9 एकड़ जमीन विवाद में लंगड़ा ने करवाई अधिवक्ता मनोज झा की हत्या
सेंट जीवियर्स संस्थान तमाड़ के रड़गांव में 15 एकड़ जमीन पर भवन और बाउंड्री का निर्माण करवा रहा था। इस 15 एकड़ जमीन से में 9 एकड़ जमीन पर अफसर आलम उर्फ लंगड़ा अपना दावा जता रहा था। संत जेवियर्स संस्थान के लीगल एडवाइजर होने के नाते अधिवक्ता मनोज झा ही इस पूरे मामले को देख रहे थे। तमाड़ के रड़गांव में उसी जमीन की बाउंड्री का काम देखने मनोज झा पहुंचे थे। मनोज झा जैसे ही कार से उतरे उनपर बाइक सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की । मनोज झा को सात गोलियां लगी और उन्होने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बैंगलुरु के एक होटल से गिरफ्तार लंगड़ा ने ये खुलासा किया है।
लंगड़ा की निशानदेही पर रांची में कई जगह छापेमारी
वकील मनाेज कुमार झा की हत्या के मुख्य आराेपी अफसर आलम उर्फ लंगड़ा काे पुलिस ने शनिवार काे बेंगलुरू से गिरफ्तार कर लिया। वह वहां एक हाेटल में छिपकर रह रहा था। पुलिस टीम उसे लेकर रविवार काे रांची आ गई है। गुप्त स्थान पर रखकर उससे पूछताछ कर रही है, ताकि अन्य आराेपियाें की भी गिरफ्तारी की जा सके। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रांची में भी छापेमारी शुरू कर दी है।
ईलाके के लोगों से लंगड़ा कहता था कि पुलिस अपनी है, सबको मैनेज कर रखा है
दरअसल आपराधिक प्रवृति का लंगड़ा पुलिस का भेदिया है। वह नक्सलियों और अपराधियों के मूवमेंट की सूचना पुलिस तक पहुंचाता था । इस कारण तमाड़ में काेई भी उसके खिलाफ शिकायत नहीं करता था। पिछले साल नेशनल हाइवे के समीप लंगड़ा की शह पर एक व्यक्ति दूसरे की जमीन पर घर बना रहा था। मापी के दाैरान जब तत्कालीन सीओ कमल किशाेर ने आपत्ति की ताे लंगड़ा ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की थी। इस मामले में वह जेल भी गया था। लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह फिर अपना राैब झाड़ने लगा था। सूत्र यह भी बताते हैं कि पुलिस के कुछ अफसरों को जमीन दिलाने के नाम पर उसने अपने साथ मिला रखा था।
राज्यों को मिलेगा ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार
ओबीसी आरक्षण को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा दांव चला है। ओबीसी में किन जातियों को शामिल किया जाय और किनको इससे बाहर निकाला जाय, इस बात को लेकर हमेशा से राजनीति होती रही है। अब मोदी सरकार ओबीसी में जातियों को शामिल करने या हटाने का अधिकार राज्य सरकारों को देने जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बिल लेकर आई मोदी सरकार
दरअसल, तमिलनाडु के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि ओबीसी की लिस्ट तैयार करने का अधिकार केवल केन्द्र सरकार को है। इसपर कई राज्यों की सरकारों ने आपत्ति जताई थी. आपत्ति जताने वालों में ओ़िशा, तमिलनाडु, तेलंगाना की राज्य सरकारें थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी, ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी एवं बिहार के पप्पू यादव की पार्टी जाप ने भी ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार राज्य सरकारों को सौंपने की मांग की थी। इसी कारण केन्द्र की मोदी सरकार एक बिल लेकर आई, जिसमें ओबीसी जातियों की लिस्ट तैयार करने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया जा रहा है।
राजनीति पर क्या होगा असर ?
दरअसल, समाजवादी आंदोलन से जुड़ी पार्टियों का आरोप था कि देश में हमेशा कांग्रेस या बीजेपी की सरकारें रही हैं। क्षेत्रीय दल इन दोनों पार्टियों के ओबीसी विरोधी शामिल करने के लिए ये तर्क देते थे कि ओबीसी आरक्षण की लिस्ट तैयार करने का अधिकार तो इन दोनों पार्टियों को ही है। अब केन्द्र की मोदी सरकार ने ये राजनीति ही खत्म कर दी। अब राज्य सरकारें अपने हिसाब से ओबीसी जातियों की लिस्ट तैयार करेगी और केन्द्र सिर्फ उसका अनुमोदन करेगा। अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहां समाजवादी पार्टी भाजपा के खिलाफ ओबीसी-मुस्लिम समीकरण बनाना चाहती है। अब समाजवादी पार्टी को यादवों के अलावा अन्य ओबीसी जातियों को भी समान तरजीह देनी होगी. इधर, योगी आदित्यनाथ कुछ जातियों को ओबीसी में शामिल करने का आश्वासन देकर उन्हें अपनी ओर मोड़ सकते हैं। मतलब, समाजवादी पार्टी अपनी ही मांग में फंसकर रह गई है। वे इस बिल का विरोध भी नहीं कर सकते, और अगर वो किसी जाति को ओबीसी में शामिल करने की बात करते हैं तो पहले से शामिल जातियों के नाराज होने का खतरा है।
उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। धनबाद में ऑटो के धक्के से हुई एडीजे उत्तम आनंद की मौत के मामले में छानबीन करने के लिए सीबीआई की टीम रविवार की शाम हजारीबाग पहुंची।
यहां धनबाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश आठ उत्तम कुमार आंनद की मौत के मामले में जांच कर रही सीबीआई की टीम हजारीबाग शिवपुरी स्थित उनके आवास पर पहुंची।
बताया जा रहा है कि एडीजे के परिजनों से सीबीआई की टीम ने कई मामलों की जानकारी ली है।
उनके परिवार वालों ने ही आरोप लगाया है कि एडीजे उत्तम आनंद की साजिश के तहत हत्या की गई है।
इसी मामले में विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी लेने के लिए सीबीआई की टीम ने उनके घर के सदस्यों से पूछताछ की।
हजारीबाग: बड़कागाँव के पूर्व विधायक लोकनाथ महतो के चालक राहुल साव की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि आपसी जमीनी विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। घटना रविवार की देर शाम करीब 7.30 बजे की बतायी जा रही है।
बेहतर ईलाज के लिए प्रवीण मंडल को दुर्गापुर रेफर किया गया
गिरिडीह : मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गपैय में शनिवार की रात अपराधियों ने झामुमो नेता तेजलाल मंडल के बेटे प्रवीण पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद आनन-फानन घायल प्रवीण को शहर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे धनबाद रेफर कर दिया गया और फिर वहां से दुर्गापुर ले जाया गया। घटना की सूचना पर झामुमो जिलाध्यक्ष समेत अन्य नेता नर्सिंग होम पहुंचे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
ऐसे हुई घटना
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि तेजलाल मंडल जो कि गिरिडीह के रहने वाले हैं. उनके दो मकान हैं. नया मकान बदडीहा में है तो पैतृक निवास बदडीहा से थोड़ी दूरी पर स्थित गपई में है. परिवार के सभी सदस्य बदडीहा के नए मकान में ही रहते हैं. जबकि रात में घर का एक सदस्य सोने के लिए पैतृक मकान जाता है. शनिवार की रात को तेजलाल का पुत्र प्रवीण सोने के लिए गपई स्थित घर पर गया था. अभी प्रवीण ने घर दरवाजा खोला और बाइक को अंदर किया ही था कि अचानक बदमाशों ने हमला कर दिया. एक के बाद एक कई बार वार किया गया. हमले में बुरी तरह से लहूलुहान हो चुका प्रवीण किसी तरह बगल घर तक पहुंचा और जान बचाने को कहते हुए गिर गया.
घर वालों ने लहूलुहान दिखे प्रवीण के जख्मों पर कपड़ा बांधा और इसकी जानकारी प्रवीण के पिता और अन्य घरवालों को दी. आनन फानन में प्रवीण को अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल से उसे धनबाद रेफर कर दिया गया. प्रवीण के पिता तेजलाल मंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हैं.
घटना की सूचना पर एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनय राम सदलबल मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दिया। एसडीपीओ ने कहा कि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं रविवार को खोजी कुत्ते को भी बुलाया गया मगर कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी हुई है।
धनबाद जिले के बलियापुर थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग बच्ची के साथ छेड़खानी की घटना को अंजाम दिया गया । पीड़ित बच्ची ने घटना की जानकारी अपने परिजनों और स्थानीय लोगों को दी । जिसके बाद गांव के मुखिया और सरपंच सहित दर्जनों लोग आरोपी को पकड़ने पहुंचे जहां हंगामा शुरू हो गया ।
एसएनएमएमसीएस अस्पताल में ईलाज करवाते घायल मुखिया और सरपंच
हंगामे के दौरान ही आरोपी की ओर से पत्थरबारी शुरू कर दी गई । जिसमें मुखिया और सरपंच गंभीर रूप से जख्मी हो गए । वहीं, सूचना मिलते ही बलियापुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ।
आरोपी दुकानदारों ने की पत्थरबाजी
जानकारी के अनुसार, नाबालिग घर के पास स्थित एक राशन दुकान पर समान लेने पहुंची थी. तभी दुकानदार बच्ची को गलत नीयत से दुकान के अंदर ले जाने लगा. तभी बच्ची दुकान से भाग निकली और घटना की जानकारी परिजनों को दी. इसके बाद परिजनों ने मामले की जानकारी मुखिया और सरपंच को दी और वे आरोपी दुकानदार के पास पहुंचे. मुखिया और सरपंच को देख दुकानदार आक्रोशित हो गया और दोनों पर पथराव कर दिया. इसमें दोनों घायल हो गए. घायल मुखिया और सरपंच को आनन-फानन में एसएनएमएमसीएस पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है ।
जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची लोगों से पूछताछ की. एसडीपीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि दुकानदार से किस बात को लेकर विवाद शुरू हुआ यह स्पष्ट नहीं हुआ है. हालांकि, 4 लोगों को हिरासत लिया गया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है. जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रेस सलाहकार अभिषेक श्रीवास्तव पिंटू भी थे साथ
उज्ज्वल दुनिया
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की 34वीं पुण्यतिथि पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी l मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच आज पूरा राज्य कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस को मना रहा है । मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई थी । उनकी नेतृत्व क्षमता अदभुत थी । युवाओं के वे मार्गदर्शक थे । वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन सदैव झारखंड वासियों के दिलों में बसे रहेंगे । झारखंड आंदोलन के प्रणेता शहीद निर्मल महतो को शहादत दिवस पर शत- शत नमन ।
मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद और विनोद पांडेय ने शहीद निर्मल महतो की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए l
रांची: विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त के अवसर पर झारखंड सरकार किसानों को एक नयी पहचान देने की कवायद में जुटी है। इसे लेकर सोमवार को झारखंड मंत्रालय में एक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीख ने बताया कि किसानों को केसीसी कार्ड एवं मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम होगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन करेंगे। कृषि मंत्री बादल भी मौके पर मौजूद रहेंगे।
झारखंड मंत्रालय में जुटेंगे किसान, मिलेगा योजनाओं का लाभ
दुमका और बोकारो के किसानों से मुख्यमंत्री करेंगे बात
सचिव ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम में राज्य के सौ किसानों को आमंत्रित किया गया है। वहीं राज्य के सभी जिला मुख्यालय में भी किसान आयेंगे और रांची के मुख्य कार्यक्रम से वर्चुवल माध्यम से जुड़े रहेंगे। पहली बार यह कार्यक्रम तमाम प्रखंडों में भी आयोजित होंगे। उन्होने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री दुमका और बोकारों के किसानों से वर्चुवल बात भी करेंगे।
62 हजार 646 लाभुकों को मिलेगा पशुधन
कृषि सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम के तहत लाभुकों के बीच पशुधन का वितरण होगा। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 40 हजार लाभुकों के बीच 154 करोड़ रुपये के पशुधन वितरण की स्वीकृति दी गई थी। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 147.71 करोड़ की लागत से 62,646 लाभुकों के बीच पशुधन वितरण का लक्ष्य है। कृषि सचिव ने बताया कि लाभुकों को पशुधन के साथ उसका चारा, पानी के लिए बोरिंग और पशुओं को रखने के लिए शेड निर्माण की भी व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन, कृषि मंत्री भी करेंगे संबोधित
किसान क्रेडिट कार्ड पर है फोकस
कृषि सचिव ने कहा कि सरकार किसानों को खेती-बारी में पूंजी के अभाव से बचाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर फोकस कर रही है। इससे जहां किसानों को कम ब्याज दर पर बैंकों से कार्यशील पूंजी मिलेगी, वहीं किसान ऊंचे ब्याज दर वाले साहूकारों के कर्ज के जाल में भी नहीं फंसेंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अप्रैल से अभी तक किसानों से केसीसी के लिए 6,86,661 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,39,434 आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। शेष की स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
हजारीबाग बाजार समिति होगी पुरस्कृत
कृषि सचिव ने बताया कि हजारीबाग बाजार समिति ने बेहतर कार्य का नमूना प्रस्तुत करते हुए पूरे देश में सातवां स्थान पाया है। यह राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम के दौरान हजारीबाग बाजार समिति को मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा।
सब्जी बिक्रेता सहकारी संघ को मिलेंगे 50 वैन
कृषि सचिव ने कहा कि झारखंड की एक पहचान बड़े सब्जी उत्पादक के रूप में भी है। उसके व्यवस्थित विपणन को लेकर भी राज्य सरकार गंभीर है। सब्जियों को ससमय बाजार तक पहुंचाना एक चुनौती है। इसे लेकर सरकार ने वेजफेड के माध्यम से सब्जी बिक्रेता सहकारी संघ को 50 पिकअप वैन दिलाने की पहल की है। इससे सब्जियों को खराब होने के पहले बाजार तक पहुंचाना संभव होगा।
9 बच्चे आए थे भतुआ दामोदर नदी श्मशान घाट में नहाने
सभी बच्चे घर से ट्यूशन पढ़ने और क्रिकेट खेलने की बात का कर घर से सुबह 5 बजे निकले थे
नदी में बहे तीनों बच्चे सेक्टर 3, सेक्टर 9 और सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के बाघराय बेड़ा के रहने वाले हैं
इन बच्चों के साथ आए विपिन कुमार ने बताया कि 9 बच्चे इस दामोदर नदी में नहाने के लिए आए थे 5 बच्चे नदी के ऊपर खड़े थे 4 बच्चे दामोदर नदी में नहाने उतरे इसी दौरान शुभम नाम का छात्र गड्ढे में डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए गोलू उसके पास किया वह भी पानी की तेज धार में बहने लगा इसको देख हर्ष भी उसे बचाने के लिए पानी में उतरा उसे भी पानी की तेज बहाव अपने आगोश में ले लिया । इसी दौरान हर्ष को बचाने के लिए विपिन आगे बढ़ा उसे नदी किनारे उसने पकड़ कर ले भी आया लेकिन पानी की तेज धार हर्ष को भी अपने आगोश में ले लिया और देखते ही देखते थे वो तो उतर गए ।
वही विपिन ने बताया कि बाकी पांच दोस्त सभी को छोड़कर भागने के लिए कह रहे थे, लेकिन विपिन ने इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी । स्थानीय लोगों की सूचना पर हरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची । इसकी सूचना चास के अंचलाधिकारी को दी गई पुलिस ने विपिन को पूछताछ के लिए थाने ले गई है । चास अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि बच्चों की खोज करने के लिए गोताखोर बुलाने की तैयारी की जा रही है ताकि जल्द से जल्द बच्चों को निकाला जा सके।
इस घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है वही मौके पर स्थानीय लोगों की और परिजनों की भीड़ लगी हुई है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान वेंडर्स एक्ट का पालन करे प्रशासन
को़डरमाः कोडरमा, झुमरीतिलैया और डोमचांच में छोटे दुकानदारों, ठेला-खोमचे लगाने वालों पर प्रशासन का कहर टूटा है। बरसात के मौसम में अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां तोड़ डाली गईं, उनके ठेले पलट दिए गये और दुकानें तहस-नहस कर दी गई। और ये सब हुआ शहर को साफ-सुथरा बनाने के नाम पर…अब जिला परिषद अध्यक्षा शालिनी गुप्ता ने गरीबों के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की है। शालिनी गुप्ता ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नियम-कानूनों का माखौल उड़ाया जा रहा है। ऐसा लगता है मानो अधिकारी गरीबों के प्रति अपनी नफरत का इजहार कर रहे हों ।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट का नहीं हो रहा पालन
शालिनी गुप्ता ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के अनुसार प्रत्येक नगर निकाय में वेंडर्स कमिटी बनायी जानी है, जिसके द्वारा सर्वे करके वेंडर्स को प्रमाणित किया जाना है । इस एक्ट के खंड 3 में यह भी प्रावधान है कि जबतक सर्वे का कार्य पूर्ण नहीं होता और सभी को वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता तबतक किसी भी वेंडर को बलपूर्वक हटाना नहीं है ।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने 18 मई 2021 को सभी राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर एक्ट के अनुसार ही कार्य करने के साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा था.
उजाड़ने से पहले बसाने का इंतजाम करे प्रशासन
शालिनी गुप्ता ने कहा कि शहर की व्यवस्था अच्छी हो, सड़कों पर आवागमन सुविधाजनक हो, यह सभी चाहते हैं । परन्तु इन छोटे दुकानदारों को सड़क से हटाने के पहले इनके लिए वैकल्पिक और स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए । बड़ी संख्या में यदि इन्हें रोजगार विहीन किया गया तो इनका जीवन भी प्रभावीत होगा ।
जैक की विसंगतियों पर अधिकारियों को बचा रही राज्य सरकारः दीपक प्रकाश
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा इंटर के छात्रों केलिये जारी रिजल्ट विसंगतियों से भरा हुआ है। जिसके कारण अनुतीर्ण छात्र छात्रों में भारी असंतोष व्याप्त है। हजारों छात्र आज सड़कों पर आन्दोलनरत हैं।
उन्होंने कहा कि जब राज्य भर के छात्र छात्राएं अपनी बातों को रखने केलिये जैक कार्यालय या ज़िला कार्यालयों में जा रहे तो इनकी कोई सुननेवाला नही। उल्टे सरकार की पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी छात्रों पर बेरहमी से लाठियां बरसा रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बीच ये बच्चे मानसिक रूप से परेशान हैं तथा भविष्य को लेकर चिंतित भी हैं।
मेडिकल- इंजीनियरिंग पास करने वालों को कर दिया फेल
उन्होंने कहा कि कई छात्र जिसने मेडिकल ,इंजीनियरिंग की परीक्षा पास कर ली है परंतु इंटर 2,4 नंबर से फेल हो चुके है। कई छात्र नंबर से पास हैं पर रिजल्ट में फेल घोषित है। हजारों छात्र ऐसे हैं जिनका मैट्रिक और इंटर प्रथम वर्ष में उतीर्ण है पर फाइनल रिजल्ट में फेल घोषित कर दिए गए।
दीपक प्रकाश ने कहा कि असफल छात्रों से जैक किस आधार पर पूरक परीक्षा देने की बात कर रहा जबकि छात्रों ने फाइनल रिजल्ट केलिये लिखित परीक्षा नही दी है। जब उत्तीर्ण छात्र बिना लिखित परीक्षा के पास हुए फिर फेल छात्रों को पूरक की लिखित परीक्षा केलिये क्यों बाध्य किया जा रहा। कई छात्र तो जैक पर पैसा लेकर नंबर बढ़ा देने की भी शिकायत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री की चुप्पी ही भ्रष्ट एवं अक्षम अधिकारियों का मनोबल
दीपक प्रकाश ने कहा कि ऐसे हालात में मुख्यमंत्री की चुप्पी भ्रष्ट एवम अक्षम अधिकारियों का मनोबल ही बढ़ा रहा है। कहा कि छात्र ,छात्राओं पर डंडे बरसाए जा रहे पर सत्तालोलुप गठबंधन के दल मौन साधे बैठे हैं। अपने पद,सम्मान केलिये व्यग्र कांग्रेस,झामुमो,राजद के नेता राज्य के होनहार युवाओं को पीटने का मौन समर्थन कर रहे हैं ।
नई नीति असंवैधानिक, बाहरी को नियुक्त करने का प्रयास
झूठे वादे और नारो के आधार पर झामुमो-कांग्रेस ने सरकार बनाई। युवाओं को बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए कि यह युवाओं की सरकार है। एक वर्ष में 5 लाख नौकरियां देंगे और खतियान के आधार पर स्थानीय नीति परिभाषित करेंगे। लेकिन दोनों में से सरकार ने कुछ नहीं किया । ये बातें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवम राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कही।
कहीं से भी आकर दसवीं की परीक्षा झारखण्ड से पास कर लो, नौकरी मिल जाएगी
रघुवर दास ने कहा कि बेरोजगार नौजवान-नवयुवतियों समेत संपूर्ण झारखंडवासियों को धोखा देने का काम किया है। ऐसी नीति बनाई कि कहीं से भी आकर झारखंड में 10वीं या 12वीं पास कर नौकरी पा लो। ऐसे असंवैधानिक नीति बनाई, जिसमें हर भाषा होगी, लेकिन हिंदी नहीं रहेगी। ताकि नीति कानूनी उलझन में फंसी रहे और नियुक्तियां न हो सके। नियुक्ति हो भी तो नियुक्ति के व्यापार का रास्ता खुल सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार झारखंड में ट्रांसफर-पोस्टिंग एक उद्योग बन गया है, अब सरकार नियुक्तियों को भी उद्योग बनाना चाह रही है।
राष्ट्रभाषा हिंदी से क्या परेशानी है ?
उन्होने कहा कि राज्य सरकार की नयी नियुक्ति नियमावली यहां के जातिगत और भाषागत संरचना को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश रही है। बांग्ला और उड़िया भाषा को शामिल करने का हमलोग स्वागत करते हैं, लेकिन राष्ट्र भाषा हिंदी की उपेक्षा बर्दाश्त करने योग्य नहीं है ।
बाहरी लोगों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा
सिर्फ झारखण्ड में दसवीं पास करने से कोई स्थानीय हो जाता है क्या ?
रघुवर दास ने कहा कि नयी नियुक्ति नियमावली के माध्यम से झारखंड में बाहरी लोगों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। नये प्रावधान के बाद देश के किसी भी हिस्से में रहनेवाला व्यक्ति सिर्फ झारखंड से 10वी और 12वीं की परीक्षा पास कर यहां नौकरी प्राप्त कर सकता है। झारखंड के अधिकांश छात्र जनजातीय भाषा की बजाय हिन्दी भाषा में पढ़ते हैं। वर्तमान सरकार ने जानबुझकर हिन्दी को ही परीक्षा प्रक्रिया से बाहर कर दिया ताकि यहां के छात्रों को नुकसान हो।
जेपीएससी में हमने स्थानीय भाषाओं को शामिल किया था
पूर्व कि भाजपा सरकार ने जेपीएससी और एसएससी की परीक्षा में स्थानीय भाषाओं को शामिल किया था। संथाली, मुंडा, हो, खड़िया, कुड़ुख, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया व अन्य भाषाओं को शामिल किया गया था। वर्तमान सरकार ने विगत डेढ़ साल में नियुक्ति तो नहीं ही की आगे कि नियुक्तियों को भी उलझाने की मंशा से नियुक्ति नियामवली में संशोधन करने का काम किया है। वर्तमान सरकार ने छठीं जेपीएससी के माध्यम से गलत नियुक्ति करने का काम किया है। साथ ही हाईकोई के आदेश का पालन भी नहीं कर रही है जिसमें दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी।
सामाजिक समरसता बर्बाद करने पर तुली है वर्तमान सरकार
रघुवर दास ने कहा कि वर्तमान सरकार राज्य की सामाजिक समरसता को बर्बाद करने पर तुली हुई है। नयी नियुक्ति नियामवली से राज्य के आदिवासियों व मूलवासियों को कोई फायदा नहीं होगा बल्कि नयी नियुक्तियां लटक जायेंगी। उन्होने कहा कि झारखंड में इंटरमीडिएट तक क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई नहीं होती है। किसी भी विषय में स्नातक की पढ़ाई कर कोई व्यक्ति नयी नीति का लाभ उठा सकता है जिसका सीधा नुकसान आदिवासियों, मूलवासियों और झारखंडवासियों को होगा।
हर वर्ष पांच लाख नौकरी का क्या हुआ ?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एक साल में पांच लाख नौकरी देने का वादा हवा हवाई साबित हो गया है। उसी के बचने के लिए अब पूरे मामले को उलझाने का प्रयास चल रहा है। नयी नियुक्ति नियामवली पूरी तरह से असंवैधानिक है जिसका असर भविष्य में होनेवाली नियुक्तियां पर पड़ेगा।
महाराष्ट्र में भाजपा और राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच गठबंधन हो सकता है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस और महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इस सिलसिले में राज ठाकरे से मुलाकात की। सूत्रों के हवाले से खबर है कि अमित शाह ने भी इस संभावित गठबंधन को हरी झंडी दे दी है ।
हाल ही में उद्धव ठाकरे की सरकार ने राज ठाकरे और देवेन्द्र फडनवीस की सुरक्षा घटा दी थी
2024 के पहले भाजपा के साथ सिर्फ एक इंजन होगा- देवेन्द्र फडनवीस
राज ठाकरे से मुलाकात और मनसे-भाजपा के बीच गठबंधन पर सवाल पूठे जाने पर देवेन्द्र फडणवीस ने रहस्यपूर्ण तरीके से कहा कि 2024 का आम चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी के पास सिर्फ एक इंजन होगा। दरअसल रेलवे इंजन मनसे का चुनाव चिन्ह है। महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए नई दिल्ली में हैं ।
मेरे मन में गैर-मराठियों के लिए कड़वाहट नहीं- राज ठाकरे
चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि राज ने मुझे बताया था कि मुंबई में रह रहे गैर मराठी लोगों के खिलाफ उनके मन में कोई द्वेष नहीं है। हमारे अब भी कुछ राजनीतिक मतभेद हैं। शनिवार को पाटिल ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि मैं यहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को राज ठाकरे के साथ मुलाकात के बारे में बताने आया हूं। कोई भी फैसला इन नेताओं की ओर से लिया जाएगा। वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्र हित भी ध्यान में रखना होगा।