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विद्रोही को मधुशाला मिल ही जाती है…

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कवि एवं लेखक विनोद कुमार विद्रोही के साथ स्तंभकार कुमार कौशलेन्द्र
कवि एवं लेखक विनोद कुमार विद्रोही के साथ स्तंभकार कुमार कौशलेन्द्र

कुमार कौशलेन्द्र

 

आज सही मायने में मुझे डा. हरिवंश राय बच्चन की ‘मधुशाला’ का मर्म समझ में आया. पंक्तियाँ याद हैं ना आपको- “राह पकड़ तू एक चला चल, मिल जायेगी मधुशाला”….
वास्तव में यदि मानव ठान ले कि उसका ठौर कहां होगा और सतत् प्रयत्नों की आहूति देता जाये तो अपनी नियति स्वयं निर्धारित कर सकता है.
मेरे उपरोक्त वाक्यांश प्रथम द्रृष्टया आपको सुविचारित प्रशस्ति भूमिका सरीखे लग सकते हैं क्योंकि आम परिपाटी ऐसी ही रही है. अपने लगभग दो दशक से आगे बढ़ चले पत्रकारिता जीवन में पुस्तक समीक्षा व अन्य लेखकीय विधाओं से दर्शक की भांति बाह्य अवलोकी ही बना रहा. राजनीति-समाज व अन्य विषयों पर लिखता रहा किन्तु किसी रचनाकार की रचनाओं की समीक्षा से बचता रहा. किन्तु आज जब मेरे विनोद अपनी नवीन कृतियों – ‘जी साहेब : जोहार, इश्क़-ए-हजारीबाग और विनोद कुमार राज ‘विद्रोही’ : व्यक्तित्व व कृतित्व के साथ अचानक मुझसे मिलने पहुंचे तो मैं अतीत के पन्नों में खो गया.
http://localhost:8090/ud/this-is-a-memoir-by-journalist-kaushlendra-kaushal-on-writer-poet-vinod-kumar-vidrohi
समय का पहिया घूमता गया और और विनोद मेरे अनन्य सहयोगी के साथ-साथ परिजन सरीखे बन गये.
उस समय की उनकी गद्य-पद्य रचनाओं, स्वलिखित-संपादित और सुसज्जित कृतियों में मुझे ग्रामीण जीवन विसंगतियों का दर्द और आंचलिक सौंदर्य का चित्रण तो दिखता था किन्तु मुझे इनमें अपने विनोद का भविष्य बिल्कुल नहीं दिखता था.
मैं कहता था कवि जी मेरी बात मानिये और दर्द के दरिया से निकलिये नहीं तो जीवन में नकारात्मकता हावी हो जायेगी.
कवि जी सकुचाते-मुस्कुराते कहते थे- नहीं ना सर, मेरी कलम और कूची से नकारात्मकता की स्याही नहीं सुनहले भविष्य की संरचना हो रही है.बस मुझे अपने मन को पन्नों पर उकेरते रहने दीजिये.
मैं विनोद जी के दृढ़ संकल्प को जवानी का उबाल करार दे कहा करता था- कवि जी, आप झारखंड के फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ बनकर ही रहेंगे.
मेरे उन शब्दों की परिणति इतनी जीवंत होगी मैंने कल्पना भी नहीं की थी. सच कहूं तो जब विनोद राज विद्रोही बनते-बनते अध्यापन के पेशे में आ गये तो मुझे बहुत खुशी हुई .मेरे मन ने कहा- चलो अब मेरे विनोद का जीवन सामान्य ढर्रे पर चलेगा.
कहते हैं ना- ‘मेरे मन कछु और है विधिना के कछु और’. सच में नियति ने विनोद जी के लिये एक अहम मुकाम तय कर रखा है और डा.बच्चन की पंक्तियों को आत्मसात करते हुये विनोद कुमार राज ‘विद्रोही’ ने अपनी मधुशाला खोज ही डाली.
क्यों करवाते हो दंगे, ज्योत्सना में तन्हाई, काग़ज़ की नाव, यादों की चिरईं, गुलदस्ता, चुन्दरु बाबा, क्यों, कलम के आंसू, क्योंकि मैं लड़की हूँ, झारखंड का साहित्य और साहित्यकार, झारखंड की संस्कृति, झारखंड के लोक-नृत्य, झारखंड की प्रसिद्ध नारियाँ, झारखंड की लोक-चित्रकला, झारखंड की नदियाँ, जलप्रपात व डैम, झारखंड के पर्व-त्यौहार एवं मेला, रेगिस्तान का सफ़र, बोलती रेखाएं, ओह कावेरी! सिर्फ एक बार कहा होता, क्योंकि मैं एक लड़की हूँ (द्वितीय संस्करण) की राह पकड़ अपनी रचनाधर्मिता को जीवंत करते मेरे विनोद इश्क़-ए-हजारीबाग में डूबते- उतराते साहित्य जगत की मधुशाला में आज सशक्त हस्ताक्षर बन ‘जोहार’ कर रहे हैं.

वाह भोंसड़ी के….

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कौशलेन्द्र कौशल
यह शीर्षक आपको आपत्तिजनक लगे तो डाॅ. काशीनाथ सिंह के निर्देशन में समर्पित एतद् संबंधित शोधपत्र का अवलोकन करें अथवा अपने किसी बनारसी सखा से संपर्क कर बनारस की गलियों के इस आधिकारिक शब्द का महात्म्य जान लें… खैर, रविवारी और गुरुवारी बेबाक के बुधवारी लेखन प्रायोजन पर आता हूँ. याद है मुझे वर्ष 1999 की सर्द दोपहरी.
उस वक्त मैं अविभाजित बिहार में प्रसारित एक बहुचर्चित व लोकप्रिय साप्ताहिक समाचार पत्र का संपादक हुआ करता था. उस दिन रांची स्थित अपने कार्यालय में बैठा मैं चिंतन नहीं चिंता कर रहा था. आश्चर्य न करें अखबार का संपादक चिंतन से ज्यादा चिंता ही करता है. जमाना बदल गया है किन्तु संपादकों की दशा मीडिया में अभी भी कमोबेश वही है.
वो अखबार की पेस्टींग का जमाना था. शुक्रवार की वो दोपहर मुझे भारी लग रही थी.सहकर्मियों ने दफ्तर पहुंचते ही सूचना दे दी थी कि पेस्टर नहीं आये.16 पन्नों की पेस्टींग यदि शुक्रवार को शुरू नहीं हुई तो शनिवार को छपाई करवा पाना मुश्किल था.
उसी वक्त रेमंड नामक दरबान सह आदेश पाल ने आकर कहा – सर, टंडवा से एक आदमी आप से मिलने आये हैं. झल्लाहट पर काबू कर मैंने कहा – भेज दो भाई.
एक कृशकाय युवक ने मेरे कक्ष में प्रवेश कर कहा- परनाम सर. प्रणाम की जगह परनाम उच्चारण ने मुझे उक्त सज्जन की ओर निहारने को मजबूर कर दिया.
बिखरे बाल, रंगीन कुर्ता, फुल पैंट, चमरौंधा चप्पल और कंधे से लटकता लंबा झोला. एकटक मैं उक्त युवक को नजरअंदाज करने की मंशा लिए नाप ही रहा था कि युवक ने कहा- सर, मेरा नाम विनोद राज है. मैंने अनमने ढंग से बैठने को कहा.
बैठते-बैठते युवक ने 2-3 किताबें और अखबारों के कतरन से भरी फाईल झोले से निकाल कर मेरी मेज पर रख दी.
किताबों पर नजर डालता उससे पहले ही सज्जन बोल पड़े- मैं लेखक, कवि, चित्रकार और पत्रकार हूँ. मैं आपके साथ जुड़ना चाहता हूँ.
मैंने टालते हुये कहा- अच्छा आप अपना बायोडाटा छोड़ दीजिये. मैं आपसे संपर्क कर लूंगा. ऐसा है कि आज हमारी पेस्टींग का दिन है और पेस्टर के नहीं आने के कारण थोड़ा परेशान हूँ.
युवक ने कहा- हम पेस्टींग भी जानते हैं सर. ये देखिये, अपनी पुस्तक ‘ज्योत्सना में तन्हाई’ दिखाते हुए युवक ने कहा- मैंने स्वयं लिखा और इसकी जिल्दसाजी की है. किताब हाथ में लेकर मैंने पन्ने पलटे. सुन्दर अक्षरों में हस्तलिखित और संयोजित काव्य रचना थी.
मैंने कहा- अखबार की पेस्टींग कर लेंगे! जी सर, कोई दिक्कत नहीं.
मेरे मन में आया चलो आजमा लेते हैं. मैंने सहकर्मी जयदीप देवघरिया ( फिलहाल बतौर ब्यृरो प्रमुख, झारखंड ‘टाईम्स आॅफ इंडिया ‘ में कार्यरत) को बुलवाया.
https://www.newsbatao.com/binod-kumar-raj-vidrohi-ki-kavita-teri-bhonsadi-ke/?fbclid=IwAR03LycMBBh1LWEG_UMfPW1cdGEjP-8cTMEh8kD39Qd6JaGxy-CHGD-v_lk
जयदीप उस वक्त मेरे चहेतों में शामिल था. अनुवाद, रिपोर्टिंग व संपादकीय लगभग सभी विधाओं में उसे मैं आजमाता रहता था.
कुछ महीने पहले ही वो मुझसे योग प्रतिस्पर्धा के एक कार्यक्रम की स्पांसरसिप के लिये मिलने आया था. मुझे उसका समर्पण भा गया और मैंने उसे अखबार से जोड़ लिया. अखबारी दुनिया से कोई संबंध न होने के कारण वो हिचका.मैंने कहा- अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद कर लोगे? उसने कहा- जी, कोशिश कर सकता हूँ. अनुवाद की कोशिश से शुरू हुई उसकी अखबारी यात्रा समर्पण योग में तब्दील होती गई और वो मेरा विश्वासपात्र बन गया.
जयदीप ने आते ही पुछा- सर पेस्टींग का क्या होगा? मैं मुस्कुरा पड़ा और बोला – हो जायेगा भाई. बैठो और इनसे मिलो- ये हैं विनोद राज जी, लेखक, कवि, चित्रकार और पत्रकार.
जयदीप हंस पड़ा और बोला- बाबा रे… सबकुछ. मैंने विनोद जी कि किताबें और कतरनों की फाईल जयदीप को थमा दी. उसने उन्हें सरसरी निगाह से देखा और चिंता भाव से फिर कहा- सर, पेस्टींग का क्या होगा?
मैंने विनोद राज की ओर इशारा करते हुये कहा- ले जाओ इनको और करवा लो पेस्टींग. उसे विश्वास नहीं हुआ. उसने कहा- सर कविता नहीं लिखनी पेस्टींग करनी है.
मैं बोला- हाँ भाई, कवि जी ही पेस्टींग करेंगे. कलाकार हैं ये. इन्होंने अपनी ये किताबें स्वयं लिखी, संजोई और प्रकाशित की है.
जयदीप तुम फीचर के पन्नों की प्रिंट फाईल निकालो और पेस्टींग करवाओ.
करीब 3 से 4 बज चुके होंगे. जयदीप विनोद राज को लेकर संपादकीय कक्ष में पेस्टींग टेबल पर पहुँच गया.
डॉ. विनोद कुमार विद्रोही की फाइल तस्वीर
डॉ. विनोद कुमार विद्रोही की फाइल तस्वीर
मैं आदतन प्रयोधर्मी, पेस्टींग की चिंता भूल संपादकीय, कवर स्टोरी और अपने काॅलम बेबाक के सामग्री चिंतन में लग गया.
रात के करीब 8 बजे अपने कक्ष से संपादकीय कक्ष के बीच लगे शीशे का पर्दा हटाकर अंदर की गतिविधियां देखने लगा. तभी जयदीप की नजर मुझसे टकरा गईं. मैंने उसे अपने कक्ष में आने का इशारा किया.
क्या हुआ भाई? जयदीप ने कहा फीचर के 9 पन्नों की पेस्टींग तो हो गई है लेकिन पूरा नहीं मान सकते.
मैंने पूछा- पेस्टींग हो गई लेकिन पूरा नहीं मतलब?
मायूसी के साथ जयदीप ने कहा- मेहता जी नहीं आये हैं तो रेखाचित्र की जगह खाली पड़ी है.
उमेश मेहता जी, एक राष्ट्रीयकृत बैंक के प्रबंधक व उम्दा श्रेणी के रेखाचित्रकार. उनके रेखाचित्रों की लकीरें हमारे अखबार के फीचर पन्नों को जीवंत कर देती थीं.
मैंने कहा – कोई नहीं कल सुबह मेहता जी आकर रेखाचित्र खींच देंगे तुम संपादकीय पन्ने की पेस्टींग करवा लो भाई. आज 10 पन्ने हो जायेंगे तो कल शाम तक 6 और पेस्ट होकर तैयार हो जायेगा.
जयदीप ने कहा- आपने भी तो अब तक बेबाक और संपादकीय लिखकर नहीं दिया है, दे दिये होते तो संपादकीय पन्ना भी तैयार हो जाता सर.
मैंने कहा- अच्छा काली जी से पुछा तुमने? काली किंकर मिश्र (संप्रति बतौर मुख्य उप संपादक ” दैनिक जागरण ” में सेवारत) हमारी टीम में फीचर और क्षेत्रीय पन्नों को अपने उप संपादन से धार देते थे.
मैंने काली जी को अपने कक्ष में बुलवाया और कहा- क्या बंधु ,मैंने बेबाक और संपादकीय लिख कर नहीं दिया आपको? काली जी अपने ठेठ भागलपुरी अंदाज में बोले- कबका, कंपोज और प्रूफ होकर रेडी है.
जयदीप ने उत्साहित होकर कहा- दीजिये ना, अभी 10 वां पन्ना भी रेडी करवा देता हूँ.हम सब एकबारगी हंस पड़े.
विनोद कुमार विद्रोही की 'जी साहेब...जोहार'
विनोद कुमार विद्रोही की ‘जी साहेब…जोहार’
9 बजे के आसपास सबलोग विदा हो गये. मैं भी विनोद जी के रहने और खाने की व्यवस्था दुरुस्त कर करीब 10 बजे घर चला गया.
शनिवार को मैं सुबह 9 बजे ही दफ़्तर पहुँच गया. अपने कक्ष में न जाकर संपादकीय कक्ष में प्रवेश कर गया. आश्चर्यचकित रह गया मैं. मैंने देखा कि तैयार पन्नों में रेखांकन का काम भी हो चुका था!
मैंने रेमंड से पुछा- मेहता जी आये थे क्या❓उसने कहा – नहीं तो सर. उसी वक़्त स्नान कर विनोद राज पहुँच गये. सर,रेखाचित्र खींच कर पन्नों पर सेट कर दिया है यदि आप को पसंद हो तो चिपका दूं.
मैं उनका चेहरा निहारता रह गया और बोला- कलाकार जी आप सोये नहीं रात भर! वो बोले – बड़ी मच्छड़ न काट रहा था सर. सोचे कि मच्छड़ का इंजेक्शन लेने से बेहतर है रेखाचित्र खींच डालूं. रोमांच में मैंने कवि जी को भींच लिया.
कृशकाय युवक विनोद राज उसके बाद मेरे सहकर्मी से अनन्य बन गये.
मेरे साथ ऐसा नाता जुड़ा कवि जी का जो सहोदरों में भी नहीं मिलता.
मेरे साथ ही विनोद राज विशाखापट्टनम और हैदराबाद भी गये और लंबे समय तक उनकी पत्रकारिता और रचनाधर्मिता जारी रही.
2004-5 के आसपास वे झारखंड लौट आये और उनकी सृजन यात्रा जारी है. संप्रति +2 विधालय में अपनी सेवायें दे रहे मेरे कवि जी कब विनोद राज से डाॅ. विनोद राज विद्रोही बन गये पता ही नहीं चला. विभिन्न प्रकाशनों से सैकड़ों पद्य और गद्य रचनाओं को आंचलिक शैली में मूर्त कर चुके मेरे अनन्य कवि जी की नवीनतम रचना को पढ़ मैं स्वयं को रोक नहीं पाया और बेबाक ले हाज़िर हो गया.
(लेखक झारखण्ड के जाने-माने स्तंभकार हैं….लेख में दिए गए विचार उनके निजी हैं..)

‘राज्यसभा के अंदर पहली बार हुई सांसदों की पिटाई’

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सांसदों को पीटने के लिए बाहर से लोग बुलाए गए- राहुल गांधी
सांसदों को पीटने के लिए बाहर से लोग बुलाए गए- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने विपक्ष के साझा मोर्चे के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि पहली बार राज्यसभा के  अंदर सांसदों की पिटाई की गई, बाहर से लोगों को बुलाया गया । राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर  आरोप लगाते हुए कहा कि संसद के  अंदर मार्शल ला लगा दिया गया है । हम अपनी बात नहीं रख सकते । ये लोकतंत्र की हत्या है ।

विपक्षी दलों के मार्च में दर्जन भर पार्टियां शामिल 

इइससे पहले विपक्षी दलों के साझा मार्च में 12 दलों ने हिस्सा लिया । मार्च में शामिल राजद नेता मनोज झा ने कहा कि मोदी और शाह की सरकार ताकत के जोर पर देश की 60 फीसद आबादी की आवाज दबाना चाहती है । पर हम यह होने नही देंगे । हम किसानो,  मजदूरों और गरीबों की लड़ाई लड़ते रहेंगे ।

मार्शल और मारपीट कर हमें चुप नहीं किया जा सकता – संजय राउत 

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि संसद के अंदर मार्शल हमारे पीछे खड़े कर दिए गए हैं । वे हमें विरोध करने नहीं दे रहे । हमने पेगासस जासूसी का मुद्दा उठाया,  हमने किसानो का मुद्दा उठाया,  लेकिन सरकार जवाब देने की बजाय डरा कर हमें खामोश कराना चाहती है ।

मंत्री बनने के बाद पहली बार 15 अगस्त को रेल मार्ग से कोडरमा आएंगी अन्नपूर्णा देवी

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16 से 19 अगस्त तक निकलेगी जनआशीर्वाद यात्रा
16 से 19 अगस्त तक निकलेगी जनआशीर्वाद यात्रा

केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिक्षा राज्यमंत्री बनने के बाद पहली बार श्रीमती अन्नपूर्णा देवी 15 अगस्त को रेल मार्ग से अपना संसदीयक्षेत्र कोडरमा पहुँच रही है। 16 अगस्त से प्रदेश के 9 जिलों में आयोजित जनआशीर्वाद यात्रा में वे शामिल होंगी। यात्रा में विभिन्न स्थानों पर,राजमार्गों पर पार्टी के कार्यकर्ताओं एवम आम जनता के द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा।

*प्रदेश कार्यालय ,रांची में 17 अगस्त की शाम होगा स्वागत कार्यक्रम*

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का होगा भव्य स्वागत
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का होगा भव्य स्वागत

भाजपा सर्वस्पर्शी,सर्वव्यापी और सर्व ग्राह्यता की पक्षधर है।यह बात न सिर्फ पार्टी स्तर पर बल्कि भाजपा की सरकार में भी झलकती है। सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास भाजपा का मंत्र है।अंत्योदय से सर्वोदय की विकास यात्रा पर भाजपा आगे बढ़ रही है। यह बात भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कही।

आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी जब ऐसा कहती है तो यह केवल हमारी बातों में नही बल्कि व्यवहार में भी दिखता है।भारत के यशस्वी प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने अपने कार्यकाल प्रारंभ में ही यह संकल्प व्यक्त किया था कि हमारी सरकार,गांव,गरीब किसान को समर्पित रहेगी। यह संकल्प हमारी सरकार की विभिन्न योजनाओं ने स्पष्ट दिख रहा है।

फूलों का गुलदस्ता है केंद्रीय मंत्रिमंडल : आदित्य साहू

उन्होंने कहा कि उसी प्रकार सरकार के प्रतिनिधित्व में भी सर्वस्पर्शी, सर्व व्यापी और सर्व ग्राह्य का भाव स्पष्ट झलक रहा है।मंत्री मंडल विस्तार में सम्पूर्ण भारत समाया हुआ है।सभी जाति, क्षेत्र का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्रीमंडल में सुनिश्चित किया गया है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में अगड़ी ,पिछड़ी,दलित, आदिवासी,महिला,युवा सभी के सहयोग से नए भारत के संकल्प को पूरा करने की स्पष्ट झलक दिख रही है। कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल विभिन्न रंगों के फूलों का गुलदस्ता है। उन्होंने  कहा कि पहली बार महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी हुई है। पूर्वोत्तर के राज्यों से भी बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

झारखंड के पिछड़ी जातियों की भागीदारी सुनिश्चित की

आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड राज्य से भी ओबीसी समाज की महिला,जुझारू,अनुभवी नेत्री और कोडरमा सांसद श्रीमती अन्नपूर्णा देवी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान देकर झारखंड प्रदेश एवं पिछड़ी सामज को बड़ा स्थान देने का काम किया गया है।इससे न सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं में वल्कि झारखंड की जनता और सम्पूर्ण पिछड़ा समाज मे खुशी की लहर है।

*जनआशीर्वाद यात्रा कार्यक्रम* पर विस्तार से जानकारी देते हुए प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने बताया कि *16 अगस्त* को झारखंड निर्माता ,भारत रत्न ,पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन करने के बात श्रीमती अन्नपूर्णा देवी जी जन आशीर्वाद यात्रा में शामिल होकर कोडरमा से प्रस्थान करेंगी। बरही,पदमा, इचाक होते हुए वे शाम को हजारीबाग पहुचेंगी।

17 अगस्त को हजारीबाग से रांची 

रात्रि विश्राम हजारीबाग में करने के बाद *17 अगस्त* को चरही, मांडू, कुजू, रामगढ़,ओरमांझी,मेसरा होते हुए शाम 4बजे रांची प्रदेश कार्यालय रांची पहुचेंगी जहाँ प्रदेश भाजपा की ओर से स्वागत कार्यक्रम आयोजित है। रात्रि विश्राम रांची परिसदन में होगा।

18 अगस्त को बोकारो-धनबाद 

श्री साहू ने बताया कि *18 अगस्त* को श्रीमती अन्नपुर्णा जी रांची से गोला, पेटरवार, बोकारो नया मोड़, चास मोड़ ,कतरास होते हुए बैंक मोड़ धनबाद पहुचेंगी। रात्रि विश्राम धनबाद में होगा।

19 अगस्त को गिरिडीह जिला 

आदित्य साहू ने बताया कि जन आशीर्वाद यात्रा के अंतिम दिन *19 अगस्त* को अन्नपुर्णा जी धनबाद से गिरिडीह के लिये प्रस्थान करेंगी। रास्ते मे उनका गोविंदपुर,टुंडी,अहिल्यापुर मोड़,अजीडीह मोड़,बड़ा चौक,गिरिडीह में स्वागत होगा। रात्रि विश्राम गिरिडीह सर्किट हाउस में होगा।

राहुल गांधी के बाद रणदीप सुरजेवाला सहित कांग्रेस के कई नेताओं का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड

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अजय माकन और सुष्मिता देव का अकाउंट भी सस्पेंड किया गया
अजय माकन और सुष्मिता देव का अकाउंट भी सस्पेंड किया गया

राहुल गांधी का ट्विटर अकाउंट अस्थायी तौर पर निलंबित किये जाने के बीच कांग्रेस ने बुधवार देर रात दावा किया कि रणदीप सुरजेवाला समेत पांच वरिष्ठ नेताओं के अकाउंट के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है.

पार्टी ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन, लोकसभा में पार्टी के सचेतक मनिकम टैगोर, असम प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव के ट्विटर अकाउंट निलंबित कर दिए गए हैं.

राहुल गांधी ने ट्विटर पर रेप पीड़िता के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट कर पीड़िता की पहचान सार्वजनिक की थी

दरअसल, दिल्ली कैंट से सटे इलाके में नाबालिग दलित बच्ची की कथित तौर पर रेप के बाद हत्या से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी ने न्याय की मांग करते हुए बच्ची के माता-पिता के साथ अपनी तस्वीर ट्वीट की थी. राहुल गांधी के ट्वीट के खिलाफ राष्ट्रीय बाल आयोग की शिकायत के बाद ट्विटर ने ना केवल राहुल गांधी का ट्वीट हटा दिया बल्कि उनके अकाउंट पर अस्थाई रोक भी लगा दी. ट्विटर के जरिए रोजाना मोदी सरकार पर हमला करने वाले राहुल गांधी पाबन्दी के कारण दो दिनों से ट्वीट नहीं कर पाए हैं.

रणदीप सुरजेवाला ने उसी तस्वीर को ट्वीट कर पीएम मोदी पर किया था वार

आपको बता दें, मामले पर कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने राहुल गांधी द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा- “मोदी सरकार दलित की बेटी को न्याय देने की बजाय, हमदर्दी व न्याय मांगने वाली बुलंद आवाज़ को दबाने का षड़यंत्र कर रही है. मोदी जी, #Twitter को डरा कर, श्री राहुल गांधी का अकाउंट बंद करा कर भी बेटी से न्याय की आवाज़ नही दबा पाएंगे. ट्विटर को दबाएं या FIR दर्ज कराएं, न्याय देना होगा.”

12 August 2021

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झारखंड में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27% जल्द

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कांग्रेस झारखंड में भी जातीय जनगणना की मांग करती है - रामेश्वर उरावं
कांग्रेस झारखंड में भी जातीय जनगणना की मांग करती है – रामेश्वर उरावं

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति डॉ0 रामेश्वर उरांव ने पिछड़ों को आरक्षण के मसले पर संविधान संशोधन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का यह प्रारंभ से ही स्पष्ट तौर पर मानना है कि समाज के पिछड़े, दबे-कुचले और वंचित समूहों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष छूट दी जाए। इसी सोच के तहत आजादी के बाद कांग्रेस और संविधान सभा के सदस्यों ने सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने का प्रावधान किया था। अब संसद से पारित हो जाने के बाद पिछड़ा वर्ग सूची के निर्धारण में राज्यों को बड़ी जिम्मेवारी मिल जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरांव ने रांची में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि चुनाव के वक्त ही पार्टी की ओर से यह साफ कहा गया था कि सत्ता में आने पर पिछड़ा वर्ग को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, पार्टी अब भी अपने इस स्टैंड पर कायम है और इस संबंध में मुख्यमंत्री से वे विचार-विमर्श के बाद करेंगे और राज्य सरकार जल्द ही इस दिशा में आवश्यक निर्णय लेगी।

डॉ0 उरांव ने कहा कि पूव में भी समय-समय पर विभिन्न जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की जा रही है और पूर्व में राज्य सरकार इस संबंध में अपनी सिफारिश को केंद्र सरकार को भेजती थी और जल्द फैसला नहीं हो पाता था, लेकिन अब ओबीसी में विभिन्न जातियों को शामिल करने की छूट मिलने से राज्य सरकार जनआकांक्षा के मुताबिक निर्णय ले पाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी जातीय जनगणना की भी मांग करती है। वर्ष 2011 में भी जातीय जनगणना हुई थी, लेकिन बाद में इसे रिपोर्ट को जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछड़ा वर्ग को सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक अधिकार दिलाने के निरंतर प्रयासरत है।

जातीय जनगणना के साथ हो सरना धर्म की भी जनगणना

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झामुमो ने केंद्र से राज्य में जातीय और धार्मिक जनगणना कराये जाने की मांग की है. बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार ने ओबीसी के निर्धारण की प्रक्रिया का दायित्व वापस राज्य सरकारों को सौंपा है. उनकी पार्टी ने मंगलवार को सदन में इस संविधान संशोधन का स्वागत भी किया. वर्तमान समय में केंद्रीय व्यवस्था पर जो चोट लगातार की जा रही थी, उस पर अल्प विराम लगा है.

जातीयजनगणना के साथ हो सरना धर्म मानने वालों की गणना- झामुमो
जातीयजनगणना के साथ हो सरना धर्म मानने वालों की गणना- झामुमो

केंद्र को चाहिए कि वह राज्य में जातीय जनगणना के साथ-साथ धार्मिक जनगणना भी कराये. दोनों के लिए स्पष्ट तौर पर प्रावधान करे. राज्य में बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग रहते हैं.

उनके धार्मिक अनुष्ठान, आस्थाएं दूसरे धर्मों से अलग हैं. उनके लिए सरना धर्म कोड का प्रावधान 2021 की जनगणना में तय हो.

आरक्षण समाप्त करने में लगी केंद्र सरकार

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि 2011 में जनगणना हुई थी. 2014 में संपूर्ण सूची बन कर तैयार हुई. 2015 में तत्कालीन मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि इसका प्रकाशन शीघ्र करेंगे. 2018 में तत्कालीन सरकार के मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसे दोहराया. लेकिन मामला दब कर रह गया. 2021 की जनगणना प्रारंभ होने जा रही है.

अबकी कॉलम में जाति जनगणना का कोई स्थान ही नहीं दिया गया. धर्म को आधार बनाया गया है. इससे केंद्र की मनुवादी सोच झलकती है. जब जातियों की जनगणना ही नहीं होगी तो यह बेईमानी साबित होगा.

जब पता ही नहीं चलेगा कि किस जाति की संख्या कितनी है तो नौकरी, शिक्षा में उन्हें लाभ कैसे दिया जा सकेगा. केंद्र की मंशा साफ है कि आरक्षण ही समाप्त हो जाये ताकि पिछड़े लोग मुख्य धारा से अलग हो जायें.

खत्म हो 50 फीसदी की सीमा

केंद्र सरकार को 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा को समाप्त करना चाहिए. स्पष्ट तौर पर कहना चाहिए कि राज्य अपने सामाजिक, भौगोलिक बनावट के आधार पर आरक्षण दे. पर केंद्र इसमें घालमेल करने जा रही है.

जातीय जनगणना से केंद्र ने खुद को अलग रखने का फैसला लिया है. लोगों के मन में जिज्ञासा हो रही कि जिस तेजी से सरकारी उपक्रमों का निजीकरण हो रहा, उससे उनके लिये आरक्षण प्रावधानों की उपयोगिता ही संकट में आ जायेगी.

किसानों के लिए 3 काले कानूनों को अध्यादेश के जरिये पास कराया गया. किसानों की हजारों एकड़ जमीन पर गोदाम बन कर तैयार हो गये. इसी तरह अब आरक्षण के मसले पर संकट आ सकता है.

राज्य प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों का तबादला

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राज्य प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों का तबादला
राज्य प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों का तबादला

राज्य सरकार झारखंड प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों का स्थानांतरण-पदस्थापन किया है. इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गयी है. मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव राजकुमार गुप्ता को स्थानांतरित करते हुए संयुक्त सचिव सूचना प्रौद्योगिकी विभाग रांची के पद पर पदस्थापित किया गया है. गुप्ता अपने कार्य के साथ विशेष कार्य पदाधिकारी जैप आईटी रांची के अतरिक्त प्रभार में भी रहेंगे.

संयुक्त सचिव स्वास्थ्य विभाग जलेश्वर महतो को स्थानांतरित करते हुए संयुक्त सचिव परिवहन विभाग के पद पर पदस्थापित किया गया. अवर सचिव कार्मिक राज महेश्वरम को स्थानांतरित करते हुए एसडीओ गढ़वा बनाया गया. बीडीओ गिद्धौर पूनम कुजूर की सेवा ग्रामीण विकास से लेते हुए उन्हें एसडीओ बरही बनाया गया.

रांची में सक्षम प्राधिकार प्रेम कुमार तिवारी को स्थानांतरित करते हुए एसडीओ धनबाद बनाया गया. अवर सचिव स्वास्थ्य राम नारायण सिंह को स्थानांतरित करते हुए एसडीओ रंका के पद पर पदस्थापित किया गया. कार्यपालक दंडाधिकारी गढ़वा चंद्रजीत सिंह को स्थानांतरित करते हुए कार्मिक विभाग में योगदान करने को कहा गया.

कार्यपालक दंडाधिकारी रांची सदर राकेश रंजन को स्थानांतरित करते हुए सहायक निदेशक डॉ रामदयाल मुंडा जनजाति कल्याण शोध संस्थान रांची के पद पर पदस्थापित किया गया. एसडीओ गढ़वा जियाउल अंसारी को स्थानांतरित करते हुए कार्मिक विभाग का अवर सचिव बनाया गया.

एसडीओ बरही अनिल कुमार यादव को स्थानांतरित करते हुए उन्हें अवर सचिव वित्त विभाग के पद पर पदस्थापित किया गया. एसडीओ धनबाद सुरेंद्र कुमार को स्थानांतरित करते हुए उन्हें अवर सचिव पर्यटन विभाग में पदस्थापित किया गया.

एसडीओ रंका राजेश कुमार लिंडा को स्थानांतरित करते हुए अवर सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय में निगरानी विभाग के पद पर पदस्थापित किया गया है.

इनके अलावा, राज्य सरकार ने पदस्थापन के लिए प्रतीक्षारत भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आलोक कुमार को अगले आदेश तक बंशीधर नगर का एसडीओ बनाया है.

टोक्यो ओलंपिक में सलीमा टेटे और निक्की प्रधान के शानदार प्रदर्शन पर राज्यवासियों को गर्व

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दोनों खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए का चेक, स्कूटी, लैपटॉप और स्मार्ट फोन
दोनों खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए का चेक, स्कूटी, लैपटॉप और स्मार्ट फोन और शहर में इच्छानुसार मकान

जहां हर दिन जीविका को लेकर चुनौतियों से जूझना पड़ता है । वहां सीमित संसाधनों के बीच यहां के बेटे-बेटियां आज खेल  की दुनियां मे अपने शानदार प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रौशन कर रहे हैं । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली सलीमा टेटे और निक्की प्रधान के सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही । मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही मेडल जीतने से चूक गई हो, लेकिन इन्होंने दुनिया के बेहतरीन हॉकी खेलने वाले देशों के खिलाफ जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह किसी मेडल से कम नहीं है ।  झारखंड समेत पूरे देशवासियों को इनपर गर्व है ।

खिलाड़ियों को सम्मानित किया

 मुख्यमंत्री ने इस समारोह में निक्की प्रधान और सलीमा टेटे को 50-50 लाख रुपए का चेक, एक-एक स्कूटी, लैपटॉप और स्मार्ट फोन प्रदान कर सम्मानित किया । मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि इन दोनों  को उनकी इच्छा के मुताबिक वाले शहर  में लगभग तीन हजार स्क्वायर फीट का मकान सौगात के रुप में सरकार देगी ।

खेल और खिलाड़ियों के हित में उठाए जा रहे कई कदम

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब खेलों में भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस दिशा में खेल और खिलाड़ियों के हित में सरकार चरणबद्ध तरीके से कदम उठा रही है. अभी तो शुरुआत है और आने वाले दिनों में और तेजी आएगी. राज्य गठन के बाद पहली बार खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई. राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़यों की सीधी नियुक्ति हो रही है. अबतक चालीस खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा चुका है ।

इन बेटियों की चमक के आगे चमचमाती गाड़ियों में घूमने वालों की चमक फीकी

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य के खिलाड़ी कठिन परिश्रम और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. मुझे लगता है कि ये दो बेटियां जिस तरह हॉकी में अपना परचम लहरा रही हैं, उसके सामने सड़कों पर चमचमाती गाड़ियों में घूमनेवालों की चमक काफी फीकी है. खिलाड़ी राज्य और देश के सम्मान के लिए अपना सबकुछ झोंक देते हैं. ऐसे खिलाड़ियों पर हमें नाज है.

 खिलाड़ियों को सरकार से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के खिलाड़ियों को व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश शुरू कर दी गई है. सुश्री निक्की प्रधान और सुश्री सलीमा टेटे समेत अन्य खिलाड़ियों को सम्मानित करने का मकसद इन्हें व्यवस्था में रखने के लिए किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हॉकी स्टिक पर इन दोनों खिलाड़ियों के लिए शुभकामना संदेश लिखा तो निक्की प्रधान और सलीमा टेटे ने ऑटोग्राफ दिए।

OBC आरक्षण को लेकर राज्‍यों को मिलेगा अधिकार, विधेयक राज्‍यसभा में भी हुआ पास

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Delhi। ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) जातियों की पहचान करने और सूची बनाने का राज्यों का अधिकार फिर से बहाल होगा। ओबीसी आरक्षण को लेकर राज्‍यों को अधिकार देने वाला विधेयक राज्‍यसभा में भी पास हो गया। इसके बाद राष्‍ट्रपति द्वारा पास होने पर यह विधेयक कानून बन जाएगा। इससे पहले लोकसभा ने मंगलवार को 127वें संविधान संशोधन के जरिए ओबीसी से जुड़े इस विधेयक को भारी बहुमत से पारित कर दिया था। लोकसभा में विधेयक के पक्ष में 385 मत पड़े जबकि विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा। इस सर्वसम्मति के बावजूद चर्चा के दौरान राजनीति खूब हुई और पक्ष और विपक्ष की ओर से यह जताने की कोशिश भी कि दूसरे पक्ष ने ओबीसी की चिंता नहीं की।

 

127वां संविधान संशोधन विधेयक बहुमत से पारित

राज्यों के अधिकार बहाली से जुड़े इस संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि इस विधेयक से संघीय व्यवस्था मजबूत होगी। राज्यों को फिर से उनके अधिकार मिलेंगे। जिसमें वे पहले की तरह ओबीसी जातियों की पहचान कर सकेंगे और उनकी सूची भी तैयार कर सकेंगे। ओबीसी के हित में वह और बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे।

भाकपा माओवादी के सक्रिय सदस्य गिरफ्तार

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गारू थाना पुलिस ने भाकपा माओवादी के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर भेजा लातेहार मंडल कारा

लातेहार (गारू) । पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार गारू प्रभारी रंजीत कुमार यादव ने छापामारी अभियान चलाकर भाकपा माओवादी के सक्रिय सदस्य मिथलेश कुमार यादव उर्फ विपल्व को गारू थाना क्षेत्र के माङोमार सुरकुमी के जंगल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस अभियान में गारू थाना पुलिस समेत सीआरपीएफ 214 बटालियन के जवान शामिल थे। गिरफ्तार माओवादी के विरूद्ध मनिका, चंदवा, छिपादोहर एवं गारू थाना में लगभग नौ मामले में पुलिस को तलाश थी। पुलिस के लिए ये बङी सफलता है। गिरफ्तार भाकपा माओवादी मिथलेश कुमार यादव मनिका थाना क्षेत्र के कुई गांव का रहने वाला है।

 

 

पब्लिक सेक्टर के निजीकरण से समाप्त हो जाएगा आरक्षण

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बाप-दादा की संपत्ति बेचकर घर चलाने वाला बेटा नालायक - विजय हांसदा
बाप-दादा की संपत्ति बेचकर घर चलाने वाला बेटा नालायक – विजय हांसदा

नीरज कुमार जैन

साहिबगंज । राजमहल लोकसभा सांसद विजय हांसदा ने सदन में 127वें संशोधन विधेयक का झामुमो की ओर से समर्थन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और उसके बाद सरकार ने जो कदम उठाया है, उसके लिए विधेयक का समर्थन कर रहा हूँ। लेकिन इसमें एक बात मैं पूर्व से ही इस सदन में इसे रखते आ रहा हूँ। सत्ता पक्ष में बैठे लोग भी जो इस सदन में अपनी बातों को नहीं रख पा रहे हैं, मैं उनकी ओर से भी इस बात को रख रहा हूँ। आरक्षण की स्थिति को लेकर सरकार इतनी खुशी क्यों मना रही है। जब सभी पब्लिक सेक्टर को निजीकरण कर दीजिएगा तो उसके बाद आरक्षित कोटे का कोई फायदा ही नहीं होगा। तो आखिर में निजी क्षेत्रों में भी इसका क्या फायदा होने वाला है। इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।

जब सारे पब्लिक सेक्टर यूनिट का निजीकरण कर देंगे तो आरक्षण से क्या फायदा? 

राजमहल सांसद विजय हांसदा ने कहा कि इस मामले को लेकर मैंने पूर्व में सरकार से जवाब भी मांगा था। जहां सरकार से सिर्फ एक लाइन का जवाब आया कि इस निजीकरण से आरक्षण की स्थिति पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। लेकिन मैं चाहता हूं कि इसका विस्तृत जवाब दिया जाए कि आखिर में किस प्रकार सभी निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू रहेगा। सभी सेक्टर को निजी करण कर देने से आरक्षण कोटा में रहने के बाद भी कोई फायदा मिलने वाला नहीं है।

इनका बस चले तो संसद और विधानसभा का भी निजीकरण कर दें

हमारे गांव में एक कहावत है कि कोई बेटा यदि बाप दादा की संपत्ति को बेच कर अपना परिवार चलाएं तो उसे नालायक बेटा कहा जाता है। इस देश के निर्माताओं ने जो इतने दशकों में अनेकों संस्थाने बनाई और मजबूती दी, उसको आप लगातार बेचते जा रहे हैं। आप इस देश के लिए लायक बेटा साबित हो रहे हैं या नालायक इसे आपको भी समझने की जरूरत है। निजीकरण के क्षेत्र में सरकार की स्थिति को देखते हुए मुझे तो ऐसा लगता है कि संसद और विधानसभा का जो क्षेत्र है कुछ दिनों के बाद कहीं इसका भी निजी करण न कर दिया जाए।

आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड की मांग 

आगे सासंद हांसदा ने सदन में कहा कि मैं अपने झारखंड सरकार द्वारा केंद्र को भेजी गई एक मांग को रखना चाहता हूं। हमारे वहां आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड सरना कोड और आदिवासी कोड बोलकर हेमंत सोरेन की सरकार की ओर से केंद्र सरकार को भेजी गई है। इस कोड को लेकर पूर्व में मैंने भी केंद्र सरकार को लिखकर दिया था। जिसमें मुझे कहा गया कि यह संभव नहीं है, क्योंकि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग आदिवासी अपने-अपने कोड की मांग कर रहे हैं। मेरा सरकार से यह निवेदन है कि आप उन राज्यों में जहां से आदिवासी धर्म कोड की बात हो रही है, सभी को मिलाकर एक यूनिक धर्मकोड बनाने की मांग हम अपनी पार्टी की तरफ से करते हैं।

सोनाहातू: जनहित में अतिशीघ्र हो हारिन घाट पर बने पुल का निर्माण: मनोज

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सोनाहातू। भाजपा बारेंदा मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार महतो एंव अन्य पदाधिकारीयो के द्वारा के द्वारा कांची नदी हारिन घाट पर बने पुल जो उदघाटन के वक्त से ही दयनीय स्थिति पर था। साथ ही बालू माफिययो की मिलीभगत से प्रशासन के द्वारा जान बूझ कर नदी के बालु का दोहन किया जाता रहा। पिछले दिन की बारिश की वजह से पुल पूरी तरह झुक गया।जिस वजह से सोनाहातू पुलिस जन सुरक्षा के मध्येनजर रास्ता को बेरिकेडिंग के साथ-साथ मिट्टी डाल के आवागमन को रोक दिया गया। श्री महतो ने कहा कि ये जो रास्ता है ये सोनाहातू प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र की एक मात्र रास्ता है जिसे यहाँ के लोग रांची सोनाहातू एंव बाहर आ जा सकते है, पर रास्ता को रोक देने पर यहाँ की जनता को बाहर निकलना भारी मुश्किल हो गया है अब सोनाहातू प्रखंड जाने के लिए हारीन समेत अन्य गाओ को लगभग 40 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके जाना होगा।जिसे ग्रामीण काफी नाराज एंव आक्रोशित नजर आ रहे है।

हेमंत सरकार का विफलता है, पुल का निर्माण पूरा न होना

वही मनोज कुमार महतो ने कहा कि ये हेमंत सरकार की विफलता का ही कारण है, जो कि वर्षो पहले नया पल निर्माण के लिये शिलान्यास होने के वाबजूद आज तक पुल निर्माण का कार्य पूरा नही हो पाया है। श्री महतो ने झारखंड सरकार से जनहित में इस पुल का निर्माण अतिशीघ्र कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक पुल निर्माण का कार्य पूरा नही होता जन समस्याओं का समाधान के लिये सोनाहातू पूर्वी बारेंदा मंडल के पंचायत सचिवालय में सप्ताह में तीन दिन सभी प्रखंड कार्यालय के पदाधिकारी नियमित रूप से बैठे जिसे आम-जन मानस को परेशानियों का सामना करना न पड़ें। मौके पर भाजपा बारेंदा मंडल के महामंत्री पद्दोलोचन महतो,पूर्व अध्यक्ष नेहरू महतो अजित महतो मगध महतो मृत्युंजय महतो नरसिंह दास,चैतन्य मुंडा एंव कोई लोग उपस्थित थे।

अनुतीर्ण छात्रों के साथ न्याय करे झारखंड अधिविद्य परिषद : भाजपा

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भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने जैक कार्यालय में अध्यक्ष से की मुलाकात
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने जैक कार्यालय में अध्यक्ष से की मुलाकात

भाजपा झारखंड के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जैक कार्यालय में अध्यक्ष से मुलाकात कर इंटर में अनुतीर्ण छात्र ,छात्राओं की समस्याओं पर सहानुभति पूर्वक विचार करते हुए त्वरित समाधान का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता एवम विधायक सीपी सिंह, प्रदेश महामंत्री डॉ प्रदीप वर्मा एवम धनबाद के विधायक राज सिन्हा शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने जैक अध्यक्ष को बताया कि राज्य के 34,000 छात्र छात्राओं का अनुतीर्ण होना दुर्भाग्यजनक है।

अनुतीर्ण छात्र परीक्षा परिणाम से हताश और निराश हैं। कोरोना के कारण छात्र छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। छात्रों एवम अभिभावकों में उनके भविष्य को लेकर बड़ी चिंता है। इसलिये परीक्षा परिणाम में सुधार केलिये सहानुभूति पूर्वक विचार करने की आवश्यकता है।

जैक अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को छात्र हित में त्वरित समाधान देने का आश्वासन दिया है।