रांची शहर के सबसे पॉश इलाके माने जाने वाले अशोक नगर में एक किराये के मकान में रह रही एक युवती को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार की गई युवती फर्जी महिला आईएएस अधिकारी के रूप में वहां रह रही थी। युवती की पहचान मध्य प्रदेश की रहने वाली मोनिका के रुप में हुई है ।

खुद को बताती थी 2020 बैच का IAS
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार मोनिका, आस पड़ोस के लोगों के साथ मकान मालिक को 2020 बैच का आईएएस अधिकारी बता कर रह रही थी। उसने किराये के मकान में बॉडीगार्ड, कार और रसोईयां भी रखा हुआ था। मोनिका किराये के मकान में रहने के साथ ही जिस वाहन का उपयोग कर रही थी, उस गाड़ी में असिटेंट कलेक्टर का बोर्ड भी लगा था। उसने अपने मकान मालिक को बताया था कि वह प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी है, फिलहाल उसकी प्रतिनियुक्ति जमशेदपुर में है।
संदिग्ध गतिविधियां देख मकान मालिक ने की पुलिस को खबर
उसके मकान मालिक को जब उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगी और कई बार पूछने पर वह बताती थी कि अभी उसने छुट्टी ले रखी है। मोनिका की संदिग्ध गतिविधि को देख कर मकान मालिक ने ही अरगोड़ा थाना की पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने गुपचुप तरीके से मोनिका पर नजर रखना शुरू कर दिया। मोनिका के हर एक गतिविधि पर नजर रखते हुए जब पुलिस पूरी तरह आश्वस्त हो गई कि यह महिला फर्जी है और अपना रुतबा दिखा रही है, तब पुलिस मोनिका के घर पर अचानक धमक गई। पुलिस को देखते ही मोनिका के होश उड़ गए थे। यानी दो दिन में ही यह खुलासा हो गया कि मोनिका एक फ्रॉड है।
डिप्टी कलेक्टर का लेटरहेड और कई संदिग्ध चीजें बरामद
पुलिस ने मोनिका को गिरफ्तार कर जब घर की तलाशी ली तो उन्हे घर से मोनिका के नाम से फर्जी डिप्टी कलेकटर का लेटर पैड और कई चीज़ें बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि मोनिका ने आर्मी से रिटायर एक जवान को अपना बॉडीगार्ड रखा था, जो घर के आमने बैठा रहता था। पुलिस ने इस मामले में बॉडीगार्ड और ड्राइवर को सरकारी गवाह बनाया है। बॉडीगार्ड ने पुलिस को बताया है कि एक आईएएस अधिकारी के तौर पर ही मोनिका ने उसे बुलाया था, उसे भी अबतक यही पता था कि वह आईएएस अधिकारी है।




शराब का पैसा बकाया होने पर एक व्यक्ति को पेड़ से बांध दिया। जिसके बाद उसकी मौत हो गई है।यह घटना जिले के तिलैया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर- 28 मंडुआटांड की है।जहां शुक्रवार को एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी।मृतक की पहचान नरेश यादव (46 वर्ष) पिता स्वर्गीय दोदी यादव के रूप में हुई है।बताया जा रहा है कि नरेश को घटना से कुछ देर पहले अवैध शराब विक्रेता ने बकाया 1200 रुपये नहीं देने पर पेड़ से बांध दिया था।आशंका है कि रस्सी से पेड़ में बांध दिये जाने से नरेश का दम घुट गया,जिससे उसकी मौत हो गयी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।



मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया) । अपराधियों के हौसले इन दिनों बुलंद होते जा रहे हैं। कल देर शाम मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के रेड़मा में अपराधियों ने छिनतई की एक घटना को अंजाम दिया है। अपराधियों ने स्वर्ण व्यवसायी को धक्का देकर उसके मोटरसाइकिल की डिक्की से करीब सात लाख के आभूषण छीन लिये। भुक्तभोगी की शिकायत के बाद शहर थाना की पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस आसपास के दुकानों के सीसीटीवी कैमरा को खंगाल रही है। जानकारी के अनुसार पांकी रोड स्थित महामाया ज्वेलर्स का प्रोपराइटर राजू रंजन सोनी अपनी दुकान बंद कर घर जा रहा था। इस दौरान अगरबत्ती लेने के लिए वह एक किराना की दुकान में रुका। इसी बीच कुछ अपराधी पहुंचे और जबरदस्ती डिक्की से आभूषण छीन लिया। विरोध करने पर अपराधियों ने आभूषण कारोबारी को धक्का देकर गिरा दिया और आभूषण लेकर भाग निकले। घटना के बाद से व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने के बाद शहर थाना प्रभारी अरुण कुमार महथा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। भुक्तभोगी व स्थानीय लोगों से पुलिस ने घटना की जानकारी ली। थाना प्रभारी ने कहा कि अपराधी जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे। टीओपी टू के प्रभारी रामजीत सिंह ने बताया कि रेड़मा निवासी राजू रंजन सोनी की पांकी रोड में महामाया ज्वेलर्स नामक आभूषण की दुकान है। भुक्तभोगी ने देर रात पुलिस को सूचना दी थी। आसपास के दुकानों में सीसीटीवी कैमरे को खंगालेंगे। छिनतई करनेवालों की खोजबीन तेज कर दी गई है।




