Tuesday 7th of July 2026 05:17:55 PM
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वृक्षारोपण पखवारे के अंतिम दिन तालझारी मे चला वृक्षारोपण महाभियान

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नीरज कुमार जैन/ब्यूरो

साहिबगंज। नमामि गंगे परियोजना के तहत 30 जुलाई तक वृक्षारोपण अभियान के अंतिम दिन बोरियो प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में सघन वृक्षारोपण का महाभियान चला बोरियो विधानसभा विधायक लोबिन हेंब्रम एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी तालझारी साइमन मरांडी समेत प्रखंड कर्मियों ने कस्तूरबा विद्यालय एवं प्रखंड कार्यालय तालझारी में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में शिरकत करते हुए विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहा कि वृक्षारोपण कार्यक्रम बेहद सकारात्मक पहल है, जिससे हम एक प्रदूषण रहित वातावरण का निर्माण कर सकते हैं, साथ ही ऐसे कार्यक्रमों के जरिए एक सामाजिक भागीदारी दिखती है और हम प्रकृति के और करीब आते हैं। मौके पर विधायक लोबिन हेंब्रम ने प्रखंड कर्मियों ग्रामीणों जल सहियाओं एवं मुखिया व पंचायत प्रतिनिधियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वह अपने गांव, अपने विद्यालय, सरकारी भवन तथा वैसे जगह जो खाली पड़े हैं वहां ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें ताकि आने वाले समय में हम प्रदूषण और प्राकृतिक आपदा जैसी समस्या से निपट सकें। कार्यक्रम मे बीडीओ साइमन मरांडी ने कहा कि तालझारी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों एवं प्रखंड कार्यालय में लगाए गए पौधों की जिम्मेवारी प्रखंड कर्मियों और ग्रामीणों के साथ-साथ हम सबों की है, उन्होंने कहा कि यह वृक्षारोपण कार्यक्रम तभी सफल होगा जब हम लगाए गए पेड़ों को सींचकर बड़ा कर सकेंगे। बीडीओ मरांडी ने बताया कि आज नमामि गंगे परियोजना के तहत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में तालझारी प्रखंड के विभिन्न पंचायत में सघन वृक्षारोपण अभियान के तहत प्रखंड में 450 से अधिक वृक्षारोपण किये गए। उन्होंने बताया कि तालझारी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मुखिया वहां कार्यरत जलसहिया सोशल मोबिलाइजर एवं ग्रामीणों ने अपने अपने स्तर से वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया है।

सरायकेला: पातकुम पुलिया पर नक्सलियों ने किया पोस्टरबाजी, जांच में जुटी पुलिस

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सरायकेला: ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत पातकुम पुलिया पर शुक्रवार अहले सुबह माओवादी संगठन सीपीआई ने पोस्टरबाजी कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। इधर पुलिया में पोस्टरबाजी के बाद स्थानीय लोगों में दहशत व्याप्त है। जानकारी के अनुसार पातकुम पुलिया पर आज अहले सुबह आने जाने वाले लोगों ने माओवादी संगठन सीपीआई के नाम के हस्तलिखित लाल कपड़े के बैनर को लगा हुआ पाया। जिस पर हिंदी एवं बांग्ला भाषा में गुरिल्ला युद्ध संबंधित बातें लिखी हुई है। इधर पुलिस को सूचना मिलने के बाद स्थानीय चौकीदार ने मौके पर पहुंच कर पोस्टर को जब्त कर अपने साथ ईचागढ़ थाना ले गयी। पोस्टर को जब्त करने के बाद पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पोस्टरबाजी की घटना से चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग पुलिस के खुफिया तंत्र पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं। हालांकि, कोरोना काल के दौरान काफी लंबे अरसे बाद क्षेत्र में एक बार पोस्टर बाजी हुई है। वहीं अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी फिलहाल पोस्टर बाजी की घटना सामने नहीं आई है। वही आज हुए इस घटना से एक बार फिर माओवादी संगठनों के सक्रिय होने की भनक लग रही है। वैसे अभी पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे है।

आपको बता दे कि 14 जून 2019 को सरायकेला जिला के ही तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकड़ू साप्ताहिक बाजार में भाकपा माओवादी संगठन ने दो एएसआई समेत पांच पुलिसकर्मियों को दिनदहाड़े खूनी तांडव मचाते हुए नृशंस हत्या कर क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। हालांकि, पातकुम पुलिया में आज हुए पोस्टरबाजी का काम आसामाजिक तत्वों की भी हो सकती है। ये तो जांच के बाद ही पता चल पाएगी, लेकिन कुल मिलाकर यूं कह सकते है कि कही न कही सरायकेला जिला में पुलिस का खुफिया तंत्र कमजोर होता हुआ नजर आ रहा है, जिसे पुलिस को मजबूत करने की आवश्यकता है।

…तो क्या “सरकार गिराओ मुद्दा” कांग्रेस को काबू में रखने का ‘टूलकिट’ था ?

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अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ जब कांग्रेस के विधायक ताबड़तोड़ दिल्ली के दौरे कर रहे थे । पटना से लेकर दिल्ली तक अपने-अपने संपर्कों के द्वारा लॉबिंग कर रहे थे। दरअसल, लगभग सभी विधायक 12वें मंत्रीपद और बोर्ड-निगमों में हिस्सेदारी को लेकर न सिर्फ उत्साहित थे, बल्कि एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे । लेकिन फिर एक ऐसा मास्टर स्ट्रोक आया कि सभी कांग्रेसी हेमन्त सोरेन के प्रति वफा की कसमें खा रहे हैं। कोई कह रहा है कि वो हेमन्त सोरेन का हनुमान है तो कोई शिबू सोरेन के लिए पद्मश्री और पद्म विभूषण की मांग कर रहा है । आखिर पिछले एक हफ्ते में ऐसा क्या हुआ कि तमाम कांग्रेसी अचानक झुक-झुक कर सजदा करने लगें ?

ऐसे हालात बने कि पद मांगने लायक नहीं रहे कांग्रेसी विधायक?
ऐसे हालात बने कि पद मांगने लायक नहीं रहे कांग्रेसी विधायक ?

इरफान अंसारी-उमाशंकर अकेला फुदक रहे थे, काबू में लाए गये

इरफान अंसारी अपने बयानों से सरकार के नाक में दम किए हुए थे । स्वास्थ्य मंत्री को दसवीं पास मिठाई बेचने वाला तक बोल दिया था । उन्होने तो यह भी कहा था कि साइकिल चलाने वाले को हवाई जहाज चलाने दे दिजिएगा तो वह एक्सीडेंट करबे न करेगा ? इरफान अंसारी ने नये-नये कांग्रेसी बने प्रदीप यादव के बारे में भी कहा था कि पिछले लोकसभा चुनाव में महागठबंधन ने गलत उम्मीदवार को टिकट दे दिया इसलिए निशिकांत दूबे जीत गये । इरफान अंसारी पर यह भी आरोप है कि मधुपुर उप-चुनाव में उन्होने हफिजुल हसन को हराने के लिए बाबाधाम में पूजा कर ली, ताकि पूरा चुनाव हिंदू-मुस्लिम हो जाय और हफिजुल हार जाएं…खैर वो तो हुआ नहीं, लेकिन इरफान अंसारी को नाथने का इंतजाम हो गया ।

दूसरी ओर उमाशंकर अकेला भी खुद को विपक्ष में सबसे बड़ा यादव नेता बताते हुए मंत्री पद पर दावा ठोक रहे थे ।सरकार गिराओ अभियान के बहाने इन दोनों को ऐसा लपेटा गया कि दोनों बाप-बाप कर रहे हैं। अब वे सरकार विरोधी बयान देने की बात तो दूर, न मंत्रीपद मांग रहे हैं, न ही बोर्ड-निगम…फिलहाल तो इज्जत बचाने के लाले पड़े हैं ।

अंबा प्रसाद, दीपिका पांडे सिंह के खिलाफ FIR

आपने कभी सुना है कि बिना ऊपर के इशारे के, थाना सत्तारुढ़ दल के विधायक के खिलाफ FIR दर्ज कर दे ? लेकिन झारखण्ड में ऐसा हुआ है । कांग्रेस की दो महिला विधायकों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली, जबकि दोनों के खिलाफ मामूली आरोप थे। इसी तरह के मामले में झामुमो विधायक संजीव सरकार और समीर मोहंती के खिलाफ भी ठेकेदारों ने कमीशन लेने का आरोप लगाया, पर मजाल है कि पुलिस कोई कार्रवाई कर दे ? कांग्रेस की तीसरी महिला विधायक ममता देवी ने भी आरोप लगाया कि रामगढ़ थानेदार ने उनके फोन करने के बावजूद अवैध कोयला चोरी के आरोप में पकड़े गये ट्रकों को छोड़ दिया । सवाल है कि ऐसा कांग्रेस के विधायकों के साथ ही क्यों होता है ?

आलमगीर आलम के होटल पर कार्रवाई

क्या इसे इत्तेफाक माना जाय कि आलमगीर आलम ने जैसे ही कहा कि ‘कांग्रेस को कोई भी विधायक सरकार गिराने में शामिल नहीं था, ये कांग्रेस विधायकों को बदनाम करने की चाल है’, उसके ठीक अगले दिन राजधानी रांची के हिनू में उनके होटल को सील करने का आदेश हो जाता है ? आलमगीर आलम तो रामेश्वर उरावं के बाद सबसे पावरफुल कांग्रेसी माने जाते हैं । फिर उनकी इतनी बेइज्जती अपनी ही सरकार में क्यों ? ठीक इसी प्रकार बंधु तिर्की और प्रदीप यादव के मामले को भी स्पीकर लटका कर रखे हुए हैं।

यहां करीब आधे दर्जन कांग्रेसी विधायकों के ऊपर अपनी ही सरकार में हो रही फजीहत की बात हमने बताई है। और भी कई मामले हैं….लेकिन बड़ा सवाल ये है कि हर बार निशाने पर कांग्रेसी ही क्यों हैं ? कभी प्रशासन झामुमो से जुड़े किसी विधायक या मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं करता ? या सचमुच यहां कांग्रेसी विधायकों को कोई मैसेज दिया जा रहा है ?

30 JULY 2021

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मोदी सरकार का बड़ा फैसला

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सबसे ज्यादा ओबीसी मंत्री देने के बाद सबसे ज्यादा ओबीसी आरक्षण
सबसे ज्यादा ओबीसी मंत्री देने के बाद सबसे ज्यादा ओबीसी आरक्षण

देश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में ओबीसी वर्ग के 27% और ईडब्ल्यूएस वर्ग के 10% छात्रों को आरक्षण मिलेगा । केंद्र सरकार ने अखिल भारतीय कोटा के तहत मेडिकल कॉलेजों के नामांकन में ओबीसी और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों के लिए आरक्षण को मंज़ूर कर लिया है ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया,

हमारी सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से अंडरग्रैजुएट और पोस्टग्रैजुएट मेडिकल, डेंटल कोर्स में ऑल इंडिया कोटे के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27% आरक्षण और आर्थिक रूप से कमज़ोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के लिए 10% आरक्षण प्रदान करने का ऐतिहासिक फ़ैसला किया है ।

इसी सत्र से लागू होगा आरक्षण

यह आरक्षण इसी शैक्षणिक सत्र से लागू हो जाएगा। चूंकि आरक्षण का यह प्रविधान केंद्रीय कोटे की सीटों के लिए किया जा रहा है, इसीलिए इसका लाभ सिर्फ केंद्रीय सूची में शामिल ओबीसी को ही मिल सकेगा। यह आरक्षण मेडिकल शिक्षा के सभी एमबीबीएस, एमडी, एमडी, एमएस, डिप्लोमा, बीडीएस, एमडीएस कोर्स में मिलेगा।

अभी कुछ दिन पहले ही कैबिनेट के विस्तार के बाद मोदी मंत्रिमंडल में ओबीसी मंत्रियों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। उसके बाद इस फैसले को तुरुप का पत्ता माना जा रहा है।

जस्टिस उत्तम आनंद ह्त्या का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, हाईकोर्ट ने कहा

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धनबाद के जिला व सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की हत्या मामले में पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक समेत तीन लोगों को गिरिडीह से गिरफ्तार कर लिया है । ऑटो भी जब्त कर लिया गया है । ऐसी शंका जताई जा रही है कि सुपारी देकर हत्या करवाई गई । जस्टिस उत्तम आनंद बहुचर्चित रंजन हत्याकांड मामले को देख रहे थे ।

ये हिट एंड रन का केस नहीं, बल्कि ब्रूटल मर्डर है- हाईकोर्ट
ये हिट एंड रन का केस नहीं, बल्कि ब्रूटल मर्डर है- हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस उत्तम आनंद हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट से स्वतंत्र जांच की मांग की है । सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह ने जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षा वाली बेंच के समक्ष ये मामला उठाते हुए स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया । इसके साथ ही इस मामले की सीबीआई से जांच कराने का आग्रह किया । विकास सिंह ने बेंच को बताया कि जज उत्तम आनंद की जघन्य हत्या न्यायपालिका पर प्रहार है । इसके कारण भविष्य में न्यायपालिका पर गहरा असर हो सकता है । इसलिए इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने की जरूरत है । इसलिए जांच की जिम्मेवारी सीबीआई को सौंप दी जानी चाहिए । जस्टिस चंद्रचूड़ ने अधिवक्ता विकास सिंह को सुनने के बाद उन्होंने सारी बातों को चीफ जस्टिस के समक्ष रखे जाने का आश्वासन दिया ।

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

झारखंड हाईकोर्ट ने आज इस मामले की सुनवाई करते हुए गंभीर टिप्पणी की है और कहा है कि राज्य में पिछले एक साल से अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है । अपराधियों पर कोई लगाम नहीं है. अपराधियों को कोई डर-भय नहीं है । लॉ एंड ऑर्डर के मामले में नागालैंड से बदतर स्थिति झारखंड की हो गई है । खंडपीठ ने घटना की सीसीटीवी फुटेज देखते हुए कहा कि कोई बच्चा भी देखेगा तो बता सकता है कि पीछे से धक्का लगेगा तो आगे के बल गिरेगा, लेकिन जज आनंद बायीं तरफ कैसे गिरे । जरूर कोई टैंपू में बैठा हुआ था जिसने जज पर हमला किया है ।

जस्टिस उत्त्म आनंद के पिता और बेटे ने दी मुखाग्नि
जस्टिस उत्त्म आनंद के पिता और बेटे ने दी मुखाग्नि

झारखण्ड पुलिस ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया

पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता एवी होमकर ने कहा कि सिटी एसपी राम कुमार के नेतृत्व में एसआइटी गठित कर दी गयी है. वहीं, पूरी टीम को खुद धनबाद एसएसपी संजीव कुमार लीड कर रहे हैं, जबकि बोकारो रेंज डीआइजी कन्हैया मयूर पटेल धनबाद पहुंच घटना को लेकर चल रही जांच की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं. डीजीपी नीरज सिन्हा के निर्देश पर रांची से फोरेंसिक और सीआइडी टीम को जांच में सहयोग के लिए धनबाद भेजा गया है. तकनीकी साक्ष्य के लिए घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी का फुटेज पुलिस एकत्र कर रही है. इसके अलावा अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाये जा रहे हैं ।

एसपी ने की प्रेस वार्ता

धनबाद जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद को मारने के लिए इस्तेमाल किए गए ऑटो को पुलिस ने गिरिडीह से बरामद कर लिया है। धनबाद पुलिस ने ऑटो को कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने लखन वर्मा और राहुल वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। धनबाद वरीय पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि ऑटो को कब्जे में लेने के साथ ही दोनों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है। एसआइटी और फॉरेंसिक टीम के द्वारा जांच की जा रही है। मामले को और भी बड़े पदाधिकारी के द्वारा जांच की जा सकती है । उन्होने बताया कि गिरफ्तार आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा जोरापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह के रहने वाले हैं। वारदात के बाद दोनों ऑटो लेकर गिरिडीह भाग निकले थे, जहां से इन्हें धर दबोचा गया है।

किसान, खिलाड़ियों और ग्रामीणों का है ध्यान

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चाईबासा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में रोजगार का अभाव रहा। प्रतिष्ठान बंद रहे। राज्य के श्रमिक अपने गांव लौट रहे थे। मानो गरीबों पर पहाड़ टूट पड़ा हो। इस को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने कई योजना ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू की ताकि ग्रामीणों को रोजगार मिल सके। पश्चिमी सिंहभूम की बात करें तो फोटो हो खेल योजना के तहत 724 मैदान तैयार किए जाने हैं, इनमें से एक 114 मैदान का कार्य पूर्ण हो चुका है। 420 मैदान का निर्माण कार्य जारी है।

सीएम के साथ मंत्री जोबा मांझी, सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा, चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव
सीएम के साथ मंत्री जोबा मांझी, सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा, चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव

उन्होने कहा कि किसानों की ऋण माफी के तहत प. सिंहभूम के करीब 1500 लाभुकों को आच्छादित किया गया है। अन्य किसानों को इस योजना से आच्छादित करने का कार्य जारी है। करीब 64 करोड़ रुपए ऋण के तहत किसानों के माफ किए गए हैं। आने वाले दिनों में किसानों की समृद्धि के लिए हर संभव प्रयास सरकार करेगी।

हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिये

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों की संभावना दिखती है। इसके प्रोत्साहन हेतु राज्य सरकार ने जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की। बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों की भी नियुक्ति की गई है। टोक्यो ओलंपिक में राज्य की बेटियां जौहर दिखा रही हैं। ये आदिवासी बच्चे हैं, जिन्होंने बिना संसाधन के मुकाम पाया है। हमें इन पर गर्व होना चाहिए।

संक्रमण काल में प्रबंधन की चर्चा हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण काल में हमने काफी उतार-चढ़ाव को देखा। गतिविधियां जहां थी वहीं रुक गई थीं। सरकार ने आर्थिक सामाजिक क्षेत्र में कमजोर लोगों को समृद्ध करने का संकल्प लिया है। अब धीरे-धीरे महामारी से जूझते हुए आगे बढ़ रहे हैं। संक्रमण काल में अपने सीमित संसाधनों से झारखण्ड ने जो प्रबंधन किया, उसकी चर्चा रही। लेकिन हमें इस संक्रमण के प्रति हमेशा सजग रहना है। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन करते हुए इस चुनौती का हम मिलकर सामना करेंगे।

चाईबासाः 51 योजनाओं का शिलान्यास एवं 44 योजनाओं का हुआ उद्घाटन

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★मुख्यमंत्री ने चाईबासा स्थित रेलवे ओवरब्रिज, सुसज्जित पिल्लई हॉल जनता को सुपुर्द किया,

★एसीसी सीमेंट कंपनी के लिए चयनित 45 एवं टिस्को अप्परेंट आइसशिप में चयनित 36 अभ्यर्थियों को सौंपा नियुक्ति पत्र

★मुख्यमंत्री ने 3351 किसानों के बीच केसीसी ऋण का वितरण किया

★सड़क निर्माण कार्य में तेजी आयेगी

11098 लाभुकों के बीच किया परिसंपत्तियों का वितरण
11098 लाभुकों के बीच किया परिसंपत्तियों का वितरण

चाईबासा वासियों को मिलेगी जाम से मुक्ति

चाईबासा में यातायात के दृष्टिकोण से प्रमुख स्थान जेएमपी चौक स्थित रेलवे फाटक पर प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझने वाले शहर वासियों की अब जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बहुप्रतीक्षित मांग रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के आलोक में चाईबासा/हाता मेन रोड, एन.एच 220 पर कुल 43.12 करोड़ की लागत से 780 मीटर लंबा 11.5 मीटर चौड़ा रेलवे ओवरब्रिज पश्चिमी सिंहभूम की जनता को मुख्यमंत्री ने सुपुर्द किया।

पिल्लई टाउन हॉल का हुआ जीर्णोद्धार

सन 1939 में निर्मित पिल्लई हॉल का निर्माण हुआ था। 80 वर्ष पुराने पिल्लई टाउन हॉल के पुनरुद्धार की आवश्यकता को महसूस करते हुए मुख्यमंत्री की पहल पर सीएसआर मद में जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण का कार्य करा कर चाईबासा वासियों के लिए तैयार किया गया।

उद्योग का लाभ राज्यवासियों को भी मिले

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उद्योग ग्रामीणों का ध्यान रखें, ग्रामीण उद्योग का ध्यान रखेंगे
उद्योग ग्रामीणों का ध्यान रखें, ग्रामीण उद्योग का ध्यान रखेंगे

चाईबासा/रांची। हमें सामाजिक सांस्कृतिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर विकास की यात्रा को तय करना है। झारखण्ड के उद्योग का लाभ राज्यवासियों को भी मिले, इसके लिए कार्य होने चाहिए। क्षेत्र में लगने वाले उद्योग वहां के ग्रामीणों का ध्यान रखेंगे तो ग्रामीण भी अवश्य उनके लिए सदैव तत्पर रहेंगे। आज एसीसी सीमेंट कंपनी के द्वारा स्थानीय लोगों को नियुक्ति पत्र दिया गया। यह सुखद क्षण है, इससे पूर्व 2013 में नियुक्ति पत्र वितरित किया गया था। इस क्षेत्र में बड़े उद्योग आ रहें हैं। स्टील उद्योग स्थापित होने की प्रक्रिया में है। इससे भी क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा। अब सब चीजों को नया स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है। ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। श्री सोरेन चाईबासा के पिल्लई सभागार में विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास और परिसंपत्तियों के वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

मिलने लगा रैयतों को सम्मान

एसीसी सीमेंट कंपनी वर्ष 1946 से पश्चिमी सिंहभूम में कार्यरत है। कंपनी द्वारा पूर्व में सरकार के माध्यम से चूना पत्थर खनन के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था। उक्त समय में भूमि अधिग्रहण करते हुए मुआवजे के अलावा योग्य भूमि मालिकों को कंपनी द्वारा नौकरी दी गई थी परंतु कुछ रैयतों के द्वारा पुराने भू-अर्जन से संबंधित मामला को लेकर नौकरी का दावा किया गया। मामले पर संज्ञान लेते हुए रैयतों के दावे के आलोक में राज्य सरकार ने कंपनी प्रतिनिधियों, दोकट्टा, कोन्दोवा, रजंका, ग्राम मुंडा, मानकी, ग्राम प्रतिनिधियों से वार्ता कर हुए भू-अर्जन से संबंधित सभी मामलों का स्थाई निदान किया गया। जिसके तहत स्थापना के समय से लेकर अब तक के सभी मामलों में एकमुश्त योजना के रूप में 45 लोगों को नौकरी देने की सहमति बनी और कंपनी के रोजगार नीति के अनुसार परिवार के योग्य सदस्य को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। सभी 45 नियुक्तियों की जॉइनिंग F3 माइंस के सफल अधिग्रहण एवं खनन कार्यों के शुरू होने के पश्चात दी जाएगी। तत्काल सभी 45 व्यक्तियों को कंपनी के द्वारा औपबंधिक नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री के माध्यम से  वितरण किया गया।

आवागमन हेतु सड़क निर्माण का कार्य होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड खनिजों से भरा राज्य है। राज्य की कई सड़कें नेशनल हाईवे में चली गई हैं, जो भारत सरकार के अधीन हैं, इन सड़कों के निर्माण में स्वीकृति लेने में समय लगता है। जल्द से जल्द इसकी स्वीकृति कराई जाएगी। चाईबासा-हाट गम्हरिया पथ निर्माण हेतु 250 करोड़ रुपये का डीपीआर भेजा गया है। फिलहाल तीन करोड़ की लागत से उक्त सड़क को दुरुस्त किया जाएगा। चाईबासा में बाईपास सड़क निर्माण का प्रस्ताव आया हुआ है। यह भी एनएच द्वारा बनना है। भूमि अधिग्रहण व मुआवजे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू होने की संभावना है। हल्दिया पोर्ट तक के लिए एक्सप्रेस हाईवे साथ ही, सभी जिलों में बाईपास निर्माण का प्रस्ताव है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।

निजी स्वार्थ के लिए टीएसी का उपयोग नहीं करे राज्य सरकार

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रांची । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने टीएसी के गठन पर राज्यसभा में सवाल खड़ा करते हुए टीएसी के गठन को असंवैधानिक करार दिया। साथ ही कहा कि कांग्रेस और झामुमो की हेमन्त सरकार ने संविधान का उलंघन करते हुए व राजपाल के निहित अधिकारों का उलंघन करते हुए जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन किया है।

सांसद दीपक प्रकाश ने गठन को असंवैधानिक करार दिया
सांसद दीपक प्रकाश ने गठन को असंवैधानिक करार दिया

दीपक प्रकाश ने राज्यसभा में सवाल पूछते हुए कहा कि आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संविधान के 5वीं अनुसूची के तहत टीएसी यानी जनजातीय सलाहकार परिषद के गठन का अधिकार दिया है। जिसमें राज्यपाल का भी अधिकार निहित है। किन्तु हेमन्त सरकार ने राज्यपाल के अधिकारों को समाप्त करते हुए टीएसी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि मंत्री जी बताएं कि केंद्र सरकार ने इस पर क्या कार्रवाई की है।

निजी स्वार्थ के लिए न हो टीएसी का उपयोग- अर्जुन मुंडा

प्रकाश के सवाल पर जवाब देते हुए केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह विषय संवेदनशील है। 5वीं अनुसूची के तहत जनजातीय क्षेत्रों को विशेष अधिकार प्रदत है। जो संवैधानिक अधिकार है उसका सही उपयोग हो। उन्होंने कहा कि झारखंड में टीएसी का गठन मंत्रालय के संज्ञान में है। जनजातियों की सुरक्षा, राज्यपाल के अधिकार व संविधान के तहत दिए गए अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होना चाहिए। राज्यों को विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि टीएसी का उपयोग निजी स्वार्थ के लिए न हो।

शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल कारावास की सजा

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पॉक्सो की विशेष अदालत ने दोषी को सुनाई 20 साल की सजा
पॉक्सो की विशेष अदालत ने दोषी को सुनाई 20 साल की सजा

रांचीः नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई । शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी जयपाल कुमार मुंडा को 20 साल की सजा मिली है । नाबालिग से यौन शोषण मामले में आरोपी को पोक्सो की विशेष अदालत ने 20 वर्ष की सजा की सुनाई । बुंडू महिला थाना क्षेत्र का मामला है ।

शादी का झांसा देकर नाबालिग से यौन शोषण करने के आरोपी जयपाल कुमार मुंडा को पोक्सो के स्पेशल कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई है । साथ ही 45 हजार रुपया का जुर्माना लगाया है । फाइन जमा नहीं करने पर आरोपी को 1 साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी ।

ये पूरा मामला बुंडू महिला थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें पीड़िता ने साल 2018 में महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी । जिसमें अभियोजन पक्ष ने 4 लोगों की गवाही कराई थी । ये पूरा मामला साल 2018 का है और बुंडू महिला थाना से जुड़ा है । क्योंकि सबसे पहले मामला इसी थाना में शिकायत दर्ज की गई थी ।पीड़िता का आरोपी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था । एक दिन पीड़िता को घुमाने के बहाने आरोपी अपनी मोटरसाइकिल से सुनसान जगह पर ले गया था । जहां उसके प्रेमी ने नाबालिग के साथ जोर-जबरदस्ती कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया ।

इस दौरान प्रेमी ने उसके साथ शादी करने की बात कही. किसी तरह नाबालिग को मनाकर उसे बाइक में बैठाकर घर वापस आने लगा. घर वापसी के दौरान वो दोनों सड़क हादसे का शिकार हो गए. जिसमें नाबालिग का पैर टूट गया. जिसके बाद वो हमेशा के लिए दिव्यांग हो गई. शादी का वादा करने वाला प्रेमी अब नाबालिग की शारीरिक लाचारी देखकर शादी से मुकर गया.

नाबालिग अपने प्रेमी को लगातार शादी के लिए मनाती रही. लगातार शादी से इनकार के बाद पीड़िता नाबालिग ने परेशान होकर बुंडू महिला थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई. जिसमें उसने आवेदन में तमाम बातों का जिक्र किया. केस दर्ज होने के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी जयपाल कुमार मुंडा को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया. जिसमें अभियोजन पक्ष ने 4 लोगों की गवाही कराई थी.

स्कूल खुलने के बाद भी पूरक के रूप में जारी रहेगा ऑनलाइन एजुकेशन

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राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने दी जानकारी
राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने दी जानकारी

रांची : कोरोना महामारी के कारण स्कूलों के बंद रहने पर ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम एक विकल्प के तौर पर सामने आया और अब स्थिति सामान्य होने और स्कूलों के खुल जाने के बाद भी सीबीएसई ने इसे ऑफलाइन एजुकेशन मोड के पूरक के तौर पर जारी रखने का फैसला लिया है| गुरुवार को राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने यह जानकारी दी|

मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बताया कि सीबीएसई ने अप्रैल 2020 से अपने स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा की अनुमति दी है| केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सत्र 2021-22 के लिए विभिन्न ऑनलाइन/ऑफलाइन विकल्पों के साथ छमाही परीक्षा की योजना अधिसूचित की है|
परीक्षायें आधे पाठ्यक्रम के लिए प्रत्येक सत्र के अंत में आयोजित की जायेंगी| डेढ़ घंटे की अवधि की पहले सत्र की परीक्षा आतंरिक रूप से नवम्बर-दिसंबर 2021 के दौरान सीबीएसई द्वारा विकसित केवल बहु विकल्पीय प्रश्नों वाले प्रश्नों के साथ और सीबीएसई द्वारा नियुक्त बाहरी पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में स्कूलों में ही आयोजित की जायेगी| दूसरे सत्र की परीक्षा मार्च-अप्रैल 2022 के दौरान बाहरी केन्द्रों में 2 घंटे की घटाई गयी अवधि के लिए आयोजित की जायेगी| इसमें डिस्क्रिप्टिव प्रश्न होंगे|

अंतिम परिणाम दो सत्रों में संचयी प्रदर्शन (कमुलेटिव परफॉरमेंस) के आधार पर जारी किया जाएगा| यदि दूसरा सत्र संभव न हो, तो केवल एक सत्र के आधार पर और यदि दोनों सत्र संभव न हों, तो आतंरिक परीक्षाओं के आधार पर परीक्षा परिणाम घोषित किये जायेंगे, जैसा कि वर्तमान वर्ष में किया जा रहा है|

भैरव सिंह के एक पोस्टर से राजधानी का माहौल बिगाड़ने की कोशिश

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भड़काऊ पोस्टर की खबर फैलते ही जमा होने लगे लोग
भड़काऊ पोस्टर की खबर फैलते ही जमा होने लगे लोग

रांची । राजधानी रांची में गुरुवार को चौक-चौराहों पर लगाए गए कुछ पोस्टर की वजह से शहर का माहौल कुछ देर के लिए खराब हो गया । लोगों को संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी । दरअसल, कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हुए हमले का आरोपी भैरव सिंह की कई जगह बड़े होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए गए थे । इस पोस्टर में आरोपी भैरव सिंह को सरना झंडा लिए दिखाया गया। इस पोस्टर को देखते ही सरना समाज के साथ-साथ आम लोग भी आक्रोशित हो गए । लोगों ने पोस्टर को तुरंत हटाने के लिए सड़क जाम करने की धमकी दी ।

क्यों आक्रोशित हुआ सरना समाज ?

सरना समिति के सचिव रवि तिग्गा ने कहा कि निर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला करने के आरोपी पर राजद्रोह का मामला बनता है । ऐसे आदमी हाथ में सरना धर्म का झंडा हमारे सरना धर्म का अपमान है । इससे सरना धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है । सरना समिति ने भैरव सिंह और पोस्टर लगाने वालों पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला दर्ज करने की मांग की ।

जानकारी मिलते ही हरकत में आई पुलिस

रांची के सहजानंद चौक, किशोरगंज चौक, अरगोड़ा, लालपुर सहित कई जगहों पर इसी तरह के पोस्टर-होर्डिंग्स लगाए जाने की खबर मिलते ही रांची पुलिस हरकत में आ गई । नगर निगम की इनफोर्समेंट टीम को बुलाकर ऐसे सभी होर्डिंग्स को हटाया गया । अरगोड़ा थानाध्यक्ष बिनोद कुमार ने बताया कि सरना मामले में विधिवत कार्रवाई की जाएगी । रांची नगर निगम के इनफोर्समेंट अफसर संतोष कुमार ने कहा कि सभी जगह से ऐसे पोस्टरों को हटाया जा रहा है । उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे पोस्टर लगे होने की सूचना नहीं मिली थी ।

कौन है भैरव सिंह ?

24 मार्च को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमला हुआ था । इस मामले में भैरव सिंह को आरोपी बनाया गया है । उसने सिविल कोर्ट में सरेंडर किया था और इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था । 26 जुलाई को कोर्ट ने भैरव सिंह को जमानत दी थी । उसे जमानत मिलने के बाद उसके समर्थकों में से ही किसी ने इस तरह के भड़काउ पोस्टर लगाए हैं . फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है ।

सुरेन्द्र भुईयां की जगह सुरेन्द्र रजवार को दे दिया प्रधानमंत्री आवास का पैसा ! तीन साल से केस झेल रहा है पीड़ित

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  • बिना जाँच किये ही रंका प्रखंड विकास अधिकारी ने लाभुक पर रंका थाना में किया था एफआईआर ।
  • एफआईआर के तीन साल बाद भी नही हुआ दूध का दूध पानी का पानी।
  • तीन साल के बिना किसी गलती के दर दर भटक रहा है लाभुक कोई देखने वाला नही है सब यहाँ राम भरोसे।
  • आखिर कब मिलाएगा सुरेन्द्र भईया को न्याय….???
  • पलामू सासंद विष्णु दयाल राम जी को भी लिखित आवेदन दिया गया है।
सुरेन्द्र राम को पैसे भी नहीं मिले, केस भी हो गया
सुरेन्द्र राम को पैसे भी नहीं मिले, केस भी हो गया

गढ़वा जिला के रंका प्रखंड के बन्दू चुतरु पंचायत निवासी सुरेन्द्र भुईया को 2018 में प्रधानमंत्री आवास दिया गया था , जिसका पहला किस्त 26000 रुपया दूसरे के खाता में चला गया था । इस कारण वह प्रधानमंत्री आवास नहीं बनाया था प्रखंड विकास अधिकारी रंका के द्वारा रंका थाना में 11/09/2018 को 406 , 420/34 मामला दर्ज कराया जाता है। शासकीय अधिकारी के द्वारा जाँच भी नही कराया जाता है कि उसके अकाउंट में पैसा आया है कि नही बिना जाने मामला को दर्ज करा दिया जाता है। जब इसकी पूरी जानकारी लाभुक सुरेंद्र भईया के परिजन रोते बिलखते उज्वल दुनिया संवाददाता गढ़वा सोनू गुप्ता के पास आते हैं तो इस मामले की जांच कराई जाती है । सच पाया जाता है कि गरीब परिवार सुरेंद्र भुइया को अभी तक पैसा नही मिला है । सुरेंद्र भुईया का कहना है कि मेरे को न्याय चाहिए और मेरा जो पैसा अभी तक नहीं मिला है वह मुझे मिलना चाहिए।

सांसद प्रतिनिधि रंका दक्षिणी निर्मल गुप्ता का कहना है कि लाभुक सुरेन्द्र भुईया के साथ गलत हुआ वह बहुत ही गरीब लोग है बिना जाँच किये एफआईआर नही करना चाहिए आज तीन साल हो गया अभी तक पहला क़िस्त नही मिला है पूरी जानकारी पलामू सासंद विष्णु दयाल राम जी को को बताया गया उन्होंने कायवाही करने की बात कही है ।

जब रंका प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष प्रजापति से उज्वल दुनिया संवाददाता सोनू गुप्ता बात की जाती है तो रंका BDO जांच कराई तो उन्होंने उन्हीने भी सही पाया । उस गरीब परिवार को अभी तक 26000 रुपया नही मिला है । उन्होंने उसे पैसा दिलाने की बात कही।
रंका थाना प्रभारी नीतीश से पूछे जाने पर बताया कि बहुत ही पुराना मामला में इसे दिखवाता हूँ।

एफआईआर के तीन साल बाद भी नही हुआ दूध का दूध पानी का पानी
एफआईआर के तीन साल बाद भी नही हुआ दूध का दूध पानी का पानी

सिंचाई के दौरान करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत

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लातेहार
ज़िले के मनिका प्रखंड के मटलोंग पंचायत के माईल गांव के निरेध टोला में करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। घटना गुरुवार अहले सुबह की बताई जा रही है। मृतकों में पति, पत्नी और पुत्र शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार परिवार के तीनों सदस्य खेत में धान रोपने के लिए सिंचाई के लिए गए हुए थे। इसी दौरान करंट के चपेट में आ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों में गंगेश्वर सिंह (60), पत्नी धनोया देवी (58) और पुत्र बबलू सिंह (22) शामिल हैं। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
घटना की सुचना मिलते ही भाजपा नेता रघुपाल सिंह, मनिका थाना प्रभारी शुभम कुमार सहित अन्य पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।