Tuesday 7th of July 2026 10:02:28 AM
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नियोजन नीति पर भाजपा

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रांची । झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में क्षेत्रीय भाषा और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर नया सियासी बखेड़ा शुरु हो गया है। विरोधी भाजपा और आजसू तो विरोध कर ही रहे हैं, कांग्रेस भी नई नियुक्ति नियमावली के विरोध मोें उतर आई है। कुल मिलाकर झामुमो और झारखंड नामधारी पार्टियां एक तरफ तो भाजपा-कांग्रेस-आजसू-राजद आदि दूसरी ओर नजर आ रहे हैं।

नियोजन नीति को लेकर भाजपा-झामुमो आमने-सामने
नियोजन नीति को लेकर भाजपा-झामुमो आमने-सामने

मूलवासी, आदिवासी और पिछड़े गरीब का सम्मान- झामुमो

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हेमन्त सरकार के इस निर्णय से पूर्व की सरकार में नियुक्तियों में चले घालमेल पर विराम लग गया है । सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि हेमंत सरकार ने राज्य के मूलवासी, आदिवासी और जो पिछड़े गरीब हैं उनकी सम्मान की रक्षा के लिए यह निर्णय लिया है । उन्होंने कहा कि जो सरकारी नौकरी कर रहे हों या निजी कंपनी में हों और राज्य से बाहर रह रहे हों तो उनके बच्चे चूंकि यहां के खतियानी मूलवासी हैं, आदिवासी हैं, दलित हैं या पिछड़ी जाति के हैं तो उनका हक नहीं मारा जायेगा ।

उर्दू को रखा लेकिन राजभाषा हिंदी को हटा दिया- भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्य परीक्षा से हिंदी के विकल्प को समाप्त कर दिया है। यह न सिर्फ राजभाषा का अपमान है बल्कि इससे लाखों छात्रों पर भी असर पड़ेगा। उन्होने कहा कि  इससे पूर्व की नियमावली में राज्य स्तरीय मेंस के पेपर 2 में जनजातीय क्षेत्रीय भाषा के लिए हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत विषय का भी प्रावधान था। जो कि इस बार के नए नियमावली में उपरोक्त तीनों विषय को हटा दिया गया है। नई नियमावली में उर्दू को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा में पेपर 2 में यथावत रहने दिया गया है जबकि उर्दू कोई क्षेत्रीय जनजातीय भाषा नहीं है। यह साफ दिखाता है कि राज्य सरकार बहुसंख्यक विरोधी मानसिकता से कार्य कर रही है और सिर्फ अल्पसंख्यक वोटों के ध्रुवीकरण के कारण ऐसा कदम उठा रही है।

पुनर्निचार करे ङेमन्त सरकार- कांग्रेस

झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि पलामू प्रमंडल उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत कोडरमा, हजारीबाग, चतरा, बोकारो, धनबाद, संथाल परगना के साहेबगंज, गोड्डा, देवघर जिले में प्रमुखता से उपयोग किये जाने वाले भोजपुरी मगही अंगिका  भाषाओं को भी जेपीएसएससी में शामिल किया जाना चाहिए । राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि उक्त भाषाओं को शामिल नहीं करने पर उपरोक्त जिलों के छात्रों को चयन में समान अवसर नहीं प्राप्त हो सकेगा । राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अभी तक क्षेत्रीय भाषाओं की अनिवार्यता नहीं नही होने के कारण अधिकांश छात्रों ने हिन्दी भाषा में पढ़ाई की है इसलिए सरकार को इसपर पुनर्विचार करना चाहिए।

भोजपुरी-मगही-मैथिली और अंगिका जैसी भाषाओं को भी शामिल किया जाय- दीपिका पांडे सिंह

सरकार के फैसले से आम युवाओं में निराशा- दीपिका पांडे सिंह
सरकार के फैसले से आम युवाओं में निराशा- दीपिका पांडे सिंह

महागामा से कांग्रेस की विधायक दीपिका पांडे सिंह ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नाम चिट्ठी में लिखा है कि क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में हिंदी, अंगिका, मैथिली मगही, भोजपुरी आदि को शामिल नही करने के कारण राज्य के युवाओं में घोर निराशा है । इस विषय पर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक  सरकार के इस निर्णय की आलोचना हो रही है। मैं मांग करती हूं कि क्षेत्रीय भाषाओं में इन भाषाओं को भी शामिल किया जाए। ऐसा नहीं करने से झारखंड के हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।

दीपिका पांडे सिंह ने लिखा है कि कर्मचारी चयन आयोग के परीक्षा के लिए जो एक बाध्यता रखी गयी है कि सामान्य कोटि के उम्मीदवारों को मैट्रिक झारखंड के किसी स्कूल से उतीर्ण होना जरूरी है इस प्रावधान पर विचार होना चाहिए।  राज्य के अधिसंख्य युवाओं को ध्यान में रखकर सहुभुतिपूर्वक बिचार करते हुवे वर्णित भाषाओ को शामिल करने की दिशा में यथोचित निर्णय लेना आवश्यक है ।

धनबादः समाहरणालय में मंत्री कर रहे थे बैठक, और बाहर छात्राओं पर बरस रही थीं लाठियां

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जैक बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं छात्र
जैक बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट में त्रुटि का आरोप लगा रहे थे छात्र

धनबाद । बारहवीं के परिणाम से असंतुष्ट छात्राओं का विरोध प्रदर्शन ने आज पांचवे दिन उग्र रूप धारण कर लिया। शुक्रवार को धनबाद समाहरणालय के कॉन्फ्रेंस रूम में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की बीस सूत्री के बैठक के दौरान ही दर्जनों की संख्या में छात्राएं समाहरणालय परिसर में घुस आई और अनियमितताओं का आरोप लगा जमकर हंगामा करने लगी। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रशासनिक अधिकारियों को पुलिस बल बुलवाकर छात्राओं को शांत करने के लिए लाठी चार्ज तक करवाना पड़ गया ।

लड़कियों के जुबान लड़ाने से अधिकारी को आया गुस्सा
लड़कियों ने जुबान लड़ाई तो साहब को आया गुस्सा

12वीं के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्राओं ने आज उग्र प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय के अंदर दाखिल हो गई। देखते ही देखते आक्रोशित छात्राओं की भीड़ उस कॉन्फ्रेंस हॉल के मुख्य दरवाजे तक पहुँच गई, जहां झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता अधिकारियों संग बीस सूत्री की मीटिंग कर रहे थे। हंगामा के साथ उपायुक्त कार्यालय में दाखिल हुई छात्राएं इतनी आक्रोशित थी कि वो किसी भी प्रशासनिक अधिकारियों से एक भी बात करने को तैयार नहीं थी। जबकि मौके पर मौजूद अधिकारी छात्राओं को बार-बार वार्ता के लिए अनुरोध कर रहे थे। पर छात्राएं अधिकारियों की एक भी बात सुनने को तैयार नहीं थी

प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बाद छात्र को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस
प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बाद छात्र को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस

छात्राओं का कहना था कि जब तक मंत्री जी उनकी मांगे खुद आकार नहीं लेते तब तक वह वहां से नहीं जाएंगी। साथ ही छात्राए खुद को परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित करने की भी मांग कर रही थी। देखते ही देखते आक्रोशित छात्राएं वहाँ मौजूद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों से धक्का मुक्की करने लगी। सभागार के पास रखे फर्नीचर को भी तोड़ने का प्रयास करने लगी। इतना ही नहीं कुछ लड़कियां कॉन्फ्रेंस हॉल का मुख्य दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने लगी। तब मौके पर मौजूद एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने सुरक्षा कर्मियों की मदद से उन्हें वहां से हटाना चाहा, लेकिन छात्राएं कॉन्फ्रेंस हॉल के मुख्य दरवाजे के पास ही फर्श पर बैठ गई और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगी।
जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने के लिए लाठी चार्ज कर दिया।

लाठीचार्ज में कई छात्राएं घायल, कुछ के बेहोश होने की भी खबर
लाठीचार्ज में कई छात्राएं घायल, कुछ के बेहोश होने की भी खबर

जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने छात्राओं और उनके साथ आए कुछ पुरुष अभिभावकों पर भी बल प्रयोग किया। *इस दौरान कई छात्राओं के घायल होने की भी खबर है। मौके पर कई छात्राएं बेहोश होकर गिरती भी नजर आई ।

मो.तनवीर आलम बने कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला सचिव

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सरायकेला: कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मो.मोहसीन ने शुक्रवार को कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के चौड़ा गांव निवासी मो.तनवीर आलम को सरायकेला-खरसावां जिला का जिला सचिव मनोनीत किया है। इस आशय में उन्होंने मनोनीत होने का पत्र मो.तनवीर आलम को सौपा। इस दौरान जानकारी देते हुए कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मो.मोहसीन ने कहा कि मो.तनवीर आलम को पार्टी के प्रति सक्रियता को देखते हुए जिला सचिव मनोनीत किया गया है औऱ उन्हें वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के साथ समन्वय स्थापित कर संगठन हित में कार्य करने को कहा गया है।

मो.तनवीर आलम, नव मनोनित जिला सचिव

कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा का जिला सचिव मनोनीत होने पर मो.तनवीर आलम ने कांग्रेस पार्टी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने औऱ संगठन को मजबूत किये जाने की बातें कही है। मौके पर कपाली नगर परिषद के डिप्टी मेयर सरवर आलम, कांग्रेस एनसीडब्ल्यू के जिलाध्यक्ष मो.अकरम अंसारी, कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के कुकड़ू प्रखंड अध्यक्ष शमीम अंसारी मौजूद थे।

बेरहम और बेशर्म है हेमन्त सरकार

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गर्भवती महिलाओं और छात्राओं पर पुलिस की लाठियां बरसाने वाली बेशर्म और निकल्ली सरकार है- दीपक प्रकाश
गर्भवती महिलाओं और छात्राओं पर पुलिस की लाठियां बरसाने वाली बेशर्म और निकल्ली सरकार है- दीपक प्रकाश

रांची । धनबाद में 12वीं के छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा बेरहमी से लाठीचार्ज करने पर भाजपा ने गुस्सा जताते हुए सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि यह सरकार बेरहम और बेशर्म सरकार है । इस सरकार के पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी निरंकुश हो चुके हैं ।

पुरुष पुलिसवालों को छात्राओं पर लाठी बरसाते हुए लज्जा नहीं आई ?

दीपक प्रकाश ने कहा कि अपराधियों, माफियाओं, कोयला और बालू तस्करों के सामने इनकी घिग्घी बंध जाती है लेकिन जैसे ही पारा शिक्षक, सहायक पुलिस कर्मी, संविदा कर्मी, या किसान आवाज उठाते हैं, इनकी मर्दानगी न जाने कहां से जाग जाती है ? पता नहीं इस निकम्मी सरकार को छात्र-छात्राओं पर लाठियां बरसाते हुए शर्म भी आती है या नहीं ।

पहले भी गर्भवती महिला को पीटकर बहादुरी दिखा चुके हैं

दीपक प्रकाश ने कहा कि इस जघन्य लाठीचार्ज से पूरे झारखंड के लोग बेहद गुस्से में हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पुरुष पदाधिकारी ने आज छात्राओं पर डंडे बरसाये हैं यह बेशर्मी की पराकाष्ठा है । इसके पूर्व भी इस सरकार की निरंकुश पुलिस गर्भवती महिला को भी पीट कर अपनी बहादुरी दिखा चुकी है ।

सोनाहातू: सतिघाट स्वर्णरेखा नदी में बहा युवक उदय का मिला शव, गांव में शोक की लहर

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परिजनों से मिलते आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो

सवांददाता-अबधेश महतो

सोनाहातू: सोनाहातू प्रखंड के बारेन्दा पंचायत अंतर्गत पांडुडीह गांव का 22 वर्षीय युवक उदय महतो का शव स्वर्ण रेखा नदी में दुलमी सालडबरा घाट में शुक्रवार शाम को मिला। बता दे कि युवक उदय महतो 02 अगस्त को स्नान करने के दौरान स्वर्णरेखा नदी के सतिघाट से तेज बहाव में बह गया था। वही इसके बाद 03 अगस्त को एनडीआरएफ की टीम ने सतीघाट औऱ तिरुलडीह स्वर्णरेखा नदी में करीब 09 घंटे तक खोजबीन किया था, लेकिन उसदिन युवक कही नही मिला था।

इसके बाद एनडीआरएफ की 13 सदस्यीय टीम तिरुलडीह से शाम को वापस लौट गई थी। इधर आज शुक्रवार शाम को नदी किनारे तैरता हुआ शव को लोगों ने देखा औऱ शव की पहचान कर परिजनों को सूचित किया गया। शव मिलने की सूचना पर सोनाहतु थाना की पुलिस सालडबरा घाट पहुंची औऱ शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए रिम्स रांची भेज दिया है।

आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो पांडुडीह गांव पहुंचे, किया शोक व्यक्त

स्वर्णरेखा नदी के सतिघाट का निरीक्षण करते आजसू सुप्रीमो

इधर शव मिलने की सूचना पर आजसू सुप्रीमो सह सिल्ली विधायक सुदेश कुमार महतो सतिघाट घटनास्थल औऱ पांडुडीह गांव पहुंचे और मृतक उदय महतो के परिजनों से मिलकर शोक व्यक्त कर सांत्वना दिया औऱ हमेशा परिजनों के साथ खड़ा रहने का भरोसा दिया। मौके पर जयपाल सिंह, सुनील सिंह, संजय सिद्धार्थ, चितरंजन महतो, अशोक महतो, विश्वनाथ महतो, गौतम सिंहदेव, बसंत महतो, ओमप्रकाश महतो आदि उपस्थित थे।

पलामू: रिश्वत लेते क्लर्क के साथ ट्रैप हुए जिला कल्याण पदाधिकारी

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एसीबी को जिला कल्याण पदाधिकारी के आवास से मिले 2.83 लाख
एसीबी को जिला कल्याण पदाधिकारी के आवास से मिले 2.83 लाख

मेदिनीनगर। पलामू एसीबी की टीम को आज एक कार्रवाई के तहत बड़ी सफलता मिली है। एसीबी ने पहली बार जिलास्तरीय पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार धुमकुड़िया भवन को लेकर छतरपुर के लठेया गांव निवासी मुनी बैगा लगातार कल्याण विभाग की दौड़ लगा रहा था। इस एवज में जिला कल्याण पदाधिकारी ने उसे लिपिक मनोज कुमार से बात करने को कहा था। वहीं, लिपिक ने इस काम के लिये 20 हजार रुपये घूस मांगी। घूस मांगे जाने के बाद असमर्थता व्यक्त किये जाने के बाद भी वे पैसा लेने के लिये उसे दौड़ा रहे थे।

आजिज आकर मुनी बैगा नेने मामले की सूचना पलामू एसीबी को दी। एसीबी ने मामले की पूरी तहकीकात करने के बाद इसके लिये एक टीम का गठन किया। टीम ने आज कार्रवाई करते हुए कार्यालय से क्लर्क मनोज कुमार को 20 हजार रूपये घूस लेते गिरतार किया।

इसके बाद टीम ने कार्यालय में बैठे जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार को भी अपने साथ एसीबी कार्यालय ले गई। इसके बाद टीम ने जिला कल्याण पदाधिकारी के आवास पर छापामारी की, जहां से 2.83 लाख बरामद किया गया। लाभुक मुनी बैगा के अनुसार, उसने खाता 20 प्लॉट 179 पर छतरपुर के डुंडुर में धुमकुड़िया भवन निर्माण के लिये चेक स्लीप तैयार कर जिला कल्याण विभाग में जमा किया था। इसे उपायुक्त के माध्यम से अनुसूचित जनजाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव को स्वीकृति प्रदान करते हुए आवंटन के लिये भेजा गया है। परंतु डुंडुर गांव में धुमकुड़िया भवन के लिये आवंटन नहीं मिला है। उसने बताया कि इसे लेकर वे जिला कल्याण पदाधिकारी से मिले और पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भवन के लिये खर्चा करना पड़ता है। जाइये सहायक मनोज कुमार से मिल लीजिये। सहायक द्वारा 20 हजार मांगने पर उसने दोबारा जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार से मुलाकात की। इस पर उन्होंने बताया कि बार-बार मेरे पास मत आइये, मनोज कुमार से मिलिये।

इसके बाद उसने मामले की शिकायत पलामू एसीबी में की। एसीबी की टीम ने मामला को सत्य पाते हुए पलामू थाना कांड सं. 10/2021 पंजीकृत कर प्राथमिकी अभियुक्त सुभाष कुमार(57) पिता बिरेंद्र प्रसाद वर्मा, पटना के जकनपुर थाना निवासी वर्तमान में बाइपास रोड स्थित सिंह लाईन होटल पास निवासी व सहायक मनोज कुमार(43) पिता स्व. गौतम साहु गांव चिरू, छतरपुर पलामू को गिरफ्तार किया गया।

गोड्डा: ठनका गिरने से खेत में काम कर रहे 03 की मौत, चार घायल

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खेतों में काम करते वक्त गिरी बिजली
खेतों में काम करते वक्त गिरी बिजली

गोड्डा प्रतिनिधि

गोड्डा।  दोपहर में आए तेज बारिश किसानों के लिए कहर बन कर आई। मूसलाधार बारिश मैं वह बज्रपात के बाद खेतों में काम कर रहे तीन लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। मरने वालों में दो महिला और एक पुरुष शामिल है। दोपहर बाद अचानक आए तेज बारिश के साथ एकाएक जोर से बादल गरजने की तेज आवाज होने लगी।

वज्रपात की चपेट में आने से चिलौना पंचायत अंतर्गत भादरा गांव में एक महिला की मौत हो गई जबकि परासी गांव में भी एक दंपत्ति की भी मौत वज्रपात से हो गई। वज्रपात की ही घटना में कस्बा गांव के चार लोग घायल हो गए जिनका इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है।

सदर अस्पताल में घायलों को भर्ती कराते परिजन
सदर अस्पताल में घायलों को भर्ती कराते परिजन

बताया जाता है कि एकाएक आई तेज बारिश और बादल वज्रपात से किसानों को संभलने का मौका भी नहीं मिल पाया और खेतों में काम कर रहे मजदूर मजदूरों की असामयिक मौत हो गई। सदर अस्पताल गोड्डा में आए मृतक लालू यादव के परिजन ने बताया कि खेतों में बिचड़ा उखाड़ने का काम कर रहे थे कि अचानक गरज के साथ जोरदार बारिश होने लगी खेत से भागने का मौका ही नहीं लगा कि तभी बज्रपात हो गया हालांकि वज्रपात बगल की खेत में हुआ मगर उसकी चपेट में आने से मौत हो गई।

सदर अस्पताल की स्थिति बड़ी भयावह थी। चारों तरफ कोहराम मचा हुआ था। एक साथ कई घायलों के एवं उसके परिजनों के आ जाने से अफरातफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि जिला प्रशासन एवं कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से तेज बारिश के साथ वज्रपात होने की सूचना पूर्व में भी दी गई थी मगर इसको किसी ने गंभीरता से नहीं लिया और बेपरवाह होकर खेत में काम करते रहे। जिसके कारण वज्रपात की चपेट में आकर यह दर्दनाक हादसा हो गया।

मुक्ताकाश में ‘स्वर

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रांची। मैथिली एवं हिंदी के कवि, उपन्यासकार और आलोचक पंकज पराशर की नई कविताओं का संग्रह ‘स्वर -उजास’ का लोकार्पण मुक्ताकाश में हरमू पुल पर शुक्रवार को भव्य तरीके से किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शहर के प्रमुख साहित्यकार, कवि और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।

लोकार्पण में उपस्थित रांची दूरदर्शन के पूर्व निदेशक प्रमोद कुमार झा ने कहा कि एक दर्जन से अधिक पुस्तकों के रचयिता और कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित पंकज पराशर फिलहाल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं और मैथिली – हिंदी के विशिष्ट कवि हैं। साहित्यकार अमरनाथ झा ने कहा कि गंभीर और भविष्योन्मुख दृष्टि संपन्न कवि की यह कृति शास्त्रीय संगीत की ऐतिहासिक परंपरा से रूबरू कराती है।

उपन्यासकार सुरेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि पंकज की कविताएं मैथिली कविता की समृद्ध परम्परा में विशिष्ट योगदान देती हैं। भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व अधिकारी और कवि-चिंतक बदरीनाथ झा ने कहा कि यह संग्रह कवि की गंभीर सोच, उनकी दृष्टि और विचारसम्पन्नता को अभिव्यक्त करता है। किसुन संकल्प लोक के सचिव और साहित्यकार केदार कानन ने उपस्थित लेखकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि पंकज की कविताओं ने अँधेरे में डूबी हुई पूरी संस्कृति को एक ऊर्जस्वल प्रकाश से भर दिया है। शास्त्रीय संगीत की ऐतिहासिक परम्परा को कोमल, भावप्रवण शब्दावली में गुम्फित कर कवि ने एक कीर्तिमान रचा है।

हाथी अब न रहे साथी, दो युवकों की ले ली जान

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पत्थलगड्डा में पड़ा मृतक का शव।
पत्थलगड्डा में पड़ा मृतक का शव

चतरा/गीतांजलि :-चतरा जिले के सिमरिया और पत्थलगड्डा क्षेत्र में गजराजों के दस्तक से कोहराम मच गया है।गुरुवार की रात हाथियों ने दो युवकों को कुचल कुचल कर मार डाला। गुरुवार की रात्रि सिमरिया थाना क्षेत्र के सलगी गांव स्थित चटनिया बाबा के समीप जंगली हाथियों के झुंड ने एक युवक की जान ले ली। मृतक विष्णु देव उरांव आरसेल कटहरा गांव का रहने वाला था। सुबह सूचना के बाद इन लोगों की भीड़ जमा हो गई। जिसके बाद वन सुरक्षा अधिकारी उमेश प्रसाद और सिमरिया थाना प्रभारी गोविंद कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। फिर विधायक के पहल पर वन सुरक्षा अधिकारी ने मृतक के परिजन को 40 हजार रुपए नगद सहायता राशि प्रदान की और बताया कि कागजी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद परिजन को 3 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर दी जाएगी।

उक्त प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सिमरिया थाना पुलिस ने शव को कब्जे में करते हुए अंत्य परीक्षण के लिए चतरा भेज दिया। घटना के बाबत बताया गया कि युवक सलगी गांव में काम कर अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से रात में वापस घर लौट रहा था। रास्ते में चटनियां बाबा के समीप हाथियों के झुंड ने उसे घेर लिया।पत्नी तो किसी तरह भाग कर गजराजों की नजरों से ओझल हो गई।मगर मोटरसाइकिल लेकर भागने की कोशिश में विष्णु देव हाथियों में चंगुल में आ गया। हाथियों ने उसे अपने सुढ़ में लपेट लिया और पटक-पटक कर उसकी जान ले ली।

युवक के साथ घटी इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथियों को तत्काल नियंत्रित करने की मांग की है।दूसरी ओर बीती रात ही पत्थलगड़ा प्रखंड के मेराल पंचायत में हाथियों ने व्यापक तबाही मचाई । मेराल के खेदवातरी टोला में जंगली हाथियों ने एक ग्रामीण हरिपूर्ति पिता पांडया पूर्ति उम्र 28 वर्ष को पटक-पटक कर मार दिया । वहीं इसी टोला के उर्सू मुंडू को भी पटक कर घायल कर दिया। उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफरल अस्पताल भेजा गया है। वहीं लगभग आधा दर्जन मकानों को भी हाथियों ने क्षति पहुंचाई है ।

बताया जा रहा है कि हरिपूर्ति मेराल बाजार से रात्रि में घर लौट रहा था। रास्ते में हाथियों से उसका सामना हो गया। और हाथियों ने उसे भी पटक पटक कर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगड़ा बीडीओ, थाना प्रभारी और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपए की सहायता राशि सौंपी।इन दोनों घटनाओं से सिमरिया और पत्थलगड्डा गांव के किसान काफी दहशत में हैं।

जज की हत्या राज्य सरकार की विफलता, धनबाद में माफियाराज : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ऐसे माहौल में जजों की सुरक्षा कौन करेगा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ऐसे माहौल में जजों की सुरक्षा कौन करेगा?

रांची : धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायधीश उत्तम आनंद की मौत मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि युवा जज की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह राज्य सरकार की विफलता है ।

अदालत में घुस आते हैं असमाजिक तत्व

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में दायर याचिका का हवाला देते हुए कहा कि देश भर में ऐसे उदाहरण हैं जहां असामाजिक तत्व अदालत परिसर में प्रवेश कर रहे हैं । आज हम एजी से इसपर राय चाहते हैं ।

कहा- न्यायपालिका की मदद नहीं कर रही सीबीआई और आईबी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा मुझे खेद है कि सीबीआई ने कुछ नहीं किया । अब आपको ऐसे मामलों का ध्यान रखना होगा ।

सोशल मीडिया पर न्यायपालिका को बदनाम करने का नया चलन

प्रतिकूल फैसले आने पर न्यायपालिका को बदनाम करने की मुहिम छेड़ देते हैं बड़े और प्रभावशाली लोग

प्रतिकूल फैसले आने पर न्यायपालिका को बदनाम करने की मुहिम छेड़ देते हैं बड़े और प्रभावशाली लोग- SC

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह इस देश में एक नया चलन है । यदि कोई शक्तिशाली हाई प्रोफाइल व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित किया जाता है तो वह और उसका गिरोह न्यायपालिका को बदनाम करता है । वे सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्विटर आदि पर न्यायाधीशों को धमकाते और गाली देते हैं । कई मामलों की शिकायतें सीबीआई को भेजी गयी हैं । भले ही न्यायाधीश शिकायत करते हैं कि लेकिन वे जवाब नहीं देते हैं ।
सीबीआई, आईबी न्यायपालिका की बिल्कुल भी मदद नहीं कर रही है ।

9 अगस्त को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सोमवार 9 अगस्त को सुनवाई के लिए रखा है । सुनवाई रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम सीबीआई को सुनना चाहते हैं । सभी राज्य भी हलफनामा दाखिल करें कि जजों को सुरक्षा देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

सरकार आप तो ऐसे न थे ?

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विनम्रता और दूसरों का आदर करना, यही रही है राजनीति के "हेमन्त" की पहचान
विनम्रता और दूसरों का आदर करना, यही रही है राजनीति के “हेमन्त” की पहचान

के.कौशलेन्द्र

मैथिली में एक कहावत है-
“मन हरखित तं गावी गीत”.

अर्थ सहज है कि मन प्रफुल्लित हो तो गाने का मूड बनता है.
हेमंत जी, आप झारखंड के मुख्यमंत्री हैं. आपकी विनम्रता मिश्रित राजनीतिक कौशल का मैं कायल हूँ, यह लिखने में भी मुझे गुरेज़ नहीं. किन्तु आज आप के लिये सरकार शब्द का संबोधन भारी मन से कर रहा हूँ.

जब आप अभियंत्रण के छात्र थे, उस वक़्त से आपके संयम, विनम्रता और अन्तर्मुखी व्यक्तित्व का अवलोकन करता आ रहा हूँ. आपके स्वर्गीय अग्रज दुर्गा सोरेन जी से भी आपके व्यक्तित्व के स्नेहिल चित्रण का साक्षी बनने का अवसर मिला है.
आज आप सरकार चला रहे हैं. सरकार चल भी रही है किन्तु पारंपरिक सरकार और हेमंत सोरेन से अपेक्षित सरकार का फर्क साफ़ दिख रहा है.
मैं आलोचना की मंशा से नहीं बल्कि आपके भावी राजनीतिक सफर के मद्देनजर कुछ बिन्दुओं पर आपका ध्यान आक्रृष्ट कराने की जुर्रत कर रहा हूँ.

क्या आपको नही लगता कि आप अपने चाहने वालों से दूर होते जा रहे हैं. झारखंड के कोने-कोने उठने वाली आवाज- ‘हेमंत हैं तो हिम्मत है’, का स्वर क्या आपको मद्धिम होता नहीं लग रहा? घुमक्कड़ हूँ, शहरी व सूदूर ग्रामीण झारखंड के कोने- कोने का चक्कर लगा कर आपकी सरकार के काम-काज पर जनमानस को टटोलता रहता हूँ.
बदलाव की आस की आस्था तो दिखी किन्तु बदलाव नहीं दिखा.

क्या हेमन्त सोरेन के आसपास के लोगों की वजह से फैल रही है बदनामी ?
क्या हेमन्त सोरेन के आसपास के लोगों की वजह से फैल रही है बदनामी ?

पूर्ववर्ती सरकार को जिस कोटरी की गिरफ्त में बता कर जनविरोधी नीतियों का विरोध कर आप सत्तासीन हुये, क्या वही कोटरी आप पर हावी नहीं होती जा रही?
सत्ता की कोटरी जिसे आम भाषा में सत्ता के दलाल कहते हैं, क्या उनका बोलबाला नहीं बढता जा रहा?
प्रतिपक्ष का क्या है, उसे तो अवसर की तलाश रहेगी ही ताकि आपकी छवि को धूमिल कर अपनी गद्दी सुनिश्चित करे.वक्त मिले तो चिंतन करियेगा.
आज संवाद तंत्र की बात करता हूँ. मीडिया बड़ा हो या छोटा… पत्रकार धुरंधर हों या नवोदित… सबके आप चहेते रहे हैं. लेकिन क्या छोटों को भाई और बड़े को भैया संबोधित कर दिल जीत लेने वाले हेमंत अपने चहेतों से दूर नहीं होते जा रहे?
आप मुख्यमंत्री हैं.. व्यस्ततम दिनचर्या होती है. इसी वजह से कई सहयोगी भी बहाल कर रखना स्वभाविक भी है. किन्तु आपके सहयोगी क्या आपकी छवि के अनुरूप आचरण कर रहे हैं?
आपके बहुत पुराने सहयोगी जो फिलहाल आधिकारिक तौर पर आपके मीडिया सलाहकार हैं. क्या वे प्रेस/मीडिया के लोगों को
सुलभ हैं?

विचारधारा की काट विचारधारा होती है, धौस या धमकी नहीं
गलत विचारधारा को अपनी प्रबल विचारधारा से ही काटा जा सकता है,  धौस या धमकी से नहीं 

एक चींटी भी हाथी को भारी पड़ जाती है श्रीमान. कोई पत्रकार यदि कुछ असहज या आपत्तिजनक लिखता है तो मीडिया सलाहकार उससे तथ्यात्मक संवाद कर मसले को जन्नोमुखी बना दे यही तो उसकी योग्यता का कौशल होता है ना. ठीक इसके विपरीत केस-मुकदमा और थाना पुलिस की धौंसपट्टी आपकी छवि के साथ खिलवाड़ नही तो और क्या है?
आपके मातहत विभाग सूचना व जनसंपर्क से मिलने वाले राजप्रसाद अर्थात् विज्ञापन बंद कर और चिरौरी पूजन के उपरांत पुनः विज्ञापन अमृत वितरण की नीति क्या पूर्ववर्ती सरकार का अनुसरण नहीं है?
अखबार/ मीडिया छोटा या बड़ा नहीं होता सरकार. सबकी अपनी पहुँच और पाठक वर्ग होता है. किसी के लिये सूरमा और किसी के लिये काजल वाली नीति अंकुश का तरीका बिलकुल नही हो सकता.
हाँ, नाजायज पर अंकुश बिलकुल जायज है किंतु थाना पुलिस और केस मुकदमा किसी भी शासक के लिये हितकारी नहीं रहा, इतिहास गवाह है.

विधि- व्यवस्था ही तो शासन का इकबाल होता है. यदि मीडिया शासन को विधि-व्यवस्था और शासकीय शक्ति के दुरुपयोग को उजागर करता है तो वो सरकार की मदद ही तो कर रहा है.
राजनीति में कुछ अखबार/मीडिया उलटबांसी भी करते हैं किन्तु विचारधारा का विरोध दमदार विचारधारा के प्रवर्तन से होता है, धौंस पट्टी से नहीं.
गड़बड़ी है तो सुधार सरकार का अख्तियार है. संवाद- विचार -विमर्श और जन्नोथान मुखी क्रियान्वयन ही जनतंत्र का सौंदर्य है.
आरोप लगते हैं तो उसका वैधानिक प्रतिवाद होना चाहिये.आरोप और घाव ढांपने से जख्म गहरा ही होता है.

हेमंत जी, आप जननेता हैं और आपकी छवि पर जनविश्वास कायम है. पुनः दुहरा रहा हूँ – अपने नायक की छवि को बरकरार रखिये नहीं तो कोटरी आश्रित सत्ता कभी भी दगा दे सकती है.
खैर, आपके आपके पास तो सलाहकारों की फौज है, उनसे इतना जरूर पूछियेगा कि हेमंत है तो हिम्मत है का नारा बुलंद करने वालों के आंसू ने आह का रुप ले लिया तो फौज जिम्मेदारियों के बोझ तले दबेगी कि हेमंत ?

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और यहां प्रकट किए गए उनके विचार निजी हैं)
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मैच्योरिटी पूर्ण होने पर सहारा इंडिया ने नहीं किया भुगतान, एसडीओ से शिकायत

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भुगतान नहीं होने पर भुक्तभोगी ने कर्ज लेकर बेटी का कराया विवाह
भुगतान नहीं होने पर भुक्तभोगी ने कर्ज लेकर बेटी का कराया विवाह

चतरा: सिमरिया सहारा इंडिया के स्थानीय शाखा ने फिक्स डिपॉजिट पर मैच्योरिटी पूर्ण होने पर भुगतान नहीं किया। इस बाबत भुक्तभोगी खाताधारी बकचोमा निवासी मो. खुर्शीद आलम ने अनुमंडल पदाधिकारी सुधीर कुमार दास को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

भुक्तभोगी का कहना है कि वर्ष 2014 में उसने सहारा इंडिया में एक लाख रुपए का फिक्स डिपाजिट पांच साल के लिए करवाया था, ताकि बेटी की शादी में काम आ सके। किंतु वर्ष 2019 में मैच्योरिटी पूर्ण होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। अब जबकि मैच्योरिटी पूर्ण हुए दो वर्ष बीत चुके हैं। बावजूद उसका भुगतान लंबित है। इस दौरान वह कार्यालय का चक्कर लगा लगा कर थक चुका है।

बेटी की सगाई में काम नहीं आया एक लाख रुपए का फिक्स डिपॉजिट

जैसे तैसे कर्ज लेकर उसने बेटी का विवाह संपन्न किया। अब कर्जदार उससे पैसे मांग रहे हैं और स्थानीय बैंक के मैनेजर भुगतान के प्रति असमर्थता जता रहे हैं। ऐसे में वह बेहद परेशान है और वह अनुमंडल पदाधिकारी से मामले की जांच पड़ताल कर बैंक से भुगतान करवाने का अनुरोध करता है।

प्रजातन्त्र के आदर्श: राजा राम और रामराज्य

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*डॉ. सुशील कुमार तिवारी*

स्मरण कीजिए, जब पिछले वर्ष 5 अगस्त को भूमि पूजन के साथ राम मंदिर का निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ था। जब घट घट के स्वामी श्री राम अपने जन्मभूमि के पुनः स्वामी बने। जब आध्यात्मिक और अलौकिक जगत में स्थापित सत्य भौतिक रूप से स्वीकार किया गया। जब सभी के ह्रदयवासी राम अपने ही साकेत अर्थात अयोध्य्वासी बने।

कई राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं भौगोलिक घटनाएं या अदालती निर्णय भी अविस्मरणीय सौगात दे देते हैं। यह किसी व्यक्ति, समाज, धर्म या समुदाय की विजय जैसी विवेचनाओं से परे होती हैं। कुछ ऐसा ही था श्री राम जन्मभूमि से सबंधित अदालती निर्णय या फिर उसके बाद 5 अगस्त के ओ शुभ दिन जब भव्य दिव्य श्री राम मंदिर के आस्था केंद्र के निर्माण की शुरुआत की गई।
हम सब आपसी चर्चा,अदालती निर्णय या 5 अगस्त 2020 से पहले भी करते थे, अब भी करते हैं। व्यक्तिगत अनुभव है कि तब इन बातों में धार्मिक कटुता, अनपेक्षित शब्दों का प्रयोग, आपसी वैमनस्यता या अप्रजातांत्रिक व्यवहार ज्यादा देखने सुनने को मिलते थे। अब केवल परिपक्वता दिखती है कि यह बहुत पहले हो जाता तो हम मिलकर देश के साथ कुछ आगे बढ़े होते या बहुत अच्छा हुआ, हम कब तक ऐसी बातों को खिंचते रहेंगे। हाँ, अभी भी निर्मूल और मूर्खता भरी बातें जैसे अस्पताल, विद्यालय आदि करनेवाले लोग हैं, लेकिन उनकी संख्या पहले भी मुट्ठीभर थी और अब नगण्य हो गयी है। ये बातें भ्रम में डालनेवाली थीं क्योंकि प्रजातंत्र की सफलता का उद्देश्य जो इस कार्य से पूर्ण हुआ है वो शिक्षा और स्वास्थ्य के पैमानों से कम थोड़े न है। समाज यदि सैकड़ों वर्षों के समस्या का समाधान करता है और वैमनस्यता को छोड़ एक साथ आगे बढ़ने का प्रण लेता है तो ये उपलब्धि सबसे बड़ी है जो समाज और राष्ट्र निर्माण का परिचायक है।

श्रीराम को किसी धर्म या मजहब की परिधि में बांधना, उनके गुणों की अनदेखी है
श्रीराम को किसी धर्म या मजहब के चश्मे से न देखकर उनके गुणों को देखें 

दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि केवल एक ही धर्म से राम को बांधना और उनके गुणों को दरकिनार करना भी उचित नहीं है। स्वयं अन्य धर्मों के प्रतिनिधि भी मानते हैं और दूसरे देशों में प्रचलित कलाओं या कथाओं के नैतिक और आदर्श चित्रण में भी राम विद्यमान हैं। किन्तु उससे भी बड़ी बात है प्रजातन्त्र और समानता के शुभचिंतकों को रामराज्य की अवधारणा को चरितार्थ करना। प्रजातांत्रिक देश की चुनौतियां हों या वैश्विक परिदृश्य में उन देशों या प्रजातन्त्र के विरूद्ध हीं षड्यंत्र का विषय हो, रामराज्य ही एक मात्र आशा की किरण के रूप में दिखाई देती है। इसमें कोई संशय नहीं कि प्रजातंत्र जीने की पद्धति है और सर्वथा उपयुक्त शासन संचालन पद्धति भी है। इन्ही दोनों वाक्यों का सार राम का जीवन और इस कारण प्रजातंत्र की कसौटी पर खरा रामराज्य है। यह मर्यादापुरुषोत्तम के देवत्व का व्यक्ति रूप में चारित्रिक विश्लेषण से समझा जा सकता है। यह कठिन तब हो जाता है जब एक धर्म विशेष या समुदाय से राम को जोड़कर प्रजातन्त्र के आदर्शों को अनदेखा कर दें। बहुत सारी बातें प्रजातंत्र और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर की जाती हैं और आपको राम की प्रजातांत्रिक और मानव धर्म की विशेषताओं से परे रखा जाता है। रामराज्य पुकार के कह रहा है कि तत्कालीन राममय वातावरण, समय और घटनाओं का विश्लेषण करें और आदर्श प्रजातंत्र से समानता की रणनीति की सिख लें । किन्तु हम समस्याओं और चुनौतियों से घिरे रहेंगें मगर राम से निकले, रामराज्य से प्राप्त समाधान पर नही जायेंगें। क्योंकि हमको तो धर्मनिरपेक्ष दिखना है और तथाकथित शब्दों के जाल में उनके अर्थों का बलि चढ़ानेवाले नेताओं के कुचक्र में ही रहना है। किसीके भी कहने पर हम राम के प्रजातांत्रिक शासन और मानव मात्र के लिए आदर्श चरित्र को नही देख पा रहे या सच नही सुन पा रहे तो फिर तो अपना दोष भी कम नहीं।

प्रभु श्रीराम मर्यादा ही नहीं लोकतांत्रिक मूल्यों के भी पुरुषोत्तम हैं
प्रभु श्रीराम मर्यादा ही नहीं लोकतांत्रिक मूल्यों के भी पुरुषोत्तम हैं

इस बात को उतनी आसानी से कोई ग्रहण नही कर पाता तो इसके पीछे एक तर्क विचारणीय अवश्य है। कोई कहे कि राम तो राजा थे, प्रजातन्त्र के आदर्श कैसे बने? ये सच है कि वो राजा थे पर उनकी

जीवन पद्धति ही पूर्ण रूप से प्रजातांत्रिक थी । इसलिए उनके राज से प्रजातांत्रिक मूल्यों को सीखना चाहिए। उदाहरण स्वरूप रात्रि में सर्वसामान्य का वेश बदलकर अपनी प्रजा का कष्ट को समझना और दिन में उन कष्टों के निवारण के कार्य करना। सर्व साधारण प्रजा की बात को इतना महत्व देना कि अपनी पत्नी तक को जंगल में छोड़ देना। इसके सकारात्मक पहलू को छोड़ नारीवादी का तमगा पहनकर कहा जाता है ये नारी के साथ अन्याय था अर्थात राम प्रजा में समानता लाये किन्तु स्त्रियों के साथ असमानता का व्यावहार क्यों? अब क्या राम ने ये निर्णय लेकर स्वयं के साथ वैसा हीं व्यवहार नही किया? क्या उतने ही दुखी राम न थे? अगर ऐसा न होता तो अश्वमेघ यज्ञ के समय जब दूसरी शादी लगभग अवश्यम्भावी था, तब राजा राम अश्वमेघ यज्ञ को छोड़ने को तैयार हो गए। उन्हीं के कहने पर सीता की ही प्रतिमा को पत्नी के रूप में प्रतिष्ठित करके यज्ञ किया जा सका। ऐसा था नारी के प्रति सम्मान,परस्पर प्रेम और त्याग की भावना। राम राजा थे, देदीप्यमान चमक थी चेहरे पर और सर्वशक्तिशाली भी। वे चाहते तो सुंदर से सुंदर राजकुमारी से शादी कर सकते थे। किंतु उस समय जब कई शादियां की जा सकती थीं, राम ने तब नारी सम्मान की पराकष्ठा दिखाई।

प्रजातन्त्र की बात करनेवाले स्वयम्भू प्रजातांत्रिक नेताओं और व्यक्तियों से यदि पूछा जाए कि उन्हें याद है पिछली बार कब प्रजातांत्रिक मूल्यों पर आधारित कोई काम किया था, तो अधिकांश आपसे ‘वो मूल्य हैं क्या’, यही पूछते रह जाएंगे। ऐसे छद्म विद्वानों से ऐसी दृष्टि की उम्मीद कम हैं कि राम राजा होकर भी प्रजातांत्रिक मूल्य को व्यवहार से प्रदर्शित कर रहें हैं। दूसरी ओर तथ्य तो ये है कि ऐसे लोग ज्यादा हैं जो बात तो करते हैं प्रजातांत्रिक मूल्यों की, लेकिन सर्वसामान्य जनता को वो समझ ही नही पाते और न ही सामान्य जनता उनसे जुड़ पाती है। इसका कारण है वो स्वयं राजा की तरह अपने परिवारवालों में राज्य की सत्ता और धन बाँट देते हैं। स्वार्थी होकर अपनी पीढ़ियों की सोचते हैं और सामने वाली जनता की बात का कोई मूल्य नही रहता। ऐसे लोग प्रजातन्त्र के राजा बनने की लालसा रखते हैं।

इस तरह यह स्पष्ट है कि राजा राम राजा होकर भी प्रजातन्त्र के लिए आदर्श स्थापित करते हैं, जबकि प्रजातन्त्र के काल में छद्म विद्वान या नेता राजा की तरह प्रजातांत्रिक मूल्यों के विरोधी भी हो सकते हैं। ऐसे में अध्यात्म की दृष्टि से प्राप्त राममय जीवन को सफल रामराज्य का कारण मानते हुए वैसी प्रजातांत्रिक जीवन पद्धति और रणनीति विकसित करनी होगी। तभी हम प्रजातन्त्र की सफलता को लेकर भी आश्वस्त हो सकते हैं।

( लेखक भारतीय शिक्षण मंडल, झारखंड प्रान्त के सदस्य एवं जमशेदपुर महिला महाविद्यालय, स्नात्तकोत्तर शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं )

झारखंडः 05 अगस्त 2021 को आयोजित कैबिनेट में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी

★ कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड, रांची, की अधिसूचना संख्या-4447, दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा गठित झारखंड सचिवालय लिपिकीय सेवा नियमावली, 2010 के नियम-7(1) एवं 7(7) में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

इसके तहत झारखंड के मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों से 10वीं,12वीं/ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इसमें झारखंड राज्य की आरक्षण नीति से आच्छादित तथा अनुकंपा नियुक्ति में यह नियम शिथिल रहेगा। निम्न वर्गीय लिपिक नियुक्ति की न्यूनतम अहर्ता स्नातक होगी। लेकिन राज्य सरकार समय-समय पर होनेवाली सीमित विभागीय/प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर समूह “घ” से भरे जानेवाले निम्नवर्गीय लिपिक के 15 प्रतिशत पदों के संबंध में न्यूनतम अर्हता घटा सकती है।

★ “झारखंड राज्य लिपिक/लिपिक सह टंकक/टंकक/ अन्य लिपिकीय सेवा संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्तें) (द्वितीय संशोधन) नियमावली-202″ के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्तें) (द्वितीय संशोधन) नियमावली-202” के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ विभागीय परीक्षा के सरलीकरण हेतु झारखंड सचिवालय लिपिकीय सेवा संवर्ग नियमावली, 2010 के नियम-15 के अधीन निर्गत अधिसूचना संख्या-13755, दिनांक 15 दिसंबर 2012 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मंजूरी

★ विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य को सुचारू रूप से संचालन हेतु स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्त पदों पर घंटी आधारित शिक्षकों की संविदा पर नियुक्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को मानदेय के भुगतान के संबंध में संकल्प संख्या-516 दिनांक 2 मार्च 2017 द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका में आंशिक संशोधन की स्वीकृति दी गई। वहीं विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में घंटी आधारित शिक्षकों की सेवा लेने के लिए अब सेवानिवृत्त शिक्षकों के अलावा यूजीसी नेट पास और पीएचडी धारकों को भी शामिल किया गया है।

★झारखंड लोक सेवा आयोग, रांची में सदस्य के पद पर नियुक्ति के लिए श्रीमती अजिता भट्टाचार्या, एसोसिएट प्रोफेसर, लाला लक्ष्मी नारायण डिग्री कॉलेज, सिरसा, इलाहाबाद, पिता-स्वर्गीय दिलीप भट्टाचार्या, 60 सर्कुलर रोड, के पी दत्त कंपाउंड, लालपुर, रांची/प्रो (डॉ) अनिमा हँसदा, सहायक प्रोफेसर, संताली, गोस्सनर कॉलेज, रांची, विश्वविद्यालय रांची पिता श्री अंजेलुस इंदवार, ग्राम+मोहल्ला-सामलोंग, भुईंया टोली, थाना-नामकुम, रांची/ डॉ जमाल अहमद, विभागाध्यक्ष उर्दू विभाग एवं उप परीक्षा नियंत्रक, संत कोलम्बा महाविद्यालय, हजारीबाग, पिता-स्वर्गीय जमील अहमद, आजाद नगर, पेलावल, हजारीबाग के नामों पर स्वीकृति दी गई है।

★ झारखंड राज्य के मतदाताओं को पहचान पत्र निर्गत करने पर व्यय हेतु 3 करोड़ रुपए मात्र झारखंड आकस्मिकता निधि से अग्रिम के तौर पर प्राप्त करने एवं निकासी के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।

★ Rape एवं POCSO Act के अंतर्गत लंबित वादों के त्वरित सुनवाई एवं निष्पादन हेतु गठित 22 फास्टट्रैक विशेष न्यायालय को अगले 2 वर्ष तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

★ भारत का संविधान’ के अनुच्छेद-309 के परंतुक प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए (जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम (1974 का 6वां) की धारा 64 उप धारा-2, क्लॉज-“ई” में निहित प्रावधानों के तहत राज्य सरकार झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव की सेवा शर्तो संबंधी नियुक्ति नियमावली की अधिसूचना संख्या-3/पर्याo प्रदूo (विविध)-31/2008-3198 दिनांक 14 जुलाई 2014 को संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत का संविधान’ के अनुच्छेद-309 के परंतुक प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए (जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम (1974 का 6वां) की धारा 64 उप धारा-2, क्लॉज-“ई” में निहित प्रावधानों के तहत राज्य सरकार झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव की सेवा शर्तो संबंधी नियुक्ति नियमावली की अधिसूचना संख्या-3/पर्याo प्रदूo (विविध)-22/2007 (छाया-संचिका- बीo)-2990 दिनांक 18 जुलाई 2013 को संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ राजभवन/राज्यपाल सचिवालय, झारखंड, रांची, के सहायक संवर्ग के लिए एक अवर सचिव का पद सृजन करने की स्वीकृति दी गई।

★ जामताड़ा जिला अंतर्गत “नाला (चेलपाड़ा मोड़) (दुमका-मसलिया-कुंडहित नाला पथ- अफजलपुर पथ, कुल लंबाई 20.350 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूती करण कार्य हेतु 63 करोड़ 75 लाख 77 हजार 2 सौ रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिला अंतर्गत “सलटुआ मोड़-खारसो-मतौली मोड़-(रंका-रमकंडा पथ पर) कुल लंबाई 21.110 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पुनर्निर्माण कार्य हेतु 88 करोड़ 46 लाख 78 हजार एक सौ रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ पंचम झारखंड विधानसभा का षष्ठ्म (मानसून) सत्र 03-09-2021 से 09-09-2021 तक आहूत किए जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर स्वीकृति दी गई।

★ लातेहार जिला अंतर्गत बरवाडीह- हुटार पथ कुल लंबाई 7.2 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पुनर्निर्माण कार्य हेतु 34 करोड़ 85 लाख 27 हजार तीन सौ रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ चतरा जिला अंतर्गत “एनएच 100 पुलिस लाइन से नवाडीह पथ कुल लंबाई 17.600 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूती करण कार्य” हेतु 38 करोड़ 91 लाख 73 हजार चार सौ रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ पाकुड़ जिला अंतर्गत सिमपुर-राधानगर-पाकुड़िया पथ कुल लंबाई 23.406 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण/पुनर्निर्माण कार्य हेतु 78 करोड़ 5 लाख 53 हजार रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ रांची जिला अंतर्गत “बूढ़ा खुखरा- कुरकुरा-मांडर पथ कुल लंबाई 15.100 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूती करण कार्य हेतु 35 करोड़ 15 लाख 29 हजार तीन सौ रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ दुमका जिला अंतर्गत गर्डी-सरडीहा पथ कुल लंबाई 8.88 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पुनर्निर्माण कार्य हेतु 33 करोड़ 24 लाख 91 हजार रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ जामताड़ा जिला अंतर्गत “जुम्मन मोड़ (गोविंदपुर-साहिबगंज पथ) बूटबेरिया-लोधरिया मोड़ कुल लंबाई 12.010 किoमीo को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण/पुनर्निर्माण कार्य हेतु 39 करोड़ 92 लाख 48 हजार छ:सौ रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ पाकुड़ जिला अंतर्गत राजदाहा से फुलझिझरी- गनपुरा पथ कुल लंबाई 11.264 किoमीo को ग्रामीण विकास विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण/पुनर्निर्माण कार्य हेतु 41 करोड़ 64 लाख 8 हजार रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड कर्मचारी चयन आयोग अधिनियम, 2008 (झारखंड अधिनियम 16, 2008) की धारा 12 की उप धारा (i) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (इंटरमीडिएट/10+2 स्तर) संचालन नियमावली, 2015 (यथा संशोधित, 2016) में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (स्नातक स्तर तकनीकी/विशिष्ट योग्यता वाले पद) संचालन (संशोधन) नियमावली, 2021 गठित करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (मैट्रिक/10वीं स्तर) संचालन (संशोधन) नियमावली, 2021 गठित करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (स्नातक स्तर) संचालन (संशोधन) नियमावली, 2021 गठित करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (इंटरमीडिएट/10+2 स्तर कंप्यूटर ज्ञान एवं कंप्यूटर में हिंदी टंकण अहर्ता धारक पद हेतु) संचालन (संशोधन) नियमावली, 2021 गठित करने की स्वीकृति दी गई।

06 AUGUST 2021

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