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जमशेदपुर और दुमका में बलात्कार की घटनाओं से पूरे प्रदेश में आक्रोश

कोल्हान हो या संथाल…बलात्कार की घटनाओं ने पूरे झारखण्ड में दहशत फैला रखी है। जमशेदपुर में 30 वर्षीय महिला को दरिंदे जबरदस्ती उसके घर में घुसते हैं, 6 लोग बारी-बारी से उसका रेप करते हैं, उसका मोबाइल तक छीन कर भाग जाते हैं। वहीं उप-राजधानी दुमका में पांच साल की बच्ची के साथ उसके ही पड़ोसी ने दुष्कर्म किया…अफसोस कि दिल्ली में बच्ची के रेप पर तो हम खूब बयानबाजी करते हैं, लेकिन अपने ही प्रदेश के एक के बाद एक हो रही रेप की घटनाओं पर चुप्पी साध लेते हैं।
जमशेदपुर में घर में घुसकर 6 लोगों ने किया महिला से रेप
जमशेदपुर की 30 साल की महिला ने एमजीएम थाने में लिखित शिकायत में बताया है कि वह घर पर अकेली थी । इस दौरान 6 लोग घर में घुस गए और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया । बाद में पीड़िता का मोबाइल छीनकर भाग गए । घटना 11 अगस्त की बताई जा रही है ।महिला शादीशुदा है। शुक्रवार को एमजीएम अस्पताल में पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया है, जिसमें रेप की पुष्टि हुई है।
दुमका में पांच साल की बच्ची से इस्माईल ने किया रेप
पुलिस को दिए गए आवेदन में पीड़िता की मां ने बताया कि आठ अगस्त की दोपहर को उसकी पांच साल की बेटी घर के बाहर खेल रही थी । पड़ोस में रहने वाला 20 वर्षीय आरोपी चाकलेट के बहाने बेटी को अपने घर ले गया । वहां उसके साथ गलत काम किया । करीब आधा घंटा के बाद बेटी रोती हुई घर आई । रोने का कारण पूछा तो कुछ नहीं बताया । यह सोचकर चोट लग गई होगी, ज्यादा ध्यान नहीं दिया । अगले दिन बेटी चिल्ला-चिल्ला कर रोने लगी, जब रोने का कारण पूछा तो बताया कि इस्माइल ने उसके साथ गलत काम किया । जब आरोपी के घर जाकर पूछा तो घरवालों ने कहा कि मामले को पंचायत में सुलझा लिया जाएगा ।
झारखण्ड में पिछले साल 1300 रेप
दिसंबर 2020 तक पिछले साल झारखण्ड में कुल 1300 रेप के मामले दर्ज किए गए । ये झारखण्ड सरकार के आंकड़े हैं। झारखण्ड पुलिस की वेबसाइट बताती है कि इस वर्ष जून महीने तक 157 रेप की घटनाएं दर्ज की गई हैं, लेकिन अनऑफिशियल सोर्स इससे ज्यादा बलात्कार की वारदात होने की बात कहते हैं। लेकिन ताबड़तोड़ हो रही घटनाओं के बावजूद झारखण्ड का सिविल समाज या विपक्षी दल इसे मुद्दा बनाने में अबतक नाकामयाब की रहे ।
बाबू रामनारायण सिंह ने दिया था संविधान सभा में ‘सेवक मंडल’ के गठन का सुझाव
उज्ज्वल दुनिया, रांची (अमरनाथ पाठक)। हजारीबाग भारत मां के वीर पुत्रों की धरती रही है। इतिहास इसका गवाह है। इस धरती पर एक से बढ़कर एक महापुरुष का जन्म हुआ, जिनका जीवन आजादी की लड़ाई में समर्पित रहा।
ऐसे ही एक व्यक्ति का नाम है बाबू रामनारायण सिंह, जिनकी जिंदगी का 10 वर्षों का काल अंग्रेजों के बनाए जेल में कटा।
यह जानकारी देते हुए उनके पौत्र सह विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के जनसंपर्क अधिकारी सह राजनीति विभाग में प्रोफेसर डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि आजादी के संघर्ष में पूरे झारखंड-बिहार में सबसे अधिक जेल की सजा काटने वाले व्यक्ति बाबू रामनारायण सिंह ही थे।
रामनारायण बाबू का जन्म 19 दिसंबर 1885 को वर्तमान चतरा जिले के हंटरगंज स्थित तेतरिया गांव में हुआ था।
गरीब परिवार में उनका जन्म हुआ था। उनकी पढ़ाई-लिखाई चतरा के जोरी, जिला स्कूल हजारीबाग और संत जेवियर्स कॉलेज कोलकाता और रिपन कॉलेज कोलकाता से हुई थी।
पटना से कानून की डिग्री 1916 में प्राप्त की और वहीं से वकालत शुरू की।
अंग्रेजी हुकूमत के अंतर्गत असिस्टेंट सेटलमेंट ऑफिसर पद पर नियुक्त हुए।
लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर नौकरी से त्यागपत्र देकर स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए।
असहयोग आंदोलन में शामिल होने की उन्हें सजा मिली। वर्ष 1920-21, 1922-24, 1930-31, 31-32, 32-34, 1940, 1942-44 में जेल की सजा काटी।
भागलपुर और हजारीबाग केंद्रीय कारागार में लंबे समय तक बंद रहे।
जेल में ही डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ श्रीकृष्ण सिंह, डॉ हरिकृष्ण महताब, डॉ रामसुभग सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का सानिध्य मिला।
बाबू रामनारायण सिंह 1927 से 1947 तक लगातार केंद्रीय विधान परिषद और केंद्रीय विधानसभा के सदस्य रहे।
पंडित मोतीलाल नेहरू, विट्ठल भाई पटेल, पं. मदन मोहन मालवीय समेत कई राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का साथ केंद्रीय विधानसभा में मिला।
डॉ सुशीला मिश्रा की पुस्तक ‘फ्रीडम मूवमेंट इन छोटानागपुर’ और ‘डॉ केके दत्त की पुस्तक फ्रीडम मूवमेंट इन बिहार’ में इसकी विस्तार से चर्चा है।
वर्ष 1946 में वे संविधान सभा के सदस्य बने। संविधान सभा में उन्होंने सेवक मंडल के गठन का सुझाव दिया।
संविधान सभा की वाद-विवाद पंजी की पृष्ठ-639, 640 और 641 में इसका उल्लेख है।
उन्होंने अधिकतम पंचायती राज की वकालत की थी।
बाबू रामनारायण सिंह अंतरिम संसद के सदस्य थे।
1952 में जब प्रथम आम चुनाव हुआ था, तब हजारीबाग पश्चिमी लोकसभा क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के ज्ञानी राम को उन्होंने 18 हजार मतोें से पराजित किया था।
आजीवन कांग्रेसी रहे रामनारायण बाबू ने बापू के आह्वान पर कांग्रेस से त्यागपत्र दे दिया था।
1956 में उन्होंने ‘स्वराज्य लुट गया’ नामक एक पुस्तक लिखी थी, जिसकी सराहना लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने की थी।
उन्होंने इस पुस्तक को राजनीति की आचार संहिता कहा था।
रामनारायण बाबू का निधन 25 जून 1964 को चतरा सदर अस्पताल में हुआ था।
चतरा कॉलेज की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
उसी कॉलेज के काम से रांची जाने के क्रम में जीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
झारखंड सरकार ने आठवीं कक्षा के हिन्दी पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी को शामिल कर सच्ची श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है।
सरकार बहुत जल्द ₹10 में लूंगी, धोती, साड़ी योजना शुरू करने जा रही है

रांची । झारखंड प्रदेश दैनिक साफ-सफाई एवं घरेलू कामगार संघ द्वारा स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में आज दिनांक 13 अगस्त को प्रोजेक्ट बिल्डिंग के समक्ष आयोजित दैनिक मजदूर सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए झारखंड सरकार में वित्त सह खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब इस देश के सर्वोच्च पदों पर समाज का अंतिम व्यक्ति विराजमान होगा।
डॉ उराँव मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा देश की आजादी की लड़ाई में जिन्होंने भाग नहीं लिया वह हमारा इतिहास भूगोल बदलना चाहते ऐसा हम कतई होने नहीं देंगे । उन्होंने मजदूरों को कहा कि हम मुख्यमंत्री जी से बात करेंगे कि सभी मजदूरों को 30 दिन का वेतन मिलना चाहिए और मनरेगा मजदूरों की तरह उनका भी पैसा उनके खाते में जाना चाहिए। उन्होंने सभी मजदूरों को राशन कार्ड बनाने का आह्वान किया एवं कहा हमारी सरकार बहुत जल्द ₹10 में लूंगी, धोती, साड़ी योजना शुरू करने जा रही है, जिसका लाभ आप लोगों को मिलेगा । उन्होंने कहा सभी बूढ़ा- बूढ़ी को ₹1000 महीना पेंशन देने जा रहे हैं ताकि वे लोग बादाम, लट्ठों खरीद कर खा सकें।
स्वतंत्रता दिवस पर मजदूरों को सम्मानित करते हुए डॉ रामेश्वर उराँव ने कहा पहले की सरकार सेठ और पूंजीपतियों की सरकार थी अबकी सरकार गांव,गरीब,मजदूर ,किसानों की सरकार है इसलिए हम गंभीरता पूर्वक गांव की, गरीबों की, मजदूरों की,किसानों की बात करते हैं और उनको सामने रखकर योजना बनाते हैं ताकि गरीबों को उनका अधिकार मिल सके।
ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी का अमेरिका ट्रांसफर

नई दिल्ली । ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी का अमेरिका ट्रांसफर कर दिया गया है। वह अमेरिका में रेवेन्यू स्ट्रेटजी एंड ऑपरेशंस के सीनियर डायरेक्टर बनाए गए हैं जहां उनका जोर न्यू मार्केट्स पर होगा। ट्विटर और सरकार के बीच चली रही खींचतान में मनीश माहेश्वरी का नाम सुर्खियों में रहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी उन्हें एक मामले में तलब किया था।
ट्विटर के सीनियर एग्जीक्यूटिव यू सासामोतो ने ट्विटर पर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दो साल से अधिक समय तक हमारे भारतीय बिजनस के नेतृत्व के लिए मनीष माहेश्वरी को धन्यवाद। अमेरिका में न्यू मार्केट वर्ल्डवाइड के रेवेन्यू स्ट्रेटजी एंड ऑपरेशंस में नई भूमिका के लिए आपको बधाई। आपको ट्विटर के लिए इस अहम पद का नेतृत्व करते हुए देखकर उत्साहित हूं।
ईमेल के अनुसार भारत में ट्विटर की वर्तमान सेल्स हेड कनिका मित्तल और बिजनस हेड नेहा शर्मा कत्याल देश में ट्विटर इंडिया को मिल कर लीड करेंगी।
10 हजार या उससे ऊपर बिजली बिल बाकी है तो सावधान! 353 बकाएदारों के कटे बिजली कनेक्शन

रांची । बिजली निगम ने बिजली बिल बकाया वसूलने के लिए अभियान छेड़ दिया है। अगर आपका बिजली बिल बकाया 10 हजार या उससे ऊपर है तो फिर आपके घर की बिजली काटी जा सकती है। इसके तहतरांची के विभिन्न डिविजनों के अंतर्गत कुल 353 लोगों का कनेक्शन काटे गए । वहीं 45.98 लाख बकाया की वसूली भी की गयी ।
मालूम हो कि बिजली निगम द्वारा 10 हजार रूपए से उपर के बकाएदारों के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है । रांची जीएम पीके श्रीवास्तव ने कहा कि जिन्होंने भी अपना बिल पांच महीने से नहीं दिया है या फिर उनका बकाया 10 हजार से अधिक हो चुका है । वे अपना-अपना भुगतान किस्तों में भी करा सकते हैं । इसके लिए वे अपने संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं । अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो कनेक्शन काटा जाएगा ।
13 August 2021
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विभिन्न कॉलेज में रिक्त पदों को भरें : हेमन्त सोरेन

रांची । उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योजना बनानी होगी। अन्यथा हम राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दे सकेंगे। झारखण्ड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए कुलपति के साथ बैठक कर नियुक्ति में आ रही अड़चनों को यथाशीघ्र दूर करें। ताकि छात्रों की शिक्षा में किसी तरह की बाधा उत्पन्न ना हो। विभिन्न कॉलेजों में लाइब्रेरी की स्थिति ठीक नहीं है, उसे ठीक करें। ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। मुख्यमंत्री उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
राज्य के बच्चों को प्राथमिकता मिले
समीक्षा बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य में पीपीपी मोड पर स्थापित होने वाली संस्थानों की दिशा में किये गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थापित होने वाले निजी विश्वविद्यालयों या संस्थानों को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं से विभाग अवगत कराएं। यह तय हो कि इन संस्थानों/ विश्वविद्यालयों में झारखण्ड के अधिक से अधिक बच्चे पढ़ सकें।
बोकारो महिला कॉलेज की स्थिति सुधारें
मुख्यमंत्री में कहा कि बोकारो महिला कॉलेज की स्थिति सुधारें। सेल से वार्ता कर भवन लें और उस भवन में महिला कॉलेज को शिफ्ट करें। निर्मित अभियंत्रण कॉलेज के भवनों का उपयोग करें। जहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं हो रही है वहां उसे डिग्री कॉलेज की पढ़ाई में उपयोग करें। इससे पूर्व क्षेत्र के बच्चों की मांग का आंकलन अवश्य करें, तत्पश्चात निर्णय लें।
फौजी बुजुर्ग दंपत्ति की अपराधियों ने गला रेतकर की हत्या
फौजी बुजुर्ग दंपत्ति की अपराधियों ने गला रेता की हत्या
कमरे में पति तो किचन में पत्नी की खून से लथपथ मिली लाश

मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया)। पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में अपराधियों ने कल देर रात एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव के आप्त सचिव अरविंद कुमार के माता-पिता की घर में घुसकर हत्या कर दी गई है। घटनास्थल एमएमसीएच के समीप डाॅ. जीपी सिंह के क्लीनिक के बगल के गली में घटी है। घटना की सूचना मिलने के बाद शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।ं बाद में पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा, एसडीपीओ सुरजीत कुमार आदि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की विस्तार से जानकारी लेने के बाद घटना की सुराग को लेकर डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलवाया। फिलहाल हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
घटना रात में हुई या सुबह यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं है। बताया जाता है कि दोनों मृतकों का गला रेता गया है, घर में खून के छींटे के निशान भी बिखरे पड़े हैं। जानकारी के अनुसार बिंदेश्वरी राम के घर में प्रतिदिन साफ सफाई के लिए एक नौकर आता था। गुरुवार के अहले सुबह नौकर जब काम पर पहंुचा तो फौजी के घर का दरवाजा खुला देखा। उसने घर के अंदर जाकर देखा तो पाया कि घर के अंदर खून से सने फौजी राजेश्वर चंद्रवंशी(75) व उनकी पत्नी शर्मिला देवी(70) का शव बरामदे में पड़ा हुआ है। उसने मुहल्लेवासियों को सूचना देने के साथ ही तत्काल मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दी।
मौके पर पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि अपराधियों की मंशा हत्या करना ही था। घटनास्थल को देखने से प्रतीत होता है कि अपराधियों ने हत्या के इरादे से ही घटना को अंजाम दिया है। अलमारी और लॉक तोड़े हुए हैं, पुलिस सभी बिंदुओं पर अनुसंधान कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले में एसआइटी का गठन किया गया है और रांची से एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना का इंपैक्ट बता रहा है कि घर के अंदर हत्या करने की नियत से ही अपराधी घुसे थे। उन्होने कहा कि इस कांड को उन्होंने सर्वोच्च प्राथमिकता देकर छानबीन शुरू की है। एक्सपर्ट की टीम रांची से पहुंच रही है।
घटनास्थल से सारे एविडेंस कलेक्ट करने के बाद सील हटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि परिजनों से बुजुर्ग दंपति की रूटीन की जानकारी ली गई है। पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनकी रूटीन में क्या क्या था? कैसे लोगों से मिलना-जुलना होता था? किसी तरह की कोई पुरानी दुश्मनी थी या नहीं? उन्होंने कहा कि पूरे मामले को पारदर्शी तरीके से हैंडल किया जा रहा है। किसी कीमत पर आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में परिवार के साथ पुरानी दुश्मनी की आशंका से लेकर संपत्ति विवाद तक के एंगल को सामने रखकर जांच शुरू की गई है। इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी को सामने लाने में कुछ समय लगेगा। राजेश्वर राम चंद्रवंशी रिटायर सैनिक थे और पलामू में राजद के कद्दावर नेता रहे हैं।
घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि लूटपाट के दौरान घटना को अंजाम दिया गया है। फौजी राजेश्वर सिंह चंद्रवंशी के छोटे पुत्र अरविंद कुमार चंद्रवंशी झारखंड के मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यरत हैं। वहीं उनके के बड़े पुत्र अरुण कुमार चंद्रवंशी पलामू प्रमंडलीय आयुक्त के यहां कार्यरत है।

अरुण कुमार इससे पहले जिला जनसंपर्क कार्यालय में कार्यरत थे। घटना की सूचना मिलने पर राजेश्वर सिंह चंद्रवंशी के बड़े पुत्र अरुण कुमार सहित परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। घटना के बाद से परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर पहुंचे चंद्रवंशी समाज के लोगों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।








