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विराट कोहली ने किया एलान, टी20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद छोड़ देंगे कप्तानी

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Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फार्मेट के कप्तान विराट कोहली ने क्रिकेट के सबसे छोटे फार्मेट की कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से उनकी कप्तानी को लेकर बातें की जा रही थी। कुछ दिन पहले ही यह खबर आई थी कि वह टी20 विश्व कप खत्म होने के बाद इस फार्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। गुरुवार 16 सितंबर को शाम उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने ट्विटर के जरिए इस बात का एलान कर दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप 2021 के ठीक बाद भारतीय टी20 टीम की कप्तानी छोड़ देंगे। इसके बाद वो भारतीय वनडे व टेस्ट टीम की कप्तानी करते रहेंगे। विराट कोहली के इस कदम के बाद अब पूरी संभावना है कि रोहित शर्मा को भारतीय टी20 टीम की को कप्तानी सौंपी जाएगी। रोहित शर्मा आइपीएल में सबसे सफल कप्तान हैं और उनका रिकार्ड शानदार है। विराट कोहलीने अपने ऊपर लगातार बढ़ते दबाव की वजह से ये कदम उठाया है। कम से कम एक प्रारूप की कप्तानी छोड़ने के बाद उनके उपर से दबाव हटेगा और वो ठीक तरीके से अपनी बल्लेबाजी पर भी ध्यान दे पाएंगे।

बिहार के युवक के खाते में मोदी जी ने डाल दिए साढ़े 5 लाख रुपए, लेकिन पुलिस ने भेज दिया जेल

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उत्तर बिहार के खगड़िया जिले के मानसी थाने के बख्तियारपुर गांव के रंजीत दास के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती । रंजीत दास का ग्रामीण बैंक में खाता था । अचानक  एक दिन जब उसने अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस चेक किया तो उसमे किसी ने साढ़े 5 लाख रुपए डाल दिए थे ।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मिला गिफ्ट 

रंजीत दास ने फटाफट सारे पैसे निकाल लिए । उसका दावा है कि उसके अकाउंट में ये पैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भिजवाए हैं । उसने बताया कि ये पीएम मोदी की ओर से गिफ्ट है ।

बैंक ने क्या कहा? 

ग्रामीण बैंक के मैनेजर का कहना है कि बैंक की गलती से रंजीत दास के खाते में 5.50 लाख रुपये चले गए ।लेकिन अब वो पैसे बैंक को वापस नहीं कर रहा ।  दरअसल बैंक अकाउंट डालते वक्त गलत से एक अंक गलत टाइप हो गया और किसी और का पैसा रंजीत दास के खाते में चला गया । अब वह बैंक को पैसे नहीं लौटा रहा । वो कहताहै कि मोदी जी ने मुझे गिफ्ट दिया है ।

पुलिस ने रंजीत दास को जेल भेजा

मानसी थाना प्रभारी का कहना है कि बैंक ने बार-बार नोटिस भेजकर रंजीत दास से रुपये लौटाने को कहा,  लेकिन उसने पैसे वापस नहीं किए । वो तो कहता था कि मोदी जी ने जो गिफ्ट दियाहै, बैंक वाले  उसे छीनना चाहते हैं । जबतक मोदी जी नहीं कहते, वो किसी भ्रष्ट अधिकारी को पैसे नही देगा । अंत में पुलिस ने उसे पकड़ कर जेल भेज दिया ।


 

राज्य सरकार के खिलाफ केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मिले नगर निकाय के जनप्रतिनिधि

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केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मिले नगर निकाय के जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार की शिकायत
केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मिले नगर निकाय के जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार की शिकायत

नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों को डराने और संविधान के 74वें संशोधन के उल्लंघन का लगाया आरोप

झारखण्ड के नगर निकायों के जन प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच विवाद अब केन्द्र सरकार के दर तक जा पहुचा है। बुधवार को रांची की मेयर आशा लाकड़ा के नेतृत्व में झारखण्ड के कई नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों ने दिल्ली में केन्द्रीय शहरी आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि झारखण्ड सरकार संविधान के 74वें संशोधन को नजरअंदाज कर अपनी तरफ से मनमाने फैसले ले रही है. रांची मेयर आशा लाकड़ा ने कहा कि महाधिवक्ता की राय के बहाने नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों को डराने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है।

मेयर-डिप्टी मेयर के अधिकारों को खत्म करने का प्रयास

रांची की मेयर आशा लाकड़ा ने यह भी कहा कि हाल ही में झारखण्ड सरकार ने कुछ ऐसे निर्णय लिए हैं जिनके तहत वो जब चाहे मेयर या डिप्टी मेयर को अपने पद से हटा सकती है। यह मेयर और डिप्टी मेयर के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। जिस जनता के वोट से चुनकर राज्य सरकार आई है, उसी जनता ने मेयर और डिप्टी मेयर को भी चुना है। संविधान के 74वें संशोधन में मेयर-डिप्टी मेयर और नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का स्पष्ट उल्लेख है ।

महाधिवक्ता के मंतव्य पर संविधान विशेषज्ञों से लेंगे राय

रांची की मेयर आशा लाकड़ा ने कहा कि महाधिवक्ता ने नगर विकास विभाग को यह राय दी है कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत मेयर को निगम परिषद की बैठक आहुत करने, बैठक की तिथि निर्धारित करने व परिषद की बैठक में शामिल किए जाने वाले एजेंडा को निर्धारित करने का कोई अधिकार नहीं है । जबकि ये सभी अधिकार नगर आयुक्त को हैं . हम इस मामले में दूसरे कानूनविदों और संविधान विशेषज्ञों से राय ले रहे हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि महाधिवक्ता ने झारखंड नगरपालिका में विभिन्न धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों को गलत तरीके से परिभाषित करने का काम किया है. जबकि संविधान के 74वें संशोधन के तहत नगर निकायों, नगर परिषद व नगर पंचायत को सशक्त करने के लिए मेयर/अध्यक्ष को कई शक्तियां प्रदान की गई हैं ।

सीएम ने योजनाओं की निगरानी के लिए वेबसाइट का किया उद्घाटन

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झारखंड स्टेट प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप का ऑनलाइन उद्घाटन
झारखंड स्टेट प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप का ऑनलाइन उद्घाटन

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने  झारखंड स्टेट प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस पोर्टल पर कोई भी विभाग अथवा सार्वजनिक उपक्रम अपने प्रोजेक्ट के आधारभूत संरचना से जुड़े मामलों को रजिस्टर करा सकते हैं ।

इसके तहत वे जमीन अधिग्रहण, खनन फॉरेस्ट क्लीयरेंस और कानून एवं व्यवस्था आदि से जुड़ी समस्याओं को पोर्टल में दर्ज करा सकेंगे। राज्य स्तर पर गठित कमेटी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर समस्या का समाधान करेगी ।

मौके पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, भू राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव एल ख़ियांगते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे और भू राजस्व के निदेशक करण सत्यार्थी उपस्थित थे ।

 

 

डीवीसी के समाधान होने तक केंद्र सरकार पैसा काटना बंद करे : हेमंत सोरेन

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 झारखण्ड के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार
सीएम हेमन्त सोरेन ने झारखण्ड के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाया

सुनील सिंह, उज्ज्वल दुनिया संवाददाता

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि डीवीसी द्वारा हमारे कंसुलेटेड अकाउंट से पैसे काटे जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने लगभग 28 सौ करोड़ रूपये काट लिया गया है। 22 सौ करोड़ रुपया और काटने की बात की जा रही है। अभी दिसंबर महीने में लवर 11 सौ करोड़  रुपये काटने की सूचना है। सीएम ने कहा कि इस विषय पर डीवीसी के साथ  जब तक समाधान नहीं हो जाता है। तब तक इस पैसे को केंद्र सरकार काटना बंद करें यह आग्रह नीति आयोग से की गई है। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को नीति आयोग के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से कही।
 सीसीएल द्वारा रॉयल्टी का बकाया नहीं देने का मामला नीति आयोग के समक्ष रखा
सीएम ने कहा कि कोल इंडिया के अनुसांगिक इकाई सीसीएल द्वारा रॉएलटी का बकाया नहीं दिया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार के अधिग्रहित जमीनों के मुआवजा भी नहीं दे रहा । इससे सीसीएल पर हजारों करोड़ों रुपये का बकाया राज्य को नहीं मिल रहा है। इन बातों को नीति आयोग के समक्ष रखा गया। सीएम ने कहा कि 15 वें वित्त आयोग द्वारा पौने तीन सौ करोड़ रूपये कुपोषण को लेकर आवंटित किया गया है। इन पैसे की मांग की गई।
सीएम ने कहा कि पलामू गढ़वा क्षेत्र में पाइप लाइन द्वारा सिंचाई परियोजना को आईबीपी में शामिल करने का आग्रह किया है। इन योजना को जल्द से जल्द चालू करने का आग्रह किया गया है ताकि सूखाग्रस्त क्षेत्र में सिंचाई की उचित प्रबंध हो सके। इसके साथ ही धनबाद और रामगढ़ क्षेत्र में के लिए आईएमडी के छह सौ करोड़ रूपये की परियोजना को स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। ताकि इससे दामोदर नदी स्वच्छ किया जायेगा। इसके साथ ही पीएमआई द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित लोगों को फिर से जोड़ने का आग्रह किया है।
सीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार ने 25 प्रतिशत वैक्सीन प्राइवेट अस्पतालों में देने की बात कही गई है। इसमें छूट देने की आग्रह की गई है। हमारे राज्य में इतने पर्याप्त प्राइवेट अस्पताल नहीं है। इसमें छूट मिलने से वैक्सीनेशन की क्षमता बढ़ेगी। राज्य की छमता तीन से साढ़े तीन लाख लोगों को वेक्सिनेटेड करने की क्षमता है। लेकिन वैक्सीन की उपलब्धता नहीं होने से फिलहाल सिर्फ एक से डेढ़ लाख वैक्सीनेट ही हो पा रहा है।
खनन क्षेत्र में सोशल एसेसमेंट कराने की जरूरत
सीएम ने कहा कि राज्य के किसी भी क्षेत्र में जहां खनन हो रहा है, उन क्षेत्रों में सोशल एसेसमेंट कराने की जरूरत है। उन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इससे क्या प्रभाव हो रहा है,  इसका एक सर्वे होना जरूरी है। सीएम ने कहा कि राज्य में नए उद्योग के साथ-साथ छोटे उद्योगों को भी पुनर्जीवित करने का योजना तेजी से चल रही है। दिल्ली में इंडस्ट्री पॉलिसी को लांच किया है। इससे राज्य में लगभग 10 हजार करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव मिला है। सीएम ने कहा कि झारखंड एसटी / एससी बहुल क्षेत्र है। एएसटी /एससी इंटरप्रेयर को टैक्स में राहत दिया जाए। पूर्वोत्तर राज्यों की तरह टैक्स में छूट मिले, ताकि राज्य में उद्योग का विकास हो।
नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या बढ़ाई जाए 
 सीएम ने कहा कि राज्य के 13 नक्सल जिलों को घटाकर 8 जिले कर दिए गए हैं। इसे फिर बढ़ाने का आग्रह किया गया है। नक्सल प्रभावित जिलों में केंद्र सरकार की जो योजनाएं चल रही थी उससे बहुत प्रभाव पड़ा है। इसके चलते नक्सली गतिविधियों में कमी आई है। राज्य सरकार ने इसलिए आग्रह किया है की इन योजनाओं को और दो साल चलाया जाए।

जल्द होगी जैक के नये अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति

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जल्द होगी नये अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति- शिक्षा सचिव
जल्द होगी नये अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति- शिक्षा सचिव

रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह और उपाध्यक्ष फूल सिंह मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए हैं। दोनों के सेवानिवृत्त हो जाने से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इन पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार इस सप्ताह में जैक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।

जैक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने पर इसका खामियाजा राज्य के बच्चों को भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि जब तक जैक के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो जाती है यहां पर किसी तरह का काम नहीं हो पाएगा। ऐसे में हाल ही में संपन्न हुए मैट्रिक और इंटरमीडिएट का रिजल्ट भी अटक गया है। 30,000 से ज्यादा विद्यार्थियों को इसका इंतजार करना पड़ सकता है।

इस संबंध में शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया बहुत पहले से ही शुरू कर दी गई है। इस पर विभाग की तरफ से काम जारी है। बहुत ही जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। शिक्षा विभाग की तरफ से प्रस्तावित नाम पर मुख्यमंत्री अनुशंसा करते हैं। उल्लेखनीय है कि जैक अध्यक्ष की घोषणा नहीं होने से वहां पर आकांक्षा की परीक्षा, प्राइमरी टीचर ट्रेनिंग की परीक्षा, आमिल फाजिल परीक्षा का परिणाम, मैट्रिक और इंटर मीडिएट की पूरक परीक्षा का रिजल्ट आदि प्रभावित हो सकते हैं।

गिरिडीह बनेगा सोलर सिटी, सोलर पावर से रौशन होंगे घर

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देश भर में कुल 60 शहरों का चयन सोलर सिटी के लिए हुआ है
देश भर में कुल 60 शहरों का चयन सोलर सिटी के लिए हुआ है

रांची। झारखण्ड का गिरिडीह शहर सोलर सिटी बनेगा। पारसनाथ पर्यटन स्‍थल होने के कारण गिरिडीह को सोलर सिटी बनाया जाएगा। सोलर सिटी बनने के बाद गिरिडीह जिले के लोग अपने घरों में बिजली से जुड़े कार्य के लिए सोलर पावर का उपयोग करेंगे। इतना ही नहीं गिरिडीह शहर के हर चौक-चौराहों की स्ट्रीट लाइट सोलर पावर से ही रौशन होंगी। सभी सरकारी कार्यालयों में सोलर पावर से बनने वाली बिजली का ही खपत होगा।

80 करोड़ रुपये देगी राज्य सरकार 

यह कार्य ज्रेडा द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। गिरिडीह में कुल 29858 विद्युत कनेक्‍शन हैं। इसकी कुल क्षमता 41 मेगावाट है। राज्य सरकार ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की मार्ग-निर्देशिका के आलोक में गिरिडीह शहर का सोलर सिटी के रूप में चयन करते हुए विकसित करने के लिए 80.75 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इसके तहत रूफटाप पावर प्लांट बिना बैटरी के लिए केंद्रांश 40 प्रतिशत एवं राज्यांश 60 प्रतिशत के फार्मूले पर काम शुरू होगा। योजनाओं के लिए राज्यांश के तौर पर 3.75 करोड़ रुपये जेरेडा को अनुदान स्वरूप उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई। योजना के तहत 3 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को शत प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रविधान किया गया है।

रांची, धनबाद, जमशेदपुर, देवघर एवं बोकारो को दूसरे चरण में सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का प्रस्‍ताव है।

 

रिम्स में एक साल में 64 लोगों ने नेत्रदान किया, स्वास्थ्य मंत्री ने किया सम्मानित

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नेत्रदान करने वाले परिवारों और डॉक्टरों का सम्मान
नेत्रदान करने वाले परिवारों और डॉक्टरों का सम्मान

झारखंड में क्षेत्रीय कॉर्निया डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लागू किया जाएगा। इसे लेकर सरकार तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बुधवार को रिम्स में आयोजित नेत्रदाताओं के सम्मान समारोह में उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दान किए हुए कॉर्निया का सही इस्तेमाल हो और जरूरतमंदों को कॉर्निया मिल सके, इसे लेकर हर संभव कदम उठाया जाएगा।

उन्होंने रिम्स आइ बैंक की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के डॉक्टरों और कर्मचारियों के प्रयास से एक वर्ष में 64 दिन नेत्र दान किए जा चुके हैं। इसमें से 20 लोगों का कॉर्निया उपयोग में लाया जा सका है। उन्होंने बताया कि कई बार कॉर्निया बर्बाद भी हो जाता है। इसे रोकने के लिए व्‍यवस्‍था दुरुस्त की जाएगी, ताकि दान किए हुए कॉर्निया का सही उपयोग हो सके और दृष्टिहीन को दृष्टि मिल सके।

सम्मान समारोह में नेत्र दाताओं के परिवारों को सम्मानित किया गया। इसमें 20 लोगों को आमंत्रित किया गया था। इसमें से 10 परिवार के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और अपनी भावनाओं को भी व्यक्त करते हुए डॉक्टरों का धन्यवाद दिया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनके अपने नहीं होने के बाद भी उनकी आंखों से दूसरे लोग दुनिया देख सकेंगे।

 

ओबीसी मोर्चा राष्ट्रीय महामंत्री डॉ निखिल आनंद ने घायल पत्रकार से रिम्स में की मुलाकात

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घायल पत्रकार वैजनाथ महतो को रिम्स में देखते ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव
घायल पत्रकार बैजनाथ महतो को रिम्स में देखते ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद

रांची । राजधानी में पत्रकार बैजनाथ महतो पर अपराधियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया,  जिससे उनके सिर में गम्भीर चोट आयी है, जिससे वो की दिनों से बेहोशी की अवस्था में है । बुधवार को रिम्स न्यूरो विभाग में घायल पत्रकार को देखने भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा जाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ निखिल आनंद पहुंचे । उन्होने कहा कि वो खुद भी 20 वर्षों तक पत्रकार भी रहे हैं। उन्होने पत्रकार बैद्यनाथ महतो से और उनके परिजनों से मिल कर उनकी तबियत की हाल चाल लिया व बेहतर इलाज के लिये एम्स या अन्य बेहतर हॉस्पिटल में इलाज के लिए राज्य सरकार से मांग किया।

हेमंत सरकार की कानून व्यवस्था बद से बदतर

इस दौरान निखिल आनंद ने कहा कि राज्य की पूर्व की रघुवर सरकार के हटते ही राज्य की कानून व्यवस्था बाद से बदतर होती जा रही है । यह पत्रकार पर जानलेवा हमला यानी लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला है। राज्य सरकार को जल्द ही बेहतर जगह से बेहतर इलाज कराना चाहिए। अब तक ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हेमन्त सरकार पत्रकारों के प्रति भी उदासीन रवैया अपना रहे है अभी तक अपराधी को भी पकड़ नही सके है, जो बिल्कुल भी गलत है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय मंत्री कृष्णा महतो, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप यादव, प्रदेश महामंत्री चौधरी महतो ,उपाध्यक्ष दिलीप स्वर्णकार, प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ सुबास साहु, कोषाध्यक्ष पंकज सोनी सहित कई पदाधिकारी गण मौजूद रहे।

झारखण्ड के ओबीसी समाज को 27 फीसदी आरक्षण दें हेमंत सोरेन

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झारखण्ड की जनसंख्या का 52 फीसदी ओबीसी समाज, 27 फीसदी आरक्षण तो देना ही होगा- निखिल आनंद
झारखण्ड की जनसंख्या का 52 फीसदी ओबीसी समाज, 27 फीसदी आरक्षण तो देना ही होगा- निखिल आनंद

भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा जाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ निखिल आनंद ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि राज्य के विकास विरोधी और धार्मिक तुष्टिकरण करने वाले हेमंत सरकार के विरुद्ध भाजपा द्वारा संवैधानिक तरीके से विधानसभा घेराव किया गया था। लेकिन राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस ने भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों, मोर्चा कार्यकर्ताओं पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया । निखिल आनंद ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं की पिटाई करना लोकतंत्र की हत्या है।

महिला, किसान युवा और दलित विरोधी है हेमंत सरकार

भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री निखिल आनंद ने कहा कि हेमन्त सरकार न सिर्फ विकास विरोधी है, बल्कि यह महिला, युवा, किसान और दलित विरोधी सरकार भी है। उन्होने कहा कि की भ्रष्टाचारी कॉंग्रेस व राजद की गोद में बैठ कर हेमन्त सोरेन खुद को पाक-साफ कहते हैं, ये मजाक नहीं तो और क्या है । उन्होने कहा कि इनका मकसद मात्र एक विशेष समुदाय को खुश कर उनका वोट हासिल करना है। यह सरकार केवल धार्मिक तुष्टिकरण कर रही है जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।

ओबीसी समाज के लिए नरेन्द्र मोदी से ज्यादा किस नेता ने काम किया ?

निखिल आनंद ने कहा कि काका कालेकर की रिपोर्ट व मण्डल आयोग की रिपोर्ट के बाद या कहे तो देश की आजादी के 70 सालों के बाद पहली बार केंद्र की भाजपा की नरेंद्र मोदी की सरकार ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के काम किया है और पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में ओबीसी के 27 मंत्री को शामिल किया गया है। भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार ने ओबीसी समाज को सम्मान देने का कार्य किया है और झारखंड राज्य से भी ओबीसी समाज से एक महिला को केंद्र में मंत्री बनाया गया है ।

झारखण्ड सरकार ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का वादा पूरा करे

राज्य के हेमन्त सरकार द्वारा ओबीसी समाज के खिलाफ उदासीनता व वादा खिलाफी का विरोध में व 27 प्रतिशत आरक्षण नही देने का विरोध करते है तथा पूर्व में रघुवर दास की सरकार में शुरू हुए ओबीसी सर्वे को भी सत्ता में आने के साथ बंद कर दिया। राज्य में ओबीसी समाज के लगभग 52 प्रतिशत से अधिक है जो इसे बर्दाश्त नही करेगी। इसलिए राज्य सरकार जल्द से जल्द 27 प्रतिशत आरक्षण दें।

जातिगत जनगणना के 55 हजार करोड़ रुपये एनजीओ को बांट दिए गये

उन्होने कहा कि कांग्रेस, आरजेडी और झामुमो बताए कि आखिर 2011 में जातिगत जनसंख्या जनगणना सर्वे सेंसेक्स बिल में फेरबदल कर जातिगत जनगणना को हटा कर कैसे आखिर 55 हजार करोड़ रुपये के पैसे का बंदरबांट NGOs वैगरह को देकर किया इसकी भी उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए

झारखण्ड में पहली बार हर्बल पार्क की होगी स्थापना

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हर्बल उद्योग के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने की हुई पहल- निशा उरावं, निदेशक, कृषि
हर्बल उद्योग के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने की हुई पहल- निशा उरावं, निदेशक, कृषि

रांची । झारखण्ड में हर्बल पार्क की स्थापना हेतु प्रयास शुरू हो गए हैं, जिसका उद्देश्य हर्बल खेती को बढ़ावा एवं हर्बल उद्योगों के क्षेत्र अधिक अवसर का सृजन करना है। साथ ही, स्थानीय लोगों द्वारा क्षेत्र में हर्बल पौधों की खेती और उपयोग को लोकप्रिय बनाना, झारखण्ड में पर्यटकों के आकर्षण के लिए प्रकृति आधारित हर्बल पर्यटन केन्द्र का विकास करना, हर्बल क्षेत्र में स्थायी आजीविका को बढ़ावा देना एवं हर्बल प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में हर्बल की खेती और उपयोग को लोकप्रिय बनाना है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर राज्य योजनान्तर्गत उद्यान विकास के तहत हर्बल पार्क स्थापना की परिकल्पना जल्द मूर्तरूप लेगा। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने इस दिशा में कार्य करना आरंभ कर दिया है।

अध्ययन, अनुसंधान और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

हर्बल पार्क स्थापना के पीछे अध्ययन, अनुसंधान और पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। पार्क की स्थापना दुमका में प्रस्तावित है। पार्क स्थापना के प्रारंभिक चरण में राज्य में पाये जानेवाले हर्बल पौधों की सम्पदा को संरक्षित करने का प्रयास किया जायगा, जबकि बाद के चरण में महत्वपूर्ण विदेशी और दुलर्भ हर्बल पौधों की सम्पदा को पार्क में संरक्षित किया जायगा। हर्बल पार्क का विकास एक सुन्दर मनोरंजक एवं आरामदेह स्थल के रूप में होगा, जहाँ कई प्रकार के मनोरंजक और ज्ञानवर्धक क्रियाकलापों के साथ हर्बल पौधों से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। जो न केवल उपयोगी होंगे, बल्कि मानव जीवन के सुख एवं आनंद के लिए लाभदायक साबित होंगे।

ये होगा हर्बल पार्क में

सुगंधित हर्ब गार्डन, स्पाइस हर्ब गार्डन, किचन हर्ब गार्डन, सजावटी जड़ी बूटी उद्यान, कॉस्मेटिक हर्ब गार्डन, सिंचाई नेटवर्क और सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था का विकास, पोस्टहार्वेस्ट जड़ी बूटी प्रसंस्करण, जड़ी बूटी तेल निष्कर्षण इकाई, हर्ब्स ऑयल डिस्टिलेशन यूनिट, आंवला जूस प्रोसेसिंग यूनिट, आंवला कैंडी बनाने की इकाई, एलोवेरा जेली और जूस प्रोसेसिंग यूनिट, जिंजर और हल्दी सुखाने की इकाई, हर्बल शैम्पू और साबुन बनाने की इकाई , हर्ब्स स्टोरेज कूलिंग यूनिट, जड़ी बूटी संरक्षण इकाई,  प्रसंस्करण इकाई, हर्ब्स प्लांट नर्सरी,  जैविक उर्वरक उत्पादन इकाई समेत अन्य सुविधाएं हर्बल पार्क में उपलब्ध कराई जाएंगी।

हर्बल पार्क स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके माध्यम से स्थानीय लोगों की आजीविका सुनिश्चित करना एवं झारखण्ड में हर्बल खेती को प्लेटफॉर्म देना है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर कार्य को गति दी जा रही है। आनेवाले दिनों में पहली बार झारखण्ड में हर्बल पार्क की स्थापना होगी।

निशा उराँव, निदेशक, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग

मौसमी बुखार से बचने के लिए टीका लिया जा सकता हैः डॉ. माया

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अब मौसमी बुखार से बचने के लिए भी टीका
अब मौसमी बुखार से बचने के लिए भी टीका

रांची: पारस एचईसी अस्पताल की कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. माया के मुताबिक मौसमी बुखार या सीजनल फ्लू से बचने के लिए टीका मौजूद है। यह टीका हर साल लगवानी पड़ती है। इससे एक साल तक बचाव होता है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे व्यक्ति को यह टीका ज्यादातर लगाया जाता है। लेकिन छह माह से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति यह टीका लगवा सकता है।

डॉ. माया के मुताबिक यदि किसी को सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, दस्त आदि की शिकायत हो तो यह सीजनल फ्लू हो सकता है। हालांकि कोविड का लक्षण भी ऐसा ही होता है। इसलिए डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से दवा नहीं करें। क्योंकि इसमें निमोनिया होने की भी आशंका होती है। यदि इस बीमारी से बचना है तो कोविड गाइडलाइन का पालन करें। मसलन-मास्क लगाएं, बार-बार हाथ धोएं, दूसरों से दूरी बना कर रखें। इस बीमारी में 104 डिग्री तक बुखार रह सकता है।

मौसम बदलने पर होता है यह फ्लूः पारस अस्पताल की डॉ. माया के मुताबिक मौसम बदलने पर मौसमी या सीजनल फ्लू होता है। जैसे- गर्मी से बरसात होने पर या ठंड होने पर होता है। ठंड बढ़ने पर भी यह फ्लू होता है। यह फ्लू ज्यादातर इंफ्लूएंजा वायरस की वजह से होता है। लेकिन कभी-कभी दूसरे वायरस की वजह से भी हो सकता है।

भालोटिया इंजीनियरिंग वर्क्स द्वारा अधिग्रहित जमीन होगी वापसः चंपई सोरेन

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भालोटिया इंजीनियरिंग को 5.3 एकड़ जमीन मूल रैयत विजय सिंह को वापस करनी होगी
भालोटिया इंजीनियरिंग को 5.3 एकड़ जमीन मूल रैयत विजय सिंह को वापस करनी होगी

जमशेदपुर शहर के सबसे पॉश इलाकों में से एक बिष्टुपुर के मेन रोड पर स्थित भालोटिया इंजीनियरिंग वर्क्स की 5.3 एकड़ जमीन उसके मूल रैयत विजय सिंह को वापस होगी। इस बात के आदेश मंत्री चंपई सोरेन ने दे दिए हैं। सीएनटी एक्ट के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। पीठासीन अधिकारी सह राज्य सरकार के मंत्री चंपाई सोरेन ने यह आदेश दिया है ।

सीएनटी एक्ट की धारा 49(5) के तहत पीठासीन पदाधिकारी बने मंत्री चंपई सोरेन ने जमीन अधिग्रहण के बाद भी उसका उपयोग न करने पर अधिग्रहित भूमि उसके मूल रैयत को लौटाने का आदेश दिया है । आदेश में कहा गया है कि भालोटिया इंजीनियरिंग वर्क्स ने भूमि अधिग्रहण करते वक्त किए गये करार के तहत कार्य नहीं किया, लिहाजा उनसे भूमि लेकर मबल रैयत को लौटाई जा रही है।

राजस्व एवं निबंधन, भूमि सुधार सचिव एल.खियांग्ते ने पत्रकारों को बताया कि सीएनटी की धारा 49 बी के तहत यह कार्रवाई की गयी है और यह जमीन मूल रैयत विजय सिंह (खूंटाडीह, थाना सोनारी) को वापस की जायेगी ।

 

सांसद दीपक प्रकाश ने डीएसपी प्रमोद मिश्र के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज कराया

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अगर किसी सरकारी कर्मी ने संसद सदस्य की अवमानना की है तो उसकी नौकरी भी जा सकती है
अगर किसी सरकारी कर्मी ने संसद सदस्य की अवमानना की है तो उसकी नौकरी भी जा सकती है

नई दिल्ली । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य सभा सदस्य दीपक प्रकाश ने राज्यसभा के सभापति एवम भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात कर झारखंड के एक पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद मिश्रा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज कराया। कुछ दिन पूर्व डीएसपी प्रमोद मिश्रा का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमे उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश एवं पुलिस पदाधिकारी स्व रूपा तिर्की के खिलाफ भद्दी,अमर्यादित एवम असंसदीय भाषा का प्रयोग किया था।

किसी सांसद के लिए एक सरकारी कर्मी द्वारा अपशब्द का इस्तेमाल घोर अवमानना का मामला है। राज्य के एक वर्दीधारी पुलिस पदाधिकारी द्वारा ऐसा किया जाना घोर आपत्तिजनक जनक है। दीपक प्रकाश ने इस संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई का अनुरोध किया।

हमेशा के लिए जा सकती है डीएसपी की नौकरी

संविधान में संसद और उसके सदस्‍यों के विशेषाधिकार का उल्‍लेख अनुच्‍छेद 105 में है। उसमें समूची प्रक्रिया और अवमानना पर सजा के प्रावधान भी हैं। संसदीय समिति के पास दोषी को जेल भेजने का अधिकार भी है।

क्या हैं एक सांसद के विशेषाधिकार और क्या है विशेषाधिकार लाने की प्रक्रिया ?

विशेषाधिकार हनन कब होता है, इसके बारे में कोई निश्चित नियम नहीं हें। कोई भी ऐसी कार्रवाई जो संसद या उसके किसी सदस्‍य को अपना कर्तव्‍य निभाने से रोके, या उसके चलते कर्तव्‍य निभाने में बाधा आए, विशेषाधिकार हनन के तहत आती है। लोकसभा स्‍पीकर 15 सदस्‍यों की विशेषाधिकार समिति का गठन करते हैं। यही कमिटी जांच करती है कि विशेषाधिकार हनन हुआ है या नहीं। इस वक्‍त बीजेपी के सुनील कुमार विशेषाधिकार समिति के प्रमुख हैं।

डीएसपी को सजा दिलाने के लिए 25 सांसदों का समर्थन जरुरी

अगर किसी सदस्‍य को लगता है कि उसे अपनी ड्यूटी करने से रोका जा रहा है तो वह विशेषाधिकार हनन का मामला उठा सकता है। सांसद को लोकसभा के महासचिव को उस दिन लिखित में सुबह 10 बजे से पहले सूचना देनी होती है। अगर 10 बजे के बाद सूचित करते हैं तो उसे अगले दिन की बैठक में शामिल किया जाता है। तय वक्‍त पर स्‍पीकर सांसद का नाम पुकारते हैं, तब सांसद अपनी बात रखते हैं। अगर कोई अन्‍य सदस्‍य प्रस्‍ताव पर आपत्ति जाहिर करता है तो स्‍पीकर प्रस्‍ताव के समर्थन वाले सांसदों से अपनी जगह पर खड़े होने को कहते हैं। 25 या उससे ज्‍यादा सदस्‍यों के खड़े होने पर प्रस्‍ताव पारित माना जाता है।

अधिकतम सजा क्या हो सकती है ?

अगर विशेषाधिकार समिति किसी को विशेषाधिकार या अवमानना का दोषी पाती है तो वह सजा की सिफारिश कर सकती है। सजा के तौर पर समिति संबंधित व्‍यक्ति को तलब कर उसे चेतावनी दे सकती है। समिति के बाद दोषी को जेल भेजने का अधिकार भी है।

पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कब-कब विशेषाधिकार हनन प्रस्‍ताव?

  • साल 2018 में तत्‍कालीन केंद्रीय राज्‍य मंत्री पोन राधाकृष्‍णन उस वक्‍त पतनमतिट्टा के एसपी रहे यतीश चंद्र के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्‍ताव लेकर आए थे। मंत्री का आरोप था कि पुलिस अधिकारी ने उनके साथ बदसलूकी की है।
  • साल 2011 में राज्‍यसभा सांसद रामगोपाल वर्मा और मोहम्‍मद अदीब पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्‍ताव लाए थे। उनका कहना था कि सांसदों के खिलाफ बेदी ने बेहद आपत्तिजनक टिप्‍पणियां की हैं।

90 कैदियों की सजा माफ, सीएम हेमंत सोरेन ने दिए रिहाई के आदेश

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सीएम ने 90 कैदियों की रिहाई के दिए आदेश
सीएम ने 90 कैदियों की रिहाई के दिए आदेश

झारखंड के 90 कैदियों की सजा माफ कर दी गई है। इसके बाद मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन्‍हें रिहा करने का आदेश दिया है। राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में बुधवार को लिए गए निर्णय के आलोक में आजीवन कारावास प्राप्त बंदियों के मामले पर विचार करने के बाद आज कुल 185 में से 90 बंदियों की सजा माफ करते हुए रिहाई का आदेश दिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की।

इन 90 बंदियों में से रांची से 53, हजारीबाग से 11, जमशेदपुर से 6, दुमका से 17 एवं पलामू से 3 बंदियों की रिहाई का आदेश हुआ है।