कोलकाता : विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आज ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की तीसरी बार शपथ ली। कोरोना गाइडलाइन्स के कारण शपथ ग्रहण समारोह को छोटा रखा गया था। ममता बनर्जी ने अकेले शपथ ली है।
उनके साथ किसी भी मंत्री ने शपथ नहीं लिया। मंच पर केवल राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी ही मौजूद रहीं। दोनों ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया। राज्यपाल ने ममता बनर्जी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। साथ ही राज्यपाल ने ममता बनर्जी को राज्य में हो रहे हिंसा पर नसीहत भी दी। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था का राज होना चाहिए। उम्मीद है ममता संविधान के हिसाब से चलेंगी। जिसके जवाब में ममता ने कहा कि उनकी प्राथमिकता कोरोना के खिलाफ लड़ाई रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हिंसा की घटना बर्दाश्त नहीं होगी, और ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाता ।बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की प्रचंड जीत के बाद बीरभूम जिले के नानूर से भाजपा उम्मीदवार तारक साहा की पोलिंग एजेंट बनी दो महिला कार्यकर्ताओं से टीएमसी के लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमु्ख रेखा शर्मा बुधवार को बंगाल आ रही हैं और वह टीम के सदस्यों के साथ पीड़ित महिलाओं से मुलाकात करेंगी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी ट्वीट कर हिंसा की निंदा करते हुए ममता बनर्जी से कार्रवाई करने की अपील की है।
हिंसा के खिलाफ देशभर में धरना देगी भाजपा
बंगाल में हिंसा के खिलाफ भाजपा बुधवार को पूरे देशभर में धरना देगी। कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष नड्डा खुद धरने पर बैठेंगे। उल्लेखनीय है कि बंगाल में दो मई को आए विधानसभा चुनाव के नतीजे में सत्ताधारी टीएमसी की शानदार विजयी के बाद से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंसा, आगजनी व लूटपाट का दौर जारी है। भाजपा का दावा है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं के हमले में अब तक उसके नौ कार्यकर्ताओं की जानें जा चुकी हैं। साथ ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता घायल भी हुए हैं। पार्टी ने सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले व आगजनी का दावा किया है।
कोलकाता ।बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की प्रचंड जीत के बाद बीरभूम जिले के नानूर से भाजपा उम्मीदवार तारक साहा की पोलिंग एजेंट बनी दो महिला कार्यकर्ताओं से टीएमसी के लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमु्ख रेखा शर्मा बुधवार को बंगाल आ रही हैं और वह टीम के सदस्यों के साथ पीड़ित महिलाओं से मुलाकात करेंगी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी ट्वीट कर हिंसा की निंदा करते हुए ममता बनर्जी से कार्रवाई करने की अपील की है।
हिंसा के खिलाफ देशभर में धरना देगी भाजपा
बंगाल में हिंसा के खिलाफ भाजपा बुधवार को पूरे देशभर में धरना देगी। कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष नड्डा खुद धरने पर बैठेंगे। उल्लेखनीय है कि बंगाल में दो मई को आए विधानसभा चुनाव के नतीजे में सत्ताधारी टीएमसी की शानदार विजयी के बाद से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंसा, आगजनी व लूटपाट का दौर जारी है। भाजपा का दावा है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं के हमले में अब तक उसके नौ कार्यकर्ताओं की जानें जा चुकी हैं। साथ ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता घायल भी हुए हैं। पार्टी ने सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले व आगजनी का दावा किया है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी नतीजे लगभग घोषित हो चुके हैं. हालांकि कई जगहों पर अभी आधिकारिक घोषणा होनी बाकी है. जिला पंचायत सदस्य चुनाव के भी नतीजे आ चुके हैं. समाजवादी पार्टी ने सत्तारूढ़ बीजेपी को पछाड़ते हुए बढ़त बना ली है. अब तक जारी परिणाम के मुताबिक समाजवादी पार्टी समर्थित 742 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि बीजेपी समर्थित 679 प्रत्याशी जीते हैं. बसपा समर्थित 320 प्रत्याशी जीतने में कामयाब रहे. वहीं कांग्रेस व अन्य दलों सहित 1309 निर्दलीयों ने जिला पंचायत चुनाव में बाजी मारते हुए कई जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की चाबी अपने हाथ में रखी है. पार्टी प्रवक्ता डॉ अनुराग भदौरिया ने कहा कि पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बनारस, प्रयागराज और अयोध्या जैसे जिलों में बीजेपी को धूल चटा दी है. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह जनपद गोरखपुर में समाजवादियों ने बीजेपी के नाक में दम कर रखा है.
जिला पंचायत चुनाव में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. लेकिन अब परिणाम आने के बाद सबसे बड़ी लड़ाई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए शुरू होगी. कई जिलों में किसी भी दल को बहुमत न मिलने की स्थिति में जोड़तोड़ का खेल भी शुरू हो गया है. जिला पंचायत अध्यक्ष की चाबी इस बार निर्दलीयों के पास है. हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह का दावा है कि बीजेपी ने पंचायत चुनावों में 900 से ज्यादा सीटें जीती हैं और 400 निर्दलीय पार्टी के संपर्क में हैं. लिहाजा अब सभी की निगाहें जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर है. सभी 75 जिलों में कौन अपने दल के प्रतिनिधि को काबिज करवा पाता है,
कोडरमा। जिला प्रशासन कोडरमा के द्वारा कोविड के नियंत्रण व बचाव के लिए रात दिन अनवरत रूप से कार्य किया जा रहा है। चाहे अतिरिक्त नए बेड की व्यवस्था हो या ऑक्सीजन की। इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन कोडरमा द्वारा राहत व बचाव के क्रम में अब कोडरमा अवस्थित माइनिंग इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकारी कोविड अस्पताल में तब्दील किया जा रहा है। साथ ही डी सी एच सी डोमचांच को भी पूरी तरह यहां स्थान्तरित कर दिया जाएगा।
110ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ-साथ तकरीबन 140 बेड की व्यवस्था
सरकारी कोविड अस्पताल में 110 बेड पूरी तरह ऑक्सीजन युक्त रहेंगे इसके साथ साथ 140 अन्य बेड बगैर ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों के लिए रहेगा। जरूरत के अनुसार इन बेडो की संख्या भविष्य में बढ़ाई जा सकती है।
आई सी यू बेड की व्यवस्था गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों का ऑब्जर्वेशन कर गहन चिकित्सा की जाती है। इसके लिए सरकारी कोविड अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट की भी व्यवस्था रहेगी। वेंटिलेटर तथा अन्य आधुनिक तकनीकी की सहायता से यहां जिलेवासियों का इलाज किया जाएगा।
डीसी एच सी डोमचांच का सरकारी कोविड अस्पताल में होगा विलय विदित हो कि गत 1 वर्ष से डोमचांच के डीसीएच का संचालन कोविड मरीजों के लिए किया जा रहा है। बीच में पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी होने के कारण इसे बंद भी कुछ दिनों के लिए किया गया था, बाद में पुनः इसका संचालन प्रारंभ कर दिया गया। डोमचांच का कोविड सेंटर कोडरमा शहर से तकरीबन 14 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है। सीमित चिकित्सा कर्मी एवं संसाधन के कारण इसका मॉनिटरिंग करने में थोड़ी कठिनाई हो रही थी। कोडरमा में ही एक जगह केंद्रीकृत रूप से अस्पताल बनाने से चिकित्सकों की कमी को कुछ हद तक भरपाई किया जा सकता है। सदर अस्पताल और सरकारी कोविड अस्पताल के मरीजों का इलाज अब डॉक्टर एक ही जगह होने के कारण आसानी से कर पाएंगे। गंभीर मरीजों को सदर अस्पताल से सरकारी कोविड अस्पताल में शिफ्ट करना भी आसान हो जाएगा और समय और संसाधन की भी बचत होगी।
*चिकित्सा कर्मी एवं पारामेडिकल कर्मी की रहने की व्यवस्था* माइनिंग इंजीनियरिंग कॉलेज का कैंपस कई एकड़ में फैला हुआ है। जिस नवनिर्मित 4 मंजिला भवन को कोविड अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है वहां कुल 102 कमरे, 02 बड़े हॉल एवं 01बड़ा हॉल के साथ संगलन मेस भी है। लेकिन प्रस्तावित बेड के अनुसार ही जगहों का उपयोग किया जा रहा है। चिकित्सक, पारामेडिकल स्टाफ एवं सरकारी कर्मियों के लिए ड्यूटी के अनुसार यहां रहने की भी व्यवस्था रहेगी। यहां सभी कर्मी रात्रि कालीन भी चौबीसों घंटे रहकर कार्य कर सकेंगे। बड़े परिसर होने के कारण यहां अनेक बिल्डिंग है। आमजनों को हॉस्पिटल भवन खोजने में दिक्कत ना हो इसलिए प्रवेश द्वार से ही हॉस्पिटल तक पहुंचने के लिए जगह जगह रास्ते में तीर निशान के साथ-साथ साइनेज लगाया गया है।
*हेल्प डेस्क से जाना जा सकता है मरीजों की स्थिति और बेड की उपलब्धता* कोविड हॉस्पिटल के बाहर आगंतुकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की ब्यवस्था की गयी है।बाहर से आने वाले यहाँ ड्यूटी पर तैनात कर्मी से मरीज की हालत,खाली बेड की उपलब्धता एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अन्य जानकारियाँ प्राप्त कर सकते हैं।यह सहायता केंद्र चौबीसों घंटे कार्यशील रहेगा। *अस्पताल के कुशल प्रबंधन और संचालन के लिए उप विकास आयुक्त आर रोनिटा को वरीय नोडल पदाधिकारी और डॉक्टर शरद को उनके सहायतार्थ नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।*
*डॉक्टरों की संख्या बढ़ायी जाएगी।* हॉस्पिटल एक जगह रहने से एकीकृत ब्यवस्था रहेगी। सभी चिकित्सक भी एक ही जगह उपलब्ध रहेंगे। इससे चिकित्सको की संख्या पर्याप्त रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या और भी बढ़ायी जाएगी।
*सदर हॉस्पिटल में भी 20 ऑक्सीजन पाइप लाइन युक्त बेड की शुरुआत की जाएगी* जिले में ऑक्सिजन बेड की संख्या में बृद्धि करने के लिए सदर हॉस्पिटल में भी 20 ऑक्सिजन सपोर्टेड पाइप लाइन युक्त बेड की सुरुआत की जाएगी।
हेमन्त सोरेन ने मधुपुर विधानसभा उपचुनाव में झामुमो प्रत्याशी हफीजुल हसन की जीत पर बधाई दी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मधुपुर विधानसभा उपचुनाव में यूपीए के साझा प्रत्याशी के रूप में झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार हफीजुल हसन की जीत पर मधुपुर वासियों और सहयोगी दलों को बधाई दी है । उन्होंने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में हमारी सरकार के गठन के बाद यह तीसरा उपचुनाव था । इन तीनो ही उपचुनाव में यूपीए के उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है । यूपीए की यह हैट्रिक जीत यह दर्शाता है कि राज्य की जनता का यूपीए सरकार पर पूरा भरोसा है, जबकि बीजेपी को उन्होंने नकार दिया है।
ममता दीदी को ढेरों बधाई
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीत पर ममता दीदी को बधाई दी है ।उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री समेत पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी थी । सत्ता में आने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सारे तिकड़म अपनाए थे, लेकिन इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता दीदी की पार्टी को पूर्ण बहुमत देकर बीजेपी को पूरी तरह नकार दिया ।
महामारी में भी सत्ता पाने की ललक है बीजेपी को
कोरोना महामारी के इस दौर में भी भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आने के लिए कितनी लालायित थी, इसे हम सभी ने देखा । जहां कोरोना महामारी से चल रही जंग के लिए व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत थी । उस फेज में भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में हो रहे चुनाव को लेकर बड़ी बड़ी रैलियां कर रही थी । प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से लेकर पार्टी के तमाम बड़े नेता रैलियों में भारी भीड़ को संबोधित कर रहे थे । यह कहीं ना कहीं हमारे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रहा था। इस वजह से ना सिर्फ आम लोगों की जान जा रही है बल्कि कई प्रत्याशियों में भी अपनी जान गवां दी ।लेकिन , भारतीय जनता पार्टी सत्ता की खातिर कोरोना से हो रहे खतरे को भी हाशिये में रख दिया ।
निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं का भी अपने फायदे के लिए बीजेपी ने किया इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक संस्था को भी अपने फायदे की खातिर इस्तेमाल करने से भारतीय जनता पार्टी बाज नहीं आई । मुख्यमंत्री ने कहा कि इतना कुछ होने के बावजूद जनता ने अपना निर्णय देकर भारतीय जनता पार्टी के मंसूबे को सफल नहीं होने दिया । यही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है । मुख्यमंत्री ने ममता दीदी की हार पर कहा कि चुनाव में हार जीत लगी रहती है और यह कोई नई बात नहीं है ।
भाजपा अगर 02 सीट से 80 तक पहुंचना हार है तो भाजपा को ऐसी हार पसंद आनी चाहिए । कर्नाटक के बाद पुडुचेरी दक्षिण भारत का ऐसा दूसरा राज्य बना, जहां बीजेपी की सरकार बनेगी। असम की जीत आसान नहीं थी, खासकर बदरुद्दीन अजमल और बोडो नेशनल फ्रंट के साथ कांग्रेस के महागठबंधन के बाद…केरल और तमिलनाडु में बीजेपी का वैसे भी कुछ दांव पर नहीं लगा था…कुल मिलाकर बीजेपी ने कुछ पाया ही है, गंवाया कुछ नहीं।
कांग्रेस
केरल में हर बार सत्ता बदलती है । उस लिहाज से इस बार कांग्रेस को वहां सरकार बनानी चाहिए थी । लेकिन लेफ्ट ने केरल में लगभग एकतरफा जीत हासिल की। असम कांग्रेस का गढ़ रहा है। एक-दो मौकों को छोड़ दें तो असम में कांग्रेस की ही सरकार रही है। पिछली बार कांग्रेस की हार के बाद कहा गया था कि मुस्लिम वोटों के बंटवारे के कारण कांग्रेस हारी । इस बार बदरुद्दीन अजमल, स्थानीय पार्टियों, लेफ्ट के साथ कांग्रेस ने “महाजोत” बनाया था । भाजपा विरोधी वोटों का बंटवारा नहीं हुआ, इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन हार गई। कांग्रेस के लिए ये बड़ा झटका है । पुडुचेरी में नारायणसामी लगातार कांग्रेस को जीत दिलाते रहे । लेकिन कांग्रेस ने गोवा के बाद ईसाई बहुल दूसरा राज्य गंवाया है । तमिलनाडु में स्टालिन ने कांग्रेस को खुश होने का मौका दिया है।
तीसरा मोर्चा
आज सबसे ज्यादा खुश अगर किसी को होना चाहिए तो इस देश की क्षेत्रीय पार्टियों को। बंगाल में ममता की जीत उस ट्रेंड को पुख्ता करती है कि जहां बीजेपी के सामने कांग्रेस है, वहां तो भाजपा आसानी से जीत जाती है, लेकिन जैसे ही बीजेपी का मुकाबला क्षेत्रीय दलों से होता है, मोदी-अमित शाह हांफने लगते हैं। केजरीवाल, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, शरद पवार, केसीआर (तेलंगाना), वाई. एस. आर. कांग्रेस, केरल में लेफ्ट आदि ने यही साबित किया है ।
सारांश
अब कांग्रेस को छोड़कर क्षेत्रीय दलों का महागठबंधन बनाने का वक्त आ गया है। कांग्रेस चाहे तो बाद में इस महागठबंधन को बाहर से समर्थन दे सकती है । शरद पवार और लालू प्रसाद यादव जैसे नेता इस भावी महागठबंधन के शिल्पकार हो सकते हैं।
मधुपुर/देवघर । झारखंड के मधुपुर उप-चुनाव में हेमंत सरकार के मंत्री हफीजुल हसन ने कांटे की टक्कर में बीजेपी के गंगा नारायण सिंह को पांच हजार से अधिक वोटों से हरा दिया। इस प्रतिष्ठा की टक्कर में एक ओर हफीजुल हसन और हेमंत सोरेन की जोड़ी थी तो दूसरी ओर निशिकांत दूबे और बाबूलाल जैसे दिग्गज की जोड़ी । हेमंत सोरेन ने मधुपुर की जीत के साथ ही ये साबित कर दिया है कि झारखंड के मतदाताओं पर उनकी जैसी पकड़ फिलहाल किसी दूसरे नेता की नहीं।
आखिरी राउंड तक बना रहा सस्पेंस
मधुपुर में मुकाबला आसान नहीं था, लेकिन हफीजुल हसन की जीत में सबसे बड़ा फैक्टर रहा मुस्लिम वोटों की एकजुटता। वहीं बीजेपी के वोट नोटा (5 हजार 127) और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच बंट गया। इसके अलावा हेमंत सोरेन फैक्टर ने तराजू का पलडा हफीजुल हसन की ओर झुका दिया। एक लाख पांच हजार से अधिक वोट लाकर भी गंगा नारायण सिंह चुनाव हार गए, इसकी टीस उन्हें लंबे समय तक सालती रहेगी ।
आजसू और राज पालिवाल फैक्टर
पूरे चुनाव प्रचार से आजसू लगभग गायब रही । अगर सुदेश महतो गंगा नारायण सिंह के पक्ष में कुछ और जनसभा करते (खासकर महतो बहुल गांव में) तो शायद कुछ फर्क पड़ सकता था । बीजेपी के अंदर राज पालिवाल फैक्टर पर चर्चा जरूर होगी । राज पालिवाल के लोग मधुपुर के गाँवों में घूम-घूमकर क्या कर रहे थे, इसे बाबूलाल भी जानते हैं और निशिकांत दूबे भी । इसपर दीपक प्रकाश की टीम आगे क्या निर्णय लेती है ये देखने वाली बात होगी।
उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला हजारीबाग। हजारीबाग स्थित बरही के पडरिमा में जिस घर में दूल्हे के साथ बारात का इंतजार था, शुक्रवार को वह आंगन आंसुओं की बरसात में डूबी हुई थी। उमंग और खुशियों की जगह सहसा मातम और सिसकियों ने ले ली।
पिछले वर्ष पडरिमा के किसान नरेश यादव ने अपनी इकलौती पुत्री का विवाह कोडरमा के सतडीहा निवासी विजय यादव के पुत्र मंजीत यादव उर्फ राकेश रंजन से तय की थी। युवक पेशे से इंजीनियर था और वह हैदराबाद में टीसीएस में नौकरी करता था।
30 अप्रैल को कोडरमा से बरही पडरिमा के लिए बारात आनी थी, लेकिन इससे पहले दूल्हा कोरोना से संक्रमित हो गया और उसकी मौत हो गई। युवक के पिता बीसीसीएल धनबाद में कार्यरत हैं। धनबाद से शादी की खरीदारी के दौरान ही दूल्हे के संक्रमित होने की बात कही जा रही है।
धनबाद से मार्केटिंग कर लौटने के बाद दूल्हे की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच कराने पर वह कोरोना संक्रमित पाया गया। घर में ही इलाज भी शुरू कर दिया, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूद था। शादी कार्यक्रम के दौरान ही दूल्हे की मौत हो गई। कोरोना काल में धूमधड़ाके से शादी करना बहुत ही खतरनाक साबित हो रहा है। बरही प्रशासन की नजर यहां हो रहे वैवाहिक कार्यक्रमों पर है। शादियों में कम से कम लोगों को शामिल किया जाए, ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे।
उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला हजारीबाग। हजारीबाग स्थित बरही के पडरिमा में जिस घर में दूल्हे के साथ बारात का इंतजार था, शुक्रवार को वह आंगन आंसुओं की बरसात में डूबी हुई थी। उमंग और खुशियों की जगह सहसा मातम और सिसकियों ने ले ली।
पिछले वर्ष पडरिमा के किसान नरेश यादव ने अपनी इकलौती पुत्री का विवाह कोडरमा के सतडीहा निवासी विजय यादव के पुत्र मंजीत यादव उर्फ राकेश रंजन से तय की थी। युवक पेशे से इंजीनियर था और वह हैदराबाद में टीसीएस में नौकरी करता था।
30 अप्रैल को कोडरमा से बरही पडरिमा के लिए बारात आनी थी, लेकिन इससे पहले दूल्हा कोरोना से संक्रमित हो गया और उसकी मौत हो गई। युवक के पिता बीसीसीएल धनबाद में कार्यरत हैं। धनबाद से शादी की खरीदारी के दौरान ही दूल्हे के संक्रमित होने की बात कही जा रही है।
धनबाद से मार्केटिंग कर लौटने के बाद दूल्हे की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच कराने पर वह कोरोना संक्रमित पाया गया। घर में ही इलाज भी शुरू कर दिया, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूद था। शादी कार्यक्रम के दौरान ही दूल्हे की मौत हो गई। कोरोना काल में धूमधड़ाके से शादी करना बहुत ही खतरनाक साबित हो रहा है। बरही प्रशासन की नजर यहां हो रहे वैवाहिक कार्यक्रमों पर है। शादियों में कम से कम लोगों को शामिल किया जाए, ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे।