Govt. Should focus on helping Industries of Jharkhand rather than calling new investors
झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर उद्योगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा की एक ओर मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर उद्योगपतियों को झारखंड में निवेश करने के लिए बुला रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पहले से लगे उद्योग,जिस पर हजारों लोग आश्रित हैं,वे बंद हो रहे।
प्रतुल ने कहा रांची में ओरियंट क्राफ्ट ने इरबा और खेलगांव में दो टेक्सटाइल यूनिट लगाई थी जो 1 साल चलने के बाद अगस्त 2020 में बंद हो गई। कंपनी ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि झारखंड की टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत 1 साल से उसे सब्सिडी नहीं दी गई जबकि कंपनी ने अनेक बार सरकार से गुहार लगाई थी। इन दोनों यूनिटों में के बंद होने से 3500 परिवारों के जीवन यापन पर प्रश्नचिन्ह लग गया। राज्य सरकार इस कंपनी को पुनर्जीवित करने के लिए कोई योजना लेकर नहीं आ रही बल्कि उल्टे इस कंपनी से जमीन वापस ले रही है।
इसी तरह पूर्ववर्ती सरकार में जिन कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई थी और जिनका काम भी आगे बढ़ गया था,उनको राज्य सरकार की तरफ से अपेक्षाकृत मदद नहीं मिल रहा। प्रतुल ने कहा झारखंड में पहले से बंद पड़े रुग्ण उद्योगों को सरकार के द्वारा चालू करने की कोई योजना नहीं है । लेकिन सिर्फ एक हवा हवाई माहौल तैयार करने के लिए सरकार के द्वारा निवेशकों को बुलाने का नाटक किया जा रहा है।
प्रतुल ने कहा कि अगर पहले से निवेश कर चुके उद्योगों के हितों की रक्षा नहीं होगी तो कोई निवेशक झारखंड में किसी भी क्षेत्र में निवेश करने से परहेज करेगा। राज्य सरकार को चाहिए कि वह झारखंड में पहले से निवेश कर चुके निवेशको और यहां लगे छोटे और मध्यम उद्योगों की रक्षा करने हेतु कारगर कदम उठाएं।
NTPC से निकाले जाने के खिलाफ़ धरने पर बैठे संविदाकर्मी
—————————————- सिमरिया/गीतांजलि:-काम शुरू होते ही NTPC ने संविदाकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दरअसल जिन लोगों की NTPC में जमीन चली गयी है उनमें से दो सौ रैयतों को संविदा के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया गया है और यही संविदाकर्मी NTPC के खिलाफ पिछले बीस दिनों से मुआवजा की रकम में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। लगभग बीस दिनों तक काम ठप हो जाने के कारण NTPC को लगभग 35 से 40 करोड रुपए का नुकसान हो गया।इस बात से खफा NTPC प्रबंधन ने प्लांट का काम शुरू होते ही संविदाकर्मियों को अंदर प्रवेश करने से मना कर दिया। इसके बाद क्या था, संविदाकर्मी गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
NTPC के कामकाज में छुटभैये नेता रच रहे चक्रव्यूह
असल मे एनटीपीसी का कहना है कि जिस वर्ष में रैयतों को मुआवजा मिला था, उस समय जमीन की कीमत के हिसाब से लोगों को रकम दी गई थी।मगर अब रैयत वर्तमान वैल्यू के हिसाब से पैसा मांग रहे हैं जो तर्कसंगत नहीं है। बहरहाल NTPC के कामकाज में राजनीति हावी हो गई है। भाजपा ,आजसू के अलावा कई दल के नेता आग में घी डाल कर अपना हाथ सेंक रहे हैं। टंडवा के अलावा अन्य प्रखंड के लोगों का कहना है कि अगर NTPC से बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाती तो चतरा जिले को जीरो कट बिजली मिलती।वैसे NTPC के काम काज में छुटभैये नेताओं के विलेन के रोल निभाने के वजह से 8 हजार करोड़ की लागत वाले NTPC का बजट अब 14 हजार करोड़ पहुंच गया है।
गिरिडीह/धनवार : धनवार पुलिस ने गुरुवार शाम को गुप्त सूचना के आधार पर भारी मात्रा में अवैध नकली शराब ले जा रहे एक ऑटो को जप्त कर ऑटो चालक को न्यायिक हिरासत में गिरीडीह भेज दिया है।
इस सम्बंध में धनवार थाना प्रभारी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए कहा कि गुप्त सूचना मिली थी कि एक लाल कलर का ऑटो से अवैध शराब नावागढ़ चट्टी से ले जाया जा रहा है। जिसके उपरांत त्वरित कार्रवाई कर जाँच की गई तो कबाड़ से भरे एक लाल कलर की ऑटो को माधोपुर से जप्त कर लिया गया।
जब्त किया गया लाल रंग का ऑटो
जाँच के दौरान ऑटो में 7 पेटी में 84 बोतल अंग्रेजी शराब जप्त हुआ है। जिसमें 72 बोतल रॉयल स्टैग, तथा 12 बोतल इंपेरियल ब्लू पाया गया। पूछ-ताछ के दौरान जमुआ थाना क्षेत्र के मिर्जागंज निवासी ऑटो चालक सूरज कुमार गुप्ता पिता संजय प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कबाड़ के आड़ में पिछले कई वर्षों से काम करते आ रहे थे। बताया कि धनवार थाना क्षेत्र के चट्टी निवासी रंजीत साव पिता जीतन नायक के घर से अवैध अंग्रेजी शराब को लेकर मिर्जागंज जमुआ ले जा रहे थे जहां से बिहार भेज जाना था।
छापेमारी के दौरान थाना प्रभारी संदीप कुमार एएसआई सतेंद्र पासवान सहित पुलिस बल के जवान मौजूद थे।
कोडरमा पुलिस को मिली सफलता, बीस हजार के इनामी गिरफ्तार दो साल से था फरार कोडरमा।जिले के झुमरीतिलैया पुलिस को बीस हजार के इनामी को गिरफ्तार की है। बताया जाता है कि गिरफ्तार आरोपी पर हत्या समेत कई मामलों में आरोपी है ओर पिछले दो साल से फरार था। बताया जाता है कि एसपी के नेतृत्व में गठित कोडरमा एसआइटी एवं तकनीकी शाखा की टीम ने इनामी अपराधी प्रिस खान को जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र के ग्राम आरागारो से गिरफ्तार किया। प्रिस खान झुमरीतिलैया के असनाबाद निवासी है। जमीन विवाद मामले में प्रिस ने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक शख्स की हत्या कर दी थी। इस मामले में अन्य आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए थे, जबकि प्रिस तब से फरार चल रहा था। जिसके बाद पुलिस ने उस पर बीस हजार का इनाम घोषित किया था। जाने क्या था पूरा मामला कोडरमा थाना अंतर्गत के पांडेयडीह में 5 मई 2019 में हुए जमीन विवाद में छोटू सोनी उर्फ जयप्रकाश सोनी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। कोडरमा पुलिस ने 24 घंटे में मामले को सुलझाते हुए पांडेयडीह निवासी जमाल अंसारी को गिरफ्तार किया था। जमाल अंसारी ने कबूल किया कि उसी ने छोटू सोनी की हत्या करवाई है, अगर वह उसे नहीं मरवाता तो छोटू सोनी उसे मार देता। सोनी के चाचा शिवप्रसाद सोनी ने 37 डिसमिल पुस्तैनी जमीन जमाल अंसारी के नाम पवार ऑफ एटर्नी दे दिया था। इसी को लेकर छोटू और जमाल में विवाद हुआ था। दोनों एक दूसरे को धमकी दिया करता था। इसके बाद जमाल ने झुमरीतिलैया के विद्यापुरी निवासी शेखर विश्वकर्मा व रौशन पांडेय से पांच लाख में छोटू सोनी की हत्या का सौदा किया। जमाल ने मृतक के चाचा से 20 हजार लेकर हत्यारों को दिया, जबकि बाकी का 4.80 लाख काम हो जाने के बाद देना था। जमाल अंसारी, शेखर विश्वकर्मा, रौशन पांडेय और शाहिद खान उर्फ प्रिस ने हत्या की तैयारी की। इसके बाद पांडेयडीह में शेखर, रोशन और प्रिस ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। शाहिद खान ने सोनी को नजदीक से तीन गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई।
उज्जवल दुुनिया लातेहार हेरहंज प्रखंड अवस्थित ब्लाॅक परिसर में भारतीय जनता युवा मोर्चा हेरहंज के नेतृत्व में युवा विश्वासघात दिवस मनाया गया कार्यक्रम के तहत धरना का आयोजन किया गया धरने की अध्यक्षता युवा मोर्चा अध्यक्ष श्री अवधेश यादव के द्वारा किया गया। वहीं सभा का संचालन भाजपा मंडल महामंत्री श्यामलाल गोस्वामी जी ने की। धरने के मुख्य अतिथि के रूप में हेरहंज भाजपा प्रखंड अध्यक्ष श्री मनीष जयसवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हेमंत ने कहा था सरकार बनते ही हर वर्ष 5 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा जो अब तक पूरा नहीं हुआ । महिलाओं ओर बच्चीयो के साथ जो दरिदंगी हत्या , बलात्कार जैसे घटनाएं हो रही हैं। यह युवाओं ओर महिलाओं के साथ क्रूर मजाक है हेमंत सरकार युवाओं को मूर्ख बनाना बंद करें वही कार्यकम के प्रभारी सूरज कुमार निराला जी ने हेमंत सरकार पर हमला करते हुए कहा कि हेमंत सरकार ने ग्रेजुएट बेरोजगार को प्रति माह 5 हजार एवं पोस्ट ग्रेजुएट को 7000 रुपए प्रतिमा देने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ यह युवाओं के साथ छल है कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने अपना अपना विचार रखा मौके पर भाजपा मंडल महामंत्री कन्हाई साव ,हेरहंज किसान मोर्चा अध्यक्ष गुड्डू वर्मा,भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी हिमांशु रंजन, जितेन्द्र यादव, गोल्डेन,आनंद,नवीन,कैलाश ठाकुर,दीपनारायण सिंह,बिहारी प्रसाद, अशोक गुप्ता, जसमतिया कुवार, सतेंद्र सिंह, संटू प्रसाद, समेत कई भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
स्कूल से लौटने के क्रम में हाइवा की चपेट में दो सगी बहनों की मौत
मुआवजा की मांग को ले एनएच अवरुद्ध
साहिबगंज/प्रतिनिधि
स्कूल से घर जा रही दो सगी बहन हाइवा के चपेट मे आ जाने से दोनो बहन की दर्दनाक मौत हो गई। घटना जिरवाबाड़ी ओपी थाना के महादेवगंज चौक पर शुक्रवार की दोपहर की है। जबकि एक अन्य छात्रा भी घायल है। घटना के बाद हाइवा सड़क पर ही छोड़ फरार हो रहा चालक ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया जहां ग्रामीणों के आक्रोश का कोपभाजन बनना पड़ा। मौके पर पुलिस न पहुंच चालक को ग्रामीणों के चुंगल से निकाल पुलिस अभिरक्षा मे ईलाज के लिए भेजा। वहीं आक्रोशितों ने एनएच पर आवागमण अवरुद्ध कर दिया।जानकारी रहे कि उत्क्रमित उच्च विद्यालय श्रीरामचौकी में कक्षा आठ की छात्रा माही कुमारी व कक्षा नौ की छात्रा टोनी कुमारी स्कूल की छुट्टी होने के बाद पैदल अपने घर अम्बाडीहा नया टोला जा रही थी। इसी क्रम में स्कूल से महज कुछ गज की दूरी पर ही पत्थर खदान से गंगा पुल के लिए परिवहन हो रहे पत्थर चिप्स लोड हाइवा जो गंगा पुल निर्माण स्थल के रास्ते गरमघाट की ओर जा रहा था। इसी क्रम में दुर्घटना हो गई।
ग्रामीणों ने लाश सड़क पर रखकर घंटों जाम कर दिया। सूचना पर जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी सुनील कुमार सदलबल घटना स्थल पर पहुंचे। काफी समझाने बुझाने के बाद ग्रामीणों से सड़क पर आवागमण सामान्य करवाया। जिसमें करीब तीन घंटे लगे। मृत छात्रा अम्बाडीहा नयाटोला के निर्मल शर्मा की पुत्री है।
वहीं माँ प्रियंका देवी पुत्री की मौत की खबर पर बेसुध है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने हाइवा जब्त कर लिया। हाइवा चालक से पुलिस पूछताछ कर रही है। हाइवा पीरपैंती थाना क्षेत्र के लकड़ाकोल के राजेश यादव की बतायी जा रही है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
गिरिडीह : गावां वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गावां थाना क्षेत्र के गरही सांख जंगल और तिसरी के मानपुर जंगल में छापेमारी कर अवैध सखुआ बोटा (लकड़ी) लदा दो ट्रैक्टर जब्त किया है।
गावां के रेंजर अनिल कुमार के नेतृत्व में वन विभाग कर्मियों की टीम ने गुरुवार रात को यह कार्रवाई करते हुये लोकाय से अवैध बेशकीमती लकड़ी लदे दो ट्रैक्टर को जब्त कर गावां रेंज ऑफिस ले आये। बताया जाता है कि कार्रवाई के दौरान वनकर्मियों की टीम को देखते ही ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर छोड़ फरार हो गया। तिसरी क्षेत्र से जब्त ट्रैक्टर
रेंजर कुमार ने दोनों ट्रेक्टर मालिकों शंकर साव राजोखार निवासी व रामचंद्र राय के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है। इस छापेमारी अभियान में फोरेस्टर जयप्रकाश यादव, वनरक्षी पवन चौधरी समेत कई वनकर्मी शामिल थे।
रेंजर अनिल कुमार ने ग्रामीणों से अपील किया कि वन को बचाने में विभाग की मदद करें, जंगल से लकड़ी नहीं काटें। कहा कि विभाग द्वारा लगातार छापेमारी अभियान जारी रहेगा और वनक्षेत्र में हो रही अवैध कटाई पर शत प्रतिशत अंकुश लगाया जायेगा।
लखनऊ. यूपी की योगी सरकार को चार साल पूरे हो गए हैं. सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक लेख लिखा है.
सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ,
प्रगति चिरंतन कैसा इति अब,
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ,
असफल, सफल समान मनोरथ,
सब कुछ देकर कुछ न मांगते,
पावस बनकर ढलना होगा.
कदम मिलाकर चलना होगा.
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्मृति शेष अटल बिहारी वाजपेयी जी की कलम से निःसृत ये पंक्तियां मुझे सतत ध्येय प्राप्ति हेतु साधना करने की शक्ति प्रदान करती रहीं हैं. उत्तर प्रदेश की सेवा करते 4 वर्ष कैसे बीते इसका क्षण भर भी भान न हो सका और अब यह विश्वास और दृढ़ हो चला है कि साफ नीयत और नेक इरादे से किए गए सत्प्रयास सुफलित अवश्य होते हैं.
Four years of UP government: CM Yogi wrote article ‘New India’s new Uttar Pradesh’
कोविड-19 की विभीषिका से संघर्ष का एक वर्ष बीत चुका है. मुझे याद आता है जनता कर्फ्यू का वह दिन जब कोरोना के गहराते संकट के बीच महामहिम राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति महोदय ने फोन पर बातचीत कर मुझसे प्रदेश की तैयारी के संबंध में जानकारी ली थी. उन्हें चिंता थी कि कमजोर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, सघन जनघनत्व और बड़े क्षेत्रीय विस्तार वाला उत्तर प्रदेश इस महामारी का सामना कैसे करेगा? मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश इस आपदा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा और अंततः हुआ भी यही. एक तरफ हमने मंत्रिपरिषद की एक टीम बनाई जो पॉलिसी तय किया करती थी, तो दूसरी तरफ अधिकारियों की एक टीम-11 गठित की. सभी की जिम्मेदारी तय की गई. हर दिन पूरे प्रदेश की छोटी-छोटी गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा होती थी और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाती थी. दूसरे प्रदेशों में रह रहे उत्तर प्रदेश वासियों की कोई समस्या हो अथवा प्रदेश में निवासरत लोगों की जरूरतें, सब पर सीधी नजर रखी गई. मुझे आज यह लिखते हुए आत्मिक संतोष की अनुभूति हो रही है कि इस वैश्विक लड़ाई में पूरा उत्तर प्रदेश एकजुट रहा. हमने अपने आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘टेस्टिंग और ट्रेसिंग’ के मंत्र को आत्मसात किया और और समवेत प्रयास से इसे व्यवहारिक धरातल पर उतारने की चुनौती में सफलता प्राप्त की. परिणामतः आज प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थाएं भी उत्तर प्रदेश की कोरोना प्रबंधन की सराहना कर रही हैं.
विकास की राह पर आगे बढ़ता हुआ यह वही उत्तर प्रदेश है जहां महज 04 साल में 40 लाख परिवारों को आवास मिला, 1 करोड़ 38 लाख परिवारों को बिजली कनेक्शन मिला, हर गांव की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया गया तथा गांव-गांव तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. आज हम सभी के निरन्तर प्रयास से अंतरराज्यीय संपर्क को सुदृढ़ किया गया है. पांच एक्सप्रेस-वे विकास को रफ्तार देने के लिए तैयार हो रहे हैं तो देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है. हमें याद रखना होगा कि यह वही यूपी है जहां वर्ष 2015-16 में प्रति व्यक्ति आय मात्र 47,116 रुपये थी. आज 94,495 रुपये है. यह है परिवर्तन.
बदलते वातावरण का परिणाम है कि आज निवेशकों की पहली पसंद उत्तर प्रदेश है. चार साल के भीतर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की राष्ट्रीय रैंकिंग में 12 पायदान ऊपर उठकर नम्बर दो पर आना कोई सरल कार्य नहीं था पर हमने यह कर दिखाया. यही नहीं व्यवसाय के साथ-साथ आज हमारी सरकार ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है. हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना देखा है. वह देश को 5 ट्रिलियन यूएस डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनाने का महान लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. उत्तर प्रदेश इस लक्ष्य का संधान कर उनके स्वप्न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है.
चार वर्ष पूर्व अन्नदाता किसान के ऋण की माफी से वर्तमान सरकार की लोककल्याण की यात्रा प्रारंभ हुई थी. राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक तब तक नहीं की, जब तक लघु व सीमान्त किसानों के ऋणमाफी की कार्ययोजना तैयार नहीं कर ली. आज प्रदेश में किसान उन्नत तकनीक से जुड़कर कृषि विविधीकरण की ओर अग्रसर हो रहे हैं. हाल ही में केंद्र सरकार ने कृषि सुधारों की ऐतिहासिक पहल की है. यह किसानों की प्रगति को नवीन आयाम देने वाले प्रयास हैं. आज किसानों की लागत को कम करने और आय को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है. किसानों को एमएसपी से अधिक मूल्य जहां मिले वहां बेचने के लिए स्वतंत्रता हासिल है. मंडियों को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी प्लेटफॉर्म ई-नाम से जोड़ने की योजना प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लागू की जा रही है. प्रदेश सरकार ने दशकों से लम्बित पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का कार्य किया है. किसान के प्रति यह हमारी प्रतिबद्धता ही है कि प्रदेश में अब तक 1.26 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को किया जा चुका है. हमारी सरकार ने बन्द चीनी मिलों को चलाने का कार्य किया. कोरोना कालखंड के दौरान 119 चीनी मिलें कार्य करती रहीं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. प्रदेश के 02 करोड़ 42 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित हुए हैं. कृषक दुर्घटना बीमा योजना का दायरा बढ़ाया गया है और अब बटाईदार और किसान के परिजन भी इससे लाभान्वित हो सकेंगे. किसानों की उम्मीद और खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और हम इसपर पूरी तरह खरा उतरने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं.
बीते चार वर्षों में उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जो ज्योति प्रज्ज्वलित हुई है, उसने हर सनातन आस्थावान व्यक्ति के हृदय को आलोकित किया है. ‘गंगा यात्रा’ के माध्यम से आस्था और आर्थिकी दोनों के उद्देश्य पूरे हुए. इसके साथ ही श्रीरामजन्मभूमि पर सकल आस्था के केंद्र प्रभु श्री राम के भव्य-दिव्य मंदिर के निर्माण के शिलान्यास की सदियों पुरानी बहुप्रतीक्षित साधना वर्ष 2020 में पूरी हुई. अयोध्या दीपोत्सव, काशी की देव दीपावली और ब्रज रंगोत्सव की सर्वत्र सराहना हुई. सप्तपुरियों में प्रथम अयोध्या हमारे लिए राष्ट्रीय गौरव का विषय है. वर्तमान राज्य सरकार अयोध्या को वैदिक और अधुनातन संस्कृति के समन्वित नगर की प्रतिष्ठा से विभूषित करने के लिए नियोजित प्रयास कर रही है. प्रभु श्री राम के आशीष से हमारा यह प्रयास भी अवश्य सफल होगा. ‘आस्था और अर्थव्यवस्था’ दोनों के प्रति हमारा समदर्शी भाव है। हमारी नीतियों में दोनों भाव समानांतर गति करते हैं. पिछले चार वर्षों में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का सृजन हुआ है. चार साल पहले जिस प्रदेश को देश और दुनिया में बीमारू कहा जाता था, जो भारत का सबसे बड़ा राज्य होने के बाद भी अर्थव्यवस्था के पैमाने पर 05 वें पायदान पर था, जहां युवा पलायन को मजबूर था, आज उसकी प्रगति और उसकी नीतियां अन्य राज्यों के लिए नजीर बन रही है. 2015-16 में 10.90 लाख करोड़ की जीडीपी वाला राज्य समन्वित प्रयासों से आज 21.73 लाख करोड़ की जीडीपी के साथ देश मे दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन कर उभरा है. राज्य वही है, संसाधन वही हैं, काम करने वाले वही हैं, बदली है तो बस कार्यसंस्कृति. यही प्रतिबद्धतापूर्ण, समर्पित भावना वाली पारदर्शी कार्यसंस्कृति इस नए उत्तर प्रदेश की पहचान है.
प्रधानमंत्री जी ने ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ का पाथेय प्रदान किया है. आज जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार चार वर्ष पूरे कर रही है तो मुझे व्यक्तिगत प्रसन्नता है कि हम इसी पाथेय के अनुरूप अपनी नीतियों को क्रियान्वित करने में सफल रहे हैं. किसान, नौजवान, महिला और गरीब वर्तमान सरकार की नीतियों के केंद्र में है. सरकार की नीति और नीयत साफ है और यही वजह है कि जनता सरकार के साथ है. कुछ समय पूर्व जब हम उत्तर प्रदेश को संभावनाओं वाला प्रदेश कहते थे तो कुछ लोग कहते थे यहां कुछ नहीं हो सकता था. लेकिन लोककल्याण के संकल्प की शक्ति के बल पर आज उत्तर प्रदेश सिद्धि के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. माँ भारती हमारा पथ प्रशस्त करें…
कोलकाता. टीएमसी ने पार्टी नेताओं की नाराजगी को देखते हुए शुक्रवार को चार विधानसभा क्षेत्र में अपने उम्मीदवारों को बदल दिया है. टीएमसी ने नादिया जिले की कल्याणी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), अमदांगा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और दुबराजपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अपने प्रत्याशी बदल दिए हैं. टीएमसी की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि नदिया जिले के कल्याणी विधानसभा क्षेत्र से अनिरुद्ध विश्वास को, उत्तर 24 परगना जिले के अशोाकनगर से नारायण गोस्वामी और आमडांगा विधानसभा क्षेत्र से रफीकुर रहमान को उम्मीदवार बनाया गया है. जबकि दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र से देवव्रत साहा को टिकट दिया गया है. बता दें कि जबकि इसके पहले कल्याणी से रमेंद्र नाथ विश्वास, आमडांगा से मुश्ताक मुर्तजा और अशोक नगर से धीमान राय को उम्मीदवार बनाया गया था.
कोलकाता. टीएमसी ने पार्टी नेताओं की नाराजगी को देखते हुए शुक्रवार को चार विधानसभा क्षेत्र में अपने उम्मीदवारों को बदल दिया है. टीएमसी ने नादिया जिले की कल्याणी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), अमदांगा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और दुबराजपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अपने प्रत्याशी बदल दिए हैं. टीएमसी की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि नदिया जिले के कल्याणी विधानसभा क्षेत्र से अनिरुद्ध विश्वास को, उत्तर 24 परगना जिले के अशोाकनगर से नारायण गोस्वामी और आमडांगा विधानसभा क्षेत्र से रफीकुर रहमान को उम्मीदवार बनाया गया है. जबकि दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र से देवव्रत साहा को टिकट दिया गया है. बता दें कि जबकि इसके पहले कल्याणी से रमेंद्र नाथ विश्वास, आमडांगा से मुश्ताक मुर्तजा और अशोक नगर से धीमान राय को उम्मीदवार बनाया गया था.
सचिन वाझे सिर्फ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के चलते पुलिस डिपार्टमेंट में वापस आया है। वह शिवसेना में भी उद्धव ठाकरे की मर्जी से ही शामिल हुआ है। सचिन वाझे सिर्फ मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह को रिपोर्ट करता था और परमवीर सिंह सीधे सीएम उद्धव ठाकरे को। इन तीनों के बीच कोई नहीं आता था। ये सनसनीखेज खुलासा किया है महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद नारायण राणे ने….
नारायण राणे ने बताया कि सचिन वाजे सिर्फ मुख्यमंत्री की वजह से ही पुलिस डिपार्टमेंट में वापस आया है
नारायण राणे ने पूछा है कि उद्धव ठाकरे जैसा बड़ा नेता एक ASI की सिफारिश क्यों करेगा, वो भी सीधे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से ? आखिर ऐसा क्यों है कि शिवसेना का नेता रहा सचिन वाझे सीधे इंटेलिजेंस यूनिट का चीफ बना दिया गया ? क्या ASI के पद पर काम करने वाले किसी व्यक्ति को इंटेलिजेंस यूनिट का चीफ बनाते हैं क्या ? इसके लिए जरुरी योग्यता है कम से कम इंस्पेक्टर रैंक है । नारायण राणे ने कहा कि “सचिन वाजे का गॉडफादर मुख्यमंत्री है, उनको इस्तीफा देना चाहिए, सीट पर एक दिन भी नहीं रहना चाहिए”
शुक्रवार को शिवसेना के अखबार सामना में लेख लिखकर कहा गया है कि सचिन वाजे का गॉडफादर कोई नहीं है। इसपर नारायण राणे ने कहा कि सामना अखबार उद्धव ठाकरे का है और संजय राउत का काम उद्धव ठाकरे को बचाना है, गलत हो तो भी वे उद्धव ठाकरे को बचाते हैं। सामना शिवसेना का मुखपत्र है और शिवसेना सांसद संजय राउत उसके संपादक हैं।
महाराष्ट्र के कई जिलों में संपूर्ण Lockdown लग चुका है। मुंबई, पुणे जैसे शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया जा चुका है। महाराष्ट्र से सटी सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। उसी तरह दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में धारा 144 लगाई जा चुकी है। हरियाणा सरकार ने भी नाइट कर्फ्यू का एलान कर दिया है। बैंगलुरु में नाइट कर्फ्यू लगाया जा चुका है अब वहां Lockdown लगाने की तैयारी है। सावधान! देश में फिर से लग सकता है Lockdown…..
मुंबई और दिल्ली में करीब-करीब Lockdown जैसे हालात
देश भर में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने शुरु हो गए हैं। अफ्रिका से आया नया Mutant भारत में पांव पसारने लगा है। यह जानलेवा है. कोरोना के दूसरे लहर में भी सैंकड़ो लोगों की जानें जा चुकी है लेकिन सरकार फिलहाल संपूर्ण Lockdown का एलान से बच रही है, लेकिन आखिर कबतक ? होली आने वाली है, त्योहार के दौरान कोरोना फैलने की संभावना ज्यादा है। ऐसे में देश में एक बार फिर संपूर्ण Lockdown लगाया जा सकता है।
किन-किन राज्यों में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले ?
दूसरे फेज में कोरोना के बढ़ रहे मामलों में महाराष्ट्र टॉप पर है। इसके अलावा पंजाब, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में कोरोना की तेज हुई रफ्तार ने भी चिंता बढ़ा दी है। सिक्किम जैसे छोटे राज्य में भी नाइट कर्फ्यू लगाना पड़ा है। इसके अलावा अहमदाबाद, दिल्ली, गुड़गांव, महाराष्ट्र की सभी बड़े सहरों में पार्क, मॉल सार्वजनिक जगहों को बंद करने का एलान किया गया है। कोरोना की दूसरी लहर से बिहार-बंगाल और झारखंड जैसे पूर्वी राज्य अभी बचे हुए हैं, लेकिन जिस तरह से कोरोना संक्रमित राज्यों से लोगों का पलायन हो रहा है, ुससे इसके पूरे देश में फैलने की संभावना है।
होली के दौरान गुजरात, पंजाब, दिल्ली और मुंबई से गांव आते हैं लोग
होली के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब और दक्षिण के राज्यों से अपने घर बिहार-झारखंड आते हैं। पिछली बार इन्ही लोगों के कारण बिहार-झारखंड में कोरोना के मामलों में तेजी देखी गई थी। इस बार भी इन्ही प्रवासी मजदूरों के कारण बिहार-झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर फैलने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्र सरकार ने Scrape Policy का ऐलान कर दिया है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी का एलान करते हुए कहा कि 15 साल से पुराने कमर्शियल वाहन (Commercial Vehicles) और 20 साल से पुराने प्राइवेट व्हीकल्स बिना फिटनेस टेस्ट पास किए सड़क पर नहीं दौड़ेंगे।
पुरानी गाड़ियों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा
फिटनेस में पास होने के बाद ही इनका सर्टिफिकेट रिन्यू किया जाएगा।
नितिन गडकरी ने कहा कि फिटनेस टेस्ट में अनफिट वाहनों को स्क्रैप कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाहनों की Fitness Test के लिए विशेष सेंटर तैयार किए जाएंगे। वहीं, परिवहन मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय की योजना मार्च 2023 तक देशभर में 75 फिटनेस सेंटर स्थापित करने की है। वहीं, दिसंबर 2023 तक देशभर में 50 स्क्रैपिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
परिवहन मंत्रालय के सूत्रों ने कहा ने कहा कि अगर लीज पर ली गई जमीन पर स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे तो एक स्क्रैपिंग सेंटर पर करीब 18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। वहीं, अगर जमीन खरीदकर उस पर स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किया जाता है तो इस पर करीब 33 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
स्क्रैप कराने पर कई छूट मिलेगी
लोकसभा में नई पॉलिसी का एलान करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि यह सभी पक्षों के लिए फायदे का सौदा है। पुरानी और अनफिट गाडि़यों को स्क्रैप कराने पर उनके मालिकों को कई छूट मिलेगी। इस पॉलिसी से GST में 40 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सड़क से अनफिट गाडि़यां हटने से सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
10 लाख करोड़ रुपये की होगी ऑटो इंडस्ट्री
नितिन गडकरी ने कहा कि स्क्रैपिंग पॉलिसी के लागू होने पर देश में 10,000 करोड़ के नए निवेश के साथ 35,000 रोजगार सृजित होंगे। साथ ही देश की ऑटो इंडस्ट्री का आकार मौजूदा 4.5 लाख करोड़ से बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
India-Pakistan must burry past and should discover untapped potential of future- PAK Army Chief
Pakistan Army Chief कमर जावेद बाजवा ने पहली बार भारत से रिश्तों का जिक्र करते समय कश्मीर समस्या की जगह भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते, दक्षिण और मध्य एशिया के बीच Business Corridor बनाने जैसे मुद्दों पर बात की है ।
Pakistan की राजधानी इस्लामाबाद में PAK सुरक्षा एजेंसियों की ओर से आयोजित उच्चस्तरीय Islamabad Security Dialogue में बोलते PAK Army Chief ने हालांकि कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते के लिए कश्मीर में “conducive” माहौल जरूरी है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इस “conducive” से उनका क्या मतलब है । यह बात गौर करने वाली है कि PAK Army Chief ने पहले की तरह बातचीत के लिए United Nations Security Council resolutions या कश्मीर में अगस्त 05, 2019 से पहले वाली स्थिति बहाल करने की बातें नहीं की है । ये PAK Army Chief के पहले के बयानों से अलग है।
उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान आपस में मिलकर दक्षिण और मध्य एशिया के बीच सेतु का काम कर सकते हैं। अगर भारत और पाकिस्तान आपस में विचार करें तो हमरा माल भारत के रास्ते बांग्लादेश, म्यांमार और पूर्वी एशिया के देशों तक पहुंच सकता है। इसी तर भारत का माल पाकिस्तान होते हुए अरब और यूरोप तक पहुंचाया जा सकता है। यह दोनों देशों में संपन्नता आने की शुरुआत होगी। हम इसी तरह कई फ्रंट पर आपस में मिलजुल कर काम कर सकते हैं। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी यह है कि दोनों देशों के बीच अच्छे कश्मीर पर आकर अटक जाते हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं। कश्मीर समस्या की बहुत बड़ी कीमत इस इलाके के लोग चुका रहे हैं।
पहली बार पाक आर्मी चीफ के बयान में कश्मीर, UN resolution और 370 हटाने का जिक्र नहीं जानकारों का कहना है कि PAK Army Chief का बयान अकारण नही है । Covid-19 के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तबाही के कगार पर है। पूरी दुनिया की चिंता कश्मीर से हटकर इस बात पर आकर टिक गई है कि अपने-अपने देश की अर्थव्यवस्था कैैैैसे संभाली जाए ? उधर पाकिस्तान ये यह भी देखा है कि जब चीन भारत से समझौता कर गलवान घाटी में पीठ दिखा सकता है तो हमारी क्या बिसात है। लिहाजा अब वो भारत के साथ अच्छे रिश्तों की दुहाई दे रहा है। वैसे भी पाकिस्तान जानता है कि कश्मीर का जैसा समाधान वो चाहता है वो संभव ही नहीं, लिहाजा उसने पूरा कश्मीर पाने का सपना फिलहाल छोड़ दिया है।
India-Pakistan must burry past and should discover untapped potential of future- PAK Army Chief
Pakistan Army Chief कमर जावेद बाजवा ने पहली बार भारत से रिश्तों का जिक्र करते समय कश्मीर समस्या की जगह भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते, दक्षिण और मध्य एशिया के बीच Business Corridor बनाने जैसे मुद्दों पर बात की है ।
Pakistan की राजधानी इस्लामाबाद में PAK सुरक्षा एजेंसियों की ओर से आयोजित उच्चस्तरीय Islamabad Security Dialogue में बोलते PAK Army Chief ने हालांकि कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते के लिए कश्मीर में “conducive” माहौल जरूरी है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इस “conducive” से उनका क्या मतलब है । यह बात गौर करने वाली है कि PAK Army Chief ने पहले की तरह बातचीत के लिए United Nations Security Council resolutions या कश्मीर में अगस्त 05, 2019 से पहले वाली स्थिति बहाल करने की बातें नहीं की है । ये PAK Army Chief के पहले के बयानों से अलग है।
उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान आपस में मिलकर दक्षिण और मध्य एशिया के बीच सेतु का काम कर सकते हैं। अगर भारत और पाकिस्तान आपस में विचार करें तो हमरा माल भारत के रास्ते बांग्लादेश, म्यांमार और पूर्वी एशिया के देशों तक पहुंच सकता है। इसी तर भारत का माल पाकिस्तान होते हुए अरब और यूरोप तक पहुंचाया जा सकता है। यह दोनों देशों में संपन्नता आने की शुरुआत होगी। हम इसी तरह कई फ्रंट पर आपस में मिलजुल कर काम कर सकते हैं। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी यह है कि दोनों देशों के बीच अच्छे कश्मीर पर आकर अटक जाते हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं। कश्मीर समस्या की बहुत बड़ी कीमत इस इलाके के लोग चुका रहे हैं।
पहली बार पाक आर्मी चीफ के बयान में कश्मीर, UN resolution और 370 हटाने का जिक्र नहीं जानकारों का कहना है कि PAK Army Chief का बयान अकारण नही है । Covid-19 के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तबाही के कगार पर है। पूरी दुनिया की चिंता कश्मीर से हटकर इस बात पर आकर टिक गई है कि अपने-अपने देश की अर्थव्यवस्था कैैैैसे संभाली जाए ? उधर पाकिस्तान ये यह भी देखा है कि जब चीन भारत से समझौता कर गलवान घाटी में पीठ दिखा सकता है तो हमारी क्या बिसात है। लिहाजा अब वो भारत के साथ अच्छे रिश्तों की दुहाई दे रहा है। वैसे भी पाकिस्तान जानता है कि कश्मीर का जैसा समाधान वो चाहता है वो संभव ही नहीं, लिहाजा उसने पूरा कश्मीर पाने का सपना फिलहाल छोड़ दिया है।