Monday 6th of July 2026 10:55:44 AM
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नियोजन नीति पर नये सिरे से बात करेगी कांग्रेस

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ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाएंगे- आरपीएन सिंह
ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाएंगे- आरपीएन सिंह

कांग्रेस ने कहा है कि झारखंड में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण और पिछली सरकार ने लैंड बैंक के नाम पर जो गरीबों की जमीन जबरदस्ती हथियाई थी, उसे वापिस करने का मुद्दा विधानसभा में उठाएगी। आरपीएन सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस की ओर से ये जानकारी दी गई।

नियोजन नीति पर दोबारा बातचीत चाहती है कांग्रेस

झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा कि कांग्रेस नियोजन नीति को लेकर फिर से झामुमो से बात करेगी ताकि त्रुटियों को सुधारा जा सके। आरपीएन सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के चयन और कुछ अन्य मसलों पर कांग्रेस दोबारा विचार चाहती है ।

पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी

आरपीएन सिंह ने कहा कि कांग्रेस पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर प्रतिबद्ध है। ये हमारे मैनिफेस्टों में भी था। उन्होने कहा कि महागठबंधन की सरकार में कांग्रेस पिछड़ों के लिए 27 फीसदी आरक्षण जल्द ही लागू करवाने का प्रयास करेगी।

रघुवर सरकार में लैंड बैंक का मुद्दा

आरपीएन सिंह ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा लैंड बैंक के नाम पर गरीबों की जमीन जबरदस्ती लूट ली गई थी। हम उसे गरीबों को वापस करने को संकल्पित हैं। उन्होने कहा कि भाजपा ने गरीबों से जो जमीनें छीनी थी, उसे उन गरीबों को वापस दिलाने का संकल्प विधानमंडल दल ने लिया है।

कांग्रेस विधायकों द्वारा सरकार गिराने के सवाल पर भड़के आरपीएन सिंह

पत्रकारों ने सवाल उठाया कि कांग्रेस के दो विधायकों का नाम सरकार गिराने की साजिश में सामने आया, इसपर भड़कते हुए आरपीएन सिंह ने जवाब दिया कि कहां आया है नाम ? क्या किसी रिपोर्ट में आया है ? अगर मीडिया के पास उस रिपोर्ट की कॉपी है तो दें।

बोकारो में भूख से मौत मामले पर हाईकोर्ट की टिप्पणी,कहा

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गांव के लोग लकड़ी बेचकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यह शर्म की बात है
गांव के लोग लकड़ी बेचकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यह शर्म की बात है

हाईकोर्ट ने दो साल पहले बोकारो में भूख से मौत मामले की सुनवाई करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणियां की। कोर्ट ने कहा कि कहा कि गांव में विकास नहीं पहुंचना ही नक्सलवाद को बढ़ावा देता है। आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां पर राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य की योजनाएं केवल कागजों पर सिमट कर रह गई हैं।

समाज कल्याण विभाग के सचिव को पेश होने का आदेश

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारें आज भी जनता को जंगली की तरह ही ट्रीट करती हैं। बिरहोर समाज के लोग पत्ता खाने को मजबूर हैं। गैस चूल्हा, शौचालय और स्वच्छ पानी तक की भी कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। राशन के लिए उन्हें 8 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। अदालत ने सामाजिक कल्याण विभाग के सचिव को अगली सुनवाई के दौरान पेश होने का आदेश दिया। मामले पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

क्या गांव में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं पहुंचा सकती सरकार ?
कोर्ट ने कहा कि क्या राज्य सरकार गांव में चिकित्सा सुविधा, स्कूल, शुद्ध पीने का पानी, रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं उपलब्ध करा सकती है। अदालत ने कहा कि इसके लिए जिम्मेवार अधिकारी कहां है और क्या कर रहे है। सीओ, बीडीओ क्या कर रहे है।

दो साल पहले बोकारो में तीन लोगों की भूख से हो गई थी मौत
दरअसल मामला 2 साल पुराना है। बोकारो के कसमार में एक ही परिवार के तीन लोगों की भूख से मौत की खबर मीडिया में आने के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। इसमें झालसा से रिपोर्ट पेश करने और सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। सरकार ने कहा था कि भूख से किसी की मौत नहीं हुई थी। जबकि झालसा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोगों का जीवन दयनीय है।

क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र जी ने भाजपा के विभिन्न मोर्चों और उनके काम की स्थिति की ली जानकारी

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सभी मोर्चा के पदाधिकारियों का परिचय प्राप्त करते नागेन्द्र जी
सभी मोर्चा के पदाधिकारियों का परिचय प्राप्त करते नागेन्द्र जी

भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में पार्टी के सभी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों एवम महामंत्रियों की बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि जनमुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ लड़ाई में मोर्चा कार्यकर्ता समाज की अगुवाई करे।

चाहे किसानों के सवाल हो या अनुसूचित जाति, जनजाति के सवाल हो,महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार हों या फिर युवाओं के साथ हो रही वादा खिलाफी सभी सवालों पर मोर्चा अपनी अग्रणी भूमिका निभाए। दीपक प्रकाश ने विगत दिनों राज्य सरकार के खिलाफ आन्दोलन में मोर्चा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में हुई भागीदारी की सराहना की।

बैठक में नवनियुक्त क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र जी ने मोर्चा के पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त किया एवम विभिन्न मोर्चा के द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमो की जानकारी प्राप्त की। इस बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने भी सांगठनिक विस्तार एवम राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर मोर्चा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।

परिचय बैठक में शामिल भाजपा के विभिन्न मोर्चा के पदाधिकारी
परिचय बैठक में शामिल भाजपा के विभिन्न मोर्चा के पदाधिकारी

कौन-कौन थे मौजूद ?

बैठक में अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष एवम विधायक अमर बाउरी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव, युवा मोर्चा अध्यक्ष किसलय तिवारी,महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती कुजूर, पिछड़ा मोर्चा अध्यक्ष अमरदीप यादव,किसान मोर्चा अध्यक्ष पवन साहू सहित मोर्चा के महामंत्री गण भी उपस्थित थे।

ढेंगा गोलीकांडः सरकार ने विधानसभा में दिए दो तरह के जवाब, हाईकोर्ट ने चार हफ्तों में मांगा जवाब

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मंटू सोनी ने दायर किया है क्रिमनल रिट याचिका, जस्टिस एस के द्विवेदी की कोर्ट में हुई सुनवाई
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सरकार ने विधानसभा में दिए थे दो तरह के जवाब
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कोर्ट ने सरकार से चार हफ्ते में मांगा जवाब

उज्जवल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला

हजारीबाग। जिले के बड़कागांव के ढेंगा में 14 अगस्त 2015 को हुई गोलीकांड मामले में दायर क्रिमनल रिट याचिका की सुनवाई गुरुवार को हाईकोर्ट में जस्टिस एस के द्विवेदी की अदालत में हुई। ढेंगा गोलीकांड में घायल मंटू सोनी ने हाईकोर्ट में क्रिमनल रिट संख्या 127/21 दायर किया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मंटू सोनी ने कहा है कि वह ढेंगा गोलीकांड का पीड़ित है। लेकिन पुलिस ने उसे अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया था।
मंटू सोनी ने कहा है कि वह ढेंगा गोलीकांड का पीड़ित है। लेकिन पुलिस ने उसे अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया था।

इस घटना में सबसे मुख्य बात यह है कि सरकार ने विधानसभा में पूछे गए दो सवालों के जवाब में दो तरह के जवाब दिए हैं। एक सवाल के जवाब में कहा कि उस घटना में पुलिस ने हवाई फायरिंग किया और कोई घायल नहीं हुआ, वहीं दूसरे सवाल के जवाब में कहा है कि आत्मरक्षा में फायरिंग की गई थी जिसमें मंटू सोनी सहित पांच अन्य लोग घायल हुए थे। जबकि पुलिस केस संख्या 167/15 में किसी को घायल होने का जिक्र नहीं किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उड़ाया गया माखौल

हाईकोर्ट में दायर क्रिमनल रिट याचिका में मंटू सोनी ने कहा है कि वह ढेंगा गोलीकांड का पीड़ित है। लेकिन पुलिस ने उसे अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया था। इसके लिए पुलिस ने सबूत छुपाकर फर्जी आरोप लगाए हैं। पुलिस ने उसके घायल होने और सदर अस्पताल में पुलिस में दिए बयान को छुपाते हुए कांड संख्या 167/15 में उसे अभियुक्त बना दिया। इतना ही नहीं केस का अनुसंधानकर्ता अवधेश सिंह को बना दिया गया। जो इस घटना में खुद घायल हुआ था। जेल से बंदी आवेदन पत्र लिखकर मंटू सोनी ने अधिकारियों पर कोर्ट में पत्र लिखकर मामला दर्ज करने का आग्रह किया था, कोर्ट ने आरोपियों पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया लेकिन 11 महीने बाद मंटू सोनी के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया। जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि एक ही घटना में अलग-अलग एफआईआर होने पर दोनों कांडों का अनुसंधान कर्ता एक ही अधिकारी करेंगे ।

जो पुलिस केस में गवाह है, उसे बना दिया अनुसंधानकर्ता

मंटू सोनी के आवेदन पर बड़कागांव थाना में दर्ज कांड संख्या 214/16 का अनुसंधान कर्ता उसी अधिकारी को बना दिया गया जो पुलिस केस में मंटू सोनी के खिलाफ गवाह है। पुलिस की मनमानी यहीं नहीं रुकी। कांड संख्या 214/16 में अनुसंधान कर्ता अरुण हेम्ब्रम और तत्कालीन एसडीपीओ अनिल सिंह ने मंटू सोनी का सदर अस्पताल और जेल अस्पताल के गन शॉट इंज्युरी को दरकिनार कर कांड संख्या 167/15 और 214/16 के तथ्यों और सबूतों की जांच किए बिना एकतरफा कार्रवाई करते अभियुक्तों को दोषमुक्त करते हुए केस बंद करने की अनुसंशा कोर्ट में कर दिया। इन अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई की मांग याचिका में की गई है।

सदर अस्पताल की रिपोर्ट कहती है कि मंटू सोनी गोली लगने से घायल हुए, सरकार कहती है कि पुलिस ने हवाई फायरिंग की
सदर अस्पताल की रिपोर्ट कहती है कि मंटू सोनी गोली लगने से घायल हुए, सरकार कहती है कि पुलिस ने हवाई फायरिंग की

युवराज सिंह बनाए गए भारतीय युवा कांग्रेस के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता

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युवराज सिंह बनाए गए भारतीय युवा कांग्रेस के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता
युवराज सिंह बनाए गए भारतीय युवा कांग्रेस के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता

राँची ।  हवाई नगर निवासी, कांग्रेस नेता एवम समाजसेवी युवराज सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस का प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। कल देर रात भारतीय युवा कांग्रेस के द्वारा संपूर्ण भारत में विभिन्न राज्यों के प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किए गए जिसमें झारखंड से मात्र 3 व्यक्तियों का चयन हुआ जिसमें से एक युवराज सिंह है।

कांग्रेस पार्टी में विगत 5 वर्षों से अपना योगदान देते आए हैं एवं संगठन के एक सक्रिय एवं ऊर्जा वान कार्यकर्ता रहे है । इस मौके पर युवराज सिंह जी ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह एवम झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऊर्जावान अध्यक्ष आदरणीय राजेश ठाकुर जी से मुलाकात कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया ।

बधाई देने वालों में झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार गौरव, उपाध्यक्ष कुमार राजा, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, झारखण्ड प्रदेश प्रवक्ता अजय नाथ शाहदेव शामिल है ।

गिरिडीहः हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी, शहर में बढ़ने लगा कचरे का ढेर

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कर्मियों ने एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाये,  हड़ताल के बहाने शहर की सफाई में अटकाए जाते हैं रोड़े
कर्मियों ने एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाये,  हड़ताल के बहाने शहर की सफाई में अटकाए जाते हैं रोड़े

30 में 20 सफाई वाहन पिछले 6 माह से खराब पड़े हैं

गिरिडीह/ अमित सहाय

गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में कचरा उठाने वाली एजेंसी आकांक्षा वेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है । शहर के विभिन्न मोहल्लों में कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। हड़ताल को लेकर आकांक्षा के कर्मियों ने साफ शब्दो में कहा है कि एजेंसी मनमानी कर रही है। एजेंसी का 20 वाहन पिछले 6 माह से खराब पड़ा हुआ है । महज 10 गाड़ी के वर्कर ही काम कर पाते हैं । बाकी वाहन के वर्करों को काम नहीं मिलता है।

कर्मियों ने बताया कि इन वाहनों के वर्करों का वेतन ठीक से नहीं बन रहा है । उन्हें एक माह लेट से तनख्वाह दिया रहा है. जबकि कईको का पीएफ का हिसाब भी एजेंसी नहीं दे रही है । इसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन एजेंसी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।

हड़ताल के समर्थन में भाकपा माले गिरिडीह विधानसभा प्रभारी राजेश सिन्हा ने कहा कि मजदूरों और कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । इन कर्मियों की समस्याओं का निदान हर हाल में होना चाहिए । इस पर जनप्रतिनिधियों के साथ साथ अधिकारियों को भी पहल करनी चाहिए थी, लेकिन इस दिशा में किसी का ध्यान नहीं है । भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि मजदूरों का जो मांग है, उसे आकांक्षा प्रबंधन माने और लिखित रूप से इसकी जानकारी दें तभी हड़ताल खत्म होगी।

इधर हड़ताल पर कर्मियों और मजदूरों के बैठते ही एजेंसी ने मान-मनौव्वल शुरू कर दिया है । एजेंसी का कर्मियों और भाकपा माले के नेता के संग वार्ता भी हुई है । वार्ता में विशेष निर्णय नहीं हो सका है ।  सूत्रों की माने तो एजेंसी आर्थिक संकट से गुजर रहा है ।

जिसका डर था.. हेमंत जी,वही बात हो गई

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बर्तनों की बिरादरी में चम्मच का महत्व कुछ ज्यादा ही है
बर्तनों की बिरादरी में चम्मच का कितना महत्व उचित ?
के. कौशलेन्द्र
के. कौशलेन्द्र

मुद्दा देश का हो या व्यक्तिगत जब किसी बात पर तर्क़ होता है तो दोनों पक्षों की अपनी दलीलें भी होती हैं.आजकल सूबे झारखंड में स्थितियां कुछ ऐसी ही हैं, कोई मुद्दा खड़ा हो जाता है और उसके साथ ही उसके लिए दलीलें भी खड़ी कर दी जाती हैं.

बुधवार को झारखंड उच्च न्यायालय के दो फैसलों ने सत्तासीन हेमंत सोरेन सरकार की किरकिरी का पूरा इंतजाम ही लिख डाला. दारोगा रूपा तिर्की संदिग्ध मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश और विद्वान महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता के ख़िलाफ़ अपराधिक न्यायिक अवमानना के मुकदमे को मंजूरी.

स्वभाविक है कि प्रतिपक्ष को सरकार पर हमलावर होने की दलीलों का पिटारा हाथ लग गया और सत्तापक्ष के लिये न्यायपालिका से मिले झटके से उबरने की दलीलों की दरकार बढ़ गयी. दोनों मामलों का फलाफल फिलहाल भविष्य के गर्भ में है. अभी आकलन और अटकलों का बाज़ार मात्र उबाल मारेगा.

संपूर्ण प्रकरण पर बेबाक चिंतन करते- करते मुझे संदीप अलबेला की लघुकथा – ‘विधाता का वरदान’ याद आ गया… कथा का सार और सूबे की सरकार की दशा और दिशा का आकलन आप पर छोड़कर कथा सुनाता हूँ…..

एक धातु का टुकड़ा अत्यंत ही परेशान था कि वह किस वस्तु में अपने आप को ढाले. जब उसे कुछ समझ नहीं आया तो वह तपस्या करने लगा. अंततः ब्रह्मा जी प्रकट हुए और बोले वर मांगो. तब उस धातु के टुकड़े ने अपनी समस्या बतायी कि- हे प्रभु मैं अत्यंत भ्रमित हूँ मैं किस वस्तु का रूप धारण करूं?

मनुष्य ने इतने बर्तनों का निर्माण किया है कि मैं तय नहीं कर पा रहा हूं कि, मुझे कौन सा बर्तन बनना चाहिए.तब विधाता ने कहा कि बस इतनी सी बात लो मैं वरदान देता हूं कि तुम अपने जीवन काल में अपनी इच्छानुसार तीन बर्तनों में परिवर्तित हो सकते हो. इतना कह कर विधाता अन्तर्ध्यान हो गये.
तब वह धातु का टुकड़ा सर्वप्रथम थाली बना, पर उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मसलन सबके बीच वह आसानी से मिल जुल नहीं पाता, उसमें एक साथ कई खाद्य सामग्री परोस दी जाती. घर में किसी को गुस्सा आता तो उसी पर शांत करते.

“बलम गइले झरिया फेक देहले थरीया” जैसे गीत लिखे गए. कभी कभी तो घर के चूहे, बिल्ली, कुत्ते तक मुँह लगा देते.

एक दिन तंग आकर उसने अपना रूप बदला और गिलास बन गया.पर कुछ ही दिनों में उसे समझ आ गया कि गिलास की दशा तो थाली से भी खराब है.इसकी तो पूछ बहुत ही कम है.आधुनिक समय में लोग कांच के गिलास या बोतल का प्रयोग करते हैं,और इसका प्रयोग बस पेय पदार्थों के लिए ही होता है. इसके अलावा यह हमेशा एक स्थान पर ही पड़ा रहता है और तो और इस पर कोई गीत, मुहावरा तक नहीं है. वह अपने फैसले पर पछता रहा था.

काफी सोच-विचार के बाद इस बार वह चमचा( चम्मच) बना. चमचा बनते ही उसमें एक ऊर्जा का संचार हुआ, उसे लगने लगा कि इन बर्तनों के समाज में उसका विशेष स्थान है और घर हो या बाहर चमचों की हर जगह पूछ है. घर में वो कभी थाली को बजा देता, कभी कटोरी से लड़ जाता, कभी गिलास में घुस कर अजीब ध्वनियां निकालता. लगभग सभी व्यंजनों में चमचे की जरूरत पड़ती. अपने समाज में चमचे की बड़ी इज्जत और रूतबा था. कोई भी बर्तन जब चुनाव लड़ता तो बिना चमचे के उसका काम नहीं चलता.

आलम ये हो चला था कि दूसरे बर्तन अपनी बात नेता तक पहुंचाने के लिए चमचे की जी हजूरी करने लगे थे बिना चमचे के नेता हो या कोई और किसी का काम नही चल रहा था. औंर तो और इसमें तो भांति भांति की उपाधियां भी थी, सोने का चमचा, चांदी का चमचा और कई मुहावरे आदि भी.

बर्तनों के समाज में चमचे की खूब चल रही थी.

कोई भी आयोजन हो या कार्यक्रम हो चमचा पहली कतार में मौजूद रहता था. कभी-कभी तो नेता के न होने पर चमचा सब कुछ देखता. समाज में चमचा एक विशेष स्थान पर रखा जाने लगा. रसोई में अन्य बर्तनों से इतर उसके लिए विशेष स्थान बना था. चमचे के पास अब नाम था, पैसा था, पकड़ थी, पहुंच थी, धौंस था. अंततः सब मिला जुला कर वह धातु का टुकड़ा अब बेहद खुश था.

धातु तो चमचा योग पाकर इतराने लगा लेकिन बर्तन के मुखिया नेताजी का राजयोग चमचा जनित कर्कश अराजक शोर में अपयश का भागी बनने लगा ।

कमोबेश यही दशा सूबे में सत्तासीन हेमंत सोरेन सरकार की भी मात्र 19 महीने में दिखने लगी है. वैसे हेमंत जी का भी दोष नहीं -आजकल इसी का बोलबाला है, सबको पता है फिर भी आस्तीन में सांप पाला है.

जनता के उम्मीद गठरी अब भी संभाल लीजिये मुख्यमंत्री जी और चले चलिए कि चलना ही दलील-ए-कामरानी है
जो थक कर बैठ जाते हैं वो मंज़िल पा नहीं सकते.
गलतियों से सबक ले आगे बढ़ना होगा और आपकी सरकार को बख्श लाइलपुरी की निम्न पंक्तियों को चरितार्थ करना होगा कि

हर दलील काटेंगे हम दलील-ए-रौशन से
‘बख़्श’ सौ सवालों का इक जवाब लिक्खेंगे

(लेखक झारखंड के जाने-माने स्तंभकार हैं और लेख में प्रकट किए गये विचार उनके अपने हैं)

माले विधायक ने किया बरहमोरिया में ऑक्सीजन सपोर्टेड वार्ड का उद्घाटन

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बागोदर विधायक के प्रयास से ऑक्सीजन सपोर्टेड वार्ड बनकर तैयार
बागोदर विधायक के प्रयास से ऑक्सीजन सपोर्टेड वार्ड बनकर तैयार

गिरिडीह । भाकपा माले के बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह ने बरहमोरिया स्थित अस्थाई कोविड अस्पताल में 20 बेड ऑक्सीजन सपोर्टेड वार्ड का फिता काटकर उद्घाटन किया। विधायक ने कहा कि कोविड जैसी विकट परिस्थिति में समय पर लोगों के लिए ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की नितांत आवश्यकता होती है। जिला का अस्पताल होने के नाते स्वाभाविक रूप से यहां मरीजों का इलाज करने का दबाव अधिक रहता है। इसलिए उन्होंने अपने मद से राशि उपलब्ध कराई थी, जिससे यह वार्ड बनकर तैयार हुआ है।

विनोद सिंह ने कहा कि, कोविड का खतरा अभी पूरी तरह से गया नहीं है, इसलिए इस वार्ड के बन कर तैयार हो जाने से किसी भी विषम परिस्थिति में इसका लाभ मरीजों को मिल सकेगा।

इस मौके पर माले नेता राजेश कुमार यादव, राजेश सिन्हा, गौरव कुमार, उज्जवल साव, सनातन साव के अलावा संवेदक तुषार कुमार आदि मौजूद थे

Kashmir: अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का निधन

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रात साढ़े 8 बजे के करीब हुआ गिलानी का निधन
रात साढ़े 8 बजे के करीब हुआ गिलानी का निधन

श्रीनगर । अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का 92 साल की उम्र में श्रीनगर में बुधवार रात को निधन हो गया। कश्मीर घाटी में सैयद अली शाह गिलानी के निधन के चलते इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कश्मीर में इंटरनेट सेवा बाधित होने की पुष्टि की है।

महबूबा मुफ्ती ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि गिलानी साहब के निधन की खबर से दुखी हूं। हम ज्यादातर बातों पर सहमत नहीं हो सकते हैं, लेकिन मैं उनकी दृढ़ता और उनके विश्वासों के साथ खड़े होने के लिए उनका सम्मान करती हूं। अल्लाह तआला उन्हें जन्नत अता करे और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

कौन थे सैयद अली शाह गिलानी ?

सैयद शाह अली गिलानी का जन्म 29 सितंबर 1929 में बारामूला जिले में हुआ था। गिलानी पहले जमात-ए-इस्लामी कश्मीर के सदस्य थे, लेकिन बाद में इन्होंने तहरीक-ए-हुर्रियत नाम से अपनी पार्टी का गठन किया। गिलानी सोपोर निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं।

भारत विरोधी गतिविधियों के चलते पाकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिला

गिलानी को पाकिस्तान अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज चुका है। हुर्रियत नेता को यह सम्मान राष्ट्रपति आरिफ रिजवी ने दिया था। हालांकि, गिलानी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे। उनके स्थान पर हुर्रियत नेताओं ने सम्मान लिया था। अलगाववादी नेता गिलानी अपने भारत विरोधी बयानों के लिए मशहूर रहे थे।

देखें वीडियोः सेना जवान की पिटाई प्रकरण में पुलिस कप्तान की बड़ी करवाई

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चतरा :जिला अंतर्गत मयूरहंड थाने क्षेत्र में आर्मी जवान के साथ पुलिस की पिटाई मामले में वायरल वीडियो का पुलिस अधीक्षक चतरा के द्वारा मुख्यालय डीएसपी से जांच करवाई गई l जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए गए l जिनमें से तीन पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है एवं दो सहायक पुलिस को पुलिस लाइन क्लोज किया गया है l

उज्जवल दुनिया संवाददाता/ गीतांजलि

चतरा। कोरोना से लोगों की जान तो जा ही रही है।अब कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने और नहीं लगाने के झगड़े में भी किसी की जान जा सकती है। मयूरहंड में मास्क चेकिंग अभियान के दौरान कुछ ऐसा ही हुआ। मास्क चेकिंग के दौरान पुलिस और आर्मी जवान के बीच ऐसी झड़प हुई की दोनों अपना आपा खो बैठे और दोनों में मारपीट हो गई। जवान को मयूरहंड पुलिस ने थाना ला कर मामले की जांच कर रही है। घटना थाना क्षेत्र के करमा की है।

जानकारी के मुताबिक बीडीओ साकेत कुमार सिन्हा के अगुवाई में मास्क चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी बीच एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आरभुसाही निवासी मुंसी यादव के पुत्र पवन यादव अपने दो और साथी के साथ एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हजारीबाग की ओर से आ रहा था। पवन आर्मी का जवान है जो छुट्टी में घर आया था। चेकिंग अभियान में जवान के मोटरसाइकिल को पुलिस ने रोक दिया। इसी में जवान और पुलिस में बहस हो गई। इसके बाद जवान की पुलिस ने पिटाई कर दी।

पिटाई के बाद आर्मी जवान और उसके साथियों को थाने में लाई गई है। इस संबंध में बीडीओ ने बताया कि जवान ने अपना परिचय नहीं दिया। पुलिस और जवान उलझ गए। थाना प्रभारी कौशल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

सूबे का सबसे बड़ा घोटाला बिजली विभाग में

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सूबे का सबसे बड़ा घोटाला बिजली विभाग में
सूबे का सबसे बड़ा घोटाला बिजली विभाग में

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने डीवीसी मामले में हेमन्त सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि हेमन्त सरकार डीवीसी मामले में जनता को गुमराह कर रही है। इस सरकार का ना तो प्रशासनिक प्रबंधन सही है और न वित्तीय प्रबंधन।

वित्त मंत्री को जनता से माफी मांगनी चाहिए 

उन्होंने कहा कि डीवीसी द्वारा राज्य सरकार से बिजली बकाये के बदले कटौती किये जाने पर हेमंत सरकार ने जनता को दिग्भ्रमित करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि दम है तो मुख्यमंत्री जी डीवीसी मामले में जनता के बीच सच बोलने का कार्य करें।
राज्य के वित्तमंत्री को जनता से इस पाप के लिये माफी मांगनी चाहिये।

सूबे का सबसे बड़ा घोटाला बिजली विभाग में 

उन्होंने कहा कि डीवीसी द्वारा मध्यप्रदेश, पंजाब,बहरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, केरल,को बिजली आपूर्ति की जाती है। इसमे मध्यप्रदेश, हरियाणा बीजेपी शासित प्रदेश हैं,जहां कोई बकाया नही है। तीसरा बीजेपी शासित प्रदेश कर्नाटक है जहां मात्र 121 करोड़ बकाया है जिसका नियमित भुगतान किया जाता है। गैर भाजपा शासित प्रदेश दिल्ली पर 587 करोड़ जबकि पश्चिम बंगाल ,केरल के पास कोई बकाया नही है। परंतु झारखंड राज्य पर डीवीसी का निर्विवाद बकाया 714 करोड़ की कटौती के बाद भी 2376 करोड़ है। उन्होंने कहा कि सूबे में सबसे बड़ा घोटाला बिजली विभाग में है। राज्य सरकार उपभोक्ताओं से भुगतान ले रही परंतु डीवीसी का बकाया नही दे रही।

डिफेंस के कार्यों में भी हेमन्त सरकार लगा रही है अड़ंगा

दीपक प्रकाश ने हेमन्त सरकार पर एचइसी का बिजली काटे जाने पर हमला बोलते हुए कहा कि हेमन्त सरकार ने डिफेंस के हथियारों को तैयार करने वाली एचइसी का भी बिजली काटकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दिया। सैन्यकर्मियों का हांथ मजबूत करने के लिए एचइसी में कार्य होता रहा है। एचईसी के अस्पताल की बिजली काटकर मरीजों को भी कष्ट दिया गया। अपनी नाकामी को छिपाने केलिये यह सरकार आम जनता, मरीज किसी को भी नही छोड़ती।
यह सरकार लोककल्याण केलिये होती है ,लोक परेशान केलिये नही।

टेरर फंडिंग के आरोपी के साथ हेमन्त सोरेन की तस्वीर सरकार का सच लाया सामने

श्री प्रकाश ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एनआईए के आरोपी व टेरर फंडिंग करने वाले एक खास उद्योगपति के साथ फोटो वायरल ने सरकार का सच सामने ले आया है। मुख्यमंत्री बताएं कि किन हालातों में आतंकी फंडिंग के आरोपी से माला पहनने का कार्य कर रहे हैं ?

रूपा तिर्की के हत्यारों को बचाने में जुटी थी हेमंत सरकार, CBI जांच का स्वागत: दीपक प्रकाश

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हेमन्त सरकार में महिलाओं पर बढ़ा अत्याचार: दीपक प्रकाश 
हेमन्त सरकार में महिलाओं पर बढ़ा अत्याचार: दीपक प्रकाश

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने रूपा तिर्की हत्याकांड में हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश का स्वागत किया है।  उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की 18 महीने की सरकार में 2800 महिलाओं के साथ दुष्कर्म का आंकड़ा डराने वाला है। इस राज्य में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैैं,  किंतु दुःखद है कि हेमन्त सरकार महिलाओं पर हो रहे दुष्कर्म के मामलों पर भी पर्दा डालने का कार्य कर रही है।

रूपा तिर्की की हत्या के आरोपियों को बचाने में जुटी थी हेमंत सरकार 

रूपा तिर्की के मुंह से निकल रहा था झाग
रूपा तिर्की के मुंह से निकल रहा था झाग

दीपक प्रकाश ने कहा कि रूपा तिर्की की संदिग्ध हत्याकांड में भी आरोपियों को सत्तारूढ़ हेमन्त सरकार ने पुरजोर बचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि 3 मई की हत्या के दिन लाश संदिग्ध अवस्था में प्राप्त हुआ । पलंग पर बैठे बैठे सुसाइड नहीं हो सकता ।  डेथ के बाद मुहँ नाक से झाग निकलने पर परिजनों ने जहर देकर हत्या का आरोप लगाया, शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए व गुप्तांग में अत्यधिक रक्त स्राव से दुष्कर्म का भी संदेह का आरोप परिजनों ने लगाया । बावजूद इसके हेमन्त सरकार ने आरोपियों को बचाने का भरपूर प्रयास किया।

रूपा तिर्की के पिता देवानंद उरांव को ही हत्या का आरोपी बना दिया

उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच के बाद कई रहस्य खुलेंगे। सीबीआई जांच के बाद परिजनों को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में हद तो तब हो गयी जब उल्टा रूपा तिर्की के चरित्र पर ही सवाल खड़े किए गए, मामले को प्रेम प्रसंग के रूप में जोड़ते हुए रफा दफा करने की नाकाम कोशिश की गई। रूपा तिर्की के पिता देवानंद उरांव को ही हत्या का आरोपी बना दिया गया।

‘भारत सरकार भी गर्भवती महिलाओं को कोरोना वैक्सीन लेने के लिए कह चुकी है‘

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रांची : पारस एचईसी अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु अग्रवाल का कहना है कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी कोरोना का टीका जरूरी है। यह न सिर्फ उनके लिए फायदेमंद है बल्कि उनके दूधमुंहे बच्चे के लिए भी लाभदायक है। क्योंकि कोरोना का टीका लेने से मां के शरीर में जो एंटी बॉडी बनेगा वह दूध के माध्यम से उनके बच्चे के शरीर में भी जाएगा। ऐसे में एक साथ मां और दूधमुंहे बच्चे को फायदा होगा और उन्हें कोरोना से सुरक्षा मिलेगी।

पारस एचईसी अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु अग्रवाल
पारस एचईसी अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु अग्रवाल

बुखार आने पर घबराएं नहीं 

डॉ. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना का टीका लेने के बाद स्तनपान करा रही महिला को बुखार आ सकता है। ऐेसे में घबराने की आवश्यकता नहीं है। बुखार होने की स्थिति में पारासिटामोल टेबलेट खा लें। लेकिन स्तनपान नहीं रोकें। उसे जारी रखें।

बाकी लोगों की तरह गर्भवती महिलाओं को भी टीका लेना जरूरी 

पारस एचईसी अस्पताल की डॉ. अंशु अग्रवाल का कहना है कि जो महिला गर्भवती हैं, वो भी कोरोना का टीका लगवा लें। भारत सरकार का स्वाथ्य एवं कल्याण मंत्रालय 25 जून 2021 को घोषित कर चुका है कि कोरोना का टीका गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्णतः सुरक्षित है। बशर्ते उसे पूर्व में टीका से कोई एलर्जी की समस्या न हो। जैसे सामान्य व्यक्ति को कोरोना का टीका जरूरी है उसी तरह गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह जरूरी है।

गर्भावस्था के किसी भी महीने में ले सकते हैं टीका 

गर्भवस्था के किसी भी माह में कोरोना का टीका लिया जा सकता है। यदि कोई महिला आठवें माह में कोरोना का टीका लेती है और इसी बीच उसका डिलीवरी हो जाता है तो समय पूरा होने पर उन्हें अगला डोज लेना चाहिए। ऐसे में कोरोना टीका जरूर लगवाएं। डोज के बीच समय का अंतर भी आम लोगों की तरह होगा। अर्थात कोवैक्सीन में एक माह और कोविशील्ड में तीन माह।

पारस अस्पताल में दिया जा रहा टीका
डॉ. अंशु अग्रवाल ने बताया कि पारस एचईसी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को भी टीका दिया जा रहा है। हर रोज इस तरह की महिला कोरोना का टीका ले रही हैं। यहां कोविशील्ड टीका उपलब्ध है। ऐसे में कोई भी गर्भवती या स्तनपान करानेवाली महिला यहां कोरोना का टीकाकरण करा सकती हैं।

सिमडेगा में शुरु हुआ राज्य का पहला करियर काउंसेलिंग और स्किल डेवलपमेंट सेंटर

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स्पोकेन इंग्लिश, बॉडी लैंग्वेज और अन्य स्किल से परिपूर्ण बनेंगे सिमडेगा के युवा
स्पोकेन इंग्लिश, बॉडी लैंग्वेज और अन्य स्किल से परिपूर्ण बनेंगे सिमडेगा के युवा

सिमडेगा । झारखण्ड का आकांक्षी जिला सिमडेगा। अब यहां के युवा स्पोकेन इंग्लिश, बॉडी लैंग्वेज और अन्य स्किल से सम्पन्न होंगे। अभी तक सुविधाओं के अभाव में यहां के युवाओं को सरकारी नौकरियों और अन्य क्षेत्रों में बहुत ज्यादा अवसर नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री का फोकस सेक्टर शुरू से ही युवाओं के विकास पर रहा है, जिसका प्रतिफल है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सिमडेगा में कॅरियर काउंसेलिंग एण्ड स्किल डेवलपमेंट सेन्टर की शुरुआत की गई है, ताकि यहां के युवा केन्द्र की बेहतर सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने भविष्य को गढ़ सकें। युवाओं को एक ही छत के नीच कॅरियर काउंसेलिंग, स्पोकेन इंग्लिश, स्किल डेवलपमेंट और पर्सनालिटी डेवलपमेंट की सुविधा मिल रही है।

कॅरियर से संबंधित हर तरह की सुविधा

कॅरियर काउंसेलिंग एण्ड स्किल डेवलपमेंट सेन्टर में युवाओं को विभिन्न प्रकार की नियुक्तियों में आवेदन प्रक्रिया की सुविधा मिल रही है। इसके लिए इंटरनेट युक्त दस कम्प्यूटर, लाईब्रेरी, कॉफी सेंटर, लाइव डेमो हेतु टीवी, प्रोजेक्टर की सुविधा रहेगी। हर सप्ताह खिलाड़ियों, दिव्यांग, बाल सम्प्रेक्षण गृह के बच्चों, नियोजनालय के निबंधित युवक-युवतियों तथा सरकारी कर्मियों के कॅरियर काउंसेलिंग एण्ड स्किल डेवलपमेंट के कार्य किये जाएंगे।

महिला खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान

सिमडेगा हॉकी के नर्सरी के रूप में जाना जाता है। देश की महिला हॉकी टीम के टोक्यो ओलिंपिक में हुए प्रदर्शन के दौरान सबकी आंखे यहां की दो खिलाड़ियों निक्की प्रधान और सलीमा टेटे के प्रदर्शन पर टिकी रही। यहां महिला हॉकी खिलाड़ी अपने हुनर को निखार रही हैं। लेकिन, देश या विदेशों में जाने पर यहां के खिलाड़ियों में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है क्योंकि वे ग्रामीण परिवेश से वहां तक पहुंचते हैं। यही वजह है कि महिला खिलाड़ियों के लिए बॉडी लैंग्वेज प्रशिक्षण, कॅरियर काउंसेलिंग और स्पोकेन इंग्लिश प्रशिक्षण की व्यवस्था विशेष रूप से की गई है, जिससे उनका आत्मविश्वास  बढ़ेगा।

रांची पहुंचे झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह

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देर शाम झारखंड के दौरे पर रांची पहुंचे कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह
देर शाम झारखंड के दौरे पर रांची पहुंचे कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह

कहा- संगठन और सरकार के स्तर पर कुछ बेहद जरुरी काम

झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह देर शाम रांची पहुंचे। उन्होने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से निकलते हुए कहा कि झारखंड में कांग्रेस की नई टीम बनी है। 20 सूत्री सहित कुछ बेहद जरुरी काम हैं। सरकार के स्तर पर भी पिछले कुछ दिनों में महत्वपूर्ण डेवलपमेंट हुए हैं। उन्ही सब के सिलसिले में रांची आया हूं।

झारखंड के जनता की आवाज बनेगी कांग्रेस की नई टीम

आरपीएन सिंह से कांग्रेस की नई टीम के बारे में पूछे गये सवाल पर उन्होने कहा कि नई टीम झारखंड की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज बनेगी। टीम से खुद राहुल गांधी जी ने बात कर अपनी प्राथमिकताएं बता दी हैं। झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस की विचारधारा जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी।

केन्द्र की मोदी सरकार नाकाम

आरपीएन सिंह ने कहा कि कोई एक काम केन्द्र की मोदी सरकार बता दे जो उसने पिछले एक-डेढ़ साल में किया हो, सिवाय देश के सार्वजनिक प्रॉपर्टी को बेचने के। उन्होने कहा कि नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने देश का सत्यानाश कर दिया। अब इसे संभालने में वक्त लग जाएगा। मोदी सरकार ने सामाजिक तानाबाना से लेकर अर्थव्यवस्था तक का बुरा हाल कर दिया है।