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डॉ एमके सिंह बने विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के नए रजिस्ट्रार, पुराने को भावभीनी विदाई

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(संदीप सिन्हा)। विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के नए रजिस्ट्रार के रूप में सोमवार को डॉ एमके सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया।

इससे पहले वह इसी यूनिवर्सिटी में परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं तथा वर्तमान में एमबीए के निदेशक हैं।

इधर निवर्तमान कुलसचिव डॉ बंशीधर प्रसाद रूखैयार को वीसी चैंबर में पूरे सम्मान के साथ एक सादे समारोह में भावभीनी विदाई दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वीसी डॉ मुकुल देव नारायण ने डॉ रूखैयार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव का लाभ विश्वविद्यालय उठाएगा। उन्होंने उनके सुखद भविष्य की कामना की।

प्रोवीसी डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि डॉक्टर बंशीधर रुखैयार को वह हमेशा अनुज की तरह देखते रहे हैं।

नए कुलसचिव डॉ एमके सिंह ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि अपने दायित्व का निर्वहन निष्ठा पूर्वक करते हुए सभी लोगों का सहयोग लेना चाहेंगे।

मौके पर वीसी और प्रोवीसी ने डॉ बंशीधर रूखैयार को स्मृति चिह्न और शॉल प्रदान कर सम्मानित किया।

फिर यूनिवर्सिटी के सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने निवर्तमान कुलसचिव के सुखद भविष्य की कामना की।

विभावि के पीआरओ डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि इस अवसर पर कोविड के प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन किया गया।

समर सोल्सटाइस : आज से सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर, 21 जून को रहा सबसे बड़ा दिन, सबसे छोटी रात

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(अजय निराला)। 22 जून से सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर अग्रसर हो जाएगा।
गौरतलब है कि पूरे वर्षभर में 21 जून को उत्तरी गोलाद्र्ध में सबसे बड़ा दिन होता है। वहीं साल की सबसे छोटी रात होती है। इस बार आज दिन की अवधि 13 घंटे 12 मिनट की रही।

दरअसल यह समर सोल्सटाइस की खगोलीय घटना है और सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की अपनी अंतिम यात्रा पर होता है।

22 जून से सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर अग्रसर हो जाएगा और इसी क्रम में आनेवाले 22-23 सितंबर को इक्वीनोक्स के प्वाइंट से होकर गुजरते हुए शून्य डिग्री पर होगा।

फिर 21-22 दिसंबर को विंटर सोल्सटाइस में ठीक इसके विपरीत नजारा होगा। उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन और सबसे बड़ी रात होगी।

उत्तरी गोलार्द्ध के ठीक विपरीत दक्षिणी गोलार्द्ध में रहने वाले लोगों के लिए 21 जून साल का सबसे छोटा दिन और रात सबसे बड़ी रही।

इस खगोलीय घटना की जानकारी देते हुए इंटरनेशनल मेगालिथिक एक्सपर्ट सह इंटेक के लाइफ मेंबर शुभाशीष दास ने बताया कि हम भारतवासी उत्तरी गोलार्द्ध में रहते हैं और इस हिसाब से आज 21 जून सोमवार का दिन हमलोगों के लिए साल का सबसे बड़ा दिन और रात सबसे छोटी रही।

उन्होंने बताया कि झारखंड में ऐसे तीन मेगालिथ साइट्स हैं, जहां से समर सोल्सटाइस के खूबसूरत सूर्योदय का नजारा प्राचीन महापाषाणीय काल में देखने की परंपरा थी।

यह मेगालिथ स्थल हजारीबाग स्थित बड़कागांव में पंकुरी बरवाडीह, गिरिडीह के बगोदर में मंझलाडीह और लोहरदगा के भंडरा में है।

उन्होंने बताया कि जब लिखित पंचांग नहीं होता था, तो अतिप्राचीन मानव ऐसे ही मेगालिथ स्थल से सूर्य के माध्यम से तिथि की जानकारी हासिल करते थे अर्थात मेगालिथिक पंचांग के रूप में इसका प्रयोग करते थे।

जेसीबी चलाकर विवाद में उलझीं बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद, लोगों ने उठाया सवाल

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। एक तरफ जहां विधायक अंबा प्रसाद ने अपना हाथ जगन्नाथ बताकर लोगों के लिए नजीर पेश कीं, वहीं कुछ लोगों ने उनके जेसीबी चलाने पर सवाल उठाते हुए विवाद खड़ा कर दिया है।

कुछ लोगों का कहना है कि अंबा प्रसाद ने कब जेसीबी चलाने की ट्रेनिंग ली और कब हेवी कॉमर्शियल वेहिकल चलाने का लाइसेंस लिया।

अगर अंबा प्रसाद के पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं है, तो फिर कैसे उन्होंने जेसीबी चलाई।

इधर के जिला परिवहन पदाधिकारी विजय कुमार ने बताया कि भारी वाहन के लाइसेंस के लिए फिलहाल हजारीबाग में कोई ऐसा प्रशिक्षण विद्यालय नहीं है, जहां भारी वाहनों की ट्रेनिंग दी जाती है।

इसके लिए अभी धनबाद में एक कॉमर्शियल हेवी वाहन ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग लेना पड़ता है।

वहां से मिले सर्टिफिकेट को हजारीबाग के जिला परिवहन कार्यालय में जमा करना पड़ता है, तब उस व्यक्ति को लाइसेंस मिल पाता है।

अगर कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के ऐसे भारी वाहन चलाता है, तो यह गैरकानूनी माना जाता है।

मोटर वाहन अधिनियम धारा 188 के तहत ऐसे मामलों में 5000 रुपए तक का जुर्माना या तीन माह की सजा अथवा फिर दोनों का प्रावधान है।

राजमहल से दो बार विधायक रहे अरुण मंडल का निधन

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राजमहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अरुण मंडल का रविवार को 68 वर्ष की उम्र में इलाज के दौरान निधन हो गया। पूर्व विधायक अरुण मंडल के भाई वरूण मंडल ने बताया कि बीते शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए मालदा के दिशारी नर्सिंग होम में भर्ती कराया  । रविवार को अचानक तबीयत और ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया।  एंबुलेंस से कोलकाता ले जाने के दौरान रविवार की देर रात रास्ते में ही उन्होने दुनिया को अलविदा कह दिया ।

अरुण मंडल के निधन पर समर्थकों में शोक की लहर
अरुण मंडल के निधन पर समर्थकों में शोक की लहर

पहली बार 2000 में चुनाव जीतकर बिहार विधानसभा पहुंचे

1999 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार किया था । लेकिन राजमहल विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण में चांय जाति की बहुलता और राजनीति में चांय जाति की ओर से अनुसूचित जाति में शामिल करने के आंदोलन में उसकी संगठन शक्ति को देखते हुए उन्हें पहली बार अविभाजित बिहार में 2000 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने टिकट दिया। भाजपा का दांव सही रहा तथा अरुण मंडल भाजपा प्रत्याशी के रूप में राजमहल विधानसभा चुनाव जीत कर विधायक बने।

दूसरी बार 2009 में झारखंड विधानसभा में बनें विधायक

बाद में झारखंड राज्य बनने पर बाबुलाल मरांडी के सरकार बनाने पर उन्हें भाजपा विधायक दल का सचेतक बनाया गया था। 2005 के चुनाव में भाजपा ने अरुण मंडल को उम्मीदवार नहीं बनाया तथा कमल भगत को प्रत्याशी बनाया। अरुण मंडल ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़कर दुसरे स्थान पर रहे थे। भाजपा ने 2009 के चुनाव में उन्हें मौका दिया तो चुनाव जीत कर विधायक दल के सचेतक बने। लेकिन 2014 में टिकट नहीं मिलने पर उसे राजद से चुनाव लड़कर हार का मुंह देखना पड़ा था।

परिवार में कौन-कौन

अरुण मंडल मुलत: उधवा प्रखंड के बेगमगंज हाटपाड़ा के निवासी थे लेकिन उन्होंने लक्ष्मी देवी से शादी करने के पश्चात राधानगर में अपने नाना ससुर के घर स्थायी आवास बनाकर रह रहे थे। उन्हें दो पुत्र तथा तीन पुत्रियां हैं। पिता हरिश्चंद्र मंडल एक सीमांत किसान थे।छोटे भाई बरुण मंडल गैर सरकारी स्वामी विवेकानंद उच्च विद्यालय श्रीघर में शिक्षक रह चुके हैं।

नक्सलियों के बिछाये गये प्रेशर बम विस्फोट से लोहरदगा में बुजुर्ग की मौत

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लोहरदगा में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर बम की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गयी है. ये घटना रविवार की है. नक्सली पुलिस को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगलों में बम छिपाकर रखते हैं. कई बार ग्रामीण इसकी चपेट में आ गये हैं. एक बार फिर एक बुजुर्ग हीरालाल भगत जंगल में प्रेशर बम की चपेट में आ गये. इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी.

पेशरार थाना क्षेत्र की घटना

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार लोहरदगा जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के बुलबुल गांव निवासी 60 वर्षीय हीरालाल भगत ग्रामीणों के साथ मछली साग चुनने जंगल में गए हुए थे. इसी दौरान हीरालाल भगत का पैर बम पर पड़ गया. बम पर पैर पड़ने से बम विस्फोट हो गया. इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

क्षेत्र में भय का माहौल बना

हीरालाल भगत की मौत के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है. उग्रवादियों द्वारा पुलिस को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से आए दिन जंगलों में बम लगा दिए जाते हैं. इसकी चपेट में कई बार ग्रामीण भी आ जाते हैं.

जीएलए काॅलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष व बीएन काॅलेज के संस्थापक सदस्य का निधन

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पलामू । जीएलए काॅलेज में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष व बीएन काॅलेज के संस्थापक सदस्यों में से एक प्रो हरिहर सिंह का सोमवार को निधन हो गया। 74 वर्षीय प्रो सिंह ने आबादगंज स्थित अपने आवास पर सुबह 5 बजे अंतिम सांस ली। वे काफी दिनों से कैंसर से पीड़ित थे। 2004 में वे जीएलए कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए थे। सामाजिक गतिविधियों में गहरी रूचि रखने वाले प्रो सिंह गरीब व मेधावी छात्रों के लिए हमेशा उदार रहे। कई छात्रों को उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर निशुल्क शिक्षा मुहैया कराई और उनके आर्थिक मदद भी की। उनके परिवार में एक बेटा, बहू, दो बेटी और दामाद हैं। राजा हरिश्चंद्र घाट पर इकलौते पुत्र शशांक कुमार सिंह ने पिता को मुखाग्नि दी। निधन की खबर सुनकर प्रो एमपी विश्वकर्मा, पंकज किशोर पाठक,अनिमेष, डॉ इंद्राशन सिंह, श्रीराम डाल्टन, संदीप वर्मा , सत्यवान सिंह, समेत अन्य लोगों ने उनके घर पर पंहुचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और प्रो सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

21 June 2021

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झारखंड की बेटी चंचला कुमारी का बुडापेस्ट में होने वाले विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में चयन

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झारखंड के इतिहास में पहली बार कोई पहलवान विश्व कुश्ती चैंपियनशीप के लिए चुनी गई
झारखंड के इतिहास में पहली बार कोई पहलवान विश्व कुश्ती चैंपियनशीप के लिए चुनी गई

झारखंड के इतिहास में पहली बार विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए झारखंड की कोई पहलवान चुनी गई है। 19से 25जुलाई 2021 तक बुडापेस्ट हंगरी में आयोजित सब जूनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2021के लिए भारतीय कुश्ती टीम में झारखंड की महिला पहलवान चंचला कुमारी चुनी गई है।

दिल्ली में चंचला ने रचा इतिहास
सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में भारतीय कुश्ती महासंघ की तरफ से आयोजित ट्रायल में चंचला ने अपने सभी प्रतिद्वंदियों को परास्त कर सब जूनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया।

भोलानाथ सिंह और बबलू कुमार ने तराशा

झारखंड के इतिहास में पहली बार होगा जब झारखंड की किसी पहलवान का चयन विश्व कप चैंपियनशिप के लिए हुआ है। चंचला कुमारी ने जेएसएसपीएस में कुश्ती की शुरुआत की। यहां उन्हें झारखंड राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष सह एनआईएस कुश्ती कोच भोलानाथ सिंह ने कुश्ती के गुर दिखलाए और एनआईएस कुश्ती कोच बबलू कुमार ने तराशा।

चंचला की कामयाबी पर खुशी का माहौल
चंचला का भारतीय टीम में चयन होने पर झारखंड राज्य कुश्ती संघ के मार्ग दर्शक के और आईएस अधिकारी के. रवि कुमार और झारखंड कुश्ती संघ के अध्यक्ष सह चंचला के कोच भोलानाथ सिंह समेत अन्य खेल पधाधिकारियो ने बधाई दी है।

चंचला की उपलब्धियां
चंचला कुमारी 2017-18 एसजीएफआई राष्ट्रीय कुश्ती में सिल्वर मेडल , 2018-19 एसजीएफआई राष्ट्रीय कुश्ती में गोल्ड मेडल, 2019-20 एसजीएफआई राष्ट्रीय कुश्ती में गोल्ड मेडल, 2019-20 अंडर-15 में नेशनल कांस्य पदक और 2020-21 सब जूनियर कुश्ती में नेशनल कांस्य पदक जीत चुकी हैं।

उप

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कूपी गांव के ग्रामीण पीसीसी सडक की मांग करते हुये
कूपी गांव के ग्रामीण पीसीसी सडक की मांग करते हुये

प्रतिनिधि रामगढ़
प्रखंड में दो बार पंचायत चुनाव हुये प्रदेश में कितनी सरकार बनी कितने विधायक ,सांसद आदि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को यहां की जनता ने अपना बहुमूल्य मत देकर जिताया, लेकिन सभी ने अमडापहाडी पंचायत के कूपी से आंगनबाड़ी केंद्र दो किमी सडक को पीसीसी कराने का भरोसा दिलाया । लेकिन हर बार जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को ठगने का काम किया ।

आजादी के बाद से अब तक गांवो की सुरत नही बदली आज भी कुपी गांव के आदिवासी ,समाज बरसात के दिनो में कीचडमय सडक पर लोग चलने में विवश है । ग्रामीणों के अनुसार अगर गांव में कोई मरीज सिरियस हो जाये तो बरसात के दिनो में कोई वाहन ऐंबुलेंस गाडी गांव नही प्रवेश कर पाती है जिसके कारण गरीब आदिवासी लोग खाट में रोगी को टांगकर कूपी स्कूल तक ले जाना पडता है ।

सोमवार को कुपी गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने अमडापहाडी उप मुखिया सुनील मरांडी के अगुवाई में गांव के कीचडमय कच्ची सडक पर खडे रहकर पुरजोर विरोध किया ।

ग्रामीणों में सुभाष ठाकुर सोना लाल हेम्ब्रम, सुमोती मोहलीन, सुनीता मुर्मू, दरबारी हेम्ब्रम, समेत दर्जनों ग्रामीणों ने रामगढ बीडीओ अमल कुमार से पहल करने की मांग करते हुये कुपी मवि से आंगनबाड़ी कुपी गांव तक कीचडमय सडक को 15वीं वित्त की राशि से पीसीसी सडक निर्माण की पूरजोर मांग किया है ।

विश्व योग दिवस पर सन्यासियों ने किया सामूहिक योग

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योगाभ्यास करते शंकराचार्य मठ के साधु- संन्यासी
योगाभ्यास करते शंकराचार्य मठ के साधु- संन्यासी

गया से श्रीकांत

बोधगया(गया)। आज विश्व योग दिवस पर बोधगया अवस्थित शंकराचार्य मठ में साधू सन्यासियों एवं कर्मचारियों के द्वारा सामूहिक रूप से आसन एवं ध्यान किया गया। उक्त अवसर पर महंत त्रिवेणी गिरी जी के द्वारा आसन की उपयोगिता के संबंध में सबो को मार्गदर्शन किया गया।

साधुओं ने पतंजलि योग सूत्र और योग के दार्शनिक व्यवहारिक एवं वैज्ञानिक स्वरूप पर प्रकाश डाला। सभी साधुओं ने एकमत होकर करके समाज में योग के वास्तविक स्वरूप एवं वर्तमान विभीषिका और परिस्थिति को देखते हुए समाज के आरोग्य हेतु बोधगया मठ में योग दिवस के शुभ अवसर पर प्रतिदिन प्रातः 6:30 से 7:30 सत्र चलाने का संकल्प किया।

प्रारंभिक दृष्टिकोण से यह मठ के साधु सन्यासियों एवं कर्मचारियों के बीच में चलेगा भविष्य में सरकार के कोरोना काल के दिशा निर्देशों के अनुसार आम जनमानस हेतु भी आयोजित होगा। श्री महंत त्रिवेणी गिरी जी ने बताया कि योग मन को एकाग्र, शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ ही आत्मतत्व के अनुभव का परम साधन है। उन्होंने कहा कि आज परम सुखद संयोग घटित हुआ कि विश्व योग दिवस और निर्जला एकादशी एक ही दिन पड़े हैं निर्जला एकादशी के शुभ अवसर पर मठ में प्रतिदिन राम चरित्र मानस के पाठ एवं प्रवचन की व्यवस्था मठ परिसर में की गई है सुधी जन भविष्य में इसका भी लाभ उठा पाएंगे।

उक्त अवसर पर स्वामी सत्यानंद गिरी, स्वामी विशाल आनंद गिरी, स्वामी माधवानंद गिरी, स्वामी सर्वानंद गिरी, स्वामी विवेकानंद गिरी, स्वामी चिदानंद गिरी, स्वामी कमलानंद, स्वामी स्वरूपानंद, एवं मठ के पुजारी एवं कर्मचारियों ने योग सत्र एवं राम चरित्र मानस के सत्संग में उपस्थित रहे।

पहाड़िया जनजातिः पहली बार रोशन हुए गांव, घरों तक पहुंचा पेयजल

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रांची । संताल परगना स्थित गोपीकांदर प्रखंड की पहाड़ियों पर निवास करने वाले पहाड़िया जनजाति के दिन बहुर रहे हैं। राज्य सरकार पहाड़िया जनजाति के दरवाजे पर विकास की दस्तक दे रही है। उनके घरों को रोशन कर गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है।

पहाड़िया जनजाति के बच्चों की के लिए दुमका डीसी राजेश्वरी बी. का प्रयास सराहनीय
पहाड़िया जनजाति के बच्चों की के लिए दुमका डीसी राजेश्वरी बी. ने किया सराहनीय प्रयास

गांवों की हुई मैपिंग

पहाड़िया झारखण्ड में लुप्तप्राय जनजातियों के वर्ग में आते हैं। संतालपरगना के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इन तक मूलभुत सुविधाएं पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं था। सरकार के निर्देश पर पहाड़ियों पर स्थित उनके गांवों की मैपिंग की गई। पेयजलापूर्ति के लिये कई गांवों में सौर ऊर्जा संचालित जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई है।

दुर्गम गांवों में सौर ऊर्जा से बिजली पहुंचाने की कवायद

अधिकतर गांवों को रोशन करने के बाद दुर्गम पहाड़ी इलाका होने से कुछ गांवों तक बिजली नहीं पहुंची है। इसमें दो-तीन घरों के कुछ टोले दूर-दूर पहाड़ पर आबाद हैं, जहां राज्य सरकार अब सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर रही है। साथ ही हर घर में एक बल्ब, एक चार्जिंग प्वाइंट और उनके घरों में एक पंखा प्रदान किया जाएगा। प्रति गांव चार स्ट्रीट लाइट्स भी दी जायेंगी।

गांव के हर टोले की हुई मैपिंग
गांव के हर टोले की हुई मैपिंग

स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार चिंतित

राज्य सरकार निकट भविष्य में पहाड़िया जनजाति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की कार्ययोजना पर कार्य कर रही है। उन लोगों के लिए दो मोबाइल चिकित्सा वैन दिए जाएंगे, ताकि घर पर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके।

आजीविका का भी ध्यान

पहाड़िया जनजाति की आजीविका के मुख्य स्रोत वनोपज, खेती और दैनिक मजदूरी है। इस जनजाति की कई महिलाएं पत्तल बनाने का काम करती हैं। इस क्षेत्र में वनोपज के रूप में खजूर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। पहाड़िया इन खुजूर को बेचते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी और बाजार की जानकारी के अभाव में बिचौलिए हावी रहे हैं। इससे पहाड़िया जनजाति के लोगों को उचित कीमत नहीं मिल पाती थी। अब राज्य सरकार इन्हें झारखण्ड राज्य आजीविका मिशन की योजनाओं से जोड़ रही है, ताकि इनके आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्हें बांस शिल्प निर्माण कार्य में प्रशिक्षित करने की भी योजना है।

हेमंत सरकार के प्रयास से सुधर रही है आर्थिक स्थिति
हेमंत सरकार के प्रयास से सुधर रही है आर्थिक स्थिति

दुमका: रामगढ में भाजपाइयों ने मनाया सांतवा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस किया योगासन

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योग दिवस पर योगाभ्यास करते भाजपाई
योग दिवस पर योगाभ्यास करते भाजपाई

प्रतिनिधि रामगढः
दुमका के रामगढ प्रखंड के पूर्णिया गांव में रामगढ प्रखंड भाजपा मंडल के दर्जनों भाजपाइयों ने सोमवार को सांतवा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर परेड का आयोजन किया तथा विभिन्न तरह के योगासन किया गया । भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज पांडे ने कहा योगासन से शरीर स्वास्थ्य और प्रसन्न रहता है तथा इसको करने से विभिन्न प्रकार की बिमारियों सै छुटकारा मिलता है ।

वही रामगढ प्रखंड मुख्यालय तथा ठाडीहाट में भाजपाइयों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विभिन्न मुद्राओं में विभिन्न प्रकार के योगासन किया.मौके पर मनोज पांडे ,नवल किशोर मांझी, सोना लाल राय,कपील मांझी संतोष मांझी बीस सुत्री प्रखंड अध्यक्ष किशोरी साह ,जयकांत मंडल गुलटन ठाकुर,ठाडीहाट से भाजपा प्रखंड अध्यक्ष सुरेश गुप्ता डीपटी मांझी आदि मौजूद थे ।

लोजपा के जनाधार वाले ग्रामीण इलाकों में लोग चिराग पासवान के पक्ष में, बागी सांसदों को कहा “गद्दार”

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लोजपा के पांचो सांसदों के बगावत से लोगों में है नाराजगी
लोजपा के पांचो सांसदों के बगावत से लोगों में है नाराजगी

गया से श्रीकांत

गया: लोक जनशक्ति पार्टी में हुई बगावत को लेकर अब ग्रामीण भी चिराग पासवान के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करने लगे हैं। जिले के टिकारी प्रखंड का ईटहोरी व सिंगापुर गांव पासवान बाहुल्य गांव माना जाता है। इन गांव के ग्रामीण अब खुलकर अपनी आवाज बुलंद करने लगे हैं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी चिराग पासवान को खुलकर अपना समर्थन दे रही हैं।

मगध का पासवान समाज चिराग के साथ
मगध का पासवान समाज चिराग के साथ

लोजपा समर्थक बेचन प्रसाद चंद्रवंशी ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान ने लोजपा पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा था। उन्होंने ही पार्टी बनाई थी। लेकिन आज उसी पार्टी के 5 सांसद बगावत कर अलग हो गए। उन्होंने परिजनों के साथ-साथ नेताओं को भी ठगने का काम किया है। ऐसे बगावत करने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। अब हम लोगों का पूरा समर्थन चिराग पासवान के साथ हैं। वही हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

वहीं ईटहोरी गांव निवासी कांति देवी कहती हैं कि पूर्व में भी हम लोग रामविलास पासवान को ही अपना नेता मानते थे। अब वे नहीं रहे। उनके पुत्र चिराग पासवान को हमलोग जानते हैं, और उन्हीं को अपना नेता मानते हैं। इसके अलावा लोजपा पार्टी में कौन आए और कौन गए ? इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है।

लोजपा के टिकारी प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने कहा कि हमलोग शुरू से ही लोजपा में समर्पित कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहें। जब प्रिंस राज इस इलाके में प्रचार-प्रसार के दौरान आए थे, तब हमलोगों ने तन-मन-धन से उनकी सेवा की थी। लेकिन उनके साथ 5 सांसद बगावत कर दूसरी पार्टी में चले गए। उन्होंने ना सिर्फ पार्टी को धोखा दिया, बल्कि हम कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी धोखा दिया है। ऐसे लोगों से दूर रहना ही बेहतर है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी हमारे नेता चिराग पासवान थे, और वर्तमान में भी हैं, आगे भी चिराग पासवान ही हमारे नेता रहेंगे।

बागी सांसदों से नाराज हैं आम वोटर
बागी सांसदों से नाराज हैं आम वोटर

नहीं रहे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मशहूर ठेकेदार देवेन्द्र प्रसाद सिंह, कोविड ने ली जान

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देवेन्द्र प्रसाद सिंह की फाइल तस्वीर
देवेन्द्र प्रसाद सिंह की फाइल तस्वीर

रांची/ जमशेदपुर। झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जाने-माने कॉन्ट्रैक्टर देवेन्द्र प्रसाद सिंह का रविवार सुबह निधन हो गया। कोविड संक्रमण के बाद वो पिछले एक हफ्ते से रांची के मेदान्ता अस्पताल में भर्ती थे । देवेन्द्र प्रसाद सिंह परिवार समेत जमशेदपुर में रहते थे । कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ही उनको कोविड संक्रमण हो गया था । शुरुआत में टाटा मे ईलाज चल रहा था, लेकिन उनकी तबियत में सुधार न होते देख उन्हें रांची के मेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब एक महीने तक कोरोना से लड़ने के बाद रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।

पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने दी श्रद्धांजलि

देवेन्द्र प्रसाद सिंह के निधन पर झारखंड के पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देवेन्द्र प्रसाद सिंह प्रोफेशनल इंसान थे । 1976 में छपरा से आने के बाद वे अपनी मेहनत से सफलता के नये सोपान छूते गए । आज उनकी कंपनी का टर्न ओवर सैकड़ों करोड़ में है तो इसके पीछे उनकी मेहनत है ।

दो फैक्ट्रियों के मालिक भी थे देवेन्द्र बाबू

देवेन्द्र प्रसाद सिंह दो फैक्ट्रियों के मालिक भी थे। जमशेदपुर हैंड पंप और हिन्दुस्तान हैंड पंप झारखंड की जानी-मानी कंपनियां हैं। इसके अलावा एमएस जमानी इंटरप्राइजेज के नाम से एक कंपनी भी है ।

भरा-पुरा परिवार छोड़कर गये हैं देवेन्द्र प्रसाद सिंह

देवेन्द्र प्रसाद सिंह के परिवार में तीन बेटे-बहुए, दामाद और एक बेटी के अलावा 7 नाती-पोते भी हैं।

रांची के रहने वाले जवान की दुमका में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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रांची के रहने वाले तथा दुमका जिले के रामगढ थाना में पदस्थापित पुलिस के जवान का रविवार को दुमका फुलो झानो  मेडिकल कॉलेज में इलाज के दोरान मौत हो गया.मृतक पुलिस के जवान का नाम बिरजन उराँव है. मृतक पुलिस के जवान विगत एक बर्ष पुर्व  से रामगढ थाना में सिपाही के पद पर कार्यरत थे ।

जानकारी के अनुसार रविवार को काफी देर से  बिस्तर से नही उठे तो पुलिस के दुसरे जवान ने कमरे के दरवाजा खोलकर जगाया तो उनके मुंह से झाग निकलते देख थाना प्रभारी रुपेश कुमार को खबर की गई।  अन्य पुलिस के जवान आननफानन में उसे  इलाज हेतु वाहन से दुमका फुलो झानो मेडिकलकॉलेज में भर्ती कराया. जहां इलाज के दोरान उसकी मौत हो गई ।

जानकारी के अनुसार मृतक बिरजन उराँव बडे ही नेक तथा मिलनसार  पुलिस के जवान थे.कुछ दिन पूर्व में रामगढ में साइबर  के धरपकड में अहम भुमिका निभाये थे.जानकारी के अनुसार  कुछ पुर्व मृतक जवान की पत्नी अपने पति से मिलने रामगढ़ थाना आई थी .तब से वे कुछ ज्यादा परेशान थे.

दुमका के रामगढ़ थाने में पदस्थापित था बिरजन उराँव
दुमका के रामगढ़ थाने में पदस्थापित था बिरजन उरावं    

इस मामले में रामगढ थाना प्रभारी रुपेश कुमार ने बताया सिपाही बिरजन उराँव की मौय का खुलासा उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पायेंगे.बहरहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई  है.