
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के चुनाव के लिए बीजेपी को ज्यादा से ज्यादा सीट दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हावड़ा जिले के उलुबेरिया में रोड शो किया.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के चुनाव के लिए बीजेपी को ज्यादा से ज्यादा सीट दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हावड़ा जिले के उलुबेरिया में रोड शो किया.

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हॉवर्ड कैनेडी स्कूल के एम्बेसडर निकोलस बर्न्स के साथ वर्चुअल बातचीत की जिसमें उन्होंने सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी पर बड़े आरोप लगाए। राहुल बर्न्स के साथ बातचीत में कहा कि भाजपा ने देश की अहम संवैधानिक संस्थाओं को अपने कब्जे में ले लिया है। इतना ही नहीं राहुल इस अवसर पर अमेरिका की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
एम्बेसडर निकोलस बर्न्स से हुई लंबी बातचीत में राहुल ने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए संस्थागत ढ़ांचे की जरूरत होती है। हमें न्याय व्यवस्था की जरूरत होती है जो हमारी रक्षा करे। मीडिया की जरूरत होती है जो स्वतंत्र हो। आर्थिक समानता की जरूरत होती है। ये संस्थाएं एक निष्पक्ष लोकतंत्र के लिए जरूरी होती हैं, लेकिन इन संस्थाओं पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है जिसकी वजह से विपक्षी पार्टियां चुनाव नहीं जीत पा रही हैं।
राहुल ने आगे कहा कि, इंडिया में जो कुछ हो रहा है उसपर अमेरिका मौन क्यों है। यदि इंडिया और US के बीच लोकतांत्रिक साझेदारी है तो फिर अमेरिका द्वारा इंडिया में घटित हो रही इन घटनाओं पर टिप्पणी क्यों नहीं की जाती है।
राहुल ने बर्न्स से कहा कि मेरा मतलब है कि इंडिया में को जो कुछ हो रहा है, उस पर आपके क्या विचार हैं। मैं मूल रूप से मानता हूं कि अमेरिका एक गहन और शक्तिशाली विचार है। स्वतंत्रता का विचार जिस तरह से आपके संविधान में निहित है वह एक बहुत शक्तिशाली विचार है लेकिन आपको उस विचार का बचाव करना चाहिए। यही असली सवाल और मुद्दा है। इस तरह उन्होंने अमेरिका की चुप्पी पर सवाल खड़ा किया है।
राहुल ने आगे कहा कि केंद्र में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हुई है। मीडिया पर तमाम संवैधानिक संस्थाओं पर उसका दबदबा बढ़ा है, इसलिए विपक्षी दल राज्यों में चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस ही नहीं, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जैसी पार्टियां भी चुनाव जीतने में कामयाब नहीं हो रही हैं।

बंगाल में जिस तरह से प्रशांत किशोर ने चीजों को पेश किया, उसकी वजह से पार्टी में अविश्वास पैदा हो गया। टीएमसी अब ममता बनर्जी के हाथों से फिसल चुकी है। अब यह अभिषेक बनर्जी के हाथ में है। अभिषेक बनर्जी ने प्रशांत किशोर को देखकर अपनी टीम बनानी शुरू की। ये कहना है बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार शीलभद्र दत्ता का । वे कहते हैं कि अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को एक-एक कर बेइज्जत कर पार्टी छोड़ने को मजबूर किया, पार्टी को मिलने वाले पूरे फंड को अपने कब्जे में ले लिया। आज ममता बनर्जी का काम सिर्फ पार्टी के लिए प्रचार करने भर सीमित कर दिया गया है।
प्रशांत किशोर से TMC को फायदा या नुकसान
शीलभद्र दत्ता बोलते हैं कि चुनाव के बीच में, जब प्रशांत किशोर को कोलकाता में टिककर TMC का चुनाव प्रचार संभालना था, तब वो पंजाब में शिफ्ट कर गए । और तो और वे चंडीगढ़ से बयान दे रहे थे कि “Even if we loose…” । क्या किसी भी पार्टी के रणनीतिकार को पहले चरण के चुनाव के बाद ही इस तरह का बयान देना चाहिए? दूसरा, इस बार TMC के टिकट बांटने की पूरी जिम्मेदारी अभिषेक बनर्जी और प्रशांत किशोर की थी । ऐसे में जीत-हार की पूरी जिम्मेदारी भी इन्हीं दोनों को लेनी चाहिए।
TMC के 10 सालों पर बात क्यों नहीं कर रही TMC ?
अपने चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी “खेला होबे” पर डांस करते दिखते हैं। वे BJP पर बाहरी होने और टूरिष्ट नेता जैसे आरोप भी लगाते हैं, लेकिन 10 सालों के TMC शासन पर बोलने के लिए उनके पास कुछ नहीं है। वे जनसभाओं में धमकी देते हैं, चुनाव बाद सबको देख लेने की बात करते हैं, पर जीतने के बाद जनता को क्या मिलेगा, इसपर खामोशी साध लेते हैं। ऐसा किस रणनीति के तहत किया जा रहा है, किसी की समझ में नहीं आ रहा ।
मुसलमानों के अलावा किसी भी वर्ग में TMC के प्रति उत्साह नहीं
स्थानीय पत्रकार बताते हैं कि TMC को समर्थन देने वालों में एक मुसलमान बिरादरी ही वोकल दिख रहा है। इसका कारण दूसरा है। मुसलमान TMC के प्रति प्रेम के कारण नहीं, बल्कि BJP से नफरत की वजह से सक्रिय है ।

पश्चिम बंगाल: तीसरे चरण की वोटिंग से पहले शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमने-सामने होंगे. आज दोनों हुगली जिले में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे.
बंगाल में 6 अप्रैल को तीसरे फेज की वोटिंग
बंगाल की 294 सीटों के लिए 8 फेज में वोटिंग होनी है. पहले फेज की वोटिंग 27 मार्च और दूसरे फेज की वोटिंग 1 अप्रैल को हो चुकी है. अब 6 फेज की वोटिंग बाकी है. तीसरे फेज में 31 सीटों के लिए 6 अप्रैल को वोटिंग होगी. 2016 के चुनाव में टीएमसी ने यहां की 211 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी.
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टेढ़ी पुलिया फ्लाईओवर का लोकार्पण और खुर्रम नगर फ्लाईओवर का शिलान्यास रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी ने किया। इस फ्लाओवर से लाखों लोगों को राहत मिलेगी। 1.83 किमी लंबा और चार लेन के फ्लाईओवर बनाने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा था। इंजीनियरिंग कालेज से मुंशी पुलिया और विकास नगर से कुर्सी रोड के इंटरसेक्शन को टेढ़ी पुलिया चौराहे के नाम से जाना जाता है। इस फ्लाइओवर को फोर लेन बनाया गया है।

इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, इन फ्लाईओवर के बन जाने से जनता के लिए आवागमन सुगम होगा। ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की प्रशंसा की।
केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सात नए प्रोजेक्ट को अनुमति दी और कहा कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे दिसंबर 2022 तक पूरा होगा। चार महीने में शिलान्यास होगा। इसके अलावा यूपी में 3.5 लाख करोड़ के नए काम शुरू होंगे।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य बहुत तेजी से हो रहा है। इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। कहा, हमने इस महीने में राजमार्ग बनाने में तीन विश्व रिकार्ड बनाया है। कल ही हमने 37 किमी प्रतिदिन राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का कार्य पूरा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “आज लखनऊ के विकास के लिए जितने भी प्रस्ताव प्रस्तुत हुए हैं, प्रदेश सरकार उन्हें सहज स्वीकार करते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाएगी। एक बार फिर से मैं प्रदेशवासियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश सरकार ने गोमती नदी के दोनों तटों का उपयोग करते हुए एक नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण को अपने हाथों में लिया है। प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी में बेहतर कार्य हुए हैं। इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को फोर लेन से जोड़ने, हर जनपद मुख्यालय को फोर लेन और तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय को 02 लेन से जोड़ने की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है।
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टेढ़ी पुलिया फ्लाईओवर का लोकार्पण और खुर्रम नगर फ्लाईओवर का शिलान्यास रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी ने किया। इस फ्लाओवर से लाखों लोगों को राहत मिलेगी। 1.83 किमी लंबा और चार लेन के फ्लाईओवर बनाने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा था। इंजीनियरिंग कालेज से मुंशी पुलिया और विकास नगर से कुर्सी रोड के इंटरसेक्शन को टेढ़ी पुलिया चौराहे के नाम से जाना जाता है। इस फ्लाइओवर को फोर लेन बनाया गया है।

इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, इन फ्लाईओवर के बन जाने से जनता के लिए आवागमन सुगम होगा। ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की प्रशंसा की।
केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सात नए प्रोजेक्ट को अनुमति दी और कहा कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे दिसंबर 2022 तक पूरा होगा। चार महीने में शिलान्यास होगा। इसके अलावा यूपी में 3.5 लाख करोड़ के नए काम शुरू होंगे।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य बहुत तेजी से हो रहा है। इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। कहा, हमने इस महीने में राजमार्ग बनाने में तीन विश्व रिकार्ड बनाया है। कल ही हमने 37 किमी प्रतिदिन राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का कार्य पूरा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “आज लखनऊ के विकास के लिए जितने भी प्रस्ताव प्रस्तुत हुए हैं, प्रदेश सरकार उन्हें सहज स्वीकार करते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाएगी। एक बार फिर से मैं प्रदेशवासियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश सरकार ने गोमती नदी के दोनों तटों का उपयोग करते हुए एक नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण को अपने हाथों में लिया है। प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी में बेहतर कार्य हुए हैं। इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को फोर लेन से जोड़ने, हर जनपद मुख्यालय को फोर लेन और तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय को 02 लेन से जोड़ने की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है।
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एसडीपीओ की रणनीति से आदिम जनजाति की नाबालिग के बलत्कारी दबोचे गए
पथना/प्रतिनिधि
28 मार्च को पथना अंचल के तीलभीट्ठा गांव के ग्रामीण मेला गई बोरना पहाड़ की आदिम जनजाति नाबालिग के साथ कुछ वहशियों ने मेला से अलग ले जाकर बारी बारी वहशीपन कर नाबालिग से बल्तकार किया। जिसकी पुष्टि नाबालिग ने परिजनों के माध्यम से रांगा थाना प्रभारी अमन कुमार के समक्ष किया। घटना की सूचना एसडीपीओ पीके मिश्रा को मिलते ही रणनीति के तहत पुलिस टीम बना वहशियों बल्तकारियों के विरूद्ध चक्रब्यूह रचा जिसमे सभी बल्तकारी फंसते चले गए। शुक्रवार को एसडीपीओ मिश्रा ने प्रेस काँफ्रेस कर बताया कि मो. इमरान खान, शिव उराँव, रमेश उराँव, राजेंद्र उराँव, मनीलाल उराँव के साथ एक नाबालिग जनता उर्फ सुंदरू मालतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं नाबालिग लड़के को बाल सुधार गृह भेजा गया है। सभी अभियुक्तों पर पाँस्को एक्ट, 376, 34 भादवी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पक्षी अभ्यारण्य पतौड़ा झील परिक्षेत्र को इको सिंसेटिव जोन कागज कलम तक सिमित
क्रेशर से उड़ते धूल,मशीन, वाहनों के कोलाहल विदेशी पक्षियों के प्रतिकूल
नीरज कुमार जैन
साहिबगंज। राजमहल पहाड़ी श्रृखंला व गंगा नदी के तट पर पक्षी अभ्यारण्य पतौड़ा झील उधवा प्राकृतिक सौंदर्य एवं अद्भुत भौगोलिक संरचना को संरक्षित करने के उद्धेश्य से क्षेत्रीय विधायक सह विपक्षी नेता अनंत ओझा ने विस के मानस पटल पर उठा कर क्षेत्र को इको सिंसेटिव जोन की श्रेणी मे ले आए। लेकिन यह कागज कलम तक मे ही सिमट कर रह गई है। फलतः पक्षियों का शिकार हो या झील से मछली पकड़ने व परिक्षेत्र मे आवास बनने पर अंकुश नहीं लग पाया वहीं पक्षी अभ्यारण्य व झील से महज एक-डेढ़ किमी के ऐयर रैंज मे पत्थर क्रेशर धड़ल्ले से संचालित है।
प्राकृतिक सौंदर्य का वरदान उक्त अभ्यारण्य एन एच 80 के किनारे उधवा के समीप बसा है। झारखंड राज्य का उधवा झील पक्षी आश्रयणी पतौड़ा झील एवं बरहेल झील को मिलकर बना है। पतौड़ा झील लगभग 156 हेक्टेयर भूमि पर अवस्थित है। दूसरी तरफ ब्रम्ह जमालपुर झील जो 410 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है। ब्रम्ह जमालपुर झील को बढ़ैल या बड़का झील भी कहते हैं। राजमहल की पहाड़ियों के बीच लगभग 5.65 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में उधवा का पक्षी आश्रयणी है।दोनों झीलों को उदयनाला के माध्यम से गंगा नदी से साल भर पानी मिलता रहता है। शीत ऋतु और बरसात के मौसम में बढ़ैल और पतौड़ा झील आपस में जुड़ जाते हैं । कई प्रवासी ,अप्रवासी पक्षी और द्रुलभ प्रजाति के पक्षी यहाँ जलक्रीड़ा करते हैं।मध्य एशिया से दिसंबर और मार्च के महीने में कई प्रवासी पक्षी आते हैं और इस झील की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। दोनों झील के प्राकृतिक सौंदर्य दृश्य अप्रवासी एवं प्रवासी पक्षियों को लुभाते हैं और वे स्वयं को यहाँ सुरक्षित महसूस करते हैं।शीत ऋतु में लगभग 80 प्रजातियों के प्रवासी और अप्रवासी पक्षी यहाँ पाए जाते हैं और इनमें से कई दुर्लभ प्रजाति के हैं। पतौड़ा झील झारखंड राज्य का एकमात्र पक्षी अभयारण्य और प्रवासी पक्षियों को आश्रय देने वाला प्राकृतिक घर है। जिस पर इनदिनों राजमहल की पहाड़ी श्रृंखला पर पत्थर माफियाओं द्वारा दोहन और पहाड़ी से पत्थर खनन से निकलने वाले कचरें का निस्तारण नदी मे करने से प्रवासी पक्षियों के अनुकूल नही रहा पतौड़ा झील का वातावरण। अब लोग नए साल मे पिकनिक मनाने पहुंचते है। प्रशासन भी झील से होने वाले पक्षियों के शिकार को रोकने को भी तत्पर है।
पक्षी अभ्यारण्य पतौड़ा झील परिक्षेत्र को इको सिंसेटिव जोन कागज कलम तक सिमित
क्रेशर से उड़ते धूल,मशीन, वाहनों के कोलाहल विदेशी पक्षियों के प्रतिकूल
नीरज कुमार जैन
साहिबगंज। राजमहल पहाड़ी श्रृखंला व गंगा नदी के तट पर पक्षी अभ्यारण्य पतौड़ा झील उधवा प्राकृतिक सौंदर्य एवं अद्भुत भौगोलिक संरचना को संरक्षित करने के उद्धेश्य से क्षेत्रीय विधायक सह विपक्षी नेता अनंत ओझा ने विस के मानस पटल पर उठा कर क्षेत्र को इको सिंसेटिव जोन की श्रेणी मे ले आए। लेकिन यह कागज कलम तक मे ही सिमट कर रह गई है। फलतः पक्षियों का शिकार हो या झील से मछली पकड़ने व परिक्षेत्र मे आवास बनने पर अंकुश नहीं लग पाया वहीं पक्षी अभ्यारण्य व झील से महज एक-डेढ़ किमी के ऐयर रैंज मे पत्थर क्रेशर धड़ल्ले से संचालित है।
प्राकृतिक सौंदर्य का वरदान उक्त अभ्यारण्य एन एच 80 के किनारे उधवा के समीप बसा है। झारखंड राज्य का उधवा झील पक्षी आश्रयणी पतौड़ा झील एवं बरहेल झील को मिलकर बना है। पतौड़ा झील लगभग 156 हेक्टेयर भूमि पर अवस्थित है। दूसरी तरफ ब्रम्ह जमालपुर झील जो 410 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है। ब्रम्ह जमालपुर झील को बढ़ैल या बड़का झील भी कहते हैं। राजमहल की पहाड़ियों के बीच लगभग 5.65 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में उधवा का पक्षी आश्रयणी है।दोनों झीलों को उदयनाला के माध्यम से गंगा नदी से साल भर पानी मिलता रहता है। शीत ऋतु और बरसात के मौसम में बढ़ैल और पतौड़ा झील आपस में जुड़ जाते हैं । कई प्रवासी ,अप्रवासी पक्षी और द्रुलभ प्रजाति के पक्षी यहाँ जलक्रीड़ा करते हैं।मध्य एशिया से दिसंबर और मार्च के महीने में कई प्रवासी पक्षी आते हैं और इस झील की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। दोनों झील के प्राकृतिक सौंदर्य दृश्य अप्रवासी एवं प्रवासी पक्षियों को लुभाते हैं और वे स्वयं को यहाँ सुरक्षित महसूस करते हैं।शीत ऋतु में लगभग 80 प्रजातियों के प्रवासी और अप्रवासी पक्षी यहाँ पाए जाते हैं और इनमें से कई दुर्लभ प्रजाति के हैं। पतौड़ा झील झारखंड राज्य का एकमात्र पक्षी अभयारण्य और प्रवासी पक्षियों को आश्रय देने वाला प्राकृतिक घर है। जिस पर इनदिनों राजमहल की पहाड़ी श्रृंखला पर पत्थर माफियाओं द्वारा दोहन और पहाड़ी से पत्थर खनन से निकलने वाले कचरें का निस्तारण नदी मे करने से प्रवासी पक्षियों के अनुकूल नही रहा पतौड़ा झील का वातावरण। अब लोग नए साल मे पिकनिक मनाने पहुंचते है। प्रशासन भी झील से होने वाले पक्षियों के शिकार को रोकने को भी तत्पर है।

दिनहाटा (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोर दे कर कहा कि वह नंदीग्राम सीट से चुनाव जीत रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शुक्रवार को पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें मोदी से किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने के बारे में ‘सलाह’ नहीं चाहिए. मैंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा है और वहीं से जीतूंगी.
यहां रैली से अपनी उत्तर बंगाल की यात्रा की शुरुआत करने वाली बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग चुनाव नहीं करा रहा बल्कि गृह मंत्री अमित शाह चुनाव करा रहे हैं.बनर्जी ने कहा कि टीएमसी 200 से अधिक सीटें जीते अन्यथा भाजपा अपनी धन शक्ति का इस्तेमाल गद्दारों को खरीदने में करेगी.’ विभाजनकारी राजनीति’ से सावधान रहें- ममता
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के असदुद्दीन ओवैसी का अध्यक्ष और भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (ISF) के अब्बास सिद्दीकी का नाम लिए बिना, उन्होंने अल्पसंख्यकों, SC और ST मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपनी ‘विभाजनकारी राजनीति’ से सावधान रहें.

दिनहाटा (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोर दे कर कहा कि वह नंदीग्राम सीट से चुनाव जीत रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शुक्रवार को पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें मोदी से किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने के बारे में ‘सलाह’ नहीं चाहिए. मैंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा है और वहीं से जीतूंगी.
यहां रैली से अपनी उत्तर बंगाल की यात्रा की शुरुआत करने वाली बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग चुनाव नहीं करा रहा बल्कि गृह मंत्री अमित शाह चुनाव करा रहे हैं.बनर्जी ने कहा कि टीएमसी 200 से अधिक सीटें जीते अन्यथा भाजपा अपनी धन शक्ति का इस्तेमाल गद्दारों को खरीदने में करेगी.’ विभाजनकारी राजनीति’ से सावधान रहें- ममता
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के असदुद्दीन ओवैसी का अध्यक्ष और भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (ISF) के अब्बास सिद्दीकी का नाम लिए बिना, उन्होंने अल्पसंख्यकों, SC और ST मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपनी ‘विभाजनकारी राजनीति’ से सावधान रहें.
चंद्रा रेलवे ट्रैक के पास प्लास्टिक बोरो के बीच बमों का जखीरा बरामद
राजेश कुमार जैन/मालदा
रक्त रंजित के नाम से विख्यात पश्चिम बंगाल का 2021विस चुनाव मे प्रशासन की मुश्तैदी साफ झलक रही है यही वजह है कि पुलिस प्रशासन लगातार कभी आग्नेयास्त्र, बम, मादक व नशीले पदार्थ, जाली नोट वैगरह बरामद कर माफिया, तस्कर व दादा मस्तानों के मंसूबो पर पानीफेर दिया है। उसके बाद भी माफिया डान के हौसलें बुलंद नजर आ रहे है। यही वजह है कि उसके बाद भी तस्करी के धंधों मे कमी प्रतीत नहीं होती। फलतः
शुक्रवार के सुबह करीब दस बजे मुर्शिदाबाद जिला के जंगीपुर सुती थाना पुलिस ने प्लास्टिक बोरो के बीच छिपा कर रखे दो कंटेनर प्लास्टिक जार मे जिंदा बमों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सूती के चंद्रा रेलवे ट्रैक से सटे आमबगान से दो कंटेनर प्लास्टिक जार मे बमों का जखीरा मिला है। पुलिस ने इलाके को घेर बम निरोधक दस्ते को बम की सूचना दी है। पुलिस मामले की तफ्तीश मे जुट गई है।बम निरोधक दस्ता टीम के द्वारा ही ज्ञात हो पायेगा कि कंटेनर मे कितने बम है। मालदा, मुर्शिदाबाद जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों से पुलिस ने विस चुनाव 2921 की घोषणा के बाद से अब तक मे दर्जनों विस्फोटक सामग्री व बम बरामद कर बम निरोधक दस्ता टीम द्वारा रिफ्यूज करवा चूकी है। सूत्रों की माने तो दोनो जिला मुस्लिम बाहुल्य और बंग्लादेश की सीमा से सटा है। फलतः चुनाव मे मतदान को प्रभावित व दहशत कायम करने के उद्धेश्य से विस्फोटक सामग्री से देशी बम का निर्माण किया गया है।
चंद्रा रेलवे ट्रैक के पास प्लास्टिक बोरो के बीच बमों का जखीरा बरामद
राजेश कुमार जैन/मालदा
रक्त रंजित के नाम से विख्यात पश्चिम बंगाल का 2021विस चुनाव मे प्रशासन की मुश्तैदी साफ झलक रही है यही वजह है कि पुलिस प्रशासन लगातार कभी आग्नेयास्त्र, बम, मादक व नशीले पदार्थ, जाली नोट वैगरह बरामद कर माफिया, तस्कर व दादा मस्तानों के मंसूबो पर पानीफेर दिया है। उसके बाद भी माफिया डान के हौसलें बुलंद नजर आ रहे है। यही वजह है कि उसके बाद भी तस्करी के धंधों मे कमी प्रतीत नहीं होती। फलतः
शुक्रवार के सुबह करीब दस बजे मुर्शिदाबाद जिला के जंगीपुर सुती थाना पुलिस ने प्लास्टिक बोरो के बीच छिपा कर रखे दो कंटेनर प्लास्टिक जार मे जिंदा बमों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सूती के चंद्रा रेलवे ट्रैक से सटे आमबगान से दो कंटेनर प्लास्टिक जार मे बमों का जखीरा मिला है। पुलिस ने इलाके को घेर बम निरोधक दस्ते को बम की सूचना दी है। पुलिस मामले की तफ्तीश मे जुट गई है।बम निरोधक दस्ता टीम के द्वारा ही ज्ञात हो पायेगा कि कंटेनर मे कितने बम है। मालदा, मुर्शिदाबाद जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों से पुलिस ने विस चुनाव 2921 की घोषणा के बाद से अब तक मे दर्जनों विस्फोटक सामग्री व बम बरामद कर बम निरोधक दस्ता टीम द्वारा रिफ्यूज करवा चूकी है। सूत्रों की माने तो दोनो जिला मुस्लिम बाहुल्य और बंग्लादेश की सीमा से सटा है। फलतः चुनाव मे मतदान को प्रभावित व दहशत कायम करने के उद्धेश्य से विस्फोटक सामग्री से देशी बम का निर्माण किया गया है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 30 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण के मतदान खत्म हो गए है। चुनाव आयोग के मुताबिक विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शाम 6 बजे तक पश्चिम बंगाल में 80.43% मतदान हुए।
पश्चिम बंगाल की 30 विधानसभा सीटों पर कुल 171 प्रत्याशियों में 152 पुरुष और 19 महिलाएं हैं। आज मतदान का आयोजन दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और बांकुरा इन चार जिलों में किया गया है।