BJP Election Committee meet for Madhupur By-election
मधुपुर से BJP उम्मीदवार के चयन के लिए दीपक प्रकाश, धर्मपाल सिंह और बाबूलाल मरांडी अधिकृत
BJP Election Committee की बैठक में मौजूद नेतागण
मधुपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में झारखंड प्रदेश चुनाव समिति की बैठक हुई।
बैठक में संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश उपाध्यक्ष सह विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, रविन्द्र राय, सांसद विधुत वरन महतो, सुदर्शन भगत, आरती सिंह, श्याम नारायण दुबे, केदार हाजरा उपस्थित थें।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को उम्मीदवारों के नाम की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने हेतु अधिकृत किया
मीडिया को बैठक की जानकारी देते हुए आदित्य साहू ने बताया कि मधुपुर उपचुनाव हेतु कई नामो पर बैठक में चर्चा हुई। सर्वसम्मत्ति से तीन लोगों का नाम केंद्र को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि संसदीय बोर्ड में चर्चा के बाद केंद्रीय नेतृत्व उम्मीदवार की घोषणा करेगा।
BJP Election Committee meet for Madhupur By-election
मधुपुर से BJP उम्मीदवार के चयन के लिए दीपक प्रकाश, धर्मपाल सिंह और बाबूलाल मरांडी अधिकृत
BJP Election Committee की बैठक में मौजूद नेतागण
मधुपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में झारखंड प्रदेश चुनाव समिति की बैठक हुई।
बैठक में संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश उपाध्यक्ष सह विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, रविन्द्र राय, सांसद विधुत वरन महतो, सुदर्शन भगत, आरती सिंह, श्याम नारायण दुबे, केदार हाजरा उपस्थित थें।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को उम्मीदवारों के नाम की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने हेतु अधिकृत किया
मीडिया को बैठक की जानकारी देते हुए आदित्य साहू ने बताया कि मधुपुर उपचुनाव हेतु कई नामो पर बैठक में चर्चा हुई। सर्वसम्मत्ति से तीन लोगों का नाम केंद्र को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि संसदीय बोर्ड में चर्चा के बाद केंद्रीय नेतृत्व उम्मीदवार की घोषणा करेगा।
मुहल्लेवासियों ने डीसी, एसडीओ, उपनगर आयुक्त, उप महापौर और डीएफओ को पिटीशन दे किया अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग
जांच में पहुंचे सीओ लगाया अवैध निर्माण पर रोक
अवैध निर्माण कार्य जिस पर लगा रोक
गिरिडीह : शहरी क्षेत्र के बरवाडीह स्थित कब्रिस्तान की भूमि को न्यायालय द्वारा पहले से ही गैर मजूरवा भूमि बताया गया है और उसके आलोक में बीते दिनों हुए एक विवाद में न्यायालय ने फैसला भी सुनाया है। अब उसी भूमि पर कतिपय भू माफिया की गिद्ध दृष्टि पड़ी हुई है। भू माफिया द्वारा उक्त जमीन पर धार्मिक स्थल की आड़ में अब वँहा व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाने की नियत से अवैध तरीके से दुकान निर्माण कराया जा रहा है। इतना ही नही उक्त भूमि पर लगे सैकड़ो जीवित पेड़ो को भी काटा जा रहा है।
तीन दर्जन से अधिक स्थानीय मोहल्लेवासियों ने इस अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगाने हेतु संयुक्त हस्ताक्षर युक्त आवेदन जिले के उपायुक्त को दिया है। जिसकी प्रति अनुमण्डल पदाधिकारी, नगर निगम के उप नगर आयुक्त और निगम के उप महापौर को दिया है। वंही वन विभाग के डीएफओ को आवेदन देते हुए जीवित पेड़ों की हो रही अवैध कटाई पर रोक लगाने की मांग किया है।
डीसी को दिया गया पब्लिक पिटीशन
प्रशासन ने लगायी निर्माण कार्य पर रोक :
मोहल्लेवासियों द्वारा दिये गए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर पेड़ों की अवैध कटाई पर रोक लगा दिया है। वंही प्रशासनिक स्तर पर अंचलाधिकारी ने भी स्थल पर पहुंच स्थल का निरीक्षण किया और सारी वस्तुस्थिति से अवगत हुए। अंचलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुये उक्त गैर मजूरवा भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया है।
अनिल देशमुख ने परमवीर सिंह के आरोपों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है
मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमवीर सिंह ने उद्धव ठाकरे , महाराष्ट्र के गृह सचिव और मुख्य सचिव को एक चिट्ठी लिखी है।
इस चिट्ठी में उन्होंने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर वसूली के आरोप लगाए हैं। परमवीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री पुलिस से वसूली करवाते हैं। उन्होंने सचिन वाझे को भी वसूली पर लगाया था । इसी वसूली के चक्कर में सचिन वाझे फंस गया।
परमवीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि दरअसल एक बड़े उद्योगपति से पैसे वसूलने के लिए ही जिलेटिन रखवाया गया था और ये सब गृहमंत्री अनिल देशमुख की planning थी । परमवीर सिंह ने यह भी लिखा है कि मुंबई के पैसे वाले हस्तियों को फंसाकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
अनिल देशमुख NCP कोटे से मंत्री बनाए गये हैं। महाराष्ट्र सरकार से जुड़े सूत्रों की माने तो उद्धव ठाकरे की सचिन वाझे से नजदीकी की खबरों से उद्धव ठाकरे की बदनामी हो रही थी। परमवीर सिंह को शिवसेना का करीबी माना जाता है। परमवीर सिंह की इस चिट्ठी को सारा ध्यान उद्धव से हटाकर NCP की तरफ रुख मोड़ने वाला माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे महाराष्ट्र सरकार के अंदर चल रहे घमासान से भी जोड़ कर देख रहे हैं। NCP कोटे से मंत्री बने अनिल देशमुख का इस्तीफा तय माना जा रहा है। लेकिन ये सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला। बंगाल चुनाव के बाद महाराष्ट्र में बड़ा खेला होने की संभावना है।
Antilia Case में आपको याद होगा कि ट्रांसपोर्टर मनसुख हिरेन की लाश मुंबा क्रीक से बरामद की गई थी। NIA ने अब उसी जगह से एक और लाश बरामद की है। ये लाश किसी शेख सलीम अब्दुल की है । सवाल यह है कि जिस जगह पर मनसुख हिरेन की मौत हुई, ठीक उसी जगह से शेख सलीम की लाश कहां से आई ?
मनसुख हिरेन केस की भी जांच NIA को
NIA सूत्रों की माने तो उस दिन एक नहीं बल्कि दो-दो मर्डर हुए थे । पहली हत्या मनसुख हिरेन की और दूसरा मर्डर शेख सलीम अब्दुल का हुआ था । दोनों हत्या का आरोपी एक ही शख्स है । इस सबके पीछे सचिन वाझे ही था ।
शेख सलीम अब्दुल और मनसुख हिरेन की हत्या के बीच क्या रिश्ता है?
ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख संतोष कदम ने कहा, एक बचाव दल ने सुबह करीब 11 बजे शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुंब्रा पुलिस (Mumbra police) के एक अधिकारी ने कहा कि आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है।
बता दें कि बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर पार्क किए गए विस्फोटकों से लदे वाहन का मालिक मनसुख हिरेन था। 25 फरवरी को एक स्कॉर्पियो कार से लगभग 20 जिलेटिन की छड़ें और अंबानी परिवार को एक धमकी भरा पत्र बरामद किया गया था। 5 दिनों के बाद मनसुख हिरेन की लाश 5 मार्च को ठाणे के मुंब्रा क्रीक से बरामद हुई थी।
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रथम महिला शहीद वीरांगना अवंतीबाई के बलिदान दिवस पर लखनऊ के हजरतगंज स्थित उनकी माल्यार्पण कर श्रंद्धांजलि अर्पित की. सीएम योगी के साथ सांसद साक्षी महाराज, मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी मौजूद रहे. प्रदेश सरकार ने तीन (रानी अवंतीबाई लोधी, उदय देवी और झलकारीबाई) महान वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला बटालियन की घोषणा की है.मुख्यमंत्री ने अवंतीबाई के नाम से PAC में महिला बटालियन की स्थापना का ऐलान करते हुए कहा है कि इस बटालियन की आज से स्थापना होने जा रही है.
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रथम महिला शहीद वीरांगना अवंतीबाई के बलिदान दिवस पर लखनऊ के हजरतगंज स्थित उनकी माल्यार्पण कर श्रंद्धांजलि अर्पित की. सीएम योगी के साथ सांसद साक्षी महाराज, मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी मौजूद रहे. प्रदेश सरकार ने तीन (रानी अवंतीबाई लोधी, उदय देवी और झलकारीबाई) महान वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला बटालियन की घोषणा की है.मुख्यमंत्री ने अवंतीबाई के नाम से PAC में महिला बटालियन की स्थापना का ऐलान करते हुए कहा है कि इस बटालियन की आज से स्थापना होने जा रही है.
खड़गपुर : मोदी ने कहा कि लेकिन यहां पश्चिम बंगाल में दीदी, विकास की हर योजना के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं. आपने दीदी पर भरोसा किया, लेकिन दीदी ने आपके साथ विश्वासघात किया.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार बीजेपी सरकार. उन्होंने कहा कि खड़गपुर के इस क्षेत्र में मिनी भारत की झलक है. पीएम ने कहा कि पिछले कई सालों से दिलीप घोष यहां डटे हुए हैं. उन्हें मारने की कोशिश हुई.दीदी की सरकार ने धमकियां दीं लेकिन वह आगे बढ़ते रहे. एम ने कहा कि आपका जोश-ख़रोश यह दर्शाता है कि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनाएगी.
बंगाल के समृद्ध भविष्य के लिए भाजपा सरकार आवश्यक है. बंगाल के 130 कर्यकार्ताओं ने इस संघर्ष में अपना जीवन लगा दिया. पीएम ने कहा कि खड़गपुर के इस क्षेत्र में मिनी भारत की झलक मिलती है. भारत की विविधता, अलग-अलग भाषाओं-बोलियों की ताकत यहां देखने को मिलती है. खड़गपुर का इतना लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म, भारत की पहली IIT, इस भूमि का गौरव बढ़ाते हैं. पीएम ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरी पार्टी के पास दिलीप घोष जैसे अध्यक्ष हैं. उन पर अनेक हमले हुए, मौत के घाट उतारने की कोशिशें हुई. लेकिन वो बंगाल के उज्ज्वल भविष्य का प्रण लेकर चल पड़े और आज पूरे बंगाल में नई ऊर्जा भर रहे हैं. पीएम ने कहा कि इस क्षेत्र में कृषि, सिंचाई और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा. हम स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण सड़कों को भी बेहतर बनाएंगे. हम इस क्षेत्र के हर घर में पीने का साफ पानी सुनिश्चित करेंगे.
खड़गपुर : मोदी ने कहा कि लेकिन यहां पश्चिम बंगाल में दीदी, विकास की हर योजना के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं. आपने दीदी पर भरोसा किया, लेकिन दीदी ने आपके साथ विश्वासघात किया.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार बीजेपी सरकार. उन्होंने कहा कि खड़गपुर के इस क्षेत्र में मिनी भारत की झलक है. पीएम ने कहा कि पिछले कई सालों से दिलीप घोष यहां डटे हुए हैं. उन्हें मारने की कोशिश हुई.दीदी की सरकार ने धमकियां दीं लेकिन वह आगे बढ़ते रहे. एम ने कहा कि आपका जोश-ख़रोश यह दर्शाता है कि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनाएगी.
बंगाल के समृद्ध भविष्य के लिए भाजपा सरकार आवश्यक है. बंगाल के 130 कर्यकार्ताओं ने इस संघर्ष में अपना जीवन लगा दिया. पीएम ने कहा कि खड़गपुर के इस क्षेत्र में मिनी भारत की झलक मिलती है. भारत की विविधता, अलग-अलग भाषाओं-बोलियों की ताकत यहां देखने को मिलती है. खड़गपुर का इतना लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म, भारत की पहली IIT, इस भूमि का गौरव बढ़ाते हैं. पीएम ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरी पार्टी के पास दिलीप घोष जैसे अध्यक्ष हैं. उन पर अनेक हमले हुए, मौत के घाट उतारने की कोशिशें हुई. लेकिन वो बंगाल के उज्ज्वल भविष्य का प्रण लेकर चल पड़े और आज पूरे बंगाल में नई ऊर्जा भर रहे हैं. पीएम ने कहा कि इस क्षेत्र में कृषि, सिंचाई और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा. हम स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण सड़कों को भी बेहतर बनाएंगे. हम इस क्षेत्र के हर घर में पीने का साफ पानी सुनिश्चित करेंगे.
Supreme Court ने मराठा आंदोलन पर चल रहे एक केस के दौरान Reservation को लेकर कुछ चुभते हुए सवाल पूछे । Supreme court ने पूछा कि देश में Reservation और कितनी पीढ़ियों तक जारी रहेगा ? सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा कि क्या सत्तर साल में कोई भी बैकवर्ड फ़ॉरवर्ड नहीं बन पाया ? न्यायालय ने कहा कि अगर आरक्षण की अगर कोई सीमा ही ना हो तो ये कैसी ‘समानता’ होगी ?
क्या 70 साल में एक भी बैकवर्ड, फॉरवर्ड नहीं बन पाया?
Supreme Court ने अपनी टिप्पणी के दौरान कहा कि मंडल कमीशन का आधार 1931 की जातिय जनगणना है । क्या 1931 के बाद भारतीय समाज में कोई परिवर्तन नहीं आया? सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी हम 1931 के समाजिक परिवेश को आधार बनाएंगे तो कैसे चलेगा? क्या Reservation की बदौलत एक भी बैकवर्ड, फॉरवर्ड नहीं बन सका ? अगर सच में ऐसा है, तब तो Reservation Policy पर पुनर्विचार होना ही चाहिए।
50 फीसद से ज्यादा आरक्षण देने पर भी टिप्पणी
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से कहा कि Reservation की सीमा 50 फीसद तय करने पर पुनर्विचार करने की जरूरत है । रोहतगी ने कहा कि न्यायालयों को बदली हुई परिस्थितियों के मद्देनजर आरक्षण कोटा तय करने की जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ देनी चाहिए । इसपर कोर्ट ने कहा कि तब समानता के अधिकार का क्या होगा?
समानता के अधिकार का क्या होगा?
महाराष्ट्र सरकार के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों (ईब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का केंद्र सरकार का फैसला भी 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन करता है । इस पर पीठ ने टिप्पणी की, ‘यदि 50 प्रतिशत की सीमा या कोई सीमा नहीं रहती है, जैसा कि आपने सुझाया है, तब समानता की क्या अवधारणा रह जाएगी? इस पर आपका क्या कहना है ? इससे पैदा होने वाली असमानता के बारे में क्या कहना चाहेंगे ? आप कितनी पीढ़ियों तक इसे जारी रखेंगे ?
“जो आरक्षण की बदौलत पिछड़ेपन से बाहर निकले हैं, उन्हें आरक्षण से अलग किया जाए”
Supreme Court ने कहा कि अब आप ये मत कहिएगा कि पिछले 70 सालों में कोई आर्थिक रुप से संपन्न नहीं हुआ। 1931 के बाद आज देश की आबादी 135 करोड़ के आसपास हो गई है। आर्थिक रूप से संपन्नता भी आई है । ऐसे में जो लोग पिछड़ेपन से बाहर निकल चुके हैं, उनको Reservation के दायरे से बाहर क्यों न निकाला जाए। उनकी जगह उनकी जाति के ही अन्य लोगों को मौका मिलेगा। क्रिमी लेयर की अवधारणा क्यों लागू नहीं हो सकती?
कोलकाता की एक विधानसभा सीट है बेहाला पूर्वी । इस सीट पर TMC से खड़ी हैं रत्ना चटर्जी जो BJP नेता शोभन चटर्जी की पत्नी हैं। रत्ना चटर्जी का आरोप है कि उसके पति शोभन का बैसाखी चटर्जी के साथ अवैध संबंध हैं। उधर BJP ने बेहाला पूर्वी सीट से Hot & Glamorous पायल सरकार को उतारकर बैसाखी और रत्ना चटर्जी दोनों से पंगा ले लिया है।
बेहाला पूर्वी सीट से दो बार विधायक रहे शोभन चटर्जी की Girlfriend बैसाखी चटर्जी
शोभन चटर्जी और बैसाखी की वजह से भारतीय जनता पार्टी की कई बार किरकिरी हो चुकी है। दोनों करीब दो साल पहले भाजपा में शामिल हुए थे। और डेढ़ साल तक पार्टी के मंच पर एक बार भी नहीं गए क्योंकि शोभन ने दावा किया था कि उनकी महिला मित्र बैसाखी काे पार्टी ने कथित तौर पर स्वागत नहीं किया था।
शोभन चटर्जी की पत्नी और TMC उम्मीदवार रत्ना चटर्जी
पत्नी रत्ना का आरोप- “मेरे सामने ही शुरू हो जाते थे शोभन और बैसाखी”
उधर शोभन और बैसाखी चटर्जी का प्रेम-प्रसंग शोभन की पत्नी रत्ना को पसंद नहीं आया। रत्ना चटर्जी का आरोप है कि शोभन और बैसाखी कभी-कभी उसके सामने ही शुरू हो जाते थे। रत्ना चटर्जी ने शोभन के खिलाफ़ तलाक की अर्जी लगाते हुए ममता बनर्जी को अपना दुख बताया। ममता बनर्जी ने रत्ना को शोभन चटर्जी के बेहाला पूर्वी सीट से उम्मीदवार बनाया है।
BJP ने शोभन चटर्जी का टिकट काटकर पायल सरकार को उम्मीदवार बनाया
उधर BJP बेहाला पूर्वी सीट को पारिवारिक लड़ाई का अखाड़ा नहीं बनाना चाहती थी । लिहाजा BJP ने शोभन चटर्जी की जगह वहां से Hot & Glamorous पायल सरकार को उम्मीदवार बनाया है। BJP ने शोभन चटर्जी को बेहाला पश्चिम से चुनाव लड़ने को कहा । लेकिन बेहाला पश्चिम से शोभन के दोस्त और राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थो चटर्जी TMC के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए शोभन ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और नाराज़ होकर BJP से इस्तीफा दे दिया ।
बेहाला पूर्वी सीट से BJP उम्मीदवार पायल सरकार
शोभन ने अपनी पत्नी पर ग़ैर-मर्दों से संबंध का लगाया आरोप
उधर कोलकाता के पूर्व मेयर और बेहाला पूर्वी सीट से दो बार विधायक रहे शोभन चटर्जी ने अपनी पत्नी पर कई गैर मर्दों से संबंध बनाने का आरोप लगाया। एक बंगाली चैनल को दिए इंटरव्यू में शोभन चटर्जी ने कहा था कि उनकी पत्नी रत्ना का दिल एक मर्द से नहीं भरता, वो अपनी भूख मिटाने के लिए कई मर्दों के साथ सोती है ।
अगर आप BJP को देश से उखाड़ना चाहते हैं तो बंगाल में TMC को सपोर्ट करें। Left-Congress गठबंधन को वोट देने का मतलब आपके वोट की बर्बादी होगी। ये अंततः BJP को ही फायदा पहुंचाएगा । ये अपील ममता बनर्जी ने शुक्रवार को Left-Congress समर्थक मतदाताओं के लिए जारी की है। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि पूरे देश की Anti-BJP ताकतें बंगाल में TMC के साथ हैं।
शुक्रवार को कोलकाता की सड़कों पर अपनी पार्टी के समर्थन में Street Play करते लेफ्ट समर्थक
ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने बयान जारी कर कहा कि हमें पता है कि बड़ी संख्या में Left-Congress के समर्थक भगवा पार्टी की ओर शिफ्ट कर गए हैं, पर हम सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि आप कैसे Left हो जो Right के साथ जा मिले हो ?
ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने अपील जारी कर कहा कि जो BJP को हराना चाहते हैं, वो TMC को वोट दें। कृपया अपना वोट बर्बाद न करें। कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन भले ही कोई सीट न जीत सके लेकिन वो सेक्युलर वोट काट कर BJP को ही फायदा पहुंचाएंगे।
TMC के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब्बास सिद्दीकी की ISF सिर्फ मुसलमानों का वोट काटकर BJP को फायदा पहुंचाने के लिए ही मैदान में है । बंगाल के मुसलमान इस साजिश को अच्छी तरह समझते हैं।
क्या शुक्रवार की रात 10.40 के बाद थोड़ी देर के लिए आपको Facebook और WhatsApp चलाने में परेशानी हो रही थी ? वो ठीक से काम नहीं कर रहे थे ?घबराइए नहीं, गलती आपके Network में नहीं था, बल्कि पूरे देश में ही Facebook और WhatsApp काम नहीं कर रहा था ।
Downdetector की रिपोर्ट की मानें तो पूरी दुनिया के Facebook और WhatsApp यूजर करीब आधे घंटे तक परेशान रहे
शुक्रवार की रात 10 बजकर 40 मिनट के बाद करीब आधे घंटे तक पूरे देश में WhatsApp, Instagram और Facebook ने अचानक काम करना बंद कर दिया। लोग बार-बार अपने नेटवर्क चेक करते रहे, लेकिन गलती कहीं और थी । भारत ही नहीं दुनिया भर से ऐसी रिपोर्ट आई कि उन्हें अपना सोशल मीडिया ऑपरेट करने में परेशानी हो रही है।
Facebook ने बयान जारी कर खेद जताया
कुछ यूज़र्स ने शिकायत की कि वो WhatsApp web पर भी log in नहीं कर पा रहे थे। वहीं फेसबुक ने बयान जारी कर खेद जताया है। अपने बयान में Facebook के प्रवक्ता ने कहा
Earlier today, a technical issue caused people to have trouble accessing some Facebook services. We resolved this issue for everyone, and we apologize for any inconvenience
कहीं किसी बड़े खतरे का इशारा तो नहीं ?
Facebook और WhatsApp ने कहा कि तकनीकी कारणों से उनका सर्वर 49 मिनट के लिए Down था, लेकिन साइबर एक्सपर्ट किसी बड़े खतरे का इशारा कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये दुनिया भर में नये technology war का trial था । दुनिया के जो देश अमेरिकी तकनीक पर निर्भर हैं, उनके लिए अपना स्वदेशी सोशल मीडिया platform डेवलप करने का समय आ गया है। चीन, रुस जैसे देशों में Facebook, Twitter और WhatsApp की जगह उनका अपना एप है । भारत जैसे देश को भी Facebook और WhatsApp की तरह अपना सोशल मीडिया एप विकसित करना होगा।
सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया का डाटा अमेरिका के पास है
एक्सपर्ट का मानना है कि दरअसल शुक्रवार रात को एक trial किया गया था। अगर Facebook,Twitter, Instagram और WhatsApp को अचानक थोड़ी देर के लिए बंद किया जाए तो दुनिया में कैसा reaction होता है। इसके पीछे का मकसद क्या है, इसका बस अंदाजा लगाया जा सकता है लेकिन इतना तो तय है कि ये सिर्फ तकनीकी कारणों से बंद नहीं था, बल्कि बंद किया गया था।
दुनिया में जंग का नया मैदान बना Cyber Space
Facebook, Twitter और WhatsApp के जरिए Arab Spring जैसे आंदोलन का दुष्प्रभाव दुनिया देख चुकी है । वहां कई देशों में सरकारों को अस्थिर करने में भी सोशल मीडिया का बड़ा रोल रहा। म्यांमार में सैनिक शासन के खिलाफ़ चल रहा वर्तमान आंदोलन हो या भारत में किसान आंदोलन, हर जगह Facebook, Twitter और WhatsApp जैसे सोशल मीडिया platform की भूमिका संदिग्ध रही है। इन सभी सोशल मीडिया platforms का Headquarters अमेरिका में है और अमेरिकी ही इसे कंट्रोल करते हैं। ये एक तरह से पूरी दुनिया के दिमाग़ पर अमेरिका के प्रभाव की तरह है । Indirectly कहें तो पूरी दुनिया उन्हीं विषयों पर बात करती है, जिसपर अमेरिकी चाहते हैं। Facebook, Twitter, Instagram और WhatsApp पर क्या trend करेगा, इसे हम या आप नहीं, इन कंपनियों के आका decide करते हैं।
Govt. Should focus on helping Industries of Jharkhand rather than calling new investors
झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर उद्योगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा की एक ओर मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर उद्योगपतियों को झारखंड में निवेश करने के लिए बुला रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पहले से लगे उद्योग,जिस पर हजारों लोग आश्रित हैं,वे बंद हो रहे।
प्रतुल ने कहा रांची में ओरियंट क्राफ्ट ने इरबा और खेलगांव में दो टेक्सटाइल यूनिट लगाई थी जो 1 साल चलने के बाद अगस्त 2020 में बंद हो गई। कंपनी ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि झारखंड की टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत 1 साल से उसे सब्सिडी नहीं दी गई जबकि कंपनी ने अनेक बार सरकार से गुहार लगाई थी। इन दोनों यूनिटों में के बंद होने से 3500 परिवारों के जीवन यापन पर प्रश्नचिन्ह लग गया। राज्य सरकार इस कंपनी को पुनर्जीवित करने के लिए कोई योजना लेकर नहीं आ रही बल्कि उल्टे इस कंपनी से जमीन वापस ले रही है।
इसी तरह पूर्ववर्ती सरकार में जिन कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई थी और जिनका काम भी आगे बढ़ गया था,उनको राज्य सरकार की तरफ से अपेक्षाकृत मदद नहीं मिल रहा। प्रतुल ने कहा झारखंड में पहले से बंद पड़े रुग्ण उद्योगों को सरकार के द्वारा चालू करने की कोई योजना नहीं है । लेकिन सिर्फ एक हवा हवाई माहौल तैयार करने के लिए सरकार के द्वारा निवेशकों को बुलाने का नाटक किया जा रहा है।
प्रतुल ने कहा कि अगर पहले से निवेश कर चुके उद्योगों के हितों की रक्षा नहीं होगी तो कोई निवेशक झारखंड में किसी भी क्षेत्र में निवेश करने से परहेज करेगा। राज्य सरकार को चाहिए कि वह झारखंड में पहले से निवेश कर चुके निवेशको और यहां लगे छोटे और मध्यम उद्योगों की रक्षा करने हेतु कारगर कदम उठाएं।