लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक पंडित दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होनें कहा, “उनके विचारों से पार्टी और समाज को हमेशा प्रेरणा मिली। उनसे प्रेरणा लेकर सरकार हर तबके तक विकास की योजनाएं पहुंचा पा रही है।
उन्होंने कहा, किसी ने सोचा नहीं था कि भारत जैसे देश में 6 वर्ष के अंदर 2 करोड़ लोगों को आवास मिल जाएगा, 10 करोड़ लोगों को शौचालय मिल जाएगा, 8 करोड़ लोगों को रसोई गैस सिलेंडर मिल पाएंगे, 35 करोड़ गरीबों के जनधन अकाउंट खुल पाएंगे। इसकी प्रेरणा के असली स्रोत दीननयाल उपाध्याय हैं।
154 बटालियन कंपनी के घायल जवान सत्येंद्र । इन्हें सीने में गोली लगी है।
बीती रात दस बजे गोमिया थाना क्षेत्र के टुटी झरना जंगल मे जिला पुलिस, सीआरपीएफ और सैप के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुआ । रात भर दोनों ओर से गोलीबारी होती रही ।
ये मुठभेड़ बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र अंतर्गत लुगो पहाड़ी के तलहटी में बसा टूटी झरना में सीआरपीएफ जवान और माओवादियों के मिथिलेश सिंह उर्फ दुर्योधन महतो के दस्ते के बीच हुई । दोनों ओर से भीषण गोलीबारी की सूचना मिल रही है। इसमें सीआरपीएफ के दो जवान को गोली लगी है। घायल दोनों जवानों को रांची मेडिका में इलाज चल रहा है।
जवान विष्णु, इन्हें छूकर गोली निकल गई । इन्हें मामूली जख्म है ।
एसपी चंदन कुमार झा ने बताया कि घटना के बाद पुलिस द्वारा चलाये गये सर्च अभियान मे पुलिस बल ने नक्सलियों का हथियार एके 47 कारतूस तथा दैनिक इस्तेमाल मे लाया जाने वाला सामान बरामद किया है। एस पी ने बताया कि नक्सलियों को कितनी हानि हुई है इसका आकलन अभी संभव नहीं है । मुठभेड़ मिथलेश दस्ते के साथ हुई है ।
मुठभेड़ की जानकारी देते बोकारो एसपी चंदन कुमार झानक्सलियों से बरामद सामान
गढ़वा : गढ़वा जिला के धुरकी थाना क्षेत्र शारदा गांव के कोइरीटोला में मिट्टी का चाल धसने से तीन बच्चों की मौत हो गई। घटना बुधवार की शाम की है।मृत बच्चों में राजेश राम की दो पुत्री सुप्रियो कुमारी 11 वर्ष, प्रीतिया कुमारी 10 एवं सीताराम रविदास के नाती रामआशीष राम के नाम शामिल हैं।
सभी बच्चे खेलने के लिये घर से निकले थे। लेकिन शाम को जब घर नहीं आये बच्चे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। बाद में पता चला कि सभी बच्चे मिट्टी में दबे हुये हैं।मौत होने की खबर मिलने के बाद गांव में कोहराम मच गया। परिजनों के चीख पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विनोद कुमार ने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर ग्रामीणों के सहयोग से मिट्टी हटाकर शव को बाहर निकाला।उधर घटना की सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य नन्दगोपाल यादव, मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र राम, अखलेश राम, रामेश्वर राम सहित बड़ी सख्या में लोगों ने घटना स्थल पर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दे रहे थे। समाचार लिखे जाने तक शव घटना स्थल पर ही पड़ा हुआ है ।
नीतीश कुमार ने बिहार मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के शपथ ग्रहण पूरा होने के बाद बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी वहां मौजूद थे। अमित शाह के आवास पर शाम में तीनों नेता एक साथ बैठे। इस दौरान बिहार में चल रहे विकास कार्यों आदि पर बातें हुईं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
बंगाल चुनाव के बाद केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होगी जेडीयू
बिहार में भाजपा के मंत्रियों की संख्या जेडीयू से दो अधिक है । ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार भाजपा के ज्यादा विधायक जीतकर आए हैं । लेकिन ट्विस्ट ये है की जेडीयू अब मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होगी । जेडीयू से एक केन्द्रीय मंत्री और एक राज्य मंत्री बनाया जाएगा । बंगाल चुनाव के बाद मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा । इसी विषय पर नीतीश, जेपी नड्डा और अमित शाह के बीच चर्चा हुई ।
19 से बिहार विधानसभा का बजट सेशन
सीएम नीतीश ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘मुझे बिहार चुनाव के बाद ही आकर मिलना था, उसी को लेकर आए हैं। कोरोना महामारी का दौर चला, उसके पहले ही हम यहां आए थे। अब जब सब हालात सामान्य हो रहे हैं, तो आने-जाने की शुरुआत हो गई है। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार पर उन्होंने कहा कि कार्यक्रम सही से संपन्न हो गया है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। बजट सत्र 19 फरवरी से शुरू होगा।
पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय झारखंड की हेमंत सरकार पर अचानक से हमलावर हो गए हैं । एक के बाद एक ट्वीट के जरिए उन्होंने सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं । खान सचिव से लेकर वन विभाग के सचिव तक उनके निशाने पर रहे ।
रामेश्वर उरावं पर हमला
झारखंड के वित्त मंत्री सह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरावं ने हाल में बाहरी-भीतरी मुद्दे को एक बार फिर हवा देने की कोशिश की है । पहले उन्होने मारवाड़ी और बिहारी को आदिवासी जमीन काशलूटेरा बताया फिर उन्होने “दोना देबे, कोना नी देबे” अर्थात खाना देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे का नाारा दिया ।रामेश्वर उरावं पर पलटवार करते हुए सरयू राय ने लिखा -” पराक्रमी अपनी हिम्मत और हुनर से, धैर्य और आत्म विश्वास से, खून और पसीना से, वसुधैव कुटुम्बकम् और परस्परानुकुलता की भावना से दुनिया के नक़्शे पर सम्मानजनक स्थान बना लेते हैं, धरती को स्वर्ग बना देते हैं. कोना और दोना का रोना नहीं रोते, न किसी का मोहताज होते हैं”
500 करोड़ का नुकसान कौन भरेगा ?
सरयू राय ने लिखा है -“प० सिहभूम के के एक डीसी के ग़ैरक़ानूनी आदेश से सरकार को ₹500 करोड़ का नुक़सान हुआ. डीसी ने 2012 में डीएमओ को अनधिकृत आदेश दिया कि ओएमएम द्वारा 2009-11 में किये गये ₹12 लाख टन लौह अयस्क के अवैध खनन को इसके2013-15 के स्टॉक से एडजस्ट कर लें.डीएमओ ने कर दिया.₹500 करोड़ कौन देगा?”
खान सचिव पर सवाल
सरयू राय ने सीएम हेमंत सोरेन से खान सचिव के गलत आदेश पर रोक लगाने की मांग की है । इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है । सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की कॉपी नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं ।
सरयू राय ने लिखा है – “खान सचिव का ग़लत आदेश रोकें. सर्वोच्च न्यायालय ने 6.1.2021 को मुक़दमा संख्या 114/2014 के निर्णय में बता दिया है कि रद्द/परिसमाप्त लौह अयस्क खदानों का शेष स्टॉक किस तरह बेचा जायेगा. यह निर्णय पूरे देश में लागू होगा. मेरी बात सही साबित हुई.”
वन विभाग के अतिरिक्त सचिव को हटाने पर सवाल
सरयू राय ने वन विभाग के अतिरिक्त सचिव को अचानक हटा दिए जाने की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं । उन्होने ट्वीट कर पूछा है कि ” झारखंड बिहार से अलग हुआ तो वाल्मीकि टाईगर रिज़र्व में 3 बाघ थे । पलामू टाईगर रिज़र्व में दर्जन भर थे । आज बाल्मिकी में 17 बाघ हैं, पलामू में शून्य । साल भर में यहाँ एक बाघिन,कई हाथी-गौर-सांभर-चितल मरे या मारे गये हैं । ऐसा ही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पीटीआर की अधिसूचना रद्द करनी पडे ।
उन्होने सीएम हेमंत सोरेन से मांग की है कि पलामू टाईगर रिज़र्व का विशेष अंकेक्षण सीएजी से कराइये । पता चलेगा खर्च कहाँ/कैसे हुये हैं ? पदस्थापन किस आधार पर हुये हैं ? वन्यजीव के जानकारों को यहाँ क्यों पदस्थापित नहीं रहने दिया जाता ? वन्य जीव संरक्षण अधिनियम को विगत 10 वर्षों में कितना लागू किया गया है ?
वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुछ महीनों में ही हटा दिये गये. क्या प्रवर्तन निदेशालय (ED) की नोटिस और इस पर इनके द्वारा त्वरित कार्रवाई की पहल किये जाने के फलस्वरूप वन विभाग के निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा इनके विरूद्ध माहौल बनाना इन्हें आनन-फ़ानन में हटा दिये जाने का कारण है ।
अमेरिका के Massachusetts स्थित आर्सेनल कंसल्टिंग (Arsenal Consulting) नाम के डिजिटल फॉरेंसिक फर्म की एक रिपोर्ट मीडिया में लीक हुई है । उस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि भीमा कोरेगांव हिंसा को लेकर सबूतों से छेड़छाड़ की गई है । Arsenal Consulting के डिजिटल फॉरेंसिक टीम का दावा है कि रोना विल्सन के लैपटॉप को हैक कर उसमें हिंसा से जुड़े ऐसे सबूत प्लांट किए गए, जिससे रोना विल्सन का कोई लेना-देना नहीं था। “द वाशिंग्टन पोस्ट” की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रात में रोना विल्सन का लैपटॉप हैक हुआ, उसमें आधी रात को सबूत प्लांट किए गए और सुबह पुलिस ने उन्हीं सबूतों को आधार बनाकर रोना विल्सन को गिरफ्तार कर लिया ।
द वाशिंग्टन पोस्ट (The Washington Post) के दावों में कई पेंच
अमेरिकी अखबार “द वाशिंग्टन पोस्ट” (The Washington Post) ने सबसे पहले आर्सेनल कंसल्टेंट की रिपोर्ट के हवाले से आर्टिकल छापा । हालांकि उसी लेख में ये साफ- साफ लिखा है कि कंपनी ने रोना विल्सन के वकील सुदीप पसबोला (Sudeep Pasbola) के कहने पर रिपोर्ट तैयार की है । मैसाचुसेट्स स्थित डिजिटल फॉरेंसिक फर्म की आर्सेनल कंसल्टिंग की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर ने अपनी गिरफ्तारी से पहले, रोना विल्सन के एक लैपटॉप से घुसपैठ करने के लिए मैलवेयर का इस्तेमाल किया। विल्सन के वकीलों ने अनुरोध कर सरकार से लैपटॉप की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी मांगी । फिर उसी इलेक्ट्रॉनिक कॉपी के आधार पर आर्सेनल कंसल्टिंग ने रिपोर्ट तैयार कर रोना विल्सन के लैपटॉप हैक होने की बात कही ।
कहीं मोदी विरोधी घोर वामपंथी लॉबी ने रिपोर्ट तो नहीं बनवाई?
बड़ा सवाल ये है कि आर्सेनल कंसल्टिंग की फॉरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश होने से पहले मीडिया में कैसे लीक हो गई । द वाशिंग्टन पोस्ट में लेख की सह लेखिका दिल्ली में रहने वाली Niha Masih खुद ईसाई है और लंम्बे अर्से से रोना विल्सन की रिहाई के कैंपेन में शामिल रही हैं । Niha Masih के ट्विटर अकाउंट (@NihaMasih) पर जाने के बाद पता चलता है कि वो लगातार मोदी सरकार के फैसलों के खिलाफ लिखती रही हैं । उन्होने तो यहां तक लिखा की डाढी बढ़ाए हुए नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इमेज प्रॉब्लम का शिकार होना पड़ रहा है । जिस तरह बरखा दत्त वाल स्ट्रीट जनरल में लगातार मोदी सरकार के खिलाफ लिख रही हैं, जिस तरह वीर सांघवी लगातार सीएनएन में मोदी सरकार के खिलाफ आर्टिकल लिख रहे हैं, जिस तरह सुहासिनी हैदर अमेरिका की अलग- अलग पत्र पत्रिकाओं में “भारत के अंदर ऊपजे असंतोष और भेदभाव” पर लेख लिख रही हैं उसी तरह निहा मसीह भी वाशिंग्टन पोस्ट में लगातार लेख लिखती रही हैं ।
भीमा कोरेगांव हिंसा के बाद रोना विल्सन को अरेस्ट कर ले जाती पुलिस (फाइल)
म्यांमार (बर्मा) पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों की जानकारी देते अमेरिकी राष्ट्रपति
म्यांमार के जो सैनिक अधिकारी वहां सैन्य तख्तापलट में शामिल हैं उनके तमाम बिजनस, उनके बैंक खाते, उनके परिवार और रिश्तेदारों के तमाम कारोबार और बैंक खातों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाता है । और हमने इस बैन के लिए आदेश (executive order) जारी कर दिया है । इस बात की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने की । उन्होंने कहा कि आज इसी वक्त से अमेरिका और उसके मित्र देश म्यांमार के सैन्य शासकों से तमाम आर्थिक और कूटनीतिक संबंध खत्म करते हैं और ये प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक वहां के लोकतांत्रिक नेताओं को रिहा नहीं किया जाता ।
सेना की गोली से छात्रा की मौत के बाद प्रदर्शन तेज
इस बीच न्यूज एजेंसी रायटर्स ने खबर दी है कि नेपिता मेेें प्रदर्शन मेें शामिल 19 वर्ष की छात्रा म्या थ्व्वाटे थ्ववाटे खाइंग ( Mya Thwate Thwate Khaing) की की मौत सेना की गोली से हो गई । उसके सिर मेेें पीछे से तब गोली मारी गई जब वो अपने पिता के साथ ग्रॉसरी स्टोर से लौट रही थी । छात्रा की मौत की खबर के बाद पूरे देेश मेेें विरोध प्रदर्शन तेेज हो गए ।
सेना ने अस्पतालों पर कब्जा जमाया
सेना ने उन अस्पतालों पर कब्जा जमा लिया है जिनमें प्रदर्शनकारियों का इलाज चल रहा था । सेना केशविरोध में म्यांमार की लोकल पुलिस भी प्रदर्शनकारियों के साथ जा मिली है ।सुरक्षा बलों द्वारा अपदस्थ नेता आंग सान सू की राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय पर छापा भी मारा गया।
भारत के आंतरिक मामलों में लगातार दखल देने के बाद…..भारत में चल रहे किसान आंदोलन को बिना मांगे समर्थन देने के बाद…..भारत को मानवाधिकार का पाठ पढ़ाने के बाद….कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (@JustinTrudeau) ने भारत से मदद मांगी है । जस्टिन ट्रूडो ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (@narendramodi) को फोन कर जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन कनाडा को देने का आग्रह किया है । इस बात की जानकारी खुद भारत के प्रधानमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”मेरे मित्र जस्टिन ट्रूडो का फोन आया इससे खुशी हुई. मैंने आश्वस्त किया कि भारत कनाडा द्वारा मांगे गए कोरोना टीकों की आपूर्ति को सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी कोशिश करेगा. हम जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक सुधार जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग जारी रखने पर भी सहमत हुए.”
कनाडा को मजबूर होकर मांगनी पड़ी मदद
कनाडा ने तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ भारत में चल रहे किसानों के प्रदर्शन का समर्थन किया था । जस्टिन ट्रूडो ने कहा था, “कनाडा दुनिया में कहीं भी किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा रहेगा.”
इतना ही नहीं कनाडा के प्रधानमंत्री ने भारत की फार्मा इंडस्ट्री पर भी सवाल खड़े किए थे । अब उनके मदद मांगने पर सोशल मीडिया पर खूब मजाक उड़ रहा है ।
कोडरमा। जिले में फर्जी तरीके से जमीन का मुआवजा निकासी का मामले की जांच कराने को लेकर आज टीम का गठन किया गया है जहां वे जांच कर पूरी रिपोर्ट डीसी रमेश घोलप को जांच रिपोर्ट सौपेंगे। ज्ञात हो कि भाजपा जिला अध्यक्ष नितेश चन्द्रवँशी पर आरोप लगा था कि फर्जी तरीके से जमीन का मुआवजा हासिल किया गया। जिसमें यह भी कहा गया था कि जमीन के मुआवजा मूल मालिक को नहीं देकर किसी और को दे दिया गया है। जिसके बाद डीसी ने जांच टीम अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में बनाया है. जो फर्जी तरीके से की गई मुआवजा निकासी की जांच करेगा। आपको बता दें कि यह जमीन जो राँची-पटना रोड बनाने के लिए आधा डीसमील जमीन सरकार द्वारा अधिग्रहण किया गया था. जिसके लिए मुआवजा मूल मालिक को ना देकर, किसी केवालादार और नितेश चन्द्रवंशी को दे दिया गया। इस बाबत वरुण कुमार सिंह, पिता स्वर्गीय देवेन्द्र सिंह, ग्राम गुमो झुमरी तिलैया ने एक परिवाद पत्र से गोविंद सिंह, पिता धनी सिंह के नाम से खाता नंबर-59, प्लॉट नं. 696 की जमीन का जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा नितेश चंद्रवंशी (भाजपा जिलाध्यक्ष) को फर्जी तरीके से मुआवजा देने का आरोप लगाया है।
जमीन किसी की, मुआवजा किसी और को कैसे ?
परिवादी द्वारा परिवाद पत्र में यह उल्लेख किया है कि, प्रश्नगत भूमि दिनांक 26-12-1978 को केवाला संख्या 9006 के माध्यम से प्राप्त है, जिस पर दाखिल खारिज करवाकर सरकारी मालगुजारी रसीद निगत होता चला आ रहा है. परन्तु उसी जमीन को नारायण राम व बद्री राम दोनों को पिता स्व. तालो राम एवं राजु राम पिता- स्व. नारायण राम गुमो निवासी नितेश चन्द्रवंशी, पिता-नारायण राम को फर्जी तरीके से एक साजिश के तहत बिक्री किया गया है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि प्रश्नगत भूमि पंजी-॥ में उनके दादा गोविन्द सिंह के नाम से दर्ज है।
जांच टीम में कौन-कौन है शामिल?
जिले के चर्चित जमीन के मुआवजे के मामले की जांच के लिए डीसी रमेश घोलप के निदेशानुसार गठित टीम में अपर समाहर्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अवर निबंधक, अंचल अधिकारी कोडरमा को रखा गया हैं। उपायुक्त ने जांच दल को निर्देश दिया है कि, परिवाद पत्र में वर्णित बिन्दुओं के आलोक में प्रश्नगत भूमि की स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच की जाए. उसके बाद सुस्पष्ट मंतव्य सहित संयुक्त जांच प्रतिवेदन एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
★ शिलान्यास के 15 महीने बाद मार्च लूट के मद्देनजर टूटी है ठीकेदार की नींद
[संजय शरण] गिरिडीह/ बेंगाबाद : बेंगाबाद –चतरो पथ के राइडिंग क्वालिटी में सुधार कार्य का शिलान्यास के 15 माह बीत गये। इस दौरान क्षेत्र के लोग ठीकेदार को ढूंढते रहे लेकिन उसका कंही आता पता नही मिला। थक हार कर लोग उसी उबड़ खाबड़ सड़क पर जान जोखिम में डाल आवागमन करने को बाध्य रहे। अचानक उक्त कार्य के ठीकेदार की नींद टूट गयी और संबंधित ठेकेदार रात के अंधेरे में राइडिंग क्वालिटी में सुधार का कार्य आगामी मार्च माह को देखते हुए शुरू कर दिया। लेकिन कार्य की गुणवत्ता इतनी घटिया क्वालिटी की हो रही है कि स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे है। कार्य की क्वालिटी इतनी घटिया रही कि रात के अंधेरे में किए गए कार्य का चिप्स भोर होते ही तितर-बितर हो गया। ठीकेदार की इस लीपापोती कार्य को देख स्थानीय लोग इसे मार्च लूट का हिस्सा बताने पर तुले है। स्थानीय लोग मुखर होकर ठीकेदार के कार्य का विरोध कर रहे है।
गौरतलब है कि पथ निर्माण विभाग पथ प्रमंडल गिरिडीह द्वारा बेंगाबाद-चतरो पथ जीरो किलोमीटर से 27.7 किलोमीटर तक राइडिंग क्वालिटी में सुधार कार्य का शिलान्यास बीते 23 अक्टूबर 2019 को तत्कालीन राजस्व भूमि सुधार कला संस्कृति खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अमर कुमार बाउरी के हाथों बेंगाबाद चौक पर किया गया था।
योजना का शिलापट्ट
शिलान्यास के 15 माह बीतने के बाद भी सड़क में बने गड्ढे यथावत रहे। विगत 2 दिनों से ठेकेदार की तंद्रा भंग हुई और मार्च के मद्दे नजर बेंगाबाद चौक पर बने गड्ढे को भरकर लीपापोती की जा रही है ।हालांकि कार्य की गुणवत्ता पर स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है और यही वजह है कि सोमवार की रात किए गए कार्य का चिप्स तितर-बितर हो गया। इसके बाद स्थानीय दुकानदारों के शिकायत पर मंगलवार की शाम पुनः गड्ढे को भर दिया गया। बताते चलें कि बेंगाबाद से पारडीह मोड़ तक पथ में सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिससे आवाजाही में आम नागरिकों को काफी परेशानी हो रही है।
हजारीबाग। जिले के कई क्षेत्रों में इन दिनों गजराज का तांडव जारी है। आए दिन इनके कोप का शिकार कई प्रखंडों के ग्रामवासी बन रहे हैं। बुधवार की देर शाम को हाथियों का झुंड एनएच 33 से गुजरते देखे गए। गजराजों के इस झुंड में इनकी संख्या 22 बताई जा रही है।
गजराजों का यह झुंड केरेडारी, बड़कागांव होते हुए चरही घाटी की ओर चल पड़े हैं। इसके चलते एनएच 33 पर दोनों ओर से गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है। चरही थाना पुलिस, रामगढ़ वन प्रमंडल और हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के वनकर्मियों ने देर रात तक चरही घाटी से हाथियों के झुंड को पार कराने में जुटें हैं।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन द्वारा जाम हटाया नहीं गया था। बतातें चले कि मंगलवार की रात चरही सरवाहा के टोला शानुकोचा गांव में दो घरों को ध्वस्त कर घरों में रखे अनाज को चट कर डाला। साथ ही फसलों को रौंद डाला था।
देखें: चरही के नेशनल हाइवे को कैसे पार कर रहा हाथियों का झुण्ड
धुरकी प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रका मामला
गढ़वा में विलुप्तप्राय कोरवा आदिम जनजाति की चार महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन से पहले इन महिलाओं के पति के नाम के आगे कोरवा शब्द को हटा दिया गया था। जिले में कोरवा जनजाति की महिलाओं के ऑपरेशन का यह मामला धुरकी प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया है। विलुप्ति की कगार पर होने के कारण इस जनजाति की महिलाओं के बंध्याकरण पर पाबंदी है।
ऑपरेशन से पहले सुनिता देवी का आधार कार्ड लिया
धुरकी के खाला गांव की कोरवा महिला सुनिता देवी का बंध्याकरण 23 दिसंबर, 2020 को किया गया। सुनिता बताती है कि ऑपरेशन कराने के लिए सहिया उसके पास आई थी। उसने अस्पताल बुलाया था। धुरकी सीएचसी जाने पर वहां उसका बंध्याकरण ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन से पहले उसका आधार कार्ड लिया गया। आधार कार्ड में उसके पति का नाम रामदास कोरवा दर्ज है लेकिन ऑपरेशन के लिए जो कागज बना उसमें पति का नाम रामनाथ राम कर दिया गया।
सुमन कोरवा की पत्नी दुर्गा का भी कर दिया बंध्याकरण
धुरकी सीएचसी में ही चिनिया प्रखंड के डोल गांव के सुमन कोरवा की पत्नी दुर्गा देवी का भी बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया। इसके अलावा धुरकी के शुरू गांव की कोरवा महिला सुनैना देवी और खुटिया गांव की रिंकी देवी का भी बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया है।
विधायक ने उठाया मामला
18 जनवरी को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी कमेटी (दिशा) की बैठक में भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भानु प्रताप शाही ने जिले में कोरवा महिलाओं के बंध्याकरण ऑपरेशन का मामला उठाया। विधायक ने इस पूरे मामले को चिंताजनक बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि आदिम जनजातियों की संख्या लगातार कम हो रही है। इस कारण उनके परिवार नियोजन पर पाबंदी है। दिशा की बैठक में विधायक ने मामला उठाया था। इसके बाद जांच के लिए कमेटी बनाई गई। जांच रिपोर्ट में बंध्याकरण ऑपरेशन की पुष्टि होती है तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
स्वेच्छा से कराया ऑपरेशन: सीएस वहीं इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ. दिनेश ने बताया कि
“चार कोरवा जनजाति की महिला का बंध्याकरण ऑपरेशन करने का मामला प्रकाश में आया था तो उसकी जांच कराया गई। जांच में पाया गया कि महिलाएं आदिम जनजाति की ही थीं। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने स्वेच्छा से ऑपरेशन कराया है। ऑपरेशन के दौरान महिलाओं ने कोरवा आदिम जनजाति से होने की जानकारी भी नहीं दी थी।”
लातेहार । पुलिस अधीक्षक प्रशांत आनंद को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने टीपीसी के सब जोनल कमांडर नरेश गंझू उर्फ़ रविकांत गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने नरेश गंझू की निशानदेही पर भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया है। पुलिस के पूछताछ के दौरान संगठन के बारे में कई अहम जानकारी हाथ लगी है। मिली जानकारी को गुप्त रखकर पुलिस अग्रेतर कार्रवाई कर रही है।
एसपी प्रशांत आनंद ने प्रेसवार्ता कर बताया कि गिरफ्तार टीएसपीसी संगठन के सब-जोनल कमांडर रविकांत गंझू उर्फ नरेश गंझू आक्रमण जी के टीम में रहकर उग्रवादी हिंसा को अंजाम दिया करता था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी लातेहार जिला के साथ – साथ सीमावर्ती जिला चतरा के कई थानों में उग्रवादी हिंसा को अंजाम दे चुका है। जिसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था।
एसपी ने बताया कि इस अभियान एएसपी विपुल पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर बालूमाथ थाना क्षेत्र जिद्दी मोड़ के जंगल से टीएसपीसी संगठन के सब-जोनल कमांडर रविकांत गंझू उर्फ नरेश गंझू को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
वहीं गिफ्तार उग्रवादी के निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। जिसमें बरामद हथियार में 6 राइफल, 1 पिस्टल, 1 देशी कट्टा, 597 जिन्दा कारतूस व दो मोबाइल शामिल है। इस मौके पर अभियान एएसपी विपुल पांडेय ,बालूमाथ डीएसपी अजीत कुमार, बालूमाथ थाना प्रभारी राणा भानु प्रताप सिंह, एसआई नीलेश कुमार समेत कई सशत्र पुलिस बल मौजूद थे।
ग्रामीणों को समझाते बुझाते पुलिस प्रशासन के पदाधिकारी
अधेड़ को हाइवा ने कुचला, गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम
चालक को मारने की जिद पर अड़े लोग, पुलिस ने रोका तो बरसाए पत्थर ………………………………….
भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने की हवाई फायरिंग
उज्जवल दुनिया संवाददाता/ गीतांजलि
सिमरिया। जिले के हंटरगंज प्रतापपुर रोड स्थित भीमडाहा गांव के समीप बुधवार को एक हाईवा ने एक वृद्ध को कुचल दिया। मौके पर ही वृद्ध की मौत हो गई। मृतक का नाम अरविंद दास है और वह गेन्जना गांव का रहने वाला था। घटना उस समय घटा जब अरविंद दास राजमिस्त्री का काम करने के लिए भीमडाहा गांव आए हुए थे। इसी दौरान हाईवा ने इन्हें कुचल डाला। अरविंद दास का शरीर पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया है।
घटना के बाद चालक हाईवा को रोड़ पर छोड़कर जंगल की ओर भागने लगा। लोगों ने पीछा कर उसे धर दबोचा और उसे अपने कब्जे में कर एक घर में बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बरामद किया। पुलिस चालक को थाना लेकर जा रही थी। इसी दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी का घेर लिया और पुलिस के हिरासत से चालक को अपने कब्जे में लेना चाहा। पुलिस ने ग्रामीणों को रोका तो ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस गाड़ी पर लाठी डंडे चलाने लगे और पथराव करने लगे। इस दौरान पुलिस के साथ मारपीट भी किया गया। ग्रामीणों के उग्र मिजाज और चालक की जान को खतरा को देखते हुए पुलिस को आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करना पड़ा। जिसके बाद भीड़ गायब हो गई और चालक को थाना में सुरक्षित पहुंचाया गया।
आक्रोशित ग्रामीण सड़क को शव के साथ सड़क को जाम कर दिया। थाना प्रभारी राजीव रंजन, बीडीओ मनोज कुमार, सीओ मिथिलेश कुमार घटनास्थल पर ग्रामीणों को समझाने बुझाने का काम करते रहें। इनके द्वारा जाम को हटाने का प्रयास किया गया। लेकिन आक्रोशित ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। एसडीपीओ अविनाश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों के सहयोग से करीब 4 घंटे बाद जाम को हटवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
आश्वासन के बाद हटा जाम
सड़क जाम किए आक्रोशित ग्रामीण हंटरगंज बाजार की तरह पांडेपुरा क्षेत्र में भी सुबह सात से शाम सात बजे तक नो एंट्री लगाने, मृतक की पत्नी को आवास, राशन कार्ड, मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी, मृतक के परिजन को 15 लाख रुपए देने, मृतक की पत्नी के नाम से जन वितरण दुकान आवंटित करने, सहित अन्य कई मांग कर रहे थे। एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी और पुलिस इंस्पेक्टर मृतक के परिजनों को हर संभव सरकारी मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। मृतक के पत्नी के नाम से जन वितरण दुकान, आवास, इंसुरेंस का लाभ प्रक्रिया के तहत दिलवाने का आश्वासन दिया। तत्काल एसडीपीओ ने निजी तौर पर शोकाकुल परिवार को 5 हजार नगद राशि का सहयोग किया। साथ ही सीओ के द्वारा मृतक के परिजनों को अनाज उपलब्ध कराया गया। पुलिस प्रशासन के द्वारा हर संभव सहयोग मृतक के परिजनों को करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही पुलिस ने ग्रामीणों से अनुरोध किया कि कानून को अपने हाथ में ना लें। ऐसे विषम परिस्थितियों में पुलिस प्रशासन का सहयोग कर पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करें। ग्रामीणों के द्वारा पुलिस के साथ किए गए बदसलूकी का सामाजिक लोगों ने तीव्र भर्त्सना किया। साथ ही क्षेत्र के लोगों की ओर से गलती का एहसास भी किया।
एडीजी अनुराग गुप्ता मामले में हाइकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई । दरअसल अनुराग गुप्ता ने हाइकोर्ट में अपील दायर करते हुए कहा था कि उनके निलंबन को एक साल होने जा रहा है। इसके अलावा उनके मामले में एफआईआर भी काफी देर से दायर की गई। लिहाजा उनका निलंबन रद्द किया जाए । इसपर हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। राज्य सरकार को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने है ।
क्या है पूरा मामला ?
साल 2016 में झारखंड में रघुवर दास की सरकार थी। इसी दौरान राज्यसभा चुनाव हुए । आरोप है कि उस राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश की गई । तत्कालीन एडीजी अनुराग गुप्ता, रघुवर दास के मीडिया सलाहकार अजय कुमार और खुद रघुवर दास ने विपक्षी विधायकों से खरीद-फरोख्त की कोशिश की। इस दौरानबड़कागांव से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक योगेन्द्र साव ने स्टिंग की सीडी भी जारी की थी। उसी आधार पर रांची के जगन्नाथपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई । बाद में झारखंड की सत्ता बदलने के बाद हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने। उन्होने अनुराग गुप्ता को सस्पेंड कर दिया।
हाइकोर्ट में क्या हुआ ?
जस्टिस आनंदा सेन की अदालत में सुनवाई के दौरान अनुराग गुप्ता की ओर से अदालत को बताय़ा गया है कि इस मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी काफी देर से दर्ज की गई है । उन्होंने बताया कि उनके निलंबन को भी लगभग एक साल होने वाला है । उन्हें इस वाद में राहत दी जाए । जस्टिस आनंदा सेन की अदालत ने कहा कि यह जमानतदार मामला है । वादी भी पुलिस बेल पर है । ऐसे में अंतरिम राहत की कोई जरूरत नहीं है ।