लखनऊ, । मायावती ने पार्टी के दो बड़े नेताओं लालजी वर्मा और राम अचल राजभर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।लालजी वर्मा और राम अचल राजभर बहुजन समाज पाटी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। वह स्वर्गीय कांशीराम के समय से बहुजन समाज पार्टी से जुड़े थे। इनको बसपा की मुखिया मायावती ने गुरुवार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लालजी वर्मा पार्टी के विधायक दल के नेता हैं जबकि राम अचल राजभर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं।
शाहआलमउर्फगुड्डूजमालीकोपार्टीकेविधायकदलकानयानेता
मायावती ने राजभर को नेता विधान मंडल पद से भी हटाया है। उनके स्थान पर आजमगढ़ के मुबारकपुर से लगातार दूसरी बार विधायक बने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को पार्टी के विधायक दल का नया नेता बनाया है। वह विधानसभा में पार्टी के नेता विधानमंडल दल होंगे।
डोमिनिका की जेल में सलाखों के पीछे खड़े मेहुल चौकसी की तस्वीरें देखकर जिनके मन में सहानुभूति उपजी हो, वो थोड़ा ठहर जाएं। 13 हजार करोड़ के घोटाले का शातिर अपराधी एक अंडर कवर ऑपरेशन के बाद डोमिनिका की जेल तक लाया गया है। और विदेशी धरती पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है RAW के दो जाबांज जासूस सिक्रेट एजेंट A7CEE और A8CEE ने ।
मेहुल ने एंटीगुआ ही क्यों चुना ?
मेहुल चौकसी ने 2017 में ही भारत से भागने की प्लानिंग कर ली थी । PNB बैंक घोटाला दुनिया के सामने आने के साल भर पहले ही मेहुल चौकसी ने उन देशों की लिस्ट बनानी शुरु की, जहां की नागरिकता मिलने के बाद उसे भारत वापस लाना नामुमकिन हो जाय । इन देशों की लिस्ट में से उसने बारबेडोस और एंटीगुआ को सेलेक्ट किया।
एंटीगुआ के नेताओं को खरीद लिया
मेहुल चौकसी ने इकोनॉमिक एसेट के तहत 2017 में ही एंटीगुआ की नागरिकता के लिए अप्लाई किया। एंटीगुआ की सरकार वैसे बड़े-बड़े बिजनेसमैन को अपने देश की नागरिकता देती है जिससे उनके देश को फायदा मिल सके । 2017 में ही नागरिकता लेने के बाद मेहुल चौकसी ने उस देश के पक्ष विपक्ष के नेताओं को खरीदना शुरू कर दिया। कैरिबियाई मीडिया की माने तो डोमिनिका में विपक्षी दल के नेता लेनक्स लिंटन को 1.5 करोड़ रुपए की घूस दी गई । चोकसी के भाई ने विपक्षी सांसद को चुनाव में आर्थिक मदद का भी वादा किया । मेहुल चौकसी के भाई चेतन चोकसी ने टोकन मनी के तौर पर 2 लाख डॉलर यानी 1.5 करोड़ रुपए दिया । मेहुल की रिहाई होने पर लेनक्स लिंटन को और भी ज्यादा पैसे देने की डील हुई थी ।
PNB Scam सामने आने के चंद महीने पहले ही देश छोड़ चुका था चौकसी
मेहुल चौकसी ने 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता लेने और वहां पॉलिटिकल सपोर्ट हासिल करने के बाद भारत छोड़ दिया। हालत ये थे कि एंटीगुआ की सरकार और वहां का पूरा विपक्ष ने भारत सरकार को किसी भी तरह के मदद से साफ इनकार कर दिया और यहां तक कि किसी नये भारतीय की उस देश में इंट्री भी मुश्किल हो गई।
भारत ने शुरू किया सीक्रेट ऑपरेशन
भारत की मोदी सरकार ने कूटनीतिक रास्ते बंद होने के बाद खुफिया एजेंसियों की मदद ली । ब्रिटिश, रशियन और भारतीय एजेंटों ने ये कंफर्म कर दिया कि मेहुल चौकसी एंटीगुवा में ही है । लेकिन उस तक पहुंचना नामुमकिन है।
करीब दो साल से बिछाया जा रहा था जाल
मेहुल चौकसी को पकड़ने के लिए तैयार की गई टीम सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल को रिपोर्ट कर रही थी । इस प्लानिंग की जानकारी चंद लोगों को ही थी । सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि भारतीय एजेंट एंटीगुआ में दाखिल तक नहीं हो पा रहे थे । इसके लिए ब्रिटिश एजेंट्स की मदद ली गई।
बाबरा को हनीट्रैप की तरह इस्तेमाल किया गया ?
कैरिबियाई मीडिया की माने तो बाबरा जाराबिका (Babara Zarabika) लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ रही थी । उसे मॉडलिंग का भी शौक था और सबसे बड़ी बात वह एंटीगुआ की नागरिक थी । पढ़ाई के दौरान ही बाबरा को इनवेस्टमेंट बैंकर (investment Banker) की नौकरी देकर एंटीगुआ भेजा गया। लेकिन मुश्किल ये थी कि इस खूबसूरत investment Banker को मेहुल चौकसी तक कैसे पहुंचाया जाय । यहीं पर ब्रिटिश एजेंसियों का नेटवर्क काम आया।
करीब एक साल लग गए बाबरा को मेहुल के करीब आने में। लेकिन मेहुल को उस देश से बाहर लाना आसान न था । दूसरा चैलेंज ये था कि मेहुल चौकसी को ऐसे किस देश में लाया जाए, जहां से उसका प्रत्यर्पण आसान हो । इसके लिए भारतीय एजेंट्स ने बारबेडोस और डोमिनिका को चुना गया।
मेहुल के गिरफ्त में आने की पूरी कहानी
23 मई की रात चोकसी एक यॉच के जरिए एंटीगुआ और बारबेडोस की सीमा पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ समय बिताने गया । चौकसी के वकीलों का आरोप है कि देर रात एक रेस्ट्रां की ओर जा रहा था । उसकी गर्लफ्रेंड बाबरा उसी रेस्ट्रां में मेहुल का इंतजार कर रही थी । बीच रास्ते में ही दो भारतीयों ने मेहुल चौकसी का अपहरण कर लिया। आरोप है कि ये दो लोग भारतीय एजेंट्स A7CEE और A8CEE थे । जिन्हें इस खास ऑपरेशन के लिए कोड नेम दिया गया था। हाथापाई के दौरान मेहुल को चोट आई, उसकी आखें सूज गई। वो शोर मचाने की कोशिश कर रहा था । अगर उसकी आवाज़ निकलती तो बॉर्डर सेक्यूरिटी गार्ड्स अलर्ट हो जाते और पूरा ऑपरेशन वहीं खत्म हो जाता ।
कतर का वो विमान और मेहुल के डोमिनिका पहुंचने की कहानी
मेहुल चौकसी की पत्नी प्रीति चोकसी का आरोप है कि Jolly Harbor एरिया ( मेहुल के अपहरण वाली जगह से थोड़ी दूरी पर) में कतर एयरवेज का एक विमान इंतजार कर रहा था । संयोग से उस विमान का नंबर भी A7CEE था, जो एक भारतीय एजेट का सीक्रेट कोड है । रात को ढाई बजे उस विमान ने उड़ान भरी और सुबह पांच बजे वो डोमिनिका की एयरपोर्ट पर देखा गया। सुबह सात बजे डोमिनिका की मीडिया को खबर मिली की मेहुल चौकसी को डोमिनिका की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 24 मई की दोपहर तक उसकी सलाखें वाली तस्वीर बाहर आ चुकी थी । कथित अपहरण वाली रात से ही बाबरा गायब है । वह कहां है, किसी को नहीं पता।
अब भी आसान नहीं है राह मेहुल चोकसी ने ब्रिटेन से वकील मंगवाने के लिए चार्टर्ड प्लेन पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किए हैं । मेहुल चोकसी के गीतांजलि ज्वैलर्स के 4000 स्टोर्स अब बंद हो चुके हैं । ऐसे में उसके और उसके परिवार के पास आय का कोई वास्तविक जरिया नहीं है । हालांकि, ये बात स्पष्ट है कि वे अपनी शानदार लाइफस्टाइल का खर्च कैसे उठा रहे हैं, जिसकी कीमत सैकड़ों हजार डॉलर है ?
हजारीबाग में दो सप्ताह के बाद एक बार फिर पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है।
पिछले दो दिनों से छड़वा डैम से होनेवाली जलापूर्ति ठप है।
इससे शहर की करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित है।
शहर के पॉश इलाके ओकनी, मेन रोड, जामा मस्जिद रोड से लेकर खीरगांव तक पेयजल की आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान हैं।
इस संबंध में सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार वर्मा उर्फ सीटू ने डीसी को आवेदन देकर जल्द वाटर सप्लाय की गुहार लगाई।
उन्होंने आवेदन में कहा है कि जब से पेयजलापूर्ति विभाग से ठेका कंपनी को वाटर सप्लाई का जिम्मा दिया गया है, तब से लोग पीने के पानी के लिए परेशानी झेल रहे हैं।
दो सप्ताह पहले भी शिकायत के बाद डीसी आदित्य कुमार आनंद की पहल पर ठप पेयजलापूर्ति को सुचारू किया गया था।
शहर की एक बड़ी आबादी वाटर सप्लाई पर निर्भर है। कंपनी की ओर से कहा जाता है कि बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से वाटर सप्लाई प्रभावित होता है।
हजारीबाग में दो सप्ताह के बाद एक बार फिर पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है।
पिछले दो दिनों से छड़वा डैम से होनेवाली जलापूर्ति ठप है।
इससे शहर की करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित है।
शहर के पॉश इलाके ओकनी, मेन रोड, जामा मस्जिद रोड से लेकर खीरगांव तक पेयजल की आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान हैं।
इस संबंध में सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार वर्मा उर्फ सीटू ने डीसी को आवेदन देकर जल्द वाटर सप्लाय की गुहार लगाई।
उन्होंने आवेदन में कहा है कि जब से पेयजलापूर्ति विभाग से ठेका कंपनी को वाटर सप्लाई का जिम्मा दिया गया है, तब से लोग पीने के पानी के लिए परेशानी झेल रहे हैं।
दो सप्ताह पहले भी शिकायत के बाद डीसी आदित्य कुमार आनंद की पहल पर ठप पेयजलापूर्ति को सुचारू किया गया था।
शहर की एक बड़ी आबादी वाटर सप्लाई पर निर्भर है। कंपनी की ओर से कहा जाता है कि बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से वाटर सप्लाई प्रभावित होता है।
हजारीबाग की बड़ी झील और शहर के पाश इलाके नवाबगंज स्थित छठ तालाब में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई।
हजारीबाग की बड़ी झील में बुधवार की सुबह जिस युवक का शव बरामद किया गया था, उसकी पहचान कर ली गई है।
लोहसिंगना थाना प्रभारी निशि पांडेय ने बताया कि वह युवक सिविल कोर्ट कर्मी सुशील कुमार सिंह का बेटा निखिल कुमार (25 वर्ष) था।
पहली नजर में जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।
कटकमदाग थाना क्षेत्र के कस्तूरीखाप निवासी युवक ने पिता को ठेकेदार के साथ दिल्ली जाने की बात कह कर निकला था।
वह किसी स्थानीय ठेकेदार के अंदर दिल्ली में काम करता था। उसकी मौत की वजह के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
वहीं छठ तालाब से बरामद शव काजी मुहल्ला के रमजान का है। उसके दोस्त साहिल ने उसकी पहचान की। परिजनों ने बताया कि वह पहले कपड़ा बेचता था, बाद में सब्जी बेचने लगा। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है कि उसकी मौत कैसे हुई।
हजारीबाग की बड़ी झील और शहर के पाश इलाके नवाबगंज स्थित छठ तालाब में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई।
हजारीबाग की बड़ी झील में बुधवार की सुबह जिस युवक का शव बरामद किया गया था, उसकी पहचान कर ली गई है।
लोहसिंगना थाना प्रभारी निशि पांडेय ने बताया कि वह युवक सिविल कोर्ट कर्मी सुशील कुमार सिंह का बेटा निखिल कुमार (25 वर्ष) था।
पहली नजर में जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।
कटकमदाग थाना क्षेत्र के कस्तूरीखाप निवासी युवक ने पिता को ठेकेदार के साथ दिल्ली जाने की बात कह कर निकला था।
वह किसी स्थानीय ठेकेदार के अंदर दिल्ली में काम करता था। उसकी मौत की वजह के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
वहीं छठ तालाब से बरामद शव काजी मुहल्ला के रमजान का है। उसके दोस्त साहिल ने उसकी पहचान की। परिजनों ने बताया कि वह पहले कपड़ा बेचता था, बाद में सब्जी बेचने लगा। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है कि उसकी मौत कैसे हुई।
बिहार के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में लड़कियों के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी। इस बात की घोषणा सीएम नीतीश कुमार ने की है। बुधवार को सीएम नीतीश के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के संबंध में प्रस्तावित विधेयक की प्रेजेंटेशन भी दी गई । विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से ‘द बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी एक्ट-2021’ और ‘पावर एंड फंक्शन ऑफ यूनिवर्सिटिज, जुरिडिक्शन एवं अन्य प्रॉविजन’ के संबंध में विस्तार से जानकारी दी ।
सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि इंजीनियरिंग एवं चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित होने से इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं मेडिकल काॅलेजों का बेहतर ढंग से प्रबंधन हो सकेगा । साथ ही कॉलेजों में अध्यापन कार्य को बेहतर ढंग से नियंत्रित भी किया जा सकेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में नामांकन में न्यूनतम एक तिहाई सीट छात्राओं के लिए आरक्षित की जाए । इससे छात्राओं की संख्या और बढ़ेगी । यह यूनिक चीज होगी । इससे छात्रायें उच्च और तकनीकी शिक्षा की ओर और ज्यादा प्रेरित होंगी । उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं, कई मेडिकल काॅलेज भी खोले गये हैं । हमारी कोशिश है कि बिहार की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर दूसरे राज्य न जाना पड़े ।
Jeep carrying laborers met with an accident, two dies
अनगड़ा थाना क्षेत्र के राहे रोड के नारायण घाटी
ओरमांझी(रांची) । बुंडू से मजदूरों को लेकर आ रही जीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई। और दर्जन भर से अधिक मजदूर घायल हो गए हैं। यह घटना बुधवार को अनगड़ा थाना क्षेत्र के राहे रोड के नारायण घाटी के पास हुई है।
बुंडू से एक जीप में 22 मजदूर सवार होकर काम के लिए जा रहे थे। इसी दौरान जीप अनियंत्रित होकर अनगड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत नावाटोली गांव के समीप नारायण घाटी के पास गड्ढे में जा गिरी। हादसे की सूचना पाकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा। हालांकि अस्पताल जाने के क्रम में ही दो मजदूरों की मौत हो गई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद हाईवे पेट्रोल और स्थानीय थाने की टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल भेजा। जीप का ड्राइवर तेज गति से गाड़ी चला रहा था। तेज गति के वजह से तीखे मोड़ पर वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क के पास गड्ढे में जा गिरा। हादसे के बाद घायल मजदूरों की चीख-पुकार सुन गांव वाले मौके पर पहुंचे और सभी को बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठे हुए थे इसकी वजह से यह हादसा हुआ । दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच कर मृत मजदूर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायल मजदूरों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है ।
Jeep carrying laborers met with an accident, two dies
अनगड़ा थाना क्षेत्र के राहे रोड के नारायण घाटी
ओरमांझी(रांची) । बुंडू से मजदूरों को लेकर आ रही जीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई। और दर्जन भर से अधिक मजदूर घायल हो गए हैं। यह घटना बुधवार को अनगड़ा थाना क्षेत्र के राहे रोड के नारायण घाटी के पास हुई है।
बुंडू से एक जीप में 22 मजदूर सवार होकर काम के लिए जा रहे थे। इसी दौरान जीप अनियंत्रित होकर अनगड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत नावाटोली गांव के समीप नारायण घाटी के पास गड्ढे में जा गिरी। हादसे की सूचना पाकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा। हालांकि अस्पताल जाने के क्रम में ही दो मजदूरों की मौत हो गई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद हाईवे पेट्रोल और स्थानीय थाने की टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल भेजा। जीप का ड्राइवर तेज गति से गाड़ी चला रहा था। तेज गति के वजह से तीखे मोड़ पर वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क के पास गड्ढे में जा गिरा। हादसे के बाद घायल मजदूरों की चीख-पुकार सुन गांव वाले मौके पर पहुंचे और सभी को बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठे हुए थे इसकी वजह से यह हादसा हुआ । दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच कर मृत मजदूर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायल मजदूरों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है ।
राज्य में कोविड टीकाकरण का अभियान अब नहीं रुकेगा. केंद्र ने राज्य को कोविशील्ड टीके की दो लाख से ज्यादा डोज उपलब्ध करायी है.राज्य में 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए एक दिन और 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए केवल तीन दिन का ही कोविशील्ड का स्टॉक था.बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से भेजा गया कोविशील्ड के दो लाख 10 हजार डोज का स्टॉक रांची पहुंचा. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर यह खेप पहुंच चुकी है. उम्मीद की जा रही है कि केंद्र की ओर से जल्द और टीके उपलब्ध कराये जायेंगे.
कोविशील्ड के स्टॉक को लेकर थी चिंता
बताते चलें कि राज्य में कोविशील्ड के स्टॉक को लेकर चिंता हो रही थी. यहां 18 प्लस के लिए कोविशील्ड का स्टॉक केवल एक दिन का बचा है. 45 प्लस, हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर के लिए कोविशील्ड के टीका का स्टॉक केवल तीन दिन का बचा है.
झारखंड में प्रतिदिन औसतन 35 से 38 हजार टीके लगाये जा रहे हैं. गौरतलब है कि 31 मई तक राज्य भर में 34,83,409 लोग टीका का पहला डोज ले चुके हैं. वहीं, 710024 लोग टीका का दूसरा डोज ले चुके हैं.
कोवैक्सीन के 134400 डोज में 75090 का अब तक हो चुका इस्तेमाल
राज्य को कोवैक्सीन के 134400 डोज मिले हैं और 75090 का इस्तेमाल हो चुका है. इस समय 18 प्लस के लिए कुल 101100 डोज बचे हैं. इसमें कोवैक्सीन का 59310 व कोविशील्ड का 41790 डोज है. 31 मई को झारखंड सरकार को 18 प्लस के लिए कोवैक्सीन के 50,400 डोज मिले, जिसे जिलों को भेज दिया गया है. राज्य नोडल पदाधिकारी ए डोडे ने सभी सिविल सर्जन को पत्र लिख कर इसकी सूचना दे दी है.
नगर विकास विभाग के सचिव और जूडको के एमडी विनय कुमार चौबे को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सचिव बनाया गया है। विनय चौबे मद्य निषेध विभाग के सचिव भी हैं । मुख्यमंत्री का सचिव रहते हुए वे पहले के सभी विभागों के सचिव की जिम्मेदारी भी निभाते रहेंगे ।
काम को समय से पूरा करने वाले अफसर के रूप में पहचान
विनय कुमार चौबे अपने कार्यों के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। साथ ही वे उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव, जुडको के प्रबंध निदेशक, उत्पाद आयुक्त, झारखंड बिवरेज कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक और ग्रेटर रांची विकास एजेंसी के प्रबंध निदेशक के भी अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
विनय कुमार चौबे की पहचान समय से काम पूरा करने वाले अफसर की रही है। रघुवर सरकार के कार्यकाल में चौबे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित थे। हेमंत सरकार के सत्ता में आते हैं उन्हें वहां से हटा दिया गया था। उसी समय में यह चर्चा थी कि चौबे मुख्यमंत्री के सचिव बनाए जाएंगे। हालांकि एन वक्त पर राजीव अरुण एक्का को मुख्यमंत्री का सचिव बना दिया गया था। सरकार के कार्यकाल के करीब डेढ़ वर्ष गुजरने के बाद अंततः विनय कुमार चौबे मुख्यमंत्री के सचिव बनाए गए।
चिरकुंडा । झारखंड प्रदेश के अधिकांश जिलों में साइबर क्रिमिनलों ने पांव पसार लिया है। ताजा मामला धनबाद का है। यहां कुमारधुबी ओपी क्षेत्र के गाड़ीखाना और बढ़डंगाल इलाका साइबर अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। यहां सक्रिय साइबर अपराधी लोगों की गाढ़ी कमाई को झटके में लूट ले जाते हैं। इन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि इन्होंने आम से खास तक हर किसी को लूटा है। नेता, अभिनेता, आईएएस, आईपीएस या व्यवसायी, इन्होंने किसी को नहीं छोड़ा।
झारखंड पुलिस ने हाल ही में अलर्ट जारी किया था
साइबर ठगी का नया-नया तरीका ईजाद किया
झारखंड के जामताड़ा जिले से शुरू हुआ साइबर क्राइम का खेल दिनों-दिन खतरनाक होता जा रहा है। पहले क्रिमिनल बैंक अधिकारी बनकर लोगों को लूटा करते थे। अब इन अपराधियों ने लूटने का नया-नया तरीका खोल लिया है। ये लोग खेल प्राइज विजेता, उपहार लिंक, फेसबुक अकाउंट की हैकिंग, और मोबाइल कंपनी का अधिकारी के बहाने लोगों को लूटने लगे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक धनबाद सहित अन्य जिलों में सक्रिय ये साइबर अपराधी पहले जामताड़ा में काफी वक्त बिताते हैं। वहां बकायदा ट्रेनिंग दी जाती है। फिर ये लोग सक्रिय हो जाते हैं।
क्या पुलिस तक नहीं पहुंची है इसकी जानकारी
मिली जानकारी के मुताबिक बीते कुछ समय में साइबर क्रिमिनलों की सक्रियता धनबाद के निरसा सहित आसपास के कई इलाकों में तेजी से बढ़ी है। इलाके में फर्जी सिम, लैपटॉप, फर्जी एटीएम कार्ड सहित अन्य उपकरणों की डिमांड तेजी से बढ़ गई है। हैरानी की बात है कि पुलिस बिलकुल अनभिज्ञ है।
खपरैल का घर आलीशान मकान में तब्दील
मिली जानकारी के मुताबिक साइबर क्राइम से लूटे गए धन की बदौलत कुमारधुबी थानाक्षेत्र अंतर्गत गाड़ीखाना और बढ़डंगाल इलाके में पहले जिनका घर मिट्टी और खपरैल का था उन्होंने आलीशान मकान बना लिये हैं। बेरोजगार और कम पढ़े-लिखे युवा जो कभी टूटी चप्पल पहनकर यूहीं घूमा करते थे वे महंगी-महंगी बाइक्स की सवारी करते हैं। निरसा अब जामताड़ा पार्ट-2 बन गया है। बीते दिनों में जितने भी साइबर क्रिमिनल पुलिस द्वारा धराये हैं उनका कनेक्शन कुमारधुबी में मिला है।
साइबर ठगी के साथ सट्टेबाजी का अड्डा भी
ना केवल साइबर क्राइम बल्कि कुमारधुबी इलाका सट्टेबाजी का भी अड्डा बनता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान इलाके में जमकर सट्टेबाजी होती थी। झारखंड और बंगाल की सीमा पर होने की वजह से भी ये काफी संवेदनशील है। यहां साइबर क्राइम के साथ-साथ सट्टा बाजार भी खूब फल-फूल रहा है। लोगों को पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।
सरायकेला:बुधवार को सरायकेला जिला के उपायुक्त अरवा राजकमल ने सदर अस्पताल सरायकेला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने सदर अस्पताल सरायकेला मे स्थायी 70 ऑक्सीजन युक्त बेड हेतु किए जा रहे पाइप लाइन कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण पाए गये। उपायुक्त ने प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर बारियल मार्डी को कार्य में प्रगति लाते हुए कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने एवं कमरों में सभी सुविधाए दुरुस्त करने के निदेश दिया। वही उपायुक्त ने पत्रकारो से बात करते हुए कहा की सदर अस्पताल में जल्द ही पाइपलाइन से संचालित 70 स्थायी ऑक्सीजन युक्त बेड जो पाइपलाइन मेनिफोल्ड सिस्टम के द्वारा सिलेंडर से संचालित किया जायेगा। जो एक सप्ताह के अंदर प्रारम्भ कर दिया जायेगा। जिससे आने वाले दिनों में ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या में बढ़ोतरी तो होंगी ही साथ ही संभावित कोरोना के तीसरे वेब में काफ़ी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कोरोना संक्रमण के संभावित तीसरे वेब से बच्चो को बचाने हेतु जिले के सदर अस्पताल में 4 कोविड एसएनसीयू बेड बनाया गया है। तथा ऐसे बच्चे जो 8-10 वर्ष या उससे अधिक उम्र के होने उनके लिए समान्य बेड तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा संक्रमण के प्रसार को देखते हुए आवश्यकतानुसार और बेड की संख्या एवं समुचित व्यवस्था में बढ़ोतरी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु प्रखंड स्तर पर कोविड टीकाकरण हेतु मोबाइल वाहन संचालित करने हेतु प्लान कर लिया गया है।
यह मोबाइल वाहन के माध्यम से टीकाककरण टीम हर गांव में जाकर कोविड टीकाकरण के लाभार्थियों को कोविड का टीका लगाएगी। जिसका मुख्य उदेश्य टीकाकरण हेतु योग्य शत प्रतिशत लाभार्थियों को कोविड टीका से आच्छादित करना है। निरीक्षण के क्रम मे उपायुक्त के साथ प्रभारी सिविल सर्जन डॉ बारियल मारडी, डीपीएम निर्मल दास, एसएमपीओ नंदन उपाध्याय आदि उपस्थित थे।
राजधानी रांची के प्रथम मेयर एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी, कांग्रेस नेता शिव नारायण जायसवाल का जन्म सन 1926 ई. में हुआ था. देश की आजादी में भी शिवनारायण जायसवाल का भी योगदान रहा है. वह हमेशा कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर देश एवं पार्टी की सेवा में लगे रहे थे ।
उत्तर प्रदेश जमालपुर के राजपरिवार में जन्मे शिव नारायण जायसवाल की पढ़ाई लिखाई बिशप स्कॉट से हुआ था. वे सीनियर कैम्ब्रिज पास हुए थे। अंग्रेजी पाॅलीसी में इतनी पकड़ थी कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा की सरकार भी पॉलिसी के बारे में इनसे सलाह लेती थी।
शिवनारायण जायसवाल की सोच काफी दूरदर्शी थी, झारखंड को इंडस्ट्रियल हब बनाना सपना था। उन्होंने अपने बलबूते से सैकड़ों मंदिर बनाए थे। साथ ही बेहतर शिक्षा लोगों को मिले इसके लिए स्कूल-कॉलेज बनाएं तथा लोगों की स्वास्थ्य को देखते हुए अस्पताल भी बनाएं। शिव नारायण जायसवाल अपने दोनों हाथों से सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों में सहयोग एवं दान देते थे। रांची कोकर डिस्टलरी स्थित भगवान बिरसा मुंडा समाधि की जमीन इन्होंने ही दान में दिया है। इस तरह रांची सहित पूरे झारखंड में अनेकों सामाजिक कार्य किए, इनके कुशल व्यक्तित्व एवं कार्यो के कारण लोग युगों युगों तक याद रखेंगे।
शिव नारायण जसवाल इतने अधिक लोकप्रिय थे कि सन 1940 ईस्वी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन के दौरान उनके कोकर स्थित आवास पर आए और उनके साथ खाना-पीना करके उन्हीं के फोर्ड गाड़ी में सवार होकर रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
अंग्रेजी शासन में भी अपने देश के प्रति बहुत प्रेम था, इनका लगाव सबों के साथ अच्छा था, अंग्रेजों ने भी खुश होकर शिव नारायण जायसवाल को राजा की उपाधि दी थी। वहीं महात्मा गांधी जी भी इन्हें ताम्र पत्र दिया था। शिवनारायण जायसवाल का बिहार के मुख्यमंत्री के बी सहाय, कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह, अर्जुन सिंह आदि वरिष्ठ नेताओं के साथ काफी अच्छा घनिष्ठ संबंध था।
शिवनारायण जायसवाल ने एक हेलीकॉप्टर कांग्रेस पार्टी के चुनाव कैंपेन के लिए खरीदा था, जिसका उपयोग बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री केबी सहाय उस समय करते थे। चार राज्यों में उनके बिना कोई भी महत्वपूर्ण फैसला सरकार नहीं लेती थी। सरकार बनाने एवं बिगाड़ने में उनकी जबरदस्त भूमिका रहती थी। शिवनारायण जयसवाल राजधानी रांची में कई महत्वपूर्ण कार्य मेयर के पद पर रखकर किए । पुराना नगर निगम भवन चेंबर ऑफ कॉमर्स की पहली मीटिंग में शामिल हुए रांची टाउन हॉल पहला पैड शौचालय जयपाल सिंह स्टेडियम 3000 शहर में स्ट्रीट लाइट रोटरी क्लब के चैप्टर मेंबर के रूप में शहर में योगदान रेन वाटर हार्वेस्टिंग की शुरुआत किया था। इसके अलावा रांची, लखीसराय, उज्जैन, भोपाल, यूपी, बिहार, उड़ीसा, मध्य प्रदेश आदि जगहों पर डिस्टलरी प्लांट चलाते थे तथा लोगों के रोजगार सृजन के क्षेत्र में काम करते थे। सन 1962 से 1976 तक रांची के मेयर रहे तथा उस कार्यकाल के दौरान रांची में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। शिवनारायण जायसवाल का जन्म 1926 में हुआ, उन्होंने 96 वर्ष तक अपना सुखद जीवन राजशाही अंदाज में जिये, शिवनारायण जायसवाल का 5 पुत्र एवं तीन पुत्री है, पहला पुत्र मनोरंजन जायसवाल एवं पहला सुपौत्र आदित्य विक्रम जयसवाल हैं, जो प्रदेश कांग्रेस के सक्रिय नेता के रूप में राजधानी रांची में सेवक के तौर पर कार्य कर रहे हैं।