नक्सलियों को पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कब ?
छत्तीसगढ़ के पूर्व DGP विश्वरंजन ने कहा है कि सारा फोकस उन नक्सलियों के सफाए पर है जिन्होंने 22 जवानों को शहीद कर दिया, लेकिन उनका क्या जिन्होंने नक्सलियों को ये नृशंस नरसंहार के लिए प्रेरित किया। उनके खिलाफ सैन्य ऑपरेशन कब शुरू होगा ? विश्वरंजन ने कहा कि नरसंहार जैसी परिस्थितियाँ पैदा करने वाले नरसंहार करने वालों से ज्यादा दोषी हैं , लेकिन किसी की इतनी हिम्मत नहीं कि वैचारिक साज़िशकर्ताओ के खिलाफ पुलिस ऑपरेशन लॉन्च कर सकें।
न्यायपालिका से लेकर पुलिस तक उन्होंने अपने लोग फिट कर रखे हैं
छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों से लेकर मीडिया तक और पुलिस से लेकर न्यायपालिका तक उन्होंने अपने स्लीपर सेल्स तैयार कर रखे हैं, जिन्हें समय-समय पर एक्टिवेट किया जाता है। ऐसे लोग देश को अंदर ही अंदर तोड़ना चाहते हैं। अमीर-गरीब, जाति-धर्म को आधार बनाकर ये लोग सिस्टम के प्रति नफरत पैदा कर रहे हैं। ये बंदूक के जोर पर तख्तापलट की मंशा रखते हैं। लेकिन सरकार मजबूर है, सरकार को डर है कि लेफ्ट रुझानों वाले स्लीपर सेल्स पर हाथ डालने से देश में अशांति पैदा हो जाएगी।
सुरक्षा बलों और मिलिट्री को असंतोष पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार मिले
पूर्व डीजीपी ने कहा कि जबतक नक्सली पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, जंगलों में बंदूक उठाकर घूमने वाले पैदल सिपाहियों को मारने से कुछ हासिल नहीं होगा । दोनों ओर से सिर्फ सिस्टम के सबसे निचले पायदान के लोग मर रहे हैं। जबकि हमें नक्सलियों के recruitment cell को ध्वस्त करने के लिए “ऑपरेशन ऑल आउट” लॉन्च करना होगा ।
Madhubani massacre is result of Nitish hatred towards Upper Caste?
क्या सवर्णों से मन ही मन नफरत करते हैं नीतीश कुमार ?
कांग्रेस ने नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि नीतीश कुमार के मन में बिहार के सवर्णों के प्रति घृणा है । उन्हें बार-बार ये टीस सालती है कि सवर्ण या तो भाजपा के साथ हैं या फिर कांग्रेस के साथ । इसलिए नीतीश कुमार बिहार में फॉरवर्ड-बैकवर्ड के नाम पर बंटवारा चाहते हैं। इसलिए वो मधुबनी के महमदपुर नरसंहार के आरोपियों को बचाने की साजिश रच रहे हैं। पुलिस ने किसके इशारे पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है, ये सब जानते हैं।
नरसंहार के आरोपियों का JDU से सीधा संबंध
कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने कहा कि मधुबनी नरसंहार का मुख्य आरोपी जेडीयू का सक्रिय सदस्य है। सृजन घोटाले में भी उसका नाम आया है। आज राजपूत बिरादरी के पूरे परिवार को काट डाला गया, कल यही दूसरे सवर्णों के साथ होने वाला है । नीतीश कुमार लव-कुश और दलितों को एक ओर और सवर्णों को दूसरी ओर रखकर मार काट करवाना चाहते हैं।
बिहार में घर से निकलना मुश्किल: RJD
वहीं आरजेडी ने आरोप लगाया कि होली के वक्त नवादा में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हुई, लेकिन पुलिस चुप रही । वहां प्रशासन ने जबरदस्ती इसे हार्ट अटैक बता दिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने अपनी जिंदगी में कभी “सामूहिक हार्ट अटैक” के बारे में नहीं सुना।
मीडिया को विज्ञापन के नाम पर डरा-धमका कर रखते हैं नीतीश-तेजस्वी
उन्होंने मधुबनी नरसंहार पर कहा कि नरसंहार का दौर याद दिलाने वाले जान लें कि मीडिया को डराने-धमकाने से सच्चाई नहीं दबती । मीडिया चाहे जितना पर्दा डाल ले, लेकिन बिहार की जनता को नीतीश कुमार से नफरत हो चुकी है। जनता उनका चेहरा तक नहीं देखना चाहती । जिस दिन नीतीश भाजपा और राजद से अलग होकर लड़ेंगे, उसी दिन उनको अपना औकात पता चल जाएगा।
Madhubani massacre is result of Nitish hatred towards Upper Caste?
क्या सवर्णों से मन ही मन नफरत करते हैं नीतीश कुमार ?
कांग्रेस ने नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि नीतीश कुमार के मन में बिहार के सवर्णों के प्रति घृणा है । उन्हें बार-बार ये टीस सालती है कि सवर्ण या तो भाजपा के साथ हैं या फिर कांग्रेस के साथ । इसलिए नीतीश कुमार बिहार में फॉरवर्ड-बैकवर्ड के नाम पर बंटवारा चाहते हैं। इसलिए वो मधुबनी के महमदपुर नरसंहार के आरोपियों को बचाने की साजिश रच रहे हैं। पुलिस ने किसके इशारे पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है, ये सब जानते हैं।
नरसंहार के आरोपियों का JDU से सीधा संबंध
कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने कहा कि मधुबनी नरसंहार का मुख्य आरोपी जेडीयू का सक्रिय सदस्य है। सृजन घोटाले में भी उसका नाम आया है। आज राजपूत बिरादरी के पूरे परिवार को काट डाला गया, कल यही दूसरे सवर्णों के साथ होने वाला है । नीतीश कुमार लव-कुश और दलितों को एक ओर और सवर्णों को दूसरी ओर रखकर मार काट करवाना चाहते हैं।
बिहार में घर से निकलना मुश्किल: RJD
वहीं आरजेडी ने आरोप लगाया कि होली के वक्त नवादा में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हुई, लेकिन पुलिस चुप रही । वहां प्रशासन ने जबरदस्ती इसे हार्ट अटैक बता दिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने अपनी जिंदगी में कभी “सामूहिक हार्ट अटैक” के बारे में नहीं सुना।
मीडिया को विज्ञापन के नाम पर डरा-धमका कर रखते हैं नीतीश-तेजस्वी
उन्होंने मधुबनी नरसंहार पर कहा कि नरसंहार का दौर याद दिलाने वाले जान लें कि मीडिया को डराने-धमकाने से सच्चाई नहीं दबती । मीडिया चाहे जितना पर्दा डाल ले, लेकिन बिहार की जनता को नीतीश कुमार से नफरत हो चुकी है। जनता उनका चेहरा तक नहीं देखना चाहती । जिस दिन नीतीश भाजपा और राजद से अलग होकर लड़ेंगे, उसी दिन उनको अपना औकात पता चल जाएगा।
कला संगम के सांस्कृतिक महोत्सव में देश के आठ कलाकरों को किया गया सम्मानित
सम्मानित किये गये देश भर के 8 कलाकार
गिरिडीह : उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि देश की विभिन्न संस्कृति विदेश में भी अपनी पहचान बना रखी है। कोरोना के कारण कलाकार प्रभावित हुए हैं। लेकिन कला संगम ने इस प्रकार के कार्यक्रम को आयोजित कर कलाकारों को प्रोत्साहित कर सराहनीय कार्य किया है।
उपायुक्त श्री सिन्हा रविवार को कला संगम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, लोकनृत्य, शास्त्त्रीय नृत्य व मॉडर्न नृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन के कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के मोहलीचुवा में इंडोर स्टेडियम बन रहा है। वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जा सकेगा। कहा कि इस तरह के महोत्सव से कलाकारों का मनोबल बढ़ता है।
स्मारिका का विमोचन करते डीसी व अन्य
स्मारिका का किया गया विमोचन
मौके पर कला संगम की वार्षिक स्मारिका सर्जना का विमोचन किया गया। सर्जना का विमोचन उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा, एनडीसी डॉ सुदेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ परिमल सिन्हा, उपाध्यक्ष पंकज ताह, राजीव सिन्हा, सचिव सतीश कुंदन, स्मारिका के प्रधान संपादक राकेश सिन्हा, एडिटर सुनील मंथन शर्मा, निर्णायक मंडली के सदस्य अशोक मानव, सरसी चंद्र आदि ने संयुक्त रूप से किया।
देश भर के 8 कलाकरों को किया गया सम्मानित
गिरिडीह के रंगकर्मी राजेश अभागा को नाट्य श्री की उपाधि से सम्मानित करते डीसी राहुल सिन्हा
कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न प्रान्तों के आठ कलाकारों को स्व. दिगंबर प्रसाद स्मृति सम्मान से नवाजा गया। जिनमे कला निकेतन धनबाद की नूतन सिन्हा, वाराणसी के रविकांत मिश्रा, जमशेदपुर की छवि दास, निरसा की श्रुति चंद्रा, उड़ीसा के प्रवीर जेना, धनबाद के गौरव सरकार, गिरिडीह की सांस्कृतिक संस्था छोटानागपुर रंगालय से जुड़े रंगकर्मी राजेश अभागा को रंगकर्म के लिये नाट्य श्री की मानद उपाधि से तथा गिरिडीह के ही लोक कलाकार अनिल कुमार सिन्हा को कला श्री की उपाधि से उपायुक्त के हाथों शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
नृत्य प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
नृत्य प्रस्तुत करती कलाकार
दूसरे दिन का कार्यक्रम स्व. नरेंद्र सिन्हा की स्मृति में मॉडर्न डांस प्रतियोगिता से शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में कला निकेतन धनबाद के समूह नृत्य, अदरीजा कुंडू, अनन्या प्रसाद व इप्शिता गांगुली, संस्थिता घोष, समग्न्या दास, अयन्तिका रॉय, अविनिता महतो, सिया मजूमदार, प्रिशा तिवारी, अनन्या दास, अनोखी भंडारी, प्राची सिंह, देबोश्रीता सरकार, नामिता महतो, परियानी बनर्जी, अनीशा सेन, स्वश्रुति रॉय, सुमन सिंह, डिम्पल शर्मा, बरनाली पाल आदि ने अपनी-अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
नाटकों का मंचन कर कलाकारों ने लूटी वाहवाही
इस दौरान कई नाटकों का भी मंचन हुआ। राउरकेला उड़ीसा की नटराज नृत्य परिषद ने खोज नामक नाटक का मंचन किया। वंही मचंदूतक ने बेवफा, डाल्टनगंज की मासूम आर्ट ग्रुप ने आप कौन चीज के डायरेक्टर है, भोपाल की स्मृति शिक्षा एवं कल्याण समिति ने लागी छूटे ना और जमशेदपुर की संस्था डेट ने बड़े भाई साहब नाटक प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम को सफल में कला संगम के सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही।
गिरिडीह : ज्यों ज्यों मतदान की तिथि नजदीक आती जा रही है। यंहा चुनावी तपिश परवान चढ़ने लगा है। सभी प्रत्याशी वोटरों को अपने पक्ष में करने की जुगत में दिन रात एक कर दिये हैं। माजरा पूरी तरह सियासती चुनावी दंगल सा दिखने लगा है। कहने को तो यह अधिवक्ता संघ का चुनाव है। गिने चुने वोटर हैं। वोटर भी सब के सब अधिवक्ता ही है। अर्थात यूँ कहें कि डबल ग्रेजुएट लोगों की जमात।
बाबजूद इस चुनाव में जातीय गोलबंदी होती है। जातीय आधार पर ही इस चुनाव का नतीजा सामने आता है। इस चुनाव में भी सियासती दांव पेंच पूरी तरह से हावी रहती है। येन केन प्रकारेण चुनाव में जीत हासिल करने के लिये इन डबल ग्रेजुएटों के बीच भी सियासती चुनाव की तरह हर प्रकार के चुनावी हथकंडे अपनाते दिखाई देते है। यथा साम, दाम, दण्ड, भेद की प्रकिया पूरी तरह से इस अधिवक्ता संघ के चुनाव में हावी दिखती रही है। अब तक के चुनाव में ऐसे हथकंडे के बूते ही चुनावी ध्रुव तारा उगते रहे है। आसन्न चुनाव भी कुछ उसी आधार पर होता नजर आ रहा है। प्रत्याशियों द्वारा प्रचार प्रसार का काम पूरी चरम पर है।
16 पदों के लिये 9 अप्रैल को होना है मतदान :
जिला अधिवक्ता संघ के 16 पदों के लिए आगामी 9 अप्रैल को चुनाव की तिथि निर्धारित है। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव (प्रशासन) , संयुक्त सचिव (लाईब्रेरी), कोषाध्यक्ष, सहायक कोषाध्यक्ष के एक एक पदों के अलावे 9 एग्जीक्यूटिव मेम्बर के पदों के लिये चुनाव होना है। चुनाव हेतु निर्धारित तीन दिनों के नामांकन के दौरान विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया है। जिसमे अध्यक्ष के पद के लिये तीन प्रत्याशी मैदान में है। जिनमे निवर्तमान अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद पांडेय के अलावे प्रकाश सहाय और सुनील कुमार राय मैदान में डटे हैं। जातीय गोलबंदी इस बार के चुनाव में हावी रहेगा या काम के आधार पर मतदान होगा यह तो वक्त ही बतायेगा। हालांकि तीन में दो उम्मीदवारों के बीच घमासान होने के पूरी आसार है। तीसरे उम्मीदवार को वोटरों ने वोटकटवा की श्रेणी में शामिल रखें हैं।
निवर्तमान महासचिव चुन्नुकान्त
महासचिव पद पर कंटक बना है स्वजातीय कांटा :
वंही महासचिव के पद पर आसन्न चुनाव में पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। जिनमे निवर्तमान महासचिव चुन्नू कांत के अलावे विनय कुमार उर्फ विनय बक्सी, कामेश्वर प्रसाद यादव, उमेश चन्द्र त्रिवेदी एवं मितेश कुमार सराक शामिल है। इस पद पर जंहा निवर्तमान महासचिव हैट्रिक लगाने की जुगत में है। वंही उनके ही स्वजातीय प्रत्याशी अपने पिता की विरासत को बचाने के लिये एड़ी चोटी एक कर दिया है। सुविज्ञ सूत्रों की माने तो विनय बक्सी के पिता स्व शंकर प्रसाद बक्सी ने जिला अधिवक्ता संघ को एक मुकाम दिलाने में सफल रहे थे। उनके ही महासचिव के कार्यकाल में अधिवक्ता संघ भवन एक ऊंची इमारत बन कर गिरिडीह के अधिवक्ताओं के मान सम्मान को चार चांद लगाया था। उनकी उसी विरासत को सहेजने के लिये विनय बक्सी ने आसन्न चुनाव में कमर कस लिया है। ऐसे में ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो वक्त बतायेगा। हालांकि जानकारों की माने तो गत चुनाव में ही विनय बक्सी चुनावी दंगल में कूदने की तैयारी में थे। लेकिन स्वजातीय दवाब में उन्होंने बीते चुनाव में नहीं कूदे थे। लेकिन आसन्न चुनाव में पूरे दम खम से जुटे है। स्वजातीय वोटरों के साथ साथ अन्य वर्ग के लोगों के कौन कितने चहेते है यह तो चुनाव परिणाम ही बतायेगा। हैट्रिक लगेगी, स्व पिता की विरासत बचेगी या कोई नया चेहरा उभर कर सामने आयेगा। वोटर इसी उहापोह में है। हालांकि महासचिव के पद पर दमदार प्रत्याशी की जीत हो इसी जुगत में वोटर भी जुटे है। चुनाव का परिणाम ही बतायेगा कि वोटरों के पसन्द का दमदार चेहरा आखिर कौन है।
महासचिव पद के प्रत्याशी विनय कुमार उर्फ विनय बक्सी[/caption]
संयुक्त सचिव के दो पद के लिये 7 उम्मीदवार
जिला अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव के दो पद संयुक्त सचिव (एडमिनिस्ट्रेशन) और संयुक्त सचिव (लाइब्रेरी) के कुल 7 प्रत्याशी मैदान में है। जिनमे संयुक्त सचिव (एडमिनिस्ट्रेशन) के लिये तीन प्रत्याशियों दशरथ प्रसाद, पंचानन्द मुनि और संजय कुमार के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होना तय है। वंही संयुक्त सचिव (लाइब्रेरी) के पद पर चार प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। जिनमे निवर्तमान पदधारी रहे शिवेन्द्र कुमार सिन्हा के अलावे सुनीता कुमारी उर्फ सुनीता शर्मा, तरुण कुमार कांति और कमलेश्वर प्रसाद नारायण देव शामिल है। इस पद हेतु चुनाव में जनबल पर धनबल हावी होंगे या जनबल की जीत होगी यह तो वक्त बतायेगा। हालांकि इस पद के लिये कांटे के टक्कर के आसार नजर आ रहे हैं।
उपाध्यक्ष के चार प्रत्याशियों में होगा घमासान
उपाध्यक्ष के पद के लिये चार प्रत्याशी मैदान में डटे हैं। जिनमे नित्यानंद प्रसाद, संजीवन कुमार सिन्हा, पारसनाथ सिंह के अलावे निवर्तमान उपाध्यक्ष बालगोविंद साहू शामिल हैं। इस पद के लिये भी कांटे के टक्कर के आसार स्पष्ट नजर आ रहे हैं। इस पद पर भी जंहा दो स्वजातीय प्रत्याशी आपस मे टकरायेंगे वंही तीसरे उम्मीदवार का पलड़ा भारी हो जाने के आसार नजर आएंगे। हालांकि यह चुनाव में जल्दबाजी में कोई बात कह देना अनुचित होगा। लेकिन टक्कर कांटे होगा इसमे तनिक शक की गुंजाइश नही है।
कोषाध्यक्ष पद हेतु 4 और सहायक कोषाध्यक्ष के है तीन उम्मीदवार
चुनावी मैदान में संघ के कोषाध्यक्ष के पद हेतु चार प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। जिनमे उदय कुमार सिन्हा, बिजय कुमार साहा, शिव कुमार गुप्ता और मीरा कुमारी शामिल है। जबकि सहायक कोषाध्यक्ष के पद के निवर्तमान सहायक कोषाध्यक्ष ज्योतिश कुमार सिन्हा के अलावे तुलसी प्रसाद महतो और किशोर कुमार वर्मा किस्मत आजमा रहे हैं। तीनो के बीच कड़े मुकाबले के आसार है। क्योंकि गत चुनाव में ज्योतिश सिन्हा को कड़ा संघर्ष करना पड़ा था। और महज एक मत से चुनाव जीत पाये थे। आसन्न चुनाव में पुनः मुकाबला काफी कड़ा है। ऊंट किस करवट बैठेंगे यह चुनाव परिणाम ही बताएगा।
वंही अधिवक्ता संघ के 9 कार्यकारणी सदस्यों (एक्जीक्यूटिव मेम्बर) के लिये 29 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। सभी प्रत्याशी अपने जीत के लिये वोटरों के सिरिश्ता का चक्कर काटते दिख रहे है और उन्हें अपने पक्ष में मतदान करने की अनुरोध करते नजर आ रहे है। बहरहाल अधिवक्ता संघ के चुनाव को लेकर संघ के बाहर के लोगों की भी टकटकी लगी है।
नयी नियमावली के तहत हो रही चुनाव
जिला अधिवक्ता संघ का आसन्न चुनाव नयी नियमावली के तहत हो रही है। जिंसमे अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के लिये 25 वर्षों का प्रैक्टिश एक्सपीरियंस अनिवार्य किया गया है। जबकि अन्य किसी भी पद हेतु कोई एक्सपीरियंस की अनिवार्यता नही है। अर्थात कोई भी अधिवक्ता भले ही वह नया नया ही क्यों न रजिस्ट्रेशन करवाया हो अध्यक्ष को छोड़ अन्य किसी भी पद के लिये चुनाव लड़ सकता हैं। जबकि पूर्व में हर पद के लिये अलग अलग प्रैक्टिश एक्सपीरियंस की अनिवार्यता होती थी। हालांकि यंहा चुनाव मैदान में डटे सभी पदों के प्रत्याशी की प्रैक्टिश एक्सपीरियंस काफी है। चुनाव मैदान में कोई भी नया प्रैक्टिशनर अपनी किस्मत नही आजमा रहा है।
अपराधियों ने डेमू के निकट कई राउंड फायरिंग की, जिसमें एक इंजीनियर घायल
उज्ज्वल दुनिया नितेश जायसवाल लातेहार : लातेहार रेलवे स्टेशन स्थित टीटीआइपीएल (TTIPL) के रेल प्रोजेक्ट के लातेहार और डेमू के बीच चल रही एक साइट पर रविवार की शाम अज्ञात अपराधियों ने गोलीबारी की। इस गोलीबारी के दौरान रेलवे प्रोजेक्ट क्वालिटी इंजीनियर बिरंची नारायण उम्र 38 वर्ष घायल हो गए। गोली उनके कान से छूते हुए निकल गई। बाद में स्थानीय लोगों व साइड इंचार्ज के सहयोग से घायल इंजीनियर को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सक डॉ. अखिलेश्वर प्रसाद ने प्राथमिक उपचार कर रांची रिम्स रेफर कर दिया। उल्लेखनीय है कि रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) पतरातू से सोन नगर के बीच 290 किलोमीटर लम्बी तीसरी रेलवे लाइन निर्माण कर रही है। निगम ने चंदवा से बरवाडीह का काम टीटीआईपीएल को सौंपा है।
कोयला चोरी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी के करीबी विनय मिश्रा के रिश्तेदार पुलिस अधिकारी को नयी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है । विनय मिश्रा अब भी फरार है और ईडी को उसकी तलाश है ।
गिरफ्तार शख्स का नाम अशोक कुमार मिश्रा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जिस पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है उसका नाम अशोक कुमार मिश्रा है । अशोक कुमार बांकुड़ा सदर के इंस्पेक्टर इंचार्ज हैं । कोयला तस्करी के प्रमुख आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला से उनके संबंधों की बात कही जा रही है । नयी दिल्ली में ईडी अधिकारियों ने कई घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया । इस मामले में पुलिस के किसी अधिकारी की यह पहली गिरफ्तारी है ।
विनय मिश्रा फरार घोषित, अभिषेक बनर्जी का करीबी है विनय मिश्रा
विनय मिश्रा अभी भी फरार है । उस पर कोयला तस्करी ही नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाके में मवेशियों की तस्करी के मामले में लिप्त होने का आरोप है । सीबीआइ उसे ‘भगोड़ा’ घोषित कर चुकी है । पिछले महीने ईडी ने कोलकाता स्थित उसकी एक अचल संपत्ति धनशोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कुर्क किया था । अवैध कोयला खनन और तस्करी की शिकायत सीबीआइ ने पिछले साल 27 नवंबर को दर्ज करके मामले की जांच शुरू की थी ।
बीजापुर। एजेंसियां। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में कल नक्सलियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए हैं, जबकि 30 घायल हो गये हैं। वहीं नौ नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है। घायल सभी जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 23 घायलों का बीजापुर अस्पताल में और 7 का रायपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कल पुलिस अधिकारियों ने 5 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की थी और 21 जवान लापता बताए जा रहे थे। नक्सलियों ने आज घटनास्थल का वीडियो जारी किया है, जिसमें 20 जवानों के शव अभी भी घटनास्थल पर ही दिखाई दे रहे हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक यहां रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची है। बीजापुर के एसपी ने बताया कि हमले में 22 जवान शहीद हुए हैं। हालांकि, यह संख्या 24 होने की आशंका है। मालूम हो कि बस्तर के बीजापुर में कल नक्सलियों ने करीब 700 जवानों को बीजापुर के तर्रेम इलाके में जोनागुड़ा पहाड़ियों के पास घेर लिया था। तीन घंटे तक चली मुठभेड़ में 9 नक्सली भी मारे गए हैं, जबकि करीब 30 जवान घायल हुए हैं। जिस इलाके में मुठभेड़ हुई है, वह नक्सलियों की फस्र्ट बटालियन का कार्यक्षेत्र है। 20 दिन पूर्व यूएवी की तस्वीरों से सुरक्षा बलों को जोनागुड़ा की पहाड़ियों पर नक्सलियों के डेरा जमाने की सूचना मिली थी। शुक्रवार रात को ही सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो, बस्तरिया बटालियन और स्पेशल टास्क फोर्स के दो हजार जवानों ने ऑपरेशन शुरू किया था, लेकिन शनिवार को नक्सलियों ने 700 जवानों को घेरकर तीन ओर से फायरिंग करने के साथ ही हमला कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, गांव के करीब और जंगल में शहीद जवानों के शव मिले हैं। नक्सली उनके हथियार, जूते और कपड़े तक लेकर चले गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने बताया कि मौके पर 180 नक्सलियों के अलावा कोंटा एरिया कमेटी, पामेड़ एरिया कमेटी, जगरगुंडा एरिया कमेटी और बासागुड़ा एरिया कमेटी के लगभग 250 नक्सली भी थे। सूचना मिली है कि नक्सली दो ट्रैक्टरों में शवों को ले गए हैं। इस बीच सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह छत्तीसगढ़ पहुंच गए हैं। बीजापुर में हुए ऑपरेशन के बाद गृह मंत्रालय ने उन्हें लोकेशन पर जाने के निर्देश दिए थे। सीआरपीएफ के एडीजीपी ऑपरेशंस जुल्फिकार हंसमुख, केंद्र के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार व सीआरपीएफ के पूर्व डीजीपी के. विजय कुमार और मौजूदा आईजी ऑपरेशंस पिछले 20 दिनों से जगदलपुर, रायपुर व बीजापुर के क्षेत्रों में खुद मौजूद हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जवानों का शहीद होना पूरी ऑपरेशनल प्लानिंग पर सवाल खड़े कर रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने जवानों के शहीद होने पर दुख जताते हुए कहा है कि जवानों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। मेरी संवेदनाएं छत्तीसगढ़ में शहीद हुए जवानों के परिजनों के साथ है। बता दें कि यह पिछले 10 दिनों में राज्य में यह दूसरी बड़ी नक्सली वारदात है। इससे पहले 23 मार्च को, नारायणपुर जिले में सुरक्षाकर्मियों को ले जा रही एक बस को नक्सलियों ने आईडी से उड़ा दिया था। पिछले साल 21 मार्च को सुकमा जिले के मिंपा इलाके में एक नक्सली हमले में डीआरजी के 12 सहित 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। 2013 में भी झीरम घाटी नक्सली हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित 30 से अधिक लोग मारे गए थे।
बीजापुर : सुकमा-बीजापुर सीमावर्ती इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसमें 15 नक्सली मारे गये हैं. जबकि 22 जवान शहीद हो गये है. इस साल में अबतक की सबसे बड़ी घटना है. इस मुठभेड़ में 30 जवान घायल हो गए हैं. सुरक्षा बलों का दावा है कि मुठभेड़ में 15 से ज़्यादा नक्सली ढेर हो गये है. इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की और मामले की पूरी जानकारी ली ।
15 से ज्यादा नक्सली ढेर
शहीद हुए पांच जवानों में से दो जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है । वहीं पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव भी बरामद हुआ है । इस हमले में घायल हुए 23 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है तो वहीं सात जवान रायपुर के अस्पताल में भर्ती किए गए हैं ।
शहीद जवानों के बलिदान को देश नहीं भूलेगा : गृह मंत्री
इस नक्सली हमले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों को मेरा नमन है. देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा. अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. शांति और विकास के दुश्मनों के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी. वहीं अमित शाह ने सीआरपीएफ के डीजी को भी शीघ्र छत्तीसगढ़ पहुंचने को कहा है.
नंदीग्राम के अलावा चयनित पाँच मे से एक सीट से नामांकन करने की तैयारी मे बंगाल की दीदी।
राजेश कुमार जैन/मालदा
ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी स्टाइल में एकाएक नंदीग्राम के अलावा चौरंगी, कोलकाता पोर्ट, लाबपुर, मोराराई, कालियाचक्क से नामांकन के लिए अपने चुनिंदों से तैयारी प्रारंभ करवा दी है। ममता बनर्जी ने चुनाव में दो दांव ऐसे चले कि पहले में ओवैसी, पीरज़ादा को निबटा दिया साथ ही कांग्रेस को पिछलग्गू बना कर छोड़ दिया, दूसरा अंतिम दौर के लिए पाँच विधानसभा सीट पर नज़र रखे हुए है, नही लड़ूंगी नही लड़ूंगी करते इन पाँच मे से किसी एक से नामांकन कर भाजपा को चकमा देने के फिराक मे है। पहले ओवैसी और पीरज़ादा का गठबंधन तुड़वाया फिर कांग्रेस को सपना दिखाया भविष्य के सहयोग का, नतीजा कांग्रेस पीरज़ादा को तो ले गयी पर प्रचार में कोई सहयोग नही। अधीर रंजन चौधरी ने तो पीरज़ादा के साथ खड़े होने तक से इंकार कर दिया। वहीं ओवैसी के पास पार्टी के नाम पर कुछ नही। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के सपने देखने शुरू कर दिए हैं और इंटरव्यू में बताना भी शुरू कर दिया कि प्रधानमंत्री बन कर क्या करेंगे। ये सब बंगाल की दीदी की साजिश है जिससे राहुल बाबा शेख चिल्ली बन गए है। वहीं कम्युनिस्ट और पीरज़ादा को कांग्रेस के समक्ष मृगमरीचिका प्रदर्शित किए हुए है। ओवैसी और सिद्दीकी पर ममता लगातार गंभीर आरोप लगा रही है कि भाजपा से पैसे लेकर रच रहे हैं साजिश। ओवैसी और अब्बास सिद्दीकी को भाजपा की तरफ से हिंदू और मुस्लिम को बांटने के पैसे मिले हैं। दीदी ने कहा कि अगर आप एनआरसी और बंटवारा नहीं चाहते हैं तो ओवैसी और अब्बास को वोट न करें। पश्चिम बंगाल की सीएम दीदी ममता ने अपनी एक जनसभा में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और आईएसएफ के अध्यक्ष अब्बास सिद्दीकी पर यहां तक आरोप लगया दिया कि ओवैसी और अब्बास सिद्दीकी को भाजपा की तरफ से हिंदू और मुस्लिम को बांटने के पैसे मिले हैं। ममता बनर्जी ने रायदिघी के जनसभा में मौजूद लोगों से कहा कि अगर आप एनआरसी और बंटवारा नहीं चाहते हैं तो ओवैसी और अब्बास के पक्ष मे वोट करने का मतलब होगा भाजपा को वोट करना। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति है कि हिंदू और मुस्लिम एक साथ चाय पीते हैं। एक साथ दुर्गा पूजा और काली पूजा मनाते हैं। हमारे गांवों में अशांति होने पर भाजपा को फायदा होगा और सत्ता में आ जाएंगे। जानकारी रहे कि बंगाल में तीसरे चरण का मतदान छह अप्रैल को होना है। बनर्जी ने अपनी हिंदू पहचान पर जोर देते हुए कहा मैं हिंदू हूं और हर दिन घर से निकलने से पहले चंडीपाठ का जाप करती हूँ। लेकिन मैं हर धर्म को सम्मान देने की अपनी परंपरा में विश्वास रखती हूं। दलितों के घर में भोजन खाने पर भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मैं एक ब्राह्मण महिला हूं लेकिन मेरी करीबी सहयोगी एक अनुसूचित जाति की महिला है जो मेरी हर जरूरत का ध्यान रखती है। वह मेरे लिए भोजन भी पकाती है। बनर्जी ने कहा कि मुझे इसका प्रचार करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जो दलित के आंगन में खाना खाने के लिए पांच सितारा होटल से भोजन मंगवा कर खा रहे हैं। वे दलित विरोधी, पिछड़ा वर्ग विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आयी तो वह संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करेगी जिससे ‘‘कई नागरिकों को यहां से जाना पड़ेगा।
19 अप्रैल को रांची प्रेस क्लब में मीडिया से करेंगे बात
कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलनों की अगुवाई कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत 19 अप्रैल को रांची आएंगे। वे दोपहर में रांची के बुद्धिजीवियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। इसका आयोजन प्रेस क्लब में किया गया है। टिकैत के साथ वामपंथी किसान नेता दर्शन पाल और हन्ना मुल्ला भी राकेश टिकैत के साथ आ रहे हैं।
राकेश टिकैत की मौजूदगी में रांची के आस-पास किसान पंचायत आयोजित करने की भी तैयारी की जा रही है। इसके लिए प्रशासन से अनुमति की दरकार है। तीनों किसान नेताओं के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जनाधिकार संगठनों, किसान नेताओं और वामपंथी कार्यकर्ताओं की बैठक रविवार को रखी गई है।
राकेश टिकैत रांची आने से एक दिन पहले यानी 18 अप्रैल को जमशेदपुर जाएंगे। जमशेदपुर में भी वे नागरिक समाज के साथ संवाद कर कृषि कानूनों के दूरगामी प्रभाव के बारे में जानकारी देंगे। जमशेदपुर के कार्यक्रम के बाद राकेश टिकैत रांची के लिए रवाना होंगे। रांची में नागरिक समाज के साथ संवाद के अलावा टिकैत प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर भी आगे की रणनीति के बारे में भी विचार कर सकते हैं।
जामताड़ा के पूर्व विधायक विष्णु भैया का शनिवार की रात मेडिका अस्पताल में निधन हो गया। वे लंग्स तथा किडनी की बीमारी से पीडि़त थे। इस आशय की जानकारी विष्णु भैया के दामाद हरिओमजी ने शनिवार की देर रात दी। हरिओमजी रांची के हरमू में रह रहे हैैं। विष्णु भैया की पत्नी तथा परिवार के कई सदस्य भी हरमू में ही रह रहे हैैं। विष्णु भैया का इलाज पहले रिम्स में चल रहा था। वे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती थे। उनके फेफड़े में पानी भर गया था। सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
उनसे मिलने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी रिम्स पहुंचे थे। उन्होंने रिम्स प्रबंधन और राज्य सरकार से विष्णु भैया के बेहतर इलाज का प्रबंध करने का आग्रह किया था। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की थी।
राज्य सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर भी उनसे मिलने 17 मार्च को रिम्स पहुंचे थे। उनकी सेहत में सुधार नहीं होने पर बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार की रात उन्होंने मेडिका आइसीयू में अंतिम सांस लीं।
मनरेगा योजना से बकरी शेड का हुआ निर्माण नहीं मिला लाभुक को एक भी पैसा
लाभुक जिन्हें नहीं मिला है राशि
[राजेश कुमार]
गिरिडीह : जिले के जमुआ प्रखंड के बेरहाबाद पंचायत के अरवाटा़ंड टोला निवासी मनरेगा योजना के लाभुक बाबुलाल महतो ने मनरेगा योजना की राशि गबन कर लिए जाने सम्बन्धी आवेदन दिनांक 26 मई 2020 को प्रखंड विकास पदाधिकारी से लेकर उप विकास आयुक्त को देकर न्याय की गुहार लगाया था। लाभुक के आवेदन के आधार पर जांचटीम गठित हुई। जांच टीम ने मामले की जांच भी किया। बावजूद इसके 10 माह बीत गये लेकिन लाभुक को अब तक उचित न्याय नहीं मिला है।
दोषियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई: डीडीसी
अंततः लाभुक ने खबरनवीसों के समक्ष अपनी बातें रखी। जब पत्रकारों ने उप विकास आयुक्त शशि भूषण मेहरा से जमुआ प्रखंड के बेरहाबाद पंचायत के अरवाटा़ंड में बनी बकरी शेड के जांच रिपोर्ट के बावत पूछा तो डीडीसी ने स्पष्ट कहा कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला :
गौरतलब है कि बेरहाबाद पंचायत के आरवाटांड टोला निवासी लाभुक बाबूलाल महतो के नाम से बकरी शेड निर्माण की योजना 2017 में पास हुई थी। जिसका योजना संख्या 341900800/ 70809010851117 है। शेड निर्माण कार्य वर्ष 2019 में पुर्ण भी कर दिया गया है। लेकिन लाभुक को अब तक एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया है। लाभुक श्री महतो ने बताया कि मैं जब मनरेगा कार्यालय जमुआ में शेड की राशि भुगतान करने की बात कहा तो कार्यालय में मौजूद मनरेगा कर्मी ने कहा कि आपके शेड की राशि की निकासी हो गयी है। राशि निकासी की जानकारी होते ही उन्होंने सबसे पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी जमुआ को आवेदन देकर जांच की मांग की। महीनों बीत जाने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत उप विकास आयुक्त से की। जांच के नाम पर यहां से भी उन्हें धोखा ही मिला।
जांच टीम बनी और जांच भी हुआ, नहीं मिला इंसाफ:
इस बाबत बाबूलाल महतो ने बताया कि उन्होंने उप विकास आयुक्त को आवेदन देकर राशि गबन की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी। उनके आवेदन के आलोक में विकास आयुक्त ने एक जांच टीम गठित कर मामले की जांच कराया। जांच टीम ने जो जांचोंपरांत जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर दिया। रिपोर्ट में जांच अधिकारियों ने कहा है कि बकरी शेड निर्माण का जांच किया गया जहां बकरी शेड में बकरी नहीं पाया गया। बकरी शेड में जेट पंप रखा हुआ था।
हंसुआ की शादी में खुरपी का गीत:
यह कहावत कि “हंसुआ की शादी में खुरपी का गीत” यंहा वाकई सटीक बैठता है। क्योंकि लाभुक ने बकरी शेड निर्माण की राशि के गबन को लेकर जांच की मांग की थी। लेकिन जांच अधिकारी ने अपना खुद का राग अलापते हुये जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया। इतना ही नही जांच अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट में पंचायत सचिव एवं पंचायत सेवक पर मनरेगा योजना में बेहतर कार्य नहीं करने का दोषी बताते हुये उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाने की अनुशंसा भी की है। लेकिन जांच अधिकारी ने राशि गबन का कंही कोई जिक्र ही नही किया। जबकि जांच अधिकारी राशि के गबन मामले की जांच करने पहुंचे थे।
कई सवालों को जन्म देता है अधिकारियों का यह कारगुजारी
जांच अधिकारियों का यह रवैया कई सवालों को जन्म देता है। यदि ऐसा ही रवैया रहा तो मनरेगा योजना का लाभ पाने से आम ग्रामिण व लाभुक को वंचित रहना पड़ेगा। जमुआ प्रखंड के बेरहाबाद पंचायत के अरवाटा़ंड टोला का यह मनरेगा योजना की राशि गबन मामला वाकई जांच का विषय है। जिसने जांच अधिकारियों पर ही सवाल उठाने को विवश कर दिया।
बिहार के श्रम संसाधन मंत्री और सचिव तहकीकात कर करें आवश्यक कार्रवाई
* भारत सरकार के गृह मंत्रालय के उप सचिव ने पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने बिहार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार व सचिव मिहिर कुमार सिंह से बात कर पंजाब में बिहारी मजदूरों को नशीला पदार्थ खिला कर बंधुआ मजदूरी व अधिक घंटे तक काम कराने के खिलाफ जांच कर समुचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्हांेने कहा है कि बाॅर्डर सेक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों गुरुदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और अबोहर में पूछताछ के दौरान बिहार व यूपी के ऐसे 58 मजदूरों को मुक्त कराया गया जिन्हें किसानों द्वारा नशा देकर बंधुआ मजदूर बना कर अधिक घंटे काम कराए जाते थे।
सुशील मोदी ने कहा है कि बीएसएफ द्वारा इस मामले को सामने लाने के बाद विगत 17 मार्च को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के उप सचिव अरुण सोबति ने पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को एक गोपनीय पत्र इस मामले की समुचित जांच व कार्रवाई के लिए लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि बीएसएफ ने 2019 और 2020 के दौरान जब इन मजूदरों से पूछताछ किया तो वे नशीला पदार्थों के सेवन से मानसिक रूप से काफी विक्षिप्त और किसानों के यहां बंधुआ मजदूरी करने के लिए विवश थे।
पत्र में लिखा है कि सभी मजदूर बिहार व यूपी के काफी गरीब परिवारों से थे। मानव तस्कर गिरोहों द्वारा इन मजदूरों को अच्छे वेतन का प्रलोभन देकर पंजाब लाया गया था जहां उन्हें काफी कम पैसा देकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। खेतों में अधिक घंटे तक काम कराने के लिए उन्हें ड्रग दिया जाता था, जिसका उनके शारीरिक व मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव देखा गया।
गृह मंत्रालय ने जहां पंजाब सरकार के अधिकारियों को इस गंभीर समस्या पर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है वहीं केन्द्रीय श्रम व रोजगार सचिव से भी बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया है।