52 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी, पैसों की रिकवरी की कवायद शुरु
झारखंड में मनरेगा को सोशल ऑडिट के दौरान बड़े पैमाने पर पैसों की गड़बड़ी की बातें सामने आई हैं। झारखंड का शायद ही कोई ऐसा जिला हो, जहां मनरेगा में वित्तीय गड़बड़ी नहीं की गई। अफसरों और उनके दलालों ने गरीबों के पैसों का बंदरबांट कर लिया । सबसे ज्यादा 6.37 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी पलामू जिले में हुई है । दूसरे स्थान पर गढ़वा जिला है. यहां 5.93 करोड़ का हिसाब किताब नहीं मिला है ।
किस जिले में कितनी गड़बड़ी
सबसे बड़ी बात है कि राज्य सरकार खुद सोशल ऑडिट के आंकड़ो से इत्तेफाक रखते हुए कह रही है कि मनरेगा में 51.29 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी की गई । सबसे ज्यादा 6.37 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी पलामू जिले में हुई है । दूसरे स्थान पर गढ़वा जिला है । यहां 5.93 करोड़ का हिसाब किताब नहीं मिला है । इसके बाद रामगढ़ में 4.93, गिरिडीह में 4.03, पश्चिमी सिंहभूम में 3.13 और गोड्डा में 2.88 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी हुई है । रांची में भी अधिकारियों, कर्मियों और सप्लायर की मिलीभगत से 2.17 करोड़ की गड़बड़ी हुई।
खुलासे के बाद रिकवरी की कवायद
आलमगीर आलम के विभाग में तो घोटाला हो गया ?
ऑडिट में 51.29 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी के खुलासे के बाद रिकवरी की कवायद जरूर शुरू हुई, लेकिन शायद दिखावे भर के लिए । इसी का नतीजा है कि अबतक सिर्फ 1.3 करोड़ ही रिकवर हो पाया है । सबसे ज्यादा गढ़वा में 78.19 लाख, हजारीबाग में 22.98 लाख, गुमला में 10.49 लाख और रांची में 9.65 लाख रिकवर हो पाया है ।
सुनील तिवारी ही नहीं, हेमंत सोरेन वाले मामले की भी हो सीबीआई या स्वतंत्र न्यायाधीश से जांच
हेमन्त सरकार की गहरी निंद्रा को तोड़ने को लेकर भारतीय जनता पार्टी शनिवार को 264 प्रखंड व 3 महानगरों में मानव श्रृंखला बनाएगी। इस बाबत प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 19 महीने के सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गया है, प्रदेश जंगल राज की ओर बढ़ रहा है। हत्या, दुष्कर्म, महिला उत्पीड़न, बढ़ता उग्रवाद, शोषण, आदिवासियों की नृशंश हत्या लगातार इजाफा हो रहा है जबकि विकास की शून्यता है।
बालू और स्टोन चिप्स के अवैध कारोबार से वसूली
दीपक प्रकाश ने कहा कि बालू घाटों पर सत्ताधारी राजनैतिक दलों के लोगों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है । संथाल से स्टोन चिप्स अवैध तरीके से भारत से बांग्लादेश भेजा जा रहा है। इस सरकार ने झारखंड के भविष्य को मजाक बना दिया है।
नियोजन नीति में तुष्टिकरण राजनीति की झलक
श्री प्रकाश ने कहा कि हेमन्त सरकार सामाजिक समरसता को तोड़ने पर उतारू है। तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी, नियोजन नीति में देवभाषा संस्कृत, राष्ट्रभाषा हिन्दी, अंतरराष्ट्रीय भाषा इंग्लिश को हटाते हुए सिर्फ उर्दू को रखना दुःखद है। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग का कोई बच्चा बाहर पढ़ेगा तो उसे इस नियोजन नीति का लाभ नहीं मिलेगा। कांग्रेस झामुमो ने संवैधानिक व्यवस्था को तोड़ने का कार्य किया है।
शराब ठेके पर आयकर और प्रवर्तन निदेशालय का दरवाजा खटखटाएगी भाजपा
शराब ठेके पर बोलते हुवे प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रकाश ने कहा कि शराब बेचने की जिम्मेवारी एक खास सिंडिकेट को दी गयी है। इससे भारी राजस्व का नुकसान होने वाला है। गलत तरीके से निविदा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सारे सबूत जमा कर वे इनकम टैक्स व ईडी का दरवाजा खटखटाएंगे।
हेमन्त सोरेन और सुनील तिवारी मामले में सीबीआई या हाईकोर्ट के जस्टिस से हो जांच
सुनील तिवारी के ऊपर लगे आरोप पर पत्रकारों के पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए श्री प्रकाश ने कहा कि सुनील तिवारी पर फर्जी आरोप लगाया गया है। आगे उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के ऊपर भी एक महिला द्वारा शोषण का आरोप लगाया गया है। दोनों मामले में सीबीआई या हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हो जांच की अनुशंसा करे राज्य सरकार। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
रांची के जगन्नाथपुर थाने के सामने है वरिष्ठ नागरिकों के लिए पार्क
झारखण्ड सरकार के मंत्री डा रामेश्वर उराँव ने राजीव गांधी के जयन्ती के अवसर पर जगन्नाथपुर थाना के सामने राजीव गांधी वरीष्ठ नागरिक उद्यान का उद्धघाटन किया। यह पार्क राजधानी के वरीष्ठ नागरीकों के लिए समर्पित है। इस अवसर पर विधायक दल नेता आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व मंत्री हेमन्त प्रताप देहाती, प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डा.राजेश गुप्ता छोटू, सुषमा हेम्ब्रम, समाजसेवी मोख्तार सिंह, अमूल्य नीरज खलखो मुख्य रुप से उपस्थित थे।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डा रामेश्वर उराँव ने कहा हेमन्त प्रताप देहाती जी के प्रेरणा और विचारों से योजना विभाग के मद से राँची के उपायुक्त छवि रंजन के सहयोग से वरीष्ठ नागरिक पार्क का निर्माण कराया गया । कांग्रेस के साथियों एवं आमजनों के राय पर राजीव गांधी वरीष्ठ नागरीक उद्यान स्मृति के तौर पर समर्पित किया गया। राजीव गांधी का झारखण्ड अलग राज्य के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान था, लेकिन उनके नाम पर कोई स्मृति शेष नहीं थी । इसलिए हमने 20 अगस्त का दिन राजीव जी की याद में तय किया।
स्वागत भाषण करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा पार्टी की अनुमति से एवं अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव के मार्गदर्शन में राजीव गांधी वरिष्ठ नागरिक पार्क में मैं राजीव गांधी की प्रतिमा लगाने को तैयार हूँ ताकि राज्य की जनता अपने प्रिय प्रधानमंत्री को याद कर सके।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा झारखंड अलग राज्य के निर्माण में राजीव गांधी ने सर्वप्रथम झारखंड स्वशासी परिषद का गठन किया एवं आंदोलनकारियों से बातचीत किया। उनकी चिंता हमेशा झारखंड के आदिवासियों पिछड़ों एवं अकलियतों के प्रति रहती थी, उनकी इसी सोंच को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने झारखंड,छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड अलग राज्य बनाने का वादा पूरा किया। धन्यवाद ज्ञापन कांग्रेस नेता अमूल्य नीरज खलखो ने किया।
इसके पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने पूर्व मंत्री हेमंत प्रताप देहाती को शॉल एवं बुके देकर सम्मानित किया तो वहीं समाजसेवी मुख्तार सिंह को ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने सम्मानित किया।
आज के कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश,पूर्व विधायक हरि राम,श्रमिक नेता राणा संग्राम सिंह, अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन शकील अख़्तर अंसारी,शशि भूषण राय, खेल विभाग के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह,राखी कौर,सन्नी टोप्पो,सतीश पॉल मुंजीनि,अर्चना मिर्धा, जय शंकर पाठक,सलीम खान, मदनमोहन शर्मा, अख्तर अली, बबलू शुक्ला,इन्द्रजीत सिंह मुख्य रुप से उपस्थित थे।
पंचायती राज व्यवस्था और सूचना क्रांति के जनक थे राजीव गांधी- रामेश्वर उरावं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा जब उन्होंने प्रधानमंत्री का पद संभाला था तो स्थितियां बहुत ही भयावह थी । बॉर्डर की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा दोनों स्तरों पर उन्हें चुनौतियां मिल रही थीं । चीन, बांग्लादेश ,भूटान, सब के साथ मित्रवत व्यवहार किया और सीमाओं को सुरक्षित किया। देश के अंदर पंजाब में लोगोंवाल समझौता, अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा, जलते हुए आसाम में शांति स्थापित करना, मिजोरम को सुरक्षित रखना यह सब राजीव जी के नेतृत्व में ही संभव हुआ।
राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड का नाम बदलने पर क्या कहा ?
डा रामेश्वर उराँव ने कहा बीजेपी जो खेल खेल रही है वह देश के लिए खतरनाक है । कल देश का नाम बदल देंगे, तिरंगे झंडे की जगह केसरिया या लाल रख देंगे तो देश कभी इन्हें माफ नहीं करेगा। डा.उराँव ने कहा ध्यानचंद महान खिलाड़ी थे, उनके नाम पर बड़े से बड़ा संस्थान खुले किसे एतराज है ? लेकिन राजीव गांधी साधारण व्यक्ति नहीं थे, उनका नाम बदल देने से चीजें नहीं बदल जाती हैं। एक प्रश्न के जवाब में डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी दलों की हो रही बैठक निश्चय ही सराहनीय है । उन्होंने कहा जब पार्टी लड़खड़ा गई थी तब सोनिया गांधी ने ही गठबंधन बनायाा और देश की जनता ने हमें 10 साल तक सेवा करने का अवसर दिया।
देश के विकास के लिए आपस में भाईचारा जरुरी – आलमगीर आलम
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक दल नेता सह ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से आज गांव के तकदीर बदली हैं तो इसमें राजीव गांधी जी का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। लोकतंत्र में छात्रों को सीधी भागीदारी सुनिश्चित कर संसदीय राजनीति में युवाओं को आगे आने का मौका दिया । उनकी सोच और विचार इस देश के लिए काफी महत्वपूर्ण है भारत को आगे बढ़ाने के लिए उनके सद्भावना और भाईचारगी का मार्ग ही सबसे उपयुक्त है।
छात्रों और युवाओं को विकास से जोड़ा- बादल पत्रलेख
कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा का अपने छोटे से 5 वर्षों के कार्यकाल में राजीव गांधी ने देश के विकास में जो गाथाएं लिखी हैं यह देश कभी उन्हें भूल नहीं सकता, पूरी दुनिया को 2 सेकंड में जोड़कर विज्ञान एवं तकनीक के मामले में छात्रों और युवाओं को शक्ति देने का अद्भुत कार्य किया जिसका लोहा आज पूरी दुनिया मानती है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माता ने आज देश को दुनिया के विकसित राष्टों के साथ बराबरी में खड़ा करने का काम किया ।
हमारे पोस्टर फाड़ने से झामुमो-कांग्रेस को कुछ हासिल नहीं होगा- अन्नपूर्णा
केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने गिरिडीह में पत्रकार सम्मेलन में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी जन आशीर्वाद यात्रा रोकने के लिए सरकारी स्तर पर साजिशें रची गईं । उन्होने आरोप लगाया कि प्रशासन के स्तर पर हमें सहयोग नहीं मिला, खासकर कुछ जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता को जन आसीर्वाद यात्रा में शामिल होने से रोकने की कोशिश हुई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। इससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौजूदा राज्य सरकार के खिलाफ आम लोगों में गुस्सा किस तेजी से बढ़ रहा है ।
#JanAshirwadYatra के क्रम में महसूस हुआ कि झारखण्ड की गठबंधन सरकार में #भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराहट है,यात्रा में बाधा डालने की कोशिश भी हुई। लेकिन,जनता के रुझान ने बताया कि इस सरकार से लोग निराश हो चुके हैं,पछता रहे हैं।@BJP4India@JPNadda@BJP4Jharkhand@BJP4Giridih
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि जन आसीर्वाद यात्रा के दौरान सत्तारुढ़ गठबंधन द्वारा हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया। कुछ जगहों पर झामुमो-कांग्रेस के लोगों ने पोस्टर और बैनर भी फाड़ डाले। प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर भी हमारे कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा को देखकर सरकार घबरा गई है । उन्होंने कहा कि यात्रा को जो समर्थन मिला है, वह बताने को काफी है कि राज्य सरकार से जनता त्रस्त है ।
हेमंत सरकार के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राज्य में जो सरकार बैठी है वो बाहरी-भीतरी, आदिवासी-गैर-आदिवासी, सदान- गैर सदान आदि के नाम पर भ्रम फैला सकती है, लेकिन ये लोग विकास का काम नहीं कर सकते। इन्हे कोई काम करना ही नहीं है । इनके पास न जनता के विकास के लिए कोई रोडमैप है, न ही कोई विजन । बस कोयला लूटो, बालू खोदो, पत्थर बेच डालो…इसी नीति पर ये लोग चल रहे हैं। इसके अलावा ये कुछ और करने की सोचते भी नहीं ।
तीन दिनों तक चली जन आशीर्वाद यात्रा
अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि 16 से 19 अगस्त तक जन आशीर्वाद यात्रा के क्रम में 7 जिलों में करीब 450 किलोमीटर की यात्रा हुई. इस दौरान दौरान न्यूनतम 200 स्थानों पर जनसभाएं एवं कार्यक्रम हुए । उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान हमें जो भी फिडबैक मिला, या जो रेस्पॉन्स मिला उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपा जाएगा ।
गुरुवार को यूपी चुनाव पर बीजेपी की बैठक,जल्द होगा मंत्रीमंडल विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा के अंदर लगातार बैठकों का दौर जारी है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को हुई । इस बैठक में अमित शाह, जेपी नड्डा, स्वतंत्र देव सिंह और योगी आदित्यनाथ मौजूद थे । बैठक के बाद यह रणनीति बनी की किसी भी कीमत पर इस चुनाव को फॉरवर्ड- बैकवर्ड नहीं बनने देना है, बल्कि सभी जातियों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करनी है ।
जल्द होगा मंत्रीमंडल विस्तार
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार इसी हफ्ते होने की संभावना है। इस मंत्रीमंडल विस्तार में सभी सहयोगी दलों को प्राथमिकता मिलेगी । संजय निषाद की सारी शिकायतें भी दूर कर ली गई है। बड़ी संख्या में ओबीसी और एससी विधायकों को मंत्री बनने का मौका दिया जाएगा, लेकिन इस बात का भी ख्याल रखा गया है कि कहीं इस कवायद में सवर्ण न नाराज़ हो जाएं। इसके लिए हिन्दुत्व, राम मंदिर और सवर्ण रिजर्वेशन का तड़का भी लगाया जाएगा।
अफगानिस्तान डेवलपमेंट का भी असर
अफगानिस्तान में तालिबान का शासन वापस लौटने के बाद जिस तरह कट्ठमुल्ले और शायरों ने बयानबाज़ी शुरू की है उससे भाजपा के रणनीतिकार खुश हैं। बिना कुछ किए इन लोगों ने मुंह से उल्टी कर माहौल बनाना शुरू कर दिया है। भाजपा की कोशिश है कि दलितों और ओबीसी में हिन्दुत्व की लहर पैदा की जाए, इसके लिए ओबीसी और दलित बहुल इलाकों का चयन कर वहां संघ के स्वयंसेवकों को लगा दिया गया है ।
योगी और मोदी ही ही होंगे चेहरा
कुछ राज्यों में भाजपा सिर्फ नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ी, लेकिन स्थानीय चेहरा न होने से भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा। बंगाल में खासतौर पर “बाहरी पार्टी बनाम बंगाल की बेटी” जैसा नरेटिव बना। अब भाजपा ने रणनीति बनाई है कि मोदी के अलावा स्थानीय चेहरे ही चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे।
FSL के निदेशक और गृह सचिव को 27 को पेश होने का आदेश
झारखण्ड में फॉरेंसिक साइंस लैब के नाम पर मजाक चल रहा है। यहां के फॉरेंसिक लैब में खून और पेशाब तक की जांच की सुविधा नहीं है, फिर काहे का फॉरेंसिक लैब ? रांची के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के पास यूरिन और ब्लड जांच की सुविधा नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। एफएसएल के निदेशक और गृह सचिव को 27 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया।
बड़ी दयनीय स्थिति है फॉरेंसिक लैब की
धनबाद के जज उत्तम आनंद की सुनवाई के दौरान केस की जांच कर रही सीबीआई ने अदालत में सुनवाई के दौरान बताया कि मामले में आरोपी का यूरिन और ब्लड सैंपल की जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा गया था लेकिन वहां से इसे लौटा दिया गया। लैब से सैंपल यह कहकर लौटा दिया गया कि यहां इसकी जांच की सुविधा नहीं है और ना ही इसके विशेषज्ञ हैं। सीबीआई की ओर से मिली जानकारी के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने इसे शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
27 अगस्त को गृह सचिव और फॉरेंसिक लेब के निदेशक को पेश होने का आदेश
जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की पीठ ने सुनवाई की। इस दौरान सीबीआई की स्पेशल टीम से एफएसएल जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया। जिसपर सीबीआई ने कहा कि लैब में जांच की सुविधा नहीं होने के कारण सैंपल को लौटा दिया गया। इस वजह से ही टीम रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी। कोर्ट ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि क्या एफएसएल रांची में यूरिन जांच तक की सुविधा नहीं है? इस मामले में कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए 27 अगस्त को राज्य के गृह सचिव और एफएसएल के निदेशक को हाजिर होने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
‘फुटेज से लग रहा जानबूझकर मारा गया’ सीबीआई को ऑटो और जज में हुई टक्कर की जगह की जांच रिपोर्ट भी देने को कहा गया है, ताकि यह पता चल पाए कि जज की मौत टक्कर से हुई है या फिर उन्हें किसी ने मारा है। क्योंकि सीसीटीवी फुटेज से ऐसा लग रहा है कि चालक के पास बैठे व्यक्ति ने जज को मारा है और कोर्ट प्रथम दृष्टया ऐसा मान रही है। कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जज के सिर के दाहिने हिस्से में डेढ़ इंच का घाव है, जो ऑटो के साइड मिरर से नहीं हो सकता है। सीबीआई को इस बिन्दु पर भी जांच करनी चाहिए।
सीबीआई और सीसीएल के विजिलेंस की टीम ने संयुक्त रुप से छापामारी की
उज्जवल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला
हजारीबाग। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल अंतर्गत चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना से भारी मात्रा में कोयला स्टॉक से रहस्यमय तरीके से कोयला गायब होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना के कोयला स्टॉक से लगभग 8.75 लाख मीट्रिक टन कोयला गायब हो गया है। इसको लेकर सीबीआई ने रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामला दर्ज किया है और इसकी जांच-पड़ताल में जुट गई है। सीबीआई और सीसीएल के विजिलेंस की टीम ने संयुक्त रुप से छापामारी की तो यह मामला सामने आया कि 30 अगस्त 2019 को 1804004 टन कोयला स्टाॅक में रहना चाहिए था। लेकिन जांच में महज 92829 टन ही कोयला स्टाॅक उपलब्ध मिला। यानि 48.54 प्रतिशत कोयला स्टाॅक से गायब पाया गया।
सीसीएल को 83.63 करोड़ रुपये का हुआ है घाटा
सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना से भारी मात्रा में कोयला गायब होने से सीसीएल को लगभग 83 करोड़, 63 लाख, 64 हजार, 471 रुपये का घाटा होने का अनुमान लगाया गया है। इस मामले में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए आम्रपाली परियोजना के परियोजना अधिकारी, मैनेजर, सीनियर मैनेजर समेत सात नामजद और अन्य अज्ञात के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इन लोगों के ऊपर हुआ है मामला दर्ज
आम्रपाली कोल परियोजना से भारी मात्रा में रहस्यमय तरीके से कोयला गायब होने के मामले में सीबीआई ने जिन लोगों के ऊपर मामला दर्ज किया है। उसमें आम्रपाली कोल परियोजना के परियोजना पदाधिकारी दिलीप कुमार शर्मा, प्रबंधक शंभू कुमार झा, सीनियर मैनेजर सर्वेयर, मगध आम्रपाली एरिया उमेश कुमार सिंह, सीनियर अधिकारी, सर्वेयर, मगध आम्रपाली एरिया पंकज कुमार झा, मुख्य प्रबंधक खनन, मगध आम्रपाली एरिया, सीसीएल निहार रंजन साव, मेसर्स एएमपीएल–एमआईपीएल-जीसीएल कोलकाता के सभी निदेशक के ऊपर मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा अन्य अज्ञात के ऊपर भी मामला दर्ज किया गया है।
मेजरमेंट बुक में किया गया छेड़छाड़ कर कोयला किया गया गायब
सीबीआइ द्वारा दर्ज मामले में बताया गया है कि लगातार यह सूचना मिल रही थी कि लंबे समय से सभी आरोपित एक आपराधिक साजिश के तहत मेजरमेंट बुक में छेड़छाड़ कर कोयला गायब करवा रहे हैं। जिसके बाद सीसीएल के वरीय अधिकारियों के साथ जांच के लिए एक टीम बनी और इसकी छानबीन शुरू की गई। छानबीन में कोयला स्टॉक से आठ लाख 75 हजार 774 मिट्रिक टन कोयला गायब मिला। छानबीन में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कोलकाता की कंपनी एएमपीएल – एमआइपीएल – जीसीएल (जेबी ) को आम्रपाली परियोजना में कोयला निकालने से लेकर डंपिंग तक की जिम्मेदारी दी गयी थी। सबने मिलकर यह काम को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। अब इस मामले में अनुसंधान की जिम्मेदारी सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची के इंस्पेक्टर रवि शंकर प्रसाद को सौंपी गयी है।
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति डॉ0 रामेश्वर उरांव ने राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाने के सामने स्थित वरिष्ठ नागरिक पार्क का आज निरीक्षण किया। इस पार्क को कल 20अगस्त राजीव गांधी की जयंती के मौके पर राज्य की जनता को समर्पित किया जाएगा।इस मौके पर पूर्व मंत्री हेमन्त प्रताप देहाती, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव, डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू,मदन मोहन शर्मा उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरांव ने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राजीव गांधी देश के उन महान नेताओं में शुमार हैं जिन्होंने अपने अल्प समय में अमिट छाप छोड़ दी।देश की राजनीति में राजीव गांधी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।20 अगस्त को राजीव गांधी की जयन्ती धूमधाम से पूरे राज्य में मनाई जाएगी एवं उन्हें याद किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि 20 अगस्त को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती को पार्टी कार्यकर्त्ता पूरे राज्यभर में धूमधाम से मनायेगी। साथ ही बढ़ती महंगाई और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करेगी। इसके अलावा राजीव गांधी की जयंती के मौके पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में विचार गोष्ठी, रक्तदान शिविर, अस्पताल एवं गरीबों के बीच फल का वितरण समेत कई कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जिसकी रूपरेखा तय की जा रही है।
प्रवक्ताओं ने कहा भारत रत्न राजीव गांधी का झारखण्ड की धरती से विशेष लगाव था और झारखंड स्वशासी परिषद का गठन किया और अलग राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल की थी लेकिन उनके नाम पर झारखंड में कुछ भी नहीं हो पाया था लेकिन डा रामेश्वर उराँव के सकारात्मक सोंच एवं प्रयासों से राजीव गांधी वरीष्ठ नागरीक पार्क का निर्माण कराया गया जिसे वित्त मंत्री 20 अगस्त को राज्य की जनता के लिए समर्पित करेंगे।
रांची। झारखंड के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा है कि राज्य सरकार 58 लाख राशन कार्डधारियों को सोना-सोबरन योजना के तहत एक-एक साड़ी, धोती-लुंगी उपलब्ध कराएगी।
डॉ0 रामेश्वर उरांव ने रांची में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार इस योजना के तहत 1.16 करोड़ साड़ी, धोती-लुंगी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही सभी खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सभी को अन्न उपलब्ध कराने की दिशा में प्रत्यनशील है और अब सभी को तन ढकने के लिए साड़ी, धोती या लुंगी भी उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि जहां से राशन लेते है, उसी जनवितरण प्रणाली की दुकान से सभी को धोती-साड़ी और लुंगी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि धोती-साड़ी और लुंगी 10 रुपये की कीमत पर लोगों को मिलेगा और यह इसकी क्वालिटी अच्छी होगी। रांची के अपर बाजार स्थित थोक वस्त्र विक्रेता से यदि इसकी लोग खरीदारी करेंगे, तो प्रत्येक साड़ी की कीमत 400 रुपये, लूंगी की कीमत 350 रुपये और धोती की कीमत 400 रुपये होगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही हरा राशन कार्डधारियों को भी इस योजना का लाभ देने की कार्य योजना पर काम प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना की सुपरविजन के लिए गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के कार्यकर्त्ताओं की भी मदद ली जाएगी और पार्टी कार्यकर्त्ताओं को भी इसकी जिम्मेवारी सौंपी जाएगी।
संथाल के तिवारी बंधुओं का पूरे झारखण्ड के शराब कारोबार पर कब्जा
भाजपा के प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने कहा कि राज्य उत्पाद विभाग उर्फ़ सिंडिकेट उर्फ़ तिवारी बंधुओं का अब एक ही नारा है-
हुई महँगी बहुत शराब, थोड़ी-थोड़ी पिया करो
कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि राज्य में लगभग दो हजार करोड़ का मदिरा का थोक व्यवसाय चुने हुए निजी व्यवसाय को सौंपने एवं पूरे मामले में हुए जालसाजी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग भारतीय जनता पार्टी करती है। उन्होने कहा कि ओडिशा,बंगाल, राजस्थान समेत कई राज्यों ने स्टेट बेवेरेज कारपोरेशन बनाया है। उसी तर्ज पर बने झारखण्ड स्टेट बेवेरेज लिमिटेड को आज निरर्थक बनाकर यहाँ कार्टल, भ्रष्टाचार एवं सिंडिकेट को स्थापित किया जा रहा है।
कुणाल ने कहा कि विभाग द्वारा की गयी अंतिम प्रक्रिया यह साबित करती है कि सिंडीकेट के सदस्यों के लाइसेंस बेहद जल्दबाजी में जारी किये गए हैं एवं अन्य सभी आवेदनों को ख़ारिज कर दिया गया है।जिसके परिणामस्वरुप थोक व्यापार का पूरा कारोबार राज्य के नियंत्रण से गंभीर राजस्व नुक्सान की कीमत पर मुठ्ठी भर व्यक्तियों को सौंप दिया गया है।
सभी सफल आवेदक जामताड़ा-दुमका और मिहिजाम के कैसे ?
कहा कि लाइसेंस प्राप्त सभी सफल आवेदक द्वारा दिए गये बैंक के ज्यादातर विवरण पंजाब नेशनल बैंक जामताड़ा, भारतीय स्टेट बैंक मिहिजाम, या पंजाब नेशनल बैंक दुमका के हैं।. ज्यादातर सफल आवेदक गोड्डा, जामताड़ा या दुमका जिलों से हैं और उनमें से कुछ रांची और धनबाद के होने के बावजूद उनके बैंक अकाउंट जामताड़ा या दुमका के हैं।
कुणाल ने कहा की स्पष्ट है कि आवेदक सिर्फ नाम के लिए अलग हैं लेकिन पूरा पैसा एक स्त्रोत के माध्यम से निवेश किया गया है। आवेदकों से सम्बंधित बैंकखातों के लेन-देन यह इंगित करते हैं कि एक आवेदक दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह जानना मुश्किल है कैसे और किस स्त्रोत से वैध और प्रमाणिक या अवैध तरीके से राशियाँ जमा की गयी और त्वरित परिणाम में वापस भी ले ली गई।
उन्होने कहा कि ज्यादातर सफल लाइसेंसधारी जामताड़ा और दुमका से हैं भले ही उनका पता किसी अन्य जिले का हो। अगर इस मामले की जाँच की जाए तो पूरी प्रक्रिया सुनियोजित मानी लॉन्ड्रिंग का बेहतरीन उदाहरण है।
हर रोज 75 लाख रुपये का कलेक्शन
कुनाल षाड़ंगी ने कहा कि राज्य में बिकने वाले हर शराब के बोतल पर 10-50 रूपये की वसूली सिंडिकेट कर रहा है जो रोजाना लगभग 75 लाख रूपये की है, जिसपर विभाग चुप है।
विभागीय वेबसाइट पर अब भी 2018-19 का ही रेट कार्ड है और किसी भी दुकान में रेट लिस्ट नहीं लगी है। इससे स्पष्ट है कि इसे विभागीय मौन सहमति है। एक्साइज पॉलिसी किसी भी तरह के एकाधिकारकी अनुमति नहीं देती क्योंकि राजस्व हानि के साथ-साथ व्यापारी कम गुणवत्ता वाले शराब की बिक्री के लिए भी कर सकते हैं,जिससे राज्य की जनता के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इन तथ्यों के आलोक में यह कहा जा सकता है कि राज्य सरकार के संलिप्तता के बिना मनी लॉन्ड्रिंग, राज्य कर की चोरी और हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन के माध्यम से किए गये इतने बड़े घोटाले को अंजाम नहीं दिया जा सकता।
भाजपा को शराब निलामी पर बोलने का हक नहीं- कांग्रेस
झारखंड में शराब का सरकारीकरण करने वाली भाजपा को शराब की नीलामी पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उक्त बातें प्रतिक्रिया स्वरूप प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कही। राकेश सिन्हा ने कहा कि सर्वप्रथम भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके बड़े पदाधिकारी और विधायक जो शराब व्यापार से जुड़े हैं उनकी स्थिति क्या है, एक और जहां रघुवर दास की सरकार ने खुद शराब बेचकर राज्य के राजस्व का काफी नुकसान कर अपनी तिजोरी भरने का काम किया। वही केंद्र में बैठी भाजपा नीत सरकार राज्य के हक का पैसा भी नहीं दे रही है, उस परिस्थिति में राज्य खुद अपना राजस्व विभिन्न स्रोतों से संग्रह करते हुए राज्य के विकास में अपनी प्रतिबद्धता दर्शा रही है।
राकेश सिन्हा ने कहा भाजपा को राज्य और राज्य की जनता को अगर इतनी ही चिंता है तो शराब के नीलामी पर संवाददाता सम्मेलन आयोजित ना कर गैस सिलेंडरों के दामों में जो भी हाल में 25 की वृद्धि हुई है, उस पर संवाददाता सम्मेलन करती तो ज्यादा अच्छा रहता। भाजपा अपनी हर नाकामियों का ठीकरा महा गठबंधन सरकार पर फोड़ने का काम ना करें।
रांची के अनगड़ा निवासी एक शख्स चैता बेदिया ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की है। प्रार्थी ने वकील निशांत कुमार के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि उसके परिवारिक सदस्यों को पुलिस बिना किसी कारण उठा कर ली गयी है और कोई भी पुलिस पदाधिकारी या लोकल थाना उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दे रहे कि उनके परिजनों को क्यों उठाया गया है ।
सुनील तिवारी को फंसाने के लिए लड़की को उठा ले गई पुलिस ?
इसके साथ ही उक्त याचिका में यह भी मांग की गयी है कि या तो पुलिस ने जिन लोगों को उठाया है उन्हें जल्द से जल्द रिहा करें या फिर अगर किसी मामले में वह वांछित हैं, तो अदालत के समक्ष उन्हें पेश किया जाये । आपको बता दें कि चैता बेदिया उसी लड़की के परिवार से है जिस लड़की ने बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी पर यौन शोषण का आरोप लगाया है ।
सुनील तिवारी को फंसाने के लिए पुलिस ने हमारे परिवार को उठाया
लड़की के परिजन चैता बेदिया ने याचिका (हेवियस कॉर्पस) के माध्यम से राज्य के डीजीपी, रांची के एसएसपी, ग्रामीण एसपी और अनगड़ा थाना प्रभारी को प्रतिवादी बनाया है । बेदिया ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि कुछ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और उनके पिता शिवाली बेदिया, बहन पुष्पमनी, पत्नी सुपोती देवी और उसके दो बच्चों को जबरन अपने साथ ले गये ।
पुलिस जबरन लड़की पर सुनील तिवारी के खिलाफ बोलने के लिए दबाव बना रही है
प्रार्थी चैता बेदिया ने याचिका में कहा है कि जिस समय पुलिस पहुंची वो उस समय घर पर नहीं थे वरना मुझे भी उठा लिया जाता । उन्होने अदालत से मांग की है कि अगर मेरे परिजन पुलिस की हिरासत में हैं तो उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जाय । चैता बेदिया ने आसंका जताई है कि सुनील तिवारी के खिलाफ बोलने के लिए पुलिस लड़की और परिवारवालों पर दबाव बना रही है ।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने इशारों-इशारों में बाबूलाल पर ये क्या कह दिया ?
आदिवासी बेटियों के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण करने में कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हैं । ये बेहद दुखद है । लेकिन हम देख रहे हैं कि इस राज्य की एक आदिवासी लड़की के साथ यौन शोषण के एक मामले में भाजपा आरोपी के समर्थन में उतर आई है । भाजपा के मीडिया प्रभारी द्वारा बाबूलाल मरांडी को मंच देकर आदिवासी लड़की के आरोपी के बचाव का प्लेटफॉर्म मुहैया कराया गया । हम भाजपा से पूछना चाहते हैं कि भाजपा बताए कि झारखण्ड की आदिवासी बेटियों के साथ जो घरेलू काम कराया जाता है, उनका मानसिक और शारीरिक शोषण होता है, उसपर भाजपा का क्या स्टैंड है ? ये बातें झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही ।
बाबूलाल जी विदेशों में क्या करते थे, सार्वजनिक करें
बहुत सारी यादें ताजा होती हैं । कभी थाइलैंड, बैंकॉक, पटाया…कोलकाता का इम्पेरियल होटल, दुमका का परिसदन, ऐसी कई सारी इमारतें हमारी आंखों के सामने से गुजरती हैं। बहुत सारी यादें ताजा हो जाती हैं। हमने तो बाबूलाल मरांडी से पूछा भी था कि वो अपने विदेश दौरे या देश भर में जहां-जहां गये, उसका ब्योरा दें । बाबूलाल जी तो सार्वजनिक जीवन में हैं, वे अपने पासपोर्ट का डिटेल्स दें दें, या फ्लाइट में वे अपने को-पैसेंजर का डिटेल्स दे दें, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा । बाबूलाल मरांडी जैसे नेता के लिए तो ये और जरूरी है।
बाबूलाल जी को तो सुनील तिवारी के घर की सारी डिटेल्स मालूम है
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को तो सुनील तिवारी के घर की सारी जानकारी है । हमें तो ये भी नहीं पता था कि सुनील तिवारी का रांची के कडरू में भी मकान है। ये तो हमें बाबूलाल मरांडी ने ही बताया । जब बाबूलाल मरांडी के ये पता है कि आदिवासी लड़की सुनील तिवारी के यहां रहती थी, वहां पढ़ती थी, तो बाबूलाल ये भी बता दें कि वहां और क्या-क्या होता था ?
मोदीजी की भाजपा तो “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाव” की बात करती है ?
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ की बात करते हैं, वहीं झारखण्ड में उनकी पार्टी एक ऐसे व्यक्ति का बचाव कर रही है, जिसपर आदिवासी लड़की के यौन शोषण का आरोप है। क्या भाजपा जैसी पार्टी के लिए ये शोभा देता है ?
कोडरमा। जिले में पहली बार किसी पुलिस विभाग में पदस्थापित दरोगा को निगरानी विभाग ने पकड़ा है। बताया जाता हैं कि गुरुवार को डोमचांच थाना के एएसआई रणजीत झा को निगरानी की टीम ने घूस लेते हुए गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार एएसआई रंजीत कुमार झा जमीन तथा मारपीट के एक मामले में 10 हजार रुपये घूस के रूप में मांग रहे थे, जिसकी शिकायत निगरानी में की गई थी। जिसके बाद मामले की पुष्टि होने के बाद निगरानी के बिछाए जाल में फंस गए। ओर जैसे ही थाना ( बैरक निवास स्थान पर) जैसे ही घुस के रूप में 10 हज़ार दिया गया,तो निगरानी की टीम ने घर दबोचा। जिसके बाद उसके हाथ धुलवाने के बाद हजारीबाग से आयी टीम ने रिश्वत के पैसे समेत गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद निगरानी की टीम उसे अपने साथ हजारीबाग ले गयी। वहीं गिरफ्तारी के बाद उसके बक्से के भी तलासी ली गयी। बहरहाल जिले में वैसे लोगों में भय का वातावरण बन गया है जो बिना पैसे के कोई कार्य नहीं करते।