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कोडरमा में कोरोना विष्फोट 11 की मौत, जिले में मरने वालों की संख्या हुई 84, 364 लोग मिले पाॅजिटिव

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कोडरमा : कोडरमा जिले में बुधवार को कोरोना विष्फोट हुआ है जिसमें 11 लोगों की मौत हो गयी है वहीं 364 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। बताया जाता है कि कोरोना मरीजों का मौत और संक्रमितों की संख्या कोडरमा में रुकने का नाम नहीं ले रहा है । जिले में 24 घण्टे के दौरान जहां कोरोना से 11 लोगों की मौत हो गयी वहीं 364 लोग संक्रमित पाए गए। स्थिति यह है कि हाल के दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी जा रही है, वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। जिले में 24 घंटे के अंदर कुल 364 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं,जिसमें ट्रू नेट में 143 एवं एन्टी जेन में 221 संक्रमित शामिल हैं। इसी के साथ जिले में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 1915 हो गयी है ,वहीं सक्रिय केशों में ठीक हुए लोगों की संख्या 5653 हो गयी है। जबकि 1481 लोग होम आइसोलेशन में है। जबकि 250 लोग स्वास्थ्य होकर घर चले गए हैं।जिसमें डोमचांच कोविड अस्पताल से 45, निजी अस्पताल से 3 एवं होम आईशोलेशन में रह रहे 202 कुल 250 मरीज स्वस्थ हो गये हैं। वहीं पिछले 24 घण्टे में 11 लोगों की मौत हो गयी। वहीं जिले में अब तक कोरोना से 84 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना का कहर जारी, 3 की मौत, जिले में मरने वालों की संख्या हुई 73, 188 लोग मिले पाॅजिटिव

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कोडरमा : कोडरमा जिले में कोरोना मरीजों का मौत और संक्रमितों की संख्या रुकने का नाम नहीं ले रहा है । जिले में 24 घण्टे के दौरान जहां कोरोना से तीन लोगों की मौत हो गयी वहीं 188 लोग संक्रमित पाए गए। स्थिति यह है कि हाल के दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी जा रही है, वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। जिले में 24 घंटे के अंदर कुल 188 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, जिसमें ट्रू नेट में 150, एन्टी जेन में 27 एवं आरटीपीसीआर में 11 संक्रमित शामिल हैं। इसी के साथ जिले में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 1915 हो गयी है ,वहीं सक्रिय केशों में ठीक हुए लोगों की संख्या 5403 हो गयी है। जबकि 1503 लोग होम आइसोलेशन में है। वहीं पिछले 24 घण्टे में 3 लोगों की मौत हो गयी। वहीं जिले में
अब तक कोरोना से 73 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना का कहर जारी, 3 की मौत, जिले में मरने वालों की संख्या हुई 73, 188 लोग मिले पाॅजिटिव

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कोडरमा : कोडरमा जिले में कोरोना मरीजों का मौत और संक्रमितों की संख्या रुकने का नाम नहीं ले रहा है । जिले में 24 घण्टे के दौरान जहां कोरोना से तीन लोगों की मौत हो गयी वहीं 188 लोग संक्रमित पाए गए। स्थिति यह है कि हाल के दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी जा रही है, वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। जिले में 24 घंटे के अंदर कुल 188 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, जिसमें ट्रू नेट में 150, एन्टी जेन में 27 एवं आरटीपीसीआर में 11 संक्रमित शामिल हैं। इसी के साथ जिले में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 1915 हो गयी है ,वहीं सक्रिय केशों में ठीक हुए लोगों की संख्या 5403 हो गयी है। जबकि 1503 लोग होम आइसोलेशन में है। वहीं पिछले 24 घण्टे में 3 लोगों की मौत हो गयी। वहीं जिले में
अब तक कोरोना से 73 लोगों की मौत हो चुकी है।

27 April 2021

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27 April 2021

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26 April 2021

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गैर जरूरी दुकानो का संचालन कर रहे 5 दुकानदारो पर की गई कार्रवाई, मामला दर्ज

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चंदवारा : कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुवे कोरोना वायरस संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए पूरे राज्य में 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक ‘स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह चलाया जा रहा है। लोगों को नियमों का अनुपालन करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार जागरूक किया जा रहा है। आवश्यक सामग्री से जुड़ी दुकानों को छोड़कर शेष सभी दुकानें को बंद रखने के आदेश जारी किए गए है, इसके बावजूद कुछ लोग गैर जरूरी दुकानों का संचालन कर रहे है। सोमवार को अंचलाधिकारी रामरतन वर्णवाल ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उरवा के सुमित शु स्टोर,रंजय  श्रृंगार व जेनरल स्टोर,गंन्गे शॉप स्टूडियो व मोबाइल,यादव इलेक्ट्रिकल,रितिक श्रृंगार स्टोर को खुला पाया,इन सभी के संचालकों के खिलाफ झारखंड सरकार के निर्देशो का उलंघन करने को लेकर चंदवारा थाना में मामला दर्ज करवाया है। अंचलाधिकारी रामरतन वर्णवाल ने कहा कि सरकार ने जो गाइडलाइन जारी किया है, उसका पालन करना सबों के लिए जरूरी है, लोग घरों में रहे, बहुत जरूरी हो तभी घरों से निकलें और जब भी घर से निकलें तो मास्क जरूर लगाएं।

उपायुक्त ने किया निरीक्षण, पांच घंटे में तैयार हुआ 25 बेड का कोविड अस्पताल छह ऑक्सीजन बेड की भी सुविधा , दो दिन में सभी 25 बेड होंगे ऑक्सीजन युक्त

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कोडरमा। वर्तमान में कोविड महामारी से निपटने के लिए सरकार के निर्देश में सभी जिलों में पर्याप्त संसाधनों में कोविड संक्रमितों को अच्छी व्यवस्था उपलब्ध किया जा रहा है।इसमें प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों से लेकर पंचायत स्तर के कर्मियों तक अपनी भूमिका निभा रहे है।कोडरमा जिले में भी कोविड के खिलाफ़ जंग में एक अच्छी खबर सामने आयी है जहां कोडरमा डीसी के निर्देश पर पांच घंटे में 25 बेड का अस्पताल बनकर तैयार हुआ।आज दोपहर एक बजे उपायुक्त रमेश घोलप ने उपविकास आयुक्त आर रोनीटा और चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ झुमरीतिलैया स्थित राज क्लिनिक का निरीक्षण किया।यह अस्पताल दुसरी जगह पर शिफ्ट हो जाने से पिछले कई माह से बंद पड़ा था।उपायुक्त ने पूछताछ करने पर पता चला कि वहां 6 बेड के लिए पूर्व में पाइप लाइन की व्यवस्था थी।उपायुक्त ने यथाशीघ्र सफ़ाई, सिलिंडर की व्यवस्था करने एवं चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ़ की प्रतिनियुक्ति कर 25 बेड का कोविड अस्पताल आज ही यथाशीघ्र अस्पताल शुरू करने का निर्देश दिया।उपायुक्त के निर्देश पर नगर परिषद के प्रशासक द्वारा पूरे अस्पताल की सफ़ाई 2 घंटे में सुनिश्चित करवायी।सिविल सर्जन ने चिकित्सकों एवं स्टाफ़ की प्रतिनियुक्ति कर 3 घंटे में सबको ड्यूटी पर जॉइन करवाया।बेड एवं सभी चिकित्सा संसाधनों की पूरी व्यवस्था की गई। उपायुक्त रमेश घोलप ने शाम 6 बजे अस्पताल का उद्घाटन फीता काटकर किया। उन्होंने इस अस्पताल के डॉ नरेश पंडित को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।उपायुक्त ने कहा कि दो-तीन दिनों के अंदर सभी 25 बेड में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध की जाएगी। मौके पर डीडीसी आर रोनीटा, सिविल सर्जन, कोडरमा के अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद के प्रशासक, चिकित्सक डॉ शरद, कोडरमा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रणजीत आदि उपस्थित थे।

कोरोना महामारी में सबसे अधिक त्रस्त हुए मजदूर, लॉक डाउन में कभी घर कभी पलायन बना मजबूरी , रोजी

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प्रणव मुरारी
सतगावां। प्रखण्ड में लगातार कोरोना महामारी से मजदूरों पर संकट का बादल छाया हुआ है जिसे दूर दूर तक किसी को रास्ता नजर नही आ रहा है।विगत वर्ष मार्च महीने में लॉक डाउन लगने के बाद महाराष्ट्र ,दिल्ली,चेन्नई,यूपी और अन्य महानगरों में काम करने वाले मजदूर कितनी जद्दोजहद के बाद अपना घर वापसी किये थे । रास्ते मे अनेक कठिनाइयां झेलने के बाबजूद अपने घर परिवार से मिलने की जिद्द उन्हें बरबस गांव खींच लाया।मालूम हो की लॉक डाउन ने मजदूरों को बेरोजगारी की राह पर लाकर खड़ा कर दिया था जिसको घर,गांव के अलावा कोई रास्ता नही था लेकिन मजदूर अपनी वेवसी से लाचार लॉक डाउन टूटने के बाद फिर से पलायन कर गया। आलम यह है की महानगरों के फैक्ट्रियों में भी आधे वेतन व दिहाड़ी से काम चलाना पड़ रहा है कारण की कम्पनी में भी काम की काफी कमी बताया जा रहा है।सुदूरवर्ती सतगावां प्रखण्ड में रोजगार का किसी भी तरह से सृजन नही होने से रोज यहां लोग पलायन करने को मजबूर है।हालांकि सरकार  महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के द्वारा मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने का दावा करती है लेकिन हकीकत यही है की इतनी कम न्यूनतम मजदूरी में कोई मजदूर काम करना नही चाहता है बाबजूद प्रखण्ड में मनरेगा का कार्य धड़ल्ले से हो रहा है।ज्ञात हो की झारखण्ड में मनरेगा मजदूरों को सबसे ज्यादा मजदूरी तय किया गया है लेकिन यह काफी नही है।दूसरी लहर के प्रकोप के उतपन्न स्थिति के बाद शहर छोड़कर फिर से मजदूर गांव की ओर लौट रहे हैं हालांकि इस लॉक डाउन में गाड़ियों का परिचालन बंद नही किया गया है जिससे लोगों को परेशानी कम हो रही है लेकिन गांव में संक्रमण का खतरा आने वाले समय मे बढ़ने की आशंका है।आने वाले प्रवासी मजदूरों का चेकअप नही होना से प्रवासी मजदूर लापरवाह होकर घूम रहे है और शादी विवाह में भी शिरकत कर रहे है ऐसे में संक्रमण का खतरा भी मंडरा रहा है।सरकार द्वारा प्रत्येक परिवार को मुफ्त चावल देने की भी घोषणा हुई है और विगत वर्ष भी इस तरह का लाभ दिया गया था लेकिन मजदूर कहते है की केवल चावल से जिंदगी का गुजारा नही हो सकता है ।माना जाय तो कृषि प्रधान प्रखण्ड सतगावां में बहुतायत में लोग कृषि पर निर्भर है कितने को अपनी भूमि है तो कितने भूमिहीन बटाईदारी करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं लेकिन मंहगाई की मार ने मजदूरों को कृषि से भी हाथ खीचना पड़ रहा है और मजबूरन शहर जाने को विवश है।मजदूरों की जिंदगी तो जैसे किस्मत की तार पर टिकी है शहर में कोरोना की मार और गांव में पेट की मार।
इस पर गाना चरितार्थ होता है की कभी “बेकसी ने मारा कभी बेबसी ने मारा।

कोरोना महामारी में सबसे अधिक त्रस्त हुए मजदूर, लॉक डाउन में कभी घर कभी पलायन बना मजबूरी , रोजी

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प्रणव मुरारी
सतगावां। प्रखण्ड में लगातार कोरोना महामारी से मजदूरों पर संकट का बादल छाया हुआ है जिसे दूर दूर तक किसी को रास्ता नजर नही आ रहा है।विगत वर्ष मार्च महीने में लॉक डाउन लगने के बाद महाराष्ट्र ,दिल्ली,चेन्नई,यूपी और अन्य महानगरों में काम करने वाले मजदूर कितनी जद्दोजहद के बाद अपना घर वापसी किये थे । रास्ते मे अनेक कठिनाइयां झेलने के बाबजूद अपने घर परिवार से मिलने की जिद्द उन्हें बरबस गांव खींच लाया।मालूम हो की लॉक डाउन ने मजदूरों को बेरोजगारी की राह पर लाकर खड़ा कर दिया था जिसको घर,गांव के अलावा कोई रास्ता नही था लेकिन मजदूर अपनी वेवसी से लाचार लॉक डाउन टूटने के बाद फिर से पलायन कर गया। आलम यह है की महानगरों के फैक्ट्रियों में भी आधे वेतन व दिहाड़ी से काम चलाना पड़ रहा है कारण की कम्पनी में भी काम की काफी कमी बताया जा रहा है।सुदूरवर्ती सतगावां प्रखण्ड में रोजगार का किसी भी तरह से सृजन नही होने से रोज यहां लोग पलायन करने को मजबूर है।हालांकि सरकार  महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के द्वारा मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने का दावा करती है लेकिन हकीकत यही है की इतनी कम न्यूनतम मजदूरी में कोई मजदूर काम करना नही चाहता है बाबजूद प्रखण्ड में मनरेगा का कार्य धड़ल्ले से हो रहा है।ज्ञात हो की झारखण्ड में मनरेगा मजदूरों को सबसे ज्यादा मजदूरी तय किया गया है लेकिन यह काफी नही है।दूसरी लहर के प्रकोप के उतपन्न स्थिति के बाद शहर छोड़कर फिर से मजदूर गांव की ओर लौट रहे हैं हालांकि इस लॉक डाउन में गाड़ियों का परिचालन बंद नही किया गया है जिससे लोगों को परेशानी कम हो रही है लेकिन गांव में संक्रमण का खतरा आने वाले समय मे बढ़ने की आशंका है।आने वाले प्रवासी मजदूरों का चेकअप नही होना से प्रवासी मजदूर लापरवाह होकर घूम रहे है और शादी विवाह में भी शिरकत कर रहे है ऐसे में संक्रमण का खतरा भी मंडरा रहा है।सरकार द्वारा प्रत्येक परिवार को मुफ्त चावल देने की भी घोषणा हुई है और विगत वर्ष भी इस तरह का लाभ दिया गया था लेकिन मजदूर कहते है की केवल चावल से जिंदगी का गुजारा नही हो सकता है ।माना जाय तो कृषि प्रधान प्रखण्ड सतगावां में बहुतायत में लोग कृषि पर निर्भर है कितने को अपनी भूमि है तो कितने भूमिहीन बटाईदारी करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं लेकिन मंहगाई की मार ने मजदूरों को कृषि से भी हाथ खीचना पड़ रहा है और मजबूरन शहर जाने को विवश है।मजदूरों की जिंदगी तो जैसे किस्मत की तार पर टिकी है शहर में कोरोना की मार और गांव में पेट की मार।
इस पर गाना चरितार्थ होता है की कभी “बेकसी ने मारा कभी बेबसी ने मारा।

कोरोना का कहर जारी 6 की मौत, 266 लोग मिले कोरोना पाॅजिटिव

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कोडरमा : कोडरमा जिले में नित्य कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है वहीं मृतकों की संख्या में भी तेजी देखी जा रही है, जिले की स्थिति यह है कि हाल के दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी जा रही है, वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। वहीं जिले में 24 घंटे के अंदर कुल 266 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, जिसमें ट्रू नेट में 120, एन्टी जेन में 39 एवं आरटीपीसीआर में 107 संक्रमित शामिल हैं। इसी के साथ जिले में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 2041 हो गयी है ,वहीं सक्रिय केशों में ठीक हुए लोगों की संख्या 5092 हो गयी है। जबकि 1577 लोग होम आइसोलेशन में है। वहीं पिछले 24 घण्टे में 6 लोगों की मौत हो गयी। वहीं जिले में अब तक कोरोना से 70 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोविड अस्पताल डोमचांच से (17) सहित अन्य निजी अस्पताल से (4), कुल 21 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं । साथ ही होम आईशोलेशन में रह रहे 268 कोरोना संक्रमित भी स्वस्थ हो गये हैं।

कोरोना का कहर जारी 6 की मौत, 266 लोग मिले कोरोना पाॅजिटिव

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कोडरमा : कोडरमा जिले में नित्य कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है वहीं मृतकों की संख्या में भी तेजी देखी जा रही है, जिले की स्थिति यह है कि हाल के दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी जा रही है, वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। वहीं जिले में 24 घंटे के अंदर कुल 266 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, जिसमें ट्रू नेट में 120, एन्टी जेन में 39 एवं आरटीपीसीआर में 107 संक्रमित शामिल हैं। इसी के साथ जिले में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 2041 हो गयी है ,वहीं सक्रिय केशों में ठीक हुए लोगों की संख्या 5092 हो गयी है। जबकि 1577 लोग होम आइसोलेशन में है। वहीं पिछले 24 घण्टे में 6 लोगों की मौत हो गयी। वहीं जिले में अब तक कोरोना से 70 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोविड अस्पताल डोमचांच से (17) सहित अन्य निजी अस्पताल से (4), कुल 21 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं । साथ ही होम आईशोलेशन में रह रहे 268 कोरोना संक्रमित भी स्वस्थ हो गये हैं।

कोरोना का कहर 24 घन्टें में 7 की मौत, 200 लोग मिले कोरोना पाॅजिटिव

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कोडरमा : कोडरमा जिले में नित्य कोरोना संक्रमितों की संख्या में जमकर इजाफा हो रहा है वहीं मृतकों की संख्या में भी तेजी देखी जा रही है, वैसे में दैनिक उज्ज्वल दुनिया कोडरमा टीम एक फिर जिलेवासियों से अपील करती है कि आप लोग वेवजह घरों से बाहर नहीं निकलें, तथा सरकार व जिला प्रशासन के द्वारा जारी निर्देश का पालन करें, ताकि कोरोना के बढ़ते चैन को रोक सके। चुकी कोडरमा जिले में कोरोना का कहर भयंकर रूप लेते जा रहा है, स्थिति यह है कि हाल के दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी जा रही है, वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। वहीं जिले में 24 घंटे के अंदर 200 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, जिसमें ट्रू नेट में 128, एवं एन्टी जेन में 72 संक्रमित शामिल हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढकर 6603 हो गयी। वहीं सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 2020 हो गयी है ,वहीं सक्रिय केशों में ठीक हुए लोगों की संख्या 4803 हो गयी है। जबकि 1882 लोग होम आइसोलेशन में है। वहीं पिछले 24 घण्टे में 7 लोगों की मौत हो गयी। वहीं जिले में अब तक कोरोना से 64 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना का कहर 24 घन्टें में 7 की मौत, 200 लोग मिले कोरोना पाॅजिटिव

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कोडरमा : कोडरमा जिले में नित्य कोरोना संक्रमितों की संख्या में जमकर इजाफा हो रहा है वहीं मृतकों की संख्या में भी तेजी देखी जा रही है, वैसे में दैनिक उज्ज्वल दुनिया कोडरमा टीम एक फिर जिलेवासियों से अपील करती है कि आप लोग वेवजह घरों से बाहर नहीं निकलें, तथा सरकार व जिला प्रशासन के द्वारा जारी निर्देश का पालन करें, ताकि कोरोना के बढ़ते चैन को रोक सके। चुकी कोडरमा जिले में कोरोना का कहर भयंकर रूप लेते जा रहा है, स्थिति यह है कि हाल के दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी जा रही है, वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। वहीं जिले में 24 घंटे के अंदर 200 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, जिसमें ट्रू नेट में 128, एवं एन्टी जेन में 72 संक्रमित शामिल हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढकर 6603 हो गयी। वहीं सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 2020 हो गयी है ,वहीं सक्रिय केशों में ठीक हुए लोगों की संख्या 4803 हो गयी है। जबकि 1882 लोग होम आइसोलेशन में है। वहीं पिछले 24 घण्टे में 7 लोगों की मौत हो गयी। वहीं जिले में अब तक कोरोना से 64 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना ने ली एक डॉक्टर की जान, आईएमए कोडरमा के अध्यक्ष एवं झासा के पुर्व जिला अध्यक्ष थे डॉ. संजीव कुमार झा, लगा शोक व्यक्त करने वालों का तांता

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कोडरमा। जिले में कोरोना ने ली एक डॉक्टर की जान, आईएमए कोडरमा के अध्यक्ष एवं झासा के पुर्व जिला अध्यक्ष सह पूर्व जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार झा, जो पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो कर राँची के रामप्यारी अस्पताल में इलाजरत थे, उनकी मृत्यु शनिवार की संध्या हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले सीटी स्कैन चेस्ट हुआ था, जिसमें उनका दोनों लंग्स संक्रमित हो चूका था। इसके बाद उन्हें राँची के राम प्यारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे बहुत मृदुभाषी एवं मिलनसार व्यक्ति थे। उनके निधन से चिकित्सा जगत में काफी निराशा है तथा सभी लोग मर्माहत है। मेरे लिए तो व्यक्तिगत क्षति है। इधर झासा के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. शरद कुमार ने कहा है कि मैं उनको अभिभावक के समान मानता था और वे भी मुझे वही प्यार देते थे। उनके निधन से कोडरमा को बहुत क्षति हुई है।शोक संवेदना प्रकट करने वालों में डीसी रमेश घोलप,एसपी डॉ एहतेशाम बक़रीब, सिविल सर्जन डॉ. एबी प्रसाद, आईएमए के सचिव डॉ. सुजीत राज, डॉ सागरमणि, डॉ. नरेश पंडित, डॉ विकाश चंद्रा, डॉ. अजय कुमार सेठ, डॉ रंजन कुमार, डॉ आशीष कुमार. डॉ हरी दर्शन सिंह, डॉ. रमन कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. रंजीत कुमार सहित अन्य सभी चिकित्सक शामिल है। सभी ने एक स्वर में कहा है कि उनके निधन की खबर ने हम सभी को झकझोर दिया है। विदित हो कि तीन वर्ष पूर्व उन्होंने स्वेच्छा से सरकारी सेवा छोड़ दिया था।

आईएमए कोडरमा के अध्यक्ष एवं झासा के पुर्व जिला अध्यक्ष सह पूर्व जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार झा