Saturday 4th of July 2026 07:27:40 AM
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नए कृषि कानून से हैं किसानों को कई नुकसान

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ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने में जुटे कांग्रेसी

चौपारणकृषि बिल के विरोध में आगामी 20 फरवरी को जिले में आयोजित होने वाली राज्यस्तरीय ट्रैक्टर रैली सह किसान सम्मेलन को सफल बनाने के लिए बतौर मुख्य अतिथि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख सोमवार को चौपारण पहुंचे। कृषि मंत्री ने लोगों को नए कृषि कानून से होने वाले नुकसानों को समझाया। इस दौरान किसानों से अपील किया कि इस बिल को वापस करवाने में एक जुट होकर आंदोलन में डटे किसानों को समर्थन देकर आंदोलन को और धारदार बनाएं।

20 फरवरी को होने वाले ऐतिहासिक ट्रैक्टर रैली सह किसान सम्मेलन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पंचायती राज्य प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष जयशंकर पाठक, बरही विधायक उमाशंकर अकेला यादव, रामगढ़ विधायक ममता देवी, जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह ने संबोधित किया।

किसानों की समस्याओं का हो समाधान: उमाशंकर अकेला

बरही विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने कहा कि किसानों की बहुत समस्याएं हैं। नदियों में पानी नही हैं। उन्होंने नदियों पर बांध बनाए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि खेतों के लिए लिफ्ट एरिगेशन की व्यवस्था किया जाए। उन्होंने कहा कि तिलैया डैम का निर्माण 1952 में किया गया। लेकिन पानी की व्यवस्था हमलोगों के पास नही हैं। बरकार नदी के किनारे अनेक पंचायत हैं जिसमें बांध बना कर सिंचाई की व्यवस्था की जा सकती है। चौपारण में एक भी सरकारी कॉलेज नही हैं। और ना ही महिला कॉलेज है। इसकी व्यवस्था करने की मांग की। आदिवासियों को पट्टा दिया जाए और भुईयां समाज के लोग भी भूमिहीन है उनको भी जमीन का पट्टा देने की मांग की। इस दौरान रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि जय जवान जय किसान का नारा लालबहादुर शास्त्री ने दिया था। किसान देश के लिए अन्न उपजाते हैं और जय जवान देश की रक्षा और सुरक्षा करते हैं।

देश को नफरत और घृणा के माहौल से बचाने के लिए कांग्रेस के साथ आएं

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कांग्रेस के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते रामेश्वर उरावं

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने लातेहार में पार्टी सदस्यता अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा कि पार्टी का मानना है कि समान विचाराधारा वाले व्यक्तियों के साथ आने यह सही समय है। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई है कि कांग्रेस भारत को घृणा और भेदभाव के जहर से बचाने का विचार रखने वाली पार्टी है, यह देश की अखंडता, एकता और सदभावना को समृद्ध करने का विचार रखने वाली पार्टी है। यह किसानों, गरीबों और बेरोजगारों के लिए आवाज उठाने वाली पार्टी है।

सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 135 साल पुरानी पार्टी है और इसकी जड़ें गांव गांव में फैली हुई है । हम चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी इस क्षेत्र में अपना परचम लहराये। उन्होंने कहा मुझे पूरा विश्वास है कि लातेहार में कांग्रेस पार्टी सबसे अधिक सदस्य बनाने का काम करेगी

इस अवसर पर सदस्यता प्रभारी आलोक कुमार दूबे ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस समय इन्हें प्रदेश का नेतृत्व दिया गया था, पार्टी बिखरी हुई थी। चार-चार पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने पार्टी छोड़ दी थी, कार्यकर्त्ता हतोत्साहित हो गये थे,ऐसे में चुनाव पर सिर पर था, डॉ0 रामेश्वर उरांव ने पार्टी को मजबूती प्रदान करते हुए कार्यकर्त्ताओं को संगठित किया और 20 वर्षों में पहली बार एक मजबूत शक्ति के रूप में पार्टी उभरकर सामने आयी।

देश को नफरत और घृणा के माहौल से बचाने के लिए कांग्रेस के साथ आएं

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कांग्रेस के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते रामेश्वर उरावं

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने लातेहार में पार्टी सदस्यता अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा कि पार्टी का मानना है कि समान विचाराधारा वाले व्यक्तियों के साथ आने यह सही समय है। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई है कि कांग्रेस भारत को घृणा और भेदभाव के जहर से बचाने का विचार रखने वाली पार्टी है, यह देश की अखंडता, एकता और सदभावना को समृद्ध करने का विचार रखने वाली पार्टी है। यह किसानों, गरीबों और बेरोजगारों के लिए आवाज उठाने वाली पार्टी है।

सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 135 साल पुरानी पार्टी है और इसकी जड़ें गांव गांव में फैली हुई है । हम चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी इस क्षेत्र में अपना परचम लहराये। उन्होंने कहा मुझे पूरा विश्वास है कि लातेहार में कांग्रेस पार्टी सबसे अधिक सदस्य बनाने का काम करेगी

इस अवसर पर सदस्यता प्रभारी आलोक कुमार दूबे ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस समय इन्हें प्रदेश का नेतृत्व दिया गया था, पार्टी बिखरी हुई थी। चार-चार पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने पार्टी छोड़ दी थी, कार्यकर्त्ता हतोत्साहित हो गये थे,ऐसे में चुनाव पर सिर पर था, डॉ0 रामेश्वर उरांव ने पार्टी को मजबूती प्रदान करते हुए कार्यकर्त्ताओं को संगठित किया और 20 वर्षों में पहली बार एक मजबूत शक्ति के रूप में पार्टी उभरकर सामने आयी।

माओवादियों ने तीन गोलियां दाग की ग्रामीण की हत्या

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इंदल के दस्ते ने युवक को उतारा मौत के घाट
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चौपारण पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हजारीबाग
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मामले की जांच-पड़ताल करने में जूटी हैं पुलिस
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चौपारण। माओवादियों ने तीन गोलियां दाग की एक ग्रामीण की हत्या। इस घटना को माओवादी नक्सली इंदल के दस्ते के द्वारा अंजाम देने की बात खुलकर सामने आ रही है। बताते चलें कि चौपारण प्रखंड के अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित ग्रामपंचायत दैहर के ग्राम दुरागढ़ा है। जहां कारु उर्फ रितेश पासवान की रविवार की रात में माओवादी के जोनल कमांडर इंदल के दस्ते के लगभग एक दर्जन की संख्या में गांव पहुंच कर रितेश पासवान को गोली मारकर हत्या कर दी। जिससे उसकी मृत्यु घटना स्थल पर ही हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से रितेश पासवान दैहर में घर बना कर परिवार के साथ रह रहा था। रितेश पासवान उर्फ कारु पासवान, पिता लखन पासवान उर्फ लेखा पासवान मूल रूप से बिहार राज्य के गया जिले के बोंगिया, थाना मोहनपुर के रहने वाला था। इधर घटना की सूचना मिलते ही चौपारण पुलिस एवं चोरदहा स्थित कोबरा 205 की टीम घटना स्थल पर पहुंची। चौपारण पुलिस ने लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया है। इस मामले की बरही डीएसपी मनीष कुमार, थाना प्रभारी बिनोद तिर्की गहनता से जांच पड़ताल कर रहे हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर चौपारण थाना प्रभारी विनोद तिर्की ने कहा कि अभी इस मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना को माओवादी नक्सलियों ने अंजाम दिया है। अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है।

स्वच्छ भारत मिशन के 700 कर्मियों की नौकरी खतरे में, सरयू राय को सौंपा ज्ञापन

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सरायकेला: झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करने वाले प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर में कार्यरत करीब 700 संविदा कर्मियों की नौकरी खतरे में है। जिसको लेकर स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करने वाले कर्मी अब एकजुट होते हुए दिख रहे है और अपने क्षेत्र के विधायको को ज्ञापन सौपकर नौकरी से न हटाकर सेवा बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर सोमवार को कोल्हान प्रमंडल के सरायकेला,पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम सिंहभूम जिला के स्वच्छ भारत मिशन के कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय को एक ज्ञापन सौंपा।

700 कर्मियों को नही हटाने की मांग

ज्ञापन सौंप कर इन कर्मियों ने झारखंड में विभिन्न पदों यथा जिला परामर्शी, लेखापाल, कम्प्यूटर ऑपरेटर, प्रखंड समन्वयक एवं सोशल मोबलाईजर के रूप में कार्यरत करीब 700 कर्मियों को नही हटाने की मांग को विधानसभा के पटल पर रखने की मांग की और सभी कर्मियों को दूसरे परियोजनाओं में समायोजित किए जाने अथवा उक्त विभाग या अन्य विभागों की रिक्त नियमित पद पर समायोजित करने की मांग की।

बाह्य स्रोत से रखने की तैयारी, सरकार के नीति के विपरित:अनिल कुमार

स्वच्छ भारत मिशन के एक कर्मी अनिल कुमार ने कहा कि झारखंड में इन पदों पर पूर्व से कार्यरत अनुबंध कर्मी की सेवा बरकरार नहीं रखते हुए नये रूप में बाह्य स्रोत से रखने की तैयारी की जा रही है, जिससे स्पष्ट है पूर्व से कार्यरत 700 कर्मी बेरोजगार हो जाएंगे, जबकि यह कार्रवाई झारखंड सरकार के नीति के विपरित है।

दूसरे परियोजनाओं में समायोजित करने की मांग

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का अविभाजित बिहार से ही यह निर्णय है। कि किसी केन्द्रीय परियोजना के बंद होने की दशा में इन कर्मियों को दूसरे परियोजनाओं में समायोजित किया जाय अथवा उक्त विभाग या अन्य विभागों की रिक्त नियमित पद पर समायोजित किया जाय। वर्तमान में परियोजना बंद भी नहीं हुआ फिर भी नई व्यवस्था के नाम पर कार्यरत कर्मियों को बेरोजगार करना उचित प्रतीत नहीं होता है। उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सेवा में बरकरार रखे जाने की मांग की है।

#Toolkit: निकिता जैकब और दिशा रवि के अलावा भी कई एक्टीविस्ट पुलिस के रडार पर

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निकिता जैकब की फाइल तस्वीर

भारत में Toolkit Scandal के बाद सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर कई लेफ्ट समर्थित एक्टिविस्ट आ गए हैं । दिशा रवि(disha ravi) के बाद अब निकिता जैकब (Nikita Jacob) के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है । इन एक्टिविस्टों पर आरोप है कि इन्होने ट्विटर की भारत विरोधी और भड़काऊ ट्वीट को #toolkit के माध्यम से वायरल किया, जिससे दिल्ली और आसपास के राज्यों में हिंसा और तनाव पैदा हुआ ।

क्या है टूलकिट (Toolkit) Scandal?

टूलकिट’ में ट्विटर के जरिए किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है । दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि और निकिता जैकब सहित सैकड़ों एक्टिविस्टों पर टूलकिट शेयर कर भारत के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया है ।

निकिता जैकब के खिलाफ क्या हैं आरोप

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की माने तो खालिस्तान संगठन से जुड़े ‘पोएट फॉर जस्टिस’ के एमओ धालीवाल ने अपने कनाडा में रह रहे सहयोगी पुनीत के जरिए निकिता जैकब से संपर्क किया था । मकसद ये था कि रिपब्लिक डे के पहले ट्विटर स्टॉर्म करना ।

पुलिस ने बताया कि गणतंत्र दिवस के पहले एक जूम मीटिंग हुई थी । इस मीटिंग में एमओ धालीवाल, निकिता और दिशा रवि के अलावा अन्य लोग भी शामिल हुए थे । एमओ धालीवाल ने कहा था कि मुद्दे को बड़ा बनाना है । इनका मकसद ये था कि किसानों के बीच असंतोष और गलत जानकारी फैलाना है ।

गिरफ्तारी के बाद एक्टिविस्ट दिशा रवि

दिशा रवि का क्या था रोल ?

पुलिस ने दिशा पर भारत के खिलाफ नफरत फैलाने और खालिस्तान-समर्थक समूह ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाया है । ये वही टूलकिट है जो पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी । दिशा रवि और ग्रेटा थनबर्ग एक दूसरे को पहले से जानती थी । दिशा ने ही ग्रेटा थनबर्ग से संपर्क साध कर उन्हें किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट करने के लिए राजी किया । बाद में दिशा रवि और निकिता जैकब जैसे सैकड़ों एक्टिविस्टों ने ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट को #toolkit के माध्यम से वायरल किया ।

दारू के नशे में मोटरसाइकिल चालक ने मारी टक्कर, तीन गंभीर रूप से घायल

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गढ़वा जिला अंतर्गत भंडरिया के जेनेवा ग्राम एनएच 75 सड़क के किनारे खड़े व्यक्ति पर शराब के नशे में बाइक सवार ने मारी टक्कर धक्का लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया आगे बताते चलें कि इस प्रकार से बीते दिनों से ही घटना घटते आ रही है ।

जनेवा निवासी रामबेचन मुंडा पिता रामेश्वर मुंडा ने सड़क किनारे खड़ा था उसी दौरान नशे में धुत मोटरसाइकिल में 2 लोग सवार थे और सीधे आकर रामबेचन मुंडा को मारी टक्कर तथा रामबेचन मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया एवं रामानुजगंज से 108 नंबर एंबुलेंस मंगाकर अस्पताल भिजवा दिया गया बताया जाता है कि मोटरसाइकिल चालक भी बुरी तरह से घायल है जिसका नाम महेंद्र सिंह ग्राम शिलाजी छत्तीसगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है एवं विकास सिंह ग्राम खुरी छत्तीसगढ़ का रहने वाला है जो बाइक के पीछे बैठा था उसे हल्की चोट आया है ।

पूछने पर उन्होंने बताया कि रास्ता भूल जाने के कारण भंडरिया के रास्ते में जाने के क्रम में धक्का लग गया सघन वाहन चेक होने के बावजूद भी नशे की हालत में मोटरसाइकिल चालक अधिकतर मिलते हैं लापरवाही से मोटरसाइकिल चलाते हैं समाचार लिखे जाने तक प्रशासन घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाई थी!

दारू के नशे में मोटरसाइकिल चालक ने मारी टक्कर, तीन गंभीर रूप से घायल

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गढ़वा जिला अंतर्गत भंडरिया के जेनेवा ग्राम एनएच 75 सड़क के किनारे खड़े व्यक्ति पर शराब के नशे में बाइक सवार ने मारी टक्कर धक्का लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया आगे बताते चलें कि इस प्रकार से बीते दिनों से ही घटना घटते आ रही है ।

जनेवा निवासी रामबेचन मुंडा पिता रामेश्वर मुंडा ने सड़क किनारे खड़ा था उसी दौरान नशे में धुत मोटरसाइकिल में 2 लोग सवार थे और सीधे आकर रामबेचन मुंडा को मारी टक्कर तथा रामबेचन मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया एवं रामानुजगंज से 108 नंबर एंबुलेंस मंगाकर अस्पताल भिजवा दिया गया बताया जाता है कि मोटरसाइकिल चालक भी बुरी तरह से घायल है जिसका नाम महेंद्र सिंह ग्राम शिलाजी छत्तीसगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है एवं विकास सिंह ग्राम खुरी छत्तीसगढ़ का रहने वाला है जो बाइक के पीछे बैठा था उसे हल्की चोट आया है ।

पूछने पर उन्होंने बताया कि रास्ता भूल जाने के कारण भंडरिया के रास्ते में जाने के क्रम में धक्का लग गया सघन वाहन चेक होने के बावजूद भी नशे की हालत में मोटरसाइकिल चालक अधिकतर मिलते हैं लापरवाही से मोटरसाइकिल चलाते हैं समाचार लिखे जाने तक प्रशासन घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाई थी!

खलिहान में आग लगने से एक ही परिवार की तीन महिलाओं की जिंदा जल कर हुई मौत

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गिरिडीह: जिले के बिरनी थाना क्षेत्र में एक खलिहान में आग लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जलने से मौत हो गई। घटना बिरनी थाना क्षेत्र के बलगो पंचायत के सलयडीह गांव की है। घटना के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। शव को देख लोग स्तब्ध हैं। वंही परिजनों का रों रो कर बुरा हाल है।

घटना के सम्बंध में मिली जानकारी के अनुसार खलिहान में पुआल से बने झोपड़ी मे सीताराम यादव की 55 वर्षीया माँ मुंद्रिका देवी, 14 वर्षीया बहन गुड़िया व 7 वर्षीया भगिनी झूली सोई थी। इसी दौरान खलिहान में आग लग गई। घटना देर रविवार देर रात की बतायी जाती है। आग लगने के बाद मची चीख पुकार सुन कर मृतक मुंद्रिका के बेटे सीताराम समेत कई ग्रामीण आग बुझाने मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी और तीनों की जिंदा जलने से मौत हो गई।  घटना के बाद पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। काफी संख्या में ग्रामीण खलिहान में पहुंच गये। घटना की सूचना मिलते ही बगोदर के पूर्व विधायक नागेंद्र महतो गांव पहुंच मृतक परिवार से मिल कर उनका ढाढ़स बंधाया और हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया है।

इधर घटना की सूचना मिलते ही बिरनी थाने की पुलिस थाना प्रभारी शर्मानंद सिंह की अगुवाई में घटनास्थल पहुंचकर मामले की तहकीकात में जुट गई है। पुलिस इंस्पेक्टर दिनेश सिंह ने घटना के बावत कहा कि पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। इस दौरान पुलिस ने सभी मृतकों के शव को अपनी अभिरक्षा में ले आवश्यक कागजी कार्रवाई कर पोस्टमार्टम हेतु गिरिडीह भेजने की तैयारी में जुटी है।

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लखनऊ । राजधानी के चर्चित विभूतिखंड इलाके में मोहम्मदाबाद गोहाना के पूर्व जेष्ठ प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपित शूटर गिरधारी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। बताया जा रहा है कि गिरधारी तीन दिन की रिमांड पर लाया गया था। पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की कोशिश में मारा गया। रिमांड के दौरान गिरधारी ने कबूला कुंटू सिंह और सफेदपोश का पूरा कनेक्श बताया था।

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लखनऊ । राजधानी के चर्चित विभूतिखंड इलाके में मोहम्मदाबाद गोहाना के पूर्व जेष्ठ प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपित शूटर गिरधारी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। बताया जा रहा है कि गिरधारी तीन दिन की रिमांड पर लाया गया था। पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की कोशिश में मारा गया। रिमांड के दौरान गिरधारी ने कबूला कुंटू सिंह और सफेदपोश का पूरा कनेक्श बताया था।

बार

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एक हफ्ते के अंदर तीसरी मुलाक़ात

अभी पिछले हफ्ते की ही बात है , कन्हैया कुमार के खिलाफ़ उनकी ही पार्टी ने एक निंदा प्रस्ताव पास किया था…वजह कन्हैया कुमार की अगुवाई में पार्टी के पटना ऑफिस में एक अदने से ऑफिस सेक्रेटरी के साथ बदसलूकी की गयी थी। कन्हैया कुमार से ANI के पत्रकार ने उनका रिएक्शन पूछा तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा-

“वक्त आने पे बता देंगे तुझे हम आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है”

बात आई-गई हो गई । लेकिन पिछले एक हफ्ते के अंदर कन्हैया कुमार और नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी के बीच एक के बाद एक तीन मुलाक़ात ने राजनीतिक पंडितों की पेशानी पर बल ला दिया है । वे पूछ रहे हैं ” क्या ये संभव है” ?

क्या संभव है ? क्या कन्हैया कुमार अपने लिए जेडीयू में एक बेहतर भविष्य देख रहे हैं? उपेन्द्र कुशवाहा और कन्हैया कुमार के साथ जेडीयू के मूल सोंच में बदलाव नहीं आएगा ? क्या नीतीश कुमार भाजपा को वश में करने के लिए एक बार फिर कुछ नई चाल सोच रहे हैं?

कन्हैया कुमार कम्युनिस्ट हैं । क्या एक घोर कम्युनिस्ट नेता को शामिल करा कर नीतीश कुमार भाजपा के साथ सहज रिश्ते रख सकते हैं? पटना में जेडीयू नेता नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं । जब उदय प्रकाश को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित कर सकते हैं, जब भाजपा महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार चला सकती है, जब बंगाल के कम्युनिस्ट नेता और कार्यकर्ता भाजपा का दामन थाम सकते हैं तो कन्हैया कुमार तो बिहार के ही बेटे हैं । वे पढ़े लिखे और संघर्ष करने वाले युवा हैं , वे जेडीयू में क्यों नहीं शामिल हो सकते ?

ये तो जेडीयू की बात है, लेकिन कन्हैया कुमार इस बारे में क्या सोच रहे हैं? क्या कन्हैया अपनी विचारधारा की कीमत पर अपने राजनीतिक करियर बनाना पसंद करेंगे । पटना में भाजपा के एक नेता बताते हैं- “इशरत जहां को सबसे पहले बिहार की बेटी किसने कहा था ?, किसने नरेन्द्र मोदी को खाने का न्योता देकर भोज रद्द किया था ? किसने भाजपा को रोकने के लिए लालू से हाथ मिलाया? ये नीतीश कुमार हैं । अपने मतलब के लिए कुछ भी कर सकते हैं । “

कन्हैया कुमार को सीपीआई का नेतृत्व पसंद नहीं करता

पटना के वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी बताते हैं कि कन्हैया कुमार के रिश्ते सीपीआई के बड़े नेताओं के साथ सहज नहीं हैं । हाल ही में पटना ऑफिस के कार्यालय सचिव के साथ उन्होंने जो मारपीट किया, उसके बाद तो CPI के स्थानीय नेताओं के साथ उनके रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं । हैदराबाद में पोलित ब्यूरो की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हो रहा था तो कन्हैया कुमार वहां मौजूद नहीं थे । उधर कन्हैया कुमार को भी लग रहा है कि सीपीआई का बिहार में राजनीतिक भविष्य नहीं है । वे खुद के लिए बड़ा राजनीतिक प्लेटफार्म चाहते हैं ।

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एक हफ्ते के अंदर तीसरी मुलाक़ात

अभी पिछले हफ्ते की ही बात है , कन्हैया कुमार के खिलाफ़ उनकी ही पार्टी ने एक निंदा प्रस्ताव पास किया था…वजह कन्हैया कुमार की अगुवाई में पार्टी के पटना ऑफिस में एक अदने से ऑफिस सेक्रेटरी के साथ बदसलूकी की गयी थी। कन्हैया कुमार से ANI के पत्रकार ने उनका रिएक्शन पूछा तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा-

“वक्त आने पे बता देंगे तुझे हम आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है”

बात आई-गई हो गई । लेकिन पिछले एक हफ्ते के अंदर कन्हैया कुमार और नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी के बीच एक के बाद एक तीन मुलाक़ात ने राजनीतिक पंडितों की पेशानी पर बल ला दिया है । वे पूछ रहे हैं ” क्या ये संभव है” ?

क्या संभव है ? क्या कन्हैया कुमार अपने लिए जेडीयू में एक बेहतर भविष्य देख रहे हैं? उपेन्द्र कुशवाहा और कन्हैया कुमार के साथ जेडीयू के मूल सोंच में बदलाव नहीं आएगा ? क्या नीतीश कुमार भाजपा को वश में करने के लिए एक बार फिर कुछ नई चाल सोच रहे हैं?

कन्हैया कुमार कम्युनिस्ट हैं । क्या एक घोर कम्युनिस्ट नेता को शामिल करा कर नीतीश कुमार भाजपा के साथ सहज रिश्ते रख सकते हैं? पटना में जेडीयू नेता नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं । जब उदय प्रकाश को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित कर सकते हैं, जब भाजपा महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार चला सकती है, जब बंगाल के कम्युनिस्ट नेता और कार्यकर्ता भाजपा का दामन थाम सकते हैं तो कन्हैया कुमार तो बिहार के ही बेटे हैं । वे पढ़े लिखे और संघर्ष करने वाले युवा हैं , वे जेडीयू में क्यों नहीं शामिल हो सकते ?

ये तो जेडीयू की बात है, लेकिन कन्हैया कुमार इस बारे में क्या सोच रहे हैं? क्या कन्हैया अपनी विचारधारा की कीमत पर अपने राजनीतिक करियर बनाना पसंद करेंगे । पटना में भाजपा के एक नेता बताते हैं- “इशरत जहां को सबसे पहले बिहार की बेटी किसने कहा था ?, किसने नरेन्द्र मोदी को खाने का न्योता देकर भोज रद्द किया था ? किसने भाजपा को रोकने के लिए लालू से हाथ मिलाया? ये नीतीश कुमार हैं । अपने मतलब के लिए कुछ भी कर सकते हैं । “

कन्हैया कुमार को सीपीआई का नेतृत्व पसंद नहीं करता

पटना के वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी बताते हैं कि कन्हैया कुमार के रिश्ते सीपीआई के बड़े नेताओं के साथ सहज नहीं हैं । हाल ही में पटना ऑफिस के कार्यालय सचिव के साथ उन्होंने जो मारपीट किया, उसके बाद तो CPI के स्थानीय नेताओं के साथ उनके रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं । हैदराबाद में पोलित ब्यूरो की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हो रहा था तो कन्हैया कुमार वहां मौजूद नहीं थे । उधर कन्हैया कुमार को भी लग रहा है कि सीपीआई का बिहार में राजनीतिक भविष्य नहीं है । वे खुद के लिए बड़ा राजनीतिक प्लेटफार्म चाहते हैं ।

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लखनऊ । कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए उत्तर प्रदेष गुंडा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब लखनऊ व गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) भी अपराधियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट निरुद्ध करने की कार्रवाई कर सकेंगे। पहले यह अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास निहित था। कैबिनेट ने जिसे अब डीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपने का निर्णय किया है। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने इसके साथ ही 11 अन्य प्रस्तावों को बाई सर्कुलेशन से मंजूरी दी है।

गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 2900 करोड़ का ऋण मंजूर: योगी आदित्यनाथ सरकार अब गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी जल्द शुरू कराना चाहती है। इसको लेकर सरकार का दावा है कि मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित यह एक्सप्रेस-वे देश में सबसे बड़ा होगा।

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लखनऊ । कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए उत्तर प्रदेष गुंडा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब लखनऊ व गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) भी अपराधियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट निरुद्ध करने की कार्रवाई कर सकेंगे। पहले यह अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास निहित था। कैबिनेट ने जिसे अब डीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपने का निर्णय किया है। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने इसके साथ ही 11 अन्य प्रस्तावों को बाई सर्कुलेशन से मंजूरी दी है।

गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 2900 करोड़ का ऋण मंजूर: योगी आदित्यनाथ सरकार अब गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी जल्द शुरू कराना चाहती है। इसको लेकर सरकार का दावा है कि मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित यह एक्सप्रेस-वे देश में सबसे बड़ा होगा।