Monday 6th of July 2026 03:44:28 AM
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राज्य के 5.85 लाख शहरी नागरिकों को मिलेगा साफ पानी, केंद्र,एडीबी और राज्य सरकार के बीच समझौता

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  • रांची फेज 2 ए के तहत 304660 लोग ( 60932 आवास ) होंगे लाभांवित
  • हुसैनाबाद शहरी जलापूर्ति में 31515 लोग ( 6303 आवास) होंगे लाभुक
  •  झुमरीतिलैया शहरी पेयजलापूर्ति में 125000 लोगों  ( 25000 आवास ) को मिलेगा पानी
  • मेदिनीनगर शहरी जलापूर्ति के तहत 123555 लोग ( 24711 आवास ) होंगे लाभांवित 
एडीबी देगा 817.60 करोड़ रुपया ऋण, राज्य सरकार 350.40 करोड़ देगी अपनी हिस्सेदारी
एडीबी देगा 817.60 करोड़ रुपया ऋण, राज्य सरकार 350.40 करोड़ देगी 

रांची । राज्य के सभी शहरी नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की हेमंत सरकार का सपना पूरा होने जा रहा है। लगभग 5 लाख 85 हजार शहरी आबादी को पेयजलापूर्ति उपलब्ध कराने की परियोजना मूर्त रूप लेने जा रही है । नई दिल्ली में केंद्र सरकार , एशियन डेवलपमेंट बैंक, राज्य सरकार और जुडको के बीच 1168 करोड़ रुपये के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर हुआ ।

इस परियोजना से राजधानी रांची के साथ ही राज्य के आर्थिक रूप से पिछड़े शहरों मेदिनीनगर, हुसैनाबाद और झुमरीतिलैया को लाभ पहुंचेगा ।

प्रथम चरण में राज्य के चार शहरी निकायों रांची , मेदिनीनगर , हुसैनाबाद और झुमरीतिलैया में जलापूर्ति के लिए कुल 1168 करोड़ रुपये की परियोजना बनायी गयी है । इसके लिए एशियाई विकास बैंक प्रथम चरण के तहत 817.80 करोड़ रुपये का ऋण देगा जबकि राज्य सरकार की हिस्सेदारी लगभग 350.40 करोड़ रुपये होगी ।

रांची के 3 लाख 46 हजार लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

इस परियोजना से रांची शहरी पेयजलापूर्ति फेज 2 ए के तहत 213 एमएलडी का रूक्का में जलशोध संयंत्र के साथ ही बोड़ेया के भरम पहाड़ी पर एक जलमीनार बनाया जायेगा। इससे रांची नगर निगम क्षेत्र के 60932 आवासों यानि लगभग 304660 लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा । फेज 2 ए के तहत हरिहर सिंह रोड, बरियातु, पहाड़ टोली, खेलगांव, लोवाडीह, कोकर, चुटिया, नामकुम, अनंतपुर, नेपाली बस्ती डोरंडा, कृष्णापुरी, सिरमटोली, रांची स्टेशन, खादगढ़ा, कांटाटोली, पुरुलिया रोड, अहीरटोली, लोअर बाजार, चर्च रोड, कर्बला चौक, अशोक नगर और अरगोड़ा क्षेत्र के आवासों को जलापूर्ति का लाभ  मिलेगा।

हुसैनाबाद के 31515 लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

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हुसैनाबाद शहरी जलापूर्ति योजना के तहत 6303 आवासों यानि 31515 लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इस योजना के तहत सोन नदी पर 9.50 एमएलडी का इंटेकवेल बनेगा। 60 किलोमीटर कुल पाइप लाइन बिछाई जायेगी। मेंहदीनगर, ब्लाक आफिस और अनुमंडल कार्यालय के निकट तीन जलमीनार बनेंगे। इस योजना की लागत 47 करोड़ है।

 

झुमरीतिलैया के 125000 लोगों को मिलेगा शुद्ध जल

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झुमरीतिलैया शहरी परियोजना के तहत लगभग 25000 आवासों यानि 125000 लोग शुद्ध पेयजल से लाभांवित होगे। तिलैया डैम पर इंटेकवेल बनेगा। इसके अलावा 35.5 एमएलडी जलशोध संयत्र  तथा चार नये जलमीनार बनाये जायेंगे। इस योजना में पहले से निर्मित चार जलमीनारों एवं एक 10 एमएलडी के जलशोध संयत्र  का भी उपयोग किया जायेगा। इस योजना में कुल 200 किलोमीटर पाइप लाइन बिछायी जायेगी। योजना की लागत 150 करोड़ रुपये है।

 

मेदिनीनगर के 123555 लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

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मेदिनीनगर शहरी जलापूर्ति योजना के तहत 24711 आवासों के कुल 123555 लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इस योजना में नार्थ कोयल नदी पर इंटेकवेल बनेगा। 17 एमएलडी का जलशोध संयत्र  और चार नये जलमीनार बनेंगे। यहां पहले से पांच जलमीनार और एक जलशोध संयत्र  उपलब्ध है। 215 किलोमीटर पाइप लाइन बिछायी जायेगी।

विंध्याचल में नाव पलटने से रांची (धुर्वा) के एक ही परिवार के 14 लोग गंगा में डूबे, 8 बचे, 6 लापता

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सभी पुरुष तो बच गये लेकिन महिलाओं और बच्चों की तलाश जारी महिलाओं और बच्चों
सभी पुरुष तो बच गये लेकिन महिलाओं और बच्चों की तलाश जारी

मिर्जापुर । मिर्जापुर के विंध्याचल स्थित अखाड़ा घाट के सामने बुधवार दोपहर श्रद्धालुओं की नाव मध्य गंगा में पलट गई। नाव में नाविक सहित 14 लोग सवार थे। गोताखोरों ने आठ लोगों को बचाया।  तीन बच्चों और तीन महिलाओं सहित छह लोग लापता हैं। सभी लोग रांची और जमशेदपुर के रहने वाले थे । अखाड़ा घाट पर बुधवार दोपहर गंगा उस पार से स्नान कर लौट रहे झारखंड के श्रद्धालुओं की नाव मध्य गंगा में पलट गई। नाव में सवार 14 लोग नदी की धारा में बहने लगे। गोताखोरों ने पांच श्रद्धालुओं, नाविक, वाहन चालक और एक फोटोग्राफर को बचा लिया जबकि तीन बच्चों और तीन महिलाओं सहित छह लोग लापता हो गए।

पुलिस, व पीएसी जाल डालकर व गोताखोरों की मदद से देर शाम तक उनकी तलाश में जुटी रही। मदद के लिए एनडीआरएफ को भी बुला लिया गया था। कमिश्नर योगेश्वर मिश्र, डीआईजी आरके भारद्वाज, डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार, एसपी अजय सिंह खुद काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे।

धुर्वा के क्वार्टर नंबर 1589 में रहते थे राजेश तिवारी

हादसे के बाद रोते-बिलखते राजेश और विकास तिवारी
हादसे के बाद रोते-बिलखते राजेश, दीपक और विकास तिवारी

झारखंड के रांची और जमशेदपुर से विकास, उनके साले राजेश और राजेश का जीजा दीपक तीनों अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने आए थे। तीनों परिवारों के 11 सदस्य कार से बुधवार को विंध्याचल पहुंचे। दर्शन से पहले सभी गंगा स्नान करने अखाड़ा घाट पहुंचे। वहां कीचड़ होने के कारण सभी नाव से गंगा पार चले गए।

स्नान करके लौटते समय बारिश शुरू हो गई और तेज हवा चलने लगी। नदी के बीच में ही उनकी नाव पलट गई। नाविक सहित उसमें सवार सभी 14 लोग तेज धारा में बहने लगे। शोर सुन कर आसपास के लोगों व गोताखोरों ने राजेश कुमार तिवारी (35) निवासी धुर्वा (रांची),  विकास ओझा (28) निवासी बक्सर, दीपक मिश्रा (27) जमशेदपुर, चालक सुदीप कुमार (38) निवासी बक्सर, अलका (9) पुत्री राजेश, रितिका (7) पुत्री राजेश, नाविक गौतम निषाद (16) पुत्र गुरु निषाद, फोटोग्राफर प्रदीप (20) को बाहर निकाल लिया।

वहीं गुड़िया (28) पत्नी विकास, खुशबू (30) पत्नी राजेश, अनीशा (26) पत्नी दीपक, सत्यम (5) पुत्र विकास, शौर्य (3) पुत्र विकास, दीपक का दो माह का पुत्र नदी की धारा में बह गए। पुलिस जाल डालकर देर शाम तक उनकी तलाश में जुटी थी।

तालिबान की सरकार

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वाशिंगटन, एजेंसियां। अफगानिस्‍तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद दुनियाभर से तमाम मुल्‍कों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गौर करने वाली बात है कि तालिबान की ओर से अंतरिम सरकार की घोषणा के बाद दुनिया के किसी भी देश ने उसका गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया है। चीन ने भी सरकार में शामिल चेहरों को देखते हुए सधी हुई प्रतिक्रिया दी है कि वे तालिबान से संवाद कायम रखेंगे। यह जरूर कहा कि सरकार बनने के बाद हिंसाग्रस्त देश में अराजकता खत्म हुई है। जानें किस देश ने क्‍या दी प्रतिक्रिया…

चीनी विदेश मंत्रालय की पत्रकार वार्ता में प्रवक्ता वांग वेनबिन से जब पूछा गया कि क्या चीन अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार को मान्यता देगा, जिसमें शामिल गृहमंत्री भी अमेरिका की आतंकी सूची में शामिल हैं। समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवक्ता ने कहा कि हम उनसे संवाद कायम रखेंगे। चीन अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय एकता का सम्मान करता है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद चीन ने उनसे एक खुली और समावेशी सरकार बनाने को कहा है।

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार अमेरिका अंतरिम सरकार में पूर्व इतिहास वाले चेहरों के प्रमुख पदों पर आने को लेकर चिंतित है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बाइडन प्रशासन ऐसे लोगों के अंतरिम सरकार में होने से चिंतित है, जिन्हें पूर्व में रूस में आतंकी ग्रुप के सदस्यों के रूप में प्रतिबंधित किया हुआ है। इस अंतरिम सरकार में केवल वही लोग हैं, जो तालिबान के सदस्य हैं या उनके करीबी हैं। सरकार में कोई महिला नहीं है। सरकार को उसके काम से परखा जाएगा। उन्होंने अपेक्षा जताई कि तालिबान अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों को नहीं करने देगा।

 

 भाजपा ने यूपी, पंजाब समेत अन्य राज्यों में चुनाव प्रभारी घोषित किए

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नई दिल्ली,  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए चुनाव प्रभारी की घोषणा की, जहां 2022 में चुनाव होने जा रहे हैं। शिक्षा कौशल, विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों का प्रभार दिया गया है, जबकि जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पंजाब को देखेंगे।

पंजाब

इसी तरह, पंजाब विधानसभा में 117 सीटों का प्रबंधन करने के लिए हरदीप सिंह पुरी, मीनाक्षी लेखी और विनोद चावड़ा को शेखावत के अंडर नियुक्त किया गया है।

उत्तराखंड

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को उत्तराखंड का प्रभार दिया गया है और लाकेट चटर्जी, सरदार आरपी सिंह, उन्हें 70 विधानसभा सीटों में कार्य करने में मदद करेंगे।

गोवा

गोवा विधानसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदारी दी गई है।

मणिपुर

वहीं, मणिपुर के विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को प्रभारी बनाया गया है।

 

हक की लड़ाई के लिए न कभी झुके हैैं, न कभी झुकेंगे, चाहे आप बेरीकेटिंग का अम्बार लगा दो

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ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर आजसू ने सीएम आवास का घेराव किया
ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर आजसू ने सीएम आवास का घेराव किया

ये बातें आजसू प्रमुख सह सिल्ली विधान सभा के विधायक सुदेश कुमार महतो जी ने मुख्यमंत्री आवास के समक्ष आयोजित मुख्यमंत्री के नाम स्मरण पत्र सौंपने कार्यक्रम के अंतिम दिन कहीं। उन्होंने कहा आजसू पार्टी भीख नहीं बल्कि सबसे बड़ी आबादी जो आज पीस रही है उनके लिए अधिकार मांग रही हैं। आजसू पार्टी आंदोलन के लिए जानी जाती है मुख्यमंत्री साहब पुलिस की लाठियों से डराकर देव-तुल्य जनता-जनार्दन की आवाज को बंद करने का प्रयास न करें अन्यथा वो हाल होगी जो आज तक झारखण्ड मे देखा नहीं गया है।

अधिकार नहीं मिला तो पूरा झारखंड जलेगा – सुदेश महतो 

सुदेश महतो ने कहा कि आपको याद कराने आए हैं।  फिर भी अगर हक और अधिकार नहीं मिला तो पूरा झारखण्ड जलेगा जिसका जिम्मेदार आप और आपकी गुरूर होगी। सुदेश कुमार महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को आड़े हाथों लेते हुए कहा हमें उस समय बड़ी खुशी हुई थी, जिस समय आप मुख्यमंत्री बने थे और लोगों से बुके के बदले पुस्तक भेंट करने और पढ़ने को कहते थे, आज हमने पूरे झारखण्ड के 260 प्रखण्ड से 10.5 लाख स्मरण पत्र ला दिये आप पढ़िए और वाजिब हक देने का काम कीजिये आजसू परिवार आपके साथ है अन्यथा झारखण्ड को जलने से बचाने के लिए आपका बेरीकेटिंग और प्रशासन फीका पड़ेगा।

ट्रांसफर- पोस्टिंग को धंधा बना दिया है 

गुरु जी अक्सर कहा करते थे झारखण्ड को लूटने नहीं देंगे, लेकिन आज पूरा झारखण्ड लुटा रहा हैं,बेरोजगार युवक सड़कों पर है, ऑफिसरो का ट्रांसफर पोस्टिंग उद्योग धन्धा का रूप ले लिया है झारखण्ड की जनता बेहाल है, अनुबन्ध कर्मी असमंजस की स्थिति मे है बावजूद गुरु जी एवं मुख्यमंत्री साहब चूप बैठे हुए हैं जो दुर्भाग्य है । बातों बातों मे आजसू प्रमुख ने विधान सभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री को आपने द्वारा किए गए सवाल का भी अंश को प्रस्तुत किए।

मौके पर मुख्य रूप से गिरिडीह सांसद चन्द्र प्रकाश चौधरी, पूर्व मंत्री रामचन्द्र सहिस,विधायक लंबोदर महतो,पूर्व विधायक कमल किशोर भगत, शिव पूजन मेहता, डॉ देवशरण भगत समेत काफी संख्या में आजसू पार्टी पदाधिकारी एवं महिला नेत्री गण एवं कार्यकर्ता गण मौजूद थे ।

भाजपा के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों का बड़ा हमला, कहा

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कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज ने तीनों को एकजुट कर दिया?
कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज ने तीनों को एकजुट कर दिया?

तुष्टीकरण को सही ठहराने के लिए हिंसा का लिया सहारा- अर्जुन मुंडा

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड सरकार के तुष्टिकरण के ख़िलाफ़ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना की कड़ी निंदा की है।उन्होंने इसे शर्मनाक कहा है।श्री मुंडा ने कहा है कि जिस सदन में संविधान की रक्षा के लिए जनप्रतिनिधि चुन कर जाते हैं, वहां धार्मिक तुष्टिकरण नहीं होना चाहिए।यह भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं और आम लोगों पर सरकार ने जिस बर्बरता से बल प्रयोग किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, उतनी कम है।सरकार लाठी के दम पर जनता की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन इससे भाजपा कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है।

पहेल ही आंदोलन में हिंसा पर उतर आई हेमंत सरकार तो बड़ी डरपोक निकली- बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शांतिपूर्वक मार्च कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज का मैं पुरजोर विरोध करता हूं . उन्होने कहा कि हेमंत सरकार अंदर से डरी हुई है। ये छोटी-मोटी बात पर भी धमकी और हिंसा पर उतारू हो जाते हैं। कोरोना ने उनको डेढ़ साल बचा लिया। अभी तो पहला ही आंदोलन था, इतने भर से अगर सरकार लाठीचार्ज का सहारा लेगी तो फिर कैसे चलेगा। अभी तो उन्हें संसद से सड़क तक जवाब देना है. हेमंत सोरेन को पांच लाख रोजगार पर जवाब देना है, स्थानीयता पर जवाब देना है। इस तरह हिंसा करेंगे तो फिर सरकार कैसे चला सकेंगे।

तुष्टीकरण की राजनीति में और कितना गिरेगी हेमंत सरकार- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार ने सता संभालते ही तुष्टिकरण की राजनीति शुरू कर दी थी। लोहरदगा दंगा हो या हजारीबाग में सड़क पर नमाज पढ़ने। झारखंड में सब कुछ खुल गया है, लेकिन मंदिर खोलने की अनुमति नहीं है। कोरोना के दौरान हिंदपीढ़ी में पुलिस असहाय दिखती है, तो जमशेदपुर में एक फल विक्रेता द्वारा हिंदू लिख देने भर से उस पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। वोट बैंक की राजनीति के लिए कितना गिरेगी हेमंत सरकार।

जातिगत जनगणनाः बिहार के बाद अब झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल भी प्रधानमंत्री के मिलेगा

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पीएम मोदी से मिलने के लिए 12 से 20 सितंबर के बीच का समय मांगा गया है.
पीएम मोदी से मिलने के लिए 12 से 20 सितंबर के बीच का समय मांगा गया है

बिहार के करीब-करीब सभी दलों का प्रतिनिधिमंडल जातिगत जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री से मिल चुका है। उसकी अगुवाई नीतीश कुमार ने की थी। उसी तरह अब झारखण्ड का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी जातिगत जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेगा। सीएम हेमंत सोरेन ने खुद इसकी जानकारी विधानसभा के अंदर दी। सीएम ने कहा कि जातिगत जनगणना और पिछड़ों के आरक्षण पर हमारी सरकार ने सकारात्मक कदम बढ़ाया है । बाद में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इस प्रतिनिधि मंडल में 9 सदस्य शामिल होंगे ।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में क्या कहा ?

झामुमो विधायक सुदिव्य सोनू के सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि

पूरे देश में आरक्षण की मांग बढ़ती जा रही है। हर राज्य में जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक झारखंड से जातिगत आधार पर जनगणना का कोई प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा जा सका है। इस मसले पर PM को मेल कर सर्वदलीय टीम के साथ 12-20 सितंबर के बीच मीटिंग का समय मांगा है, ताकि सब अपनी बात रख सकें।

 

पीएम से बाद में मिलिएगा, पहले राज्य की पार्टियों से तो चर्चा कर लें ?- सुदेश महतो

मुख्यमंत्री के जवाब पर आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने कहा कि केंद्र सरकार से तो बाद में सर्वदलीय बैठक करेंगे। पहले राज्य में सर्वदलीय बैठक कर लें। अभी भी भ्रम की स्थिति है कि स्थानीय कौन है? 1932 के खतियान को ही अंतिम आधार मानते हैं कि नहीं? बस स्पष्ट करें। पहली कैनिनेट में ही ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने की बात कही गई थी, जिसे अब भूल गए हैं।

दीपक प्रकाश के कंधे और चेहरे पर लगी चोट, बाबूलाल ने कहा

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दीपक प्रकाश के अलावा भाजपा नेता अमरदीप यादव को भी आईं गंभीर चोटें
दीपक प्रकाश के अलावा भाजपा नेता अमरदीप यादव को भी आईं गंभीर चोटें

पुलिस लाठीचार्ज में झारखण्ड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के दाहिने बांह और दाहिने पैर के टखने पर चोट लगी है। उन्होनेलाठीचार्ज के बाद पत्रकारों से कहा कि भारतीय जनता पार्टी का जन्म ही इंदिरा गांधी की तानाशाही के खिलाफ लड़ते हुए हुआ है। हेमंत सोरेन बर्बरतापूर्वक लाठी और गोली के दम पर अगर हमारी आवाज दबाना चाहते हैं तो ऐसा नहीं होता। दीपक प्रकाश ने कहा कि अब तो ये लड़ाई आर-पार की होगी । या तो नमाज के लिए अलग कमरे का नोटिफिकेशन वापस लो या फिर सड़कों पर भीषण संघर्ष के लिए तैयार रहे महागठबंधन सरकार

पुलिस लाठीचार्ज में घायल बीजेपी की महिला कार्यकर्ता
पुलिस लाठीचार्ज में घायल बीजेपी की महिला कार्यकर्ता

मुझे मारने की साजिश हुई- बाबूलाल

झारखण्ड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बिल्कुल ही अत्याचारी और बर्बर हो चुकी है। हमें तो यह नहीं पता कि इतनी जल्दी इनमें सत्ता का अहंकार कैसे आ गया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम किसी को नुकसान पहुंचाने तो जा रहीं रहे थे। विधानसभा स्पीकर को ज्ञापन सौंपते और वापस चले आते। लेकिन सरकार को इतने अन्यायपूर्ण और बर्बर तरीके से लाठीचार्ज करने की क्या आवश्यकता आन पड़ी , हमें समझ में नहीं आया । बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि मुझे भी मारने की कोशिश की गई लेकिन मेरे सुरक्षा गार्ड किसी तरह पुलिस की लाठियों से बचाते हुए मुझे सुरक्षित निकाल लाये।

निहत्थी महिलाओं को भी नहीं बख्शा- आदित्य साहू

भाजपा नेता आदित्य साहू ने कहा कि पुरुष पुलिसकर्मी निहत्थे महिलाओं पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसा रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो वे दुश्मनी निकाल रहे हों। आदित्य साहू ने कहा कि हमारी कई महिला कार्यकर्ता घायल हैं, जिन्हें बेहतर ईलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

विधानसभा का घेराव करने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन का इस्तेमाल

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विधानसभा का घएराव करने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज
विधानसभा का घएराव करने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम अरगोडा चौक से जगन्नाथपुर मंडिर तक पूरी शांति से गुजरा । लेकिन जैसे ही भाजपा के बड़े नेता जगन्नाथपुर मंदिर से गुजर कर आगे बढ़े, पुलिस ने पीछे आ रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया । इससे वहां भगदड़ मच गई। अफरा-तफरी में जिसे जहां मौका मिला भागने लगा। लाठीचार्ज से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल हो गये। एक कार्यकर्ता अपना टूटा हुआ हाथ दिखा रहा था।

गुस्साए कार्यकर्ताओं ने तोड़ दी पुलिस की बैरिकेड़िंग

गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोड़ दी पुलिस की बैरिकेड़िंग
गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोड़ दी पुलिस की बैरिकेडिंग

लाठीचार्ज और पानी की बौछार से घबराए कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। कुछ कार्यकर्ता पुलिस से भी उलझ पड़े लेकिन उनके अपने ही साथियों ने समझा-बुझा कर लौटाया। इस लाठीचार्ज में दर्जन भर कार्यकर्ता घायल हो गये। लेकिन पुलिस की संख्या कम थी और भाजपा कार्यकर्ता हजारों की संख्या में थे। बैरिकेड़िंग तोड़ने के बाद कार्यकर्ताओं का हुजूम विधानसभा की ओर बढ़ चला और पुलिस देखती रह गई।

पुलिस के डंडे के हमारी आवाज दबाना चाहती है सरकार- संजय सेठ

लोठाचार्ज के विरोध में बाबूलाल मरांडी और दीपक प्रकाश सहित भाजपा के चोड़े बड़े दर्जनों नेता वहीं बीच सड़क पर बैठ गये। संजय सेठ घायल महिला कार्यकर्ताओं को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करते दिखे। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव घायलों की मदद में यहां वहां भाग रहे थे। रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे थे लेकिन शायद पुलिस को ऊपर से इशारा मिला था कि चाहे जैसे भी हो कार्यकर्ताओं को भड़काओ । संजय सेठ ने कहा कि अकारण कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कहीं से मानवीय नहीं है और समय आने पर भाजपा इसका मुकम्मल जवाब देगी।

लाठी

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विधानसभा परिसर में अटलजी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे रघुवर दास
विधानसभा परिसर में अटलजी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे रघुवर दास

झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास विधानसभा भवन में धरने पर बैठ गये हैं। उनकी मांग है कि हेमंत सरकार ने विधानसभा भवन के एक कमरे को नमाज पढ़ने के लिए आरक्षित किया है, उस आदेश को वापस ले। धरने पर बैठे रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी-आदिवासी का जाप कर सोरेन परिवार करोड़ों अरबों का मालिक बन बैठा। अब अपनी सत्ता बचाने के लिए तुष्टीकरण का नंगा नाच कर रहा है। लेकिन हेमंत सोरेन और उसका परिवार कान खोलकर सुन ले, झारखण्ड उनकी जागीर नहीं है। हम इस राज्य को कलंकित नहीं होने देंगे।

तुष्टीकरण से समाज में फैल रहा विद्वेष

रघुवर दास ने कहा कि दास ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। इसे धार्मिक अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए। मौजूदा सरकार तुष्टीकरण की नीति अपना रही। इससे समाज में विद्वेष फैल रहा है। उन्होने कहा कि 1947 में बाबा साहेब ने संविधान के प्रस्तावना में कहा था कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है, जहां राज्य की जनता की आवाज उठानी चाहिए, न कि धर्म का अखाड़ा बने। कहीं भी ऐसा प्रावधान नही है जहां किसी समुदाय विशेष के लिए जगह आवंटित किया गया हो। हेमंत सोरेन वोट बैंक की राजनीति कर रहे है।

लाठी-गोली और दमन से नहीं डरने वाले भाजपा कार्यकर्ता

रघुवर दास ने कहा कि उनको चुनावी जीत का घमंड हो गया है। वे पुलिस को भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडे बरसाने का इशारा कर रहे हैं, लेकिन हेमंत सोरेन को शायद अंदाजा भी नहीं कि इसका परिणाम कितना भयंकर होगा। रघुवर दास ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के हर पसीने, खून की हर बूं का जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए गोली लाठी खाएंगे। यहां परिवार तंत्र नही होने देंगे। हमारी पार्टी लाठी डंडे से डरने वाली नही है।

बाबूलाल मरांडी, दीपक प्रकाश सहित भाजपा के तमाम बड़े नेता धरने में थे शामिल
बाबूलाल मरांडी, दीपक प्रकाश सहित भाजपा के तमाम बड़े नेता धरने में थे शामिल

मैट्रिक पास करने से कोई झारखण्डी हो जाता है क्या ?

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्होने जो नई नियुक्ति नियमावली बनाई है, उसमें सिर्फ झारखण्ड से मैट्रिक पास करने वाला नौकरी पाने का हकदार हो जाता है। और जो झारखण्ड के आदिवासी बाहर दूसरे प्रदेशों में नौकरी कर रहे हैं, नके बाल-बच्चों का क्या ? मैं झामुमो के कई नेताओं को जानता हूं जिनके बच्चे दिल्ली और देश के बड़े स्कूलों में पढ़ते हैं। क्या वे सब झारखण्डी नहीं हैं ?

हिंदी को हटाना और उर्दू को शामिल करना तुष्टीकरण नहीं तो क्या है ?

रघुवर दास ने कहा कि नई नियुक्ति नियमावली में हिंदी, संस्कृत, मगही, मैथिली, अंगिका आदि भाषाओं को झारखण्डी भाषाओं की सूची से हटा दिया गया है। पलामू, गढ़वा, लातेहार के बड़े हिस्से में मगही बोली जाती है। साहिबगंज, गोड्डा, देवघर में मैतिली, अंगिका आदि भाषाओं का चलन है। और तो और राज्य के सबसे बड़े हिस्से में बोली जाने वाली हिंदी को भी इन्होने सूची से बाहर कर दिया।

विधानसभाः सदस्यों ने पूछा

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सरकार जल्द ही स्थानीय नीति भी लाएगी और आधार वर्ष भी बताएगी- सीएम
सरकार जल्द ही स्थानीय नीति भी लाएगी और आधार वर्ष भी बताएगी- सीएम

विधानसभा में नियोजन नीति और स्थानीयता के मुद्दे पर बुधवार को बड़ी दिलचस्प बहस हुई। सबसे पहले हटिया से भाजपा के विधायक नवीन जायसवाल ने प्रश्न किया । उन्होने पूछा कि सरकार ने 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित किया है। लेकिन नियुक्ति का आधार क्या होगा, सरकार इसे स्पष्ट नहीं कर सकी है। जब यही तय नहीं हैं कि इस राज्य में स्थानीय कौन है, तो फिर नियुक्ति किस आधार पर होगी ? नवीन जायसवाल ने सवाल किया कि सबसे पहले तो सरकार ये बता दे कि स्थानीयता का आधार वर्ष क्या होगा ? ये 1932 के खतियान के आधार पर होगा, 1947 में आजादी के बाद होगा या फिर सरकार कुछ और सोच रही है ?

आदिवासी आंदोलन का मुख्य विषय रहा है स्थानीयता- बंधु तिर्की

स्थानीयता के आंदोलन में 6 लोगों ने जान गंवाई- बंधु
स्थानीयता के आंदोलन में 6 लोगों ने जान गंवाई- बंधु तिर्की

बंधु तिर्की ने पूछा कि इस राज्य में स्थानीयता को लेकर उग्र आंदोलन हुए। इसमें 6 लोगों की जान भी चली गई। उसमें किस नेता की क्या भूमिका रही इसपर मुझे बताने की जरुरत नहीं है। लेकिन इस राज्य में स्थानीय कौन ? इसका पटाक्षेप जल्द होना चाहिए। सरकार कहती है कि प्रवर समिति की सिफारिशों के आधार पर निजी क्षेत्रों में भी स्थानीय को 75 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। लेकिन अगर किसी निजी कंपनी ने ऐसा करने से मना कर दिया तो फिर दंड का प्रावधान क्या है ? मुझे लगता है कि इसपर भी सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

स्थानीयता भी तय होगी और नियुक्ति भी की जाएगी, लेकिन हंगामे से नहीं- प्रदीप यादव

प्रदीप यादव ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि इस राज्य की भावनाओं के अनुरुप स्थानीय नीति बनेगी, ऐसा मेरा विश्वास है। लेकिन जिस प्रकार प्रवर समिति ने स्थानीय लोगों के लिए प्राइवेट सेक्टर में 75 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है, इसपर हमें सरकार का अभिनंदन करना चाहिए।

जल्द होगा स्थानीयता का फैसला, आधार वर्ष भी बताएंगे- सीएम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जब विपक्ष को मौका मिला तब तो उन्होने स्थानीयता को लेकर सब गुड़गोबर कर दिया। इसी का परिणाम है कि वे आज विपक्ष में बैठे हैं। जनता ने इनको वो दर्द दिया है कि भाजपा को विधानसभा के फर्श पर बैठकर धरना देना पड़ रहा है। सीएम ने कहा कि नई नियुक्ति नियमावली और प्रवर समिति की सिफारिसें तो पहला कदम है। देखते जाइए कि सरकार स्थानीय नीति भी बनाएगी और उसका आधार वर्ष भी बताएगी। तब आपके पास बोलने का मौका भी नहीं होगा।

CNT

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सीएनटी-एसपीटी की धारा 49 के रहते आदिवासियों की जमीन कैसे खरीद रहे हैं गैर-आदिवासी- लॉबिन हेम्ब्रम
सीएनटी-एसपीटी की धारा 49 के रहते आदिवासियों की जमीन कैसे खरीद रहे हैं गैर-आदिवासी- लॉबिन हेम्ब्रम

झारखण्ड में बड़े पैमाने पर आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों के द्वारा खरीदी जा रही है। इसपर सवाल उठाते हुए झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक लॉबिन हेम्ब्रम ने सरकार से सवाल किया कि आखिर सीएनटी-एसपीटी की धारा-49 के रहते पूरे राज्यभर में ऐसा कैसे हो रहा है। जबकि धारा-49 में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों को नहीं दी जा सकती। लॉबिन हेम्ब्रम ने कहा कि पूरे झारखण्ड में हजारों एकड़ आदिवासी जमीन की खरीब-बिक्री गैर-आदिवासियों के द्वारा हो रही है. उन्होने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बाहरी लोग आकर एकड़ में आदिवासी जमीन खरीद रहे हैं. और अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में शहरों में आदिवासी ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे।

स्टीफन मरांडी ने किया लॉबिन हेम्ब्रम का समर्थन

आदिवासी जमीन को गैर-आदिवासी द्वारा कानून में छेड़छाड़ कर खरीदना गंभीर विषय- स्टीफन मरांडी
आदिवासी जमीन को गैर-आदिवासी द्वारा कानून में छेड़छाड़ कर खरीदना गंभीर विषय- स्टीफन मरांडी

लॉबिन हैम्ब्रम की बात का समर्थन करते हुए झामुमो विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि लॉबिन हेम्ब्रम सही कह रहे हैं। रांची, जमशेदपुर, धनबाद सहित राज्य के सभी बड़े शहरों के आसपास सीएनटी-एसपीटी का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन की खरीद बिक्री हो रही है। स्टीफन मरांडी ने बताया कि इंदर सिंह नामधारी के रहते विधानसभा की एक टीम इसकी स्टडी करने के लिए बनाई गई थी। राज्य सरकार को तुरंत विधानसभा की एक टीम सिर्फ इस बात की जांच के लिए बनानी चाहिए कि कहां-कहां कितनी आदिवासी जमीन गैर-आदिवासियों द्वारा खरीदी गई।

प्रदीप यादव ने भी जांच की मांग की

जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने भी राज्य सरकार से मांगी की कि इस विषय को अत्यंत गंभीरता से सुना जाना चाहिए. प्रदीप यादव ने कहा कि आज पूरे झारखण्ड में सड़कों के किनारे आदिवासी जमीन बची ही नहीं है। और धीरे-धीरे आदिवासियों को वहां से धकेल कर रिमोट एरिया में जाने को मजबूर किया जा रहा है। ऐसे में सरकार को इस गंभीर विषय की जांच के लिए विधानसभा की कमेटी बनाने पर एतराज नहीं होना चाहिए।

सीएम ने जांच कमेटी बनाने का दिया आश्वासन

आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की जांच के लिए बनेगी समिति- सीएम
आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की जांच के लिए बनेगी समिति- सीएम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सदस्यों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि हमें भी पता है कि राज्य भर में बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी और बाहरी लोगों द्वारा खरीदी जा रही है। और इसकी जांच होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की है कि जल्द ही इसपर कमेटी बनाकर हर जिलें में आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री का आंकड़ा जुटाया जाएगा और अगर कहीं भी आदिवासी जमीन की गैर-आदिवासियों द्वारा खरीदी की गई है तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

08 SEPT 2021

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यूपी के सपा विधायक इरफान सोलंकी ने विधानसभा में की नमाज़ रूम की मांग

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नमाज रूम न होने से मुस्लिम विधायकों को परेशानी होती है- इरफान सोलंकी
नमाज रूम न होने से मुस्लिम विधायकों को परेशानी होती है- इरफान सोलंकी

भाजपा का जवाब- अबतक तो परेशानी नहीं हो रही थी?

लखनऊ: झारखंड विधानसभा में अलग से नमाज़ के लिए कमरा देने का मामला अब धीरे-धीरे पूरे देश का विवाद बनता जा रहा है।

समाजवादी पार्टी के कानपुर से विधायक इरफान सोलंकी ने यूपी विधानसभा के अंदर “नमाज के लिए अलग से कमरा” देने की मांग कर दी । उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा है कि मुसलमान विधायकों और विधानसभा कर्मियों को नमाज़ अदा करने में परेशानी होती है, लिहाजा विधानसभा के अंदर हमें एक “नमाज रूम” दिया जाय, जहां हम शांति से नमाज़ पढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि इबादत भी जरूरी है और विधानसभा सत्र भी जरूरी है।  विधानसभा अध्यक्ष चाहें तो इस पर निर्णय कर सकते हैं। इससे ना तो किसी को हानि होगी और ना ही कोई तकलीफ होगी। अब तो एयरपोर्ट पर भी अलग प्रेयर रूप होते हैं।

सपा विधायक कहा कि अभी झारखंड का मामला हाल में सामने आया है। सपा विधायक ने कहा कि हमारे यहां नमाज का टाइम तय है। एक प्रेयर रूम हो, छोटा सा ही सही लेकिन होना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि किसी विधायक का प्रश्न लगा हुआ है। महत्वपूर्ण प्रश्न है और क्षेत्र का मामला है। उसी समय अजान हो गई। न तो प्रश्न छूटना चाहिए और न ही नमाज।

भाजपा का पलटवार
यूपी के खैरागढ़ से भाजपा विधायक महेश गोयल ने सवाल किया कि अबतक तो मुस्लिम विधायकों को परेशानी नहीं हो रही थी ? जैसे ही झारखंड का विवाद उठा, यहां भी इरफान सोलंकी जैसे विधायकों के पिछवाड़े में आग लग गई। लेकिन वो समझ लें कि ये योगीजी का यूपी है, यहां एक लिमिट से ज्यादा बकवास की तो ईलाज भी तुरंत मिलता है और दिमाग़ी मरीज ठीक भी हो जाता है।

क्या कहते हैं यूपी के विधानसभा अध्यक्ष ?

इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें या उनके कार्यालय को इरफान सोलंकी का कोई पत्र नहीं मिला है, पत्र मिलने पर वह अधिकारियों के साथ विमर्श कर नियम संगत फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि हम कानून और नियम से बंधे हुए हैं और उसी के अनुसार फैसला लेंगे।

झारखंड विधानसभा में नमाज रूम पर बिहार में भी बवाल, भाजपा

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झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए अलग कमरा अलॉट किए जाने के मुद्दे पर पड़ोसी राज्य बिहार में भी सियासत गर्म हो चली है। वहां की सत्ता में साझेदार भाजपा और जेडीयू के सुर अलग-अलग हैं।

अगर किसी को नमाज़ पढ़नी है तो वे अपने निजी स्तर पर पढ़ें,  सरकार से सुविधा क्यों चाहिए?
अगर किसी को नमाज़ पढ़नी है तो वे अपने निजी स्तर पर पढ़ें, सरकार से सुविधा क्यों चाहिए?

बीजेपी के बिस्फी (मधुबनी) से विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि झारखंड विधानसभा में जिस तरह अभी नमाज पढ़ने के लिए एक कमरा दिया गया है, राजनीति में यह कहीं से सही नहीं है। बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष राज्य और राष्ट्र की जो कल्पना है, उसमें सत्ता धर्म के लिए कोई सुख सुविधा नहीं दे सकती।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर आज एक धर्म के लिए दी गई तो कल दूसरे धर्म के लोग भी सरकार से अपने लिए सुविधाओं की मांग करेंगे । अगर नमाज के लिए कमरा दिया गया है, तो हनुमान चालीसा और प्रार्थना के लिए रूम दिया जाना चाहिए। ये हम सरकार से मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की बात नहीं होनी चाहिए।

हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि पहली बात तो विधानसभा के अंदर सरकारी स्तर से किसी धर्म विशेष को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं मिलनी चाहिए,  और अगर मिलती है, तो फिर सभी धर्म और मज़हब के लोगों को मिले ।

भाजपा विधायक के बयान पर जेडीयू के गुलाम गौस को आपत्ति

मुसलमानों को पहले से मिलता रहा है "नमाज रूम"- गुलाम गौस
मुसलमानों को पहले से मिलता रहा है “नमाज रूम”- गुलाम गौस

भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रही जनता दल (यूनाइटेड) ने भाजपा के विधायक की इस मांग पर आपत्ति जताई है। गुलाम गौस ने कहा कि इस देश की बहुत गौरवशाली परंपरा रही है। नमाज तो हम कहीं भी पढ़ सकते हैं। उन्होंने लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे मामलों को राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बिना किसी पार्टी के नाम लिए कहा कि धर्म के नाम पर न किसी को उदारता दिखानी चाहिए और न ही सांप्रदायिकता फैलानी चाहिए।