Wednesday 8th of July 2026 05:51:21 AM
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गैंगस्टर अमन साहू गिरोह के छह सदस्य हथियार के साथ गिरफ्तार

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उज्ज्वल दुनिया, चतरा(गीतांजली)। चतरा जिला पुलिस ने गैंगस्टर अमन साहू गिरोह के छह सदस्यों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है।

उनकी गिरफ्तारी टंडवा थाना क्षेत्र से हुई है। उस वक्त गिरोह के सदस्य फलवसिया रेलवे साइडिंग पर बड़ी घटना करने की योजना बना रहे थे।

योजना बनाने के क्रम में ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने उनके पास से हथियार एवं अन्य सामान जब्त किया है।

इसमें 7.62 बोर का दो पिस्टल, चार मैगजीन व 48 कारतूस, 7.65 बोर का चार पिस्टल, दो मैगजीन व 12 कारतूस, दो चोरी की मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल, मोबाइल चार्ज करने वाला एक पावर बैंक आदि शामिल है।

गिरफ्तार अपराधियों में लातेहार जिले के डुरुआ गांव निवासी स्वर्गीय मुरारी यादव के 20 वर्षीय पुत्र निक्की यादव उर्फ आकाश उर्फ मुखिया, नकुल सिंह का 20 वर्षीय पुत्र दिलीप सिंह उर्फ शाका, गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र स्थित अंबाडीह गांव निवासी कैलाश महतो का 23 वर्षीय पुत्र सेवचंद महतो शामिल है।

वहीं राजधनवार थाना क्षेत्र के राजधनवार गांव निवासी वृंदा नारायण पांडेय का 23 वर्षीय पुत्र मणिकांत पांडेय और हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित बुंडू गांव निवासी धनेश्वर तुरी के 23 वर्षीय पुत्र राजकुमार तुरी और मुन्ना करमाली के 20 वर्षीय पुत्र आकाश करमाली का नाम शामिल है।

बिना रूके, बिना थके जनहित के कार्यों को अंजाम देने में जुटी हैं रामगढ़ डीसी माधवी मिश्रा

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उज्ज्वल दुनिया, रामगढ़ (मनोज मिश्र)। जनहित से जुड़े कार्य डीसी माधवी मिश्रा के लिए सर्वोपरि है। तभी तो अवकाश के दिन रविवार को भी उन्होंने बिना थके, बिना रूके हर दिन की तरह जिले की गतिविधियों के बारे में जानकारी लेती रहीं।

उनकी यह पहल निश्चित तौर पर अन्य अधिकारियों अथवा कर्मियों के लिए भी अनुकरणीय है, चूंकि जो स्थिति फिलहाल है, तो कोरोना की तीसरी लहर कब आ जाए, कोई नहीं जानता। वह छुट्टी या वर्किंग डे देखकर तो आती नहीं।

ऐसे में अगर पहले से सजग और सतर्क रहें, तो अबूझ वायरस का मुकाबला बेहतर तरीके से कर पाएंगे।

शायद यही वजह है कि रामगढ़ की डीसी माधवी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले के किसानों को केसीसी का लाभ देने और कोरोना संक्रमण की रोकथाम लिए चल रहे कार्यों की समीक्षा की।

डीसी ने परियोजना निदेशक आत्मा प्रवीण कुमार सिंह से जिले के अलग-अलग प्रखंडों में किसान क्रेडिट कार्ड के तहत अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली।

डीसी ने प्रखंडवार बीडीओ से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक पूर्ण कर लिए गए कार्यों की समीक्षा की।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डीसी ने जिला अग्रणी प्रबंधक और सभी बीडीओ को सभी किसानों को केसीसी का लाभ देने के लिए जल्द से जल्द प्रखंड स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक करने और सभी आवेदनों का निष्पादन करने का निर्देश दिया।

इस दौरान डीसी ने एसडीओ मो जावेद हुसैन को नियमित रूप से सभी बीडीओ के साथ किसान क्रेडिट कार्ड के संबंध में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान डीसी ने सभी अंचल अधिकारियों को केसीसी का लाभ लेने के लिए प्राप्त आवेदनों के वेरिफिकेशन के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए।

डीसी ने जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए हो रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिविल सर्जन डॉ गीता सिन्हा मानकी एवं जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ सत्य प्रकाश से जिले में प्रतिदिन की जा रही कोरोना जांच, जांच किट की उपलब्धता आदि की जानकारी ली।

इस दौरान डीसी ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में प्रतिदिन की जा रही कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने एवं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर कोरोना जांच शिविर का आयोजन करने का निर्देश दिया।

कोरोना से बचाव के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों के पालन की समीक्षा करते हुए डीसी ने एसडीओ को नियमित रूप से जिले के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क चेकिंग अभियान चलाने तथा सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सरकारी गाइडलाइन का अनुपालन नहीं करते हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई करें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डीडीसी, एसडीओ, सिविल सर्जन, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परियोजना निदेशक आत्मा, जिला अग्रणी प्रबंधक, डीपीएम एनएचएम, डीडीएम, मैनेजर आईटी, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी बीडीओ, सीओ एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

हवाला कारोबार और छापेमारी के बहाने व्यापारियों को परेशान कर रही पुलिस

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भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हाल ही में राजधानी रांची सहित राज्य के कुछ शहरों में कारोबारियों के यहां छापे पर सवाल उठाए हैं। बाबूलाल मरांडी ने पूछा है कि झारखंड में पुलिस अनवरत दर्जनों छापामारी कर कथित हवाला कारोबारियों के यहाँ रूपया ढ़ूंढ़ने का ड्राइव चला रही है।यह अलग बात है कि एक रूपये कहीं से भी बरामद होने की सूचना अबतक नहीं है। आखिर किस आधार पर पुलिस छापेमारी करती है ? अगर पुलिस गुप्त सूचना के आधार पर चापेमारी करती है तो आजतक एक धेला भी बरामद क्यों नहीं कर सकी ?

हवाला और छापेमारी के जरिए व्यवसाइयों को परेशान कर रही है पुलिस- बाबूलाल
हवाला और छापेमारी के जरिए व्यवसाइयों को परेशान कर रही है पुलिस- बाबूलाल

कहीं कारोबारियों को परेशान करने के लिए तो छापेमारी नहीं ?

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ये बात झारखंड का बच्चा-बच्चा जानता है कि हेमंत सरकार में कोयला, बालू, पत्थर आदि का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। सत्ताधारी दल के लोग वसूली में व्यस्त हैं। पुलिस थाने कारोबारियों से वसूली के अड्डे बने हुए हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि जिन व्यापारियों ने अवैध रुप से पैसे देने से मना किया हो, उनको परेसान करने के लिए छापेमारी की जा रही है ? उन्होने कहा कि खबरों में बताया गया है कि पुलिस ने वैसे ठिकानों से कुछ काग़ज़ात बरामद किये हैं जो अब आयकर विभाग को भेजा रहा है। यह बात मेरे समझ से परे है कि नोट ढूँढने में रांची पुलिस की इतनी दिलचस्पी का राज क्या है?

जेल से हो रही अवैध वसूली, पर पुलिस की नजर व्यापारियों के पैसों पर

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पुलिस को जेल से फिरौती रंगदारी वसूल रहे अपराधियों समेत लेवी वसूलने वालों का धंधा बंद कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखता है। क्या आजकल झारखंड में पुलिस की प्राथमिकता व्यापारियों का काला धन और उनका हवाला कारोबार का रूपया ढ़ूंढ़ना ही है? उन्होने कहा कि अगर झारखंड की पुलिस को यही करना था तो सटीक सूचना के आधार आयकर विभाग को साथ लेकर उनकी मौजूदगी में ही छापामारी करना चाहिये था। आशंका है कि बिना सिर पैर की ग़लत सूचना पर इस छापामारी से कारोबारियों में दहशत पैदा कर हफ़्ता वसूली का एक नया रास्ता बनाये जाने का प्रयास हो रहा है?

कारोबारियों से अवैध वसूली की खातिर डराने के लिए हो रही है छापेमारी

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि आशंका है कि इस छापामारी से कारोबारियों में दहशत पैदा कर,  हफ़्ता वसूली का एक नया रास्ता बनाये जाने का प्रयास हो रहा है । उन्होने सवाल उठाया कि क्या झारखंड पुलिस वैसे लोगों को चिन्हित कर दंडित करेगी जिनके ग़लत सूचनाओं पर छापामारी हुई, दहशत पैदा हुई, पुलिस की प्रतिष्ठा और छवि धूमिल हुई लेकिन एक रूपया भी कहीं मिला नहीं?

आकाओं के इशारे पर व्यवसाइयों को प्रताड़ित करना बंद करे पुलिस

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड पुलिस अपने आकाओं को खुश करने के लिए व्यवसाइयों को परेशान करना बंद करे। उन्होने सीएम हेमंत सोरेन से कहा कि अगर आपकी पुलिस काला कारोबार रोकने के लिये इतना ही चिंतित है तो पहले बालू, पत्थर, कोयला, शराब, ज़मीन, अपराधियों और उग्रवादियों के लेवी वसूली, जैसे गोरखधंधे करने वालों पर तो लगाम लगाये और इनके काले धन को पकड़े।

डोरंडा के अल्ताफ को दिनदहाड़े गोली मारी थी, 10 अपराधी हुए गिरफ्तार, पर्दे के पीछे के मास्टरमाइंड की तलाश

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राजधानी रांची के हिनू में डोरंडा के जमीन कारोबारी अल्ताफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि महज कुछ हजार रुपए खर्च कर इस कांड को अंजाम दिलवाया गया । हालांकि भविष्य में लाखों का मुनाफा होने की लालाच शूटरों को दी गयी थी ।

महज 5-5 हजार रुपये लेकर कर दी जमीन कारोबारी की हत्या
महज 5-5 हजार रुपये लेकर कर दी जमीन कारोबारी की हत्या

कुल 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया

रांची एसएसपी सुरेन्द्र झा के निर्देश पर इस हत्याकांड की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने दो दिनों के अंदर कुल 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में राशिद अंसारी, साहेब खान, मोहम्मद चांद ,मोहम्मद राज, निजार अख्तर, शाहबाज करतूस, राशिद अंसारी, सरफराज कुरैशी मोहम्मद वारिस और सैफ अली खान शामिल हैं । इनमें से तीन, राशिद अंसारी, मोहम्मद चांद और मोहम्मद राज का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है ।

पर्दे के पीछे से कुछ लोग थे शामिल

पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में कुल 12 लोग शामिल ते जिनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि दो अन्य लोग पर्दे के पीछे से साजिश रच रहे थे, जिनकों जल्द ही पकड़ लिया जाएगा । हत्या कांड में राशिद अंसारी,साहेब खान उर्फ दादा, शाबाज़ कारतूस उर्फ सूखा उर्फ चोंच और सरफराज कुरैशी शामिल थे । जिन्होंने अल्ताफ को हिनू में बीच सड़क में गोली मारी गयी थी । वहीं अन्य गिरफ्तार आरोपी अल्ताफ की रेकी और हथियार को छिपाने में अहम भूमिका निभा रहे थे ।

महज 4-5 हजार रुपये लेकर कर दी हत्या

आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली है । जिसके अनुसार हत्या के पीछे के खेल में कुछ और आरोपी हैं, जो पर्दे के पीछे थे, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है । वहीं मामले की जानकारी देते हुए रांची एसएसपी ने बताया की शूटरों को 4 से 5 हजार रुपए खाने पीने को दिया गया था।

पर्दे के पीछे कुछ और लोग हैं इस हत्याकांड में शामिल- एसएसपी
पर्दे के पीछे कुछ और लोग हैं इस हत्याकांड में शामिल- एसएसपी

जमीन कारोबार में की गई हत्या

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि अल्ताफ गड़बड़ आदमी था. उसने कुछ लोगों से जमीन के नाम पर पैसे लिए थे, लेकिन उनको जमीन नहीं दी। इस वजह से कई लोगों से उसका विवाद चल रहा था । ज्यादा पैसे कमान के चक्कर में ही उसने कई लोगों से पैसे ले रखे थे।

 

धनबाद के गंसाडीह में जमीन धंसी, मजदूर समाया, कई लोगों को खींचकर निकाला गया

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रमेश पासवान की फाइल तस्वीर तथा झुलसने के बाद रमेश पासवान
रमेश पासवान की फाइल तस्वीर तथा झुलसने के बाद रमेश पासवान

धनबाद । गंसाडीह में तीन नंबर आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट के पास जमीन धंसने से समें मजदूर समा गया । रविवार जोरदार आवाज से साथ धरती फटी। एक बड़े आकार का गोफ बन गया। घटना के समय गुजर रहा 35 वर्षीय मजदूर रमेश पासवान उर्फ उमेश पासवान गोफ में समा गया। गोफ के बाहर सिर्फ उसके हाथ की अंगुली दिखाई दे रही थी। यह देख वहां से गुजर रहे लोगों ने शोर मचाया। स्थानीय बस्ती के लोगों ने किसी तरह खींच कर रमेश को बाहर निकाला। वह पूरी तरह झुलस गया है। गंभीर हाल में उसे इलाज के लिए SNMMCH में भर्ती कराया गया जहां से उसे बोकारो जनरल अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

सुबह-सुबह शौच के लिए जा रहा था रमेश

घटना रविवार तड़के हुई। बताया कि रमेश घर से निकलकर शौच के लिए जंगल की ओर जा रहा था। इसी दौरान प्रोजेक्ट और बस्ती से सटे थोड़ी दूर अचानक उमेश के जमीन पर पैर रखते ही भू धंसान की घटना हुई और उससे बने गोफ में उमेश समा गया।

बीसीसीएल ने घोषित कर रखा खतरनाक क्षेत्र

बीसीसीएल गोधर प्रबंधन ने इलाके को पूर्व से भू धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है। उमेश दैनिक मजदूरी करता है। उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे है। घटना को लेकर पहुंचे वार्ड 11 के पार्षद प्रतिनिधि बदरी रविदास, दीनानाथ सिंह और बस्ती के लोगो ने विरोध प्रदर्शन कर बीसीसीएल गोधर और यूसीसी आऊट सोर्सिंग प्रबंधन से उमेश पासवान के परिवार को मुआवजा और समुचित इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है। इस संदर्भ में वार्ड 11 के पार्षद प्रतिनिधि बदरी रविदास ने गोधर के पीओ नवीन कुमार और आऊटसोर्सिंग प्रबंधक संतोष सिंह से मोबाइल पर वार्ता की। हर संभव मदद का आश्वासन मिला।

वज्रपात की चपेट में आने से आठ दुधारू पशुओं की मौत

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नौडीहा (उज्ज्वल दुनिया): वज्रपात की चपेट में आने से नौडीहा प्रखंड क्षेत्र के करकट्टा पंचायत अंतर्गत हरैया में पेड़ के नीचे खड़े आठ दुधारू मवेशियों की मौत हो गई। हल्की बूंदा बांदी के बीच रविवार को आसमानी बिजली का कहर दिखा। मृत मवेशियों में चार मवेशी जगदेव राम, दो गर्भवती गाय छोटन राम, चार गर्भवती पशु उक्त गांव के ही कईल राम की थी। दुधारू पशुओं की मौत के बाद दोनो गरीब किसानो को आर्थिक व मानसिक नुकसान पहुंचा है। दुर्घटना में दोनो किसानो का डेढ़ लाख के करीब का नुकसान पहुंचा है।

बढ़ती महंगाई के विरोध में राजद कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी पर चढ़कर किया प्रदर्शन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका

गया: लगातार बढ़ रही महंगाई के विरोध में राजद कार्यकर्ताओं ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिले के गुरुआ बाजार में राजद विधायक विनय यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता पूरे गुरुआ बाजार के विभिन्न सड़क को पर घूम-घूमकर सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी करते रहे।

इस मौके पर गुरुवार विधानसभा से राजद विधायक विनय यादव ने कहा कि कमर तोड़ महंगाई के विरोध में राजद के अध्यक्ष जगदानंद सिंह के निर्देश पर आज पूरे बिहार के सभी प्रखंडों में कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कमरतोड़ महंगाई से गरीब लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर एक सौ रुपए के पार हो चुकी है। सरसों का तेल 2 सौ से भी ज्यादा प्रति लीटर बिक रहा है। गैस सिलेंडर की कीमत 1 हजार हो गई है। लेकिन सरकार महंगाई को रोक पाने में विफल है।

सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं थी, तब भाजपा वाले लोग गैस सिलेंडर माथे पर रखकर सड़कों पर प्रदर्शन करते थे और कहते थे कि हमारी सरकार आएगी तो महंगाई पर रोक लगाई जाएगी। सामानों की कीमतें कम होंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। आज महंगाई आसमान छू रही है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई के विरोध में हमारा दो दिवसीय प्रदर्शन कार्यक्रम है। कल 19 जुलाई को जिला स्तर पर व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।

जमीन पर कब्जा करने को लेकर दो पक्षों में जम कर हुई मारपीट, कई लोग घायल

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गढ़वा में जमीन पर कब्जा करने को लेकर दो पक्षों जम कर हुई मारपीट, कई लोग हुए घायल

गढ़वा (उज्ज्वल दुनिया): गढ़वा जिला के कांडी थाना क्षेत्र के ढबरिया गांव में पुश्तैनी रैयती जमीन जोतने के क्रम में दो पक्षों में मारपीट हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कपिल दुबे, सुनील दुबे,दयाशंकर दुबे,अनिल दुबे अपनी रैयती जमीन जोतने गए तो गांव के ही रामचंद्र चैधरी एवं अन्य लोगों ने अपने महिला सदस्यों के द्वारा विरोध करने लगे और कहासुनी करते.करते दोनों पक्षों में मारपीट हो गया।

मारपीट में दोनों पक्ष के कई लोग घायल हो गए जिसमें 40 वर्षीय रामचंद्र चैधरी,35 वर्षीय उसकी पत्नी मालती देवी,17 वर्षीय पुत्री छोटी कुमारी व घर कि ही 50 वर्षीय देवांती देवी। सभी घायलों को ग्रामीणों व परिजनों के इलाज हेतु मझिआंव रेफरल अस्पताल लाया गया जहां उपस्थित डॉ जियाउल मुस्तफा के द्वारा सभी घायलों का ईलाज किया गया। घायल रामचंद्र चैधरी एवं उनकी पत्नी मालती देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इधर इस संबंध में घायल रामचंद्र चैधरी ने बताया कि गांव के ही कपिल दुबे के द्वारा रैयती जमीन पर कब्जा किया जा रहा था। वे इसका विरोध किया, उनका विरोध करना उनको नागवार लगा। वही मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार कपिल दुबे वगैरह जब अपनी जमीन को जोतने गए थे तो उसी क्रम में चैधरी लोगों के द्वारा मिर्चा की गुड़ी वगैरह एवं लाठी डंडा चलाने लगे इसके बाद दुबे परिवार लोगों के द्वारा भी झगड़ा किया गया।

वहीं दूसरी ओर रामचंद्र चैधरी ने बताया कि झगड़ा में उनका हाथ टूट गया, उनकी पत्नी का माथा फट गया, तथा उनकी छोटी बेटी को अंदरुनी गंभीर चोट लगी। साथ ही घर की एक महिला देवंती देवी का भी माथा फट गया जिसके कारण वे सभी लोग घायल हो गए। इस संबंध में घायल के परिजनों के द्वारा थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन दे दिया गया है।

इधर समाचार लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही थी।

ग्रामीणों ने किडनैपर का प्लान किया फेल, अपहृत व्यवसायी मुक्त, 7 बदमाशों को दबोचा

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ग्रामीणों ने किडनैपर का प्लान किया फेल
अपहृत व्यवसायी मुक्त, 7 बदमाशों को दबोचा
अपहरणकर्ता बिहार से पलामू लाकर कर रहे थे व्यवसायी की पिटाई

छतरपुर। ग्रामीणों की तत्परता से आज पलामू पुलिस ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। जानकारी के अनुसार बिहार में संचालित एक अपहरण गिरोह के सदस्यों ने बिहार के ही औरंगाबाद जिला अंतर्गत नबीनगर थाना क्षेत्र निवासी व्यवसायी शैलेंद्र कुमार को अगवा कर लिया था।

व्यवसायी को अगवा करने के बाद उसे पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के देवगन के इलाके में रखा गया था। इसी दौरान भीतिहा मोड़ के पास स्थित सूनसान क्षेत्र में ले जाकर अपहरणकर्ता व्यवसायी के साथ मारपीट करने लगे।

आसपास मौजूद चरवाहे और मछुवारों ने देखा तो ग्रामीणों को सूचना दी। शोरगुल सुन वहां पर काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गये। इसके बाद ग्रामीण एकजुट होकर बदमाशों से भिड़ गए। इस बीच अपहरणकर्ता भागने लगे। लगभग एक किलोमीटर दौड़कर ग्रामीणों ने सभी अपहरणकर्ताओं को धर दबोचा। इसके बाद उनकी पिटाई करने के साथ ही साथ उनके हाथ पैर बांध दिये।

पूछताछ के दौरान व्यवसायी शैलेन्द्र कुमार के अपहरण की बात सामने आई। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए दिनादाग पंचायत की मुखिया अनिता देवी के पति रामराज पासवान ने मामले की जानकारी पलामू एसपी को दी।

मामले पर एसपी के संज्ञान लेने के बाद छतरपुर पुलिस की टीम देवगन डैम के पास पहुंची और सात अपहरणकर्ताओं को छतरपुर थाना लेकर आई। एसडीपीओ अजय कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की सक्रियता से व्यवसायी को मुक्त करवा लिया गया है। साथ ही सात आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में चार बिहार के और तीन पलामू के पीपरा थाना क्षेत्र के रहनेवाले हैं।

बताया जाता है कि व्यवसायी शैलेन्द्र सिंह के पास एक व्यक्ति का पैसा बकाया था। बकाया राशि वसूलने के लिए सात लोग एक वाहन पर सवार होकर भीतिहा गांव पहुंचे। यहां से उसका अपहरण कर छतरपुर थाना क्षेत्र के देवगन की ओर ले आये थे।

बताया जाता है कि यह क्षेत्र बिहार बॉर्डर से 25 किलोमीटर दूर है। दो कार और दो बाइक पर सवार होकर आठ बदमाश शैलेन्द्र को लेकर देवगन डैम आए थे। यहां व्यवसायी के साथ मारपीट की जा रही थी।

लगातार दूसरे साल देवघर में कांवड़ यात्रा पर रोक

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लगातार दूसरे साल झारखंड के देवघर में एक महीने तक चलने वाला श्रावणी मेला और इससे जुड़ी कांवड़ यात्रा होने की संभावना नहीं है । इसी साल 25 जुलाई से श्रावण मास शुरू हो रहा है, लेकिन अभी तक देवघर जिला प्रशासन की ओर से मेले को लेकर कोई तैयारी नहीं हुई है । यह इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार देवघर के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में कांवड़ियों का मेला और जमावड़ा नहीं होने देगी, जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है ।

लगातार दूसरे साल सूना रहेगा बाबा का दरबार
लगातार दूसरे साल सूना रहेगा बाबा का दरबार

मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद
झारखंड सरकार ने 30 जून को कोरोना वायरस लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को आठवीं बार अगले आदेश तक बढ़ा दिया था। इसके तहत सभी धार्मिक स्थलों / पूजा स्थलों को खोलने की अनुमति है , लेकिन आगंतुकों का प्रवेश वर्जित है ।

भीड़ रोकने के लिए पुलिस बल तैनात
झारखंड के पुलिस महानिदेशक, नीरज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि लोगों को कोविड महामारी के आलोक में सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन और उनका सम्मान करना चाहिए । सिन्हा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हमने बिहार की सीमाओं और देवघर की सीमाओं पर भीड़ लगने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया है ।”

देवघर की सीमा पर ही रोक दिए जाएंगे कांवड़िए
देवघर की सीमा पर ही रोक दिए जाएंगे कांवड़िए

शरद पवार और नरेन्द्र मोदी के बीच मुलाकात से कांग्रेस असहज

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महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में एक कहावत है कि पवार साहब कुछ भी अकारण नहीं करते । प्रधानमंत्री मोदी और पवार की मुलाकात से पहले एक और अहम मुलाकात की चर्चा है । शुक्रवार को देवेंद्र फडणवीस भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे । कहते हैं उनकी मुलाकात भी शरद पवार से हुई।

भारतीय राजनीति के दो सबसे बड़े धुरंधरों के बीच एक घंटे तक क्या बातचीत हुई ?
भारतीय राजनीति के दो सबसे बड़े धुरंधरों के बीच एक घंटे तक क्या बातचीत हुई ?

बीजेपी के कई बड़े नेता शरद पवार से मिले

मोदी और शरद पवार के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई यह मुलाकात 1 घंटे तक चली । पीएम मोदी और शरद पवार के बीच हुई इस चर्चा से पहले पीयूष गोयल शरद पवार से मिले । इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले । मोदी और पवार की मुलाकात से एक दिन पहले पहले देवेंद्र फडणवीस भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे । कहते हैं उनकी मुलाकात भी शरद पवार से हुई। तो क्या मोदी पवार मुलाकात से पहले इस मुलाकात में कुछ संकेत छुपे हैं ?

एनसीपी की ओर से क्या कहा गया ?

एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने इस बारे में प्रेस कांफ्रेंस करके स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की । उन्होंने कहा कि RBI द्वारा नियमों में बदलाव के बाद को-ऑपरेटिव बैंकों की स्वायत्तता प्रभावित हुई है । शरद पवार इसी संबंध में पीएम मोदी से कई दिनोंं से बात करना चाह रहे थे ।  अब शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल कर इस विषय में बात की है ।

महाराष्ट्र में चर्चाओं में उफान आया है, तूफान आया है

चर्चा यह भी है कि शरद पवार कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले के बयानों से बेहद नाराज हैं । ऐसे में हो सकता है कि महाविकास आघाडी सरकार में कांग्रेस को आउट कर के भाजपा को रिप्लेस करने की कोई तैयारी चल रही है । शायद इसी वजह से उनकी मुलाकात पीएम मोदी से पहले कल देवेंद्र फडणवीस से दिल्ली में हुई है । हालांकि फिलहाल महाराष्ट्र के किसी दल ने मोदी-पवार की मुलाकात पर अपनी प्रतिक्रिया देने में जल्दीबाजी नहीं की है । सब वेट एंड वाच की स्थिति में हैं ।

‘एक राष्ट्र एक दंड संहिता’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

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160 साल पुरानी IPC को खत्म करने की मांग
160 साल पुरानी IPC को खत्म करने की मांग

भारत आज भी अंंग्रेजों द्वारा 160 साल पुराने बनाए गये इंडियन पेनल कोड (IPC) से चल रहा है। हमारी पुलिस इन्हीं IPC की धाराओं के तहत केस बनाती है, कोर्ट 160 साल पुराने कानून के आधार पर ही फैसले सुनाती है। जिन अंग्रेजों ने ये कानून बनाए थे, उनके अपने देस में इन कानूनों को 50 साल पहले ही खत्म कर दिए गये। वहां नया दंड संहिता लागू है, लेकिन भारत आज भी 160 साल पुराने दंड संहिता के सहारे ही चल रहा है। लेकिन अब शायद ऐसा न हो…

“एक राष्ट्र एक दंड संहिता” की मांग

‘एक राष्ट्र एक दंड संहिता’ (One Nation One Penal Code) की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है । ये याचिका BJP के नेता और वकील अश्वनी कुमार उपाध्याय ने दाखिल की है । इसमें 160 साल पुरानी IPC को खत्म करने की मांग भी की गई है । याचिका में कहा गया है कि न्यायिक आयोग भ्रष्टाचार और अपराध से संबंधित सभी आंतरिक कानून का परीक्षण करे और एक राष्ट्र एक दंड संहिता का मसौदा तैयार करे, जिसके ज़रिए कानून का शासन और समान सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके ।

क्यों जरूरी हैं बदलाव ?

इसमें ये भी कहा गया है कि 1857 जैसे आंदोलन को रोकने के लिए आईपीसी 1860 और पुलिस एक्ट 1861 बनाया गया था । ऑनर किलिंग, मॉब लिचिंग और गुंडा एक्ट से जुड़े कानून IPC में नहीं है । फिलहाल विभिन्न राज्यों में एक ही अपराध के लिए सजा अलग है, इसलिए सजा को एकसमान बनाने के लिए नई आईपीसी जरूरी है ।

केंद्र को दिया जाए न्यायिक पैनल गठन का निर्देश

याचिका में कहा गया है कि केंद्र को न्यायिक पैनल या विशेषज्ञों का एक निकाय गठन करने का निर्देश दिया जाए जो कानून का शासन और समानता को सुनिश्चित करने और भारतीय दंड संहिता 1860 सहित मौजूदा कानून का परीक्षण करने के बाद एक व्यापक और कड़े दंड संहिता संगीता का मसौदा तैयार करे.

याचिका में बताया गया क्यों जरूरी है नई IPC

इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपील की गई है कि संविधान का संरक्षक और मौलिक अधिकारों का रक्षक होने के नाते भारत के विधि आयोग को भ्रष्टाचार और अपराध से संबंधित आतंरिक कानूनों का परीक्षण करने और 6 महीने के अंदर कठोर भारतीय दंड संहिता का मसौदा तैयार करने का निर्देश दे सकती है. याचिका में भी ये भी कहा गया है कि अगर ये IPC थोड़ी भी प्रभावी होती तो स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं बल्कि कई अंग्रेजों को सजा मिलती.

 

बिहारः मगध के गरीब और महादलित धर्म परिवर्तन करने वालों के निशाने पर

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अंधविश्वास के चक्कर में गया के गांव में धर्म परिवर्तन
अंधविश्वास के चक्कर में गया के गांव में धर्म परिवर्तन

गया: जिले के महादलित टोला दुबहल व बेलवाटांड़ के सैंकड़ो लोग धर्म परिवर्तन कर हिन्दू से ईसाई हो चुके हैं। लोगों ने अंधविश्वास के कारण भूत-प्रेत के भय से ईसाई धर्म अपनाया है। लेकिन ईसाई धर्म अपनाने का यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है। ऐसी जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के कई लोग दलित टोला दुबहल एवं बेलवा टांड गांव पहुंचे और धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को वापस हिंदू धर्म में लाने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास किया।

वर्षों से यहां के दलित समाज के लोग अपना रहे हैं ईसाई धर्म

दलित टोला दुबहल निवासी सुगनी देवी एवं संजू देवी ने बताया कि उन्हें और उनके परिवार को भूत-प्रेत काफी तंग करते थे। जब से ईसाई धर्म अपनाया है, हम चैन से है। घर के बाल बच्चों की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर से लेकर नीम-हकीम तक को दिखाया। लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। तब मिशनरी के लोगों ने संपर्क किया और उनके द्वारा प्रभु यीशु से प्रार्थना की गई और हमारे घर के बाल बच्चों की तबीयत ठीक हो गई। तभी से हमलोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। हम लोग स्वेक्षा से ईसाई धर्म में शामिल हुए हैं। कहीं से किसी तरह का दबाव नहीं है।

गरीबी और बीमारी से बचने के लिए लोग अपना रहे ईसाई धर्म
गरीबी और बीमारी से बचने के लिए लोग अपना रहे ईसाई धर्म

अभी तक सैंकड़ो लोग बन गए ईसाई

वही स्थानीय पंचायत के मुखिया पति बबलू सिंह का कहना है कि इस बात की जानकारी हमें मिली है। हमने अपने स्तर से लोगों से बात किया तो पता चला कि काफी लंबे समय से लोगों ने ईसाई धर्म अपनाया है। किस वजह से ये लोग ईसाई धर्म अपना? इसकी जानकारी नहीं है। अगर इन लोगों के द्वारा किसी तरह की मदद की मांग की जाती है तो हम सहयोग के लिए हमेशा तैयार हैं।

विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने धर्म वापसी के लिये समझाया

गांव वालों को घर वापसी के लिए समझाते विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता
गांव वालों को ‘घर-वापसी’ के लिए समझाते विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता

वही इस बात की जानकारी मिलने हिंदूवादी संगठनों के लोग इस गांव में पहुचे और लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं। दुबहल दलित टोला गांव में पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के सदस्य प्रेमनाथ टाईया ने कहा कि पैसे का प्रलोभन देकर मिशनरी के लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। यह सिर्फ गया ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में किया जा रहा है। पैसे का लालच देकर दलित टोले के लोगों को ईसाई बनाया जा रहा है। हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने आरोप लगाया है कि दलितों को बरगलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

बिहार सरकार का सिस्टम पूरी तरह “बे

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भारत के संविधान में परिभाषित कोई भी संस्था इतनी बे-दिमाग की यानी माइंडलेस होकर काम नहीं कर सकती, जितना बिहार सरकार कर रही है। ये कठोर टिप्पणी की है पटना हाइकोर्ट ने । शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकल पीठ ने यह टिप्पणी की है। पटना हाइकोर्ट की इस टिप्पणी की तुलना लालू का जमाने में हाइकोर्ट की “जंगलराज”वाली टिप्पणी से की जा रही है ।

पटना हाइकोर्ट ने नीतीश सरकार के पूरे सिस्टम को बताया माइंडलेस
पटना हाइकोर्ट ने नीतीश सरकार के पूरे सिस्टम को बताया माइंडलेस

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल समस्तीपुर महिला कॉलेज के रिटायर्ड रोकड़पाल के वेतनमान निर्धारण से जुड़े मामले पर सुनवाई करने के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी की। याचिकाकर्ता द्वारा बढ़े वेतनमान की मांग पर शिक्षा विभाग ने याचिकाकर्ता का पे स्केल सेक्शन अफसर तो दूर सहायक के वेतनमान से भी कम कर दिया। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को बकाए राशि का भुगतान 3 महीने के अंदर किया जाए। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

नीतीश की फजीहत, जुर्माना लगा सो अलग

समस्तीपुर महिला कॉलेज में सेक्शन ऑफिसर रहे रामनवमी शर्मा ने रिटायरमेंट के बाद सही वेतनमान और बकाए रकम के भुगतान के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को मंजूर कर लिया। न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने रामनवमी शर्मा की रिट याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि इस कोर्ट की नजर में भारत के संविधान में परिभाषित कोई भी संस्था इतनी बे-दिमाग होकर काम नहीं कर सकती जितना बिहार सरकार कर रही है। इसके अलावा अपनी करतूत को छुपाने के लिए इतनी लापरवाही भी कोई संस्था नहीं दिखा सकती जितना बिहार सरकार ने इस मामले में दिखाया है। कोर्ट की इस टिप्पणी से नीतीश सरकार की भारी फजीहत हुई है। कोर्ट ने प्रधान सचिव के ऊपर जुर्माना लगाया सो अलग।

संथाल परगना के कई जिलों में गौ

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उप-राजधानी दुमका सहित संथाल के पाकुड़ और साहिबगंज के रास्ते गौ-तस्करी बेरोक-टोक जारी है। रात के अंधेरे में कई तानों से होकर गौवंश को तस्कर ले जाते हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस इन्हें पकड़ नहीं पाती। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को सब पता है, लेकिन चूंकि गौ-तस्करों की ओर से बंधी-भंधाई रकम मिलती है इसलिए पुलिस जानबूझकर अपनी आंखें बंद किए हुए है।

दुमका के रामगढ़ में सड़क के रास्ते गौवंश को ले जाते तस्कर, इस तरह की तस्वीरें आम हैं
दुमका के रामगढ़ में सड़क के रास्ते गौवंश को ले जाते तस्कर, इस तरह की तस्वीरें आम हैं

रामगढ में 6 थाना क्षेत्र से होकर रात के अंधेरे में गायों की तस्करी

इन दिनों दुमका के रामगढ़ के रास्ते अंधेरे में मवेशियों की तस्करी धड़ल्ले से जारी है । गौरतलब है कि देवघर जिला का मोहनपुर थाना तथा हंसडीहा थाना क्षेत्र के गंगवारा से प्रति सप्ताह , मंगलवार , बुधवार ,शनिवार को सैकडो की संख्या में मवेशी तस्कर पैदल गायों को दुमका भागलपुर सड़क मार्ग एंव रामगढ थाना क्षेत्र के सहेजना भंडारो ,अमरपुर के रास्ते मवेशियों को बंगाल बोर्डर तक पहुंचाया जाता है ।

देवघर, दुमका की पुलिस मवेशी तस्करों को क्यों नहीं रोकती ?

सप्ताह में तीन दिनों तक सैकड़ों की संख्या में मवेशीयों को मवेशी तस्कर देवघर जिले के मोहनपुर थाना , हंसडीहा थाना के गंगवारा से रामगढ थाना के अमरपुर भंडारो ,जामा थाना के बारापलासी महारो होकर मुफस्सिल थाना दुमका होते मसानजोर थाना होते रानीश्वर समेत सात थाना होकर सैकडो की संख्या में मवेशियों को दिन के उजाले से रात भर गायो को पार किया जाता है, लेकिन किसी की नजर इन मवेशियों पर नही पडती है ।

पुलिस बिकी हुई है या ऊपर से है राजनीतिक दबाव ?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मवेशी तस्करों ने पुलिस को खरीद लिया है। इतना ही नहीं , लोग यह भी आरोप लगाते हैं कि गौ-वंश की तस्करी के तार ऊपर तक हैं, और सत्ताधारी दल के कुछ नेता भी इसमें शामिल हैं। इन आरोपों में कितनी सच्चाई है किसी को नहीं पता लेकिन यह साफ-साफ दिख रहा है कि पुलिस द्धारा कार्यवाही नही होने पर मवेशी दोगुना जोश से इस गोरखधंधे को अंजाम देकर प्रति सप्ताह लाखो रुपये की चांदी काट रहे हैं ।

पशुओं ने भरा कंटेनर गड्ढे में फंस गया, स्थानीय लोगों ने तस्करों को पकड़ा

विगत एक सप्ताह पुर्व रामगढ में रामगढ बाजार के ग्रामीणों ने रामगढ बाजार में एक कंटेनर से 36 गायों को पकड़कर पुलिस को हवाले कर दिया था । वह भी जब कंटेनर रामगढ बाजार के गड्ढे में फंस गई तो ग्रामीणो ने इस गोरखघंधे को जगजाहिर कर दिखा दिया । अब भी रामगढ बाजार में प्रतिदिन दर्जनों कंटेनर में बंद कर सैकडो मवेशियों की बंगाल बोर्डर तक तस्करी धड़ल्ले से की जा रही है ।