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रिम्स सर्जरी विभाग के डॉ. कुश पर दो लड़कियों ने लगाया यौन शोषण का आरोप

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रिम्स सर्जरी विभाग के डॉक्टर कुश पर बोकारो और गढ़वा की दो लड़कियों ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया है। दोनों लड़कियों ने रांची के बरियातु थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

केस दर्ज होने के बाद डॉ. RIMS से फरार है
केस दर्ज होने के बाद डॉ. कुश RIMS से फरार हैं

दोनों लड़कियों से शादी का करता था वादा

अपनी शिकायत में एक लड़की ने बताया कि डॉक्टर कुश से उसका अफेयर पिछले चार सालों से चल रहा था। डॉक्टर कुश ने उससे शादी का वादा किया था। जबकि उसकी पहले से ही किसी और से शादी हो चुकी है। वहीं दूसरी लड़की ने बताया कि डॉ. कुश पिछले 10 वर्षों से इन्हें शादी का झांसा देकर इनका यौन शोषण करते आ रहा था। जब ये इनसे शादी की बात करतीं थी तो ये इनके साथ मारपीट करता था।

RIMS हॉस्टल नंबर 6 के कमरा नंबर 92 में बुलाकर बनाता था यौन संबंध

थाने में दर्ज एफआईआर में पहली युवती ने बताया कि वो दुर्गापुर की एक हॉस्पिटल में नर्स का काम करती थी। इसी दौरान 2017 में डॉ. कुश कुमार से दोस्ती हुई। इसके बाद से ही शादी का झांसा देकर वह रिम्स हॉस्टल नंबर 6 के कमरा नंबर 92 में संबंध बनाने लगा। लड़की को पता चला कि कुश का किसी और से अफेयर है तो वह उससे दूरी बनाने लगी। इस बाद कुश कॉल कर उसके सथ गाली गलौज और धमकी देने लगा। दुर्गापुर और धनबाद जहां भी काम करती थी वहां पर आकर सेक्स संबंध बनाया ।

हाईवा मालिक के घर शव के साथ प्रदर्शन, पंचायत में इस शर्त पर सलटा मामला

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उज्ज्वल दुनिया, बड़कागांव(हजारीबाग)। हजारीबाग के बड़कागांव में टंडवा आम्रपाली कोल कंपनी में कोयले की ढुलाई कर रहे जमनीडीह निवासी अवध महतो के हाईवा ड्राइवर जीतेंद्र महतो (25) की मौत चतरा जिले के सिमरिया जबरा रोड में हो गई थी।

पुलिसिया कार्रवाई के बाद लाश का पोस्टमार्टम कराया गया।

इस दौरान मृतक के परिजनों ने हाईवा मालिक के संपर्क कर मुआवजा की मांग करने लगे।

जब किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं मिला, तो गुस्साए मृतक के परिजनों ने शव के साथ हाईवा मालिक के घर पहुंच गए और मुआवजे को लेकर धरना दे दिया।

चार घंटे के बाद मृतक के परिजन एवं हाईवा मालिक के रिश्तेदार ग्रामीणों के साथ पंचायत कर मामले को सलटाया।

पंचायत में लिए गए निर्णय के बारे में संजय कुमार ने बताया कि हाईवा मालिक मृतक के परिजन को 1.10 लाख रुपए नगद और 3,000 रुपए प्रतिमाह दो वर्ष तक देंगे।

इसके अलावा इंश्योेरेंस क्लेम की राशि मृतक के परिवार को देने की शर्त पर बात बनी।

मोदी के ओबीसी आरक्षण बिल को मिला 15 विपक्षी दलों का साथ

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मोदी सरकार के ओबीसी आरक्षण बिल को कांग्रेस समेत 15 विपक्षी दलों का साथ मिला है। 15 विपक्षी दलों की बैठक के बाद ये तय किया गया कि विपक्ष इस बिल को पास कराने में केन्द्र सरकार का सहयोग करेगा । इसके साथ ही राज्यों को ओबीसी जातियों की लिस्ट तैयार करने का अधिकार मिल जाएगा ।

अब राज्य सरकारें तैयार करेंगी ओबीसी जातियों की लिस्ट
अब राज्य सरकारें तैयार करेंगी ओबीसी जातियों की लिस्ट

127 वें संविधान संशोधन बिल के द्वारा आर्टिकल 342 ए(3) लागू किया जाएगा जिसके जरिए राज्यों को अधिकार होगा कि वो अपने हिसाब से ओबीसी सूची तैयार कर सकें। मई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ओबीसी सूची बनाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास ही है राज्य सरकार ऐसा नहीं कर सकते हैं।

किस-किस दल ने किया समर्थन का एलान

मोदी सरकार के ओबीसी आरक्षण बिल को कांग्रेस के अलावा डीएमके, टीएमसी, एनसीपी, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, सीपीआईएम, आरजेडी, आप, सीपीआई, आईयूएमएल, एलजेडी, आरएसपी, नेशनल कॉन्‍फ्रेस और केसी (एम) ने समर्थन देने का एलान किया । बैठक में राज्‍यसभा के विपक्ष के नेता कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खडगे भी मौजूद थे ।

बिल पास होने के दौरान संसद की कार्रवाई में व्यवधान पैदा नहीं करेगा विपक्ष

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा है कि सभी विपक्षी दल ओबीसी सूची से संबंधित विधेयक का समर्थन करेंगे। इसलिए इस बिल को संसद में पेश किया जाना चाहिए और इस पर चर्चा होनी चाहिए ताकि इसे तत्काल पारित किया जा सके। फैसला ओबीसी समुदाय के हित में है। इस वजह से हम इस बिल के बाकी मुद्दों को अलग रख रहे हैं और इस बिल को पास करने के लिए तैयार हैं।

खेत किसानों का बैंक और पशुधन उनका एटीएम

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अब बिरसा किसान के नाम से जाने जाएंगे
अब बिरसा किसान के नाम से जाने जाएंगे झारखण्ड के किसान

झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बसने वाले लोग काफी मेहनती हैं। मेरा मानना है कि ऐसे मेहनतकश लोगों को सरकार द्वारा  सही समय पर उचित मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराया जाए तो किसान आर्थिक स्वावलंबन की ओर आगे बढ़ सकेंगे। आज से झारखंड के किसानों को बिरसा किसान के नाम से जाना जाएगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में आयोजित बिरसा किसान के सम्मान में केसीसी एवं मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

वनोपज को मिलेगा बढ़ावा, बाजार और उचित मूल्य की होगी व्यवस्था

उन्होंने कहा कि लाह, सिल्क इत्यादि चीजों का उत्पादन झारखंड राज्य में सबसे अधिक होता है परंतु इन संपदाओं  का पूरा लाभ हमें नहीं मिल पाता है। हमारे किसान भाई मेहनत करते हैं और फल दूसरे लोग खा रहे हैं। प्रकृति ने हमें यहां के जंगलों में जो चीजें दी थी उससे हमारे किसान आर्थिक रूप से मजबूत थे परंतु समय के साथ-साथ चीजें बदलती गई और आज हम प्रकृति से मिले संसाधनों को आय का स्रोत नहीं बना पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार वनोपज हेतु व्यवस्था दुरुस्त करने में लगी है। किसानों को वनोपज के लिए बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध हो सके इस निमित्त प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। जल्द ही बन उपज के विस्तार के लिए फेडरेशन बनाए जाएंगे।

खेत किसानों का बैंक और पशुपालन एटीएम

 हेमन्त सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के लिए खेत उनका बैंक और पशुधन एटीएम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब लोग गांवों में झुंड के झुंड जानवर लेकर चराने के लिए जाया करते थे ऐसी तस्वीरें अब देखने को नहीं मिल रही हैं। पशुधन जैसे आय के स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने पशुपालन पर विशेष बल दिया है। ग्रामीण किसान एवं खेतिहर मजदूर भाईयों को  सब्सिडियरी पर पशु एवं पशु शेड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 40% बच्चे जन्म लेते ही कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सप्ताह में 6 दिन इन बच्चों को अण्डा उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बच्चों को कुपोषण मुक्त करना हमारा संकल्प है।

 

 

कोयला खानों में जमा पानी के सदुपयोग की योजना पर राज्य सरकार की एजेंसी ने फेरा पानी : महेश पोद्दार

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राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न का उत्तर देते हुए कोयला मंत्री ने दी जानकारी
राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न का उत्तर देते हुए कोयला मंत्री ने दी जानकारी

रांची : भारत सरकार के कोयला मंत्रालय और कोल इण्डिया लिमिटेड ने कोयला खदानों में जमा पानी के सदुपयोग की व्यापक योजना बनायी है। लेकिन इनपर अमल जी ज़िम्मेवारी राज्य सरकार की एजेंसियों पर है और इस वजह से इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति अत्यंत धीमी है। झारखण्ड के लिए स्थिति ज़्यादा तकलीफ़देह है क्योंकि राज्य सरकार और कोल इण्डिया के बीच इस सम्बंध में एमओयू भी हुआ है लेकिन करार के अनुपालन की गति अत्यंत धीमी है। राज्यसभा में सोमवार को सांसद महेश पोद्दार के एक प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह जानकारी दी।

कोल इण्डिया की तय है कार्य योजना, ज़रेडा और ज़िला प्रशासन को दिखानी होगी चुस्ती

कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि झारखण्ड सरकार के साथ कोल इण्डिया ने दिनांक 30.10.2017 को एक एमओयू किया है ताकि झारखण्ड राज्य में बीसीसीएल के कमान क्षेत्र और अन्य प्रचालनरत सहायक कम्पनियों में सामुदायिक उपयोग के लिए खान जल का उपयोग किया जा सके । कुछ मामलों को छोड़कर ज़्यादातर मामलों में योजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व राज्य सरकार की एजेंसियों के पास है।

अब विदेशी नागरिक भी ले सकेंगे भारत में कोरोना रोधी वैक्सीन

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नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों को कोरोना रोधी वैक्सीन लेने के लिए CoWin पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अनुमति देने का फैसला किया है। अब विदेशी नागरिक भी CoWIN पर पंजीकरण के लिए अपने पासपोर्ट का इस्‍तेमाल आईडी के रूप में कर सकते हैं।

पोर्टल पर पंजीकरण के बाद उन्हें टीकाकरण के लिए स्लॉट मुहैया करा दिया जाएगा। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि देश में टीकाकरण का आंकड़ा 51 करोड़ को पार कर गया है।

UNSC बैठक में प्रधानमंत्री बोले

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन भी हिस्सा ले रहे हैं. ब्लिंकेन इस बैठक से वर्चुअली जुड़े हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘समुद्री सुरक्षा का विस्तार : अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मामला’ पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय खुली बहस की अध्यक्षता कर रहे हैं.

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “समुद्र हमारी साझा विरासत हैं और समुद्री रास्ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन हैं. ये महासागर हमारे ग्रह के भविष्य के लिए बहुत महत्व रखते हैं. हमारी ये साझा विरासत कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है. आतंक को बढ़ावा देने के लिए समुद्री मार्गों का दुरुपयोग किया जा रहा है. हम चाहते हैं कि हमारे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक समावेशी फ्रेमवर्क तैयार हो. ये फ्रेमवर्क SAGAR (Security And Growth for All in the Region) पर आधारित हो. ये दृष्टिकोण सुरक्षित और स्थिर समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. हमें समुद्री व्यापार की बाधाओं को समाप्त करना होगा. हमारी समृद्धि सुचारू समुद्री व्यापार पर निर्भर करती है. इसमें किसी भी तरह की बाधा हमारे भविष्य के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती है

अगर समुद्री मार्गों को सुचारू रूप से चलाना है तो पांच सिद्धांतों पर अमल करना होगा: PM
समुद्री सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में 5 मूल सिद्धांतों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर समुद्री मार्गों को सुचारू से चलाना है तो पांच सिद्धांतों पर अमल करना होगा.
1-हमें समुद्री व्यापार में पैदा होने वाली बाधाओं को हटाना होगा जिससे वैध व्यापार को स्थापित किया जा सके.
2-समुद्री विवादों का निपटारा शांतिपूर्वक और अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक किया जाना चाहिए.
3-जिम्मेदार समुद्री कनेक्टिविटी को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
4- नॉन स्टेट एक्टर्स और प्राकृतिक आपदाओं द्वारा पैदा की गई समुद्री चुनौतियों का सामना एक साथ मिलकर किया जाना चाहिए.
5-हमें समुद्री पर्यावरण और संसाधनों का संरक्षण करना होगा.

सोनाहातू: आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मनाया विश्व आदिवासी दिवस

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सवांददाता-अबधेश महतो

सोनाहातू।आजसू पार्टी प्रखण्ड कमिटी के बेनर तले सोमवार को माही वेंक्वेंट हाँल और सोनाहातू पूर्वी के बारेंदा चौक में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विचार गोष्टी सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।सम्मान समारोह में मुख्य रूप से केन्द्रीय सचिव सह प्रभारी सुनील महतो ने कहा कि हम सभी को मिलकर संकल्प लेना होगा कि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार,सामाजिक,राजनीतिक,सांस्कृतिक,शैक्षणिक उन्नति कर देश को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाने का काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासियों का अस्तित्व को बचाना है तो जल, जंगल,जमीन और संस्कृति को बचाना जरूरी है। तभी आदिवासियत बचेगा.प्रकृति और आदिवासियों का अन्योन्याश्र संबंध रहा है इस लिए प्रकृति का संरक्षण जरूरी है।

इस अवसर पर जनक सिंह मुण्डा, मनमोहन सिंह,अर्जून सिंह मुण्डा,सबिता देवी,दीनबन्धु सिंह मुण्डा,युगल किशोर सिंह मुण्डा,जयंत सिंह मुण्डा,बुद्धेश्वर सिंह मुण्डा,जीवाधन सिंह मुण्डा,रमेश सिंह मुण्डा सोनाहातू पूर्वी के हिकीम सिंह मुंडा,बरुन सिंह मानकी, अनिल सिंह मुंडा,मदन सिंह मुंडा,सत्यनारायण सिंह मुंडा,भीम सिंह मुंडा,अयधा सिंह मुंडा,वृंदावन सिंह मुंडा,नगेंद्र सिंह मुंडा को सम्मानित किया गया।

सोनाहातू प्रखंड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 25 लोगों को विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में सम्मानित किया गया।इसके पश्चात बाजारटांड़ एवं सोनाहातू पूर्वी बारेंदा चौक स्थित भगवान बिरसा मुण्डा के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सामाजिक न्याय मार्च सप्ताह के दूसरे दिन मारांकिरी,सोनाहातू व भकुवाडीह में कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आजसू केन्द्रीय सचिव सह प्रखण्ड प्रभारी सुनील महतो ने किया।

मौके पर जिप अध्यक्ष सुकरा मुण्डा,पूर्व जिप उपाध्यक्ष चितरंजन महतो,जिला प्रवक्ता श्याम कुमार महतो,प्रखण्ड प्रमुख रमेश लोहरा,सोनाहातू पूर्वी के वरिष्ठ आजसू नेता अशोक महतो,गौतम सिंह देव्,डॉ विश्ननाथ महतो,प्रधान सचिव भरत दास, कार्यकारिणी अध्यक्ष बुधेश्वर महतो,शिवराम सिंह मुंडा,गोवर्धन महतो,उपाध्यक्ष मलखान महतो,बसंत महतो,सचिव राजकिशोर सिंह मुंडा,मुखिया सबिता देवी,प्रखण्ड अध्यक्ष अचरज सिंह मुण्डा ,सुषेण प्रमाणिक, जयप्रकाश सवांसी विरेन्द्र लोहरा,मुकेश महतो, सावना महली,आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

हम आदिवासी हैं, हमें धर्म के आधार पर न बांटें

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कर्नाटक और जम्मू कश्मीर में कई ऐसी जातियां हैं जो मुस्लिम होते हुए भी आदिवासी
कर्नाटक और जम्मू कश्मीर में कई ऐसी जातियां हैं जो मुस्लिम होते हुए भी आदिवासी हैं

रांची। विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरावं ने कहा कि आज देशभर में आदिवासियों को धर्म के नाम पर  बांटने की कोशिश की जा रही है। यह कोशिश किस राजनीतिक दल की ओर से की जा रही है, यह सभी लोग जानते हैं । उन्होंने कहा कि उक्त विशेष राजनीतिक दल द्वारा आदिवासी समाज को कभी सनातन के नाम पर ,तो कभी सरना के नाम पर बांटने की कोशिश  की जाती है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर आदिवासी समाज को बांटा जाना अनुचित है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कर्नाटक और जम्मू कश्मीर में कई ऐसी जातियां हैं जो मुस्लिम होते हुए भी आदिवासी है।

डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि धर्म के चक्कर में लोग नहीं पड़े, मूल से जो आदिवासी है, वह भविष्य में भी आदिवासी रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वनों में रहने वाले आदिवासियों को कई अधिकार दिए, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में आदिवासी समाज का समुचित विकास नहीं हो पाया , परंतु  अब राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आदिवासी समाज के विकास और उनके आर्थिक सामाजिक विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में ही वन अधिकार कानून लागू हुआ जिसके माध्यम से जंगल में रहने वाले आदिवासियों को 10 एकड़ तक की जमीन पट्टे पर दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था में पेसा कानून के तहत परंपरागत ग्राम प्रधान व्यवस्था को भी लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि शिड्यूलड एरिया में कोई भी किसी का जमीन नहीं छीन सकता है ,लेकिन इसके बावजूद कुछ कम पढ़े लिखे अधिकारियों द्वारा भूमि अधिग्रहण की कोशिश की जाती है लेकिन यदि लोग जमीन नहीं देना चाहते हैं तो किसी भी कीमत पर इस तरह की जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि संविधान की पांचवी और छठी अनुसूची में शिड्यूल एरिया क्षेत्र के लोगों को कई विशेष अधिकार दिए गए हैं और राज्य सरकार उन अधिकारों के माध्यम से आदिवासी समाज के विकास में ड्यूटी है।

शिड्यूलड एरिया में कोई भी किसी का जमीन नहीं छीन सकता
शिड्यूलड एरिया में कोई भी किसी का जमीन नहीं छीन सकता

इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विकास जरूरी है लेकिन सभ्यता संस्कृति और परंपरा कैसे बरकरार रहे , इस पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है उन्होंने कहा कि आज यह संकल्प लेने का दिन है कि जनजाति समाज का कैसे सर्वांगीण विकास हो। उन्होंने कहा कि झारखंड आदिवासी बहुल राज्य हैं और यह संविधान की पांचवी अनुसूची में आता है। इस क्षेत्र के जनजाति  समाज का विकास कैसे हो इसके लिए योजनाओं को क्रियान्वित करने की जरूरत है।

इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर रामेश्वर के नेतृत्व में राज्य में आदिवासी समाज को संगठन से जोड़ने की दिशा में लगातार काम हो रहा है, वहीं वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री के रूप में भी डॉक्टर रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में
आदिवासी समाज के विकास और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है ।

मैट्रिक पास मेधावी छात्र

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छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के लिए एसपी आवास में भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन

बच्चों द्वारा केक काटकर मौके को किया गया सेलिब्रेट

जिले के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक अनोखी पहल करते हुए अपने आवासीय कार्यालय में जिले के कुल 46 मैट्रिक पास मेधावी छात्र- छात्राओं से संवाद किया।इस दौरान उन्होंने सभी छात्र एवं छात्राओं को प्रशस्ति पत्र,पौधा,पेन व फ़ाइल देकर सम्मानित किया।

एसपी ने प्रत्येक प्रखंड से एक-एक मेधावी छात्र छात्राओं से किया सीधा संवाद

दरअसल,सोमवार को एसपी आवास में जिले के सभी 21 प्रखंडो से एक-एक मेधावी छात्र छात्राओं को बुलाया गया था।ये सभी बच्चे हाल ही में झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा घोषित मैट्रिक के परिणामों में अपने संबंधित प्रखंडों में अव्वल रहे थे। सभी बच्चों को उनके घर से संबंधित थाना प्रभारी द्वारा लाया गया था।बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी आये हुए थे।इसके अलावे विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर एसपी श्री सिन्हा ने अनुसूचित जनजाति के दो बच्चों व आदिम जनजाति की एक बच्ची के साथ संवाद कर उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की।संवाद के पश्चात एसपी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कंचन सिंह द्वारा बच्चों को दोपहर का भोजन कराया गया।इस दौरान श्रीमती कंचन सिंह खुद बच्चों को भोजन परोसती नज़र आयी।

बच्चों द्वारा केक काटकर मौके को किया गया सेलिब्रेट

लंच के पूर्व एसपी चंदन कुमार सिन्हा एवं उनकी पत्नी कंचन सिंह ने आवास पहुंचे सभी बच्चों से उनका परिचय प्राप्त किया साथी ही सभी बच्चों से उनके सपने की बारे में जानकारी ली कि आगे वो किस क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं।इसके पश्चात एसपी एवं उनकी पत्नी ने बच्चों के साथ मिलकर केक काटा।

अभिभावक की भूमिका में नजर आये एसपी

बच्चों से उनका परिचय प्राप्त करने के पश्चात एसपी श्री सिन्हा बच्चों के समक्ष अभिभावक की भूमिका में नजर आये।इस दौरान उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे में एक अपनी अलग क्वालिटी होती है बस जरूरत है तो उसे पहचानने की।उन्होंने बच्चों से भविष्य में अपना स्ट्रीम सेलेक्ट करने के बाद पूरे 1 साल का लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करने की बात कही।उन्होंने कहा कि अपनी तैयारी ऐसे करें कि किसी परीक्षा के पहले ही आपका पूरा सिलेबस कंप्लीट हो जाये।उन्होंने इस पूरे प्रकिया के दौरान रिविशन को सबसे महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि वो कभी भी क्षेत्र भ्रमण पर निकलेंगे तो अचानक किसी भी छात्र का घर पहुंच कर अचानक उनकी पढ़ाई का समीक्षा भी करेंगे।उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने की दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी बच्चों से उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

अपने लक्ष्य की ओर केंद्रित रहें:कंचन सिंह

मौके पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए समाज कल्याण में सहायक निदेशक सह एसपी की पत्नी कंचन सिंह ने कहा कि आप सभी अपने मेहनत की बदौलत मैट्रिक में अच्छे मार्क्स लाये हैं इसलिए आप सभी बधाई के पात्र हैं।उन्होंने सभी बच्चों से अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसके प्रति केंद्रित रहने की अपील की।उन्होंने कहा कि शिक्षित लोगों से ही बेहतर समाज की कल्पना की जा सकती है। उन्होंने लड़कियों के अभिभावकों से कम उम्र में लड़कियों का विवाह न करने की अपील की।इसी तरह पुलिस अधीक्षक की माताजी जो 38 वर्ष तक प्रिंसिपल भी रह चुकी है उन्होंने भी छात्रों को अपना मार्गदर्शन दिया।

बच्चों ने एसपी आवास का अवलोकन किया,खूब चला सेल्फी का दौर

एसपी एवं उनकी पत्नी द्वारा सम्मानित होने के पश्चात एवं लंच करने के बाद बच्चों ने घूम-घूम कर एसपी आवास का अवलोकन किया।वहीं बच्चों ने एसपी व उनकी पत्नी के साथ जमकर सेल्फी ली।इसके अलावे एसपी की ओर से केक कटिंग सेरेमनी व सम्मानित होने वाले फ़ोटो ग्राफ बच्चों के घर तक भेजने की भी व्यवस्था की गयी है।पूरे सम्मान समारोह में बच्चों में हर्ष का माहौल देखने को मिला।शहर थाना प्रभारी अरुण महथा व यातायात प्रभारी रुद्रानंद सरस ने भी बच्चों से वार्तालाप कर कई महत्वपूर्ण टिप्स दिया।

भारतीय जनता पार्टी की पहली प्राथमिकता है राष्ट्र सेवा: विनोद सोनकर

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

रांची। भाजपा प्रदेश कार्यालय में जिला स्तरीय स्वास्थ स्वयंसेवक प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री विनोद सोनकर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान के ज़रिये भाजपा देश की सेवा के लिए भारत के 2 लाख गांवों में 4 लाख स्वयंसेवकों को जोड़ेगी। विजय सोनकर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की स्वास्थ्य की आधारभूत संरचना को मज़बूत बनाने की पहल की और उनके कुशल नेतृत्व का यह परिणाम है कि 9 महीने में कोरोना से लड़ने के लिए देश को दो-दो स्वेदशी वैक्सीन मिली।

उन्होने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण की अहमियत बताते हुए इस अभियान को सफल बनाने के सेवाभाव से इस काम को करने की अपील की। कहा कि स्वास्थ्य स्वयंसेवक चिकित्सक की भूमिका में नहीं है बल्कि लोगों को कोरोना महामारी से बचने के लिए जागरूक करने वाले व सलाहकार की भूमिका में हैं।

स्वास्थ्य स्वयंसेवक एक नई इतिहास लिखेंगे: बाबूलाल मरांडी

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रथम मुख्यमंत्री सह विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने मज़बूती से कोरोना से सफल लड़ाई लड़ी है। स्वच्छता अभियान, सेवा ही संगठन अभियान के माध्यम से पार्टी के कार्यकर्ता लोगों की सेवा में तत्पर रहे। इसी तरह स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान के माध्यम से ज़िला स्वास्थ्य स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर लोगों की सेवा में उपस्थित रहेंगे। स्वदेशी टीका बनाने व विश्व की सबसे बड़ी टीकाकरण को लेकर भी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यपद्धति की सराहना की।

गांव – गांव तक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा: धर्मपाल सिंह

प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान को पवित्र कार्य बताते कहा कि झारखण्ड में इस अभियान की सफलता ज़िला स्वास्थ्य स्वयंसेवक व ग्राम स्वास्थ्य स्वयंसेवकों के कंधों पर है। 16 अगस्त तक प्रत्येक ज़िलों में जबकि 31 अगस्त तक मण्डलों व ग्राम स्वास्थ्य स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करना है। इस अभियान से जुड़ने वाले कार्यकर्ताओं में सक्रियता व संवेदनशीलता का भाव भरा हुआ है। उन्होंने इस अभियान को देश का सबसे बड़ा अभियान बताया।

कार्यक्रम में शामिल स्वास्थ्य स्वयंसेवक
कार्यक्रम में शामिल स्वास्थ्य स्वयंसेवक

गारू प्रखंड के बारेसाँढ़ में युवक की पीट पीटकर हत्या, दो गिरफ्तार

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गारू (उज्ज्वल दुनिया)। जिले के गारू प्रखंड अंतर्गत बारेसाँढ़ थाना क्षेत्र के मायापुर में बीती रात कुंदन मरकुस कुजूर की पीट कर हत्या कर दी गई। परिजनों ने चचेरे भाई समेत दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। आज सुबह घटना की सूचना मिलते ही बारेसांढ़ थाना प्रभारी जावेद कासमी दल-बल के साथ घटना स्थल पहुंचे और शव को कब्जे में ले पोस्टमॉर्टम के लिए लातेहार भेज दिया। मृतक की पत्नी प्रियंका मिंज ने आरोप लगाया है कि चचेरे भाई निरोज कुजूर और गांव के ही सिलास पन्ना ने मिलकर कुंदन कुजूर की हत्या की है। मृतक के तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुंदन, सिलास पन्ना के घर में महुआ शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और मारपीट शुरू हो गई। कुंदन किसी प्रकार से भागकर अपने घर आ गया। उसके बाद रात्रि के करीब 11 बजे कुंदन और उसकी पत्नी ने मारपीट की सूचना गांव के प्रधान अनुज तिर्की को दी। प्रधान अनुज तिर्की ने सुबह बात करने की बात कही। मृतक की पत्नी ने बताया कि साढ़े ग्यारह बजे निरोज कुजूर, निरोज की माँ मोनिका मिंज, निरोज की पत्नी सुधा खाखा और सिलास पन्ना चारो कुंदन के घर गये तथा उन्हें बाहर निकलने को कहा। जब वह बाहर नहीं निकला तब दरवाजा पर हमला शुरू कर दिया गया। महिलाओं की भी आवाज सुनकर कुंदन की पत्नी ने दरवाजा खोल दिया। उसके बाद हमलावरों ने घर में घुसकर फिर से मारपीट शुरू कर दी, जिससे कुंदन की मौत हो गयी। निरोज और सिलास पन्ना को हिरासत में ले लिया है। इधर, पुलिस ने गांव में शराब बिक्री के खिलाफ अभियान भी चलाया और ग्रामीणों को शराव से दूर रहने की हिदायत दी।

आदिवासी समाज की भाषा को बचाने तथा संरक्षित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: भूषण बाड़ा

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जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले मना विश्‍व आदिवासी दिवस
जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले मना विश्‍व आदिवासी दिवस

आदिवासी वेशभूषा में नजर आए विधायक सहित अन्‍य कांग्रेसी

सिमडेगा जिला मुख्‍यालय स्थित अलबर्ट एक्‍का मैदान में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा विश्‍व आदिवासी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाध्‍यक्ष अनुप केसरी की अध्‍यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्‍य रुप से सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा उपस्थित थे। विधायक भूषण बाड़ा ढ़ोल नगाड़े एवं मांदर की थाप पर आदिवासी गीतों पर थिरकते हुए नजर आए।

आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा को बचाने की जरुरत: भूषण बाड़ा

अपने संबोधन में विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की भाषा को बचाने तथा संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे बचाने के लिए सरकार ने कुछ दिन पूर्व ही सकारात्मक पहल किया है। लोग जनजातीय भाषा और बोली को भूलते जा रहे है। उन्होने कहा कि आदिवासी समाज आज भी काफी पिछड़ा हुआ है। उन्‍होंने आदिवासी दिवस के मौके पर तमाम आदिवासी भाई-बहनों को अपने हक और अधिकार के लिए जागने और एकजुट होने का आह्वान किया।

हमारी बेटियों ने अपने खेल से पूरे विश्व में आदिवासी मान-सम्मान का परचम लहराया

भूषण बाड़ा ने कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारे राज्य की शंख-कोयल की धाराओं, कोयल की कू-कू की मधुर आवास, जंगल व पहाड़ों के बीच में बसती है। इसे बचा कर रखना हमारा जिम्मेवारी है। आज हमारा आदिवासी समाज अपनी क्षमता, ज्ञान, बल, विवेक और बुद्धि के बल पर सभी स्थानों में अपना परचम लहरा रहा है। हमारे आदिवासी समाज की बेटे बेटियां हैं जिनके जोश, जज्बा और हिम्मत के दम पर देश गौरान्वित है। हॉकी खेल के माध्यम से कई मेडल देश की झोली में डाला है।

नशा और अशिक्षा आदिवासी समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा

हमारा समाज के उत्थान में नशापान और अशिक्षा बहुत बड़ी बाधा है। इसे हम सभी को मिलकर दूर करना होगा। आने वाली पीढ़ी को इस अभिशाप से दूर रखना हमारी जिम्मेवारी है। और इसके लिए आज और अभी से काम करने की जरूरत है। खासकर यूवा वर्ग को नशा जैसी बुराइयों से दूर करने की जरूरत है। बच्चों को स्कूल से जोड़ने की जरूरत है। हमारे समाज के युवा नशापान छोड़ हेमन्त सरकार की शरण मे आएं।

ढ़ोल नगाड़े थाप में जमकर थिरके कांग्रेसी
ढ़ोल नगाड़े थाप में जमकर थिरके कांग्रेसी

विधायक ने कहा कि आदिवासियों को शिक्षित करने और उनकी भाषाओं को बचाने का एकमात्र तरीका उन्हें अपनी भाषा मे शिक्षा दी जानी चाहिए। इसे हमारी हेमन्त सोरेन की सरकार ने गम्भीरता से लिया है। हमारी क्षेत्रीय भाषा को बचाय रखने के उद्देश्य से नोकरी में भी क्षेत्रीय भाषा का ज्ञान को अनिवार्य किया गया है। स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है ताकि हमारी पीढ़ी हमारी भाषा संस्कृति को जान सके और पहचान सके।

रघुवर ने अपने ही साहू समाज के 100 से ज्यादा युवकों को नक्सली बताकर जेल भिजवाया

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रघुवर दास ने अपने ही साहू समाज के 100 से ज्यादा युवकों को जेल भिजवाया- सुप्रियो
रघुवर दास ने अपने ही साहू समाज के 100 से ज्यादा युवकों को जेल भिजवाया- सुप्रियो

हेमंत सरकार की नई नियुक्ति नियमावली को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा आदिवासी-मूलवासी विरोधी बताने पर झामुमो की ओर से जबरदस्त प्रतिवाद किया गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर दास को अगर याद नहीं है तो उनको कुछ बातें याद दिला दूं । 514 आदिवासी-मूलवासी युवकों को नक्सली बताकर फर्जी सरेंडर करवाने का खेल किया गया था इस राज्य में। दिग्दर्शक नाम की संस्था के द्वारा। 2014 में तत्कालीन हेमंत सरकार ने इसपर सीबीआई जांच की अनुशंसा की, लेकिन सरकार बदल गई और फिर रघुवर दास मुख्यमंत्री बन गए।

फर्जी सरेंडर और बकोरिया कांड के बहाने रघुवर पर हमला

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि उस वक्त सीआरपीएफ के आइजी एमवी राव ने इसपर बहुत सनसनीखेज खुलासे किए थे। इसके साथ ही सुप्रियो भट्टाचार्य ने बकोरिया कांड की भी याद दिलाई। उन्होने कहा कि पांच आदिवासी-मूलवासी युवकों की हत्या कर दी गई थी ।  लेकिन रघुवर दास का दर्द उस वक्त आदिवासी-मूलवासियों के लिए क्यों नहीं छलका ।

अपने ही साहू समाज के 100 लड़कों को रघुवर दास ने जेल भिजवाया

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जिन 514 आदिवासी-मूलवासी लड़कों को नक्सली बताकर फर्जी सरेंडर करवाया गया, उनमें 100 के ज्यादा साहू लड़के थे। रघुवर दास खुद को साहू समाज का नेता बताते हुए झारखंड से लेकर छत्तीसगढ़ तक रैलियों को संबोधित करते चलते हैं, लेकिन क्या वो जवाब देंगे कि रघुवर दास ने अपने ही समाज के 100 से ज्यादा लोगों को फर्जी नक्सली बताकर जेल में डाल दिया ।

हिंदी के नाम पर फैलाया जा रहा है भ्रम

सुप्रियो भट्टाचार्य ने रघुवर दास को ‘ज्ञानपापी’ बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पद पर बैठ चुका व्यक्ति हिंदी के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होने बताया कि हिंदी इस देश की राष्ट्रभाषा है, वह क्षेत्रीय भाषा नहीं है । हेमंत सरकार ने जो नई नियुक्ति नियमावली निकाली है, वो क्षेत्रीय भाषाओं के लिए है।

बाहरी ताकतों को झारखण्ड में पैर नहीं जमाने देंगे

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर दास के जमाने में 927 संस्कृत टीचरों की नियुक्ति हुई थी, उनमें से सिर्फ सात संस्कृत शिक्षक झारखंडी थे। बाकि 920 शिक्षक बनारस के या बिहार के थे। उन्होने कहा कि राज्य की हेमंत सरकार ने ऐसे फिल्टर लगाए हैं कि अगर कोई बाहरी यहां चढञने की कोशिश करेगा तो वह ऐसा फिसलेगा कि यहां के खदान उसका स्वागत करेंगे।

झारखंड आंदोलनकारी शहीदों के परिजनों ने मजदूरों संग खड़े होकर जताया विरोध

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विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव फाउंडेशन ट्रस्ट के बैनर तले झारखंड आंदोलन के शहीदों के परिजन बिरसा चौक, रांची में बिरसा मुंडा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मजदूरी करने के लिए मजदूरों के संग खड़े हो गए। शहीदों के परिजनों ने कहा कि झारखँड गठन के पश्चात से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिले, नौकरी या अन्य सुविधाएं नहीं मिली। उनकी हालत मजदूरों से भी खराब है।

मजदूरों से भी गई बीती है शहीदों के परिजनों की हालत
मजदूरों से भी खराब हो गई है है झारखण्ड आंदोलनकारी शहीदों के परिजनों की हालत

इस मौके पर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के प्रत्यक्ष उतराधिकारी एवं झारखंड सेनानी कोष संचालन समिति गृह मंत्रालय के सदस्य लाल प्रवीर नाथ शाहदेव ने कहा कि सरकार के द्वारा शहीद आदर्शग्राम योजना के तहत बहुत से कार्य किया जा रहा है, लेकिन उस योजना में शहीदों के परिजनों को रखा ही नहीं गया है । उन्होने यह भी बताया कि पितांबर निलाम्बर युनिवर्सिटी में शहीद परिजन कोमल खेरवार को नौकरी का पत्र तो दिया गया लेकिन नौकरी नहीं दी गई ।

बिरसा मुंडा के परिजनों से उनकी रैयती जमीन भी ले ली और नौकरी भी नहीं दी

लाल प्रवीर नाथ शाहदेव ने कहा कि बिरसा मुंडा के परिजनों से उलिहातु में आवासीय विद्यालय एवं स्टेडियम के लिए उनकी खेती वाली रैयती जमीन को सरकार ने ले लिया लेकिन उसके बदले नौकरी भी नहीं दी गई । जहां शहीद परिजनों को सरकार को कुछ देना है, वहीं दूसरी ओर सरकार उनकी रैयती जमीन को भी बिना कुछ दिये ले ली गई है । तेलंगा खड़िया के परिजनों को जमीन बंधक रख कर ईलाज करवाना पड़ रहा है,जीवन यापन का कोई उपाय भी नहीं है । सभी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से शहीदों के एक एक परिजनों को अपने आवास पर बुला कर उनकी समस्याओं को हल करने का अनुरोध किया ।

इस अवसर पर शहीद बिरसा मुंडा के, आवासीय विद्यालय, स्टेडियम के लिए जमीन देने वाले शहीद परीजनों,तेलंगा खड़िया के परिजन, पितांबर निलाम्बर के परिजन, गुमला के अमर शहीद मुण्डल सिंह के परिजन उपस्थित रहे।