इस पर पूर्व में भी हत्या, लूट और अपहरण जैसे अपराध की घटना को अंजाम दे चुका है।
गिरफ्तार आरोपी के पास से बरामद ………………………. नाइन एमएम का एक कार्बाइन मशीनगन, नाइन एमएम कारबाईन का दो मैगजीन, नाइन एमएम कारबाईन का 28 पीस जिवित कारतूस, 7.65 एमएम का एक देशी पिस्टल, 7.65 एम एम का एक देशी पिस्टल का एक मैगजीन, 7.65 एम का सात जिवित कारतूस और कीपैड एवं तीन स्मार्ट फोन मोबाइल जब्त किया गया है।
सैफ अली का है अपराधिक इतिहास ……………………………….. बड़कागांव थाना कांड संख्या 242/16 दिनांक 02 नंबर 2016 धारा 302/34 भादवि। केरेडारी थाना कांड संख्या 47/14 दिनांक 03 अगस्त 2014 धारा 363 ए/ 376 डी/ 120 बी भादवि एवं 04 पोक्सो एक्ट। भुरकुंडा थाना कांड संख्या 294/17 दिनांक 11 नवंबर 2017 धारा 25 (1बी) ए/ 26/35 आम्स एक्ट दर्ज है। …………………………….. SBI के बनासो के लूटेरे भी आए गिरफ्त में ……………………. जिले के बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बनासो स्थित एसबीआई के शाखा में बीते 30 जनवरी 2021 की रात सेंधमारी कर अज्ञात चोरों ने बैंक के अंदर घुस कर बोल्ट रुम तक पहुंच कर बोल्ट को खोलने का प्रयास किया था। इसमें असफल होने पर बाहर रखे दो रुपए के 15 हजार सिक्का कुल तीस हजार रुपया चोरी कर लिया था। इस संबंध में बिष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 19/21 दिनांक 31 जनवरी21 धारा 461/379/457/34 भादवि के तहत शाखा प्रबंधक की लिखित शिकायत पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले के त्वरित उद्भेदन के लिए हजारीबाग एसपी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिष्णुगढ़ ओमप्रकाश के नेतृत्व में एक अनुसंधान एवं छापामारी टीम का गठन किया गया। उक्त गठित टीम ने अनुसंधान के क्रम में इस घटना में अंतरराज्यीय गिरोह जिसके सदस्य बिहार राज्य के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज, शाहकुंड मुंगेर निवासी का हाथ होने की बात उभरकर सामने आयी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हजारीबाग पुलिस वहां जाकर आशीष राज उर्फ रौशन कुमार, बलराम कुमार उर्फ बल्लु और अजय साह उर्फ मारुति साह को गिरफतार किया।एसपी ने बताया कि उक्त तीनों गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया तथा इन लोगों के निशान देही पर बैंक से चोरी किए गए दो रुपए के (3750) तीन हजार सात सौ पचास सिक्के, तीन मोबाइल फोन एवं घटना में इस्तेमाल किए गए दो इलेक्ट्रानिक ग्राइंडर मशीन को बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी अजय साह का अपराधिक इतिहास है। अजय कुमार साह उर्फ मारुति साह के विरुद्ध बांका जिले के अमरपुर थाना कांड संख्या 523/16 दिनांक 14 दिसंबर 16 धारा 25 (1बी)ए/ 26 आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। आशीष राज के पास से एक इलेक्ट्रॉनिक ग्राईंडर मशीन, ब्लेड लगा हुआ, दो रुपए का 1400 सौ सिक्का समेत विभिन्न कंपनी के दो मोबाइल बरामद किया गया है। अजय कुमार साह के पास से एक इलेक्ट्रॉनिक गराईंडर मशीन, ब्लेड लगा हुआ और दो रुपए का1150 सिक्का बरामद किया गया। आरोपी बलराम के पास से दो रुपए का 1200 सिक्का और एक सैमसंग कंपनी का मोबाइल बरामद किया गया है।
बिहार के विक्रमशिला के तर्ज पर डाॅल्फिन अभ्यारण्य से ही डाॅल्फिन को संरक्षण
साहिबगंज/नीरज कुमार जैन साहिबगंज। राष्ट्रीय जलीय जीव डाॅल्फिन की डेढ़ माह के दरम्यान दूसरी बार वन विभाग ने उधवा के पश्चिम प्राणपुर झारखंड बंगाल के सीमांत कामरटोला के समीप नाव घाट से मृत डाॅल्फिन सोमवार को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पिछले 18 दिसंबर 2020 को राजमहल के कसवा गांव के पास गंगा तट से करीब 35 किलो की मृत डाॅल्फिन विभाग ने बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज डाॅल्फिन के मृत होने का कारण जानने के लिए अनुसंधान में जुटी थी। उक्त मामला का अभी विभाग पटाक्षेप भी नही कर पायी थी कि डेढ़ माह के दरम्याण विभाग ने पुनः एक मृत डाॅल्फिन बरामद किया है।
डाॅल्फिन के शिकार या मृत मिलने की घटना नई नहीं है। जुलाई 2016 महाराजपुर, जनवरी 2018 उधवा बंगमगंज और फरवरी 2018 में एक मछुआरे के जाल में डाॅल्फिन फंसने से मौत हो गई थी। वन विभाग और जिला प्रशासन ने एक बार एक झोलाछाप चिकित्सक पर प्राथमिकी भी कर चुकी है। विलुप्त प्रायः जीव डाॅल्फिन झारखंड में एकमात्र जिला साहिबगंज में बहने वाली गंगा में असुरक्षित होती प्रतीत हो रही है।
गंगा में इन दिनों जिस तरह से यंत्र चालित नाव से होने वाले शोर-शराबे व अन्य मानवीय गतिविधिया डाॅल्फिन के विलुप्त होने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। वही सूत्रों की माने तो घुटनों के दर्द में डाॅल्फिन का तेल रामबाण है। भारत में 2012 में मेरी गंगा मेरी डाॅल्फिन नामक कार्यक्रम का संचालन हुआ लेकिन डाॅल्फिन को लेकर कोई सर्वे न होने से साहिबगंज की गंगा में डाॅल्फिन की संख्या अज्ञात है।
साहिबगंज के गंगा घाट में मृत पड़ी डॉल्फिन
बिहार के सुल्तानगंज से कहलगांव तक के करीब 60 किमी में विक्रमशीला डाॅल्फिन अभ्यारण्य के तर्ज पर साहिबगंज के मिर्जाचैकी से फरक्का करीब 91 किमी में फैली गंगा को डाॅल्फिन अभ्यारण्य घोषित कर संरक्षण की मांग लंंबे समय से की जा रही है।
डाॅल्फिन मीठे जल का जीव है । इसकी याददाशत अन्य जीवों से अधिक होती है । यह 5 से 15 वर्ष तक ये जीवित रह सकती है । श्रवण शक्ति मनुष्य से अधिक होती है । डाॅल्फिन स्तनधारी जीव की श्रेणी में आती है, एक आंख खोलकर सोना, दर्पण में स्वयं को पहचानना और दाॅत होते हुए भी भोजन निगलना इनकी प्रमुख खासियत है।
डाॅल्फिन वजन के अनुपात में बेची जाती है। 22 सौ से सात हजार तक में बेची जाती है। इसका खुलासा राधानगर के शिकारपुर (बंगाल) के पास मछुआरें के जाल में फंसी थी तब उक्त मछुआरें ने उक्त 20 किलों की डाॅल्फिन को 23 सौ में बेचा था। राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित होने के बाद भारतीय वन्य जीव संरक्षण के दायरें में रख इसके शिकार पर प्रतिबंध है। और शिकार करने वाले को कम से कम सात साल की सजा का प्रावधान।
डीएफओं मनीष तिवारी ने बताया कि डाॅल्फिन की स्वाभाविक मौत है या कोई कारण इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही खुलासा हो पायेगा। उन्होने बताया कि बरामद मृत डाॅल्फिन प्रथमदृष्टया 5-6 दिन पूरानी जान पड़ती है। शरीर में चोट के निशान भी प्रतीत हो रहे है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव है।