Wednesday 8th of July 2026 09:17:12 AM
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मधुपुर में प्रशासन जबरदस्ती हर जगह से भाजपा के बैनर

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भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

भाजपा का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य चुनाव पदाधिकारी के रवि कुमार से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा ।ज्ञापन में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मांग किया कि मधुपुर उपचुनाव में जिला प्रशासन के सर्वोच्च पदाधिकारी से लेकर निचले कर्मचारी तक पूरे विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का झंडा,बैनर जबरन हटाने का काम कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि पूरा प्रशासन झारखंड मुक्ति मोर्चा का कार्यकर्ता बनकर काम कर रहा है ।यही कारण है कि पूरे विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम के एक भी कार्यकर्ता या समर्थक के घर से झंडा नहीं उतारा जा रहा है।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग किया कि जबरन झंडा उतारने में जिस पदाधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाए उन्हें तत्काल चुनाव कार्य से मुक्त कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो।

प्रतिनिधिमंडल की शिकायत प्राप्त होने पर मुख्य चुनाव पदाधिकारी के रवि कुमार ने तत्काल देवघर एसडीओ को फोन लगाकर मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी ।साथ ही निर्देश दिया कि किसी भी पार्टी के साथ भेदभाव ना हो और नियम सम्मत कार्य हो ।
उन्होंने यह भी कहा कि वे तुरंत इसकी जांच कराएंगे और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी

प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती गंगोत्री कुजूर ,प्रदेश मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू एवम् चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रदेश सह संयोजक सुधीर श्रीवास्तव शामिल थे।

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वैक्सीन की कमी, 60 फीसदी टीकाकेन्द्र बंद

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वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में कोविड वैक्सीन की कमी के चलते लगभग 60 प्रतिशत सरकारी टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है। वाराणसी में 66 सरकारी टीकाकरण केंद्रों में से केवल 25 पर ही कोविड टीकाकरण हो रहा है।

वाराणसी टीकाकरण अधिकारी डॉ.विजय शंकर राय ने कहा कि इस कमी के पीछे वजह रीजनल वैक्सीन स्टोर में कम स्टॉक है। उन्होंने कहा कि हालांकि लखनऊ में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, लेकिन यह वाराणसी तक नहीं पहुंच पा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वह थोड़ा धैर्य रखें, वैक्सीन डोज जल्द ही आ जाएंगे। चूंकि सरकार हमेशा हमें एडवांस में ही स्टॉक भेज देती है, इसलिए हमें पहले कभी ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। हम रोजाना 2,500-3,000 लोगों को टीका लगा रहे थे, जिसे हम बढ़ाकर करीब 7,000 तक ले गए थे। अप्रैल मैं वैक्सीन में हुई कमी का मैं सटीक कारण नहीं दे सकता हूं।

वाराणसी के चौकाघाट स्थित जिला स्तरीय टीका वितरण केंद्र भी बंद कर दिया गया है। वहां के स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्यामजी प्रसाद ने कहा कि लखनऊ से वैक्सीन की आपूर्ति में भारी कमी आई है। चूंकि वाराणसी में टीकों की मांग बहुत ज्यादा है, लिहाजा यहां डोज कम पड़ रहे हैं।

प्रसाद ने यह भी कहा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों की उपलब्धता में कमी आई है और यह कमी डिवीजनल स्तर पर भी है।

वाराणसी के एक कोविड टीकाकरण केंद्र में एक साइन बोर्ड लगा है, जिसमें लिखा गया है, “अगले आदेश तक इस क्लिनिक में कोविड टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

चौकाघाट सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ.नीलम गुप्ता ने कहा कि औसतन 450-500 लोग हर दिन इस केंद्र पर टीकाकरण करवाते हैं, लेकिन बुधवार को वैक्सीन डोज की उपलब्धता न होने के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा।

 

 

बंगाल की जनता चाहती है कि अब ममता बनर्जी आराम करें

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पश्चिम बंगाल :  दिनहाटा में एक रोड शो के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, “यहां जमा भीड़ इस ओर इशारा करती है कि राज्य की सत्ता में भाजपा को लाने के लिए लोग बेहद उत्सुक हैं. वे लोग कह रहे हैं, ‘ममता जी को आराम दो, बीजेपी को काम दो’.

 

People of Bengal want Mamta Banerjee to rest now- JP Nadda

राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सरकार पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा, “बंगाल में अब लोग ‘तोलाबाजी’ और भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं. अगर लोग चाहते हैं कि राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार हो, तो उन्हें भाजपा को वोट देना चाहिए.”

आठ चरणों में हो रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीन चरण पूरे हो चुके हैं और अब राज्य में चौथे चरण के लिए 10 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतों की गिनती 2 मई को होगी.

West Bengal Elections: तीसरे चरण तक आते

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अधीर रंजन चौधरी ने CPM-Congress गठबंधन का "खेला" कर दिया
अधीर रंजन चौधरी ने CPM-Congress गठबंधन का “खेला” कर दिया

पश्चिम बंगाल चुनाव के तीसरे चरण का मतदान खत्म होते-होते कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन ने पूरी तरह हथियार डाल दिया है । CPM ने जहां अपने समर्थकों से BJP को वोट करने की अपील की है,  वहीं कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि अगर ममता बनर्जी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तो हम उन्हें सपोर्ट करेंगे।

बंगाल कांग्रेस को नहीं मिला पार्टी आलाकमान का समर्थन 

बंगाल में CPM-Congress मुख्य विपक्षी दल हैं। कायदे से 10 साल से सत्ता में काबिज ममता बनर्जी के खिलाफ इन दोनों पार्टियों को मुखर होना था । लेकिन गांधी परिवार ने बंगाल कांग्रेस को अनाथ छोड़ दिया।  कहीं बीजेपी सत्ता में न आ जाए, इस डर से राहुल-प्रियंका और सोनिया गांधी बंगाल में चुनाव प्रचार तक करने नहीं आए। उधर CPM के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने ऑडियो जारी कर लेफ्ट समर्थकों से अपील की है कि

“जहां CPM कैंडिडेट नहीं जीत सकते हैं,  वहां ममता को हराने के लिए BJP को वोट दें”

इससे तो बेहतर होता कि चुनाव ही नहीं लड़ते

एक कांग्रेस उम्मीदवार ने यहां तक कहा कि हम जनता के बीच क्या कहें ? इससे तो बेहतर होता कि कांग्रेस चुनाव ही नहीं लड़ती । अगर हम पूरी ताकत से लड़ते तो लेफ्ट-कांग्रेस को 60-70 सीटें आसानी से आ जाती । हम BJP को भी नुकसान पहुंचाते और तृणमूल कांग्रेस को भी। लेकिन यहां तो जंग में उतरने से पहले ही सरेंडर की स्थिति है।  पता नहीं कांग्रेस का क्या होगा?

अब तृणमूल-बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला 

बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार और एक न्यूज़ चैनल के एडिटर शिशिर घोष बताते हैं कि बीजेपी बंगाल में कभी भी इतनी बड़ी शक्ति नहीं बन पाती अगर लेफ्ट-कांग्रेस ने पूरी तरह सरेंडर नहीं किया होता । वे जमीनी हकीकत समझाते हुए कहते हैं कि आज बीजेपी को समर्थन करने वालों में वही लोग ज्यादा हैं,  जो कभी कांग्रेसी या वामपंथी हुआ करते थे । CPM-Congress ने चुनाव से पहले सरेंडर कर बीजेपी को नहीं,  बल्कि तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है ।

08 April 2021

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ध्वजारोहण के महज 2 महीने के बाद ही फटा तिरंगा झंडा,नया लगाने की मांग

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कोडरमा: कोडरमा जंक्शन पर गत 25 जनवरी 2021 को कोडरमा सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी द्वारा 100 फीट ऊंचे तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया था। जहां ध्वजारोहण के महज 2 महीने के बाद तिरंगा झंडा फट गया। इधर असंगठित कामगार कांग्रेस के स्टेट कॉर्डिनेटर भागीरथ पासवान ने कहा है कि इतने कम समय में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का फट जाना अफसोस जनक है। उन्होंने रेल प्रशासन से अविलंब नया राष्ट्रीय ध्वज लगाने की मांग की है। विदित हो कि तिरंगा झंडा के फट जाने का मामला सामने आने के बाद रेलवे कर्मियों द्वारा गत शुक्रवार को फटे हुए तिरंगे को वापस उतार लिया गया था। इस मामले पर कोडरमा स्टेशन प्रबंधक अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि तेज हवाओं के कारण कोडरमा स्टेशन पर 100 फीट की ऊंचाई पर लहरा रहा तिरंगा झंडा फट गया था। शीघ्र रेलवे के संबंधित विभाग द्वारा नया तिरंगा झंडा लगाने को कहा गया है।

ध्वजारोहण के महज 2 महीने के बाद ही फटा तिरंगा झंडा,नया लगाने की मांग

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कोडरमा: कोडरमा जंक्शन पर गत 25 जनवरी 2021 को कोडरमा सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी द्वारा 100 फीट ऊंचे तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया था। जहां ध्वजारोहण के महज 2 महीने के बाद तिरंगा झंडा फट गया। इधर असंगठित कामगार कांग्रेस के स्टेट कॉर्डिनेटर भागीरथ पासवान ने कहा है कि इतने कम समय में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का फट जाना अफसोस जनक है। उन्होंने रेल प्रशासन से अविलंब नया राष्ट्रीय ध्वज लगाने की मांग की है। विदित हो कि तिरंगा झंडा के फट जाने का मामला सामने आने के बाद रेलवे कर्मियों द्वारा गत शुक्रवार को फटे हुए तिरंगे को वापस उतार लिया गया था। इस मामले पर कोडरमा स्टेशन प्रबंधक अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि तेज हवाओं के कारण कोडरमा स्टेशन पर 100 फीट की ऊंचाई पर लहरा रहा तिरंगा झंडा फट गया था। शीघ्र रेलवे के संबंधित विभाग द्वारा नया तिरंगा झंडा लगाने को कहा गया है।

वन्यप्राणी आश्रयणी सिरसिरवा जंगल में फिर हुआ अवैध उत्खनन का प्रयास, वन विभाग ने की छापेमारी, तीन गिरफ्तार,तीन मोटरसाइकिल भी जब्त

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कोडरमा। वन्यप्राणी आश्रयणी के सिरसिरवा उत्खनन क्षेत्र से बुधवार को वन विभाग की टीम ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि वन क्षेत्र पदाधिकारी आनन्द बिहारी को सूचना मिली थी कि सिरसिरवा उत्खनन क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा पत्थर खनन की तैयारी की जा रही है। उसके बाद उनके निर्देशानुसार वन विभाग की टीम द्वारा नियमित गश्ती किया जा रहा था। इसी क्रम में वन विभाग के टीम को देखकर तीन लोग भागने लगे। वन कर्मियों द्वारा तीनो को पकड़ लिया गया। जिसमें इरसाद आलम, पिता क्यूम अंसारी, करमा, विजय कुमार राय, पिता दर्शन राय, कमलासिंघा तथा राजन कुमार तुरी, पिता कैलाश तुरी, ढ़ोढ़ाकोला के नाम शामिल है। युवको ने बताया कि उन लोगों को रामविलास यादव, पिता चोलो यादव, चैनपुर एवं बीरू मेहता, पिता शिवनारायण मेहता, महेशपुर द्वारा वहां एक खराब पड़े पोकलेन मशीन को बनाने के लिए ले जाया गया था। उक्त पोकलेन मशीन का दोनो चैन उतरा हुआ है और उसका इंजन भी खराब है। उनलोगों द्वारा उक्त पोकलेन मशनी को नही बनाया जा सका। इसी क्रम में वन विभाग की टीम द्वारा उनलोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं
घटना स्थल से तीन मोटरसाईकिल जेएच 12जे 2981, जेएच 02एई 5888 तथा जेएच 02जेड 7905 को भी जप्त किया गया है। मामले को लेकर प्रभारी वनपाल विजय कुमार द्वारा व्यवहार न्यायालय कोडरमा में रामविलास यादव, बिरू मेहता, इरसाद आलम, विजय कुमार राय एवं राजन कुमार तुरी के खिलाफ वनवाद दर्ज कराया गया है।

टीम में कौन-कौन थे शामिल
टीम में वनपाल सुरेन्द्र कुमार, प्रभारी वनपाल विजय कुमार, वनरक्षी छत्रापति शिवाजी, किशोर कुमार यादव, सुनिल कुमार यादव, गोपाल यादव सहित अन्य वनकर्मी शामिल थे।

वन्यप्राणी आश्रयणी सिरसिरवा जंगल में फिर हुआ अवैध उत्खनन का प्रयास, वन विभाग ने की छापेमारी, तीन गिरफ्तार,तीन मोटरसाइकिल भी जब्त

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कोडरमा। वन्यप्राणी आश्रयणी के सिरसिरवा उत्खनन क्षेत्र से बुधवार को वन विभाग की टीम ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि वन क्षेत्र पदाधिकारी आनन्द बिहारी को सूचना मिली थी कि सिरसिरवा उत्खनन क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा पत्थर खनन की तैयारी की जा रही है। उसके बाद उनके निर्देशानुसार वन विभाग की टीम द्वारा नियमित गश्ती किया जा रहा था। इसी क्रम में वन विभाग के टीम को देखकर तीन लोग भागने लगे। वन कर्मियों द्वारा तीनो को पकड़ लिया गया। जिसमें इरसाद आलम, पिता क्यूम अंसारी, करमा, विजय कुमार राय, पिता दर्शन राय, कमलासिंघा तथा राजन कुमार तुरी, पिता कैलाश तुरी, ढ़ोढ़ाकोला के नाम शामिल है। युवको ने बताया कि उन लोगों को रामविलास यादव, पिता चोलो यादव, चैनपुर एवं बीरू मेहता, पिता शिवनारायण मेहता, महेशपुर द्वारा वहां एक खराब पड़े पोकलेन मशीन को बनाने के लिए ले जाया गया था। उक्त पोकलेन मशीन का दोनो चैन उतरा हुआ है और उसका इंजन भी खराब है। उनलोगों द्वारा उक्त पोकलेन मशनी को नही बनाया जा सका। इसी क्रम में वन विभाग की टीम द्वारा उनलोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं
घटना स्थल से तीन मोटरसाईकिल जेएच 12जे 2981, जेएच 02एई 5888 तथा जेएच 02जेड 7905 को भी जप्त किया गया है। मामले को लेकर प्रभारी वनपाल विजय कुमार द्वारा व्यवहार न्यायालय कोडरमा में रामविलास यादव, बिरू मेहता, इरसाद आलम, विजय कुमार राय एवं राजन कुमार तुरी के खिलाफ वनवाद दर्ज कराया गया है।

टीम में कौन-कौन थे शामिल
टीम में वनपाल सुरेन्द्र कुमार, प्रभारी वनपाल विजय कुमार, वनरक्षी छत्रापति शिवाजी, किशोर कुमार यादव, सुनिल कुमार यादव, गोपाल यादव सहित अन्य वनकर्मी शामिल थे।

सचिन वाझे ने NIA को चिट्ठी लिखी, अनिल देशमुख और अनिल परब ने वसूली के लिए कहा

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Sachin vaze confirms allegations made by Paramveer Singh
सचिन वाझे और परमवीर सिंह के एक समान आरोप
सचिन वाझे और परमवीर सिंह के एक समान आरोप

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या केस में गिरफ्तार निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों पर मुहर लगा दी है। सचिन वाझे ने एनआईए को लिखे लेटर में आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने उन्हें उगाही करने को कहा था। इससे पहले परमबीर सिंह ने भी आरोप लगाय था कि देशमुख ने ही वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए उगाही का टारगेट दिया था।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सचिन वाझे ने एनआई को हाथ से लिखे लेटर में दावा किया है कि एनसीपी चीफ शरद पवार मुंबई पुलिस में उसकी बहाली के विरोध में थे। अनिल देशमुख ने उसे (वाझे) कहा था कि यदि वह 2 करोड़ रुपए लाकर देगा तो वह शरद पवार को मना लेंगे। वाझे ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने भी उसे बीएमसी से जुड़े 50 ठेकेदारों से 2-2 करोड़ रुपए उगाही करने को कहा था। चार पेज के इस लेटर को वाझे ने एनआईए कोर्ट को सौंपा है।

सचिन वाझे ने दावा किया है कि अनिल देशमुख ने उसे अक्टूबर 2020 में साहाद्री गेस्ट हाउस में बुलाया और मुंबई में 1650 बार और रेस्त्रां से उगाही करने को कहा। हालांकि, वाझे ने यह भी कहा है कि उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। वाझे ने लेटर में लिखा है कि अनिल देशमुख ने एक बार फिर जनवरी 2021 में ऐसा करने को कहा। उसकी यह मुलाकात देशमुख के आधिकारिक बंगले पर हुई थी। इस दौरान मंत्री के पीए कुंदन भी वहां मौजूद थे। वाझे के मुताबिक, मीटिंग में देशमुख ने हर बार और रेस्त्रां से 3-3.5 लाख रुपए वसूलने को कहा।

सचिन वाझे ने यह भी दावा किया है कि महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मंत्री और शिवसेना नेता अनिल परब ने भी उगाही करने को कहा था। वाझे ने कहा है कि अनिल परब ने जुलाई-अगस्त 2020 में मुलाकात की थी और सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट (SBUT) से 50 करोड़ वसूलने को कहा था, जिसके खिलाफ जांच चल रही थी।
वाझे ने लिखा है, ”जुलाई-अगस्त 2020 में मुझे मंत्री अनिल परब ने मुझे उनके आधिकारिक बंगले पर बुलाया। बैठक में परब ने मुझे शिकायत में शुरुआती जांच देखने और ट्रस्टीज से तोलमोल करने को कहा। उन्होंने मुझे जांच बंद कराने के नाम पर SBUT से 50 करोड़ लाने को कहा। मैंने इसमें असमर्थता जताई क्योंकि SBUT में किसी को नहीं जानता था और जांच पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं था।”

लेटर में वाझे ने आगे लिखा है कि अनिल परब ने एक बार फिर जनवरी 2021 में बुलाया और बीएमसी के कुछ ठेकेदारों के खिलाफ जांच और प्रत्येक से 2 करोड़ रुपए वसूलने को कहा। वाझे ने लिखा, ”उन्होंने मुझे ऐसे 50 ठेकेदारों से कम से कम 2 करोड़ रुपए लाने को कहा।” वाझे ने यह भी दावा किया है कि उसने अनिल देशमुख और अनिल परब से उगाही को लेकर मिले आदेश के बारे में पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को सूचित किया था। वाझे ने यह भी कहा है कि परमबीर सिंह ने उन्हें इन मांगों को नहीं मानने को कहा था।

उद्योपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक वाली कार और इसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार वाझे इस समय एनआईए की रिमांड पर है और बुधवार को ही स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई को भी उससे पूछताछ की इजाजत दी है। मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से देशमुख पर लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।

परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने ही वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था और इसके तरीके भी बताए थे। उन्होंने मुंबई में 17 सौ से अधिक बार और रेस्त्रां से वूसली करने को कहा था।

सचिन वाझे ने NIA को चिट्ठी लिखी, अनिल देशमुख और अनिल परब ने वसूली के लिए कहा

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Sachin vaze confirms allegations made by Paramveer Singh
सचिन वाझे और परमवीर सिंह के एक समान आरोप
सचिन वाझे और परमवीर सिंह के एक समान आरोप

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या केस में गिरफ्तार निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों पर मुहर लगा दी है। सचिन वाझे ने एनआईए को लिखे लेटर में आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने उन्हें उगाही करने को कहा था। इससे पहले परमबीर सिंह ने भी आरोप लगाय था कि देशमुख ने ही वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए उगाही का टारगेट दिया था।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सचिन वाझे ने एनआई को हाथ से लिखे लेटर में दावा किया है कि एनसीपी चीफ शरद पवार मुंबई पुलिस में उसकी बहाली के विरोध में थे। अनिल देशमुख ने उसे (वाझे) कहा था कि यदि वह 2 करोड़ रुपए लाकर देगा तो वह शरद पवार को मना लेंगे। वाझे ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने भी उसे बीएमसी से जुड़े 50 ठेकेदारों से 2-2 करोड़ रुपए उगाही करने को कहा था। चार पेज के इस लेटर को वाझे ने एनआईए कोर्ट को सौंपा है।

सचिन वाझे ने दावा किया है कि अनिल देशमुख ने उसे अक्टूबर 2020 में साहाद्री गेस्ट हाउस में बुलाया और मुंबई में 1650 बार और रेस्त्रां से उगाही करने को कहा। हालांकि, वाझे ने यह भी कहा है कि उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। वाझे ने लेटर में लिखा है कि अनिल देशमुख ने एक बार फिर जनवरी 2021 में ऐसा करने को कहा। उसकी यह मुलाकात देशमुख के आधिकारिक बंगले पर हुई थी। इस दौरान मंत्री के पीए कुंदन भी वहां मौजूद थे। वाझे के मुताबिक, मीटिंग में देशमुख ने हर बार और रेस्त्रां से 3-3.5 लाख रुपए वसूलने को कहा।

सचिन वाझे ने यह भी दावा किया है कि महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मंत्री और शिवसेना नेता अनिल परब ने भी उगाही करने को कहा था। वाझे ने कहा है कि अनिल परब ने जुलाई-अगस्त 2020 में मुलाकात की थी और सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट (SBUT) से 50 करोड़ वसूलने को कहा था, जिसके खिलाफ जांच चल रही थी।
वाझे ने लिखा है, ”जुलाई-अगस्त 2020 में मुझे मंत्री अनिल परब ने मुझे उनके आधिकारिक बंगले पर बुलाया। बैठक में परब ने मुझे शिकायत में शुरुआती जांच देखने और ट्रस्टीज से तोलमोल करने को कहा। उन्होंने मुझे जांच बंद कराने के नाम पर SBUT से 50 करोड़ लाने को कहा। मैंने इसमें असमर्थता जताई क्योंकि SBUT में किसी को नहीं जानता था और जांच पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं था।”

लेटर में वाझे ने आगे लिखा है कि अनिल परब ने एक बार फिर जनवरी 2021 में बुलाया और बीएमसी के कुछ ठेकेदारों के खिलाफ जांच और प्रत्येक से 2 करोड़ रुपए वसूलने को कहा। वाझे ने लिखा, ”उन्होंने मुझे ऐसे 50 ठेकेदारों से कम से कम 2 करोड़ रुपए लाने को कहा।” वाझे ने यह भी दावा किया है कि उसने अनिल देशमुख और अनिल परब से उगाही को लेकर मिले आदेश के बारे में पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को सूचित किया था। वाझे ने यह भी कहा है कि परमबीर सिंह ने उन्हें इन मांगों को नहीं मानने को कहा था।

उद्योपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक वाली कार और इसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार वाझे इस समय एनआईए की रिमांड पर है और बुधवार को ही स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई को भी उससे पूछताछ की इजाजत दी है। मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से देशमुख पर लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।

परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने ही वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था और इसके तरीके भी बताए थे। उन्होंने मुंबई में 17 सौ से अधिक बार और रेस्त्रां से वूसली करने को कहा था।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जिला प्रशासन ने लगाया मीडिया कर्मियों के लिये वैक्सिनेशन कैम्प

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वैक्सीन लेते उज्ज्वल दुनिया दैनिक के गिरिडीह ब्यूरो प्रमुख

गिरिडीह : कोरोना काल के दूसरे राउंड में विश्व स्वास्थ्य दिवस को यादगार बनाने के उद्देश्य से गिरिडीह जिला प्रशासन ने मीडिया कर्मियों को नायाब तोहफा दिया।

जिला प्रशासन ने स्थानीय सर्किट हाउस में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर बुधवार को जिला मुख्यालय के मीडिया कर्मियों को कोरोना का वैक्सीन दिलाने की नियत से वैक्सीनेशन कैम्प लगाया। जिसमे विभिन्न समाचार पत्रों व इलेक्टॉनिक मीडिया से जुड़े मीडिया कर्मियों को वैक्सीन दिया गया।

डीपीआरओ ने जारी की कैम्प के बावत सूचना

बुधवार को इस कैम्प के बावत जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रश्मि सिन्हा ने डीपीआरओ मीडिया नामक व्हाटसअप ग्रुप में ज्योंहि इस कैम्प के बावत सूचना प्रसारित की। सूचना पाकर 45 वर्ष और उससे ऊपर के कई मीडिया कर्मी सपरिवार सर्किट हाउस पहुंचे और उक्त वैक्सिनेशन कैम्प का लाभ उठाया। वंही इस वैक्सिनेशन कैम्प का लाभ कई अधिवक्तागण और कई राजनीतिक दलों के वैसे कार्यकर्ता जिनकी उम्र 45 वर्ष या उससे ऊपर हो गई है, उन्होंने भी उठाया। कैम्प में वैक्सिनेशन के साथ साथ मीडिया कर्मियों की कोरोना जांच भी की गई।

वैक्सीन लेती ब्यूरो प्रमुख की पत्नी पूनम सिन्हा

उम्र सीमा के कारण कई खबरनवीस नहीं ले पाये कैम्प का लाभ

कैम्प में 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र के मीडिया कर्मी को ही वैक्सीन दिया जाना था। बाबजूद कई मीडिया कर्मी जिनकी उम्र सीमा निर्धारित उम्र से मेल नहीं खाती थी। उसके बाद भी कैम्प में वैक्सीन लेने पहुंचे थे। लेकिन वैक्सीनेशन पूर्व पूरी की जाने वाली कार्रवाई के दौरान ज्योहि उनकी आधार कार्ड की उम्र का जांच की गई। उनकी उम्र निर्धारित उम्रसीमा से मैच नही किया और वैसे मीडिया कर्मियों को मायूस हो बगैर वैक्सीन लिए ही लौट जाना पड़ा।

मौके पर थे उपस्थित

मौके पर जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रश्मि सिन्हा के अलावे स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के साथ साथ जन सम्पर्क कार्यालय के कर्मी आशुतोष कुमार तिवारी, जावेद आलम, जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार व अन्य कर्मी मुख्य रूप से मौजूद थे।

राजमहल का संजय दत्ता का पश्चिम बंगाल न्यायिक सेवा मे चयन

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संजय न्यायिक सेवा मे अव्वल, राजमहल का बढ़ा मान

साहिबगंज/प्रतिनिधि
पश्चिम बंगाल न्यायिक सेवा परीक्षा मे सांतवा स्थान प्राप्त करने वाले राजमहल नीलकोठी के संजय दत्ता को बधाई देने वालो का तांता लगा है। बुधवार को हिंदू धर्म रक्षा मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह अधिवक्ता संत कुमार घोष संजय से उनके आवास मे मिल बधाई दी। संत ने बताया कि संजय के पिता निखिल दत्ता मध्यमवर्गीय परिवार से है और विकट परिस्थिति के बीच दो भाई व एक बहन के साथ प्रारंभिक शिक्षा राजमहल मे ही रहकर पुरी की। माता पुतूल दत्ता एक गृहणी है। संजय के न्यायिक सेवा मे चयन होने से परिवार के साथ बंधु बांधव भी उत्साहित है। संत की माने तो संजय उनका सहपाठी है। इसलिए उक्त जानकारी मिलते ही संत संजय से मिलने पहुंच गए। और दोनो मिलकर पुरानी यादों को ताजा भी किया। श्री घोष ने बताया कि तेजनारायण बनौली लॉ कॉलेज भागलपुर में एक साथ पढ़ाई किए हैं। उन्होंने बताया कि संजय विपरीत परिस्थिति मे भी स्कूल मे मेधावी था फलतः शिक्षकों से भी सहयोग मिलता रहा। परिवारीक स्थिती कमजोर होने के कारण बच्चे को टयूशन देते हुए अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल परिवार का बोझ कम करता था। जिसका नतीजा आज समाज के समक्ष है। जो राजमहल ही नहीं जिला का नाम रौशन किया।

07 April 2021

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अनिल देशमुख की धमकी, ‘मुझे “बली का बकरा” बनाया तो सबकी पोलपट्टी खोल दूंगा’

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क्या महाराष्ट्र सरकार में सबकुछ ठीक है?
क्या महाराष्ट्र सरकार में सबकुछ ठीक है?

मुझे अगर CBI वालों ने ज्यादा परेशान किया तो ठीक नहीं होगा …अपने फायदे के लिए लोग मुझे “बलि का बकरा” बनाने की कोशिश में हैं।  अगर ऐसा हुआ तो मैं सबकी पोलपट्टी खोल दूंगा।  ये बातें महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान कही । अनिल देशमुख ने कहा है कि CBI को इस मामले में कुछ हासिल नहीं होगा।

महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने की साजिश 

महाराष्ट्रके पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि केंद्र सरकार CBI का इस्तेमाल “पोलिटिकल टूल” की तरह कर रही है । केंद्र सरकार महाराष्ट्र की सरकार को गिराना चाहती है । इसमें महाराष्ट्र के सत्ताधारी दलों के कुछ नेता मोदी-अमित शाह की मदद कर रहे हैं। अनिल देशमुख ने कहा कि सीबीआई को इस मामले में कुछ हासिल नहीं होगा, भाजपा की महाराष्ट्र में सरकार बनाने की मंशा कभी पूरी नहीं होगी ।

मराठी लोगों के सब्र का इम्तिहान न लें मोदी-शाह

अनिल देशमुख ने धमकी देने वाले अंदाज़ में कहा कि महाराष्ट्र की जनता स्वाभिमानी है । अगर कोई गुजरात के पैसे के दम पर मराठी मानुस द्वारा बनाई सरकार को गिराने की कोशिश करेगा, तो मराठी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।  अगर सरकार गिरी तो हिंसा भी हो सकती है और इसके लिए मोदी-अमित शाह जिम्मेदार होंगे।

CBI ने अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज किया केस

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ प्रारंभिक जांच का मामला दर्ज कर लिया है। अनिल देशमुख को हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद महाराष्ट्र के गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।