रांची नगर निगम के आयुक्त मुकेश कुमार को रांची क्षेत्रीय विकास पर प्राधिकार के उपाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. 2009 बैच के आईएएस मुकेश कुमार नीर निर्मल परियोजना के अतिरिक्त प्रभार में भी हैं.
इसी तरह 2014 बैच के आईएएस नैंसी सहाय को झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट लिमिटेड के एमडी का भी प्रभार सौंपा गया है. वाह झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में पहले से कार्यरत हैं.
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों को मीडिया के सामने पेश किया
बोकारो । रामगढ़ के स्क्रैप व्यवसाई एवं ठेकेदार महेंद्र सिंह की हत्या की योजना बना रहे 5 अपराधी को बोकारो पुलिस ने चास में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि आईटीआई मोर स्थित मानभूम होटल में स्कॉर्पियो से कुछ अपराधी आए हैं एवं बियर पी रहे हैं । पुलिस ने उक्त सूचना के आधार पर छापेमारी की तो चार अपराधी तत्काल पकड़े गए जबकि एक की गिरफ्तारी बाद में हुई ।
गिरफ्तार अपराधियों में कुख्यात अपराधी रोशन ठाकुर, सूरज यादव, अमित कुमार, रजनीश राज तथा डब्लू कुमार शामिल हैं। सूरज के खिलाफ बोकारो जिले के विभिन्न थानों में 1 दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं ।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया की रोशन ठाकुर ग्रुप स्क्रैप व्यवसाई से रंगबाजी टैक्स वसूलने का काम करता है रेलवे कॉलोनी के गोल मार्केट निवासी डब्लू कुमार ने रामगढ़ निवासी स्क्रैप व्यवसाई तथा ठेकेदार महेंद्र सिंह की हत्या की सुपारी रोशन ठाकुर को दी थी जिसके कारण ही लोग रामगढ़ जा कर हत्या की योजना बना रहे थे एवं योजना बनाने के क्रम में मानभूम होटल में बैठे थे जहां बियर पी रहे थे ।
पुलिस के अनुसार रोशन ने लगभग 1 दर्जन से अधिक मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है इसके साथ ही सूरज ने भी कई मामले की जानकारी पुलिस को दी है पुलिस ने स्कॉर्पियो समेत आधा दर्जन से अधिक अवैध हथियार मोबाइल समेत अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है । पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है जिसके आधार पर पुलिस छापेमारी कर रही है ।
78 वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल के सजग जवानों ने पेट्रोलिंग के दौरान 10 लाख रुपए (जाली मुद्रा) की ज़ब्ती की।
अत्यधिक सतर्कता दिखाते हुए, सीमा सुरक्षा बल के कार्मिकों ने दिनांक गुरुवार को लगभग 11:30 बजे रात में सीमा चौकी शोभापुर 78 वीं वाहिनी की पेट्रोलिंग पार्टी को सीमा पर कुछ आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर पेट्रोलिंग दल ने बाइक को रोका और चारों ओर देखा तो एक तस्कर भागता हुआ दिखा। बिना समय गंवाए उन्होंने उसका पीछा किया परन्तु तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।फिर उस जगह को सर्च किया जिसके बाद वहाँ से एक बैग मिला। जिसमे 2000 नोट के 500 पीस,5 बंडल मिले जिसका कुल मूल्य 10 लाख (जाली मुद्रा ) है। जब्त जाली मुद्रा को कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस स्टेशन वैष्णवनगर को सौंपा गया । राजेश कुमार जैन संवाददाता: मालदा।
पटना: जीतनराम मांझी पिछले कुछ दिनों से लगातार बीजेपी के खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे हैं। इसी बीच लालू प्रसाद यादव के बेटे और हसनपुर से विधायक तेज प्रताप यादव उनसे मिलने जीतनराम मांझी के घर पहुंच गए। करीब 35 मिनट तक दोनों नेताओं की बंद कमरे में मुलाक़ात हुई। इसके बाद बाहर निकलने पर पत्रकारों ने तेज प्रताप से सवाल किया तो उन्होंने कहा-“अगर मांझी की नाव डगमगा रही है तो उनका स्वागत है “।
जातिगत जनगणना पर भी लालू-मांझी के बोल एक समान
आपको बता दें कि राजद लगातार जातिगत जनगणना के लिए मुहिम चला रहा है । लालू प्रसाद यादव भी लगातार ट्वीट कर रहे हैं कि देश में इस बार Caste census हो ही जाए । बीजेपी इसके खिलाफ है और नीतीश मौन । लेकिन जीतनराम मांझी जातिगत जनगणना चाहते हैं। इस मामले में राजद और मांझी एकदम सेम-टू-सेम बोल रहे हैं।
तो क्या एनडीए छोड़ महागठबंधन की ओर जाएंगे जीतनराम मांझी?
फिलहाल इसकी संभावना न के बराबर है । मांझी अगर एनडीए छोड़ते भी हैं तब भी नीतीश कुमार की सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा । अब सत्ता की मलाई छोड़ कर कोई विपक्ष का सतुआ-प्याज कौन खाता है ? दूसरा, महागठबंधन में वैसे ही एक अनार-सौ बीमार हैं। तेजस्वी यादव या लालू के पास मांझी को ऑफर करने को क्या है?
….तो मुलाक़ात के मायने क्या हैं?
जीतनराम मांझी ने कह तो दिया है कि राजनीति में अपने द्वार बंद नहीं करने चाहिए। सब से प्रेमभाव से मिलते रहिए । पता नहीं भविष्य में किसके पक्ष में कब माहौल बन या बिगड़ जाये ? जीतनराम मांझी ने कहा कि लालू यादव जी के साथ “दिल का रिश्ता” है । तो क्या हम ये समझें कि नीतीश के साथ “दल का रिश्ता” और बीजेपी के साथ “माल का रिश्ता” है ?
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से एक चीनी नागरिक को पकड़ा। बीएसएफ के एक दल ने आज सुबह कालियाचक में सुल्तानपुर सीमा पर चीनी नागरिक को हिरासत में लिया। माहदीपुर में बीएसएफ कैंप में चीनी नागरिक से पूछताछ की जा रही है। 35 वर्षीय व्यक्ति को सुबह करीब सात बजे उस समय पकड़ा, जब वह मालदा जिले में सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में ”घुसपैठ” कर रहा था। उसने काले रंग की कमीज, पैंट और जूते पहन रखे थे। उस व्यक्ति के पास से चीनी पासपोर्ट, बांग्लादेशी वीजा, एक लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन सिम कार्ड, भारतीय मुद्रा, कुछ अमेरिकी डॉलर,इलेक्ट्रॉनिक सामान मिले हैं जिसे जब्त किया गया। सुरक्षा अधिकारियों ने उसकी पहचान जुनवेई हान के रूप में की है। उसे सीमा सुरक्षा बल की कालियाचक चौकी पर रखा गया है। दिल्ली से बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, “संबंधित एजेंसियां उस व्यक्ति से पूछताछ कर रही हैं। ”सूत्रों ने कहा कि चीनी व्यक्ति संभवत: अंग्रेजी नहीं समझता है। इसलिए चीनी भाषा में बातचीत करने में सक्षम एक सुरक्षा अधिकारी को बीएसएफ, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा संयुक्त पूछताछ सत्र के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि पूछताछ के बाद ही उसके भारत आने का कारण स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि अभी तक चीनी नागरिक को पुलिस के हवाले नहीं किया गया है। बीएसएफ अधिकारियों ने उसे पुलिस हिरासत में सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरफ्तार चीनी नागरिक के पुलिस को मिलते ही और जानकारी सामने आएगी। राजेश कुमार जैन संवाददाता: मालदा।
कुर्मियोंकेबड़ेनेतामानेजानेवालेसोनेलालपटेकेबादअपनादलकेदुकड़ेहोगए।उनकीबड़ीबेटीअनुप्रियापटेलकेंद्रमेंनरेंद्रमोदीसरकारमेंराज्यमंत्रीभीथीं।अपनादलसोनेलालकीअध्यक्षअनुप्रियापटेलकीपार्टीने 2017 केविधानसभाकेसाथ 2014 तथा 2019 का लोकसभाचुनावभाजपाकेसाथमिलकरलड़ाथा।भाजपा 2022 केविधानसभाचुनावमेंभीअपनादलसोनेलालकोकुछसीटदेसकतीहै।अनुप्रियापटेलभीइसीअभियानमेंलगीहैंऔरगुरुवारकोवहजबअमितशाहकेआवासपरपहुंचीतोसीएमयोगीआदित्यनाथभीमौजूदथे।इसकोअपनादलकाबड़ाकदमभीबतायाजारहाहै।
अभिषेक बनर्जी ने मुकुल रॉय को पार्टी का पट्टा पहनाया
कोलकाता । TMC के संस्थापक सदस्य रहे मुकुल रॉय की टीएमसी में घर वापसी हो गई है । बीजेपी में शामिल होने के बाद इन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया था । कहा जा रहा है कि ऐसे कई नेता जो विधानसभा चुनाव के पहले बीजेपी में शामिल हुए थे, वे दोबार TMC में वापस लौटना चाहते हैं ।
घर वापसी क्यों करना चाहते हैं TMC के बागी ?
विधानसभा चुनाव के पहले बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के नेता बीजेपी में इस उम्मीद के साथ शामिल हुए थे कि भगवा पार्टी बंगाल की सत्ता में आएगी । लेकिन TMC की बंपर जीत ने इनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया । अब वे जानते हैं कि अगले पांच साल तक ममता बनर्जी ही बंगाल में सबकुछ हैं । इन नेताओं के लिए पांच साल तक सत्ता से दूर रहना मुश्किल है । इतना ही नहीं, बंगाल की राजनीतिक संस्कृति को देखते हुए ये जानते हैं कि TMC से दुश्मनी लेकर वे शांति से नहीं रह सकते ।
बंगाली अस्मिता बनाम हिंदी भाषी बीजेपी
ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने बीजेपी को बाहरी और TMC को बंगाली पार्टी बताया है । बंगाल बनाम अन्य भाषा का विभाजन वहां समाज के अंदर गहरे तक पैठ जमा चुका है । इसके अलावा बंगाली मध्यवर्ग खुद की संस्कृति, कला आदि से लगाव रखता है । इस मामले को लेकर आम बंगाली भाषी लोगों का यूपी और बिहार के हिंदी भाषी लोगों से टकराव रहा है । अब कोई नेता बंगाल में रहकर हिंदी भाषियों की पार्टी बीजेपी के पक्ष में राजनीति कैसे कर सकता है?
बीजेपी के लिए क्या है संकेत?
मोदी-आमित शाह की जोड़ी के राजनीति के केन्द्र में आने के बाद हर चुनाव से पहले भाजपा में बड़े पैमाने पर नेताओं को शामिल कराया जाता रहा है । ये उनकी रणनीति रही है कि विरोधी दलों को तोड़ो । लेकिन इस जोड़-तोड़ के चक्कर में बीजेपी के असली नेता और कार्यकर्ताओं की कहीं न कहीं अनदेखी हो जाती है । ये ऐसे नेता और कार्यकर्ता हैं जो वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हैं और ये तमाम नाराज़गी के बावजूद किसी दूसरी पार्टी की ओर नहीं देखते ।
वैचारिक रुप से पार्टी से जुड़े लोगों की अनदेखी क्यों?
बंगाल चुनाव से पहले दिलीप घोष जैसे नेता की टिकट बंटवारे में अनदेखी की गई । झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले संघ और मूल कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर आयातित लोगों को टिकट दिया गया । बिहार विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने यही रणनीति अपनाई । तीनों राज्यों में बीजेपी की बुरी तरह हार हुई । सुखदेव भगत जैसे नेता जैसे आए थे, वैसे ही वापस चले गए । क्या सचमुच बीजेपी का मूल कार्यकर्ता जीताऊ उम्मीदवार नहीं होता? जिस कार्यकर्ता ने पार्टी को दो सीटों से 200 सीटों तक पहुंचाया ?
जोलानाला को अतिक्रमण मुक्त के लिए डीसी को त्राहिमाम संदेश
बरहड़वा/प्रतिनिधि
बरहड़वा।हल्की बारिश मे ही शहर नरक मे तब्दील हो जाता है। फलतः पार्षद सह भाजपा मंडलमंत्री मंजू कुमारी ने उपायुक्त रामनिवास यादव को आवेदन प्रेषित करते हुए बताया कि जोला नाला मे शहर की प्रमुख नालियां समाहित है। वहीं उक्त नाला से ही बर्षा मे राजमहल की पहाड़ी श्रृंखला से उतरने वाले पानी को गुमानी नदी मे समाहित करता है। लेकिन कुछ वर्षों से उक्त नाला अतिक्रमण का शिकार हो नाली बन गया है। यही वजह है कि हल्की बारिश मे ही शहर मे बाढ़ सा दृश्य कायम हो जाता है साथ ही नालियां ओभर फ्लो हो सड़कों से बहने लगती है फलतः शहर नरक मे तब्दील हो जाता है। पार्षद मंजू ने बताया कि जोलानाला के अतिक्रमण से इसका सबसे अधिक कुप्रभाव कोयरीपाड़ा के लोगो पर पड़ा है। ग्रामीणों ने उनका पार्षद मे चयन भी इसी जोलानाला को अतिक्रमण मुक्त बनवाने के लिए ही किया गया है। तीन साल बितने के बाद भी न ही जोलानाला अतिक्रमण मुक्त हुआ और न ही नालियों की निकासी की कोई व्यवस्था हुई। उन्होंने कहा कि जोलानाला के अतिक्रमण मुक्त होते ही नालियों की निकासी भी हो जाऐगी। पार्षद मंजू ने डीसी से अपील की है कि वे इस पर ध्यानाकर्षण कर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करवा शहर को नरक से ही नही शहर मे हल्की बारिश मे ही उत्पन्न होने वाले कृत्रिम बाढ़ से निजात दिला कर कृतार्थ करेगें।
वारेन वफे और मुकेश अंबानी से भी ज्यादा तेजी से बढ़ी अडाणी की संपत्ति
गौतम अडाणी की संपत्ति इस साल 43 बिलियन डॉलर से अधिक यानी करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई और वे एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, गौतम अडाणी की कुल संपत्ति 5.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स की मानना है कि अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में जो इतनी तेज उछाल आई है, जिससे गौतम अडाणी की संपत्ति मुकेश अंबानी और यहां तक की दुनिया के सबसे बड़ा निवेशक और बर्कशायर हैथवे के मालिक वॉरेन बफे से भी तेजी से बढ़े हैं।
अडाणी ग्रुप की कंपनियों में विदेशी फंड मैनेजर्स के पास शेयर का बड़ा हिस्सा है, जिससे पब्लिक में फ्लोटेड शेयर्स की संख्या बहुत कम हो जाती है और इसके स्टॉक्स में उठापटक की आशंका हमेशा बनी रहती है।
कोरोना वायरस वैक्सीन की खुराकें सबसे ज्यादा झारखंड में खराब हुई हैं। झारखंड में टीकों की 33.95 फीसदी बर्बादी हुई है। छत्तीसगढ़ में 15.79 फीसदी टीके बेकार गए। केन्द्र सरकार ने मई महीने में वैक्सीन की बर्बादी पर यह रिपोर्ट जारी की है। इससे पहले अप्रैल महीने में भी वैक्सीन की बर्बादी में झारखंड को नंबर वन दिखाया गया था। हालांकि हंगामे के बाद उस रिपोर्ट में संशोधन कर दोबारा जारी किया गया ।
झारखंड में टीकों की 33.95 फीसदी बर्बादी हुई- केन्द्र
केरल और बंगाल में वैक्सीन की बर्बादी नाकारात्मक कैसे ?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक केरल में कोविड रोधी वैक्सीन की बर्बादी का आंकड़ा नकारात्मक 6.37 फीसद रहा जबकि पश्चिम बंगाल में नकारात्मक 5.48 दर्ज किया गया है। बता दें कि कोविड रोधी वैक्सीन की बर्बादी का आंकड़ा नकारात्मक होने का मतलब है कि हर शीशी में मौजूद अतिरिक्त खुराक का भी पूरा इस्तेमाल कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ में 15.79 फीसद जबकि मध्य प्रदेश में 7.35 फीसद कोविड रोधी वैक्सीन बर्बाद हुई।
झारखंड के खिलाफ केन्द्र का कुचक्र- कांग्रेस
झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन की बर्बादी को लेकर जारी मीडिया रिपोर्ट पूरी तरह से आधारहीन और तथ्यों से परे है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने भी इसी तरह से झारखंड को बदनाम करने की कोशिश को लेकर एक रिपोर्ट आधी अधूरी रिपोर्ट जारी की गयी थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा आंकड़ों और तथ्यों के साथ पूरी तरह से बात रखने के बाद उसे वापस ले लिया गया था। अब इसी तरह से एक बार फिर मई महीने की कथित रिपोर्ट को लेकर झारखंड को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
झारखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होने कहा कि
आज मैंने कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों एवं छात्रों एवं अभिभावकों की माँग को देखते हुए झारखंड एकेडमिक कॉन्सिल द्वारा इस सत्र में आयोजित होने वाली 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है।
राज्य सरकार ने गुरुवार को इस संबंध में निर्णय लिया. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए दोनों बोर्ड की परीक्षाओं को रद करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजा था. इस पर मुख्यमंत्री ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी. हालांकि इन दोनों बोर्ड के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रोन्नति किस आधार पर दी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है.
राज्य सरकार ने गुरुवार को इस संबंध में निर्णय लिया । स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए दोनों बोर्ड की परीक्षाओं को रद करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजा था । इस पर मुख्यमंत्री ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी । हालांकि इन दोनों बोर्ड के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रोन्नति किस आधार पर दी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है ।
कयास लगाया जा रहा है कि नौंवी के अंकों के आधार पर दसवीं बोर्ड के विद्यार्थियों को अंक देकर ग्यारहवीं कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्रोन्नति देने को लेकर दो-तीन विकल्प के आधार पर प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजे थे. बता दें कि मुख्यमंत्री ने केंद्र को सुझाव देने से पहले राज्य के लोगों से परीक्षा को लेकर सुझाव मांगे थे. इसमें अधिसंख्य लोगों ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षा नहीं लेने के सुझाव दिए थे ।
केन्द्र की रिपोर्ट में सबसे ज्यादा बर्बादी झारखंड में बताई गई है
झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन की बर्बादी को लेकर जारी मीडिया रिपोर्ट पूरी तरह से आधारहीन और तथ्यों से परे है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने भी इसी तरह से झारखंड को बदनाम करने की कोशिश को लेकर एक रिपोर्ट आधी अधूरी रिपोर्ट जारी की गयी थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा आंकड़ों और तथ्यों के साथ पूरी तरह से बात रखने के बाद उसे वापस ले लिया गया था। अब इसी तरह से एक बार फिर मई महीने की कथित रिपोर्ट को लेकर झारखंड को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
झारखंड में वैक्सीन की बर्बादी 4.5 % से घटकर 1.5 % हुई- किशोरनाथ शाहदेव
प्रदेश प्रवक्ता ने लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा है कि हकीकत यह है कि झारखंड में वैक्सीनेशन की बर्बादी राष्ट्रीय औसत से भी कम है। पिछले दो सप्ताह में राज्य में छह लाख से अधिक लोगों को कोविड-19 का टीका दिया गया है और वैक्सीन की क्षति 4.5 प्रतिशत से घटकर 1.5 प्रतिशत से भी कम हो गयी। जबकि मध्य प्रदेश में कोविड-19 वैक्सीन का दस हजार डोज कहां गया है, इसका कोई हिसाब नहीं मिल रहा है और इस पर भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है। इतना ही नहीं झारखण्ड को वैक्सीन की आपूर्ति भी कम संख्या में की जा रही है।
अचानक सक्रिय हो गया है राजभवन- राजेश गुप्ता
प्रदेश प्रवक्ता डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि भाजपा नेता सिर्फ इस कोशिश में जुटे है कोरोना संक्रमण काल में कैसे और किस तरह से झारखंड सरकार और यहां रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़े । कुछ मामलों में यह भी देखने को मिला है कि राजभवन अचानक सक्रिय हो गया है और कुछ ऐसी बातें भी सामने आयी है, जिसमें राजनीति की बात भी सामने आ रही हैं
राज्यसभा चुनाव 2016 में कथित हॉर्स ट्रेडिंग मामले में जांच कमेटी की ओर से पीसी एक्ट जोड़ने के आवेदन को रांची के ज्यूडिसियल कोर्ट ने विजिलेंस कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। रांची सिविल कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट चतुर्थ अनुज कुमार की अदालत ने इस मामले में सुनवाई के दौरान फैसला सुरक्षित रख लिया था और गुरुवार को अपने फैसले में इस मामले को विजिलेंस कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया।
बढ़ सकती हैं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की मुश्किलें
विजिलेंस कोर्ट ने पीसी एक्ट जोड़ने की इजाजत दे दी तब क्या होगा ?
विजिलेंस कोर्ट की ओर से यदि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, एडीजी अनुराग गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री के तत्कालीन प्रेस सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ पीसी एक्ट की धारा जोड़ने की अनुमति प्रदान कर दी जाती है तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, एडीजी अनुराग गुप्ता और पूर्व सीएम के सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ पीसी एक्ट (प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट) के तहत केस चलाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही मंजूरी दे दी है । जिसके बाद अनुसंधानकर्ता की ओर से अदालत में आवेदन दिया गया था।अगर पीसी एक्ट की मंजूरी मिल गई तो इन सबके खिलाफ क्रिमिनल केस चल सकेगा ।