कोलकाता। : बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य की नव निर्वाचित तृणमूल कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी है कि मुझे अपनी संवैधानिक शक्तियों के इस्तेमाल के लिए मजबूर नहीं करेंगे। राज्यपाल के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह राज्य में बदलाव का आह्वान करके अपनी संवैधानिक स्थिति भूल गए। उनकी अपील खारिज कर दी गई, इसलिए बूढ़ा अब स्पष्ट रूप से निराश हैं।
बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से नंदीग्राम पहुंचने के बाद राज्यपाल बाइक पर ही बैठकर हिंसा प्रभावित गांवों के लिए निकल पड़े। राज्यपाल कई गांवों में हिंसा पीडि़त परिवारों से मिले। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं ने राज्यपाल को ¨हसा वाली रात की दर्द भरी दास्तां सुनाई। लोगों की आपबीती सुनकर राज्यपाल भावुक हो गए। पत्रकारों से बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बंगाल कोरोना व हिंसा दोनों के गंभीर संकट से जूझ रहा है।
मेरठ: कोरोना के खिलाफ जंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महानगरों के दौरे पर हैं। सोमवार को सुबह 11 बजे वह हेलीकाप्टर से मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन पहुंच गए। इसके बाद वे कोविड सेंटरों के लिए रवाना हुए। इस दौरान भारी पुलिस बल पहले से ही तैनात की गई थी। मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व ही एडीजी राजीव सब्बरवाल पुलिस लाइन में मौजूद रहे। साथ ही कुछ स्थानीय नेता भी थे। करीब डेढ़ बजे वे सहारनपुर के जिले के लिए रवाना होंगे। यहां पर भी इनके कार्यक्रम तय कर दिए गए है। कोविड वार्डों की जानकारी लेने के साथ अधिकारियों की बैठक भी लेंगे।
मुजफ्फरनगर कचहरी में कोविड सेंटर का निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की बैठक में शामिल नहीं करने पर नगर पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल का दर्द झलक पड़ा। वे फूट-फूटकर रोईं। कहा-भाजपा की चेयरपर्सन हूं। कोविड में दिन रात एक किए हूं। संसद, राज्यमंत्री और सभी अधिकारियों को फोन किया। कहा की किस बात की पर्देदारी।
कई वर्ष पहले दूर दक्षिण भारत से बाबा माधवदास नामक एक संन्यासी दिल्ली में ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ प्रकाशन के कार्यालय पहुँचे। उन्होंने सीताराम गोयल की कोई पुस्तक पढ़ी थी, जिसके बाद उन्हें खोजते-खोजते वह आए थे।
मिलते ही उन्होंने सीताराम जी के सामने एक छोटी सी पुस्तिका रख दी। यह सरकार द्वारा 1956 में बनी सात सदस्यीय जस्टिस नियोगी समिति की रिपोर्ट का एक सार-संक्षेप था। यह संक्षेप माधवदास ने स्वयं तैयार किया, किसी तरह माँग-मूँग कर उसे छपाया और तब से देश भर में विभिन्न महत्वपूर्ण, निर्णयकर्ता लोगों तक उसे पहुँचाने, और उन्हें जगाने का अथक प्रयास कर रहे थे। किंतु अब वह मानो हार चुके थे और सीताराम जी तक इस आस में पहुँचे थे कि वह इस कार्य को बढ़ाने का कोई उपाय करेंगे।
माधवदास ने देश के विभिन्न भागों में घूम-घूम कर ईसाई मिशनरियों की गतिविधियाँ स्वयं ध्यान से देखी थीं। उन्हें यह देख बड़ी वेदना होती थी कि मिशनरी लोग हिन्दू धर्म को लांछित कर, भोले-भोले लोगों को छल से जाल में फँसा कर, दबाव देकर, भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल कर आदि विधियों से ईसाइयत में धर्मांतरित करते थे। सबसे बड़ा दुःख यह था कि हिन्दू समाज के अग्रगण्य लोग, नेता, प्रशासक, लेखक इसे देख कर भी अनदेखा करते थे।  यह भी माधवदास ने स्वयं अनुभव किया। वर्षों यह सब देख-सुन कर अब वे सीताराम जी के पास पहुँचे थे। सीताराम जी ने उन्हें निराश नहीं किया। उन्होंने न केवल जस्टिस नियोगी समिति रिपोर्ट को पुनः प्रकाशित किया, वरन ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों की ऐतिहासिक क्रम में समीक्षा करते हुए ‘छद्म-पंथनिरपेक्षता, ईसाई मिशन और हिन्दू प्रतिरोध’ नामक एक मूल्यवान पुस्तिका भी लिखी।
पर ऐसा लगता है कि हिन्दू उच्च वर्ग की की काहिली और अज्ञान पर शायद ही कुछ असर पड़ा हो।उदाहरण के लिए, सात वर्ष पहले जब ‘तहलका’ ने साप्ताहिक पत्रिका आरंभ की तो अपना प्रवेशांक (7 फरवरी 2004) भारत में ईसाई विस्तार के अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र पर केंद्रित किया। इस के लिए अमेरिकी सरकार तथा अनेक विदेशी चर्च संगठनों द्वारा भारी अनुदान, अनेक मिशनरी संगठनों के प्रतिनिधियों से बात-चीत, उनके दस्तावेज, मिशनरियों द्वारा भारत के चप्पे-चप्पे का सर्वेक्षण और स्थानीय विशेषताओं का उपयोग कर लोगों का धर्मांतरण कराने के कार्यक्रम आदि संबंधी भरपूर खोज-बीन और प्रमाण ‘तहलका’ ने जुटा कर प्रस्तुत किया था। किंतु उस पर भारतीय नेताओं, बुद्धिजीवियों, प्रशासकों की क्या प्रतिक्रिया रही? कुछ नहीं, एक अभेद्य मौन! मानो उन्होंने कुछ न सुना हो। जबकि मिशनरी संगठनों में उस प्रकाशन से भारी चिंता और बेचैनी फैली (क्योंकि वे उस पत्रिका को संघ-परिवार का दुष्प्रचार बताकर नहीं बच सकते थे!)।  उन्होंने तरह-तरह के बयान देकर अपना बचाव करने की कोशिश की। मगर हिन्दू समाज के प्रतिनिधि निर्विकार बने रहे! हमारे जिन बुद्धिजीवियों, अखबारों, समाचार-चैनलों ने उसी तहलका द्वारा कुछ ही पहले रक्षा मंत्रालय सौदों में रिश्वतखोरी की संभावना का पर्दाफाश करने पर खूब उत्साह दिखाया था, और रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस समेत सबके इस्तीफे की माँग की थी। वही लोग उसी अखबार के इस पर्दाफाश पर एकदम गुम-सुम रहे। मानो इस में कोई विशेष बात ही न हो।ठीक यही पचपन वर्ष पहले नियोगी समिति की रिपोर्ट आने पर भी हुआ था। जहाँ मिशनरी संगठनों में खलबली मच गई थी, वहीं हमारे नेता, बुद्धिजीवी, अफसर, न्यायविद सब ठस बने रहे। अंततः संसद में सरकार ने यह कह कर कि समिति की अनुशंसाएं संविधान में दिए मौलिक अधिकारों से मेल नहीं खाती, मामले को रफा-दफा कर दिया। कृपया ध्यान दें – किसी ने यह नहीं कहा कि समिति का आकलन, अन्वेषण, तथ्य और साक्ष्य त्रुटिपूर्ण है। बल्कि सबने एक मौन धारण कर उसे चुप-चाप धूल खाने छोड़ दिया। (उसके तैंतालीस वर्ष बाद, 1999 में, यही जस्टिस वधवा कमीशन रिपोर्ट के साथ भी हुआ, जिसने उड़ीसा में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस की हत्या के संबंध में विस्तृत जाँच की थी)। हिन्दू सत्ताधारियों व बौद्धिक वर्ग की इस भीरू भंगिमा को देख कर सहमे हुए मिशनरी संगठनों का साहस तुरत स्वभाविक रूप से बढ़ गया।
शहीद मनजीत के पार्थिव शरीर को नमन् करते कृषि मंत्री बादल
रांची। बीएसएफ के शहीद जवान मनजीत कुमार झा का पार्थिव शरीर रविवार को रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचते ही कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
झारखंड के बासुकीनाथ स्थित जरमुंडी के रहने वाले जम्मू-कश्मीर के उरी में शहीद हुए बीएसएफ कांस्टेबल का पार्थिव शरीर वहां से उनके पैतृक गांव भेजा गया। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि मनजीत कुमार झा कर्तव्य के प्रति समर्पित और कर्मठ जवान थे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को दु:ख सहने की अदम्य शक्ति दें।
कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकरआग्रह किया है कि शहीद मनजीत के परिजनों को राज्य सरकार आर्थिक रूप से मदद करे और एक आश्रित को नौकरी भी दे।
Ranchi : झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान एक जिले से दूसरे जिला जाने के लिये आज से E-PASS अनिवार्य किया गया है. मगर जिला प्रशासन द्वारा जारी वेबसाइट खुल ही नहीं रही है. जिसके कारण लोगों को पास बनाने में कई तरह की समस्या सामने आ रही है. कई प्रयास के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है. इस चक्कर में लोग परेशान हो रहे हैं.
रांची के डीटीओ प्रवीण ने बताया कि झारखंड में एक दिन में एक लाख से अधिक ई-पास बने हैं और वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक होने की वजह से फिलहाल वेबसाइट काम नहीं कर रहा होगा. उन्होंने बताया कि इस प्रकार की समस्या का समाधान डीटीओ के पास तो नहीं है. उन्होंने बताया कि एनआईसी इस प्रकार की समस्या को देखती है और उम्मीद है कि जल्द समाधान हो जायेगा.
मालूम हो कि झारखंड में लॉकडाउन की सख्ती 16 मई से शुरू हो रही है. आने-जाने के लिये ई पास अनिवार्य किया गया है. इस ध्यान में रखते हुए लोग धड़ाधड़ ई-पास बनवा रहे हैं. प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस बार ई-पास बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बेहद आसान और सरल रखी गई है.
कोडरमा। कोरोना वैश्विक महामारी की दूसरी लहर में कोडरमा समेत राज्य के सभी जिले में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। कोरोना की चपेट में आने से राज्य भर में अब तक सैकड़ों पत्रकार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जबकि 20 से अधिक पत्रकारों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई है। कोरोना संक्रमण से जान गवाने वाले पत्रकारों के परिजनों के समक्ष आर्थिक समेत अन्य कई तरह के संकट आ गए हैं साथ ही कोरोना संक्रमित पत्रकार भी आर्थिक संकटों से जूझने को मजबूर है। प्रेस क्लब कोडरमा के अध्यक्ष सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को उपायुक्त कोडरमा को मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा है। जिसमें क्लब ने मांग किया है कि इस वैश्विक आपदा की घड़ी में उड़ीसा समेत कई राज्य सरकारों ने पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा देते हुए कई तरह की सुविधाएं प्रदान की है। क्लब ने मुख्यमंत्री से मांग किया है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दिया जाए। साथ ही कोरोना से पीड़ित पत्रकारों व उनके परिजनों की समुचित इलाज के लिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित रखा जाए और इलाज का खर्च सरकारी स्तर से की जाए। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से पत्रकारों की मौत होने पर 50 लाख रुपये का मुआवजा। उनके आश्रितों को अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाए और मृतक पत्रकार के किसी एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा उपायुक्त कोडरमा रमेश घोलाप को पत्र देकर क्लब ने कोडरमा जिले में पत्रकारों के लिए विशेष वैक्सीनेशन लगाने की मांग की है। क्लब के पदाधिकारियों ने उपायुक्त से कहा है कि राज्य सरकार ने पत्रकारों को कोविड वैक्सीन देने में प्राथमिकता देने की घोषणा की है। 14 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। पलामू जिला प्रशासन की तर्ज पर जनसंपर्क कार्यालय में वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर पत्रकारों की टीकाकरण की व्यवस्था की जाए ताकि जिले के पत्रकार एक निश्चित स्थान पर कोविड का टीकाकरण सपरिवार (निर्धारित आयु वाले) ले सकें। प्रेस क्लब के इस मांग पर उपायुक्त कोडरमा ने शीघ्र टीकाकरण कैंप लगाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर क्लब के महासचिव गौतम राणा, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार झा, संरक्षक मंडल के सदस्य मनोज कुमार झुन्नू, उमाशंकर एवं संजीव समीर मौजूद थे।
कोडरमा। कोरोना वैश्विक महामारी की दूसरी लहर में कोडरमा समेत राज्य के सभी जिले में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। कोरोना की चपेट में आने से राज्य भर में अब तक सैकड़ों पत्रकार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जबकि 20 से अधिक पत्रकारों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई है। कोरोना संक्रमण से जान गवाने वाले पत्रकारों के परिजनों के समक्ष आर्थिक समेत अन्य कई तरह के संकट आ गए हैं साथ ही कोरोना संक्रमित पत्रकार भी आर्थिक संकटों से जूझने को मजबूर है। प्रेस क्लब कोडरमा के अध्यक्ष सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को उपायुक्त कोडरमा को मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा है। जिसमें क्लब ने मांग किया है कि इस वैश्विक आपदा की घड़ी में उड़ीसा समेत कई राज्य सरकारों ने पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा देते हुए कई तरह की सुविधाएं प्रदान की है। क्लब ने मुख्यमंत्री से मांग किया है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दिया जाए। साथ ही कोरोना से पीड़ित पत्रकारों व उनके परिजनों की समुचित इलाज के लिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित रखा जाए और इलाज का खर्च सरकारी स्तर से की जाए। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से पत्रकारों की मौत होने पर 50 लाख रुपये का मुआवजा। उनके आश्रितों को अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाए और मृतक पत्रकार के किसी एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा उपायुक्त कोडरमा रमेश घोलाप को पत्र देकर क्लब ने कोडरमा जिले में पत्रकारों के लिए विशेष वैक्सीनेशन लगाने की मांग की है। क्लब के पदाधिकारियों ने उपायुक्त से कहा है कि राज्य सरकार ने पत्रकारों को कोविड वैक्सीन देने में प्राथमिकता देने की घोषणा की है। 14 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। पलामू जिला प्रशासन की तर्ज पर जनसंपर्क कार्यालय में वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर पत्रकारों की टीकाकरण की व्यवस्था की जाए ताकि जिले के पत्रकार एक निश्चित स्थान पर कोविड का टीकाकरण सपरिवार (निर्धारित आयु वाले) ले सकें। प्रेस क्लब के इस मांग पर उपायुक्त कोडरमा ने शीघ्र टीकाकरण कैंप लगाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर क्लब के महासचिव गौतम राणा, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार झा, संरक्षक मंडल के सदस्य मनोज कुमार झुन्नू, उमाशंकर एवं संजीव समीर मौजूद थे।
कोडरमा/जयनगर। इन दिनों जयनगर प्रखंड में कोरोना संक्रमण को लेकर लोग दहशत में जी रहे हैं , बता दें कि कोरोना संक्रमण का प्रसार ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल रहा है हालांकि अभी बाहर से आने वाले लोग नहीं आ पाए हैं, अन्यथा गांव में कोरोना का बाढ़ आ जाता । बताया जाता है कि पिछले 15 दिनों में संपूर्ण जयनगर प्रखंड में 17 लोगों की मृत्यु हो चुकी है , जिसमें 9 लोग सतडीहा गांव के युवक हैं। वहीं अभी तक संपूर्ण जयनगर प्रखंड में 27 लोगों की जानें जा चुकी है जो कोरोना से मरे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का विस्तार कर दिया गया है जो आने वाले दो सप्ताहों तक जारी रहेगा। उपायुक्त रमेश घोलाप ने अलग-अलग मेडिकल टीमों का गठन कर जयनगर प्रखंड के वैसे गांव में जांच अभियान तेज कर दिया है जिन गांव में युवकों की मौत हुई है अभी प्रत्येक दिन सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक अलग-अलग जगहों पर कॉविड जांच किया जा रहा है इसमें मुख्य रूप से अमित कुमार विभिन्न गांव के आंगनबाड़ी सेविका पोषण सखी को इन जांच कार्यों में सहायता के लिए लगाया गया है। इधर प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा थाना प्रभारी अब्दुल्ला खान ने बताया कि यदि किसी भी लोगों में कोविड-19 के लक्षण दिखाई दें जैसे की खांसी सर्दी बुखार बदन दर्द सिर दर्द तो कॉपी जांच करवा कर शीघ्र ही बेहतर इलाज के लिए कोविड-19 अस्पताल में दाखिला लेने उन्होंने बताया कि इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों का वर्चस्व गांव में बढ़ता दिखाई दे रहा है ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है बिना जांच किए दवा देने के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है जो आनन-फानन में कोविड जांच कराते हैं तथा पॉजिटिव पाए जाने पर समय सीमा समाप्त होने के कारण इनकी मृत्यु हो जाती है इसलिए लक्षण पाए जाने पर बेहिचक जांच करवाएं उसके बाद ही दवा का सेवन करें।
कोडरमा/जयनगर। इन दिनों जयनगर प्रखंड में कोरोना संक्रमण को लेकर लोग दहशत में जी रहे हैं , बता दें कि कोरोना संक्रमण का प्रसार ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल रहा है हालांकि अभी बाहर से आने वाले लोग नहीं आ पाए हैं, अन्यथा गांव में कोरोना का बाढ़ आ जाता । बताया जाता है कि पिछले 15 दिनों में संपूर्ण जयनगर प्रखंड में 17 लोगों की मृत्यु हो चुकी है , जिसमें 9 लोग सतडीहा गांव के युवक हैं। वहीं अभी तक संपूर्ण जयनगर प्रखंड में 27 लोगों की जानें जा चुकी है जो कोरोना से मरे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का विस्तार कर दिया गया है जो आने वाले दो सप्ताहों तक जारी रहेगा। उपायुक्त रमेश घोलाप ने अलग-अलग मेडिकल टीमों का गठन कर जयनगर प्रखंड के वैसे गांव में जांच अभियान तेज कर दिया है जिन गांव में युवकों की मौत हुई है अभी प्रत्येक दिन सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक अलग-अलग जगहों पर कॉविड जांच किया जा रहा है इसमें मुख्य रूप से अमित कुमार विभिन्न गांव के आंगनबाड़ी सेविका पोषण सखी को इन जांच कार्यों में सहायता के लिए लगाया गया है। इधर प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा थाना प्रभारी अब्दुल्ला खान ने बताया कि यदि किसी भी लोगों में कोविड-19 के लक्षण दिखाई दें जैसे की खांसी सर्दी बुखार बदन दर्द सिर दर्द तो कॉपी जांच करवा कर शीघ्र ही बेहतर इलाज के लिए कोविड-19 अस्पताल में दाखिला लेने उन्होंने बताया कि इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों का वर्चस्व गांव में बढ़ता दिखाई दे रहा है ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है बिना जांच किए दवा देने के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है जो आनन-फानन में कोविड जांच कराते हैं तथा पॉजिटिव पाए जाने पर समय सीमा समाप्त होने के कारण इनकी मृत्यु हो जाती है इसलिए लक्षण पाए जाने पर बेहिचक जांच करवाएं उसके बाद ही दवा का सेवन करें।
कोलकाता : बंगाल में कोरोना का कहर जारी है। राज्य में लगातार चौथे दिन कोविड-19 के 20,000 से ज्यादा नए मामले आए। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान संक्रमण के फिर रिकॉर्ड 20,846 नए मामले आए और 136 लोगों की मौत भी हुई है। एक दिन में यह अब तक राज्य में सर्वाधिक नए मामले हैं। इसी के साथ राज्य में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की कुल संख्या 10,94,802 हो गई है। इनमें 9,50,017 लोग इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं।
लखनऊ। चित्रकूट के जिला कारागार में गैंगवार के दौरान हुए हत्याकांड में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चित्रकूट जेल के अधीक्षक एसपी त्रिपाठी व जेलर महेंद्र पाल समेत पांच कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। डीजी जेल आनन्द कुमार ने इसकी पुष्टि की है। चित्रकूट जिला कारागार में नए अधीक्षक व जेलर की तैनाती भी कर दी गई है। अशोक कुमार सागर को जेल अधीक्षक और सीपी त्रिपाठी को जेलर नियुक्त किया गया है।
चित्रकूट जेल में हुई जघन्य घटना में सुरक्षा बंदोबस्त में बड़ी लापरवाही सामने आई है
अधिकारियों का कहना है कि जेल में पिस्टल कैसे पहुंची, यह अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की न्यायिक जांच होगी, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गिरिडीह : बेंगाबाद थाना की पुलिस ने गांजा का कारोबार करने वाले पांच अभियुक्तों को धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से तीन लाख रुपये नगद के साथ एक चार पहिया वाहन और दो बाईक भी बरामद किया है।
गिरफ्तार अपराधियों में जमुआ के नवडीहा ओपी इलाके का शशि गुप्ता, बेंगाबाद का रंजीत कुमार, बिहार के सीतामढ़ी निवासी पंकज ठाकुर, बक्सर के बड़कागांव निवासी प्रवीण कुमार मिश्रा और बिहार के भोजपुर निवासी मुकेश सिंह शामिल है।
पुलिस द्वारा जब्त किया गया गांजा
पुलिस ने बताया कि पुलिस के द्वारा गुरुवार की शाम बेंगाबाद के छोटकी खरगाडीहा स्थित पेट्रोल पंप के पास वहान चेंकिग लगाया गया था। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार पुलिस को देख कर भागने लगा। मौके पर मौजूद पुलिस बल को संदेह होने पर उसका पीछा किया और उसे मुंण्डराडीह के पास धर दबोचा गया। दबौचे गये मोटरसाइकिल सवार शशि कुमार गुप्ता के बाइक के डिक्की से 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ के दौरान जमुआ के नवडीहा ओपी अंतर्गत नवडीहा निवासी शशि गुप्ता ने बताया कि उसने गांजा बेंगाबाद के रंजीत साव से खरीदा है। इस दौरान पुलिस ने शशि गुप्ता के निशानदेही पर रंजीत साव के दो घर पर छापेमारी किया। जहां से बड़े पैमाने पर गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में रंजीत ने बेंगाबाद के हड़वाडीह गांव निवासी राजेश रजक का नाम बताते हुए कहा कि राजेश ही उसे बेंचने के लिए गांजा की आपूर्ति करता है। इसके बाद राजेश के घर पर छापेमारी किया। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर जहां राजेश घर से भागने में सफल रहा। वहीं उसके घर से गांजा के साथ तीन लाख नगर रुपये और एक चार पहिया समेत दो गाड़ियों को जब्त किया। इस दौरान रंजीत और शशि गुप्ता ने अपने धनबाद के तीनों दोस्तों का नाम बताया। इन दोनों के निशानदेही पर बेंगाबाद पुलिस ने धनबाद के सिंदरी में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पंकज ठाकुर के घर से जिंदा कारतूस लोड एक देसी पिस्तौल भी बरामद किया है।
बुधवार की शाम पड़ोसी के घर शादी में खाना खाने की कह घर से निकला था युवक
लाश की पंचनामा करती पुलिस
[राजेश कुमार]
गिरिडीह : जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के नावाडीह पंचायत अंतर्गत सखेयबाद गांव में एक 16 वर्षीय युवक की लाश उसके घर से डेढ़ किलो मीटर दूर कटी महतो नामक व्यक्ति के पक्का कुआं से बरामद हुआ।
मृतक युवक सखेयबाद निवासी बिनोद वर्मा का 16 वर्षीय पुत्र चिंकू वर्मा की लाश कुंए में मिलने की खबर जंगल मे लगी आग की तरह पूरे नावाडीह गांव में फेल गयी। खबर सुन काफी लोग कुएं पर जुट गये वंही घटना की सूचना पाकर जमुआ थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गयी। बाद में ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने युवक की लाश को कुआं से निकला। मृतक युवक सिर्फ जांघिये पहने था और उसके पूरे शरीर में चोट के निशान पाये गये है। जमुआ पुलिस ने शव को अपनी अभिरक्षा में ले पोस्टमार्टम हेतु गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया है।
मामा ने लगाया पिता पर पुत्र की हत्या का आरोप :
जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के कोलासिहां निवासी किसन महतो के पुत्र व मृतक युवक का मामा संजय वर्मा ने घटना के बावत जमुआ पुलिस को दिये आवेदन में कहा कि मृतक के पिता बिनोद वर्मा ने ही मेरा भगिना को तीन चार अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या कर साक्ष्य छुपाने की नियत से एक डेढ़ किलोमीटर कुआं में उसकी लाश को डाल दिया है।
आवेदन में संजय ने कहा है कि बिनोद वर्मा ने दो शादियां की है। पहली पत्नी रुकमणी देवी उनकी बहन है। जिससे दो पुत्र है। जब उनकी बहन अस्वस्थ हो गई तो उनके बहनोई ने दूसरी शादी कर ली। उसमें भी एक लड़का है। कहा कि पिछले कई वर्षों से उनके बहनोई उनकी बहन और भगिना को प्रताड़ित करते आ रहे है।
बुधवार की शाम से गायब था बेटा : रुक्मिणी
मृतक की लकवाग्रस्त माँ रुकमणी देवी ने बताया कि बुधवार की शाम चीकू ट्रैक्टर से मजदूरी कर शाम को घर लौटा और बगल में हो रही शादी समारोह में खाना खाकर मेरे लिए खाना लाने की कह घर से निकला। देर रात तक वह घर लौट कर नही आया और वह बिना खाना खाये सो गई। गुरुवार की सुबह उसकी खोज में ट्रैक्टर के मालिक से पूछताछ किया लेकिन कोई पता नही चल पाया। शाम को एक औरत ने कटी महतो के कुआं पर एक लोटा रखा होने की बात कही। कुएं पर देखने गये तो पाया कि वही लौटा था जिसे लेकर चिंकू शादी घर मे खाने गया था। वंही कुआँ में पड़ा सर्ट भी चीकू का ही था। मृतक की माँ ने घटना कैसे घटी इस पर अनभिज्ञता जाहिर किया। हालांकि उंसने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों को फांसी की सजा देने की गुहार लगायी है।
क्या कहते है थाना प्रभारी
ईस बावत जमुआ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार दास ने बताया कि मृतक युवक के मामा सजंय वर्मा ने थाने में एक लिखित आवेदन दिया है। जिंसमे मृतक युवक के पिता पर हत्या कर लाश को कुएं में डालने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। बहरहाल शव का पोस्टमार्टम हेतु गिरीडीह भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर अग्रेत्तर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि मामला हत्या का निकला तो दोषियों को कतई नहीं बक्सा जायेगा।
गिरिडीह/डुमरी: निमियाघाट थाना क्षेत्र के गटीगड्डा के समीप शुक्रवार की अहले सुबह ट्रेन से कटकर एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक युवक गंजी और अंडरवियर पहने हुए था।
घटना धनबाद गया रेलखंड के पोल संख्या 316/21 और पोल संख्या 316/23 के अप लाइन में हुई थी। हालांकि अब तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास के गांवों में मृतक की पहचान के लिए गाँव वालों से पूछताछ करने में जुटी है।
यह कह पाना भी काफी मुश्किल हो रहा है कि मृतक ने ट्रेन से आत्महत्या किया है या ट्रेन से गिरने से उसकी मौत हुई है। फिलहाल पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है।