कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की लगातार तीसरी बार जीत के बाद पार्टी सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी का कद बढ़ाते हुए उन्हें शनिवार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अभिषेक को तृणमूल का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
शनिवार को ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक में इसका निर्णय लिया गया। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त होने के बाद अभिषेक ने युवा तृणमूल के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अभिषेक लंबे समय से युवा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
सायोनी घोष बनी युवा अध्यक्ष
बांग्ला फिल्म की जानी-मानी अभिनेत्री शाइनी घोष को टीएमसी युवा विंग का अध्यक्ष बनाया गया है
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की लगातार तीसरी बार जीत के बाद पार्टी सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी का कद बढ़ाते हुए उन्हें शनिवार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अभिषेक को तृणमूल का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
शनिवार को ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक में इसका निर्णय लिया गया। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त होने के बाद अभिषेक ने युवा तृणमूल के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अभिषेक लंबे समय से युवा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
सायोनी घोष बनी युवा अध्यक्ष
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कोडरमा :- कोडरमा थाना अंतर्गत बदडीहा निवासी एक महिला ने गत दिनों कोडरमा थाना में आवेदन देकर तीन लोगों पर सामुहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। दिए गए आवेदन में महिला ने कहा है कि वह कोडरमा बाजार से सामान लेकर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान कोडरमा टाउन रेलवे स्टेशन के समक्ष रिफाइन मियां, रब्बानी व अयूब अंसारी ने उसे पकड़ लिया और जंगल की तरफ ले गये। तीनों ने जंगल में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला के द्वारा दिए गए आवेदन के बाद घटना को लेकर कोडरमा थाना में धारा 376 बी के तहत कांड संख्या 96/21 दर्ज करते हुये पुलिस मामले की तहकीकात कर कोडरमा पुलिस ने शुक्रवार को रिफाइन मियां और अयूब अंसारी को गिरफ्तार किया वहीं तीसरे आरोपी रबानी मियां पिता मनीर मियाँ बेहवाटाड को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
कोडरमा :- कोडरमा थाना अंतर्गत बदडीहा निवासी एक महिला ने गत दिनों कोडरमा थाना में आवेदन देकर तीन लोगों पर सामुहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। दिए गए आवेदन में महिला ने कहा है कि वह कोडरमा बाजार से सामान लेकर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान कोडरमा टाउन रेलवे स्टेशन के समक्ष रिफाइन मियां, रब्बानी व अयूब अंसारी ने उसे पकड़ लिया और जंगल की तरफ ले गये। तीनों ने जंगल में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला के द्वारा दिए गए आवेदन के बाद घटना को लेकर कोडरमा थाना में धारा 376 बी के तहत कांड संख्या 96/21 दर्ज करते हुये पुलिस मामले की तहकीकात कर कोडरमा पुलिस ने शुक्रवार को रिफाइन मियां और अयूब अंसारी को गिरफ्तार किया वहीं तीसरे आरोपी रबानी मियां पिता मनीर मियाँ बेहवाटाड को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
सतगावां :- सतगावां थाना अंतर्गत शिवपुर माधोपुर रोड में शनिवार को नरेश मालाकार के घर के समीप एक चावल लदा ट्रैक्टर के टेलर का पहिया अचानक खुल जाने से पलट गया जिसमें एक बाइक सवार घायल हो गया।ज्ञात हो की ग्राम सेलारी के जनवितरण प्रणाली दुकानदार टीटू भुइयां एफसीआई गोदाम से ट्रैक्टर के द्वारा चावल ले जा रहा था की बासोडीह से माधोपुर शिवपुर जाने वाली रोड पर ज्यादा ओवर लोड रहने के कारण टेलर का पहिया खुल गया और इसी बीच बगल से गुजर रहा बाइक सवार धर्मपुर निवासी पप्पू चौधरी पिता पंचू चौधरी उम्र 35 वर्ष पर टेलर में रखा चावल का बोरा गिर गया और व्यक्ति बाइक सहित दब गया।इसी बीच आसपास के लोग आकर उस व्यक्ति की जान बचाई जिसका ईलाज निजी क्लिनिक में कराया जा रहा है।ट्रैक्टर वाला इंजन लेकर फरार हो गया जबकि टेलर और चावल को वहीं छोड़ दिया।मालूम हो की इस रोड की हालत अत्यंत दयनीय हो गई है सिंगल सड़क रहने के कारण आये दिन दुर्घटना होना आम बात हो गई है सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है की पैदल राहगीर को भी चलना मुश्किल हो रहा है।
सतगावां :- सतगावां थाना अंतर्गत शिवपुर माधोपुर रोड में शनिवार को नरेश मालाकार के घर के समीप एक चावल लदा ट्रैक्टर के टेलर का पहिया अचानक खुल जाने से पलट गया जिसमें एक बाइक सवार घायल हो गया।ज्ञात हो की ग्राम सेलारी के जनवितरण प्रणाली दुकानदार टीटू भुइयां एफसीआई गोदाम से ट्रैक्टर के द्वारा चावल ले जा रहा था की बासोडीह से माधोपुर शिवपुर जाने वाली रोड पर ज्यादा ओवर लोड रहने के कारण टेलर का पहिया खुल गया और इसी बीच बगल से गुजर रहा बाइक सवार धर्मपुर निवासी पप्पू चौधरी पिता पंचू चौधरी उम्र 35 वर्ष पर टेलर में रखा चावल का बोरा गिर गया और व्यक्ति बाइक सहित दब गया।इसी बीच आसपास के लोग आकर उस व्यक्ति की जान बचाई जिसका ईलाज निजी क्लिनिक में कराया जा रहा है।ट्रैक्टर वाला इंजन लेकर फरार हो गया जबकि टेलर और चावल को वहीं छोड़ दिया।मालूम हो की इस रोड की हालत अत्यंत दयनीय हो गई है सिंगल सड़क रहने के कारण आये दिन दुर्घटना होना आम बात हो गई है सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है की पैदल राहगीर को भी चलना मुश्किल हो रहा है।
चंदवारा :- विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रखंड सह अंचल अधिकारी के आवासीय परिसर व चंदवारा थाना परिसर में वृक्षारोपण किया गया। अंचलाधिकारी रामरतन वर्णवाल, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी संजय कुमार यादव,थाना प्रभारी सोनी प्रताप सिंह समेत चंदवारा पुलिस पदाधिकारियों व जवानों ने पर्यावरण दिवस पर कई पेड़ लगाए। इस दौरान अंचलाधिकारी रामरतन वर्णवाल ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। प्रकृति में मानव,अन्य जीव जन्तु और वनस्पतियों का संसार एक दूसरे से इस प्रकार जुड़ा है कि किसी के भी बाधित हाने से सभी का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे मानव जीवन पर बुरा असर पड़ता है। व्यक्ति हरियाली खत्म करने में जरा भी नहीं सोचता। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी संजय कुमार यादव ने कहा कि पर्यावरण दिवस पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की जरूरत है। कोरोना काल का समय ने लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पौधे जीवन के लिए कितने उपयोगी है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपने पर्यावरण की रक्षा करें और पेड़- पौधे काटने से बचें। थाना प्रभारी सोनी प्रताप सिंह ने कहा कि प्रकृति बिना मानव जीवन संभव नहीं। संपूर्ण मानवता का अस्तित्व प्रकृति पर निर्भर है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि हम यह समझें कि हमारे लिए पेड़-पौधे, जंगल, नदियां, झीलें, जमीन, पहाड़ कितने जरूरी हैं। वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे बचाएं तथा पेड़-पौधों के संरक्षण में सहयोग करें। मौके पर एस आई हरदुगन होरो,विनय कुमार,रंजीत कुमार,ए एस आई सुखदेव मुर्मू,नीरज कुमार,उमेश यादव व पुलिस जवान मौजूद थे।
Lucknow: यूपी में एमबीए पास युवाओं को जल्द ही सरकारी हॉस्पिटल में रोजगार का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार काे लखनऊ में टीम-9 के साथ बैठक में कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों से केवल इलाज करवाने का ही काम लिया जाए। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अलग-अलग अस्पतालों या कार्यालयों जहां भी डॉक्टरों की तैनाती प्रशासनिक या प्रबंधकीय कार्यों में की गई है, उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर दिया जाए। इन लोगों को चिकित्सकीय कार्यों में ही लगाया जाए। प्रबंधन के कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार एमबीए पास युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए।
Why Some BJP MLA and workers are angry with Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश में ज्यादातर विधायक योगी आदित्यनाथ की सरकार से नाराज हैं। नाराजगी में पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर भी डाल रहे हैं और उस पत्र को आधार बनाकर मीडिया का एक वर्ग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी हर दिन छीनता रहता है।
योगी-मोदी को हिंदुत्व की बजाय जाति में बांधने की कोशिश
ज्यादातर विधायक इसलिये भी नाराज हैं कि टिकट पाने और चुनाव जीतने के लिये जितनी बड़ी धनराशि खर्च की उतना भी कमाना मुश्किल हो गया। इन विधायकों को एक ऐसे अदद मुख्यमंत्री की दरकार थी, जो खुद भी कमाये और इन्हें भी कमाई करने में अपना सहयोग दे। योगी इस मानक पर तो बिल्कुल खरे नहीं उतरे और वह इस काम के लिये घृणा के पात्र भी हैं।
भाजपा कार्यकर्ता भी नाराज है कि वह सपाइयों-बसपाइयों की तरह थानेदारों को गाली नहीं दे सका, कहीं जमीन कब्जा नहीं करा सका, अपराधियों की पैरवी नहीं कर सका! इसी का परिणाम है कि सरकार के अच्छे कामों को संगठन जनता तक पहुंचाने में पूरी तरह असफल रहा है, क्योंकि तमाम लोग नाराज हैं।
संगठित अपराध को तहस-नहस कर दिया
दरअसल, योगी आदित्यनाथ पूरी तरह पॉलिटिकल व्यक्ति नहीं हैं। पॉलिटिकल होते तो पिछले मुख्यमंत्रियों की तरह अपराधियों के खिलाफ बयानबाजी करके चुपचाप सरकार चलाते, और अपराधियों को जेलों से खुलकर अपराध करने की छूट देते, लेकिन उन्होंने बयानबाजी करने की बजाय अपराध और अपराधियों को नेस्तनाबूद करने की गैरराजनीतिक सोच अख्तियार किया। राजनीतिक व्यक्तियों की तरह कथनी-करनी में भेद नहीं होने के चलते ही अपराधियों की गोली का जवाब गोली से देने तथा अपराध की बदौलत खड़े आर्थिक साम्राज्य को तहस-नहस करने की रणनीति पर काम किया। आज उनके इस एप्रोच का असर है कि यूपी में संगठित अपराध की कमर टूट चुकी है।
इतनी बड़ी उपलब्धि संगठन और कार्यकर्ता जनता तक नहीं पहुंचा सके, क्योंकि वह सरकार से नाराज हैं। नाराजगी का कारण जनहित के मुद्दे नहीं बल्कि खुद की आर्थिक मजबूती देने की वह आदिम मानसिकता है, जो योगी आदित्यनाथ के बागडोर संभालने से पहले सभी सत्ताधारी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में पाई जाती रही है।
मीडिया का एक वर्ग योगी आदित्यनाथ के खिलाफ
मीडिया का एक वर्ग भले ही पिछले डेढ़ साल से हर रोज योगी की कुर्सी छीन ले रहा हो, लेकिन यूपी भाजपा को भी यह स्पष्ट संकेत दे दिया गया है कि उन्हें 2022 का विधानसभा चुनाव मोदी-योगी के चेहरे पर ही लड़ना होगा। संघ और भाजपा हाईकमान इस बात से मुत्तमईन है कि योगी के दामन पर भ्रष्टाचार का एक दाग नहीं लगा है, जबकि उनके ज्यादातर मंत्री जनता की सुविधा बढ़ाने से ज्यादा ध्यान अपनी खुद की और परिवार की निजी हैसियत बढ़ाने में जुटे हुए हैं।
चार साल में योगी खुद को कठोर प्रशासक के साथ हिंदुत्व के ब्रांड के रूप में स्थापित करने में सफल रहे हैं। उनकी यह छवि भाजपा के लिये भीड़ जुटाऊ लीडर की है।
Why Some BJP MLA and workers are angry with Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश में ज्यादातर विधायक योगी आदित्यनाथ की सरकार से नाराज हैं। नाराजगी में पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर भी डाल रहे हैं और उस पत्र को आधार बनाकर मीडिया का एक वर्ग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी हर दिन छीनता रहता है।
योगी-मोदी को हिंदुत्व की बजाय जाति में बांधने की कोशिश
ज्यादातर विधायक इसलिये भी नाराज हैं कि टिकट पाने और चुनाव जीतने के लिये जितनी बड़ी धनराशि खर्च की उतना भी कमाना मुश्किल हो गया। इन विधायकों को एक ऐसे अदद मुख्यमंत्री की दरकार थी, जो खुद भी कमाये और इन्हें भी कमाई करने में अपना सहयोग दे। योगी इस मानक पर तो बिल्कुल खरे नहीं उतरे और वह इस काम के लिये घृणा के पात्र भी हैं।
भाजपा कार्यकर्ता भी नाराज है कि वह सपाइयों-बसपाइयों की तरह थानेदारों को गाली नहीं दे सका, कहीं जमीन कब्जा नहीं करा सका, अपराधियों की पैरवी नहीं कर सका! इसी का परिणाम है कि सरकार के अच्छे कामों को संगठन जनता तक पहुंचाने में पूरी तरह असफल रहा है, क्योंकि तमाम लोग नाराज हैं।
संगठित अपराध को तहस-नहस कर दिया
दरअसल, योगी आदित्यनाथ पूरी तरह पॉलिटिकल व्यक्ति नहीं हैं। पॉलिटिकल होते तो पिछले मुख्यमंत्रियों की तरह अपराधियों के खिलाफ बयानबाजी करके चुपचाप सरकार चलाते, और अपराधियों को जेलों से खुलकर अपराध करने की छूट देते, लेकिन उन्होंने बयानबाजी करने की बजाय अपराध और अपराधियों को नेस्तनाबूद करने की गैरराजनीतिक सोच अख्तियार किया। राजनीतिक व्यक्तियों की तरह कथनी-करनी में भेद नहीं होने के चलते ही अपराधियों की गोली का जवाब गोली से देने तथा अपराध की बदौलत खड़े आर्थिक साम्राज्य को तहस-नहस करने की रणनीति पर काम किया। आज उनके इस एप्रोच का असर है कि यूपी में संगठित अपराध की कमर टूट चुकी है।
इतनी बड़ी उपलब्धि संगठन और कार्यकर्ता जनता तक नहीं पहुंचा सके, क्योंकि वह सरकार से नाराज हैं। नाराजगी का कारण जनहित के मुद्दे नहीं बल्कि खुद की आर्थिक मजबूती देने की वह आदिम मानसिकता है, जो योगी आदित्यनाथ के बागडोर संभालने से पहले सभी सत्ताधारी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में पाई जाती रही है।
मीडिया का एक वर्ग योगी आदित्यनाथ के खिलाफ
मीडिया का एक वर्ग भले ही पिछले डेढ़ साल से हर रोज योगी की कुर्सी छीन ले रहा हो, लेकिन यूपी भाजपा को भी यह स्पष्ट संकेत दे दिया गया है कि उन्हें 2022 का विधानसभा चुनाव मोदी-योगी के चेहरे पर ही लड़ना होगा। संघ और भाजपा हाईकमान इस बात से मुत्तमईन है कि योगी के दामन पर भ्रष्टाचार का एक दाग नहीं लगा है, जबकि उनके ज्यादातर मंत्री जनता की सुविधा बढ़ाने से ज्यादा ध्यान अपनी खुद की और परिवार की निजी हैसियत बढ़ाने में जुटे हुए हैं।
चार साल में योगी खुद को कठोर प्रशासक के साथ हिंदुत्व के ब्रांड के रूप में स्थापित करने में सफल रहे हैं। उनकी यह छवि भाजपा के लिये भीड़ जुटाऊ लीडर की है।
ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल
फेसबुक ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दो सालों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। अपने बयान में फेसबुक ने कहा है कि फेसबुक अब गलत सूचना देने पर बड़े से बड़े पॉलिटिशियन को नहीं छोड़ेगी । डोनाल्ड ट्रंप तो महज एक शुरुआत है।
“ट्रंप ने हमारे नियमों को तोड़ा”
फेसबुक के प्रेसिडेंट (global affairs) ने अपने बयान में कहा है कि परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए, हम मानते हैं कि उनके कार्यों ने हमारे नियमों का गंभीर उल्लंघन किया । इस हिसाब से जो कि उच्चतम दंड उपलब्ध है, वो उन्हें दिया जाना चाहिए ।
मुझे वोट देने वाले लोगों का अपमान
फेसबुक पर बैन किए जाने पल प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि फेसबुक का फैसला उन करोड़ों लोगों का अपमान है जिन्होंने मुझे वोट दिया। मैं अपने तमाम वोटर्स को भरोसा दिलाता हूँ कि हम वापसी करेंगे। हम अमेरिका को दोबारा महान बनाने के अपने सपनों को पूरा करेंगे ।
उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। शिलान्यास के बाद नामकरण के साथ ही गढ़वा का घंटाघर विवाद में आ गया। हालांकि मंत्री की एक घोषणा ने सबकी बोलती बंद करा दी।
दरअसल झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सह गढ़वा के विधायक मिथिलेश ठाकुर अपने पिता स्व. कौशल किशोर ठाकुर के नाम पर इस घंटाघर के नामकरण की बात कही थी।
इसी बात पर बहस छिड़ गई और कई स्तर से इस पर विरोध दर्ज किया जाने लगा।
उसके बाद मंत्री ने अपना फैसला बदल दिया और घंटाघर इंदिरा प्रियदर्शिनी टावर के नाम से रखे जाने की घोषणा का दी।
इससे फिलहाल इस विवाद पर विराम लग गया है। मंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी पार्क में बनने वाला घंटाघर इंदिरा प्रियदर्शनी टावर के नाम से जाना जाएगा।
साथ ही इस पार्क के सौंदर्यीकरण के साथ यहां पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि उन्हें अपने पूज्य पिता स्व. कौशल किशोर ठाकुर के स्वतंत्रता आंदोलन में दिए योगदान पर गर्व है।
अपने पिता के नाम पर घंटाघर का निर्माण करा कर किसी की भावना को आहत पहुंचाना उनका मकसद नहीं है।
जिस कार्य से किसी को आपत्ति नहीं हो, वही कार्य किया जाएगा।
उन्हें जानकारी मिली है कि घंटाघर उनके पिता के नाम पर बनाए जाने का विरोध है।
मंत्री ने कहा कि लोग ओछी राजनीति छोड़कर गढ़वा के विकास में सहयोग करें।