गिरिडीह/डुमरी:-निमियाघाट थाना क्षेत्र के बालूटुंडा गांव के समीप शनिवार की अहले सुबह धनबाद गया रेलखंड के अप लाइन में ट्रेन से कट कर एक युवक ने आत्महत्या कर लिया।
परिजनों की माने तो मृतक युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था। परिवार में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। जिस कारण युवक शुक्रवार की रात में ही घर से निकल गया था। शनिवार सुबह उसका शव रेलवे ट्रैक देखा गया।
फिलहाल पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है और जांच में जुट गई है। वहीं मृतक की पहचान असनासिंघा के रहने वाले भीम महतो के पुत्र प्रेमचंद महतो के रूप में हुई है।
गिरिडीह/डुमरी:-निमियाघाट थाना क्षेत्र के लाल बाजार एनएच 2 पर शुक्रवार की देर रात पहले से खराब खडे ट्रक में पीछे से आ रही टैंकर की टक्कर हो जाने से टैंकर चालक बुरी तरह से फंस गया।
जिसे प्रशासन की मदद से लगभग आधे घंटे के मसक्कत के बाद किरान की सहायता से निकाला गया और ईलाज के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया। जहाँ ईलाज के दौरान टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र यादव की मौत हो गई। वहीं हादसे में टैंकर खलासी नितीश कुमार को हल्की चोट आई है। जिसका इलाज रेफरल अस्पताल में किया गया।
घटना स्थल पर मौजूद लोग
बताया जाता है कि नेपाल से खाली तेल की टैंकर कलकत्ता जा रही थी। तभी लालबाजार के समीप पहले से खराब खडा कोयला लोड ट्रक से टैंकर जा टकराया। घटना में जहाँ टैंकर चालक की मौत हो गयी वंही खलासी घायल हो गया। फिलहाल पुलिस दोनों वाहनों को जप्त कर थाने ले आई है और घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दिया है।
खड़ा ट्रक जिससे जा टकराई टैंकर
इधर मृतक चालक की पहचान बिहार के भभूआ निवासी धर्मेंद्र यादव के रूप में हुई है जबकि खलासी की पहचान बिहार के रजौली निवासी नितीश कुमार के रूप में हुई है।
गिरिडीह/डुमरी:-निमियाघाट थाना क्षेत्र के लाल बाजार एनएच 2 पर शुक्रवार की देर रात पहले से खराब खडे ट्रक में पीछे से आ रही टैंकर की टक्कर हो जाने से टैंकर चालक बुरी तरह से फंस गया।
जिसे प्रशासन की मदद से लगभग आधे घंटे के मसक्कत के बाद किरान की सहायता से निकाला गया और ईलाज के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया। जहाँ ईलाज के दौरान टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र यादव की मौत हो गई। वहीं हादसे में टैंकर खलासी नितीश कुमार को हल्की चोट आई है। जिसका इलाज रेफरल अस्पताल में किया गया।
घटना स्थल पर मौजूद लोग
बताया जाता है कि नेपाल से खाली तेल की टैंकर कलकत्ता जा रही थी। तभी लालबाजार के समीप पहले से खराब खडा कोयला लोड ट्रक से टैंकर जा टकराया। घटना में जहाँ टैंकर चालक की मौत हो गयी वंही खलासी घायल हो गया। फिलहाल पुलिस दोनों वाहनों को जप्त कर थाने ले आई है और घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दिया है।
खड़ा ट्रक जिससे जा टकराई टैंकर
इधर मृतक चालक की पहचान बिहार के भभूआ निवासी धर्मेंद्र यादव के रूप में हुई है जबकि खलासी की पहचान बिहार के रजौली निवासी नितीश कुमार के रूप में हुई है।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। कोविड के कारण विश्व में भारत की छवि को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि “भारत महान नहीं, भारत बदनाम है” ।
पिछले हफ्ते की थी भारत में आग लगाने की बात
दुनिया में कोविड के “इंडियन वैरिएंट” की चर्चा
कमलनाथ ने कहा कि न्यूयॉर्क में कोई भी भारतीयों की टैक्सी में नहीं बैठना चाहता। यूरोप और अमेरिका में कोरोना के “इंडियन वैरिएंट” की चर्चा हो रही है। सिंगापुर में भारतीयों के साथ बदतमीज़ी की जाती है। उन्हें हेय दृष्टि से देखा जाता है। जो लोग कहते थे कि पूरे विश्व में भारत का डंका बज रहा है, उन्होंने देश का नाम पूरी दुनिया में बदनाम कर दिया। आज भारत महान नहीं, बल्कि बदनाम है ।
पहले देश में आग लगाने की बात की थी
इससे पहले कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूरे देश में आग लगाने की बात की थी।
उस वायरल वीडियो में कमलनाथ कह रहे हैं कि
यही आग लगाने का मौका है। किसानों के साथ अन्याय हुआ है। सरकार के खिलाफ जमकर चलाओ सरकार ऐसा कर रही है वैसा कर रही है। खरीदी जो करी है वह हरियाणा पंजाब से करी है। जितना सरकार के खिलाफ चला सकते हो चलाओं यही मौका है आग लगाने का…
भाजपा ने दर्ज कराया था FIR
भारतीय जनता पार्टी ने कोविड-19 महामारी को लेकर कमलनाथ के खिलाफ लोगों में भय फैलाने के आरोप में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस ने कमलनाथ के खिलाफ धारा 188 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 54 के तहत यह प्राथमिकी दर्ज की है.
एफआईआर दर्ज होने के बाद कमलनाथ ने बयान जारी कर कहा था, शिवराज सरकार चाहती है कि मैं चुप रहूं , जनता की आवाज़ ना उठाऊं , उनके हक की लड़ाई ना लड़ूं, लेकिन मै चुप नहीं बैठूंगा , जीवन की आख़िरी सांस तक जनता के हित की लड़ाई लड़ता रहूंगा, कोई एफ़आईआर (प्राथमिकी) मुझे दबा नहीं सकती है.”
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। कोविड के कारण विश्व में भारत की छवि को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि “भारत महान नहीं, भारत बदनाम है” ।
पिछले हफ्ते की थी भारत में आग लगाने की बात
दुनिया में कोविड के “इंडियन वैरिएंट” की चर्चा
कमलनाथ ने कहा कि न्यूयॉर्क में कोई भी भारतीयों की टैक्सी में नहीं बैठना चाहता। यूरोप और अमेरिका में कोरोना के “इंडियन वैरिएंट” की चर्चा हो रही है। सिंगापुर में भारतीयों के साथ बदतमीज़ी की जाती है। उन्हें हेय दृष्टि से देखा जाता है। जो लोग कहते थे कि पूरे विश्व में भारत का डंका बज रहा है, उन्होंने देश का नाम पूरी दुनिया में बदनाम कर दिया। आज भारत महान नहीं, बल्कि बदनाम है ।
पहले देश में आग लगाने की बात की थी
इससे पहले कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूरे देश में आग लगाने की बात की थी।
उस वायरल वीडियो में कमलनाथ कह रहे हैं कि
यही आग लगाने का मौका है। किसानों के साथ अन्याय हुआ है। सरकार के खिलाफ जमकर चलाओ सरकार ऐसा कर रही है वैसा कर रही है। खरीदी जो करी है वह हरियाणा पंजाब से करी है। जितना सरकार के खिलाफ चला सकते हो चलाओं यही मौका है आग लगाने का…
भाजपा ने दर्ज कराया था FIR
भारतीय जनता पार्टी ने कोविड-19 महामारी को लेकर कमलनाथ के खिलाफ लोगों में भय फैलाने के आरोप में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस ने कमलनाथ के खिलाफ धारा 188 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 54 के तहत यह प्राथमिकी दर्ज की है.
एफआईआर दर्ज होने के बाद कमलनाथ ने बयान जारी कर कहा था, शिवराज सरकार चाहती है कि मैं चुप रहूं , जनता की आवाज़ ना उठाऊं , उनके हक की लड़ाई ना लड़ूं, लेकिन मै चुप नहीं बैठूंगा , जीवन की आख़िरी सांस तक जनता के हित की लड़ाई लड़ता रहूंगा, कोई एफ़आईआर (प्राथमिकी) मुझे दबा नहीं सकती है.”
उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला हजारीबाग। राइस रिसर्च सेंटर हजारीबाग के प्रख्यात सेवानिवृत्त सीनियर साइंटिस्ट डॉ प्रमोद कुमार सिन्हा का निधन गुरुवार की रात हो गया। वे हजारीबाग की प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ आर एस वंदना के पति और डॉ अभिषेक के पिता थे।
डॉ प्रमोद कुमार सिन्हा की बहू डॉ स्नेहलता भी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। वहीं छोटा बेटा डॉ.अनुव्रत हांगकांग में बोन स्पेसलिस्ट हैं। उनकी बेटी डॉ अंजलि उर्फ डॉ. दीप्ति सिन्हा और दामाद डॉ.बिजय कृष्ण सिंह भी बिहार के भागलपुर में डॉक्टर हैं। गुरुवार की रात रांची मेडिका अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
जाने-माने सीनियर साइंटिस्ट डॉ प्रमोद कुमार सिन्हा चावल की कई नई किस्मों के जनक थे। उनके ही प्रयास से ही हजारीबाग में राइस रिसर्च सेंटर की स्थापना भी हुई थी। उन्होंने पत्नी के नाम पर वंदना धान बीज की पांच किस्में, बेटे के नाम अभिषेक और बेटी के नाम अंजलि नामक एक-एक धान की नई किस्म का सफल अनुसंधान किया था। यह धान बीज अभी झारखंड, बिहार, असम, नागालैंड, मिजोरम और ओडिसा में बेहतर पैदावार दे रहा है।
उनकी पढ़ाई बिहार के नामी पूसा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय से हुई थी और वहां भी वे कृषि वैज्ञानिक रह चुके थे। हजारीबाग के शिवपुरी में उनका आवास है। उनके निधन पर शहर के कई गणमान्य लोगों ने शोक जताया है। मूल रूप से पूरा परिवार लखीसराय जिले के बड़हिया निवासी हैं। बिहार के पटना स्थित गंगा तट पर उनके अंतिम संस्कार के लिए पूरा परिवार उनके पार्थिव शरीर के साथ चले गए हैं।
उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला हजारीबाग। राइस रिसर्च सेंटर हजारीबाग के प्रख्यात सेवानिवृत्त सीनियर साइंटिस्ट डॉ प्रमोद कुमार सिन्हा का निधन गुरुवार की रात हो गया। वे हजारीबाग की प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ आर एस वंदना के पति और डॉ अभिषेक के पिता थे।
डॉ प्रमोद कुमार सिन्हा की बहू डॉ स्नेहलता भी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। वहीं छोटा बेटा डॉ.अनुव्रत हांगकांग में बोन स्पेसलिस्ट हैं। उनकी बेटी डॉ अंजलि उर्फ डॉ. दीप्ति सिन्हा और दामाद डॉ.बिजय कृष्ण सिंह भी बिहार के भागलपुर में डॉक्टर हैं। गुरुवार की रात रांची मेडिका अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
जाने-माने सीनियर साइंटिस्ट डॉ प्रमोद कुमार सिन्हा चावल की कई नई किस्मों के जनक थे। उनके ही प्रयास से ही हजारीबाग में राइस रिसर्च सेंटर की स्थापना भी हुई थी। उन्होंने पत्नी के नाम पर वंदना धान बीज की पांच किस्में, बेटे के नाम अभिषेक और बेटी के नाम अंजलि नामक एक-एक धान की नई किस्म का सफल अनुसंधान किया था। यह धान बीज अभी झारखंड, बिहार, असम, नागालैंड, मिजोरम और ओडिसा में बेहतर पैदावार दे रहा है।
उनकी पढ़ाई बिहार के नामी पूसा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय से हुई थी और वहां भी वे कृषि वैज्ञानिक रह चुके थे। हजारीबाग के शिवपुरी में उनका आवास है। उनके निधन पर शहर के कई गणमान्य लोगों ने शोक जताया है। मूल रूप से पूरा परिवार लखीसराय जिले के बड़हिया निवासी हैं। बिहार के पटना स्थित गंगा तट पर उनके अंतिम संस्कार के लिए पूरा परिवार उनके पार्थिव शरीर के साथ चले गए हैं।
सरायकेला : सरायकेला जिला की मस्ती की पाठशाला में करीब 70 बच्चे स्कूल की छत पर अपनी जान बचाने के लिए चढ़ गए. नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण स्कूल में पानी घुस गया, साथ ही साथ स्कूल के प्रांगण का मंदिर पूरी तरह से डूब गया. इसलिये बच्चे डर कर मंदिर की छत पर चढ़ गए.
भीमखांदा स्थित पांडेश्वर बाबा का मंदिर नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरी तरह से डूब गया है. यहां पर गरीब बच्चों के लिए मस्ती की पाठशाला के तहत नि:शुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और आवासीय स्कूल की व्यवस्था है. यहां वैसे छात्र जिनके मां- पिताजी गुजर गए हैं, या जिनके माता-पिता हर दिन मजदूरी करने शहर आते हैं, उन्हीं छात्रों को यहां पर नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है. यहां करीब 70 बच्चे पढ़ाई करते हैं.
गुरुवार को मंदिर परिसर से सटी इस पाठशाला में खरखाई नदी का पानी घुस गया. पूरे गांव और मंदिर में पानी भर गया तो स्कूली बच्चे जो यहां रह कर पढ़ाई करते हैं, वो लोग डर से स्कूल की छत पर चढ़ गए.
ग्रामीणों का भी कहना है कि स्कूल के चारों तरफ पानी ही पानी है और इस तरह बच्चे गांव में भी नहीं आ सकते हैं, इसलिये सभी बच्चे स्कूल की छत पर चढ़ गए हैं.
इस बारे में प्रशासन को सूचना दी दे दी गई है. ग्रामीण अपने स्तर पर बच्चों को भोजन दे रहे हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं.
सरायकेला : सरायकेला जिला की मस्ती की पाठशाला में करीब 70 बच्चे स्कूल की छत पर अपनी जान बचाने के लिए चढ़ गए. नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण स्कूल में पानी घुस गया, साथ ही साथ स्कूल के प्रांगण का मंदिर पूरी तरह से डूब गया. इसलिये बच्चे डर कर मंदिर की छत पर चढ़ गए.
भीमखांदा स्थित पांडेश्वर बाबा का मंदिर नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरी तरह से डूब गया है. यहां पर गरीब बच्चों के लिए मस्ती की पाठशाला के तहत नि:शुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और आवासीय स्कूल की व्यवस्था है. यहां वैसे छात्र जिनके मां- पिताजी गुजर गए हैं, या जिनके माता-पिता हर दिन मजदूरी करने शहर आते हैं, उन्हीं छात्रों को यहां पर नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है. यहां करीब 70 बच्चे पढ़ाई करते हैं.
गुरुवार को मंदिर परिसर से सटी इस पाठशाला में खरखाई नदी का पानी घुस गया. पूरे गांव और मंदिर में पानी भर गया तो स्कूली बच्चे जो यहां रह कर पढ़ाई करते हैं, वो लोग डर से स्कूल की छत पर चढ़ गए.
ग्रामीणों का भी कहना है कि स्कूल के चारों तरफ पानी ही पानी है और इस तरह बच्चे गांव में भी नहीं आ सकते हैं, इसलिये सभी बच्चे स्कूल की छत पर चढ़ गए हैं.
इस बारे में प्रशासन को सूचना दी दे दी गई है. ग्रामीण अपने स्तर पर बच्चों को भोजन दे रहे हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं.
Law of the land cannot be made according to will of an foreign social media app
ट्विटर का बयान भारत को बदनाम करने की साजिश है । यह कानून को अपना काम करने से रोकने के लिए दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। कांग्रेस ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसपर पर लगाए गए “टूलकिट” के आरोप गलत हैं । इसकी जांच करने और टूलकिट पर जानकारी लेने के लिए ही पुलिस ट्विटर के दफ्तर पहुंची थी । लेकिन इसे कंपनी की ओर से अलग रंग दिया जा रहा है।
Twitter और भारत सरकार में टकराव बढ़ा
सोशल मीडिया एप ट्विटर ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर भारत में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जारी की है । ट्विटर ने अपने प्रेस रिलीज़ में भारत में “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” पर सवाल खड़े किए हैं और अपने दफ्तर में दिल्ली पुलिस के छापे को “लोकतंत्र का हनन” बताया। ट्विटर की ओर से जारी बयान पर भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भारत को बदनाम करने की साजिश: कानून मंत्री
भारत सरकार के कानून मंत्रालय ने अपने कू एप के हैंडल से जारी बयान में कहा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश है । भारत सरकार ने कहा है कि
Twitter उन नियमों को मानने से इनकार कर रहा है जिनके आधार पर उसे आपराधिक दायित्व से प्रोटेक्शन मिलता है. भारत में बोलने की आजादी और लोकतंत्र की सदियों पुरानी गौरवशाली परंपरा रही है।
ट्विटर को अभिव्यक्त की आजादी पर बोलने का अधिकार नहीं
भारत सरकार ने कहा है कि एक विदेशी एप भारत में अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल खड़े करता है । लेकिन खुद वो अभिव्यक्ति की आजादी का कितना बड़ा पैरोकार है उसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है।
सरकार ने कहा है कि Twitter फेक और गलत कंटेंट शेयर किए जाते हैं जो भारत के खिलाफ होते हैं. ट्विटर से ये सवाल किया गया है कि कंपनी इस पर एक्शन क्यों नहीं लेती ?
भारत-चीन विवाद के समय लद्दाख को चीन का हिस्सा बताया
ट्विटर के बारे में अपने स्टेटमेंट में सरकार ने लद्दाख का भी जिक्र किया है । कहा गया है कि भारत चीन बॉर्डर विवाद के दौरान ट्विटर ने लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाया था । जब हमने इसपर आपत्ति जताई तो इसे हटाने में ट्विटर की ओर से काफी लंबा समय लिया गया।
इसकी आपरदर्शी नीतियां की वजह से लोगों के अकाउंट्स बैन कर दिए जाते हैं. बिना किसी कारण के मनमाने ढंग से ट्वीट हटा दिया जाता है. नीति और कानून बनाना संप्रभु राष्ट्र का अधिकार है। कोई प्राइवेट कंपनी ये तय नहीं करेगी कि भारत में कौन से कानून बनने और लागू होने चाहिए
Law of the land cannot be made according to will of an foreign social media app
ट्विटर का बयान भारत को बदनाम करने की साजिश है । यह कानून को अपना काम करने से रोकने के लिए दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। कांग्रेस ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसपर पर लगाए गए “टूलकिट” के आरोप गलत हैं । इसकी जांच करने और टूलकिट पर जानकारी लेने के लिए ही पुलिस ट्विटर के दफ्तर पहुंची थी । लेकिन इसे कंपनी की ओर से अलग रंग दिया जा रहा है।
Twitter और भारत सरकार में टकराव बढ़ा
सोशल मीडिया एप ट्विटर ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर भारत में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जारी की है । ट्विटर ने अपने प्रेस रिलीज़ में भारत में “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” पर सवाल खड़े किए हैं और अपने दफ्तर में दिल्ली पुलिस के छापे को “लोकतंत्र का हनन” बताया। ट्विटर की ओर से जारी बयान पर भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भारत को बदनाम करने की साजिश: कानून मंत्री
भारत सरकार के कानून मंत्रालय ने अपने कू एप के हैंडल से जारी बयान में कहा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश है । भारत सरकार ने कहा है कि
Twitter उन नियमों को मानने से इनकार कर रहा है जिनके आधार पर उसे आपराधिक दायित्व से प्रोटेक्शन मिलता है. भारत में बोलने की आजादी और लोकतंत्र की सदियों पुरानी गौरवशाली परंपरा रही है।
ट्विटर को अभिव्यक्त की आजादी पर बोलने का अधिकार नहीं
भारत सरकार ने कहा है कि एक विदेशी एप भारत में अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल खड़े करता है । लेकिन खुद वो अभिव्यक्ति की आजादी का कितना बड़ा पैरोकार है उसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है।
सरकार ने कहा है कि Twitter फेक और गलत कंटेंट शेयर किए जाते हैं जो भारत के खिलाफ होते हैं. ट्विटर से ये सवाल किया गया है कि कंपनी इस पर एक्शन क्यों नहीं लेती ?
भारत-चीन विवाद के समय लद्दाख को चीन का हिस्सा बताया
ट्विटर के बारे में अपने स्टेटमेंट में सरकार ने लद्दाख का भी जिक्र किया है । कहा गया है कि भारत चीन बॉर्डर विवाद के दौरान ट्विटर ने लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाया था । जब हमने इसपर आपत्ति जताई तो इसे हटाने में ट्विटर की ओर से काफी लंबा समय लिया गया।
इसकी आपरदर्शी नीतियां की वजह से लोगों के अकाउंट्स बैन कर दिए जाते हैं. बिना किसी कारण के मनमाने ढंग से ट्वीट हटा दिया जाता है. नीति और कानून बनाना संप्रभु राष्ट्र का अधिकार है। कोई प्राइवेट कंपनी ये तय नहीं करेगी कि भारत में कौन से कानून बनने और लागू होने चाहिए
Woman having three children escapes with her boyfriend in Giridih
तीन बच्चों की माँ प्रेमी संग हुई फरार
गिरिडीह : जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चितमाडीह गांव की तीन बच्चों की माँ एक विवाहिता अपने प्रेमी संग फरार हो गयी है। प्रेमी संग फरार हुई तीन बच्चों की मां के पति ने इस बाबत बेंगाबाद थाने में लिखित सूचना देकर न्याय की गुहार लगाया है।
घटना के सम्बंध में बताया जाता है चितमाडीह गांव के पड़ोस के गांव लुप्पी में बारात आयी थी। उसी बारात में शिरकत करने उक्त विवाहिता का प्रेमी भी पहुंचा था। प्रेमी और प्रेमिका कि मोबाइल के जरिये बात हुई। जिसमे प्रेमी ने अपनी प्रेमिका तीन बच्चों की माँ को मुख्य सड़क पर बुलाया। प्रेमिका अपनों तीनों बच्चे और पति के साथ के सारे रिश्ते नाते तोड़ कर घर से अपने प्रेमी से मिलने मुख्य सड़क पर पहुंची। तय समय पर प्रेमी बोलेरो वाहन लेकर वँहा पहुंचा और अपनी प्रेमिका को बोलेरी में बिठा कर रफू चक्कर हो गया। विवाहिता के बच्चे, पति तथा सासुराल के अन्य लोगों द्वारा जब घर मे काफी खोजबीन करने के बाद भी उस विवाहिता को कंही नही पाया। तब उक्त विवाहिता के पति ने अपनी पत्नी के प्रेमी संग फरार होने की रपट बेंगाबाद थाने में लिखायी है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
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गिरिडीह : जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चितमाडीह गांव की तीन बच्चों की माँ एक विवाहिता अपने प्रेमी संग फरार हो गयी है। प्रेमी संग फरार हुई तीन बच्चों की मां के पति ने इस बाबत बेंगाबाद थाने में लिखित सूचना देकर न्याय की गुहार लगाया है।
घटना के सम्बंध में बताया जाता है चितमाडीह गांव के पड़ोस के गांव लुप्पी में बारात आयी थी। उसी बारात में शिरकत करने उक्त विवाहिता का प्रेमी भी पहुंचा था। प्रेमी और प्रेमिका कि मोबाइल के जरिये बात हुई। जिसमे प्रेमी ने अपनी प्रेमिका तीन बच्चों की माँ को मुख्य सड़क पर बुलाया। प्रेमिका अपनों तीनों बच्चे और पति के साथ के सारे रिश्ते नाते तोड़ कर घर से अपने प्रेमी से मिलने मुख्य सड़क पर पहुंची। तय समय पर प्रेमी बोलेरो वाहन लेकर वँहा पहुंचा और अपनी प्रेमिका को बोलेरी में बिठा कर रफू चक्कर हो गया। विवाहिता के बच्चे, पति तथा सासुराल के अन्य लोगों द्वारा जब घर मे काफी खोजबीन करने के बाद भी उस विवाहिता को कंही नही पाया। तब उक्त विवाहिता के पति ने अपनी पत्नी के प्रेमी संग फरार होने की रपट बेंगाबाद थाने में लिखायी है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।