Friday 10th of July 2026 05:33:21 PM
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बिहार की डिप्टी सीएम के पीए के घर चोरों ने उड़ाए लाखों के जेवरात

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उज्ज्वल दुनिया, बिहार(समस्तीपुर)। समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित मोहनपुर में चोरों ने दुस्साहस दिखाते हुए डिप्टी सीएम रेणु देवी के निजी सहायक(पीए)नीरज कुमार वर्मा के नए मकान से लाखों के जेवरात उड़ा लिए।

चोरों ने बीती रात आवास के पीछे का दरवाजा तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया।

 

उनके घर से 65 हजार नकद के साथ लाखों के जेवरात चुराए। आस-पड़ोस के मकानों में भी चोरों ने हाथ साफ किए।

घटना की सूचना मिलते ही नीरज कुमार वर्मा पटना से समस्तीपुर अपने नए मकान पहुंचे।

मकान का मुआयना कर बताया कि 65 हजार रुपए मजदूरों को देने के लिए रखे हुए थे।

जेवरात में उनकी पत्नी के सोने के झुमके, दो अंगूठी और पायल चोरी चली गई।

पुल निर्माण के लिए काटे गए फाउंडेशन में डूबने से युवक की मौत

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उज्ज्वल दुनिया, चतरा(गीतांजली)। चतरा के प्रतापपुर स्थित कसमार निवासी 35 वर्षीय युवक संजय राम की मौत पुल निर्माण के लिए काटी गई सड़क के गड्ढ़े में डूबने से हो गई।

कुंदा-प्रतापपुर मुख्य मार्ग के बलवा दोहर के समीप काटी गई सड़क के गड्ढे में पानी भरा हुआ था।

परिजनों का कहना है कि संजय मंगलवार की शाम में ही घर से साइकिल से निकला था, परंतु अधिक बारिश होने के कारण घर नहीं लौटा।

बुधवार की देर शाम राहगीरों ने पुल के पास गड्ढे में साइकिल समेत युवक को गिरा हुआ देखा।

इसकी सूचना उसके परिजनों और पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए चतरा भेज दिया।

परिजनों का कहना था कि रोड और पुल के ठेकेदार समय से पुल निर्माण किया होता, तो संजय की जान नहीं जाती।

प्रतापपुर से कुंदा तक रोड निर्माण दो माह पहले शुरू किया गया है। कई जगह फाउंडेशन काट कर छोड़ दिया गया है।

दो माह बाद प्रसव होने की बात कह डॉक्टर ने लौटाया, घंटेभर में हो गया बच्चे का जन्म

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उज्ज्वल दुनिया, कोडरमा। कोडरमा सदर अस्पताल में जिस महिला को डॉक्टर ने दो माह बाद प्रसव होने की बात कह कर लौटा दिया था, उसने घंटेभर बाद घर लौटने के क्रम में ऑटो में ही बच्चे को जन्म दे दिया।

यह घटना है 22 जून की और महिला थी डोमचांच प्रखंड स्थित मसमोहना निवासी दुर्गावती देवी।

कोडरमा सदर अस्पताल में ऐसी लापरवाही और अनदेखी कोई नई बात नहीं है।

 

23 जून को सदर अस्पताल की चौखट पर एक दूसरी महिला का प्रसव हो गया।

वह गिरिडीह जिले के कुबरी मानडीह से प्रसव पीड़ा होने के बाद आयी थी।

बच्चे के जन्म के बाद अस्पतालकर्मी सक्रिय हुए और उस महिला को मातृत्व सुरक्षा प्रदान किया गया।

मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंची डोमचांच की जो महिला आयी थी, उसे सदर अस्पताल की एक महिला डॉक्टर ने समय पूरा नहीं होने का हवाला देते हुए दो माह के बाद दोबारा आने की सलाह दी थी।

लेकिन घर लौटते समय कोडरमा थाना क्षेत्र के राजेंद्र चौक पर ऑटो में ही गर्भवती महिला ने एक बच्ची को जन्म दे दिया।

उसके बाद प्रसूता को दोबारा सदर अस्पताल ले जाया गया।

दिलचस्प बात यह है कि उसे अल्ट्रासाउंड समेत कई तरह के जांच लिखे गए थे।

उस जांच रिपोर्ट को देखने के बाद यह सलाह दी गई।

ऑटो से वापस अपने घर लौट रही प्रसूता का प्रसव सदर अस्पताल से महज एक किलोमीटर दूर राजेंद्र चौक पर हो गया।

कांग्रेसः विधायकों की टोली दिल्ली से वापस आई है, आलाकमान का संदेश लाई है…

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झारखंड कांग्रेस के चारो विधायक दिल्ली से वापस लौट आए हैं। इन चारों विधायकों ने केसी वेणुगोपाल से मिलकर उन्हें झारखंड की बदलती राजनीति के बारे में बताया । झारखंड कांग्रेस के अंदर क्या चल रहा है, इसकी जानकारी दी। साथ ही इन विधायकों ने कांग्रेस आलाकमान को यह भी बताया कि कांग्रेस संगठन में लंबे अरसे से कोई बदलाव नहीं हुआ है। अजय कुमार के अध्यक्ष रहते जो कमेटियां बनी थी, आज भी वही काम कर रही हैं। कार्यकर्ताओं में कोई उत्साह नहीं है। इसलिए संगठन को नये सिरे से झकझोरने की जरुरत है ताकि पुराने सूखे पत्ते गिर जाएं और नई कोंपलों का उदय हो…

दिल्ली गए चारो कांग्रेसी विधायक क्या लेकर वापस लौटे ?
दिल्ली गए चारो कांग्रेसी विधायक क्या लेकर वापस लौटे ?

जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष बदले जाएंगे ?

दिल्ली गये एक विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमने पूरी मजबूती के साथ केसी वेणुगोपाल के सामने अपनी बात रखी। हमारी बातें सुनने के बाद केसी वेणुगोपाल ने बस इतना कहा कि वे हमारी बातें राहुल गांधी और सोनिया गांधी तक जरुर पहुंचाएंगे। इसके साथ ही उन्होनें झारखंड के चारों विधायकों के सामने ही कहा कि झारखंड में संगठन में बदलाव आलाकमान के एजेंडे में है। उज्ज्वल दुनिया संवाददाता ने जब विधायक जी से पूछा कि क्या प्रदेश अध्यक्ष बदले जाएंगे ? इसपर उनका जवाब था- “दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं है, परिवर्तन तो संसार का नियम है

12वें मंत्री पर जल्द होगा निर्णय

उमाशंकर अकेला ने उज्ज्वल दुनिया को बताया कि हमने 12वें मंत्री को लेकर भी केसी वेणुगोपाल से बातचीत हुई। उन्होने भी इस बात पर सहमति जताई कि इस मामले को बहुत लंबा खिंचने में भलाई नहीं है। जल्द ही इसपर निर्णय लिया जाना चाहिए। क्या 12वां मंत्री कांग्रेस का होगा ? इस सवाल के जवाब में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम दावा जरुर करेंगे, लेकिन आखिरी फैसला तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ही होगा, क्योंकि ये उनका विशेषाधिकार है ।

बोर्ड-निगम पर भी हुई बातचीत

जामताड़ा से कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि हमने बोर्ड-निगम के गठन पर भी बातचीत की । हमने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से सिर्फ इतनी गुजारिश की है कि सारे पद सिर्फ विधायकों को नहीं मिलने चाहिए । कांग्रेस के वैसे कार्यकर्ता जो तमाम विपरित परिस्थितियों के बावजूद वर्षों से पार्टी का झंडा ढोते रहे हैं, उनको भी मौका मिलना चाहिए । इरफान अंसारी ने कहा कि मैंने अपने लिए कुछ नहीं मांगा है, कांग्रेस संगठन में नये उर्जावान कार्यकर्ताओं का महत्व बढ़े, उन्हें बोर्ड-निगम में स्थान मिले, पार्टी में कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान मिले, यही हमारी मांग है। उन्होने कहा कि में ऐसा नेता नहीं हूं जो खुद पद मिल जाने के बाद खामोश बैठ जाऊं, मेरे लिए कार्यकर्ता हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं।

जल्द होगा संगठन में बदलाव- राजेश कच्छप

रांची से सटे खिजरी के कांग्रेसी विधायक राजेश कच्छप ने उज्जवल दुनिया संवाददाता संजीव मिश्रा को फोन पर बताया कि जल्द ही झारखंड कांग्रेस के संगठन में फेरबदल होगा। कांग्रेस हाईकमान इसपर गंभीरता से विचार कर रहा है। हमने भी अपनी मांगे उनके सामने रखी है। उम्मीद है कि जल्द की कोई निर्णय लिया जाएगा ।

 

रोजगार सृजन के लिए केंद्रीय मंत्री से हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल ने की मुलाकात

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(अजय निराला)। सदर विधायक मनीष जायसवाल ने दिल्ली में मंगलवार की देर शाम केंद्रीय पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस, इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की।

उन्होंने हजारीबाग क्षेत्र के किसानों और उद्यमियों के विकास और बेरोजगार युवाओं के रोजगार सृजन की दिशा में उनसे लंबी चर्चा की।

विधायक ने इथेनॉल ब्लेडिंग के बारे में विभाग से संचालित योजनाओं की विशेष जानकारी प्राप्त की।

वहीं हजारीबाग सहित झारखंड के कृषि परिदृश्य को उनके समक्ष रखते हुए इस क्षेत्र में विशेष ध्यान आकृष्ट करने का आग्रह किया।

उन्होंने मंत्री कोे बताया कि हजारीबाग सहित समस्त झारखंड के किसानों का मुख्य व्यवसाय धान की खेती है।

लेकिन किसान इसमें भी बिचौलिए का शिकार हो जाते हैं।

मक्के की फसल को उन्होंने लाभकारी बताते हुए कहा कि धान की तुलना में यह फसल किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद है।

उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी अगर किसानों से सीधा मक्के की फसल ले, तो किसानों की निर्भरता सरकार से खत्म हो जाएगी।

साथ ही इसके वेस्ट को कैटल फीड, फिश फीड आदि के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जो एक प्रोटीन रिच प्रोडक्ट होता है।

जानिए क्या है इथेनॉल और कैसे होता है तैयार

विधायक मनीष जायसवाल ने बताया कि इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल होता है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है और फिर वाहनों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसका उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होता है। इसके अलावा इथेनॉल का उत्पादन मक्का, चावल आदि शर्करा वाली अन्य फसलों से भी किया जा सकता है।

इथेनॉल पर्यावरण के लिए बहुत अनुकूल है। यह प्रदूषण कम करता है क्योंकि इसके इस्तेमाल से 35 प्रतिशत कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन होता है।

यह सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन के उत्सर्जन को कम करता है। इसमें 35 प्रतिशत ऑक्सीजन होता है।

इथेनॉल फ्यूल को इस्तेमाल करने से नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है।

केंद्र सरकार देश में इथेनॉल का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए सस्ती दरों पर लोन दे रही है।

बीते कुछ महीनों कई इथेनॉल प्लांट को मंजूरी मिली है।

इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और आम आदमी को भी फायदा होगा।

झारखंड में निकलने वाली है बंपर वैकेंसी, सीएम ने रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने का दिया आदेश

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जनता का दबाव काम कर गया । ट्विटर पर#jharkhandi_yuva_mange_rojgar ट्रेंड कर रहा है। बेरोजगार युवा सरकार से नौकरी मांग रहे हैं । झारखंड में खाली सरकारी पदों को भरने की मांग जोर पकड़ रही है। शायद इसी बनते माहौल का असर है कि झारखंड की हेमंत सरकार हरकत में आई है और खुद सीएम हेमंत सोरेन ने इस बारे में दिशा-निर्देश दिए हैं।

एक महीने के अंदर निकलेगी बंपर वैकेंसी- सीएम
एक महीने के अंदर निकलेगी बंपर वैकेंसी

हेमंत सारेन ने अपने ट्विटर अकाउंड पर क्या लिखा

सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा है- “आज मैंने राज्य के मुख्य सचिव, कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष एवं महाधिवक्ता के साथ बैठक कर विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को यथाशीघ्र भरने का निर्देश दिया है। साथ ही एक माह के अंदर नियुक्ति से संबंधित नियमावलियों में जितनी भी विसंगति हैं, उन्हें दूर कर विज्ञापन प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया है ताकि राज्य के युवाओं को ज़्यादा से ज़्यादा अवसर मिले और विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को तत्काल भरा जा सके ।

झारखंड में कुल कितने सरकारी पद खाली

झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 5.25 लाख पद हैं. इसमें से 3.29 लाख पद खाली हैं ।  राज्य के योजना सह वित्त विभाग के अनुसार झारखंड में कुल 5 लाख 25 हजार 115 पद सृजित हैं,  इसमें से 1 लाख 95 हजार 255 पदों पर ही कर्मचारी हैं । इतने अधिक पद खाली होने के चलते सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित है. जो अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं, उन पर कार्य का अतिरिक्त बोझ है ।

मुख्यमंत्री पशुधन योजना का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करेः कृषि सचिव

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कृषि सचिव ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की समीक्षा
कृषि सचिव ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की समीक्षा (File Photo)

रांचीः कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता सचिव अबु वक्कर सिद्धिकी ने राज्य के सभी जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं जिला गव्य विकास पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री पशुधन योजना का शत प्रतिशत क्रियान्वयन का निर्देश दिया है। उन्होंने इस कार्य में कोताही बरतनेवाले पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। वहीं 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत लाभुकों के बीच वितरण किये जाने वाले उपादानों को स्थानीय जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में करने का निर्देश दिया है। साथ ही इसकी वीडियोग्राफी कराने को भी कहा है। कृषि सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

दुधारू पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान 31 जुलाई तक सुनिश्चित करें

कृषि सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दुधारू पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य 31 जुलाई तक कराना सुनिश्चित कर भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करें।वहीं 1500 कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों के अतिरिक्त 3000 नये केंद्रों को जल्द संचालित करने को कहा। साथ ही इन केंद्रों के नियमित अनुश्रवण का भी निर्देश दिया।

वैक्सीनेशन के लिए पशुओं के टैगिंग कार्य 15 दिन में पूरा करें

कृषि सचिव ने वैक्सीनेशन के लिए पशुओं के टैगिंग कार्य की समीक्षा के दौरान असंतोष प्रकट किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर टैगिंग कार्य 15 दिन के भीतर पूर्ण कराएं। उसके अलावा गो मुक्तिधाम की स्थापना हेतु निदेशालय स्तर से तकनीकी समिति का गठन करते हुए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उत्तर प्रदेश से मुक्त हुए चान्हों के 33 श्रमिक और 9 बच्चे

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श्रमिकों का बकाया पांच लाख रूपये भी भुगतान हुआ
श्रमिकों का बकाया पांच लाख रूपये भी भुगतान हुआ

रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पहल से रांची के चान्हों प्रखंड निवासी 33 आदिवासी श्रमिक और उनके नौ बच्चों को उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित ईंट भट्ठा से मुक्त करा लिया गया है। 23 जून की सुबह सभी प्रवासी श्रमिक मौर्या एक्सप्रेस ट्रेन से रांची के लिए रवाना हो चुके हैं। ये सभी मजदूर चान्हों के टांगर गांव के निवासी हैं।

बंधक थे श्रमिक, नारकीय जीवन जीने को थे विवश

श्रमिक जनवरी माह में अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश काम की तलाश में गए थे। वहां उनकी मुलाकात एक ठेकेदार से हुई जिसने उन्हें देवरिया जिला के गांव मुंडेरा स्थित रजत ईंट भट्ठा में काम पर लगा दिया। श्रमिकों को ईट भट्ठे में काम तो मिला पर छह महीने काम करने के बाद भी उन्हें पैसा नहीं दिया गया था। श्रमिकों का ईंट भट्ठा संचालक के पास मजदूरी के मद में लगभग सात लाख रुपया बकाया था। श्रमिकों को बंधक बनाकर रखा गया था और बंधुआ मजदूरी की तरह जबरन अमानवीय परिस्थिति में काम कराया जा रहा था। श्रमिकों को रहने के लिए जो जगह दी गयी थी वह काफी जर्जर हालत में थी। साफ-सफाई का अभाव था। खराब हालत में रहने के कारण श्रमिकों के बच्चें भी बीमार रहने लगे थे।

मुक्त हुए श्रमिक, बकाया का हुआ भुगतान

मामले की जानकारी जब मुख्यमंत्री को हुई तो उन्होंने श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण केंद्र को श्रमिकों को मुक्त कराने का आदेश दिया। इसके बाद श्रम विभाग ने देवरिया जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। देवरिया के पुलिस प्रशासन की देखरेख में जांच समिति का गठन किया गया। समिति ने इस मामले से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जांच पड़ताल की और श्रमिकों को मुक्त कराया। साथ ही, श्रमिकों की बकाया सात लाख रुपये पारिश्रमिक में से लगभग पांच लाख रूपये श्रमिकों को ईंट भट्ठा संचालक द्वारा दिया गया।

चांडिल डैम के विस्थापितों की समस्या के निदान को लेकर मुख्यमंत्री से मिले विधायक

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स्वर्णरेखा परियोजना में प्रशासक की अविलंब पदस्थापन का मांग किया
स्वर्णरेखा परियोजना में प्रशासक की अविलंब पदस्थापन की मांग

चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों के अनुदान भुगतान हेतु राशि उपलब्ध का मांग किया

सरायकेला। चांडिल डैम में विस्थापितो की समस्या के निदान के लिए बुधवार को ईचागढ़ के विधायक सविता महतो राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में मुलाकात की।

इस दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री से कहा

(1) चांडिल बाँध के पूर्ण एवं आंशिक रूप से 116 गाँवों का भू – अर्जन को वर्ष 2001 तक सम्पन्न किया चुका है परन्तु पुर्नवास की समस्या ज्यों – कि – त्यों बनी हुई है। अतः कुल -116 गाँवों का ही पुर्नवास सुविधायें मुहैया कराने,

(2)भू – अर्जन के सम्पूर्ण पुर्नवास की व्यवस्था समकालीन किया जाना था जो अभी तक लंबित है। पुर्नवास नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्ति किया जाने,

(3) आईडीटीआर से औद्योगिक प्रशिक्षण का प्राप्त 300 युवक युवतियों को दिया जा चुका है उन्हें वरीयता के अनुसार औद्योगिक प्रतिष्ठान में नियुक्त करने की व्यवस्था की जाय क्योंकि परियोजना का पानी औद्योगिक संस्थान व्यवहार में ला रहे है।

(4)पुर्नवास स्थल पर सम्पूर्ण सुविधायें एवं सौदीकरण की व्यवस्था की जाय ताकि रिक्त भू – खण्ड पर विस्थापितों को बसाया जा सके जो पूर्व से बसे हुए है उन स्थलों की जाँच कराकर उन्हें वासगत पर्चा निर्गत करने,

(5)डूब क्षेत्र में जो सरकारी कामकाज बन्द पड़े हुए है उसे चालू करने हेतु संबंधित जिला पदाधिकारी को अपने स्तर से निदेश देने,

(6)जल संसाधन विभाग द्वारा विकास पुस्तिका की मान्यता मार्च , 2022 तक निर्धारित है , जबकि चांडिल बाँध से प्रभावित विस्थापित परिवारों का पूर्ण पुर्नवास सुविधा मुहैया करानी अभी तक शेष है। उन्होंने विकास पुस्तिका की भी अवधि विस्तार मार्च 2028 तक करने का मांग किया।

(7)पुर्नवास नीति के तहत् सुवर्णरखा परियोजना के अन्तर्गत लगभग 700 परिवार के विस्थापित सदस्यों को नियोजन दिय है जबकि जबकि पुनरीक्षित पुनरीक्षित पुर्नवास नीति में वर्णि प्रावधानानुसार प्रत्येक परिवार के योग्य व्यक्ति को नियोज किया जाना था। डब्ल्यू पी एस संख्या -3097 / 2001 में पारित आदेश आलोक में परियोजना स्तर पर नियोजन के पूर्व वरीयता सूद वर्ष 2003 का प्रकाशन हो चुका है परन्तु परियोजना / विभाग के शिथिलता के कारण नियोजन की कार्रवाई आजतक लंबित है।

चांडिल डैम में 180 मीटर से ऊपर जल भंडारण नहीं करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया
चांडिल डैम में 180 मीटर से ऊपर जल भंडारण नहीं करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया

रोजगार के आभाव में डूब क्षेत्र के विस्थापित इधर – उधर भटक रहे है। परियोजना स्तर पर रिक्त पदों पर विस्थापित परिवारों के योग्य सदस्य के नियोजन की कार्रवाई ली जाय साथ ही जिला स्तर पर नियोजन में विस्थापित परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर आरक्षण का लाभ देते हुए बहाल करने की कार्रवाई करने का मांग किया।

उक्त मांगों पर विधायक ने मुख्यमंत्री से जनहित एवं लोक हित को देखते हुए पुनर्विचार करने का मांग किया साथ ही विस्थापितों को पुनर्वास की सुविधा पूर्ण रूप से नहीं मिलने तक चांडिल डैम का जल भंडारण की क्षमता 180 मीटर तक ही सीमित रखने संबंधी आदेश विभागीय अधिकारियों को देने को कहा। मौके पर केंद्रीय सदस्य काबलु महतो उपस्थित थे।

जल्द ही एक करोड की लागत से रामगढ गुहियाजोरी जर्जर सडक का मरम्मती का काम होगा शुरु

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जामा से JMM विधायक सीता सोरेन
जामा से JMM विधायक सीता सोरेन

प्रतिनिधि रामगढ

दुमका । रामगढ – गुहियाजोरी 30 किमी जर्जर गड्ढेनुमा तालाब में तब्दील हो चुके सडक का जल्द ही मरम्मती का काम चालु किया जायेगा । उक्त बाते जामा विधायक सीता सोरेन दुरभाष में बताया.उन्होंने बताया कि पथ निर्माण विभाग द्धारा ₹ 99,95,600 की लागत से रामगढ गुहियाजोरी जर्जर हो चुके सडक का मरम्मती का काम शुरु किया जायेगा । ज्ञात हो कि पथ निर्माण विभाग द्धारा रामगढ गुहियाजोरी सडक मरम्मती हेतु 5 जुलाई 2021 को पथ निर्माण विभाग द्धारा टैंडर निकाला जायेगा ।

ज्ञात हो कि इसके पहले विगत 6 माह पूर्व पथ निर्माण विभाग द्धारा सवा करोड की लागत से रामगढ गुहियाजोरी 30 किमी सडक मार्ग में बने गड्ढे को मेटल तथा डस्ट से भरकर खानापूर्ति कर दिया गया था , जो महज 6 माह के अंदर रामगढ गुहियाजोरी के तीस किमी सडक पुनःयथावत स्थिति में आ गया है जिससे लोगो तथा वाहनो को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है ।

कुएं में गिरे सुअर को बचाने के चक्कर में तीन युवकों ने गंवाई जान

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बोधगया में सुअर को बचाने के चक्कर में तीन युवकों की मौत
 सुअर के बच्चे को बचाने के चक्कर में तीन युवकों की मौत

गया से श्रीकांत

गया। गया जिला के बोधगया प्रखंड स्थित गाफ़ा पंचायत के जानी बीघा गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना प्रकाश में आई है ,जहां कुएं में गिरे एक सुअर के बच्चे को बचाने के चक्कर में 3 लोगों ने जान गवा दी।

घटना बुधवार की सुबह 8 बजे की है। जब एक सुअर का बच्चा कुएं में गिर गया जिसे बचाने के लिए एक युवक कुएं में कूदा जब वह युवक नहीं निकला तो दूसरा युवक भी कुँए में खुद पड़ा दोनों युवक जब कुछ देर तक नहीं निकले तो तीसरा युवक कूदा। इस तरह तीनों युवकों की कुँए में गिर कर घटनास्थल पर मौत हो गई।

तीन युवकों की मौत के बाद गांव में पसरा मातम
तीन युवकों की मौत के बाद गांव में पसरा मातम

मृतक की पहचान 35 वर्षीय वीरेंद्र मांझी ,22 वर्षीय जितेंद्र मांझी और 23 वर्षीय रविंद्र मांझी के रूप में की गई है। तीनो जानी विघा के रहने वाले है। इस घटना से इलाके में मातम पसरा हुआ है। साथ ही तीनो मृतक के परिजनों को रो रो कर बुरा हाल है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक बीरेंद्र मांझी का 5 छोटे छोटे बच्चे भी है ,जिसमे तीन लड़की और 2 लड़का ।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कालेज भेजा गया
शवों को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कालेज भेजा गया

बता दें कि जब लोगों को पता चला कि तीन युवक को पशु को बचाने को लेकर कुएं में कूदने से जान चली गई है तो बोधगया थाने को सूचित किया गया। बोधगया थाने के एएसआई नवल किशोर मंडल आनन-फानन में अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले को नियंत्रण में किया। उसके बाद अंचलाधिकारी कमलनयन कश्यप भी मौके पर पहुंच आपदा प्रबंधन के तहत चार चार लाख रुपये मृतक के परिजनों को देने की बात कही। इसके अलावा जेएसएस प्रमोद कुमार भी परिवारिक लाभ के तहत बीस हजार रुपए देने का आश्वासन दिया। साथ ही कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन तीन हजार रुपये तुरंत दी गई है।

तेजस्वी यादव ने फिर दिया चिराग को साथ आने का ऑफर, कहा

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करीब दो महीने पिता की सेवा करने के बाद पटना लौटे तेजस्वी यादव
करीब दो महीने पिता की सेवा करने के बाद पटना लौटे तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने कहा है कि लालू प्रसाद यादव कि तबीयत अब पहले से ठीक है और वे जल्द ही पटना लौटेंगे । तेजस्वी यादव ने फिर कहा कि चिराग भाई को तय करना है कि वे आर. एस. एस. के बंच ऑफ थॉट्स (Bunch of thoughts) के साथ रहना चाहते हैं या संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा के साथ।

लोजपा में टूट का मास्‍टरमाइंड कौन, सबको है पता

मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि यह सबको पता है कि लोजपा में टूट का मास्‍टरमाइंड (Mastermind) कौन है। ऐसे में चिराग पासवान को खुद दिशा तय करनी है। तेजस्‍वी ने कहा कि लोजपा को 2005 और 2010 में भी नीतीश जी ने तोड़ने का प्रयास किया। जब 2010 में लोजपा का एक भी एमएलए-एमपी नहीं था तब लालू जी ने रामविलास पासवान को राज्‍यसभा सांसद बनाया था।

नीतीश जी इतने भोले हैं कि उन्हें कुछ मालूम नहीं रहता

पत्रकारों द्वारा यह कहने पर कि नीतीश ने कहा है कि लोजपा में टूट की उन्हें जानकारी नहीं है, तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि – “नीतीश जी को सचमुच कुछ नहीं मालूम रहता। वे न सुबह अखबार पढ़ते हैं, न टीवी देखते हैं। नीतीश जी तो इतने भोले हैं कि उन्हें पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की भी जानकारी नहीं होगी । उन्हें तो यह भी पता नहीं होगा कि बिहार के दर्जन भर जिले बाढ का प्रकोप झेल रहे हैं।

डॉ० परमेश्वर सिंह स्वतंत्रता सेनानी की 12वीं पुण्यतिथि राजेंद्र आश्रम मैगरा में मनाई गई

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गया से श्रीकांत

गया जिले के डुमरिया प्रखंड के मैगरा निवासी स्वर्गीय डॉक्टर परमेश्वर सिंह की 12 वीं पुण्यतिथि राजेंद्र आश्रम मैगरा में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता रा प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ने की। यह कार्यक्रम कोविड-19 के मापदंड के ख्याल रखते हुए मनाया गया.

सर्वप्रथम डुमरिया प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष एवं उनके परिजनों ने स्व० डॉ० सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित दर्जनों लोगो ने स्व० डॉ० सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों को आदर्श मानकर उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

स्व० डॉक्टर परमेश्वर सिंह स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र राजेंद्र सिंह ने बताया कि आज हमारे पूजनीय पिता की 12 वीं पुण्यतिथि है सर्वप्रथम उनके चित्र पर श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि करते हुए गरीब एवं असहाय लोगों के बीच पितृभोजन कराया गया। इसके साथ ही दर्जनों ब्राह्मणों को बीच नगद राशि अनाज व मास्क वितरण किया गया.

उन्होंने कहा कि आज के दिन समाज और परिवार के लोगों को उनके द्वारा जो बताए गए मार्ग है उस पर चलना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। ईमानदारी व निष्ठा पूर्वक समाज के उत्थान के लिए गरीबों को आगे बढ़ाने के लिए उनके न्याय दिलाने के लिए संघर्षशील होना जो उनके द्वारा प्रेरणा दी गई उसे समाज में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना यही आज का उद्देश्य है। उनके सोच के अनुकूल जो कार्य अधूरा रह गया है उसी को पूरा करना हम सब सभी का कर्तव्य है।

कार्यक्रम में उपेंद्र यादव, नितीश कुमार, पिंकू अखौरी, डॉ रामकुमार, नवल सिंह, गुलटेन सिंह, मुनमुन सिंह, नंद किशोर सिंह, डॉक्टर नागेंद्र सिंह ,रंजीत सिंह , विवेक सिंह, रायन रंजीत , सूर्यमण रंजीत ,बिप्लव कुमार, सतीश कुमार, सिद्धार्थ राज आदि उपस्थित थे।

23 June 2021

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कितना धैर्य और रख पाएंगे कांग्रेस के असंतुष्ट विधायक ?

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दिल्ली में प्रभारी आरपीएन सिंह के साथ चारो कांग्रेसी विधायक:- विधायक इरफान अंसारी (जामताड़ा) , राजेश कच्छप (खिजरी) , उमाशंकर अकेला (बरही) और ममता देवी (रामगढ़) ।
दिल्ली में प्रभारी आरपीएन सिंह के साथ चारो कांग्रेसी विधायक:- विधायक इरफान अंसारी (जामताड़ा) , राजेश कच्छप (खिजरी) , उमाशंकर अकेला (बरही) और ममता देवी (रामगढ़) ।

झारखंड कांग्रेस के चार विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। आधिकारिक रूप से कहा गया है कि ये पार्टी की मजबूती पर चर्चा करने दिल्ली गए हैं।  लेकिन सबको पता है कि मामला इतना साफ और सरल नहीं है।

12 वें मंत्री का मामला भले ही फिलहाल टल गया हो, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं खिंच सकता। महागठबंधन सरकार के पांच में से डेढ़ साल निकल चुके हैं । बाकी के साढ़े तीन साल में ही सबकुछ करना है, लिहाजा विधायक थोड़े बेचैन हैं। पता नहीं कब 12 वां मंत्री बनेगा, पता नहीं कब बोर्ड-निगम का गठन होगा, पता नहीं किसे मौका मिलेगा…कुल मिलाकर अधीरता वाली स्थिति है।

कांग्रेस के गैर-आदिवासी विधायकों के हाथ खाली

प्रदीप यादव बहुत उम्मीद लेकर कांग्रेस में आए थे, लेकिन अबतक वे वेटिंग लिस्ट में ही हैं। कांग्रेस के चार महिला विधायकों में से किसी को कुछ नहीं मिला है । दीपिका पांडे सिंह कांग्रेस आलाकमान स्तर से लॉबिंग कर रही थीं, लेकिन कोई फायदा नहीं, अंबा प्रसाद अपनी पार्टी छोड़ सीधे हेमंत सोरेन के नजदीक आने की कोशिश करती कर रही हैं । लेकिन उनके तमाम टैन्ट्रम के बावजूद सिर्फ उनके मां-बाप को राहत मिलने की उम्मीद है, पद मिलने का कोई भरोसा नहीं मिला है। ममता देवी को आरपीएन सिंह से बड़ी उम्मीदें हैं।

बड़बोलेपन विधायकों का क्या होगा?

कांग्रेस के अंदर इस बात की भी चर्चा है कि बड़बोले विधायकों से कांग्रेस नेतृत्व परेशान है । भले ही उनसे कुछ कहा न गया हो, लेकिन उनकी शिकायत उपर तक की गई है। जाहिर है कि इस लिस्ट में इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला का नाम सबसे ऊपर है । ये दोनों विधायक अपने बयानों से पार्टी की किरकिरी करा चुके हैं।

आरपीएन सिंह के प्रभारी रहते राजपूत विधायकों को कुछ नहीं मिला

झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे राजेन्द्र सिंह के बेटे जयमंगल सिंह को उम्मीद थी कि राजपूत बिरादरी को इस सरकार में नुमाइंदगी जरुर मिलेगी । ये कुछ उसी तरह है जैसे प्रदीप यादव और उमाशंकर अकेला को लगता है कि यादव कोटे से उनको कुछ मिल सकता है। लेकिन अबतक तो वेटिंग ही चल रहा है।

सभी पद सिर्फ विधायकों को ही क्यों मिले ?

उधर कांग्रेस के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं में ये भी चर्चा हो रही है कि जरूरी नहीं कि सारे पद सिर्फ विधायकों को ही मिले । दूसरे कार्यकर्ताओं को भी बोर्ड-निगम में जगह मिलना चाहिए।