Monday 6th of July 2026 08:00:50 AM
Home Blog Page 138

गिरिडीहः हेमंत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सीएम और विधानसभाध्यक्ष का पुतला दहन

0
गिरिडीह झंडा मैदान से बड़ा चौक तक जुलूस की शक्त में जाते भाजपा कार्यकर्ता
गिरिडीह झंडा मैदान से टावर चौक तक जुलूस की शक्त में जाते भाजपा कार्यकर्ता

अमित सहाय/ संवाददाता उज्जवल दुनिया

गिरिडीह । विधानसभा भवन को धार्मिक केन्द्र बनाकर तुष्टिकरण की राजनीति, राज्य के युवाओं के साथ वादाखिलाफी, किसानों के विरुद्ध मुकदमा, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष घोषित ना करना, डॉक्टर्स का वेतन रोककर उर्दू शिक्षकों को वेतन देने जैसे कई ज्वलंत और जनविरोधी मुद्दों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने जुलूस निकाला और हेमंत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

किन-किन रास्तों से होकर गुजरा भाजपा का आक्रोश मार्च ?

दोपहर  3 बजे गिरिडीह के झण्डा मैदान में एकत्रित होकर जिलाध्यक्ष महादेव दुबे के नेतृत्व आक्रोश मार्च जेपी चौक, कालीबाड़ी चौक, मकतपुर चौक, जिला परिषद चौक के रास्ते पुनः टावर चौक पर आकर खत्म हुआ । नुक्कड़ सभा को संबोधित करने के उपरांत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो का पुतला दहन किया गया।

हम तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ- जयप्रकाश वर्मा

सभा को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित गाण्डेय के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने कहा कि भारत विश्व का ना केवल सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है बल्कि सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष देश भी है। जहाँ सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार और समान व्यवस्था प्राप्त है। ऐसे में, केवल मुस्लिम भाइयों के लिए विधानसभा भवन में नमाज़ अदा करने के लिए कमरा आवंटित होना, बेहद चिंता का विषय है।

बाबूलाल मरांडी से डरती है सरकार, इसलिए उन्हें विपक्ष का नेता घोषित नहीं कर रही- महादेव दुबे

जिलाध्यक्ष महादेव दुबे ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है, उसकी नाकामी का उजागर जनता के सामने ना हो जाये, इसी डर से विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को प्रतिपक्ष का नेता घोषित नहीं कर रही है। भाजपा कार्यकत्ताओं ने अनुशासित होकर लगभग 2 साल इंतेज़ार कर लिया है अब सरकार की नाकामियों के गिनाने के लिए सड़क से सदन तक आंदोलन करने हेतु भाजपा कार्यकर्ता बाध्य हो चुके हैं।

विधानसभाध्यक्ष का पुतला दहन करते भाजपाई
विधानसभाध्यक्ष का पुतला दहन करते भाजपाई

कौन-कौन थे मौजूद ?

इस मौके पर जिला महामंत्री सुभाष चन्द्र, संदीप डंगायच, दिनेश यादव, चुन्नू कांत, कामेश्वर पासवान, सुनील पासवान, सोनू एजाज, इंजी विनय सिंह, विनीता कुमारी, शालिनी वैसखियार, सदानंद राम, संजय सिंह, सिकंदर हेम्ब्रम, नवीन सिन्हा, निर्भय सिंह, रागिनी लहेरी, मुकेश जालान, मनोज मौर्या, मोतीलाल उपाध्याय, दिलीप वर्मा, रंजीत राय, संगीता सेठ, महेश राम, दारा हाज़रा, राजेश जयसवाल, ओमप्रकाश मंडल, हरमिंदर सिंह बग्गा, मिथुन चंद्रवंशी, अनिल वर्मा, पिंटू कुमार, दिनेश महतो, दुर्योधन वर्मा, सुरेश मंडल, अजय रंजन सिंह, रामचन्द्र ठाकुर, समेत सैकड़ों महिला व पुरुष कार्यकर्ता शामिल थे।

05 SEPT. 2021

0

[pdf-embedder url=”http://localhost:8090/ud/wp-content/uploads/2021/09/Ujjwal-Duniya-5-Sept.pdf” title=”Ujjwal Duniya 5 Sept”]

04 SEPT. 2021

0

[pdf-embedder url=”http://localhost:8090/ud/wp-content/uploads/2021/09/Ujjwal-Duniya-4Sept.pdf” title=”Ujjwal Duniya 4Sept”]

03 SEPT. 2021

0

[pdf-embedder url=”http://localhost:8090/ud/wp-content/uploads/2021/09/Ujjwal-Duniya-03-Sept.pdf” title=”Ujjwal Duniya 03 Sept”]

बार

0
मैंने इतनी बेशर्म और बेगैरत सरकार नहीं देखी- रघुवर दास
मैंने इतनी बेशर्म और बेगैरत सरकार नहीं देखी- रघुवर

झारखंड की हेमंत सरकार न केवल मगरूर है, बेशर्म भी है। इस सरकार की जनता की अदालत में ही नहीं, न्यायिक अदालतों में भी बार-बार फजीहत हो रही है, लेकिन सरकार के खैरख्वाह इस सरकार को सदाबहार एवरग्रीन कर साबित करने में लगे हैं। इसे ही नागपुरिया में थेथर, भोजपुरी में बेहया और हिंदी में बेशर्म कहते हैं। लोकलाज छोड़कर हेमंत सरकार अपने निकम्मेपन पर इतरा रही है और हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से फटकार सुनने के बाद भी अपनी चाल बदलने के लिए तैयार नहीं है। उसकी सारी ऊर्जा विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे लादने, उन्हें फंसाने और कायदा कानून को ठेंगा दिखाने में खर्च हो रही है। ये बातें झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही।

बार-बार न्यायालय में अपमान होने के बाद भी सुधार नहीं

रघुवर दास ने कहा कि अभी 2 सितंबर को ही झारखंड उच्च न्यायलय ने 2 मामले की सुनवाई करते हुए सरकार के बारे में जो कुछ कहा वह किसी पानीदार सरकार को बेपानी करने के लिए काफी है। झारखंड के मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि सरकारी योजनाएं फेल हो गई हैं, गांव तथा गरीबों तक ना राशन पहुंच रहा है ना पीने का पानी, न बिजली, न गैस चूल्हा। गांवों को भुखमरी की समस्या ने घेर लिया है। इस बारे में सरकार 2 सप्ताह में जवाब दे। हाईकोर्ट भूख से एक बिरहोर की मौत के मामले की सुनवाई कर रहा था। एक अन्य मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 2 सितंबर को ही कहा कि यदि जेपीएससी संवैधानिक संस्था नहीं होती तो उसे बंद करने का आदेश जारी कर देते। अदालत ने इस मामले में भी शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

रूपा तिर्की मामले में हर ओर इस सरकार की बेइज्जती हुई

साहिबगंज की महिला दारोगा रूपा तिर्की की मौत के मामले में तो सरकार की जितनी फजीहत हुई व कल्पनातीत है। रूपा के परिजनों, आदिवासी समाज, भाजपा समेत अन्य विपक्षी दल लगातार कह रहे थे कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाये। लेकिन सरकार तैयार नहीं थी। सरकार ने सीबीआई जांच टालने की नियत से हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन कर दिया, ताकि बला टले। लेकिन यह बला अब सरकार के गले की फांस बन सकती है। झारखंड हाई कोर्ट ने रूपा तिर्की मामले की जांच का आदेश देते हुए जो कहा, वह एक बड़ा संकेत है। रूपा तिर्की का बिसरा भी सुरक्षित नहीं रखा गया है, रूपा के परिजनों पर दबाव बनाया गया और प्रलोभन दिया गया। इस बाबत फोन कॉल का विवरण मौजूद हैं। इस मामले में सत्ता पक्ष के करीबी लोगों का नाम भी सामने आ रहे हैं। इस मामले का एक पहलू यह भी है कि इसकी सीबीआई जांच रुकवाने के चक्कर में महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता ने अदालत की अवमानना कर दी। अब उन पर अलग से मुकदमा चलेगा।
जस्टिस उत्तम आनंद केस में सर्वोच्च नायायलय तक फजीहत करा आए

रघुवर दास ने कहा कि इससे पहले 30 जुलाई को भी सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीश उत्तम आनंद मौत के मामले में झारखंड सरकार की खूब फजीहत की थी। मुख्य सचिव व डीजीपी से जवाब मांगा गया था। 5 जुलाई को झारखंड हाईकोर्ट ने पंचायत सचिवों की नियुक्ति मामले में न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर राज्य सरकार से पूछा था कि आदेश की अवमानना का मामला क्यों नहीं चलाया जाए। ऐसे अनेकों मामले हैं जिन पर अदालत की टिप्पणियों, आदेशों, फैसलों के उल्लंघन में झारखंड सरकार का बदरंग चेहरा देखा जा सकता है। लेकिन सरकार अब भी अपना चेहरा साफ करने के प्रयास के बदले और कालिख पुतवाने का इंतजाम कर चुकी है।

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो के सम्मान समारोह में हंगामा

0
सम्मान न मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे मनोज
सम्मान न मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे कांग्रेसी

धनबाद में कांग्रेस के नये कार्रयकारी अध्यक्ष बनाए गये जलेश्वर महतो के सम्मान में एक कार्यक्रम रखा गया। उस कार्यक्रम में कांग्रेस के तमाम छोटे-बड़े नेताओं को न्योता भेजा गया था। लेकिन स्टेज पर कुर्सी न मिलने के कारण कई नेता भड़क गये। वे आयोजनकर्ताओं पर सम्मान न देने का आरोप लगाने लगे, देखते ही देखते वहां हंगामा मच गया। जलेश्वर महतो देखते रह गए। युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सिंह तो कार्यक्रम का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। दूसरे लोगों ने समारोह में जमकर बवाल काटा ।

मन्नान मलिक और बाबू अंसारी के समर्थकों का हंगामा

जलेश्वर महतो का सम्मान समारोह लुबी सर्कुलर रोड स्थित विवाह भवन में आयोजित किया गया था। वहां जगह कम थी, लिहाजा स्टेज भी छोटा बनाया गया। अल्पसंख्यक विभाग के बाबू अंसारी को मंच पर नहीं बिठाया गया, जबकि वह अब प्रदेश सचिव बन गए हैं। इसपर अल्पसंख्यक विभाग के मौजूदा अध्यक्ष जहीर अंसारी ने आपत्ति जताई। उन्हें समझाया जाता इससे पूर्व मन्नान मलिक के समर्थक एवं युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने भी सम्मान समारोह की व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता कार्यक्रम में सम्मान के लिए आते हैं। अगर सम्मान ही नहीं मिलेगा तो वह क्यों रहेंगे, और वह चल दिए।

मन्नान मलिक और बाबू अंसारी के समर्थकों के बीच कहासुनी
मन्नान मलिक और बाबू अंसारी के समर्थकों के बीच कहासुनी

ये मेरा नहीं, झारखंड के भूमिपुत्रों का सम्मान

बवाल शांत होने के बाद सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो ने कहा कि कांग्रेस द्वारा मुझे कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना मेरा ही नहीं, बल्कि झारखंड के भूमिपुत्रों का सम्मान है।

क्या डीएसपी प्रमोद मिश्रा ने दीपक प्रकाश और रूपा तिर्की को दी भद्दी

0
बड़हरवा डीएसपी पर महिला दारोगा रूपा तिर्की व भाजपा नेता को गाली देने का आरोप
बड़हरवा डीएसपी पर महिला दारोगा रूपा तिर्की व भाजपा नेता को गाली देने का आरोप

झारखंड हाईकोर्ट ने साहिबगंज के बड़हरवा थाने की दारोगा रूपा तिर्की मामले को सीबीआई को सौंप दिया है। हाईकोर्ट भले ही इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानता हो लेकिन बड़हरवा के डीएसपी रहे प्रमोद कुमार मिश्रा इस मामले में दिवंगत रूपा तिर्की को भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे हैं। इतना ही नगीं, ग्राम सभा के वीडियो में दावा किया गया है कि वे राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को भी अपशब्द कह रहे हैं।

क्या है वीडियो में ?

इस वीडियो में डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा और शंभु भगत नामक शख्स के बीच हुई कथित बातचीत का एक छोटा सा हिस्सा है। इसमें बड़हरवा डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा दिवंगत रूपा तिर्की के लिए भद्दी और अपमानजनक गालियों का प्रयोग कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को कम दिमाग वाला बताते हुए कहते हैं कि प्रमोद कुमार मिश्रा दीपक प्रकाश जैसे को अपना झोला ञोने वाला भी नहीं रखेगा । डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को भी अपशब्द कहते हुए सुनाई दे रहे हैं।

रूपा तिर्की ने सीएम के नजदीकी का कॉलर पकड़ा था

वीडियो में ये दावा किया गया है कि दिवंगत रूपा तिर्की ने सीएम हेमंत सोरेन के नजदीकी का कॉलर पकड़ा था और उन्हे इसी गुनाह की सजा मिली। बताते चलें कि महिला दारोगा रूपा तिर्की के स्वजन पहले भी डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा पर दुर्व्‍यवहार का आरोप लगा चुके हैं। इस संबंध में स्वजन डीएसपी के खिलाफ अदालत पहुंचे थे और आशंका जताई थी कि डीएसपी से उनकी जान को खतरा है। इसके बाद अदालत के आदेश और गृह विभाग के निर्देश पर रांची पुलिस ने रूपा तिर्की के रातू स्थित आवास पर दो सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं।

डीएसपी द्वारा मृत आदिवासी महिला को गाली देना दुःखद

रूपा तिर्की मामले में डीएसपी प्रमोद मिश्रा का वायरल ऑडियो के मामले में पूछे जाने पर दीपक प्रकाश ने कहा कि वायरल आडियो में बाबूलाल मरांडी व मेरे लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है जो दुख का विषय है । जबकि रूपा मृत हो चुकी है और उसके लिए भी जैसी भाषा का उपयोग किया गया है वह नारी सम्मान व आदिवासी सम्मान के लिए अपमान का विषय है । मैं राज्यसभा सदस्य हूं और इस मामले को प्रिविलेज में भी ले जाने का काम कर सकता हूं ।

कुछ अधिकारी राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं- दीपक प्रकाश

दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड में कुछ अधिकारी प्रशासक की जगह राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों पर हमारी नजर है। सत्ता आती-जाती रहती है। उन्हें इशारा समझ लेना चाहिए ।

क्या कहते हैं बड़हरवा डीएसपी प्रमोद मिश्रा ? 

‘मेरा आडियो नहीं है। किसी ने मुझे फंसाने के लिए एडिटेड आडियो वायरल किया है। जिस केस से मेरा कोई लेना-देना नहीं और न ही जिसका मैं अनुसंधानकर्ता हूं, उस केस में मुझे घसीटा जा रहा है। मैं सीनियर अफसरों के निर्देश पर रूपा तिर्की के स्वजन का बयान लेने रांची गया था।

https://www.youtube.com/watch?v=Q9oihlVWB20&t=368s

ईसाई धर्म न अपनाने पर दी जान से मारने की धमकी, पुलिस में शिकायत दर्ज

0
गोतिया के झगड़े को दे दिया जबरन धर्म परिवर्तन का रंग?
गोतिया के झगड़े को दे दिया जबरन धर्म परिवर्तन का रंग?

चौपारण (हजारीबाग) । 1 सितंबर को हजारीबाग के चौपारण प्रखंड के न्यू सिंघरावा की लोढिया बस्ती में एक ऐसा दुस्साहस हुआ, जिसे देखकर लोग दंग हैं। यह दुस्साहस हिंदू से ईसाई बने कुछ लोगों ने दिखाया है। मामला इतना आगे बढ़ा कि पीड़ित को थाने में शिकायत करनी पड़ी।

दरअसल गांव की शांति देवी (पति- वैद्यनाथ यादव )ने पुलिस को दी गई शिकायत में लिखा है कि 2 सितंबर की शाम को लगभग 4.30 बजे मेरे गांव के मिशनरी एजेंट विनोद यादव (पिता स्व. राधो यादव) अपनी मां गौरा देवी, मंझले भाई प्रदीप यादव, छोटे भाई राजदीप यादव, के साथ आया।

चौपारण थाने में शांति देवी द्वारा दिया गया आवेदन
चौपारण थाने में शांति देवी द्वारा दिया गया आवेदन

 

ईसाई धर्म नहीं अपनाने पर दी जान से मारने की धमकी

शांति देवी ने अपने आवेदन में यह भी लिखा है कि विनोद के साथ मंटू यादव, ललमतिया देवी, रेखा देवी और सुनीता देवी भी थी। इन सभी ने मेरे और मेरे बच्चों को पैसे का प्रलोभन देकर कहा कि ईसाई बन जाओ। मना करने पर उन्होंने हम पर हमला कर दिया। इस कारण हम सभी घायल हो गए। हमले के बाद वे लोग यह कहते हुए चले गए कि यदि ईसाई नहीं बने तो घर के सभी लोग जान से मार दिए जाओगे।

क्या कहते हैं चौपारण थाने के थाना प्रभारी ? 

चौपारण थाने के थाना प्रभारी विनोद तिर्की ने उज्ज्वल दुनिया को बताया कि न्यू सिंघरावां के लेढ़िया गांव की शांति देवी (पति बैजनाथ यादव) और विनोद यादव के बीच गोतिया का  झगड़ा है । पीड़िता शांति देवी पति बैजनाथ यादव कि चाची गौरा देवी है। विनोद यादव समेत अन्य चचेरे भाई है। इस झगड़े को लेकर दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने को लेकर पंचायत भी हुई थी। बात नहीं बनने पर ईसाई धर्म अपनाने का रंग दिया गया है।

मुख्यमंत्री रहते बाबूलाल मरांडी ने पुराने विधानसभा में नमाज के लिए कमरा अलॉट करवाया था

0
  • वर्ष 2000 में स्पिकर इंदर सिंह नामधारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल जी के सलाह से नमाज के लिए विधानसभा सचिवालय में एक कमरा आवंटित किया था: फुरकान अंसारी
  • नमाज पढ़ने का मतलब ये नहीं की वह जगह इबादत गाह बन गया।कहीं भी नमाज पढ़ लेते हैं जहां साफ सुथरी जगह हो: फुरकान अंसारी
पूजा करना या नमाज पढ़ना ये सब बातें व्यक्तिगत हैं
पूजा करना या नमाज पढ़ना ये सब बातें व्यक्तिगत हैं, जनता की समस्याओं पर आंदोलन करे भाजपा  

राांची।   वर्ष 2000 विभाजन के बाद जब पहली बार झारखंड सरकार का गठन हुआ स्पीकर इंदर सिंह नामधारी एवं भाजपा के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी जी के सहमति से विधानसभा में काम करने वाले मुस्लिम कर्मी के लिए सहमति से एक कमरा नमाज के लिए दिया गया था। ये बातें फुुरकान अंंसारी ने कही।

उन्होंने कहा कि उस समय बाबुलाल जी पावर में थे।उस समय धर्म,मस्जिद या नमाज पढ़ना ये सब से कोई विवाद नहीं था।उस समय बाबुलालजी संकिर्ण मानसिकता के नहीं थे। लेकिन अब पावर में नहीं है तो इनके मन में ये उठ रहा है नमाज कौन पढ़ेगा,नमाज कहां पढ़ा जाएगा।ये विवाद खड़ा करने की इनकी नौबत आ गई है। मैं इनसे पुछना चाहता हूं कि 2000 में जब आप पावर में थे पहले मुख्यमंत्री बने स्पिकर इंदर सिंह नामधारी जी के सहमति से आपने कैसे अनुमति दिया।उस वक्त आपको नहीं लग रहा था नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दिया जाए।इस तरह की बेतुकी बात रात दिन करते हैं आप।

बिना बात के बखेड़ा खड़ा करना उनकी आदत

पूर्व सांसद ने कहा कि नमाज पढ़ने का मतलब ये नहीं की वह जगह इबादत गाह बन गया। नमाज लोग मैदान में भी पढ़ लेते हैं। कहीं भी नमाज पढ़ लेते हैं जहां साफ सुथरी जगह हो। एक कमरा अगर मिल गया तो कौन सी बड़ी बात हो गई। हर जगह हर थाने में मंदिर बना हुआ है, क्या कभी मुस्लिम सिपाही ने कहा कि मेरे लिए भी मस्जिद बना दिजिए। इस तरह का बात इस देश में नहीं होता है। जहां जिनको नमाज पढ़ना है पढ़ें, जिनको पुजा करना है करे ये व्यक्तिगत बात है। इससे आपको या हमको क्या लेना देना है।हम बहुत नमाज़ी है तो जाएंगे जन्नत में आप बहुत बड़े पुजारी हैं तो जाइयेगा स्वर्ग में।

बंगाल में हारे हैं,  यूपी में भी हारेगी भाजपा 

देश में जो जटिल समस्या है महंगाई है, पैट्रोल डिजल गैस का दाम जो बढ़ाया है,देश का हर एक चिज को बेचा जा रहा है इस ओर आपका ध्यान नहीं जा रहा है। इसलिए मैं आप लोगों को नेक सलाह दे रहा हूं ये सब धंधा बंद किजिए ये सब ज्यादा दिन नहीं चलने वाला बंगाल तो रिजेक्ट कर हि दिया आप लोगों को अब उत्तर प्रदेश से भी रिजेक्ट होने जा रहे हैं।

नमाज कक्ष के खिलाफ सदन से सड़क तक आन्दोलन करेगी भाजपा

0
पार्टी चलाएगी आन्दोलनं की श्रृंखला
पार्टी चलाएगी आन्दोलनं की श्रृंखला

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद श्री दीपक प्रकाश ने विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा विधानसभा भवन में नमाज कक्ष आवंटित किए जाने का कड़ा विरोध किया है।

दीपक प्रकाश ने कहा कि पार्टी किसी की धार्मिक भावना को आहत करने की मंशा नही रखती है। भाजपा सर्व धर्म सम भाव की पक्षधर है। परंतु हम लोकतांत्रिक प्रणाली में तुष्टीकरण की राजनीति का विरोध करते है। हेमंत सरकार की मंशा केवल और केवल तुष्टीकरण की है। सरकार विकास छोड़ वोट बैंक की राजनीति पर उतर आई है। सारे निर्णय तुष्टीकरण के हिसाब से लिये जा रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार के इशारे पर अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक निर्णय लेकर लोकतंत्र की मर्यादा को चोट पहुंचाई है। राज्य के सर्वोच्च पंचायत को कलंकित किया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा इस लोकतंत्र विरोधी निर्णय के खिलाफ राज्य में आंदोलन का ज्वार खड़ा करेगी।

दीपक प्रकाश ने निर्णय के खिलाफ पार्टी के विरोध कार्यक्रमो की घोषणा करते हुए कहा कि 5 सितंबर को पूरे प्रदेश में सभी जिला केंद्रों पर विधानसभा अध्यक्ष एवम मुख्यमन्त्री के पुतला दहन का कार्यक्रम होगा।

6 सितंबर को सभी जिलों में धरना एवम प्रदर्शन के कार्यक्रम होंगे।
7सितंबर को पार्टी के सभी मोर्चों के द्वारा ज़िला केंद्रों पर प्रदर्शन किया जाएगा ,साथ ही राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 8 सितंबर को पार्टी कार्यकर्ता विधानसभा के समक्ष विशाल प्रदर्शन करेंगे। 9 को पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा।

सेल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिलेगा अर्जित अवकाश नकदीकरण की सुविधा

0
पेंशन स्कीम मेें सेल देगा 2000 करोड़,  टीए- डीए स्कीम में होगा संशोधन
पेंशन स्कीम मेें सेल देगा 2000 करोड़,  टीए- डीए स्कीम में होगा संशोधन

बोकारो । सेल प्रबंधन ने 2015 से बंद अर्जित अवकाश नगदी करण की सुविधा बहाल कर दी है इस संबंध में शुक्रवार को सर्कुलर जारी कर दिया गया है 2015 से यह सुविधा कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए बंद थी मिली जानकारी के अनुसार सेल को हो रहे रिकॉर्ड मुनाफे को देखते हुए बंद की गई सुविधाएं बहाल करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है । बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एक के सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इस माह के अंत तक नेशनल पेंशन स्कीम में सेल लगभग 2000 करोड़ रुपया ट्रांसफर कर देगा तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पेंशन नियमित हो जाएगा इसके साथ ही टीए डीए स्कीम में भी संशोधन होगा एवं अधिकारियों का 2,000 1920 का बकाया पीआरपी का भी भुगतान इस माह के अंत तक हो जाएगा

कॉरपोरेट ऑफिस ने अर्जित अवकाश नकदीकरण सुविधाओं को पूर्व की तरह बहाल करने का आदेश जारी किया है। आज जारी आदेश में सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अधिकतम 30 दिन के अर्जित अवकाश अथवा कुल अर्जित अवकाश के 50% तक की छुट्टी का नगदीकरण करने की सुविधा दी गई है। वर्ष 2015 में आर्थिक तंगी के चलते बंद हुई सुविधा के लिए कर्मचारी लगातार मांग कर रहे थे। भ

वर्ष 2015 में सेल की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी ऐसे में कर्मचारियों की छुट्टियों का नगदीकरण की सुविधा को एक तरफा तरीके से बंद कर दिया गया था

कॉर्पोरेट ऑफिस द्वारा अर्जित अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को पुनः सम्मान करने के सर्कुलर जारी करने के बावजूद कर्मचारी वेतन समझौते का इंतजार करने का मन बना रहे हैं इसके पीछे मुख्य कारण ई एल इनकेसमेंट के राशि पर वेरियस ना मिलना है यदि कोई कर्मचारी अभी अवकाश नकदीकरण कराता है उस स्थिति में उसे पुराने वेतन के आधार पर ही नगदीकरण मिलेगा

बोकारो स्टील ऑफिस से एसोसिएशन ने दी बधाई

बोकारो स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष ए. के. सिंह
बोकारो स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष ए. के. सिंह

बोकारो स्टील ऑफिसर एसोसिएशन ने बधाई देते हुए उम्मीद जताया है कि इस माह तक वेज रिवीजन तथा पे रिवीजन भी हो जाएगा उन्होंने कहा है कि 2015 में घाटे के कारण सुविधाएं बंद कर दी गई थी जिन्हें धीरे-धीरे बहाल कर दी जा रही है । बंद की गई सभी सुविधाएं प्रबंधन बहाल करने की दिशा में काम कर रही है उन्होंने सेल अध्यक्ष एवं इस्पात मंत्री को बधाई देते हुए कहा है कि इससे कर्मचारियों तथा अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा जिसका लाभ उत्पादन एवं उत्पादकता पर पड़ेगा तथा सेल इस्पात बाजार में विश्व में अग्रणी भूमिका के रूप में पहचान बनाने में सफल रहेगा ।

विधानसभा के अंदर नमाज कक्ष पर क्या है अलग

0
केसी वेणुगोपाल शायद इरफान अंसारी को यही समझा रहे होंगे कि कम बोलो और जो भी बोलो, सोंच-समझकर बोलो
केसी वेणुगोपाल शायद इरफान अंसारी को यही समझा रहे होंगे कि कम बोलो और जो भी बोलो, सोंच-समझकर बोलो
उज्ज्वल दुनिया
रांची। झारखंड विधानसभा में मुस्लिम विधायकों और अन्य स्टाफ के लिए अलग से नमाज कक्ष का आवंटन किया गया है। विधानसभा के उप-सचिव नवीन कुमार के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में लिखा है कि विधानसभा के अंदर कमरा नंबर टी डब्ल्यू 348 नमाज पढ़ने के लिए आवंटित किया जाता है। नमाज पढ़ने के लिए विशेष कमरा आवंटित करने के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है। संवैधानिक संस्थान में धार्मिक कार्यों के लिए जगह आवंटित करने पर विभिन्न राजनीतिक दलों की अपने अपने तर्क है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर हमलावर है तो मौजूदा हेमंत सरकार में सहयोगी दल बचाव की मुद्रा में आ गई है।
संसदीय कार्य मंत्री को नही है जानकारी
पूरे प्रकरण पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम अपना पल्ला झाड़ते नजर आए। उज्जवल दुनिया के संवाददाता ने जब शनिवार दोपहर 3:38 पर उनसे टेलिफोनिक बात कर उनका पक्ष जानना चाहा तो मंत्री आलमगीर आलम ने इस मामले पर अपनी अनभिज्ञता जताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है पूरी जानकारी होने के बाद वे अपना पक्ष रखेंगे। उनसे जब कहा गया है कि बजाता है विधानसभा की ओर से आदेश निकाला गया है तो श्री आलम ने कहा कि हम अभी तक वह नोटिस नहीं पढ़े हैं।
भाजपा ने सीएम हाऊस के अंदर मंदिर कैसे बनवाया? 
कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह मुद्दा विधानसभा का है इसलिए इस पर कुछ कहना जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि लेकिन इस विषय पर हंगामा करने वाले भाजपा नेताओं से पूछना चाहते हैं कि जब उनकी सरकार में मुख्यमंत्री आवास में मंदिर बनाया गया था तब वह लोग कहां थे जो आज हंगामा खड़ा कर रहे हैं।
इतना हंगामा उचित नहीं- विनोद सिंह 
माले विधायक विनोद सिंह ने कहा कि नमाज अदा करने के लिए अगर कोई कक्ष आवंटित किया गया है तो इस में दिक्कत क्या है। यह परंपरा चलती आ रही है कि अगर कोई कर्मचारी या जनप्रतिनिधि अपने धर्म का अनुसरण पालन करते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होना चाहिए। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या एक संवैधानिक संस्था में किसी धर्म विशेष के लिए जगह आवंटित करना उचित है तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
संवैधानिक संस्थाओं के अंदर जाति-धर्म के आधार पर आवंटन गलत परंपरा- भाकपा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अजय कुमार सिंह ने कहा कि विधानसभा संवैधानिक स्थान है। किसी विशेष जाति धर्म संप्रदाय विशेष के लिए जगह आवंटित करना दुखद है। इससे लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंची है। जिनके द्वारा भी यह कार्य किया गया है उस पर कानून सम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। संविधान की गरिमा को बचाने के लिए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करना चाहिए। इससे आपसी सौहार्द और संविधान की मूल भावना बची रहेगी।

सुखदेव भगत और प्रदीप बलमुचू की होगी कांग्रेस में वापसी, आलाकमान ने दी हरी झंडी

0
वापसी के लिए अब बस समय और तारीख का इंतजार
वापसी के लिए अब बस समय और तारीख का इंतजार

झारखंड कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं की पार्टी में वापसी हो रही है। झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत और प्रदीप बलमुचू की वापसी का रास्ता साफ हो गया है। प्रदीप बलमुचू को लेकर तो पहले भी कोई विरोध नहीं था, लेकिन रामेश्वर उरावं सुखदेव भगत की वापसी में रोड़ा बने हुए थे। लेकिन रामेश्वर उरावं के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटते ही सुखदेव भगत की वापसी भी सुनिश्चित हो गई।

सुखदेव भगत की वापसी में डॉ. अजय कुमार ने निभाई भूमिका

ये सच है कि रामेश्वर उरावं सुखदेव भगत की वापसी का विरोध कर रहे थे. इसका कारण है लोहरदगा की स्थानीय राजनीति। रामेश्वर उरावं लोहरदगा के विधायक हैं । उन्होने सुखदेव भगत को ही हराया है। इसके अलावा भी ऐसे की कारण हैं जिससे रामेश्वर उरावं किसी भी कीमत पर सुखदेव भगत को कांग्रेस में वापस नहीं आने देना चाहते थे। उन्होने अपनी ओर से जोर भी लगाया. लेकिन एक और पूर्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने उनकी वापसी में मदद की. उन्होने दिल्ली में सुखदेव भगत के लिए कई मुलाकातें की, आलाकमान को समझाया।

आरपीएन सिंह ने भी दिये संकेत

झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने अपने रांची के दौरे के दौरान भी संकेत दिए कि पार्टी को मजबूत करने के लिए कुछ पुराने कार्यकर्ताओं की घर वापसी हो सकती है. हालांकि उन्होने नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा इन्ही दो नेताओं को लेकर था।

दो पूर्व अध्यक्षों की हो चुकी है पार्टी में वापसी

डॉ अजय कुमार ने पहले अपने पद से इस्तीफा दिया और फिर बाद में पार्टी के प्रदेश स्तर के कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगा कर पार्टी से ही इस्तीफा दे दिया था । लेकिन कुछ दिनों पहले ही डॉ अजय कुमार दोबारा कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर लिया । दूसरी ओर झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सरफराज अहमद ने भी इस्तीफा देकर जेएमएम से चुनाव लड़ा था ।

प्रदीप बलमुचू ने पार्टी से बगावत कर आजसू पार्टी के टिकट पर जबकि सुखदेव भगत ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और दोनों हार गये थे । हारने के बाद से ही दोनों नेताओं ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था । जिसे प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह के जरिये केंद्रीय आलाकमान के पास पहुंचा दी गयी थी ।

 

झारखंड हाईकोर्ट को मिलेंगे पांच नये जज, कॉलेजियम ने दी मंजूरी

0
5 जजों की नियुक्ति के साथ 20 जज हो जाएंगे
5 जजों की नियुक्ति के साथ हाईकोर्ट में जजों की संख्या हो जाएगी 20 

झारखंड हाईकोर्ट को जल्द 5 नए जज मिलेंगे। जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने हाईकोर्ट से भेजे गए पांच नामों को अपनी मंजूरी दे दी है। 1 सितंबर को कॉलेजियम की बैठक में यह मंजूरी दी गई है। जल्द अब राष्ट्रपति भवन से इसकी मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद केंद्रीय विधि व न्याय विभाग की ओर से नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी।

सभी पांच जज न्यायिक सेवा के अधिकारी हैं। हाईकोर्ट में फिलहाल चीफ जस्टिस समेत 15 जज हैं। नए जजों की नियुक्ति के बाद जजों की कुल संख्या 20 हो जाएगी। जबकि, स्वीकृत पद 25 हैं।

हाईकोर्ट के जज रूप में इनकी होगी नियुक्ति

जिन पांच लोगों के नाम की मंजूरी दी गई है, उनमें प्रधान जिला जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, ज्यूडिशियल एकेडमी के निदेशक गौतम कुमार चौधरी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अंबुज नाथ, रांची के प्रधान न्यायुक्त नवनीत कुमार और राज्य के विधि सचिव संजय प्रसाद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद गुमशुदा आदिवासी युवती नेपाल से हुई एयरलिफ्ट

0
एतबरिया को वनवास से मिली मुक्ति, 12 वर्ष बाद अपनी बहन से मिल हुई भावविभोर
एतबरिया को वनवास से मिली मुक्ति, 12 वर्ष बाद अपनी बहन से मिल हुई भावविभोर

रांची/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर लगातार अपने परिजनों से बिछड़े और मानव तस्करी के शिकार लोगों को मुक्त कराने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री की पहल पर गुमशुदा आदिवासी बेटी एतबरिया उरांव को सुरक्षित नेपाल से रेस्क्यू कर झारखण्ड लाया गया है। इसी के साथ लोहरदगा के भंडरा प्रखंड के मसमानो गांव निवासी एतबरिया का 12 वर्ष का वनवास समाप्त हुआ। अब वह अपने घर में रहेगी। सरकार के सक्रिय और संवेदनशील दृष्टिकोण से उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हुई।

12 साल बाद मिली, परिवार ने खो दी थी उम्मीदें

एतबरिया अब 32 वर्ष की हो गई है। 20 वर्ष की उम्र में वह अपने पिता बिरसा उरांव के साथ एक ईंट भट्टे पर काम करने के लिए उत्तर प्रदेश गई थी।  वहीं से वह खो गई थी। इससे संबंधित मामला यूपी के गोरखपुर थाने में दर्ज कराया गया था। एतबरिया के पिता अब नहीं रहे। गुजरते समय के साथ उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसके लौटने की सारी उम्मीदें खो दी थी।

ट्वीट बना माध्यम, मिल गयी एतबरिया

एतबरिया के नेपाल में होने की जानकारी एक आश्रम द्वारा ट्वीट के माध्यम से दी गई। साथ ही हरियाणा पुलिस के एएसआई राजेश कुमार को भी अन्य मामले की जांच के दौरान एक नेपाली समाजसेवी ने एतबरिया की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री और मंत्री चंपाई सोरेन ने ट्वीट मामले को झारखण्ड राज्य प्रवासन नियंत्रण कक्ष के संज्ञान में देते हुए एतबरिया को वापस झारखण्ड लाने का आदेश किया।  टीम हरकत में आई और उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए नेपाल और भारत के दूतावासों के साथ समन्वय बनाया गया। एतबरिया का उसकी मां और बड़ी बहन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर  यह पुष्टि हुई कि वह स्वर्गीय बिरसा उरांव की बेटी है। तब राज्य प्रवास नियंत्रण कक्ष द्वारा नेपाल से एतबरिया को सफलतापूर्वक भारत लाया गया। 3 सितंबर 2021 को वह काठमांडू से आईजीआई हवाई अड्डा नई दिल्ली पहुंची। यहां से उसे वापस रांची लाकर लोहरदगा स्थित उसके गांव पहुंचाया जाएगा।

हेमन्त सोरेन जी का धन्यवाद..

एतबरिया की बड़ी बहन खुश है। कहती है, हमने उसके लौटने की सारी उम्मीद खो दी थी। यूपी से वह गायब हुई थी।  बाद में उसे हरियाणा ले जाया गया।  तब से हम उससे नहीं मिल सके। पहले भी हमने मदद मांगी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कुछ दिन पहले सरकार के लोगों ने मेरी मां से संपर्क किया और उन्हें मेरी बहन के बारे में बताया। मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद। सरकार के एक अधिकारी हमें दिल्ली ले गए,जहां मैं अपनी खोई बहन से मिल सकी। मैं उसे वापस देखकर खुश हूं। यह पुनर्मिलन सरकार के समर्थन के बिना संभव नहीं था।

 

हमारी सरकार मानव तस्करी से हरेक झारखंडवासी को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।  हमने इस खतरे को पहले ही काफी झेला है, लेकिन अब और नहीं।  यदि मामला तस्करी से जुड़ा है, तो मैं तस्करों को झारखंड से दूर रहने की चेतावनी देता हूं अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री