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मोदी और योगी का ‘राम

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मोदी-योगी के बीच "राम-राम"
मोदी-योगी के बीच “राम-राम” या “जयश्री राम” ?

1977 में इस देश में ‘वोट क्रांति‘ का एहसास हुआ था। लोकसभा के चुनाव में राजनैतिक सर्वशक्तिमान की पर्याय इंदिराजी की पार्टी कांग्रेस ने लोकसभा में न सिर्फ अपना बहुमत खोया,स्वयं इंदिराजी अपनी रायबरेली सीट गंवा बैठी। लेकिन,ढाई साल बीतते- बीतते चौधरी चरण सिंह मोरारजी देसाई की सरकार से अलग हुए, जनता पार्टी छोड़ी और इंदिराजी की कांग्रेस के सहयोग से प्रधानमंत्री बन बैठे।

लेकिन,इसके पहले कि वह लोकसभा में अपना बहुमत सिद्ध कर पाते, इंदिराजी की कांग्रेस ने चौधरी चरण सिंह की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। कोई भी पार्टी, कोई भी नेता सरकार बना पाने की स्थिति में नहीं था, सो मध्यावधि चुनाव हुए।जनता पार्टी के दोनों गुटों की आपसी लड़ाई का फायदा इंदिरा जी को मिला और महज ढाई तीन वर्षों में इंदिरा जी दुबारा प्रधानमंत्री बन पाने में सफल हुई।

जब-जब किसी की उपेक्षा की गई,  सत्ता पलटी है 

….. उत्तरप्रदेश में मुलायम सिंह यादव ने 2012 में ही अखिलेश यादव को अपना राजनैतिक वारिस भी घोषित कर दिया था।2012 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी ने अखिलेश के नेतृत्व में लड़ा, स्पष्ट बहुमत हासिल किया और अखिलेश मुख्यमंत्री बने। 2017 का विधानसभा चुनाव आते-आते मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव ने खुद को उपेक्षित महसूस किया, समाजवादी पार्टी के भीतर वर्चस्व की लड़ाई हुई, पार्टी के भीतर,परिवार के भीतर की लड़ाई में भतीजे ने चाचा को हरा दिया, लेकिन विधानसभा के लिए चुनावी जंग हार गए।

मोदी-शाह की पहली पसंद नहीं थे योगी 

….. उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव,2022 सर पर हैं। लगभग साढ़े चार साल से योगी आदित्यनाथ भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री हैं । प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह बार-बार घोषणा कर रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव योगीजी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा… लेकिन, इसे कोई गंभीरता से नहीं ले रहा ।  क्योंकि पिछले 8 वर्षों से भाजपा के चुनावी चेहरा नरेन्द्र मोदी-अमित शाह योगी आदित्यनाथ से आहत बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर,योगी आदित्यनाथ मोदी-शाह की जोड़ी से आहत हैं।

योगी ने खुद को अगले प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया ? 

मोदी-शाह की शिकायत है कि 2017के विधानसभा चुनाव में जो तीन-चौथाई सीटें मिली थीं,वह मोदीजी के चेहरे पर मिली थी। चुनावी परिदृश्य में योगीजी कहीं थे नहीं। अगर,आरएसएस ने अपना वीटो नहीं लगाया होता,तो योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री नहीं हुए होते। लेकिन, मुख्यमंत्री बननेके बाद योगीजी ने मोदीजी के वर्चस्व को तोड़ने की कोशिश की है । मोदीजी के समानान्तर खुदको स्थापित करने की कोशिश की है, ‘मोदी के बाद योगी’के नारे लगवाए हैं । सोशल मीडिया पर, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में भी प्रायोजित विज्ञापन- खबरों से चुनौती पेश करने की कोशिश की है और मोदी-शाह की जोड़ी यह बर्दाश्त कर पाने की स्थिति में नहीं है।

राम मंदिर आंदोलन का श्रेय देने में गोरखनाथ पीठ की उपेक्षा की गई 

दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ की शिकायत है कि राम जन्मभूमि मुक्ति आन्दोलन और श्रीराम मंदिर निर्माण आन्दोलन के आरंभिक दौर 1949से ही गोरखपुर के महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्यनाथ की महती भूमिका रही है। इन दोनों महंतों के सार्वजनिक योगदान के वह वारिस रहे हैं, लेकिन 5अगस्त,2020को मंदिर का शिलान्यास समारोह में उनको उचित तवज्जो नहीं दी गई। शिलान्यास नरेन्द्र मोदी ने किया,जबकि आन्दोलनमें उनका व्यक्तिगत योगदान नगण्य रहा है। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री जरूर हैं, लेकिन उप-मुख्यमंत्री, मंत्री,विधायक,नौकरशाही पर मोदी-शाह ने अपना वर्चस्व बनाए रखा है और वह उन्मुक्त होकर अपनी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं।

जारी है शह और मात का खेल

केशव प्रसाद मौर्य का ये कहना कि मुख्यमंत्री पर फैसला चुनाव बाद होगा या मोदी के भरोसेमंद ए. के. शर्मा का पार्टी उपाध्यक्ष बनाना यूँ ही नहीं है ।  आपसी वर्चस्व की इस लड़ाईमें मोदी-शाह योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाकर चुनावी जंग में जाना चाहते थे। लेकिन, यहां पर आरएसएस ने अपना वीटो लगा रखा है। योगी आदित्यनाथ को हटाने का मतलब होगा-मुस्लिम विरोधी कट्टर हिन्दू वोटों का बिदकना। नफरत-विद्वेष,उन्माद फैलाने के अतिरिक्त कुछ भी सकारात्मक रचनात्मक और सृजनात्मक बताने- कहने के लिए भाजपा के पास है नहीं।

भाजपा से इतर गोरखनाथ धाम में अपने समर्थकों के साथ योगी की गुप्त मीटिंग

एक तरफ मोदी-शाह और दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ की जंग उस मुकाम पर पहुंच गई है कि योगी आदित्यनाथ भाजपा से बाहर जाकर अपने मृतप्राय संगठन पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं। 18जून को दैनिक जागरण में छपी खबर इसी बात की तस्दीक कर रही है। योगी आदित्यनाथ अपने गढ़ गोरखपुर में अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श तो कर रहे हैं, लेकिन भाजपा का झंडा-पताका गायब है। इस जंग में लाभ किसी का भी हो,हानि सिर्फ और सिर्फ मोदीजी की होनी है।

जीते तो वाह-वाह योगी, हार गये तो हाय-हाय मोदी

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव,2022अगर भाजपा जीतती है,तो श्रेय योगीजी को मिलेगा और वह पार्टी के भीतर मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरेंगे और 2024 लोकसभा का चुनाव में भाजपा का चेहरा मोदी नहीं योगी होंगे। अगर, उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव,2022 में भाजपा हारती है,तो उसका एक बड़ा कारण कोरोना की दूसरी कहर के दौरान कुप्रबंधन और कुव्यवस्था को जाएगा।इसका खामियाजा मोदीजी को ही भुगतना होगा क्योंकि कुप्रबंध और कुव्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर रही है,सिर्फ उत्तरप्रदेश में नहीं।

अमर बाउरी के समर्थन में उतरा दलित समाज, इरफान अंसारी से माफी की मांग

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दलित विधायक अमर बाउरी को “साउथ इंडियन गुंडे जैसा दिखता है” कहना कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी को महंगा पड़ सकता है। झारखंड के अनुसूचित जाति के लोगों में इसकी तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसी मुद्दे पर अनुसूचित जाति समाज की बैठक राजधानी रांची के कोकर में हुई । बैठक की अध्यक्षता अंनुसूचित जाति महासभा कें राष्ट्रीय महासचिव उपेंद्र कुमार रजक ने किया।  बैठक में अनुसूचित जाति के महासचिव रंजन पासवान विशेष रूप से उपस्थित हुए ।

इरफान अंसारी ने कहा था कि अमर बाउरी "साउथ के गुंडे" जैसे दिखते हैं
दलित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को “साउथ इंडियन फिल्मों का गुंडा जैसा” बताना कितना उचित – अनुसूचित जाति महासभा

राज्य भर के SC-ST थानों में दर्ज कराई जाएगी FIR

जामताड़ा के कांग्रेस विधायक द्वारा चंदनक्यारी के दलित विधायक अमर बाउरी को साउथ इंडियन गुंडा कहने पर अंनुसूचित जाति महासभा ने कड़ा एतराज जताया । महासभा के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि किसी दलित विधायक को अनके चमड़े का रंग या जाति के आधार पर गुंडा कहना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये राज्य के सभी दलितों का अपमान है।  इरफान अंसारी कांग्रेस पार्टी एवं राज्य सरकार का संरक्षण में उलुल- जुलल अमर्यादित बयान दे रहे हैं । इस बयान को कांग्रेस पार्टी एवं सरकार गंभीरता से लें अन्यथा अनुसूचित जाति समाज के लोग समय आने पर सबक सिखाना जानते हैं।  अंनुसूचित जाति महासभा ने इरफान अंसारी से विवादित बयान पर सर्वजनिक रूप से 48 घंटे के अंदर माफी मांगने को कहा नहीं तो सभी Sc /St थानों में एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही है।

दलितों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज़ को दबाना चाहती है सरकार

उन्होंने कहा कि इरफान अंसारी कांग्रेस पार्टी व सरकार राज्य में दलितों पर हो रहा अत्याचार और उनके न्याय के लिए उठने वाले आवाज को दबाना चाहती है । उनके टिप्पणी से अनुसूचित जाति समाज आहत है।  उन्होंने कहा कि अमर्यादित बयान पर अब दलित समाज के लोग चुप नहीं बैठेंगे । इसका हर स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा । यदि जरूरत पड़ा तो पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा ।

झारखंड अनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज
झारखंड अनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज

बैठक में मुख्य रूप से शामिल थे

बैठक में अनुसूचित जाति महासभा के राष्ट्रीय महासचिव उपेंद्र कुमार रजक पासवान कल्याण समिति के संरक्षक रंजन पासवान रविदास परिवार के संरक्षक राम लगन राम वाल्मीकि महासभा के अध्यक्ष भगत बाल्मीकि धोबी महासंघ के युवा अध्यक्ष राजू कुमार रजक संत गाडगे संस्थान के सचिव राजेश कुमार रजक ध्रुव हरि ,,अशोक राम, राकेश राम सहित अन्य *सामाजिक संगठन के मुखिया आदि मौजूद थे।

इसके अलावा रणधीर रजक ,विनोद राजन, गोविंदा बाल्मीकि, छोटू पासवान, अमन राज,, वीरू पासवान, जगदीश दास, सगर पासवान,, राजेश रजक, अजय पवार आदि भी मौजूद रहे ।  यह जानकारी संतोष कुमार ने दी ।

दलितों को “साउथ का गुंडा” कहने पर बढ़ा बवाल, अमर बाउरी ने इरफान अंसारी को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

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इरफान अंसारी ने कहा था कि अमर बाउरी "साउथ के गुंडे" जैसे दिखते हैं
इरफान अंसारी ने कहा था कि अमर बाउरी “साउथ के गुंडे” जैसे दिखते हैं
रांची। झारखंड में दलितों के मुद्दे को लेकर बोकारो के चंदनक्यारी से भाजपा विधायक अमर बाउरी और जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी अब आमने-सामने हैं । जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी के बयान पर बोकारो के चंदनक्यारी के भाजपा विधायक अमर बावरी ने इरफान अंसारी को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अंसारी माफी मांगें, नहीं तो आगे की कार्रवाई के लिए तैयार रहें ।
इरफान अंसारी ने एक दलित को साउथ इंडिया का गुंडा कहा- बाउरी 
चंदनक्यारी के विधायक अमर बावरी ने बोकारो में प्रेस वार्ता के दौरान ये बातें कहीं हैं । उन्होंने कहा कि इरफान अंसारी ने एक दलित को साउथ का गुंडा कहा है. उनका ये बयान दर्शाता है कि उनका और उनके पार्टी का सोच साउथ और दलितों के लिए क्या है । अमर बावरी का कहना है कि इससे पहले भी उन्होंने इस तरह का बयान दिया है । बावरी ने कहा कि पहले अंसारी के बयान को वह नजरअंदाज कर चुके हैं लेकिन दोबारा इस तरह की हरकत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और उसके लिए अब जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी को दलितों के अपमान करने के आरोप में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा ।

दलितों और साँवले लोगों के प्रति घटिया सोंच 

भाजपा विधायक ने कहा कि इरफान अंसारी की दलितों और साँवले लोगों के प्रति घटिया सोंच को दर्शाता है।  संविधान ने हमें यह अधिकार दिया है कि दलितों की रक्षा किस तरीके से की जाती है । संविधान के नियमों के तहत ही अंसारी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे कि प्रक्रिया की जाएगी । अगर  24 घंटे के अंदर वो माफी नहीं मांगते हैं तो वह इसके लिए तैयार रहें ।

महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस के बीच खटास बढ़ी, उद्धव ने कहा

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क्या राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय दलों के महामोर्चे की बात से नाराज है कांग्रेस?
क्या राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय दलों के महामोर्चे की बात से नाराज है कांग्रेस?

महाराष्ट्र सरकार की बस इतनी सी कहानी है । कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस अगला चुनाव अकेले लड़ेगी, उद्धव ने कहा कि अकेले लड़ने की बात करने वाले को जनता जूतों से पीटेगी और एनसीपी मजा लेते हुए कह रही है कि कुछ भी हो “जूतों से पीटने” वाली बात नहीं कहनी चाहिए थी, ये तो गठबंधन धर्म का अपमान हो गया।

उद्धव ने कांग्रेस को हैसियत याद दिलाई

शिवसेना के 55 वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के कुछ नेताओं को अपनी हैसियत में रहने की सलाह दे डाली। कांग्रेस के अपने दम पर चुनाव लड़ने के मुद्दे पर ठाकरे ने कहा कि कुछ लोग अपने बल पर चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। कोरोना काल में हृदयविदारक स्थिति है। लोगों का रोजगार गया, रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में अगर कोई अकेले लड़ने की बात करेगा, तो लोग जूतों से मारेंगे।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कही थी अलग चुनाव लड़ने की बात

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा था कि कांग्रेस की बदौलत महाराष्ट्र की सरकार चल रही है, कांग्रेस किसी की बदौलत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान इजाजत दे तो कांग्रेस अगला चुनाव अकेले लड़ने को तैयार है । उन्होंने यह भी कहा था कि अगर राहुल गांधी इशारा भर कर दें तो वे महाराष्ट्र का सीएम बनने को तैयार हैं। नाना पटोले के इसी बयान के बाद उद्धव ठाकरे ने जूता मारने वाली बात कही ।

तीसरे पार्टनर NCP का क्या है रुख ?

एनसीपी ने कांग्रेस और शिवसेना के बीच चल रही बयानबाज़ी से खुद को अलग रखा है। बहुत कुरेदने पर नवाब मलिक ने बस इतना कहा कि दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को इस तरह की बयानबाज़ी से बचना चाहिए। उधर कांग्रेस नेता संजय राऊत ने उद्धव ठाकरे को गठबंधन धर्म की याद दिलाई है।

संजय निरुपम ने शिवसेना को गठबंधन धर्म की याद दिलाई
संजय निरुपम ने शिवसेना को गठबंधन धर्म की याद दिलाई

20 June 2021

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पाकिस्तानी

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क्या बिहार पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का बेस कैंप बनता जा रहा है ? क्या बिहार के कई शहरों में ISI ने स्लीपर सेल बना रखे हैं ? बंगाल-बिहार की सीमा और नेपाल बॉर्डर देश में आतंक का नया ठिकाना बनता जा रहा है ? इंटेलिजेंस एजेंसीज की माने तो बिहार-बंगाल और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों की हालत कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट से भी ज्यादा खराब हो सकती है ।

बांका मदरसा विस्फोट की घटना को बिहार पुलिस ने सिलेंडर ब्लास्ट क्यों बताया?
बांका मदरसा विस्फोट की घटना को बिहार पुलिस ने सिलेंडर ब्लास्ट क्यों बताया? 

बिहार-बंगाल बॉर्डर बना पाकिस्तानी आतंकियों का नया ठिकाना

बिहार को शुरू से ही आतंकियों का सेफ पैसेज कहा जाता रहा है। कई जांच रिपोर्ट में आतंकियों द्वारा घटना को अंजाम देने के बाद बिहार के रास्ते ही नेपाल या बांग्लादेश निकल भागने की बात कही जा चुकी है। खुफिया एजेंसियों की माने तो आतंकियों द्वारा बिहार को हमेशा से एक माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। लेकिन अब आतंकी संगठन बिहार में अपनी जड़ें मजबूत कर रहे हैं। अब बिहार आतंकियों के भागने का रास्ता नहीं बल्कि आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बेस कैंप की तरह इस्तेमाल हो रहा है। कुछ-कुछ ऐसा ही बेस कैंप जैसा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में है।

स्थानीय लोगों में डर का माहौल

बिहार के दरभंगा, किशनगंज, पूर्णियां, अररिया जैसे जिलों में अचानक से बांग्लादेशी और उर्दू बोलने वाले मुसलमानों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। किसी को नहीं पता कि हजारों-लाखों की संख्या में ये लोग कहां से आए हैं। लेकिन स्थानीय नेता वोटबैंक की खातिर इन अनजान लोगों का आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवा रहे हैं। यहां के मूल निवासियों को इन्होने मारपीट कर भगा दिया और ये घटनाएं बदस्तूर जारी है ।

पूर्णिया में दलितों की बस्ती पर 200 हथियारबंद मुसलमानों ने हमला किया
पूर्णिया में दलितों की बस्ती पर 200 हथियारबंद मुसलमानों ने हमला किया, जान बचाकर भागे दलित

23 मई 2021

पूर्णिया के एक दलित बस्ती में 200 मुसलमानों का हथियारों के साथ हमला करना और बस्ती जलाकर उन्हें वहां से भगाने की कोशिश करना क्या सिर्फ एक आपराधिक घटना थी या इसके पीछे एक बड़ी साजिश है ?

पूर्णिया की घटना के ठीक एक दिन बाद किशनगंज में एक दलित व्यक्ति की उसी मोहल्ले के मुसलमानों द्वारा गडासे से काटकर की गई हत्या भी क्या महज एक आपराधिक वारदात थी ?

बिहार के लिए दोनों इलाके अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है। और भारत में जिसे ‘ चिकन नेक ‘ कहा जाता है उससे महज 8 किलोमीटर दूरी पर यह दोनों घटनास्थल स्थित है।

8 जून 2021 को बांका के मदरसे में हुए ब्लास्ट से जहां पूरा मदरसा ही ढह गया। वही मदरसे का मौलवी इस विस्फोट में मारा गया। लेकिन विस्फोट के वक्त मदरसे में मौजूद सात से आठ लोग भागने में कामयाब रहे।

बांका मदरसे में हुए विस्फोट की जांच एनआईए को सौंपी गई। आश्चर्य की बात यह है कि एनआईए जांच शुरू करें इसके पहले ही बिहार पुलिस जिसने इस विस्फोट को गैस सिलेंडर का विस्फोट बताया था। एनआईए जांच की बात सामने आते ही आनन-फानन में देसी बम विस्फोट की कहानी गढ़ दी।

बांका में जिस तरह की घटना हुई है उससे पश्चिम बंगाल के बर्धमान में हुए धमाकों की याद ताजा कर दी है। दरअसल वर्धमान की घटना में बांग्लादेश के आतंकी संगठन जमायत उल मुजाहिदीन का हाथ सामने आया था। अब यह देखना है कि एनआईए की जांच में क्या सामने आता है। क्योंकि वर्धमान के जिस मकान में विस्फोट हुआ था उसमें विस्फोटक से आईडी बम बना रहे थे। बांका में जहां विस्फोट हुआ वहाँ भी एक बॉक्स का हिस्सा मिला है।

किशनगंज के मुस्लिम बहुल ईलाकों में ISIS में शामिल होने की अपील करने वाले पोस्टर (फाइल)
किशनगंज के मुस्लिम बहुल ईलाकों में ISIS में शामिल होने की अपील करने वाले पोस्टर (फाइल)

8 जून को हुए बांका मदरसा में हुए ब्लास्ट के ठीक 24 घंटे बाद यानी 9 जून को बिहार के ही अररिया जिले में हुए धमाके की खबर ने सूबे के लोगों को सकते में डाल दिया। अररिया बम धमाके में मोहम्मद अफरोज नामक एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति का दाहिना हाथ उड़ गया। और इसके आसपास कई जिंदा बम भी बरामद किए गए।

16 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर धमाका होने के बाद यह शक गहराने लगा है कि बिहार में कोई गहरी साजिश रची जा रही है। हालांकि दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोट के इंटेंसिटी ज्यादा नहीं थी। लेकिन अहम बात यह है कि धमाका किसी बारूद से नहीं बल्कि लिक्विड से हुआ था। दरभंगा रेलवे स्टेशन विस्फोट मामले की जांच भी एटीएस को सौंपी गई है।

-दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हैदराबाद से आए पार्सल में धमाका हुआ था। महत्वपूर्ण बात यह है की पार्सल पाने वाले जगह पर दरभंगा के मोहम्मद सुफियान का नाम तो लिखा है। लेकिन पार्सल के पैकेट पर मोहम्मद सुफियान का पता फर्जी पाया गया है। तो क्या यह माना जाए कि आतंकी संगठन द्वारा बिहार में केमिकल बम बनाने की तैयारी शुरू की जा रही है।

जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने वाले हिदायतुल्ला मलिक का बिहार कनेक्शन

इसी साल फरवरी में जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के रहने वाले आतंकवादी हिदायतुल्ला मलिक ने बिहार से हथियार मंगाने के लिए नेटवर्क बनाया है। उन्होंने बताया था कि बिहार से अब तक 7 पिस्तौल मंगा कर आतंकवादियों के बीच बांट दिया गया है। दरअसल सुरक्षाबलों ने कुछ लड़कों को गिरफ्तार किया था जिसमें बिहार के तीन युवक भी शामिल थे। तब डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया था कि आतंकवादी हिदायतुल्ला ने पंजाब में पढ़ने वाले कश्मीर के कुछ छात्रों के साथ बिहार के कुछ छात्रों को भी अपने साथ शामिल कर लिया है। वह कश्मीर और जम्मू में किसी भी तरह की गतिविधि और बाहर से हथियारों को लाने के लिए उनका इस्तेमाल कर रहा था।

बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी आतंकी
बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी आतंकी

क्या दरभंगा आतंकवादियों के लिए पनाहगाह है ?
बिहार का दरभंगा जिला भी आतंकवादियों के लिए पनाहगाह के रूप में देखा जा रहा है। 2014 से पहले हुए देश में कई जगह पर बम ब्लास्ट के मामले में जितने आतंकी पकड़े गए थे उनमें से एक दर्जन दरभंगा जिले के ही रहने वाले थे। दरभंगा के कफील अहमद वसी, अहमद शेख मोहम्मद, आदिल गयूर अहमद, जमाली आफताब आलम जैसे कई नाम इसी जिले के थे। इसके अलावा नेपाल से सटे मोतिहारी जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन के यासीन भटकल और अब्दुल असगर उर्फ हड्डी, मधुबनी के मदनी की गिरफ्तारी ने भी यह साबित कर दिया था कि बिहार को आतंकवादी अपने पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

चिकन नेक कटने पर ही मुसलमानों को आजादी मिल सरकी है- शरजील ईमाम

जेएनयू (JNU) छात्र शरजील इमाम ने असम समेत पूरे उत्तर पूर्व भारत को शेष भारत से काटने की बात कही थी। जेएनयू में उसने कहा था कि ‘चिकन नेक’ के कटने से ही हम लोगों को आजादी मिल सकेगी। बता दें कि देशद्रोही बयान देने वाला यह शरजील इमाम भी बिहार के जहानाबाद का ही रहने वाला है। इसके बाद देशद्रोही बयान देने वाले शरजील इमाम पर देश के 6 राज्यों में देशद्रोह का मामला दर्ज कराया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद शरजील इमाम भी नेपाल भागने की फिराक में था लेकिन पुलिस ने नेपाल भागने के पहले ही जहानाबाद से उसे गिरफ्तार कर लिया था।

19 June 2021

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61 करोड़ रुपये खर्च कर बिरसा ग्राम कृषि पाठशाला की होगी शुरुआत

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झारखंड सरकार बिरसा ग्राम विकास योजना कृषक पाठशाला की शुरुआत करने जा रही है । यह योजना दो भागों में होगी, पहले भाग में राज्य के प्रत्येक जिले में एक कृषक पाठशाला की स्थापना की जाएगी । इसमें कृषि प्रक्षेत्र स्थापित किया जाएगा। इसमें उन्नत कृषि तकनीक,  उद्यानिक फसलों,  पशुपालन, मत्स्य पालन, सिंचाई आदि की शिक्षा दी जाएगी।

योजना की जानकारी देते झारकंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख
योजना की जानकारी देते झारकंड के कृषि मंत्री

कृषक पाठशाला (Agriculture School) में स्थानीय कृषकों का क्षमता विकास करते हुए उन्हें  पशुपालन क्षेत्र ,मत्स्य पालन, सूकर पालन इत्यादि में दक्ष बनाते हुए रोजगार उन्मुख कृषि करने की शिक्षा दी जाएगी । सरकार का मकसद किसानों की आय बढ़ाना है। साथ ही साथ वैसे स्थानीय नागरिक जो कृषि कार्य से नहीं जुड़े हुए हैं को कृषक पाठशाला में भ्रमण कराकर कृषि क्षेत्र में हो रहे नई विकसित तकनीक से अवगत कराया जा सकेगा।

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि योजना के दूसरे भाग में राज्य भर में 45 बिरसा ग्राम क्लस्टर के तर्ज पर बिरसा सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे । बिरसा सेवा केंद्र अंतर्गत क्षेत्र के भौगोलिक संरचना के अनुसार 15 कस्टमाइज हियरिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिसमें स्थानीय आवश्यकता अनुरूप आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त कृषकों को बाजार अनुरूप प्रशिक्षण छोटे-छोटे एकत्रीकरण एवं संग्रहण केंद्रों भंडारण इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी।  इस योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2021 में 61 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

दूसरी बार केंद्रीय गृहमंत्री से मिले बंगाल के राज्यपाल

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कोलकाताबंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने’ शनिवार सुबह 11 बजे केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात की।48 घंटों के अंतराल में शनिवार सुबह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दूसरी बार मुलाकात करने के बाद धनखड़ ने कहा-‘बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से जिस तरह की हिंसा हो रही है, वैसी आजादी के बाद कभी नहीं देखी गई।

यह समय लोकतंत्र, संविधान और कानून व्यवस्था पर विश्वास करने का है। मैं नौकरशाहों और पुलिसकर्मियों से आचार संहिता और नियमों के दायरे में रहने की अपील करता हूं।राज्यपाल का शुक्रवार दोपहर दिल्ली से कोलकाता लौटने का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था लेकिन अमित शाह से मुलाकात के कारण इसे एक दिन बढा़ दिया था। राज्यपाल ने गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अत्यंत करीबी एके शर्मा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त

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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अत्यंत करीबी माने जाने वाले विधान परिषद सदस्य अरविंद कुमार शर्मा को भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति का पत्र जारी करने के साथ ही भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने उनको बधाई भी दी।

मऊ निवासी अरविंद कुमार शर्मा गुजरात कैडर के आइएएस अफसर रहे हैं। उन्होंने अपनी सेवा के दो वर्ष बाकी रहने से पहले ही स्वैछिक सेवानिवृति ली और सक्रिय राजनीति में उतरने के साथ भाजपा में शामिल हो गए। अरविंद कुमार शर्मा को भाजपा ने उत्तर प्रदेश में विधान परिषद सदस्य बनाया है। इसके बाद से ही उनको उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री बनाने की चर्चा जोरों पर थी। एके शर्मा को अब भाजपा के उत्तर प्रदेश संगठन में शामिल किया गया है। उनको पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

तेजस्वी

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तेजस्वी यादव और चिराग पासवान दोनों यंग हैं, दोनो डायनेमिक लीडर हैं। अगर दोनों साथ मिलकर काम करते हैं तो बिहार के भविष्य के लिए अच्छा होगा। जिस तरह चुनाव से पहले बीजेपी और चुनाव बाद नीतीश कुमार ने चिराग पासवान की पीठ में खंजर घोंपा है, उसके बाद उन्हें फैसला लेने का पूरा अधिकार है । ये बातें कांग्रेस नेता भक्तचरण दास ने लोजपा में टूट और चिराग पासवान को आरजेडी के ऑफर पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा ।

क्या चिराग और तेजस्वी हाथ मिलाएंगे ?
क्या चिराग और तेजस्वी हाथ मिलाएंगे ?

चिराग को लेना है फैसला

बिहार के प्रभारी भक्तचरण दास ने कहा कि महागठबंधन का दरवाजा चिराग के लिए खुला है, लेकिन फैसला उन्हें ही लेना होगा। चिराग अपने बारे में सोंच-विचार कर फैसला लें। कंफ्यूजन में रहकर राजनीति नहीं की जा सकती। चिराग और तेजस्वी ही बिहार का राजनीतिक भविष्य हैं। आज नहीं तो कल बुजुर्ग नेताओं को इनके लिए रास्ता छाड़ना ही होगा।

आरजेडी ने भी दिया है खुल्ला ऑफर

लोजपा में टूट के बाद लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद चिराग पासवान को खुला ऑफर दे चुकी है । राजद नेता शिवानंद तिवारी चिराग को राजद में आने पर स्वागत करने की बात कह चुके हैं । वहीं विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा था कि चिराग पासवान तेजस्वी के साथ आएं और मिलकर काम करें ।

 

 

अगर कुछ बदलाव से पार्टी मजबूत होती है तो हाईकमांड को ये करना चाहिए

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मैं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिला क्योंकि उनके साथ मेरे अच्छे संबंध हैं। यह शिष्टाचार मुलाकात थी। बैठक का कोई एजेंडा होगा तो बताएंगे। अगर किसी को बदलने से पार्टी मजबूत होती है तो आलाकमान कर सकता है । लेकिन मुझे लगता नहीं कि कोई बदलाव होगा। अपने दिल्ली दौरे पर पूछे गये सवाल पर झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरावं ने ये बयान दिया ।

12वें मंत्री पद बात करने में दिल्ली नहीं आया था

रामेश्वर उरावं ने कहा कि हम झारखंड कैबिनेट में बची हुई एक सीट के लिए दावा कर रहे हैं ये सच है। लेकिन किसे मंत्री रखना है और किसे नहीं, ये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विशेषाधिकार है । लेकिन मैं इतना स्पष्ट करना चाहूंगा कि इस बार न मैं और न ही सीएम हेमंत सोरेन 12वें मंत्री के लिए दिल्ली आए हैं।

मीडिया में लग रही अटकलों पर बोलने से इनकार

रामेश्वर उरावं ने कहा कि हाल में मीडिया में झारखंड सरकार, मंत्रिमंडल विस्तार और न जाने किन-किन मुद्दों पर अटकलें लगाई गईं। मैं बस इतना कहूंगा कि इनका कोई आधार नहीं है। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि हेमंत सोरेन की सरकार अच्छा काम कर रही है और यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी। इसकी मैं आपको गारंटी देता हूं।

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चंदवारा :- अवैध हथियार के साथ एक युवक को चंदवारा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले को लेकर पुलिस उपाधीक्षक संजीव कुमार,मायका इंस्पेक्टर सावन खाडिया,
चंदवारा थाना प्रभारी सोनी प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवलशाही थाना प्रभारी द्वारा सूचना मिली थी कि सिल्वर रंग की हुण्डई वर्ना कार सं०- जे एच 10 ए बी 0893 में एक व्यक्ति चंदवारा की तरफ जा रहा हैं जिसके पास अवैध हथियार होने की संभावना हैं। मिली सूचना के आधार पर थाना प्रभारी चन्दवारा के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया व त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे दिन में चंदवारा एनएच 31 फोर लेन बैरियर के पास मुख्य सड़क पर उक्त नंबर की वाहन को रोक कर तालाशी ली गयी। तलाशी में उक्त वाहन के चालक चंदन कुमार यादव उम्र 30 वर्ष पिता केदार यादव सा०- रायडीह, थाना- नवलशाही, जिला कोडरमा के पास से एक देशी कट्टा बरामद किया गया,देशी कट्टे के संबंध में कोई कागजात प्रस्तुत नही करने पर
जप्ती सूची तैयार कर जप्त किया गया। वही इस मामले को लेकर चंदवारा थाना कांड सं0- 58/21 धारा-25(1-बी)ए/26 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उक्त युवक को जेल भेज दिया गया।

जमशेदपुर : डुमरिया में हुई लूट की घटना का पुलिस ने किया उद्भेदन

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लूटकांड के गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस अधिकारी
लूटकांड के गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस अधिकारी

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र के पथरासाई गाँव निवासी हराधन महतो के घर में हुई लूट की घटना का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने छह अपराधकर्मियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए है। पुलिस ने सभी को पूछताछ के बाद शनिवार को जेल भेज दिया। इस पुरे काण्ड का उद्भेदन प्रभारी ग्रामीण एसपी सुभाष चन्द्र जाट ने एक प्रेस वार्ता कर किया।

पकड़े गए अभियुक्तों में डुमरिया के कसमार गाँव निवासी रविकान्त दत्ता उर्फ सोना, सपन कुमार दत्ता, राजकुमार गिरि, सरायकेला जिले के राजनगर खैरबनी का राहुल मुर्मू, उड़ीसा मयुरभंज का घासीराम महली उर्फ मन्टु उर्फ फौजी उर्फ आर्मी और धर्मेन्द्र पाल शामिल है। मामले की जानकारी देते हुए एसपी सुभाष चन्द्र जाट ने बताया कि 12 जुलाई को सभी अभियुक्तों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया था, और विरोध करने पर हराधन महतो और उनकी पत्नी को मारपीट कर घायल कर दिया था।

उन्होंने बताया कि इनकी निशानदेही पर लूटे गये जेवरात एवं मोबाईल तथा लूट में प्रयुक्त लंबा बैरल वाला देशी कट्टा और चाकू बरामद किया गया है। घटना के समय राजकुमार गिरि, सपन कुमार दत्ता तथा धरमेन्द्र पाल घर के बाहर रेकी कर रहे थे तथा अन्य ने घर में घुसकर घटना को अंजाम दिया था। इनलोगों ने कई अन्य आपराधिक मामले में भी अपनी संलिप्ता स्वीकार की है।

सिल्ली: विधायक ने किया राहे प्रखंड में सब्सिडी धान बीज वितरण की शुरुआत

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 राहे प्रखंड में सब्सिडी धान बीज वितरण करते सुदेश महतो
राहे प्रखंड में सब्सिडी धान बीज वितरण करते सुदेश महतो

राहे । प्रखंड सभागार में शनिवार को जेएसएलपीएस के महिला मंडल के सदस्यों के बीच सब्सिडी वाला हाईब्रिड धान बीज का वितरण विधायक सुदेश महतो ने किया। कृषि एंव पशुपालन विभाग के बीज विनिमय एंव वितरण कार्यक्रम के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर धान बीज दिया जायेगा।

इस अवसर पर विधायक ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास को सफल किया जा रहा है। कई क्षेत्र में महिला बेहतर काम कर रही है। हमें इसे बरकरार रखना है। प्रखंड में जेएसएलपीएस के123 महिला के बीच 1466 किलोग्राम धान बीज वितरण किया जायेगा। पंजीकृत महिला किसान को 95 रूपए प्रति किलो बीज देना है।

मौके पर जिला परिषद सदस्य रजिया खातुन,बीडीओ रवि प्रकाश, सीओ महेंद्र छोटन उरांव,बीपीएम शामा परवीन, सहित जेएसएलपीएस कर्मी उपस्थित थे।