Bengal: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) ने तबाही मचानी शुरू कर दी है. जिसके चलते कोलकाता हवाई अड्डा (Kolkata Airport) करीब 12 घंटे बंद रहेगा. कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों ने आज कहा कि आईएमडी द्वारा मौसम की चेतावनी के मद्देनजर, कोलकाता हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन 26 मई को सुबह 8:30 बजे से शाम 7:45 बजे तक निलंबित रहेगा. कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि ऐरो ब्रीज को बंद किया जा रहा है.
यास चक्रवात के चलते बंगाल में 12 घंटे बंद रहेगा एयरपोर्ट
एयरपोर्ट परिसर में निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंपों को तैयार रखा गया है. छोटे विमानों को जमीन से बांधकर रखा जाएगा, वहीं अम्फान के दौरान गंभीर रूप से प्रभावित हुए बड़े विमानों को किसी भी तरह की क्षति से बचाने के लिए सावधानी बरती जा रही है. 26 मई को कोलकाता, हावड़ा और हुगली में हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे से 80 किमी प्रति घंटे से 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी.
Luckniow: भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादोन ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसान काला दिवस मनाएंगे। इस दौरान किसान अपने गांवों के चौराहों पर केंद्र सरकार का पुतला दहन करेंगे, बल्कि घरों व ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाकर वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करेंगे।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में देश के किसान दिल्ली के चारों तरफ बॉर्डर पर बैैठे है। केंद्र सरकार की हठधर्मिता खत्म नहीं हुई है। किसानों ने बंगाल चुनाव में सरकार का अहंकार चूर-चूर कर दिया है। पिछले छह महीने से किसान अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।
Luckniow: भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादोन ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसान काला दिवस मनाएंगे। इस दौरान किसान अपने गांवों के चौराहों पर केंद्र सरकार का पुतला दहन करेंगे, बल्कि घरों व ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाकर वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करेंगे।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में देश के किसान दिल्ली के चारों तरफ बॉर्डर पर बैैठे है। केंद्र सरकार की हठधर्मिता खत्म नहीं हुई है। किसानों ने बंगाल चुनाव में सरकार का अहंकार चूर-चूर कर दिया है। पिछले छह महीने से किसान अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।
पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला- खरसावा जिले के हजारों लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया
जमशेदपुर। झारखंड में “यास” तूफान का कहर देखने को मिलेगा। पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूँटी और सिमडेगा में 110-120 कि.मी. प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी ।
करीब 50 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया
मौसम विभाग के सीनियर साइन्टिस्ट आर. के. जेनामनी ने बताया कि झारखंड के चार जिलों को रेड अलर्ट जोन में रखा गया है। जिला प्रशासन ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के करीब 20 हजार लोगों और सरायकेला- खरसावां जिले के करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है।
लोगों से घरों के बाहर न निकलने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने-अपने घरों में ही रहें। मवेशियों को पक्के घरों में रखें लेकिन उनकी रस्सी खोल दें। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने लोगों को पेड़ से दूर रहने की सलाह दी है।
बुधवार को अपने घरों से निकलना खतरनाक साबित हो सकता है
झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह तीन जून की सुबह छह बजे तक प्रभावी रहेगा । इस दौरान पहले से लागू सभी प्रतिबंध जारी रहेंगे । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में 27 मई की सुबह छह बजे समाप्त हो रहे स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की अवधि को एक सप्ताह बढ़ाने का निर्णय लिया गया ।
एक तिहाई कर्मचारियों के साथ खुलेगा सचिवालय
आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में सचिवालय को दोपहर दो बजे तक खोलने का निर्णय़ लिया गया । इस दौरान संयुक्त सचिव से ऊपर स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से सचिवालय आना होगा । वहीं 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ सचिवालय के विभिन्न विभाग कार्य करेंगे ।
ई-पास की अनिवार्यता जारी रहेगी
इसके अतिरिक्त ई-पास की अनिवार्यता जारी रहेगी, लेकिन, सरकारी कर्मियों, मीडियाकर्मियों तथा बड़ी कंपनियों अथवा फैक्ट्रियों में काम करने वालों का ड्यूटी पास मान्य होगा । इन्हें ई-पास की अनिवार्यता से छूट दी गई है ।
झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह तीन जून की सुबह छह बजे तक प्रभावी रहेगा । इस दौरान पहले से लागू सभी प्रतिबंध जारी रहेंगे । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में 27 मई की सुबह छह बजे समाप्त हो रहे स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की अवधि को एक सप्ताह बढ़ाने का निर्णय लिया गया ।
एक तिहाई कर्मचारियों के साथ खुलेगा सचिवालय
आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में सचिवालय को दोपहर दो बजे तक खोलने का निर्णय़ लिया गया । इस दौरान संयुक्त सचिव से ऊपर स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से सचिवालय आना होगा । वहीं 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ सचिवालय के विभिन्न विभाग कार्य करेंगे ।
ई-पास की अनिवार्यता जारी रहेगी
इसके अतिरिक्त ई-पास की अनिवार्यता जारी रहेगी, लेकिन, सरकारी कर्मियों, मीडियाकर्मियों तथा बड़ी कंपनियों अथवा फैक्ट्रियों में काम करने वालों का ड्यूटी पास मान्य होगा । इन्हें ई-पास की अनिवार्यता से छूट दी गई है ।
Palamu Police digs graveyard for solving murder mystery of girl
जहर देकर मारने का आरोप
मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया): गढ़वा जिले के मझिआंव-बरडीहा थाना क्षेत्र के आदर गांव के लाहासुर टोलापर के अकबर अंसारी की दो नाबालिक लड़कियों को बुधवार को चार लोगों के द्वारा बहला-फुसला कर पेट दर्द की दवा बता कर जहर दे दिया गया। वहीं परिजनों के द्वारा गुरुवार की सुबह आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान बड़ी लड़की 14 वर्षीय सबीना खातून की मौत हो। वहीं 12 वर्षीय नजुरू खातून स्वस्थ हो गयी। घटना के बाद आनन-फानन में गांव के कुछ लोगों के द्वारा समझा-बुझा कर परिजन के साथ मिल कर 50 से 60 लोगों ने एकत्रित होकर सबीना खातून की मिट्टी स्थानीय कब्रिस्तान में दे दी।
वहीं मामला प्रकाश में आने के बाद बरडीहा पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर आवेदन के आधार पर 23 मई को कब्र से शव को बाहर निकलवाया। दफनाने के 6 दिनों के बाद एक नाबालिक लड़की का शव कब्र से बाहर निकाला गया। नाबालिक लड़की को जहर देकर मारने का आरोप है। मामले में जांच और पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्र से बाहर निकाला गया और सदर अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की छानबीन में पुलिस जुटी हुई है।
इस सिलसिले में गांव के चार युवकों सहित अन्य ग्रामीणों पर पुलिस कार्रवाई करने की तैयारी में है। बरडीहा थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंदुरिया ने बताया कि आवेदन के आलोक पर चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। वहीं मृत लड़की का शव सोमवार की सुबह पुलिस निरीक्षक संजय कुमार, कांडी थाना प्रभारी नितिश कुमार एवं प्रखंड मजिस्ट्रेट संदीप कुमार गुप्ता की उपस्थिति में कब्र से बाहर निकाला गया। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि अनुसंधान जारी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि दोनों लड़की जहरखुरानी का शिकार हुई थीं। मौत के बाद सभी ग्रामीणों ने मिल कर शव को स्थानीय कब्रिस्तान में दफना कर दिया था। इधर, मृतका के पिता ने बताया कि गांव के शमशेर ने अन्य युवकों के साथ मिल कर दवा बता कर जहरीला पदार्थ खाने के लिए दे दिया। स्थिति बिगड़ने पर निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन एक बेटी को बचा नहीं पाया।
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जहर देकर मारने का आरोप
मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया): गढ़वा जिले के मझिआंव-बरडीहा थाना क्षेत्र के आदर गांव के लाहासुर टोलापर के अकबर अंसारी की दो नाबालिक लड़कियों को बुधवार को चार लोगों के द्वारा बहला-फुसला कर पेट दर्द की दवा बता कर जहर दे दिया गया। वहीं परिजनों के द्वारा गुरुवार की सुबह आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान बड़ी लड़की 14 वर्षीय सबीना खातून की मौत हो। वहीं 12 वर्षीय नजुरू खातून स्वस्थ हो गयी। घटना के बाद आनन-फानन में गांव के कुछ लोगों के द्वारा समझा-बुझा कर परिजन के साथ मिल कर 50 से 60 लोगों ने एकत्रित होकर सबीना खातून की मिट्टी स्थानीय कब्रिस्तान में दे दी।
वहीं मामला प्रकाश में आने के बाद बरडीहा पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर आवेदन के आधार पर 23 मई को कब्र से शव को बाहर निकलवाया। दफनाने के 6 दिनों के बाद एक नाबालिक लड़की का शव कब्र से बाहर निकाला गया। नाबालिक लड़की को जहर देकर मारने का आरोप है। मामले में जांच और पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्र से बाहर निकाला गया और सदर अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की छानबीन में पुलिस जुटी हुई है।
इस सिलसिले में गांव के चार युवकों सहित अन्य ग्रामीणों पर पुलिस कार्रवाई करने की तैयारी में है। बरडीहा थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंदुरिया ने बताया कि आवेदन के आलोक पर चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। वहीं मृत लड़की का शव सोमवार की सुबह पुलिस निरीक्षक संजय कुमार, कांडी थाना प्रभारी नितिश कुमार एवं प्रखंड मजिस्ट्रेट संदीप कुमार गुप्ता की उपस्थिति में कब्र से बाहर निकाला गया। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि अनुसंधान जारी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि दोनों लड़की जहरखुरानी का शिकार हुई थीं। मौत के बाद सभी ग्रामीणों ने मिल कर शव को स्थानीय कब्रिस्तान में दफना कर दिया था। इधर, मृतका के पिता ने बताया कि गांव के शमशेर ने अन्य युवकों के साथ मिल कर दवा बता कर जहरीला पदार्थ खाने के लिए दे दिया। स्थिति बिगड़ने पर निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन एक बेटी को बचा नहीं पाया।
अगले 48 घंटे सोशल मीडिया अकाउंट जैसे फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम भारत में बंद हो सकता है। अगर इन कंपनियों ने सरकार को अगले दो दिनों में जवाब नहीं भेजा तो इनपर प्रतिबंध लगने की पूरी संभावना है।
फेसबुक और ट्विटर पर लगेगा बैन!
दरअसल केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को फरवरी में कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया थाइसके लिए इन कंपनियों को सरकार की ओर से तीन महीने का समय दिया गया था जिसकी अवधि 26 मई को पूरी होने वाली है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक इंन सोशल मीडिया कंपनियों ने सरकार के नियमों का पालन नहीं किया है ।
केंद्र सरकार ने 25 फरवरी 2021 को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की तरफ से डिजिटल कंटेंट को रेग्यूलेट करने के लिए 3 महीने के भीतर कंप्लायंस अधिकारी, नोडल अधिकारी आदि को नियुक्त करने के लिए कहा गया था और इन सभी का कार्यक्षेत्र भारत में होना चाहिए था । लेकिन सूत्रों की मानें तो इन सोशल मीडिया जायंट्स ने अब तक इन नियमों को लागू नहीं किया है । सूत्रों का कहना है कि जो भी कंपनी इन नियमों का पालन करने में फेल होती है उनके इंटरमीडियरी स्टेटस को खत्म किया जा सकता है और उन पर आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है ।
नये नियमों का पालन करने से सोशल मीडिया कंपनियों कि इनकार
कोलकाता। यास चक्रवात के मद्देनजर कलकत्ता हाई कोर्ट ने 26 और 27 मई को सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई को स्थगित कर दिया है। इस दोनों दिन हाई कोर्ट में किसी भी मामले की सुनवाई नहीं होगी।हाई कोर्ट ने एक अधिसूचना जारी कर कहा, ’26 और 27 मई 2021 को सूचीबद्ध सभी मामले जो उपरोक्त संकट के कारण नहीं उठाए जा सकते हैं, उन्हें संबंधित सभी बेंच या बेंच के सामने अगले उपलब्ध दिन पर स्वचालित रूप से सूचीबद्ध किया जा सकता है।’
दरअसल, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवात ‘यास’ में बदल चुका है और इसके अत्यंत भीषण चक्रवात में बदलने के बाद 26 मई को ओडिशा- बंगाल के तटों से गुजरने का अनुमान है। इस चक्रवात के कारण भारी तबाही की आशंका है।
लखनऊ, ।उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी देश की शीर्ष जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के निदेशक बनने की रेस की फ्रंट लाइन में हैं। सीबीआइ में अलग-अलग पदों पर 14 वर्ष की सेवा देने वाले अवस्थी का नाम तीन लोगों की सूची में है। इसी में से एक की निदेशक के पद पर तैनाती होगी। सीबीआई के निदेशक का पद फरवरी से ही खाली है।
ओम प्रकाश (ओपी) सिंह के बाद मार्च 2020 से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक का पद संभालने वाले हितेश चंद्र अवस्थी का नाम सोमवार को सीबीआइ के निदेशक बनने की रेस के उन तीन अफसरों में शामिल किया गया, जिनमें से एक के नाम पर मुहर लगेगी। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही पैनल में शामिल लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने निदेशक के पद चयन के लिए गहन मंत्रणा की।
झारखंड सरकार की मुफ्त कफन योजना को लेकर राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया है। विरोधी भाजपा हमलावर है । वो कह रही है कि जनता ने दवा और अस्पताल मांगा था, लेकिन हेमंत सरकार ने उन्हें कफन पकड़ा दिया।
झारखंड सरकार की “मुफ्त कफन” वाली योजना
क्या है पूरा मामला?
दरअसल हेमंत सोरेन की सरकार ने फैसला लिया है कि कोरोना से मरने वाले सभी लोगों के अंतिम संस्कार में परेशानी न हो, इसके लिए झारखंड सरकार मदद करेगी । सरकार अपनी तरफ से ऐसे लोगों को मुफ्त में कफन देगी । राज्य के कई इलाकों से इस तरह की खबरें आ रही थीं कि लोग गरीबी के कारण अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे और कोविड के मरीजों को छोड़कर भिग जा रहे हैं। इसी के आलोक में सरकार ने मुफ्त कफन योजना की बात कही है।
भाजपा ने कहा – “अंधेर नगरी, चौपट राजा”
झारखंड राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने सरकार की “निःशुल्क कफ़न” योजना पर गहरा ऐतराज जताते हुए इसे शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भाजपा में इस निर्णय को अपरिपक्वता की पराकाष्ठा बताते हुए इसकी तुलना “अंधेर नगरी चौपट राजा” से कर दिया। मामले में सोमवार देर शाम प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने इस विषय पर शायराना अंदाज़ में हेमंत सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “हुज़ूर ने ना दवा और न दुआओं के काबिल समझा, बेचारी जनता को बस कफ़न के काबिल समझा”।
स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों को धमकाना बंद करें
इस शायरी के बाद वर्चुअल बयान जारी करते हुए भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा जब किसी सरकार की प्राथमिकता जन स्वास्थ्य ना होकर के मृत्यु और कफ़न तक सीमित रह गई है। भाजपा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ताबड़तोड़ अस्पतालों को बंद करवा रहे हैं, प्रबंधकों पर दमनकारी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता जन स्वास्थ्य ना होकर के महज़ केंद्र सरकार के विरोध तक सीमित रह गई है।
राहुल गांधी ने वैक्सीन लिया या नहीं?
भाजपा ने कहा कि हेमंत सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के नकारात्मक दुष्प्रचार का ही प्रतिफल रहा कि सूबे के ग्रामीण अंचलों में टीकाकरण की रफ़्तार बेहद पिछड़ी हुई है। मंत्रियों ने जनता को वैक्सीन के मसले पर पहले तो जनता को झूठ बरगलाया। विपक्षी नेताओं ने चुपके से स्वयं वैक्सीन लेकर अपने आप को सुरक्षित कर लिया लेकिन जनता को गुमराह कर के उनके स्वास्थ्य से गंदा खिलवाड़ किया। भाजपा प्रवक्ता ने झारखंड में गठबंधन सरकार में सहयोगी दल कांग्रेस से सवाल किया कि उनके युवराज राहुल गाँधी ने कोरोनारोधी टीका लिया है या नहीं, पार्टी को इस आशय में स्पष्टीकरण जनता के बीच रखनी चाहिए।
Special cell of Delhi police raids Twitter India office in Delhi and gurgaon
Twitter के दिल्ली और गुडगाँव ऑफिस पहुंची दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल
नई दिल्ली। संबित पात्रा के ट्वीट को मैनिपुलेटेड मीडिया बताने के मामले में सोमवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ट्विटर इंडिया को नोटिस जारी कर सबूत पेश करने को कहा था । दिल्ली पुलिस ने पूछा था कि आपने किस आधार पर इसे मैनिपुलेटेड बताया। जवाब में ट्विटर इंडिया ने कहा कि हम आपको जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं हैं।
पुलिस गेट पर इंतजार करती रही, ट्विटर इंडिया ने दरवाजा नहीं खोला
ट्विटर से जवाब मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ट्विटर इंडिया के लाडो सराय और गुरुग्राम ऑफिस पर रेड करने पहुंची । लाडो सराय में टीम करीब एक घंटे तक रुकी. स्पेशल सेल ने ट्विटर इंडिया (Twitter India Raid) के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की । लेकिन जब ऑफिस का दरवाजा नहीं खोला गया तो टीम को वापस लौटना पड़ा ।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा
दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया है कि टीम नियमित प्रक्रिया के तहत ट्विटर को नोटिस देने के लिए ट्विटर कार्यालय गई थी. यह आवश्यक था क्योंकि हम यह जानना चाहते थे कि नोटिस देने के लिए सही व्यक्ति कौन है, क्योंकि ट्विटर इंडिया के एमडी का जवाब बहुत अस्पष्ट है ।
Special cell of Delhi police raids Twitter India office in Delhi and gurgaon
Twitter के दिल्ली और गुडगाँव ऑफिस पहुंची दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल
नई दिल्ली। संबित पात्रा के ट्वीट को मैनिपुलेटेड मीडिया बताने के मामले में सोमवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ट्विटर इंडिया को नोटिस जारी कर सबूत पेश करने को कहा था । दिल्ली पुलिस ने पूछा था कि आपने किस आधार पर इसे मैनिपुलेटेड बताया। जवाब में ट्विटर इंडिया ने कहा कि हम आपको जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं हैं।
पुलिस गेट पर इंतजार करती रही, ट्विटर इंडिया ने दरवाजा नहीं खोला
ट्विटर से जवाब मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ट्विटर इंडिया के लाडो सराय और गुरुग्राम ऑफिस पर रेड करने पहुंची । लाडो सराय में टीम करीब एक घंटे तक रुकी. स्पेशल सेल ने ट्विटर इंडिया (Twitter India Raid) के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की । लेकिन जब ऑफिस का दरवाजा नहीं खोला गया तो टीम को वापस लौटना पड़ा ।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा
दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया है कि टीम नियमित प्रक्रिया के तहत ट्विटर को नोटिस देने के लिए ट्विटर कार्यालय गई थी. यह आवश्यक था क्योंकि हम यह जानना चाहते थे कि नोटिस देने के लिए सही व्यक्ति कौन है, क्योंकि ट्विटर इंडिया के एमडी का जवाब बहुत अस्पष्ट है ।
Stone pelting on CEO in koderma district of Jharkhand
सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त , सुरक्षा गार्ड के जवान भी जख्मी
मरकच्चो। बरियारडीह -मरकच्चो मुख्य मार्ग स्थित नावाडीह पंचयात के ग्राम पिपराडीह में सोमवार को एक गृह प्रवेश के कार्यक्रम में मरकच्चो अंचलाधिकारी के वाहन पर पथराव किया गया। मरकच्चो अंचलाधिकारी रामसुमन ने मरकच्चो थाने में एक आवेदन दे कर गृह प्रवेश करा रहे भुनेश्वर साव (पिता लोकन साव) , सचिन साव (पिता देवन साव) एवं अरबिंद साव (पिता स्व कैलास साव) तथा तीन सौ अज्ञात लोगों के विरुद्ध लॉक डाउन उल्लंघन करने को लेकर मरकच्चो थाना में मामला दर्ज कराया।
दिये गए आवेदन में अंचलाधिकारी ने बताया कि सोमवार की दोपहर को गुप्त सूचना मिली कि पिपराडीह में गृह प्रवेश के कार्यक्रम मे खाना खिलाने के दौरान काफी भीड़ है । इसी की पुष्टि के लिए उक्त स्थल पर पहुँचा जहाँ देखा कि घर के सामने लगे पंडाल में 50 से ऊपर लोग बैठ कर खाना खा रहे थे। जब हम भुनेश्वर साव से पूछताछ करने लगे तथा उसे सरकारी वाहन में बैठने को कहा। इस बात को लेकर कर वे लोग उलझ गए और उसके घर के परिजन हम पर हमला कर दिए। जिससे सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया तथा सुरक्षा गार्ड के जवान जख्मी हो गए।
वही मरकच्चो थाना प्रभारी ने मामला दर्ज करते हुए करवाई शुरू कर दिया। कुछ ग्रामीणों का कहना था कि मरकच्चो प्रखंड में कई जगहों पर ओर भी शादी व अन्य कार्यक्रम हो रहा है मगर उनलोगों पर तो कोई करवाई के लिए नही कदम उठाए इस बात को लेकर विवाद हो गया।