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देश को मिल सकती है पहली महिला चीफ जस्टिस

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सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की नियुक्ति को कॉलेजियम की मंजूरी, इनमें 3 महिला जज भी शामिल
सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की नियुक्ति को कॉलेजियम की मंजूरी, इनमें 3 महिला जज भी शामिल

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जजों के 9 खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है । चीफ जस्टिस एन वी रमना की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कॉलेजियम की बैठक के बाद 9 जजों की नियुक्ति की सिफारिश केंद्र को भेजी गई है । इनमें 3 महिला जज हैं । साथ ही एक वरिष्ठ वकील की सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है ।

कौन-कौन से नाम भेजे गए हैं ?

तेलंगाना हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली

कर्नाटक हाई कोर्ट की जज जस्टिस बी वी नागरत्ना

गुजरात हाई कोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी

वरिष्ठ वकील पी एस नरसिम्हा को सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनाने की सिफारिश की गई है ।

कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ए एस ओका

गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ

सिक्किम हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जे के माहेश्वरी

केरल हाई कोर्ट के जज जस्टिस सी टी रविंद्रकुमार,

मद्रास हाई कोर्ट के जज एम एम सुंदरेश

अगर केंद्र इन सभी सिफारिशों को मान लेता है तो भविष्य में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बी वी नागरत्ना और पी एस नरसिम्हा भारत के मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं । अब तक सुप्रीम कोर्ट में कोई भी महिला चीफ जस्टिस नहीं हुई है । जस्टिस नागरत्ना के रूप में भारत को पहली महिला चीफ जस्टिस मिल सकती है ।

अफगानिस्तान से आए हिंदू और सिखों को अपने देश में देंगे शरण

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रक्षा मामलों की कैबिनेट कमीटी की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी
रक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी

मंगलवार देर शाम तक चली कैबिनेट किटी ऑन सेक्यूरिटी की बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार अफगानिस्तान में फंसे हर भारतीय को सुरक्षित अपने वतन वापस लेकर आएगी । इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान में फंसे हिंदू, सिख और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय को भारत सरकार अपने देश में शरण देगी। इसके लिए सिंगल पेज आवेदन पत्र दिया जाएगा । तालिबान से प्रताड़ित अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक भारत में शऱण ले सकते हैं ।

हर भारतीय को सुरक्षित वापस लाना हमारा कर्तव्य- विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सभी भारतीयों की अफगानिस्तान से सकुशल वापसी को लेकर प्रतिबद्ध है और काबुल हवाईअड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों की बहाली होते ही वहां फंसे अन्य भारतीयों को स्वदेश लाने का प्रबंध किया जाएगा। काबुल में भारतीय राजदूत और दूतावास के कर्मियों समेत 120 लोगों को लेकर भारतीय वायुसेना का एक विमान मंगलवार को अफगानिस्तान से भारत पहुंचा।

कौन-कौन थे मौजूद ?

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, अफगानिस्तान में भारत के राजदूत आर. टंडन सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

पुरुष और विवाहित महिला के बीच ‘लीव इन रिलेशनशीप’ अवैध

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हाइकोर्ट ने कहा कि महिला ने पहले पति से तलाक भी नहीं लिया है, ऐसे में लिव-इन पार्टनर के साथ रहना नाजायज
हाइकोर्ट ने कहा कि महिला ने पहले पति से तलाक भी नहीं लिया है, ऐसे में लिव-इन पार्टनर के साथ रहना नाजायज

राजस्थान हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति के विवाहित महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने को नाजायज रिश्ता करार दिया है। जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की सिंगल बेंच ने अपने फैसले में याचिकाकर्ताओं की ओर से सुरक्षा देने की मांग को खारिज करते हुए यह बात कही।

झुंझुनू जिले की 30 वर्षीय विवाहिता महिला और एक 27 वर्षीय शख्स की ओर से सुरक्षा की मांग को लेकर अर्जी दायर की गई थी। दोनों की ओर से पेश वकील ने कहा था कि वे वयस्क हैं और अपनी मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। अब इन दोनों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है ।

महिला का कहना था कि वह भले ही विवाहित हैं, लेकिन पति की क्रूरता का शिकार हैं और उसके चलते उससे अलग रहती हैं। वकील का कहना था कि दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं और इसके चलते उनकी जिंदगी को खतरा है। अकसर उन्हें जान से मारे जाने की धमकियां मिलती हैं। ऐसे में उनको पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान महिला के पति और उसके परिवार ने कहा कि यह रिश्ता नाजायज, समाजविरोधी और कानून के खिलाफ है। ऐसे में उन्हें किसी भी तरह का पुलिस संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

मामले की सुनवाई करते हुए जज ने आदेश दिया, ‘सभी दस्तावेजों से साफ है कि महिला पहले से ही विवाहित है। उसने अपने पति को तलाक नहीं दिया है और वह दूसरे शख्स के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है। ऐसी स्थिति में दोनों के बीच लिव-इन रिलेशनशिप का यह रिश्ता नाजायज है।’ जज ने उन्हें सुरक्षा दिए जाने से इनकार करते हुए कहा कि यदि ऐसा किया जाएगा तो यह इस तरह के अवैध रिश्ते को मंजूरी प्रदान करने वाला होगा।

अन्नपूर्णा की जन आशीर्वाद यात्रा…कितनी असरदार ?

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स्वामी सहजानंद सरस्वती को बार-बार याद करना, राष्ट्रीय यादव सेना की सक्रिय भागीदारी, चंद्रवंशी समाज द्वारा अन्नपूर्णा देवी का अभिषेक, जैन-बौद्ध-मारवाड़ी समाज द्वारा जगह-जगह जन आशीर्वाद यात्रा का रथ रोक कर स्वागत करना…ये सब कुछ ऐसी झलकियां हैं, जिनसे अन्नपूर्णा देवी की जन आशीर्वाद यात्रा के माहौल का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रदेश कार्यालय में अन्नपूर्णा देवी का स्वागत करते झारखण्ड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश
प्रदेश कार्यालय में अन्नपूर्णा देवी का स्वागत करते झारखण्ड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश

ओबीसी वोट पर नजर

सतही तौर पर ये कहा जा सकता है कि अन्नपूर्णा देवी की जन आशीर्वाद यात्रा का मकसद ओबीसी वोटर्स को भाजपा की ओर गोलबंद करना है। क्या इस मायने में जन आशीर्वाद यात्रा सफल रहा ? झारखण्ड की आबादी मूलतः तीन तरह की है। आदिवासी-मूलवासी और प्रवासी । झामुमो-कांग्रेस जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, उससे प्रवासी वोटरों के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। आदिवासी वोटर्स बहुत ज्यादा इधर से उधर शिफ्ट नहीं होने वाले…. जन आशीर्वाद यात्रा का लक्ष्य मूलवासी को साधना था जिनकी आबादी लगभग 60 % है। रघुवर दास के कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी भाजपा मूलवासी ( या सदान) वोटरों को केन्द्र में रखकर ही राजनीति करती रही है। जिस तरह की भीड़ जन आशीर्वाद यात्रा के पहले दो दिनों में उमड़ी, उससे तो यही लगता है कि भाजपा बहुत हद तक अपने मकसद में कामयाब रही ।

महिला वोटरों पर कितना असर

रांची के करमटोली चौक पर अन्नपूर्णा देवी का स्वागत करती महिलाएं
रांची के करमटोली चौक पर अन्नपूर्णा देवी का स्वागत करती महिलाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने जब अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को जन आशीर्वाद यात्रा निकालने को कहा तो उनके जेहन में ओबीसी और महिला वोटर सबसे ऊपर थे। इसी के इर्द-गिर्द जन आशीर्वाद यात्रा का पूरा खाका खींचा गया . देश भर में कुल 19 हजार 848 किलोमीटर की इस यात्रा में इन्ही दो वर्गों पर सबसे ज्यादा फोकस है। झारखण्ड में एक ओबीसी महिला को मंत्रिमंडल में जगह देने के पीछे भी यही सोंच रही। अन्नपूर्णा की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान महिलाओं की अच्छी खासी भागीदारी रही . खासकर हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में महिला कार्यकर्ताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया ।

कुर्मी-महतो साथ, पर आदिवासी दूर क्यों ?

मेसरा (रांची) के शहीद निर्मल महतो चौक पर अमर शहीद निर्मल महतो जी को नमन करतीं अन्नपूर्णा देवी
मेसरा (रांची) के शहीद निर्मल महतो चौक पर अमर शहीद निर्मल महतो को नमन करतीं अन्नपूर्णा देवी

आमतौर पर जो मोटा-मोटी आभास मिलता है, उससे तो यही लगता है कि साव, महतो, कुर्मी, कुड़मी, बनिया, चंद्रवंशी आदि पिछड़ी और अतिपिछड़ी जातियों में भाजपा ने बहुत मेहनत की है और इसका नतीजा भी देखता है । लेकिन ये भी सच है कि सात साल पहले के मुकाबले भाजपा का आदिवासी वोट कम हुआ है। इसका कारण 5 साल का रघुवर राज, जिसमें सीएनटी-एसपीटी विवाद, डोमिसाइल आंदोलन, पत्थलगड़ी, लैंड बैंक और गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री आदि कई कारण हैं। ये भी एक सच्चाई है कि भाजपा को जो आदिवासी वोट मिलते हैं वो संघ और अनुषांगिक ईकाइयों द्वारा किए गये काम की वजह से हैं ।

प्रवासी वोटरों में भाजपा की कैसी हवा है ?

पिस्का चौक (ओरमांझी) में अमर शहीद जीतन राम बेदिया को नमन करतीं अन्नपूर्णा देवी
पिस्का चौक (ओरमांझी) में अमर शहीद जीतन राम बेदिया को नमन करतीं अन्नपूर्णा देवी

झारखण्ड के मूलवासी (सदान) और प्रवासी को मिलाकर कुल आबादी का लगभग 70 प्रतिशत हो जाता है।  भाजपा अगर इनके कुल वोट का 60 % के आसपास भी ले आए तो सीटों की संख्या 35-40 के बीच पहुंच सकती है। लेकिन क्या ऐसा होगा ? झारखण्ड के यादव मतदाता आज भी बिहार की राजनीति से प्रभावित होते हैं। प्रवासियों में अच्छी-खासी जनसंख्या बंगाली समुदाय की भी है, लेकिन क्या भाजपा ने इस समुदाय से किसी नेतृत्व को मौका दिया ? इसके अलावा ज्यादा ओबीसी फोकस की वजह से कहीं सवर्ण मतदाता खुद को उपेक्षित महसूस तो नहीं कर रहे। ब्राह्मण, राजपूत, कायस्त, भूमिहार 12 से 15 विधानसभाओं में परिणाम उलट-पुलट की क्षमता रखते हैं। भारतीय जनता पार्टी को इस पहलू का भी ख्याल करना होगा ।

18 August 2021

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पूर्वी सिंहभूमः घाटशिला के सुरदा में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की बंद माइंस होगी शुरु

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पन्ना माइंस की नीलामी भी 2 महीने के अंदर
पन्ना माइंस की नीलामी भी 2 महीने के अंदर

रांची। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में घाटशिला के सुरदा स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की बंद माइंस को शुरू करने की उनुमति सीएम हेमन्त सोरेन ने दे दी है। इतना ही नहीं,  पन्ना माइंस को नीलाम कर खनन प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

इस संबंध में जेएमएम विधायक रामदास सोरेन ने सोमवार को खान एवं भूतत्व तथा उद्योग विभाग की सचिव पूजा सिंघल से मुलाकात की है। गौरतलब है कि अनुमान के अनुसार घाटशिला में 11 हजार किलोग्राम पन्ना का भंडार है जिसके नीलामी की कोशिश कई साल से की जा रही थी।

15 दिनों के अंदर लीज रिन्यूअल कर केन्द्र के पास भेज देगी राज्य सरकार

रामदास सोरेन ने बताया कि राज्य सरकार 15 दिनों के अंदर एचसीएल की माइनिंग लीज रिन्यूअल कर भारत सरकार को भेजा देगी । जहां एनवायरमेंटल क्लीयरेंस-टू (Environmental Clearance-2) की स्वीकृति मिलने के बाद खनन कार्य प्रारंभ होगा। बता दें कि जमशेदपुर और घाटशिला का प्रमुख सार्वजनिक लोक उपक्रम हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड 31 मार्च 2020 से ही बंद है। इसके फिर से चालू होने से हजारों लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।

2 महीने के अंदर पन्ना माइंस की भी नीलामी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर घाटशिला स्थित पन्ना माइंस की जी-4 अंतर्गत नीलामी की प्रक्रिया को स्वीकृति मिल चुकी है। राज्य सरकार पहल करते हुए अगले दो महीने के अंदर घाटशिला स्थित पन्ना माइंस की नीलामी की प्रक्रिया पूरी करेगी। इससे जल्द से जल्द खनन प्रारंभ हो सकेगा ।

11 हजार किलोग्राम पन्ना का है भंडार

अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में 11 हजार किलोग्राम पन्ना का भंडार है। आपको यह भी बता दें कि भूगर्भ सर्वे में गुड़ाबांदा में पन्ना मिलने के ना सिर्फ संकेत मिले थे, बल्कि कई कंपनियां यहां अवैध तरीके से खनन भी कर रही है। एक बार खदानों की नीलामी हो गई तो इसके बाद कंपनियों द्वारा की जा रही अवैध खनन पर भी रोक लग जाएगी और सरकार को राजस्व लाभ होगा।

जजों की सुरक्षा के लिए अलग से “नेशनल लेवल सेक्यूरिटी फोर्स” संभव नहीं

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जजों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी
जजों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने धनबाद के जज उत्तम आनंद की कथित हत्या के बहाने जजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से देश भर के जजों की सुरक्षा को लेकर हलफनामा दायर करने को कहा था। इसका जवाब देते हुए केन्द्र सरकार ने साफ कर दिया है कि जजों की सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ (CISF) की तरह अलग से नेशनल लेवल सेक्यूरिटी फोर्स का निर्माण संभव नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दिया 10 दिन का समय

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इस बात पर नाराजगी जताई कि आंध्र प्रदेश , तेलंगाना और झारखण्ड जैसे राज्यों ने जजों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगे गये सवालों के जवाब नहीं दिए हैं. हालांकि झारखण्ड सरकार ने कुछ देर बाद अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट को भेज दिया । मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने न्यायाधीशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए राज्यों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया।

झारखण्ड ने 16 अगस्त (सोमवार ) को ही भेज दी थी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद झारखंड सरकार ने राज्य के सभी जिलों के कोर्ट और जजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिले के पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट देने को कहा था । निर्देश मिलते ही राज्य के करीब सभी जिलों के पुलिस पदाधिकारियों ने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था समेत जजों की सुरक्षा को लेकर अपनी-अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजे । इसी के आलोक में राज्य सरकार ने 16 अगस्त, 2021 को अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है. इस रिपोर्ट में पूरे कोर्ट परिसर, जज समेत आसपास की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने संबंधी निर्देश का उल्लेख किया गया है ।

 

वज्रपात की घटना में दो महिला गंभीर

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मरकच्चो :- मरकच्चो प्रखंड के तेलोडीह में मंगलवार की शाम हो रही बूंदा बांदी बारिश के साथ हुई वज्रपात की घटना में दो महिला गंभीर रूप से घायल हो गयीं। घायल महिलाओ की पहचान तेलोडीह निवासी बसंती देवी उम्र 65 वर्ष पति धरम साव तथा गिरजा देवी उम्र 55 वर्ष पति महादेव साव के रूप में की गई है। घटना मंगलवार की शाम लगभग साढ़े पांच बजे की है। जानकारी के अनुसार दोनो महिला दरदाही से अपने घर तेलोडीह जा रही थी,रास्ते में बारिश होने के कारण दोनो महिला पास के घर मे पानी से बचने के लिए खड़ी थी। इसी बीच वज्रपात हुई जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गयीं। ग्रामीणों ने घायल दोनों महिला को आनन फानन में स्थानीय एक निजी क्लीनिक में ले गयी । जहां दोनो महिलाओं का इलाज किया जा रहा है ।

रांची में पार्टी कार्यकर्ता और जनता के आशीर्वाद से अभिभूत हूँ : अन्नपूर्णा देवी

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जन आशीर्वाद यात्रा पहुंचा रांची, दर्जनों स्थान पर हुआ भव्य स्वागत
जन आशीर्वाद यात्रा पहुंचा रांची, दर्जनों स्थान पर हुआ भव्य स्वागत

केंद्रीय मंत्रिमंडल में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री बनाए जाने पर जनता को आभार प्रकट करने हेतु कोडरमा से निकाली गयी जन आशीर्वाद यात्रा का रांची में भव्य स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं और जनता द्वारा दर्जनों स्थान पर स्वागत किए जाने पर केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि मैं इस स्वागत से अभिभूत हूँ। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सभी जाति, समाज और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्रिमंडल में दिया है।

उन्होंने कहा कि इस जन आशीर्वाद यात्रा जो प्यार रांची के कार्यकर्ता बंधु – बहनों और जनता ने दिया है उसका मैं जीवन भर ऋणी रहूंगी। यात्रा को सांसद संजय सेठ, स्थानीय विधायक समरी लाल, नवीन जायसवाल, स्थानीय विधायक सीपी सिंह, प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, यात्रा प्रभारी बालमुकुंद सहाय, सह प्रभारी सुबोध सिंह गुड्डू ने भी संबोधित किया।

भारी बारिश के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी का हुआ भव्य स्वागत

जन आशीर्वाद यात्रा के स्वागत में खड़े भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता
जन आशीर्वाद यात्रा के स्वागत में खड़े भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता

युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ो मोटरसाइकिल जुलूस के शक्ल में यात्रा का स्वागत, एसटी मोर्चा रांची ग्रामीण के तरफ से स्वागत, चाय बागान के समक्ष स्थानीय लोगों के द्वारा स्वागत, ओरमांझी में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा व स्थानीय लोगों द्वारा, ओरमांझी काली मंदिर के पास भव्य स्वागत किया गया। ओरमांझी प्रखंड चौक पर स्थानीय लोग व पार्टी के कार्यकर्ता भारी बारिश के बीच भीगते हुए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी का स्वागत किया गया। पारंपरिक भेष भूषा में स्वागत किया गया।

जन आशीर्वाद यात्रा रांची की ओर जाने के क्रम में ओरमांझी जू पार्क के समक्ष एसटी मोर्चा व स्थानीय लोगों द्वारा, रुक्का मोड़, विकास, मेसरा चौक पर स्वागत व प्रतिमा पर माल्यार्पण, जुमार नदी के समक्ष युवा मोर्चा के द्वारा, बूटी मोड़ पर स्वागत व छत्रपति शिवाजी के प्रतिमा पर माल्यार्पण, मंडप में पूजा अर्चना, व कार्यकर्ताओं का सम्बोधन किया।

इसके बाद बरियातू पम्प के पास, बरियातू डीएवी स्थित, रिम्स दुर्गा मंडप में मत्था टेक लिया आशीर्वाद, हरिहर सिंह रोड के पास पारंपरिक तरीके से स्वागत, करमटोली तालाब के पास, हॉट लिप्स चौक पर अखिल भारतवर्षीय चन्द्रवंशी क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू परिषद और गोंदा मंडल की ओर से स्वागत, रातू रोड न्यू मार्केट चौक के पास, गौशाला के समक्ष झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन के समक्ष स्वागत किया गया। किशोरगंज चौक के पास देवी मंडप में आशीर्वाद लिया। भारत माता चौक पर सेवा समिति और हरमू नदी के पास पंजाबी समाज द्वारा स्वागत किया गया।

रांचीः भड़काऊ पोस्टर मामले में भैरव सिंह पर 10 लाख का जुर्माना

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40 घंटे के अंदर जुर्माने की राशि भरने का नोटिस
40 घंटे के अंदर जुर्माने की राशि भरने का नोटिस

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पर हमले के आरोपी भैरव सिंह को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसके समर्थकों ने राजधानी में जगह-जगह उसके पोस्टर लगाए थे । इन भड़काऊ और उत्तेजक बैनर और होर्डिंग से शहर का माहौल खराब होते-होते बचा था। अब इन होर्डिंग, बैनर और पोस्टर मामले में रांची नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए भैरव सिंह पर 10 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका है । इस संबंध में निगम के उप नगर आयुक्त ने भैरव सिंह को नोटिस भेज दिया है।

क्या भाजपा और हिंदूवादी संगठन कर रहे हैं भैरव सिंह की मदद ?
क्या भाजपा और हिंदूवादी संगठन कर रहे हैं भैरव सिंह की मदद ?

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40 घंटे के अंदर जुर्माने की राशि अदा करने का नोटिस

रांची नगर निगम ने अपने नोटिस में कहा है कि जमानत मिलने के बाद जिस दिन आप (भैरव सिंह) जेल से बाहर आने वाले थे, उस दिन शहर में भड़काऊ और उत्तेजक पोस्टर लगाए गये । इससे शहर का माहौल बिगड़ने की संभावना थी. दो समुदायों में वैमनस्य फैलाने की साजिश थी। इससे विधि व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द भंग होने की भी संभावना थी। यह झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के धारा 178 का उल्लंघन हैं। इसलिए आदेश दिया जाता है कि हर हाल में पत्र प्राप्ति के 40 घंटे के अंदर भैरव सिंह जुर्माने की राशि जमा करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

29 जुलाई को रांची की विभिन्न सड़कों पर बिना अनुमति के उत्तेजक व भ्रामक पोस्टर
29 जुलाई को रांची की विभिन्न सड़कों पर बिना अनुमति के लगे उत्तेजक व भ्रामक पोस्टर

अवैध तरीके से लगाए गये थे सभी बैनर-पोस्टर और होर्डिंग्स

भैरव के बैनर पोस्टर लगाये जाने के संबंध में निगम द्वारा छह विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी किया गया था। उनसे यह पूछा गया था कि क्या उन्होंने भैरव को बैनर व पोस्टर लगाने का परमिशन दिया है। इस पर सभी विज्ञापन एजेंसियों ने भी निगम से कहा कि उन्होंने भैरव को विज्ञापन लगाने की अनुमति नहीं दी थी। सभी बैनर व पोस्टर अवैध तरीके से लगाए गए थे।

Covid

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नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में पांच महीने से कुछ अधिक समय बाद सबसे कम 25 हजार नए मामले पाए गए हैं। करीब पांच महीने बाद सक्रिय मामले भी सबसे कम 3.69 लाख पर आ गए हैं जो कुल मामलों का 1.15 फीसद है। प्रतिशत के हिसाब से पिछले साल मार्च के बाद एक्टिव केस सबसे कम हुए हैं। केरल में करीब 50 फीसद नए मामलों का मिलना जारी है।

25 हजार मामलों में से अकेले केरल से

25 हजार मामलों में से अकेले केरल से ही 12 हजार केस हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मंगलवार सुबह अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक 24 घंटे के दौरान सक्रिय मामलों में 12,101 की गिरावट हुई है, जो हाल के दिनों में सबसे ज्यादा कमी है। हालांकि, इस दौरान 437 लोगों की मौत भी हुई है, जो एक दिन पहले की तुलना में अधिक है। इसमें केरल में सबसे ज्यादा 142 और महाराष्ट्र में 100 मौतें शामिल हैं। जहां तक दैनिक और साप्ताहिक संक्रमण दर की बात है तो यह दो फीसद के नीचे दर्ज की गई है।

 

अमेरिकी सेना ने हवाई अड्डे को लिया अपने नियंत्रण में

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काबुल, एपी। अपनी क्रूरता के लिए पहचाने जाने वाले तालिबान के सत्ता पर काबिज होते ही काबुल में अफरा-तफरी मच गई है। लोग दहशत में हैं। तालिबान की तरफ से लोगों को जान, माल और सम्मान की सुरक्षा का भरोसा दिलाया जा रहा है, लेकिन उन्हें यकीन नहीं हो रहा। लोग जान बचाने के लिए किसी भी तरह जल्द से जल्द अफगानिस्तान छोड़ देना चाहते हैं। इसके चलते काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इसके चलते हवाईअड्डे पर हालात बेकाबू हो गए हैं। इसमें सात लोगों की मौत हो गई है।
अमेरिकी सेना ने हवाई अड्डे को अपने नियंत्रण में लिया, छह हजार जवान सुरक्षा में तैनात
अमेरिकी सेना ने हवाईअड्डे को अपने नियंत्रण में ले लिया है और उसकी सुरक्षा में छह हजार जवानों को तैनात किया है। अमेरिका अपने दूतावास के कर्मचारियों के साथ अन्य लोगों को भी अफगानिस्तान से निकालने की कोशिशों में लगा है। फिलहाल यहां से व्यावसायिक उड़ानों को रोक दिया गया है। अमेरिका ने कहा कि वह तुर्की समेत अन्य देशों के साथ काबुल एयरपोर्ट को खाली करने की कोशिशों में जुटा है, ताकि नियमित उड़ानें शुरू की जा सकें।

60 देशों ने तालिबान से लोगों को देश से बाहर जाने देने को कहा

अमेरिका ने दूसरे देशों से अफगानिस्तान के वायु क्षेत्र से बचने को कहा गया है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और जापान समेत 60 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि अफगानिस्तान से जो लोग भी बाहर जाना चाहते हैं उन्हें जाने दिया जाए।

17 August 2021

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मोदी ओबीसी के इतने ही हितैषी हैं तो जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाते?

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ओबीसी बिल के दुष्परिणामों के बारे में जनता को जागरुक करेंगे- शरद पवार
ओबीसी बिल के दुष्परिणामों के बारे में जनता को जागरुक करेंगे- शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ओबीसी प्रेम को दिखावा करार दिया है। उन्होने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सचमुच ओबीसी समाज की भलाई चाहते हैं तो सबसे पहले जातिगत जनगणना करवाएं । उन्होने कहा कि भाजपा का ओबीसी प्रेम सिर्फ वोट लेने के लिए है। देश का ओबीसी समाज ब्राह्मणवादी भाजपा की चाल में नहीं फंसने वाला ।

ओबीसी बिल की सच्चाई जनता को बताउंगा

पिछले सत्र में संसद के दोनों सदनो में पास हुए ओबीसी बिल की आलोचना करते हुए शरद पवार ने कहा कि इससे ओबीसी समाज को आपस में लड़ाने की साजिश रची गई है। उन्होने कहा कि ऊपरी तौर पर ऐसा लगता है कि राज्य सरकारों को अपने-अपने राज्य में ओबीसी की लिस्ट बनाने का अधिकार मिल गया है, पर यह अधूरा सच है. शरद पवार ने कहा कि अब भी रिजर्वेशन की लिमिट 50% तक ही है, देश में जातिगत जनगणना नहीं हुई है. इन दोनों बाधाओं के रहते ओबीसी बिल का कोई महत्व नहीं. हम इसके बारे में जनता को जागरुक करेंगे ।

कई भाजपा सांसद भी जातिगत जनगणना के पक्ष में

शरद पवार ने कहा कि भाजपा के कई नेता भी जातिगत जनगणना के समर्थन में हैं, लेकिन उनमें सच्चाई बोलने की हिम्मत नही है। शरद पवार ने दावा किया कि भाजपा के बाकी नेता मोदी-शाह के डर के कारण खामोश हैं । उन्होने कहा कि महलोग केन्द्र सरकार को ओबीसी एक्ट में बदलाव करने को मजबूर कर देंगे ।

सुप्रीम कोर्ट के सामने खुद को आग लगाने वाले पति

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सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने एक आदमी और एक औरत ने खुद के शरीर में आग लगाकर जान देने की कोशिश की। दोनों गंभीर रुप से झुलसे हुए हैं और दिल्ली के एक अस्पताल में दोनों का ईलाज चल रहा है। दोनों पति-पत्नी हैं। लेकिन बड़ा सवाल कि आखिर उन्होनें ऐसा क्यों किया ?

महिला और पुरुष ने सुप्रीम कोर्ट की गेट के सामने किरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली
महिला और पुरुष ने सुप्रीम कोर्ट की गेट के सामने किरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली

पति-पत्नी ने खुद को आग के हवाले करने से पहले फेसबुक लाइव किया . जहां उन्होने अपने बारे में पूरी कहानी बताई है , जो इस प्रकार है…

अपने वीडियो में महिला कहती है – “हमने सांसद अतुल राय के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई । हमारे लाख प्रयास और गिड़गिड़ाने के बावजूद लोकल पुलिस सांसद अतुल राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए तैयार नहीं थी । हम पुलिस के रवैये के खिलाफ कोर्ट पहुंचे । हमें उम्मीद थी कि न्यायपालिका से हमें न्याय मिलेगा। पर यहां का माहौल तो और सड़ा हुआ है। लोअर कोर्ट के जिस जज को सांसद अतुल राय के खिलाफ फैसला देना था, वो आरोपी के यहां शराब पीने जाते थे ।”

महिला आगे कहती है- “उन्होने मेरे और मेरे गवाहों के खिलाफ ही गैर जमानती वारंट जारी कर दिया । वे सब एक-दूसरे से मिले हुए हैं, हम बर्बाद हो गये, सामाजिक रुप से भी और आर्थिक रुप से भी”

इसके बाद वीडियो में पति कहता है – “उत्तर प्रदेश की पुलिस ने हम दोनों और हमारे पक्ष में बयान देने वालों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया है। क्या यही है उत्तर प्रदेश की न्यायपालिका ? इतना कह पुरुष ने खुद के शरीर पर पेट्रोल छिड़का और देखते ही देखते खुद के शरीर में आग लगा ली ।

घटना के बाद घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
घटना के बाद घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी

क्या है पूरा मामला ?

पुलिस का कहना है कि महिला और पुरुष गाजीपुर के रहने वाले पति-पत्नी हैं । दोनों ने साल 2019 में बहुजन समाज पार्टी के सांसद अतुल राय के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई थी । अतुल राय को इस मामले में जेल भेजा गया था । इस बीच, अतुल राय के भाई ने पिछले साल नवंबर में वाराणसी में महिला के खिलाफ उसकी जन्मतिथि के बारे में कथित रूप से जाली दस्तावेज बनाने की शिकायत दर्ज कराई थी।

अतुल राय के भाई की शिकायत पर महिला के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया । दो अगस्त को पुलिस ने स्थानीय अदालत को बताया कि कई बार छापेमारी के दौरान भी वह उस महिला और उसके पति को ढूंढने में नाकामयाब रहे । इसके बाद वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया ।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के गेट के सामने दोनों ने मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें देखा और कंबल ओढ़ाकर उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़े। आग पर काबू पा लिया गया और दोनों को पुलिस वैन में राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया ।

डीसीपी (नई दिल्ली) दीपक यादव ने बताया कि दोनों की हालत नाजुक है  । महिला 85 फीसदी और पुरुष 65 फीसदी जल गया है। उन्होने कहा कि उन्होंने यूपी पुलिस के साथ दोनों का विवरण साझा किया है और उनके परिवारों को सूचित किया है।