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उज्जवल दुनिया अखबार के ब्यूरो प्रमुख ने आगजनी में घर गवां चुके पत्रकार को दी आर्थिक सहायता

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उज्ज्वल दुनिया नंद किशोर भारती के जज्बे की सराहना करता है
उज्ज्वल दुनिया नंद किशोर भारती के जज्बे की सराहना करता है

पलामू। उज्जवल दुनिया अखबार के पलामू मंडलीय ब्यूरो प्रमुख ई.नन्द किशोर भारती ने मानवता का मिसाल पेश करते हुए आगजनी में अपने घर तथा घर में रखते हुए अनाज के साथ-साथ सभी साजो सामान गवा चुके आंचलिक पत्रकार उमेश यादव को आर्थिक सहायता देख कर मदद की।

ज्ञात हो कि लातेहार जिला के गारू प्रखंड,बारेसांड थाना क्षेत्र निवासी फ्रीडम फाइटर अखबार के पत्रकार उमेश यादव के घर में गुरुवार के शाम को आग लग गई थी। आगजनी की इस घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया था। घर में रखे कपड़ा, बर्तन,दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, अनाज, बैंकिंग दस्तावेज एवं अलमारी तथा अलमारी में रखा हुआ बारह हजार नगद सहित ढाई से तीन लाख के साजो सामान जलकर राख हो गया था।

हिंदी दैनिक फ्रीडम फाइटर के साथ जुड़े हैं यादव
हिंदी दैनिक फ्रीडम फाइटर के साथ जुड़े हैं उमेश यादव

बताते चलें कि घटना के समय भुक्तभोगी उमेश यादव किसी आवश्यक कार्य से महुआडांड़ गए थे एवं उनकी पत्नी अपने एक माह के बच्चा के इलाज के लिए गांव में ही दवा लेने गई थी। ग्रामीणों ने जब अचानक छत से धुआं निकलते देखा तो उनको लगा कि घर के अंदर रखा रसोई गैस का सिलेंडर लिक कर गया है। रसोई गैस लिक हो जाने के आशंका से ग्रामीण भयभीत हो गए एवं आग बुझाने की हिमाकत नहीं कर सके। जब उमेश ने अपने घर वापस आया तो देखा कि एक माह के बच्चे को गोद में लिए पत्नी की रो-रो कर बुरा हाल है एवं उनका घर जलकर एक राख के ढेर के रूप में तब्दील हो चुका है। खाने को ना तो एक मुट्ठी अनाज बचे थे और नहीं कोई कपड़ा जिससे लगातार हो रही बारिश से अपने बच्चे को ढक सके।

इस ह्रदय विदारक व मार्मिक घटना के जानकारी मिलते ही दैनिक उज्जवल दुनिया अखबार के प्रमंडलीय ब्यूरो प्रमुख सह युवा पत्रकार ई.नन्द किशोर भारती ने तत्काल पत्रकार उमेश यादव को खाने-पीने के लिए अनाज खरीदने एवं मकान को मरमती करने लिए नगद सहायता की। तत्काल सहायता पाकर उमेश यादव एवं उनका परिवार ने राहत की सांस ली एवं ई.नन्द किशोर भारती को सहायता के लिए धन्यवाद दिया।

ई.नन्द किशोर भारती ने कहा कि वे मानवता के साथ-साथ पत्रकारिता धर्म को निभाते हुए निस्वार्थ भाव से सहयोग किए हैं। उन्होंने कहा कि चार-पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश एवं ऐसे समय में सर से घर रूपी आशियाना को उजड़ जाना काफी दुखदाई घटना है। ऐसे विकट परिस्थितियों में वे पत्रकारों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के साथ रहेंगे।

रामविलास पासवान का राजनीतिक वारिस कौन? क्या है पासवान समाज की राय?

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चिराग और पारस पर क्या है पासवान समाज की राय?
चिराग और पारस पर क्या है पासवान समाज की राय?

शिवसेना की राजनीतिक विरासत की जंग राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे में तो खूब हुई, लेकिन इसमें जीत हुई उद्धव ठाकरे की । इसी तरह मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत की जंग में भतीजे अखिलेश जीत गये और चाचा शिवपाल की हार हो गई। लेकिन ऐसा नहीं है कि जीत हमेशा बेटे की ही होती है । दक्षिण भारत में एनटी रामाराव के बेटे के रहते उनके दामाद चंद्रबाबू नायडू उनके राजनीतिक वारिस बनें। जयललिला एम. जी. रामचंद्रन की राजनीतिक वारिस बनीं। तो सवाल है कि रामविलास पासवान की राजनीति का वारिस कौन हैं, भाई पशुपतिनाथ पारस या बेटे चिराग पासवान?

क्या पशुपति सचमुच “पारस” हैं?

क्या पशुपति कुमार पारस में दलितों का नेतृत्व करने की क्षमता है?
क्या पशुपति कुमार पारस में दलितों का नेतृत्व करने की क्षमता है?

बिहार के पासवान समाज के अधिकतर लोग पशुपति कुमार पारस सहित पांच सांसदों के पाला बदल को “गद्दारी” मानते हैं। दक्षिण बिहार के गया, जहानाबाद, औरंगाबाद और नवादा के पासवान समाज के जिन लोगों से बात की, उनमें से अधिकांश का मानना था कि ये सभी सांसद पद और सत्ता के लोभ में नीतीश कुमार के साथ गए हैं। दुसाध समाज के कुछ लोग तो इतने नाराज़ थे कि उन्होंने बागियों द्वारा “राजनीतिक डेथ वारंट” पर साइन करना बता दिया।

लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ता और समाज किसके साथ हैं उसकी एक झलक पटना में गुरुवार को दिखी । संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद पशुपति कुमार पारस पटना लौटे तो उनके स्वागत में दलित सेना के दो-चार पदाधिकारियों के अलावा और कोई नहीं था । पार्टी कार्यकर्ताओं की बेरुखी से आहत पशुपति कुमार पारस प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बार-बार अपा खोते दिखाई दिए । उनको देखकर ऐसा लग रहा था कि इतने लंबे समय तक राजनीति में गुजारने के बावजूद उनमें मीडिया से बात करने की बेसिक जानकारी का अभाव है।

मीडिया को हैंडल करने में अक्षम दिखे “पारस”

पशुपतिनाथ पारस ने अध्यक्ष बनने की औपचारिकता के बाद अपने भाई स्वर्गीय रामविलास पासवान को याद किया । उन्होंने कहा कि उनके स्वर्गीय भाई रामविलास पासवान ने उन्हें अमीर गरीब की लड़ाई में गरीब का और महिला और पुरुष की लड़ाई में महिला का साथ देने की बात सिखाई है । पशुपतिनाथ पारस कहना चाह रहे थे कि वो कमजोर लोगों के लिए संघर्ष करते रहेंगे । इतनी सी बात पर जब उनसे पूछा गया कि चाचा भतीजे की लड़ाई में वो किसके साथ रहेंगे इस पर वो आपा खो बैठे और पत्रकार के साथ तू तड़ाक करने लगे ।

दूसरा सवाल उनमें और भी बौखलाहट पैदा कर गया, जब उनकी ही बातों को पत्रकारों ने याद दिलाया और पूछा कि आपने एक व्यक्ति एक पद की बात कही थी । लेकिन आप संसदीय दल के नेता के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष और दलित सेना के मुखिया भी हैं । पशुपतिनाथ पारस आपा खो बैठे थे और जवाब नहीं सूझने पर यह कहकर निकल गए कि मंत्री बनते ही वो संसदीय दल के नेता का पद त्याग देंगे । सबको पता है कि वे ऐसा नहीं करेंगे।

चिराग का अगला कदम क्या होगा?
चिराग का अगला कदम क्या होगा?

फिलहाल ऐसा लग रहा है कि पशुपति कुमार पारस ने रामविलास पासवान की विरासत की जंग जीत ली है। लेकिन लोग इसे चिराग पासवान के ऊपर नीतीश कुमार की जीत मान रहे हैं, जिसमें बागी सांसदों की हैसियत एक प्यादे से ज्यादा नहीं …अगले चुनाव तक आते-आते इन पांच सासंद में से कुछ का सचमुच कहीं “पॉलिटिकल डेथ” न हो जाए ?

हेमंत सरकार में दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ा: अमर कुमार बाउरी

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शुक्रवार को चंदनकियारी विधायक सह पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी चाईबासा कांड के पीड़ित परिवारों के साथ झारखंड की राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को राज्य में हो रहे दलितों के ऊपर अत्याचार की घटनाओं से अवगत करवाया।

उन्होंने बताया कि किस तरह से झारखंड में दलितों की जमीन को लूटा जा रहा है, काम नहीं करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है, कहीं भूख से मौत हो रही है, कहीं ठंड से दलित परिवार की मौत हो रही है। इन सभी विषयों पर राज्य सरकार चुप्पी साधे हुए हैं।

उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इन सभी मामले पर हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों से राज्य के दलित परिवारों को न्याय दिलवाने के प्रति पहल करें।

उन्होंने बताया कि राज्य के कई ऐसे जिले हैं जहां दलितों के साथ अत्याचार की घटनाएं आम हो रही है। चाईबासा की घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा की एक विशेष समुदाय के लोगों ने दलित परिवार को उनके घर के शौचालय को साफ नहीं करने जाने के खिलाफ उनके साथ लाठी-डंडे, बैट, ईट पत्थर से मारपीट की। जिसमें करीब 8 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

वहीं उन्होंने बताया कि साहेबगंज में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा ने एक दलित परिवार के 16 बीघा जमीन गलत कागजात प्रस्तुत कर हड़प लिया और वहां अपने पद का उपयोग करते हुए अपना आलीशान बंगला बनवा रहे हैं। जब इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की जाती है तो जिला प्रशासन चुप्पी साध लेते है और किसी प्रकार की कोई कार्रवाई पीड़ितों को न्याय दिलवाने के लिए नहीं करते हैं।

जामताड़ा की घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जामताड़ा में महादलित तुरी परिवार के साथ उनके ही गांव के विशेष समुदाय के लोगों ने मारपीट कर उनका प्रधानमंत्री आवास, उनकी जमीन, उनका घर पर कब्जा कर लिया। वह परिवार करीब डेढ़ महीने से अपने घर से बेघर सड़कों पर रहने को मजबूर है।

ऐसे सभी घटनाओं की जानकारी देने के बाद उन्होंने राज्यपाल से इन सभी विषयों पर उचित जांच करवा कर कार्रवाई करवाने की मांग की।

शार्ट सर्किट के कारण गया नगर निगम में लगी आग

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नगर निगम के मीटिंग हॉल और मेयर चैंबर में आग लगी
नगर निगम के मीटिंग हॉल और मेयर चैंबर में आग लगी

गया से श्रीकांत

गया: नगर निगम कार्यालय में शार्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। देखते ही देखते नगर निगम के कार्यालय एवं आसपास में काफी धुंआ।निकलने गया। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना देने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस दौरान देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। जानकारी मिलने के बाद नगर आयुक्त सावन कुमार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग पर पाया काबू
फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग पर पाया काबू

नगर आयुक्त सावन कुमार ने बताया कि शार्ट सर्किट के कारण लकड़ी के बने फॉल सीलिंग में अचानक आग लग गई। आग निगम के मीटिंग हॉल और मेयर चेंबर में लगी है। इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के द्वारा यह जांच कराई जाएगी कि आखिर शार्ट सर्किट हुआ कैसे ?

फिलवक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है। आग लगने के कारण कितने की क्षति हुई है, इसका आकलन करने के बाद ही पता चलेगा।

गया: बेघर हुए बुजुर्गों को रहने और खाने की मुफ्त व्यवस्था करेगी माधव रुद्राणी सेवा फाउंडेशन

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लाचार, असहाय वृद्ध जनों की नि:शुल्क रहने व खाने की व्यवस्था
लाचार, असहाय वृद्ध जनों की नि:शुल्क रहने व खाने की व्यवस्था

गया से श्रीकांत

गया: कोरोना महामारी से बेघर हुए लाचार व असहाय वृद्ध जनों की सहायता के लिए श्री माधव रुद्राणी सेवा फाउंडेशन आगे आई है। इसे लेकर शहर के अशोक विहार कॉलोनी स्थित फाउंडेशन के कार्यालय में एक अहम बैठक की गई। जिसमें कमेटी विस्तार का भी निर्णय लिया गया। इस बैठक में फाउंडेशन के कई सदस्य शामिल हुए।

माधव रुद्राणी सेवा फाउंडेशन के संचालक शिव शंकर प्रियदर्शी ने कहा कि वृद्धजनों की सेवा के लिए यहां निशुल्क ठहरने एवं खाने की व्यवस्था की गई है। कोरोना काल में कई लोग बेघर हो गए। कई लोगों के परिजनों की असमय मृत्यु हो गई। ऐसे में हमलोगों ने वृद्ध, लाचार व असहाय लोगों की सेवा का निर्णय लिया है।

फाउंडेशन के द्वारा अशोक विहार मोहला में दो मंजिला इमारत में यहां वृद्ध जनों की रहने की व्यवस्था की गई है। जो भी लाचार, असहाय वृद्ध यहां आएंगे। उनके लिए यहां रहने, खाने-पीने एवं चिकित्सा की निशुल्क सुविधा की गई है। इसमें कई लोगों द्वारा सहयोग भी दिया जा रहा है। हमलोग यह प्रयास कर रहे हैं कि वर्तमान समय के हमलोग श्रवण कुमार बनकर वृद्धजनों की सेवा करें।

बैठक में रेखा पाठक, सुनील कुमार सिंह, शैलेन्द्र पाठक, संतोष कुमार सिंह, राजेश कुमार मिश्रा, संतोष सिन्हा सहित कई लोग उपस्थित थे।

अभिव्यक्ति

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पत्रकार सबा नकवी और अल्ट न्यूज़ के जुबैर अहमद
पत्रकार सबा नकवी और अल्ट न्यूज़ के संस्थापक जुबैर अहमद

सबसे पहले तो मैं ये साफ कर दूं कि भारतीय संविधान ने पत्रकारों को अभिव्यक्ति या असहमति के बारे में कोई विशेषाधिकार नहीं दिया है । अभिव्यक्ति या असहमति का अधिकार एक पत्रकार को भी उतना ही है, जितना देश के किसी भी दूसरे आम नागरिक को।

गाजियाबाद से सटे लोनी में एक घटना हुई जिसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग को पीटते हुए दिखाया गया। मीडिया और सोशल मीडिया में खबर फैली (या फैलाई गई) कि बुजुर्ग को “जय श्रीराम” न बोलने के कारण पीटा गया। यूपी पुलिस का दावा है कि वीडियो में मार खाते हुए बुजुर्ग ने एक दूसरे मुसलमान को “ताबिज” बेची थी । उसी को लेकर झगड़ा था । इसके बाद सबसे पहले समाजवादी पार्टी के एक स्थानीय नेता ‘इदरीस’ ने इसे “कम्युनल” रंग देकर सोशल मीडिया में पोस्ट किया। पुलिस ने इदरीस को गिरफ्तार कर लिया है।

स्वतंत्र पत्रकार राना अय्यूब पर भी दर्ज हुई है FIR
स्वतंत्र पत्रकार राना अय्यूब पर भी दर्ज हुई है FIR

उत्तर प्रदेश की पुलिस ने लोनी की इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में लेखक सबा नकवी, द वायर, द अल्ट न्यूज़ के जुबैर अहमद, राना अय्यूब पर FIR दर्ज की है। इसके साथ ही पुलिस ने ट्विटर इंडिया को भी आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि हमने बार-बार ट्विटर इंडिया से इन भ्रामक पोस्ट को हटाने की अपील की, लेकिन ट्विटर ने न तो इन पोस्ट को हटाया, न ही इन्हें Manipulated का टैग दिया।

इस घटना के अलावा भी एक और अफवाह फैलाई गई जिसमें एक RTI के हवाले से ये दावा किया गया कि कोरोना वैक्सीन में “नवजात बछड़े का सीरम” मिलाया जाता है और इस सीरम को प्राप्त करने के लिए मोदी सरकार ने बछड़ो का कत्ल करवाया” । इस झूठ को फैलाने के लिए यूपी से जुड़े कांग्रेस के तीन नेताओं को आरोपी बनाया गया है। हालांकि ये जानकारी मेरे पास नहीं है कि उनके खिलाफ FIR हुई है या नहीं।

पत्रकारों के खिलाफ FIR के खिलाफ एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा जारी की गई चिट्ठी
पत्रकारों के खिलाफ FIR के खिलाफ एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा जारी की गई चिट्ठी

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया सहित पत्रकारों का एक बड़ा तबका यूपी पुलिस द्वारा पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई को ‘अभिव्यक्ति और असहमति के अधिकार’ का हनन बता रहा है।

मोदी-योगी सरकार द्वारा पत्रकारों के उत्पीड़न के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए ये आरोप गलत भी नहीं लगते । खासकर, विनोद दुआ प्रकरण के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की, वो महत्वपूर्ण हैं। कोर्ट ने कहा कि “आलोचना का दायरा तय है, और उस दायरे में रहकर सरकार की आलोचना राजद्रोह नहीं” ।

दूसरा, मोदी सरकार के केंद्र की सत्ता संभालने के बाद 559 पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजद्रोह की धाराएं लगाई गईं, लेकिन सरकार इनमें से सिर्फ 10 को ही दोषी साबित कर सकी । तो सवाल यह भी है कि क्या सिर्फ राजनीतिक प्वाइंट स्कोर करने के लिए राजद्रोह की धाराएं लगा दी गईं? यहां ये भी गौर ध्यान रखना होगा कि ‘राजद्रोह’ हमेशा ‘राष्ट्रदोह’ नहीं होता।

Conclusion :

जिस प्रकार मोदी-योगी की सरकार ने राजद्रोह और UAPA की धाराओं को Political Tool की तरह इस्तेमाल किया, वो अति है । लेकिन ये भी सच है कि पत्रकारों का एक तबका पत्रकारिता के कथित दायरे से आगे बढ़कर ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ का बेजा फायदा उठाने लगा । सरकार की आलोचना करते-करते वे “टूलकिट” तैयार करने लगें, और लोकतंत्र के नारे लगाते-लगाते वे जाति और सांप्रदायिक जहर बोने लगे । कुछ पत्रकार तो फैक्ट्स के साथ सरकार की आलोचना करते-करते खुद नफरत पालने लगे और देश की आलोचना तक पहुंच गए।

हमें देश में चल रहे राजनीतिक और वैचारिक युद्ध को “श्रीकृष्ण” के रूप में निर्विकार भाव से देखना है, न कि खुद शस्त्र उठाकर इसमें शामिल हो जाना है । नारद तो देव और दानव दोनों से समान रूप से मिलते हैं। लेकिन नारद का काम वज्र उठाना नहीं है। ये काम हम इंद्र के लिए छोड़ दें ।

18 June 2021

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बिहार बसपा में बगावत, यूपी में नेताओं के निष्कासन के विरोध में सौ पदधारकों का इस्तीफा

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उज्ज्वल दुनिया, बिहार(बक्सर)। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के नेताओं के पार्टी से निष्कासन के विरोध में बिहार बसपा के कई नेताओं ने बागी तेवर अपना लिया है।

बिहार बसपा के प्रदेश महासचिव सरोज राजभर ने बताया कि बक्सर, कैमूर और राज्यभर से करीब सौ पदधारकों ने बहन जी मायावती के निर्णय के विरोध में अपने-अपने पद से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी अब अपने सिद्धांतों से हटकर कार्य कर रही है।

 

जिस प्रकार के सिद्धांत काशीराम लेकर चले थे उनका पार्टी में कोई महत्व नहीं है।

ऐसे में उन्होंने पद से इस्तीफा देना ही उचित समझा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ नेता बहन मायावती के कान भर रहे हैं।

इस कारण वरिष्ठ नेताओं पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी से निकाला गया है, जबकि वे लोग ऐसे नेता हैं जो सदैव पार्टी हित की बात करते हैं। पार्टी हित के लिए जान तक दे सकते हैं।

ऐसे में सभी कार्यकर्ता अब पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिलाने का अभियान चलाएंगे।

बिहार में सबसे बड़े बैंक लूट कांड का खुलासा, 93 लाख रुपए बरामद, मास्टर माइंड समेत नौ गिरफ्तार

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उज्ज्वल दुनिया, बिहार(वैशाली)। बिहार के वैशाली जिला स्थित हाजीपुर में सबसे बड़े बैंक लूट कांड का खुलासा हो गया।

घटना को अंजाम देनेवाला मास्टर माइंड मो अरमान समेत लूटकांड में शामिल छह में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस मामले में मास्टर माइंड मो अरमान के जेल के साथी ओमप्रकाश और अरमान की पत्नी अजमेरी खातून को भी गिरफ्तार किया गया है।

एक सप्ताह पहले 10 जून को वैशाली में एचडीएफसी लूटकांड के मास्टर माइंड की गिरफ्तारी से कई और लूटकांड का भी खुलासा हुआ है।

पुलिस ने लूट के 1.19 करोड़ में से 93 लाख रुपए बरामद कर लिए हैं।

इसमें चार लाख रुपए समस्तीपुर जिला बैंक लूट कांड हैं।

समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में भी पुलिस ने छापेमारी कर घटना का खुलासा किया।

वैशाली एचडीएफसी बैंक लूटकांड में लाइनर का काम मास्टर माइंड मो अरमान की पत्नी अजमेरी खातून ने किया था।

अजमेरी खातून का मायके गंगाब्रिज थाने के सहदुल्हापुर गांव पड़ता है।

अजमेरी खातून के पकड़े जाने के बाद ही पूरी घटना का खुलासा हो पाया।

पुलिस घटना स्थल पर मोबाइल डाटा डंप के आधार पर अपराधी तक पहुंची।

गिरफ्तार लुटेरों के पास से लोडेड पिस्टल भी बरामद किया गया।

इस कांड के खुलासे में वैशाली, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ एसटीएफ का संयुक्त ऑपरेशन शामिल था।

पूर्वी चंपारण में ट्रैप किया गया तीन दिन से खुले में विचरण कर रहा बंगाल टाइगर

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उज्ज्वल दुनिया, बिहार(मोतिहारी)। पूर्वी चंपारण जिले में तीन दिनों से भटक रहे बंगाल टाइगर को आखिरकार पकड़ लिया गया।

वन विभाग की टीम ने उसे चिरैया थाना क्षेत्र के राघोपुर सरेह से पकड़ा।

पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र से चिरैया पहुंचे बंगाल टाइगर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम सहित पुलिस और प्रशासनिक महकमा सुबह से ही यहां कैंप कर रहा था।

काफी मशक्कत के बाद अंतत: बाघ को पकड़ने में कामयाबी मिली।

पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल स्थित डुमरबना में दिखा यह बंगाल टाइगर लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

पिछले तीन दिनों से वन विभाग की टीम उसे ट्रैप करने के प्रयास में जुटी हुई थी।

गुरुवार को बंगाल टाइगर चिरैया थाना क्षेत्र के राघोपुर और बेला गांव के बीच बने पुल के समीप दिखा।

खुले में इस तरह बाघ को विचरण करते देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।

ग्रामीणों ने इसकी सूचना पहले पुलिस को दी। फिर पुलिस और वन विभाग की टीम बेला गांव पहुंची। वहीं सिकरहना एसडीएम और डीएसपी भी कैंप कर रहे थे।

बाघ को ट्रैप करने के लिए वाल्मिकीनगर और पटना से रेस्क्यू टीम बुलाई गई थी।

ट्रैंकुलाइजर गन से फायर करने के बावजूद बाघ बेहोश नहीं हुआ और अंधेरा हो जाने के कारण अभियान रोक देना पड़ा।

वहीं 16 जून को बाघ पलायन कर गया और वन विभाग की टीम उसके पदचिह्नों को तलाशती रही।

स्वास्थ्य विभाग की नियुक्तियां निकलते ही बवाल शुरू, आदिवासी छात्र संघ और झामुमो का विरोध

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। हजारीबाग में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी नियुक्तियां निकलते ही बवाल शुरू हो गया।

आदिवासी छात्र संघ ने इस पर विरोध दर्ज करते हुए झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा की जिलाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा है।

दरअसल जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी हजारीबाग के संविदा आधारित नियुक्ति निकाली है।

इसमें विभिन्न मेडिकल पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया है, जिस पर सवाल उठाते हुए आदिवासी छात्र संघ विनोबाभावे विश्वविद्यालय के अध्यक्ष विक्की कुमार धान ने ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा की जिलाध्यक्ष रूचि कुजूर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि इसमें डीसी से हस्तक्षेप करने की गुजारिश की गई है।

इसमें कहा गया है कि नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन में विभिन्न पदों पर अनुसूचित जनजाति को सिर्फ चार से पांच पद पर ही आरक्षण दिया गया है, वह भी छोट पदों पर।

यह झारखंड के आदिवासी बेरोजगार भाई-बहनों के साथ अन्याय है।

इस संबंध में रूचि कुजूर ने बताया कि डीसी से उनकी बात हुई, तो बताया कि हजारीबाग जिला अनुसूचित क्षेत्र नहीं है, इसलिए राज्य का आरक्षण नियमावली नहीं लागू होगा।

इधर रूचि कुजूर ने कहा कि झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है। इसका गठन यहां के आदिवासी मूलवासी के उत्थान के लिए किया गया है।

झामुमो की सरकार में आदिवासी-मूलवासी की अनदेखी नहीं होगी। उन्हें नियुक्ति में प्राथतिकता देनी होगी।

बाहरी लोगों को कभी भी बहाल नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा।

विभावि होगा झारखंड का पहला विश्वविद्यालय जहां विद्यार्थियों को एक साथ चार दस्तावेज मिलेंगे ऑनलाइन

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(संदीप सिन्हा)। कोरोना काल में विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के कुलपति प्रोफेसर डॉ मुकुल नारायण देव ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है।

यह जानकारी देते हुए विभावि के पीआरओ डॉ प्रमोद कुमार ने देते हुए बताया कि इससे विद्यार्थी अनावश्यक परेशानी से बच सकेंगे। उनका वक्त भी बचेगा और पैसे की भी बचत होगी।

कुलपति के इस महत्वपूर्ण निर्णय के आलोक में विद्यार्थी अपना डिग्री, प्रोविजनल प्रमाण पत्र, डुप्लीकेट अंक पत्र एवं माइग्रेशन अब ऑनलाइन ले पाएंगे।

इस प्रावधान को लागू करने वाला झारखंड का पहला विश्वविद्यालय विनोबा भावे विश्वविद्यालय होगा, जहां एक साथ चार-चार दस्तावेज ऑनलाइन से उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके अलावा उन सभी दस्तावेज जिसकी आवश्यकता विद्यार्थियों को होगी, उन्हें विश्वविद्यालय के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

पंजीकरण होने के बाद संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर मैसेज आएगा और ओटीपी प्राप्त होते ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

पोर्टल पर अलग-अलग पैनल उपलब्ध रहेंगे और अपनी जरूरत के अनुसार पैनल पर क्लिक कर डिग्री अथवा अन्य कागजात निकाल सकेंगे।

पंजीकरण के बाद लॉगिन करना होगा। जिस दस्तावेज के लिए आवेदन करेंगे, वह पोर्टल खुल जाएगा। पोर्टल पर मांगी गई सभी जानकारियां अपलोड करनी होंगी।

उसके पश्चात शुल्क जमा कर आवेदन फॉर्म की कॉपी ली जा सकेगी। फिर वांछित दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी यथाशीघ्र आवेदक को भेज दी जाएगी।

वहीं मूल प्रति स्पीड पोस्ट से भेजी जाएगी। इसकी टेकिंग आईडी से आवेदक प्रमाण पत्र की स्थिति की जानकारी ले सकेंगे।

झारखंड हाईकोर्ट का आदेश: रूपा तिर्की के परिजनों को दी जाए सुरक्षा

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29 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
29 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

रांची। रूपा तिर्की की मौत के मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने रांची एसएसपी को दिवंगत रूपा के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है । झारखंड हाईकोर्ट ने रांची SSP को सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि रूपा के परिवार वालों को सुरक्षा प्रदान की जाए ।

29 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

झारखंड हाईकोर्ट में रूपा तिर्की के पिता के द्वारा दायर क्रिमिनल रिट पर गुरुवार को सुनवाई हुई । सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दायर करने का निर्देश देते हुए इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई का दिन निर्धारित किया है ।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई

न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये रूपा तिर्की के पिता की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से अदालत को बताया गया कि रूपा तिर्की प्रकरण की जांच के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है। जिस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि सीआरपीसी में इस तरह का कोई प्रोविजन नहीं है। इससे पहले रूपा तिर्की के पिता देवानंद तिर्की की याचिका ने मामले में जल्द सुनवाई का आग्रह किया था।

पुलिस ने पिता को भी बनाया था आरोपी

वहीं दूसरी तरफ झारखंड पुलिस ने इस मामले में रूपा तिर्की के पिता को भी आरोपी बनाया है. जानकारी के मुताबिक रूपा तिर्की मौत मामले में जांच के दौरान साहिबगंज पुलिस ने रूपा तिर्की के पिता देवानंद उरांव को भी आप्राथमिकी अभियुक्त आप्राथमिकी का आधार रूपा तिर्की के पिता देवानंद उराव और रूपा तिर्की के ब्वॉयफ्रेंड सब इंस्पेक्टर शिव कुमार कनौजिया के बीच हुई बातचीत को बनाया गया है. पुलिस का दावा है कि उनके पास दोनों के बातचीत का एक ऑडियो, सबूत के रूप में मौजूद है.

चतरा में सालाना 5 अरब रुपए का होता है अफीम का कारोबार

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मादक द्रव्यों के उत्पादन का हब बनता जा रहा चतरा
SP ने स्वीकारा, मादक द्रव्यों के उत्पादन का हब बनता जा रहा चतरा

चतरा/गीतांजलि:- चतरा जिले में जिस बात का डर था, अब वही होने लगा है।पूर्व में चतरा जिले को उग्रवादियों के गढ़ के रूप में जाना जाता था ।मगर अब चतरा का पहचान अफीम की खेती के साथ-साथ अफीम से बने ब्राउन शुगर के उत्पादन के लिए विशेष रूप से होने लगा है।चतरा जिले के अंदरूनी इलाकों में अफीम के साथ साथ ब्राउन सुगर का भी उत्पादन बड़े पैमाने पर होने लगा है।

चतरा से दिल्ली,पंजाब,यूपी और हरियाणा तक होती है ब्राउन शुगर एवं अफीम की सप्लाई
चतरा से दिल्ली,पंजाब,यूपी और हरियाणा तक होती है ब्राउन शुगर एवं अफीम की सप्लाई

इस बात का खुलासा चतरा के एसपी ऋषभ झा ने की है ।उन्होंने बताया कि तकरीबन करोड़ रुपए प्रति किलो बिकने वाला ब्राउन शुगर का चतरा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में अब उत्पादन होने लगा है। इसके साथ ही सबसे खतरनाक पहलू यह है कि चतरा के युवाओं में भी ब्राउन शुगर की लत लग रही है। हालांकि इस पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कई अभियान चलाए हैं, जिनमें कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नुक्कड़ नाटक एवं सप्लाई चेन तोड़ने की कवायद पर जोर दिया गया है। एसपी झा ने बताया है कि पिछले 1 वर्ष में चतरा जिला से तकरीबन 2 किलो ब्राउन शुगर बरामद किया गया है। इसके अलावा करीब 500 किलोग्राम अफीम,10000 किलोग्राम डोडा और 22 लाख रुपए नगद के साथ-साथ अफीम तस्करी से जुड़े 130 लोगों को जेल भेजा गया है।

गौरतलब है कि पिछले डेढ़ दशकों से चतरा में अफीम की खेती हो रही है। चतरा जिला के भौगोलिक क्षेत्र का लाभ उठाकर अब ऐसे जमीन पर खेती हो रही है जो ज्यादातर वन भूमि एवं सरकारी जमीन है ।उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अफीम तस्करी के तार देश की राजधानी दिल्ली,उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा से जुड़े हुए हैं ।उन्होंने बताया कि चतरा के कई अफीम तस्कर पंजाब,हरियाणा,यूपी एवं दिल्ली से गिरफ्तार किए गए हैं ।इससे साफ होता है कि चतरा के अफीम तस्करों का तार देश की राजधानी के साथ-साथ बड़े शहरों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन के द्वारा अफीम की खेती का विनष्टीकरण अभियान चलाया जाता है ।उसके बाद अफीम के सप्लाई चैन को तोड़ने को लेकर पूरे क्षेत्र में अभियान चलाया जा रह हैं। बावजूद इसके अफीम की तस्करी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अफीम तस्करी के लिए कोई ऑर्गेनाइजड सिंडिकेट यानी संगठित गिरोह नहीं काम कर रहा है बल्कि स्थानीय स्थानीय स्तर पर ही गिरोह बनाकर अफीम की तस्करी बड़े पैमाने पर की जाती हैं ।

पुलिस-प्रशासन एवं सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद भी अफीम की खेती पर नकेल नहीं कसा जा सका है।हालांकि एसपी ऋषभ झा सशक्त सूचना तंत्र के कारण पिछले कुछ महीनों से अफीम तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है और भारी मात्रा में अफीम के साथ-साथ ब्राउन शुगर भी बरामद किया जा रहा है।लेकिन दुर्भाग्य से स्थानीय युवाओं के द्वारा ही अफीम से ब्राउन शुगर बनाने मिनी प्लांट भी लगाया गया है जो काफी खतरनाक माना जा रहा है।

चतरा जिला के राजपुर,हंटरगंज,प्रतापपुर,कुंदा,लावालौंग,सिमरिया, गिधौर,पथलगड्डा,इटखोरी आदि थाना क्षेत्रों में सबसे ज्यादा अफीम की खेती होती है। पुलिस-प्रशासन एवं अन्य सामाजिक संगठनों के द्वारा भी अफीम की खेती से चतरा जिला को उबारने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि राज्य सरकार अफीम की खेती पर नकेल कसने के लिए जब तक कोई व्यापक रणनीति नहीं बनाएंगे तब तक शायद अफीम की खेती पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव नहीं हो पाएगा।

हॉकी की नर्सरी सिमडेगा की बेटी का टोक्यो ओलंपिक के लिए महिला हॉकी टीम में चयन

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सलीमा और निक्की, टोक्यो ओलंपिक के लिए महिला हॉकी टीम में हुई चयनित
सलीमा और निक्की, टोक्यो ओलंपिक के लिए महिला हॉकी टीम में हुई चयनित

सिमडेगा: हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले सिमडेगा की दो बेटियों का चयन टोक्यो ओलंपिक के लिए महिला हॉकी टीम में हुई है, जिसपर पूरे जिले गौरवान्वित महसूस कर रहा है। देखा जाए तो देश के लिए ओलंपिक गोल्ड जीतना हर खिलाड़ी का अपने जीवन भर का लक्ष्य होता है वही, अब झारखंड में सिमडेगा की बेटी सलीमा टेटे को यह मौका मिला है। सलीमा टेटे का चयन टोक्यो ओलंपिक में महिला हॉकी टीम में हुआ है। वहीं अब सलीमा टोक्यो ओलंपिक में भारत के जीत के लिए भारतीय महिला हॉकी में भारत को गोल्ड दिलाने के लिए पूरे दम खम लगाते नजर आएंगी।

ओलंपिक में गोल्ड के लिए दम लगाएंगी सिमडेगा की बेटियां
ओलंपिक में गोल्ड के लिए दम लगाएंगी सिमडेगा की बेटियां

महिला हॉकी की राष्ट्रीय टीम में सिमडेगा की बेटी सलीमा टेटे के साथ झारखंड की निक्की प्रधान का भी चयन किया गया है। झारखंड की दोनों बेटियों के भारत की महिला हॉकी टीम में चयन से सिमडेगा जिले भर का खेल जगत गौरवान्वित महसूस कर रहा वहीं पूरे जिले में जबर्दस्त उत्साह का माहौल देखा जा रहा है । हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला सिंह हॉकी सिमडेगा के सचिव मनोज कोंबेगी सहित हॉकी के पदाधिकारियो ने दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं।

सिमडेगा की बेटी सलीमा टेटे के चयनित होने पर सिमडेगा जिले में खास तौर से उत्साह का माहौल है। सलीमा के चयन पर स्थानीय हॉकी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की है। उनका कहाना है कि करीब 40 वर्षों के बाद सलीमा के रूप में सिमडेगा ने ओलंपिक के लिए भारत के लिए खेलने वाला हॉकी खिलाड़ी दिया है।

टोक्यो ओलंपिक के लिए चुनी गई भारतीय महिला हॉकी टीम
टोक्यो ओलंपिक के लिए चुनी गई भारतीय महिला हॉकी टीम

ज्ञात हो कि इस टीम में स्क्वॉडगोलकीपर-सविताडिफेंडरः दीप ग्रेस एक्का, निक्की प्रधान(झारखंड), गुरजीत कौर, उदितामिडफिल्डर- निशा, नेहा, सुशील चानू पुखरांबम, मोनिका, नवजोत कौर, सलीमा टेटे (झारखंड)फारवर्ड- रानी, नवनीत कौर, ललरेमसिआमी, वंदना कटारिया, शर्मिला देवी भारत की ओर से शामिल रहेंगी। जबकि हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले सिमडेगा ने अबतक कई हॉकी के रत्नों को भारतीय टीम को सोपा जिनके द्वारा भारत का नाम विश्व पटल पर सुर्खियां बटोरी है।
जाने कितने हॉकी के रत्न को सिमडेगा ने इतिहास गढ़ने के लिए दिया है…

 

अब तक झारखंड से ओलंपिक के लिए सिमडेगा से चयनित हुए हॉकी खिलाड़ी

1928 जयपाल सिंह मुंडा
1972 माईकल किंडो
1980 सिलबानुस डुंगडुंग
1984 मनोहर टोपनो
1992 अजीत लकड़ा
2016 निक्की प्रधानऔर अब 2021 सलीमा टेटे एवम निक्की प्रधान