Wednesday 8th of July 2026 07:58:19 AM
Home Blog Page 185

दो दिन के लिए मेरी सास का ब्वॉयफ्रेंड बनो, 72 हजार रुपये दूंगी

0

हमारे देश में सास-बहू के रिश्ते की बात जेहन में आते ही झगड़ा, नोक-झोंक और घरेलू कलह की तस्वीरें उभर आती हैं। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि एक बहू अपनी सास के लिए किराए पर ब्वॉयफ्रेंड ढूंढने निकले। लेकिन ऐसा हुआ है। न्यूयॉर्क की एक बहू ने सोशल मीडिया और अखबारों में विज्ञापन दिया है कि दो दिन के लिए उनकी सास का ब्वॉयफ्रेंड बनने वालों को वो 72 हजार रुपये देंगी ।

बहू अपनी सास के लिए ढूंढ रही है ब्वॉयफ्रेंड
बहू अपनी सास के लिए ढूंढ रही है ब्वॉयफ्रेंड

न्यूयॉर्क की हडसन वैली की एक महिला द्वारा क्रेगलिस्ट पर दिए गए विज्ञापन में लिखा गया है कि उसे अपनी 51 वर्षीय सास के लिए एक साथी की जरूरत है, जो उसके साथ शादी और डिनर में शामिल हो सके । दो दिन तक उसे सास के साथ रहना होगा, जिसके लिए वह उसे एक हजार डॉलर यानी 72 हजार रुपये देगी । दरअसल इस महिला को एक शादी समारोह में शामिल होना है, जिसके लिए वह अपनी सास को भी साथ में ले जाना चाहती है । वह चाहती है कि इस वेडिंग पार्टी में सास भी सुंदर कपड़ों में एक कपल की तरह नजर आए ।

विज्ञापन में लिखा है कि “मैं अगस्त में हडसन वैली में एक शादी के लिए शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक अपनी सास के लिए बॉयफ्रेंड की तलाश में हूं. उसे दो दिन तक उसकी सास के साथ रहना होगा और उसका ध्यान रखना होगा.” इस विज्ञापन में लिखा है कि “सास सफेद रंग के कपड़े पहनेगी. किराये पर लिये गए शख्स को उसके साथ एक कपल की तरह नाटक करना होगा. दो दिन के लिए ऐसा करने से कोई भी एक हजार डॉलर कमा सकता है.” इस विज्ञापन में ये भी लिखा गया है कि इस मौके के लिए उसे ऐसे शख्स की जरूरत है, जिसकी उम्र 40 से 60 वर्ष के बीच की हो. वो अच्छा डांसर हो और बात करने में भी अच्छा हो.

बिहार में दलित को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाने के सवाल पर घमासान

0
दलित प्रदेश अध्यक्ष के विरोध में एकजुट हुए सवर्ण नेता
दलित प्रदेश अध्यक्ष के विरोध में एकजुट हुए सवर्ण नेता

बिहार कांग्रेस में इस वक्त गजब का जातिवादी बखेड़ा खड़ा हो गया है। बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास किसी दलित को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहते हैं, लेकिन बिहार कांग्रेस के सवर्ण नेताओं का कहना है कि ले-देकर कांग्रेस के पास सवर्ण बिरादरी का ही समर्थन बचा है। अगर दलित प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर सवर्ण बिदक गये तो बिहार में कांग्रेस खत्म होने से कोई नहीं रोक सकता । बिहार कांग्रेस के सवर्ण नेता सवाल पूछते हैं कि कितने दलितों ने कांग्रेस को वोट दिया है ?

भक्त चरण दास ने राजेश राम के नाम को आगे बढ़ाया

बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास ने राजेश कुमार राम का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आगे बढ़ाया है। लेकिन बिहार कांग्रेस के सवर्ण नेताओं का कहना है कि अगर मदन मोहन झा को हटाना है तो किसी सवर्ण को ही प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहिए । अगर राजेश राम को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तो उनसे पार्टी नहीं संभलेगा ।

सवर्ण नेताओं की बगावत भारी पड़ सकती है

बिहार कांग्रेस के अंदर फॉरवर्ड बनाम बैकवर्ड की यह लड़ाई बड़ा बवाल खड़ा कर सकती है। नीतीश कुमार की नजर पहले से कांग्रेस को तोड़ने पर लगी है। ऐसे में अगर बिहार कांग्रेस के अंदर अगड़ा-पिछड़ा की लड़ाई तीखी होती है तो नीतीश को एक बार फिर मौका मिल सकता है। सबसे मजेदार बात ये है कि नीतीश सवर्ण और पिछड़े हर तरह के विधायकों के संपर्क में हैं ।

बहन की सगाई में गुरुजी संग सपरिवार पैतृक गांव नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

0

उज्ज्वल दुनिया, गोला(रामगढ़) मनोज मिश्र। झारखंड के रामगढ़ स्थित गोला प्रखंड के नेमरा गांव में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सपरिवार आगमन हुआ।

छोटे से छोटे पारिवारिक कार्यक्रम में सोरेन परिवार के सभी सदस्य निश्चित रूप से नेमरा आते हैं।

शादी समारोह, मुंडन, छठी, श्राद्ध, कुलदेवी पूजा आदि हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में यह परिवार अपने पैतृक गांव को नहीं भूलता।

यही वजह है कि राजकाज के साथ पारिवारिक परंपरा की भी जिम्मेवारी निभाने के लिए बहन की सगाई के रस्म में सीएम के पूरे परिवार की भागीदारी रही।

 

अपनी चचेरी बहन की सगाई (छेंका) में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनके पिता सह राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन, भाई बसंत सोरेन आदि भी मौजूद थे।

यहां सोरेन परिवार सांसद शिबू सोरेन के भाई स्वर्गीय शंकर सोरेन की बेटी रूनु सोरेन के विवाह के पहले छेंका कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।

नेमरा गांव पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

सीएम हेमंत सोरेन के सपरिवार पैतृक गांव नेमरा पहुंचने की सूचना पर एक दिन पूर्व से ही प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।

रामगढ़ की डीसी माधवी मिश्रा और एसपी प्रभात कुमार पूरे प्रशासनिक अमला के साथ वहां मौजूद थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी बहन की सगाई के रस्म में शामिल होने गांव आए।

इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हम अपनी परंपरा को निभाते हुए अपने सभी कार्य करते हैं। हम परिवार के सभी लोग यहां शामिल हैं।

गृह रक्षा वाहिनी के सफल अभ्यर्थियों ने सीएम को सौंपा ज्ञापन

गोला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गांव में गृह रक्षा वाहिनी रामगढ़ जिला इकाई के सफल अभ्यार्थियों ने एक ज्ञापन सौंपा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपे ज्ञापन में गृह रक्षा वाहिनी के सफल अभ्यर्थियों ने कहा है कि हमारा बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द करवाया जाए।

उनकी शारीरिक जांच की प्रक्रिया पूरी हो गई है। लेकिन बुनियादी प्रशिक्षण का काम अब तक नहीं हुआ है।

17 JULY 2021

0

[pdf-embedder url=”http://localhost:8090/ud/wp-content/uploads/2021/07/Ujjwal-Duniya-17-JULY.pdf” title=”Ujjwal Duniya 17 JULY”]

8 साल से फरार कुख्यात नक्सली कवि जी जहानाबाद से गिरफ्तार

0
कवि जी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई अहम जानकारियों की उम्मीद
कवि जी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई अहम जानकारियों की उम्मीद

जहानाबाद (बिहार) । नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का कुख्यात और एरिया कमांडर कृष्णवल्लव लाल उर्फ अमरेश कुमार सिन्हा उर्फ कवि जी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी जहानाबाद और मसौढ़ी पुलिस की संयुक्त छापेमारी में हुई है। पटना जिला के मसौढ़ी थानांतर्गत हांसाडीह गांव स्थित उसके घर से पुलिस ने उसे पकड़ा है। पूछताछ के बाद उक्त नक्सली कमांडर को हुलासगंज थाना के एक केस में जहानाबाद में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

19 नक्सली वारदातों में थी तलाश
शुक्रवार को एसपी दीपक रंजन ने पुलिस ऑफिस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़ा गया कुख्यात नक्सली जहानाबाद जिला और मसौढ़ी इलाके में एरिया कमांडर के रूप में सक्रिय था। 19 नक्सली वारदातों में शामिल रहने की अब तक पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा उसके खिलाफ जहानाबाद, नालंदा, पटना एवं गया जिले के विभिन्न थाना से उसके आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है।

जहानाबाद, अरवल, पटना में था सक्रिय
एसपी ने बताया कि उक्त नक्सली जहानाबाद जिले के हुलासगंज, परसविगहा और शकूराबाद थाना क्षेत्र के 08 नक्सली कांडों में वर्षों से फरार चल रहा था। सीमावर्ती जिला पटना, नालंदा एवं अन्य जिलों में हत्या, रंगदारी, अपहरण, बम विस्फोट एवं नक्सली कांडों में भी उसकी संलिप्तता रही है।

मसौढ़ी के हंसाडीह गांव से हुई गिरफ्तारी

एसपी ने यह भी बताया कि वह अपने संगठन के लिए रोड बनाने वाले ठेकेदारों एवं ईट-भट्ठा मालिकों के साथ अन्य व्यक्तियों से लेवी वसूलने का काम करता रहा है। गुरुवार को उन्हें गुप्त सूचना मिली थी उक्त माओवादी कमांडर अपने घर में आया हुआ है। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ अशोक कुमार पांडेय के नेतृत्व में डीएसपी राजीव कुमार रंजन, हुलासगंज थानाध्यक्ष दीपक कुमार, कड़ौना ओपी के प्रभारी अजीत कुमार बड़ी संख्या में सशस्त्र बलों के साथ मसौढ़ी थाने की पुलिस के सहयोग से हांसाडीह गांव की घेराबंदी की और उसे उसके घर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया।

हवाला कारोबार की खबर मिलने के बाद रांची के कारोबारियों के यहां छापेमारी

0
छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा
छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा ?(FILE)

प्रशासन को सूचना मिली थी कि रांची के कुछ कारोबारी बड़े पैमाने पर हवाला रैकेट में शामिल हैं। इसके बाद प्रशासन की टीम ने सबसे पहले गोपाल कॉम्पलेक्स के पास प्रतीक जैन के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। इस दौरान शहर के तमाम एंट्री और एग्जिट प्वाइंट सील कर दिए गये थे । लेकिन प्रशासन को यहां से कुच खास नहीं मिली । ऐसा प्रतित होता है कि हवाला कारोबारियों को प्रशासन की रेड की सूचना पहले से मिल चुकी थी ।

16 फरवरी को भी की गई थी छापेमारी

इससे पहले पुलिस ने अपर बाजार स्थित श्री सिद्धि कपड़े की दुकान में बीते 16 फरवरी को छापामारी करते हुए कर्मचारियों से हवाला कारोबार से जुड़े लिंक की जानकारी ली थी । इसके अलावा पुलिस की टीम ने उस वक्त बी गोपाल कॉम्प्लेक्स के पास एचपी चेंबर भवन के दूसरे तल्ले में प्रतीक जैन के ठिकाने पर भी छापामारी की थी । उस वक्त सूत्रों ने बताया था कि बताया जा रहा है कि प्रतीक जैन के ऑफिस से मोटी रकम के ट्रांजैक्शन से जुड़े कई दस्तावेज मिले थे । इसके अलावा ऑफिस के अंदर से दो नोट गिननेवाली मशीन भी बरामद की गयी थी ।

 

श्री गुंडीचा मंदिर मे हेरापंचमी नीति हुई संपन्न, माता महालक्ष्मी के द्वारा तोड़ा गया प्रभु जगन्नाथ का नंदिघोष रथ

0

खरसावां: आज शुक्रवार को खरसवां के श्रीगुंडीचा मंदिर एवं हरिभनजा स्थित श्रीगुंडीचा मंदिर मे हेरापंचमी नीति की रस्म सम्पन्न की गई। पौराणिक मान्यता के अनुसार जब महाप्रभु रथ में सवार होकर मौसीवाडी श्री गुंडिचा मंदिर को बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ जाते हैं तो श्री मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ की अर्धांगिनी महालक्ष्मी अकेले रह जाती हैं। मंदिर में अकेली माता लक्ष्मी चार दिन तक महाप्रभु की प्रतीक्षा करती हैं। महाप्रभु के श्री मंदिर मे नहीं लौटने के कारण माता लक्ष्मी महाप्रभु से नाराज हो जाती है ओर क्रोधित एवं गुस्सा होकर पांचवें दिन श्री गुंडीचा मंदिर तक यात्रा करती है। मालूम हो की इस बार भी कोविड 19 को लेकर जारी अनूदेशों के अनुपालनार्थ रथ यात्रा का आयोजन नहीं किया गया। परंतु, उपरोक्त मान्यता के अनुसार शुक्रवार को देर शाम मे मंदिरों मे हेरापंचमी नीति की रस्म अदायगी की गई। इसके तहत ब्राह्मण कुमारों द्वारा माता लक्ष्मी को पालकी मे खरसवां राजमहल स्थित मंदिर से श्री गुंडीचा मंदिर तक लाया गया। जहां पांडा पुजारियों ने माता लक्ष्मी को भगवान जगन्नाथ से साक्षात करवाया। माता लक्ष्मी प्रभु जगन्नाथ से वापस अपने धाम श्री मंदिर चलने का आग्रह करती है भगवान जगन्नाथ उनके अनुरोध को स्वीकार तो करते हैं। साथ ही सहमति के रूप में एक माला महालक्ष्मी को देते हैं जिसे सहमति माला कहा जाता है। परंतु वापस नहीं जाते हैं। इससे महालक्ष्मी क्रोधित हो गई ओर अपने सेवक के द्वारा महाप्रभु के रथ नंदिघोष के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर वापस अपने मंदिर मे चली गई। यह रस्म अदायगी के समय मंदिर मे पुजारियों द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई। हेरा पंचमी के इस महा रस्म अदायगी का क्षण मे महाप्रभु जगन्नाथ एवं महालक्ष्मी के महादर्शन के लिए भक्त आतुर रहते है। परंतु कोविड 19 के कारण इस बार यह रस्म बिना भक्तों के पूरी की गई, खरसवां राजघराने के राजा गोपाल नारायण सिंहदेव मंदिर के पुजारी सह सेवायत उपस्थित रहे।

झारखंड के जेलों में बड़े पैमाने पर तबादला

0
गिरिडीह और सिमडेगा के जेलर बदले गए
गिरिडीह और सिमडेगा के जेलर बदले गए

रांची । झारखंड में दो जेलरों का तबादला कर दिया गया है। सिमडेगा जेलर अजय कुमर श्रीवास्तव को गिरिडीह का जेलर बनाया गया है। वहीं घाटशिला के जेलर मुस्तकीम अंसारी को सिमडेगा का जेलर बनाया गया है। इनके साथ ही राज्य के विभिन्न जेलों में पदस्‍थापित 32 कंप्‍यूटर ऑपरेटर और वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग ऑपरेटरों का भी तबादला किया गया है। वहीं 4 निम्‍नवर्गीय लिपिक को भी इधर से उधर किया गया है।

[pdf-embedder url=”http://localhost:8090/ud/wp-content/uploads/2021/07/press_release_61250_16-07-2021.pdf”]

धनबादः हल्दी की रस्म पूरी होते ही सोने गई दुल्हन, सांप काटने से मौत

0
16 जुलाई को थी शादी, हल्दी की रात हुई मौत
16 जुलाई को थी शादी, हल्दी की रस्म के बाद हुई मौत

धनबाद । धनबाद के एक घर में शादी की खुशियां मातम में बदल गई. 23 साल की पूनम कुमारी की शादी 16 जुलाई को होनी थी. घर में शादी की तैयारी जोरशोर से चल रही थी. बुधवार की रात हल्दी की रस्म भी अच्छी तरह से हो गई. परिवार बेटी की शादी से बेहद खुश था. लेकिन कुछ देर बाद सांप के काटने से दुल्हन पूनम की मौत हो गई । हल्दी की रस्म होने के बाद पूनम अपने कमरे में सोने चली गई. वहां पर एक जहरीला सांप कहीं छुपा बैठा था इसी सांप ने पूनम को काट लिया और पूनम की मौत हो गई. जिस घर से डोली उठनी थी वहां से गुरुवार को पूनम के पिता सत्येंद्र प्रसाद को अपनी बेटी की अर्थी उठानी पड़ी ।

सांप के काटने के बाद पूनम जोर से चिल्लाई, तुरंत ही परिवार के लोग उसके कमरे में पहुंचे और उसे तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया । जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया । जिसके बाद बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के कुलबेड़ा गांव में शादी की खुशियों के बीच मातम पसर गया । पूनम के परिवार वालों ने बताया कि वो बीएसएस महिला कॉलेज धनबाद की छात्रा थी. 16 जुलाई को उसकी शादी होनी थी जिसे लेकर घर में खुशियों का माहौल था. लेकिन सांप के काटने से पूनम की मौत हो गई. परिवार के सदस्यों का रो रो कर बुरा हाल है.

गांव वालों का कहना है कि बरसात के कारण सांप लोगों के घर में आ रहते हैं. इस इलाके में अब तक सांप के काटने से कई लोगों की मौत हो चुकी है. पूनम की मौत के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है. डर के मारे लोगों को नींद नहीं आ रही है. लोगों को लग रहा है कि कहीं उनके घर में भी सांप न आ जाए. धनबाद और आसपास के इलाकों से सर्पदंश के कई मामले सामने आए हैं. प्रशासन की तरफ से लगातार लोगों को सतर्क किया जाता रहा है. लेकिन जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सांप से अपने आपको बचा कर रखना एक बड़ी चुनौती है. उन्हें एक चूक की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है.

वृंदा करात के द्वारा NIA को National Criminal Agency बताना पाकिस्तान की भाषा

0
वृंदा करात ने स्टेन स्वामी का समर्थन करते हुए एनआइए को नेशनल क्रिमिनल एजेंसी बताया था
वृंदा करात ने स्टेन स्वामी का समर्थन करते हुए एनआइए को नेशनल क्रिमिनल एजेंसी बताया था

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने माकपा की पोलित ब्यूरो सदस्य सह झारखंड प्रभारी वृंदा करात के उस बयान का कड़ा विरोध किया जिसमें उन्होंने एनआईए को नेशनल क्रिमिनल एजेंसी कहा था।प्रतुल ने कहा कि एनआईए ,आईबी और तमाम सुरक्षा एजेंसियां अपनी जान पर खेलकर और कुर्बानी देकर देश की एकता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए लगी रहती है। ऐसा बयान देना पाकिस्तान की भाषा बोलने के समान है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि एनआईए की वजह से देश के खिलाफ बड़े बड़े अंतरराष्ट्रीय साजिशों और टेरर फंडिंग के मामलों का खुलासा हुआ है। लेकिन ऐसा लगता है श्रीमती वृंदा करात को यह पसंद नहीं है। प्रतुल ने कहा की राजनीति अपनी जगह है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल तोड़ने का किसी को हक नहीं है। माकपा को तुरंत श्रीमती वृंदा करात के इस बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

प्रतुल शाहदेव ने वृंदा करात के उस बयान का भी कड़ा विरोध किया है जिसमें उन्होंने स्टेन स्वामी की मौत को भाजपा प्रायोजित साजिश बताया था।प्रतुल ने कहा की स्वामी पर देशद्रोह के गंभीर आरोप लगे थे और उनके पक्ष में इस तरह का वक्तव्य देना अशोभनीय है।प्रतुल ने कहा कि यूपीए की सरकार के कार्यकाल में चले ऑपरेशन ग्रीन हंट का सबसे ज्यादा विरोध स्टेन स्वामी ने किया था।यूपीए सरकार को तो कम्युनिस्ट समर्थन कर रहे थे।उस समय इन्होंने स्टेन स्वामी का समर्थन क्यों नहीं किया था?

गोमियाः पति की मौत से सदमें में आई पत्नी ने 24 घंटे के अंदर दी जान

0
रात को सोई, सुबह गहरे कुएं में मिली लाश
रात को सबके साथ सोई, सुबह गहरे कुएं में मिली लाश

गोमिया। गोमिया थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के निधन के 24 घंटे भी नहीं गुजरे थे कि उसकी पत्नी का भी निधन हो गया। घर पर दो लोगों की मौत से परिजन सदमे में है। जानकारी के अनुसार गोमिया थाना क्षेत्र के गोमिया सिनेमा हॉल निवासी लाला कान्दू 52 का गुरुवार को निधन हो गया। वह कुछ दिन से बीमार था। उसका इलाज रांची रिम्स में चल रहा था। उसके निधन के बाद कल उसका अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन उसके पति के निधन के 24 घंटे भी नहीं गुजरे थे कि उसकी पत्नी अनुराधा देवी 45 वर्ष का रात को घर के समीप कुआँ में गिरने से निधन हो गया।

रात को उठकर कभी काम करने लगती, तो कभी गांव में घूमने निकल जाती

परिजनों ने बताया कि उसे मृगी का दौरा भी पड़ता था। इसके अलावा रात को कभी भी उठकर घर का काम करने लगती थी। कभी कभी वह रात को गांव में घूमने निकल जाती थी, लेकिन बहुत ही सुशील और मिलनसार महिला थी। उन्होंने बताया कि ऐसा लगता है कि वह रात को उठी और बाथरूम गई होगी। इसके बाद कुआँ से पानी निकाली है। बाल्टी में आधा पानी भरा हुआ है। उसे उसी दौरान मृगी का दौरा पड़ा होगा और वह कुआँ में गिर गई। उन्होंने बताया कि कल ही लाला कान्दू के अंतिम संस्कार कर लौटने के बाद सभी थके हुए थे। थकान के कारण रात को सभी सो गए। अनुराधा देवी भी घर के महिलाओं के साथ सो गई, उसकी एक बेटी है जो बीए में पढ़ती है, वह भी सो गई थी।

कुएं में तैरती मिली अनुराधा की लाश

अनुराधा देवी कब नींद से उठी और कुआँ में जा गिरी इसकी जानकारी उन्हें नहीं हुई। सुबह जब उन्हें खोजा जाने लगा तब वह कुएं में तैरते हुए मिली। परिजनों ने तुरंत इस घटना की जानकारी गोमिया पुलिस को दी। सुचना मिलते ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुँची और उसे बाहर निकाला गया। इस संबंध में थाना प्रभारी आशीष खाखा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुआँ से बाहर निकाला। पुलिस परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत सामने आएगी।

सच्चा कांग्रेसी किसी से नहीं डरता, जो डर गया वो कांग्रेसी नहीं

0

कांग्रेस परिवार के लोग कभी डरते नहीं, और अगर कोई डरता है तो वो कांग्रेसी नहीं हो सकता। कांग्रेस ने कभी लोकतांत्रिक मूल्यों को गिरने नहीं दिया, आज राज्यों में 100 प्रतिशत राज्यपाल की नियुक्ति आरएसएस और भाजपा के लोगों की है। कांग्रेस के समय में 50 % से ज्यादा नियुक्ति अलग अलग क्षेत्र से आये लोगों की होती थी। ये बातें राहुल गांधी ने देश भर के कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया के स्टेट कोऑर्डिनेटर व सोशल मीडिया एक्टिविस्टों के साथ वर्चुअल वेबिनार के दौरान कही ।

झारखण्ड प्रदेश सोशल मीडिया स्टेट कोऑर्डिनेटर गजेंद्र सिंह भी हुए शामिल
झारखण्ड प्रदेश सोशल मीडिया स्टेट कोऑर्डिनेटर गजेंद्र सिंह भी हुए शामिल

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना महामारी एवं वैक्सीनेशन के अनिमितताओं ने देश के लोगों को खतरे में डाला। देश कांग्रेस के साथ फिर से बढ़ने को तैयार है, बस हम अपने आइडियोलॉजी को लोगों तक खास कर युवाओं तक में फैलायें। उन्होने तंज कसते हुए पूछा कि देश की आज़ादी में लोग गांधी, पटेल आदि के कहानी सुने हैं, कोई सावरकर या गोवलकर कि कहानी सुना है क्या ?

संगठन प्रभारी के सी वेणुगोपाल , मीडिया प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोशल मीडिया हैंडल की उपयोगिता पर बल देते हुए कांग्रेस विचारधारा से जोड़ने व तथ्यात्मक जानकारी के जरिये सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनमानस को अवगत करवाते रहने को प्रेरित किया । अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी सोशल मीडिया प्रमुख रोहन गुप्ता ने कहा कि वेबिनार सोशल मीडिया विभाग के लोगों के लिए उत्साहवर्धन का काम करेगा ।

झारखण्ड प्रदेश सोशल मीडिया स्टेट कोऑर्डिनेटर गजेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ही वो पार्टी है जहां का शिर्ष नेतृत्व ऐसे कार्यक्रम के जरिये अपने कार्यकर्ताओं की बातों को सुनने की बात करती है । झारखण्ड सोशल मीडिया विभाग अपने नेता से सीधा संवाद स्थापित होने से उत्साहित है ।

झारखंड कांग्रेस में बदलाव की आहट तेज, कई नेताओं ने दिल्ली में डाला डेरा

0

झारखंड कांग्रेस में हलचल अचानक बढ़ गई है। नेताओं के दिल्ली दौरे बढ़ गये हैं। कुछ खुद के लिए तो कुछ अपने आका के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। दिल्ली पहुंचने वालों में ज्यादा संख्या रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे जिलों के नेताओं की है । कहा जा रहा है कि रामेश्वर उरावं जाने वाले हैं, कोई नया आने वाला है….

नई दिल्ली में आरपीएन सिंह से मुलाकात करते झारखंड कांग्रेस के विधायक
नई दिल्ली में आरपीएन सिंह से मुलाकात करते झारखंड कांग्रेस के विधायक

एक नेता, एक पद की उठी मांग

झारखंड कांग्रेस में दो ऐसे नेता हैं जो एक साथ दो पद संभाल रहे हैं । पहला, रामेश्वर उरावं और दैसरे आलमगीर आलम । रामेश्वर उरांव झारखंड के वित्त मंत्री तो हैं ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं । वहीं आलमगीर आलम भी मंत्री होने के साथ-साथ विधानसभा में विधायक दल के नेता भी हैं। अब कांग्रेस के अंदर से ही आवाज उठ रही है कि जब पार्टी में “एक व्यक्ति, एक पद” का नियम है तो फिर इन दोनों को ये स्पेशल छूट क्यों ?

बोर्ड-निगम के गठन में देर क्यों ?

वैसे तो पार्टी के अंदर कई बातों को लेकर नाराजगी है लेकिन बोर्ड निगम का गठन न होने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हेमंत सरकार का लगभग दो साल पूरा होने वाला है। अब बाकी बचे तीन सालों में ही काम होने हैं । कांग्रेस के अंदर सवाल उठ रहे हैं कि जो मंत्री बन गये, वो ही नहीं चाहते कि बोर्ड-निगम पर जल्द फैसला हो , ताकि इनका प्रभुत्व बना रहे । इसी तरह 12वें मंत्री का फैसला न होने को लेकर भी यही कहा जा रहा है कि रामेश्वर उरावं का कुर्सी प्रेम ही है। कहा जा रहा है कि वो अपने निष्कंटक सत्ता में मंत्री को लेकर कोई हलचल पैदा नहीं करना चाहते। वैसे भी रामेस्वर उरावं तकतक कोई बदलाव या प्रतिक्रिया नहीं देते, जबतक कोई बाह्य बल न लगाया जाय  ।

संगठनात्मक मुद्दों पर हुई चर्चा- बन्ना गुप्ता
संगठनात्मक मुद्दों पर हुई चर्चा- बन्ना गुप्ता

नये अध्यक्ष पद के संभावित नामों की भी चर्चा

हालांकि अभी कांग्रेस आलाकमान ने झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पर किसी के नाम पर फैसला नहीं लिया है लेकिन उससे पहले ही कुछ नामों को लेकर चर्चाएं शुरु हो चुकी हैं । कोई कह रहा है कि इस सरकार में कांग्रेस की ओर से किसी महिला को कोई पद नहीं दिया गया है, लिहाजा अध्यक्ष पद किसी महिला को देकर पार्टी महिलाओं के गुस्से को शांत कर सकती है। ऐसे लोगों की पहली पसंद महागामा विधायक दीपिका पांडे सिंह या गीता कोड़ा हैं।

पार्टी का एक धड़ा किसी क्रिश्चियन आदिवासी को पार्टी का अध्यक्ष पद या फिर 12वां मंत्री पद दिलाने के लिए जोर लगा रहा है। इनका तर्क है कि जिस ईसाई आदिवासियों ने हमेशा कांग्रेस को वोट दिया हो, सरकार बनने के बाद उनकी उपेक्षा करना ठीक नहीं है। वैसे भी हेमंत सोरेन अपने बयानों से ईसाई आदिवासियों को अपनी ओर खींचने का भरसक प्रयास कर रहे हैं. कहीं ऐसा न हो कि आगे के चुनावों में समाज का ये तबका कांग्रेस को छोड़ झामुमो का दामन थाम ले ।

कांग्रेस के अंदर एक छोटा लेकिन मजबूत धड़ा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार को दोबारा पार्टी की कमान देने के पक्ष में है। अजय कुमार के गांधी परिवार के साथ मधुर रिश्ते हैं. राहुल गांधी और सोनिया , दोनों अजय कुमार को पसंद करते हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस में दोबारा वापसी के पीछे भी गांदी परिवार के साथ यही मधुर रिश्ता काम आया, वरना झारखंड कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व तो डॉ. अजय कुमार को दोबारा कांग्रेस में वापस ही नहीं आने देना चाहता था ।

बहन की सगाई में नेमरा में पहुचे सीएम हेमंत ने कहा

0
नेमरा में मुख्यमंत्री का स्वागत करतीं माधवी मिश्रा
मुख्यमंत्री का स्वागत करतीं उपायुक्त माधवी मिश्रा

मनोज मिश्र, उज्जवल दुनिया
नेमरा : बहन की सगाई में अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के पहले हम तैयार हैं। उन्होने कहा कि झारखंड में संसाधनों का घोर अभाव है। इसके बाद भी पहली और दूसरी लहर में लोगों को बेहतर प्रबंधन की बदौलत बेहतर सुविधाएं मिली थीं।

 

टेस्टिंग और वैक्सीन ही है मूलमंत्र

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और संसाधनों से तीसरी लहर का मुकाबला किया जाएगा। और जरूरत पड़ने पर और भी संसाधन जुटाए जाएंगे। सीएम ने जानकारी दी है कि आपदा विभाग की सभी लोगों पर पैनी नजर है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में संक्रमण की पहचान आसान नहीं है।उन्होने बताया कि बृहद जानकारी नहीं होने से कई चीजों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में कोविड की टेस्टिंग मशीन काफी लाभदायक साबित हो रहा है। अब झारखंड जांच की प्रक्रिया में भी सक्षम है और संक्रमितों की पहचान की जाने लगी है।

नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्वागत रामगढ़ जिला पुलिस गार्ड ऑफ ऑनर देकर। साथ ही उपायुक्त माधवी मिश्रा और एसपी प्रभात कुमार ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।

कैप्टन की नाराजगी के बाद पंजाब कांग्रेस में दो

0
सिद्धू और कैप्टन अमरिन्दर गुट की अलग-अलग बैठक
सिद्धू और कैप्टन अमरिन्दर गुट की अलग-अलग बैठक

 

चंडीगढ़। कल तक पंजाब कांग्रेस के दो बड़े दिग्गजों सिद्धु और कैप्टन अमरिन्दर के बीच शीत युद्ध था । लेकिन फिर कांग्रेस आलाकमान के इशारे पर प्रशांत किशोर की इंट्री हुई । पीके ने फार्मूला दिया कि नवजोत सिंह सिद्धु को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाय और कैप्टन अमरिन्दर सिंह को सीएम पद का चेहरा। लेकिन जैसे ही पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने इस फार्मूले की घोषणा की, शीत युद्ध “फुल स्केल वार” में तब्दील हो गया।

सिद्धु और कैप्टन ग्रुप की अलग-अलग आपात बैठक

बुधवार को हरीश रावत ने फार्मूले का एलान किया, बुधवार को कैप्टन अमरिन्दर सिंह नाराज़ हुए और गुरुवार को दोनों गुटों की अलग-अलग आपात बैठक बुलाई गई। कैप्टन अमरिन्दर सिंह के साथ पंजाब कांग्रेस के आम कार्यकर्ता हैं तो नवजोत सिंह सिद्धु के साथ प्रशांत किशोर और आलाकमान। देखना है कि दोनों में किसकी जीत होती है। इस बीच पंजाब से आने वाले कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि “कांग्रेस को सिर्फ कांग्रेस ही हरा सकती है, पंजाब में भी यही हो रहा है” ।

प्रशांत किशोर ने गेम कर दिया

ये बात हर किसी को पता है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रशांत किशोर को कभी जरुरत से ज्यादा तवज्जों नहीं दी । 2017 में भी प्रशांत किशोर और उनकी टीम ने कांग्रेस को जीताने का ठेका लिया था । लेकिन कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उन्हें पंजाब से दूर रखा। बेचारे झख मारकर यूपी में खाट सभा करवाते रहे । रिजल्ट के बाद पंजाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस को बंपर जीत मिली, और उत्तर प्रदेश में “यूपी के दो छोरे” बुरी तरह से पिटे । तभी से प्रशांत किशोर के मन में कैप्टन अमरिन्दर सिंह को लेकर एक कड़वाहट थी , जिसे निकालने का मौका अब मिला है।

सिद्धु का कंधा, पीके की बंदूक

नवजोत सिंह सिद्धु लंबे अरसे से कैप्टन अमरिन्दर सिंह से नाराज चल रहे हैं, लेकिन उनकी इस नाराज़गी को आलाकमान ने कभी तवज्जों नहीं दी । कांग्रेस का हर छोटा-बड़ा नेता जानता है कि पंजाब की राजनीति में कैप्टन अमरिन्दर का अपना दबदबा है। वो गांधी परिवार के भरोसे चुनाव नहीं जीतते, बल्कि अपने कंधों पर पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनवा दी । दूसरे शब्दों में कहें तो कैप्टन अमरिन्दर वर्तमान में कांग्रेस के सबसे मजबूत क्षत्रप हैं, जो सीधे गांधी परिवार की आखों में आंखे डालकर बात कर सकता है। पीके को यहीं से कैप्टन से अपने अपमान का बदला लेने का मौका मिला।

सिद्धु- प्रियंका की मुलाक़ात से बदला समीकरण

बात करीब एक महीने पहले की है । नवजोत सिंह सिद्धु दिल्ली में राहुल-सोनिया से मुलाकात करने पहुंचे थे, लेकिन करीब दो दिनों तक इंतजार के बाद उनकी मुलाकात प्रियंका गांधी से हुई। इस मुलाक़ात के बाद प्रशांत किशोर ने सिद्धु को समझाया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह को हराना है तो पहले संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करो । पंजाब कांग्रेस के हर महत्वपूर्ण पदों पर अपने आदमी फिट करो । एक बार पंजाब कांग्रेस के संगठन पर कैप्टन की पकड़ ढीली हुई, कि उसे उखाड़ फेकेंगे । इसी रणनीति के तहत सिद्धु को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की योजना बनी ।

उधर कांग्रेस भाई-बहन को समझाया (चुगली) गया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह सिर्फ़ सोनिया गांधी को महत्व देते हैं, जबकि राहुल-प्रियंका को बच्चा समझते हैं। संगठन में अपनी पकड़ मजबूत रखनी है तो कैप्टन को उसकी हैसियत समझानी होगी । इस लिहाज़ से सिद्धु को कैप्टन के खिलाफ अपने मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैप्टन अमरिन्दर अब क्या करेंगे?

कैप्टन अमरिन्दर सिंह जानते हैं कि पंजाब में उनका विकल्प सिद्धु नहीं हो सकता। कैप्टन को पता है कि कांग्रेस को पंजाब में वही जीत दिला सकते हैं, बाकी सबलोग जनता और कार्यकर्ताओं पर पकड़ के मामले में उनसे हल्के हैं। अपनी इसी स्थिति का फायदा वो उठाना चाहते हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अपनी नाराजगी सोनिया गांधी को जता दी है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अगर पंजाब में जीतना है तो पीके-सिद्धु को अपनी नौटंकी बंद करने बोलिए । और अगर उन्होंने राहुल-प्रियंका को काबू में नहीं रखा तो चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस टूट जाएगी, चुनाव हारेंगे सो अलग ।