Sunday 5th of July 2026 10:04:58 AM
Home Blog Page 118

UPSC टॉप 10 में पांच तो बिहार

0

देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में बिहार-झारखण्ड एक तरफ तो पूरा देश दूसरी तरफ नजर आता है। उसमें भी अगर तमिलनाडु-केरल-यूपी को छोड़ दें तो लगता है कि इन्हीं पांच राज्यों का आइएएस पर एकाधिकार है। बाकि राज्यों से इक्का-दुक्का विद्यार्थी ही सिविल सेवा की परीक्षा पास कर पाते हैं। ऐसा क्यो ?

बिहार में सिविल सेवा का जबर्दस्त क्रेज है। UPSC के टॉप 10 में से 3 अभ्यर्थी बिहार से ही हैं, और बाकी दो धनबाद के। कटिहार के शुभम कुमार को पहला स्थान मिला। खासबात ये है कि टॉप 10 में शामिल सभी बिहारी मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं।

कटिहार के रहनेवाले UPSC टॉपर शुभम कुमार

बिहार कैडर चाहते हैं शुभम कुमार
बिहार कैडर चाहते हैं शुभम कुमार

यूपीएससी में टॉप करने वाले शुभम कुमार की इच्छा है कि उन्हें बिहार कैडर ही दिया जाए। शुभम ने बताया कि वह चाहते हैं कि वो बिहार में रहकर विकास के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बिहार कैडर नहीं दिया जाता है तो वे मध्य प्रदेश में काम करना पसंद करेंगे। शुभम के पिता देवानंद सिंह ने बताया कि वो शुरू से ही काफी टैलेंटेड था। पढ़ाई के प्रति लगन देखकर उन्होंने हर संभव प्रयास किया कि कोई कमी न रहे। IAS की परीक्षा में ऑल इंडिया टॉप करने वाले शुभम फिलहाल इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस में ट्रेनिंग कर रहे हैं। पूर्णिया से शुरुआती पढ़ाई करने वाले UPSC टॉपर शुभम कुमार ने बोकारो से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद बॉम्बे आईआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की है। शुभम के पिता बैंक कैशियर की नौकरी करते हैं।

धनबाद के यश जालूका को मिला 4th रैंक

झरिया के रहने वाले हैं यश जालूका
झरिया के रहने वाले हैं यश जालूका

झरिया के यश जालूका ने डी-नोबिली स्कूल, डिगवाडीह से पढ़ाई की है । झरिया के पोद्दारपाड़ा निवासी महावीर जालूका के भतीजे व मनोज जालूका के सुपुत्र हैं यश जालूका । यश के पिता मनोज जालूका लोहा व्यवसायी हैं । बड़े भाई अंकुर झरिया के लक्ष्मीणियां मोड़ में राशन की दुकान चलाते हैं । यश ने डी-नोबिली, डिगवाडीह से 8वीं पास किये । वहीं, जेवियर्स स्कूल 10वीं पास किये । 12वीं की पढाई बोकारो में करने के बाद वे दिल्ली चले गये । दिल्ली से बीकॉम और मास्टर डिग्री की पढ़ाई किये । इसी बीच UPSC की तैयारी में जुट गये ।

जमुई के प्रवीण कुमार को मिला 7वां स्थान

प्रवीण ने 2017 में आईआईटी कानपुर से बीटेक किया
प्रवीण ने 2017 में आईआईटी कानपुर से बीटेक किया

जमुई के रहनेवाले प्रवीण कुमार ने यूपीएससी परीक्षा में सातवां स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। प्रवीण ने 2017 में आईआईटी कानपुर से बीटेक किया था। उसके बाद इंजीनियरिंग सर्विस की तैयारी की और 2019 में तीसरी रैंक हासिल की। फिर एक साल का गैप सिविल सर्विस एग्जाम के लिए लिया था। प्रवीण ने कहा कि उन्होंने कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं किया। हालांकि, कई कोचिंग संस्थान के नोट्स लिए थे, लेकिन पढ़ाई खुद से की।

डॉ अपाला मिश्रा को 9वीं रैंक

आर्मी में डेंटिस्ट हैं अपाला मिश्रा
आर्मी में डेंटिस्ट हैं अपाला मिश्रा

धनबाद की बेटी डॉ अपाला मिश्रा ने शुक्रवार को जारी यूपीएससी 2021 के परीक्षा परिणाम में देशभर में 9वां स्थान प्राप्त किया है. डॉ अपाला का परिवार हाउंसिंग कॉलोनी में HIG-7 में रहता है. अभी वह उनके पिता रिटायर कर्णल अमिताभ मिश्रा और मां डॉ अल्पना मिश्रा के साथ नोएडा में रहती है. वह खुद सेना में डेनटिस्ट हैं. डॉ अपाला की 10वीं तक की स्कूली पढ़ाई देहरादून के एन मैरी स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल, रोहिनी से की है. इसके बाद उन्होंने डेनटिस्ट की पढ़ाई आर्मी कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस हैदराबाद से डेनटिस्ट (बीडीएस) की पढ़ाई की है.

समस्तीपुर के सत्यम गांधी को 10वां रैक मिला

सत्यम ने पहले ही प्रयास में 10वां रैंक हासिल किया
सत्यम ने पहले ही प्रयास में 10वां रैंक हासिल किया

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के सिविल सेवा 2020 के रिजल्ट में समस्तीपुर के सत्यम कुमार गांधी ने ऑल इंडिया में 10वां रैंक हासिल किया। परिणाम के बारे में खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव पूसा के दिघड़ा में जश्न का माहौल है। सत्यम को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सत्यम गांधी ने राजनीतिक शास्त्र विषय से ग्रेजुएशन किया है। सत्यम के पिता अखिलेश कुमार डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में वरीय तकनीकी सहायक हैं। माता मंजू कुमारी गृहिणी हैं। सत्यम ने पूसा केंद्रीय विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से की। सत्यम ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की है।

यूपीएससी सिविल सर्विसेज़ की परीक्षा में झारखण्ड के कुल आठ अभ्यर्थियों का चयन

0

रांची। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में झारखण्ड के कुल आठ विद्यार्थियों का चयन हुआ है। हजारीबाग के उत्कर्ष कुमार ने 55वीं रैंक हासिल की है, जबकि देवघर मधुपुर के शुभम मोहन 196 रैंक पर है। देवघर की ही भावना कुमार ने 376वां रैंक हासिल करने में सफलता हासिल की है। चाईबासा के अभिनव कुमार गुप्ता ने 360वां रैंक हासिल किया है। राज्य के साहेबगंज जिले में मिर्जाचौकी के रहने वाले दलजीत कुमार को भी 114वां रैंक मिला हैं।

चाईबासा के अभिवन गुप्ता को 360वां रैंक

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के बड़ी बाजार निवासी राजकुमार गुप्ता के पुत्र अभिनव कुमार गुप्ता लगातार दूसरे वर्ष भी यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिंल की है। अभिनव को इस बार 360वां रैंक प्राप्त हुआ है। अभिनव की इस उपलब्धि से परिवार के खुश हैं। 2019 में अभिनव को यूपीएससी परीक्षा में 472 वां स्थान मिला था और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा के लिए किया गया था।

धनबाद के दो लोगों ने बनाई टॉप-10 में जगह
यूपीएससी में कोयलांचल के लाल ने नाम रोशन कर दिया। धनबाद जिले के झरिया के यश जालूका ने पूरे भारत में चौथा स्थान (4th Rank), धनबाद की बेटी डॉ अपाला मिश्रा ने देश भर में 9वीं रैंक (9th Rank) लाकर यूपीएससी टॉप टेन में शामिल हो गई हैं।

रांची से वैष्णोंदेवी के लिए चलेगी तीर्थयात्री स्पेशल ट्रेन

0
8505 रुपये में आठ रात और नौ दिन का होगा
8505 रुपये में आठ रात और नौ दिन का पैकेज

आईआरसीटीसी इस साल के अंत में झारखंड से जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के लिए एक तीर्थयात्री स्पेशल ट्रेन चलाएगा । इस पैकेज टूर को ‘उत्तर भारत यात्रा’ नाम दिया गया है। इस पैकेज के तहत चलने वाली ट्रेन 12 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच चलेगी।

इन स्टेशनों पर रुकेगी तीर्थयात्री स्पेशल ट्रेन
आईआरसीटीसी ने कहा कि वैष्णो देवी के लिए ट्रेन रांची से अपनी यात्रा शुरू करेगी। यह ट्रेन बोकारो, धनबाद, आसनसोल, चित्तरंजन, जामताड़ा, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, किऊल, मोकामा, बख्तियारपुर, पटना, आरा, बक्सर और मुगलसराय में रुकती हुई वैष्णो देवी जाएगी।

पैकेज टूर में इन तीर्थ स्थानों पर जाएंगे यात्री
आईआरसीटीसी ने कहा, “यह कार्यक्रम आठ रात और नौ दिन का होगा। पैकेज टूर के तहत तीर्थयात्रियों को वैष्णो देवी, हरिद्वार, मथुरा, वृंदावन और अयोध्या ले जाया जाएगा।”

स्लीपर क्लास बर्थ के लिए चुकाने होंगे 8505 रुपये
तीर्थ यात्रा स्पेशल ट्रेन की स्लीपर-क्लास बर्थ के लिए 8,505 रुपये का शुल्क लिया जाएगा, जबकि एसी कोच का लाभ उठाने वाले यात्रियों को दौरे के लिए 14,175 रुपये का भुगतान करना होगा। यात्रियों को शाकाहारी भोजन, नाश्ता, चाय-कॉफी दिया जाएगा। साथ ही ट्रेन से उतरने के बाद नॉन एसी बस से दार्शनिक स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।

यात्रा शुरू करने से पहले सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से अपना कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। यात्रियों को तभी अनुमति दी जाएगी जब उन्होंने अपनी दोनों खुराक ले ली हों।

झारखंड में दलित और आदिवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है

0
पिछले डेढ़ सालों में दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ा है- रघुवर दास
पिछले डेढ़ सालों में दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ा है- रघुवर दास

श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद व अंत्योदय के मूलमंत्र को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धरातल पर उतार रहे हैं। अंत्योदय का अर्थ है समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण को पहुंचाना। मोदी जी यही कार्य कर रहे हैं। उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने कहीं। वे महानगर भाजपा द्वारा रांची विधानसभा के बुथ नंबर 264 (वीर बिरसा नगर) में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती समारोह में बोल रहे थे।

अंत्योदय के सपने को पूरा कर रहे हैं नरेन्द्र मोदी
अंत्योदय के सपने को पूरा कर रहे हैं नरेन्द्र मोदी- रघुवर दास 

उन्होंने कहा कि चाहे जन-धन खाते खोलकर हर गरीब को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना हो या उज्जवला के माध्यम से हमारी माताओं-बहनों को धूएं से मुक्ति दिलाना हो। प्रधानमंत्री आवास देकर हर किसी के अपने घर के सपने को पूरा करना हो या हर घर में शौचालय बनवाकर महिलाओं को सम्मान की जिंदगी देना हो या हर किसी को सस्ती दवा उपलब्ध कराना हो। आयुष्मान भारत के माध्यम से गरीब व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंचानी हो या 70 वर्षों से बिजली की बाट जोह रहे लोगों के घर को रोशन करना हो। मोदी जी अंत्योदय के लिए कार्य कर रहे हैं।

रघुवर दास ने कहा कि कोरोना के दौरान गरीब कल्याण योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को नरेंद्र मोदी जी ने अन्न उपलब्ध कराया है। कोरोना बीमारी जब से शुरू हुई है तब से आज तक निर्धन वर्ग को निःशुल्क खाद्यान उपलब्ध हो रहा है। जिसकी प्रशंसा पूरी दुनिया कर रही है। हर किसी को कोरोना का टीका मुफ्त लगाया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इस परिसर में प्रधानमंत्री आवास के तहत जो फ्लैट खाली हैं, उन्हें जल्द आवंटित कराने के लिए रांची नगर निगम के प्रशासक से बात की है। यहां रहनेवाले परिवारों में से पांच लोगों की टीम बनेगी, जो नगर निगम को सत्यापित करेंगे कि किसका हक बनता है इन बचे हुए फ्लैटों पर। उनकी अनुशंसा पर निगम 10 दिन के अंदर आवंटन का कार्य करेगा। इसके साथ ही यहां सामुदायिक भवन, नाली बनायी जायेगी। परिसर में जन सहयोग से मंदिर भी बनाया जायेगा।

उन्होंने वर्तमान हेमंत सरकार की आदिवासी विरोधी नीतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस सरकार में सबसे ज्यादा प्रताड़ित आदिवासी व दलित ही हो रहे हैं।

कार्यक्रम में रांची के विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवास, भाजपा रांची महानगर के अध्यक्ष केके गुप्ता समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

हेमंत सोरेन अक्षम, बसंत सोरेन को दें मुख्यमंत्री बनने का मौका

0
हेमंत से राज्य नहीं संभल रहा तो बसंत सोरेन को एक मौका देकर देखे झामुमो- रघुवर दास
हेमंत से राज्य नहीं संभल रहा तो बसंत सोरेन को एक मौका देकर देखे झामुमो- रघुवर दास

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कुछ ऐसा कहा है जिससे कुछ बदलेगा तो नहीं लेकिन इसपर बयानबाज़ी खूब होगी और लोग चटखारे लेकर इसपर चर्चा जरूर करेंगे।

राजधानी रांची में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर पत्रकारो के सवाल पर जवाब देते हुए रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सोरेन अक्षम मुख्यमंत्री हैं, उन्हें ब्यूरोक्रेसी अपने इशारों पर नचा रही है । हेमंत सोरेन को पार्टी के ही किसी अनुभवी नेता को मुख्यमंत्री की कमान सौंप देनी चाहिए ।

रघुवर दास ने कहा कि झामुमो के अंदर ही लोबिन हेम्ब्रम,  नलीन सोरेन, स्टीफन मरांडी जैसे कई अनुभवी और सम्मानित नेता मौजूद हैं । लेकिन अगर फिर भी झामुमो को लगता है कि कोई सोरेन परिवार का व्यक्ति ही मुख्यमंत्री बन सकता है तो युवा तुर्क बसंत सोरेन को एक मौौका देकर देखना चाहिए ।

रघुवर दास ने कहा कि खुद को आदिवासियों की पार्टी कहने वाली झामुमो के राज में आदिवासियों पर अत्याचार की कोई सीमा नहीं रही । लगभग हर रोज कभी आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार तो कभी आदिवासियों की हत्या।  रूपा तिर्की प्रकरण से साफ है कि किस तरह हेमंत सोरेन ने अपने सहयोगी पंकज मिश्रा को बचाने के लिए एक होनहार आदिवासी बेटी की गरिमा के साथ समझौता किया।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सोरेन से कानून व्यवस्था नहीं संभल रही । जज हो, वकील हो, नेता हो, व्यापारी हो… किसी की भी हत्या आम हो गई है ।

रघुवर दास ने यह भी कहा कि खनिजों के लूट के अलावा इस सरकार की कोई और बड़ी उपलब्धि हो तो बताएं ? इन लोगों ने रोजगार तो दिया नहीं उल्टा रोजगार देने के नाम पर अलग-अलग भाषा-भाषियों के बीच झगड़ा करवाने की कोशिश जरूर की ।

बाहरी-भीतरी, तुष्टीकरण, भाषाओं के बीच विवाद खड़ा करना,  आदिवासी- ग़ैर आदिवासी के बीच झगड़ा लगाकर ये लोग कोयला, बालू, पत्थर, लौह अयस्क लूटने का काम कर रहे हैं।

जिग्नेश मेवानी और कन्हैया कुमार के सहारे कांग्रेस में नया प्रयोग करेंगे प्रशांत किशोर

0
28 सितम्बर को कांग्रेस में शामिल होंगे कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी
28 सितम्बर को कांग्रेस में शामिल होंगे कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी

पिछले कुछ दिनों से चल रहे कयासों को विराम लगाते हुए कांग्रेस ने जिग्नेश मेवानी और कन्हैया कुमार की इंट्री की तारीख तय कर दी है । कांग्रेस सूत्रों की मानें तो 28 सितम्बर को राहुल गांधी की उपस्थिति में नई दिल्ली में जिग्नेश मेवानी और कन्हैया कुमार कांग्रेस की सदस्यता लेंगे।  इस मौके पर गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हार्दिक पटेल भी मौजूद रहेंगे।

हार्दिक पटेल ने निभाई मुख्य भूमिका 

कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी की कांग्रेस में इंट्री के सूत्रधार हार्दिक पटेल रहे । ज्योतिरादित्य सिंधिया,  जतिन प्रसाद, प्रियंका चतुर्वेदी,  सुष्मिता देव सिंह जैसे युवा नेताओं के कांग्रेस छोड़ने के बाद हार्दिक पटेल ने पार्टी आलाकमान को समझाया कि वंशवाद की बेल से उपजे राजकुमारों की जगह संघर्षशील और अपने दम पर बढ़ने का जज्बा रखने वाले युवाओं को जगह देने से पार्टी को अधिक फायदा होगा।

गुजरात, यूपी, बिहार और पंजाब पर नजर

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान ही कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल करने की बात चली थी, लेकिन तेजस्वी यादव के विरोध के कारण कांग्रेस को पीछे हटना पड़ा था। दूसरा कारण यह भी था कि कन्हैया कुमार बिहार कांग्रेस में अपने लिए बड़ी भूमिका की मांग कर रहे थे।  फिलहाल बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की खबरें आ रही हैं।

दलित-सवर्ण समीकरण साधने की कोशिश
दलित-सवर्ण समीकरण साधने की कोशिश

दूसरा,  पूर्वांचल के इलाकों में कांग्रेस कन्हैया कुमार से प्रचार करवाना चाहती है । कन्हैया कुमार खुद भूमिहार हैं और वे मोदी-शाह की कॉर्पोरेट परस्ती के खिलाफ दलितों और मुसलमानों एकजुट करने की कोशिश करेंगे ।

लेफ्ट-लिबरल पॉलिसी के साथ आगे बढ़ेगी कांग्रेस 

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अपना सुधारवादी चोला उतारकर लेफ्ट-लिबरल पॉलिसी के साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।  अंबानी-अडाणी और मोदी-शाह के खिलाफ़ आक्रामक रुख पार्टी का मुख्य हथियार होगा । इसके अलावा बेरोजगारी, अल्पसंख्यकों पर हमले, महंगाई, किसानों के प्रति मोदी सरकार की बेरुखी आदि ऐसे मुद्दे हैं जिनपर कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा आक्रमक रहेगी । इसके अलावा जिग्नेश मेवानी को दलित चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट किया जाएगा।

भाजपा के पिछड़े- सवर्ण के जवाब में कांग्रेस का दलित-अल्पसंख्यक-सवर्ण 

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा आक्रमक तरीके से ओबीसी और अति- पिछड़े  वोट-बैंक को रिझाने की कोशिश कर रही है।  हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद के कारण सवर्ण वोटरों का एक बड़ा हिस्सा पार्टी के साथ है । इसके जवाब में कांग्रेस दलित-मुस्लिम-सवर्ण कंबिनेशन आजमाने की कोशिश में है । पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है। झारखंड में राजेश ठाकुर को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस पहले ही सवर्ण कार्ड खेल चुकी है, अगर बिहार में भी कन्हैया कुमार को बड़ भूमिका मिलती है तो भाजपा के पारंपरिक वोटों में सेंधमारी आसान हो जाएगी।

 

जो कहा वो सदियों का दर्द है, अभी गुस्से का इजहार ही कहां किया

0
धर्म के ठेकेदारों को पसंद नहीं कि दलित उनके ग्रंथो पर सवाल उठाए- जीतनराम मांझी
धर्म के ठेकेदारों को पसंद नहीं कि दलित उनके ग्रंथो पर सवाल उठाए- जीतनराम मांझी

पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक दलित बच्चे के माता पिता पर 23,000 रुपये के जुर्माने को लेकर कहा कि धर्म के राजनैतिक ठेकेदारों की जबान ऐसे मामलों पर चुप हो जाती है । अब कोई कुछ नहीं बोलेगा, क्योंकि धर्म के ठेकेदारों को पसंद नहीं कि दलित मंदिर में जाएं, दलित धर्मिक कव्यों पर टिप्पणी करें ।

जीतन राम मांझी ने गुरुवार को ट्वीट कर एक खबर की कटिंग शेयर की है. मांझी ने लिखा कि,

ये जो हम कह रहें हैं, बस सदियों का दर्द है, गुस्से का अब-तक हमने इजहार कहां किया

बता दें कि अभी हाल ही जीतन राम मांझी ने एक और बयान दिया था जिसको लेकर विवाद हो रहा है.

मंगलवार को बयान दिया था कि

श्रीराम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा मैं नहीं मानता, लेकिन रामायण कहानी में जो बातें बताई गई हैं, वो सीखने वाली हैं

यह है पूरा मामला

दरअसल, कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक दलित लड़के के माता-पिता पर 23,000 रुपये का जुर्माना इसलिए लगाया गया, क्योंकि उनका 2 साल का बेटा हनुमान मंदिर में भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए चला गया. मामला हनुमानसागर इलाके का है. माता-पिता बच्चे के जन्मदिन पर हनुमान मंदिर ले गए थे.

इस क्षेत्र में दलितों को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है, वे हमेशा बाहर से मंदिर के सामने खड़े होकर प्रार्थना करते थे. पिता अपने बेटे के साथ बाहर था, उत्साह में बच्चा भागकर मंदिर के अंदर चला गया. खबर के मुताबिक घटना चार सितंबर की बताई जा रही है. मीडिया में आई इसी खबर को लेकर जीतन राम मांझी ने ट्वीट किया है.

प्रभु श्रीराम को अपशब्द कहने से वोट नहीं बढ़ेगें

0
हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना ही चंद लोगों के लिए सेक्यूलरिज्म है- भाजपा
हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना ही चंद लोगों के लिए सेक्यूलरिज्म है- भाजपा

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा भगवान् राम को काल्पनिक बताने, दलितों से मंदिरों का बायकाट करने की अपील पर बीजेपी ने कटाक्ष किया है।  बिहार भाजपा के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जीतनराम के नाम में ही “राम” लगा हुआ है।  अब इस उम्र में अगर उन्हें राम नाम से वितृष्णा होने लगी है तो समझ जाइए कि उनका ध्यान किस वोट बैंक पर है ।

राम को गाली देने से दलितों-मुसलमानों के वोट नहीं मिलते- भाजपा 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जीतनराम मांझी जैसे लोग दरअसल दलितों, पिछड़े और मुसलमानों को बेवकूफ समझते हैं।  उनको लगता है कि सवर्णों को या हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहने से उनको दलित-पिछड़े और मुसलमानों का वोट मिल जाएगा।  जीतनराम मांझी जैसे नेताओं को लगता है कि दलितों और मुसलमानों को विकास से मतलब नहीं है।  जीतनराम मांझी जैसे लोग भूल जाते हैं कि जब विकास होता है, समाज में शांति होती है तो इसका सबसे अधिक फायदा कमजोर वर्गों को ही होता है ।

बहुसंख्यकों की भावनाओं का माखौल उड़ाना ही कुछ लोगों का सेक्यूलरिज्म

राजीव रंजन ने जीतन राम मांझी पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए पूछा है कि बताएं इस्लाम, सिख, बौद्ध व इसाई आदि धर्मों में वर्णित महापुरुषों को वह सत्य मानते हैं या काल्पनिक? एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं का सेक्युलरिज्म बहुत ही विशेष होता है। उनका सेक्युलरिज्म सनातन धर्म, उसके प्रतीकों और आराध्यों के मजाक उड़ाने से शुरू और बहुसंख्यकों की भावनाओं पर ठोकर मार कर समाप्त हो जाता है।

 

जीतन राम मांझी ने कहा

0
मूलवासियों को दलित कहा और विदेशी हमारे पुरोहित बन गए- मांझी
मूलवासियों को दलित कहा और विदेशी हमारे पुरोहित बन गए- मांझी

पटना । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने एक इंटरव्यू के दौरान बोला है कि दलित और पिछड़े वर्ग के लोग मंदिर ना जाएं, मंदिरों को ठुकराएं । मंदिर दूसरों का बनवाया हुआ है ।

इसी के साथ मांझी ने कहा हम राक्षस के खानदान हैं और जो सवर्ण हैं,  वो सब विदेशी हैं ।  मांझी ने भाजपा विधायक हरिभूषण के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि हम राक्षस के खानदान के हैं । इसी के साथ उन्होनें कहा कि उस समय जो सच्चा काम करने वाला था उसे राक्षस कहते थे ।

जीतन राम मांझी ने कहा कि अयोध्या में जो राम मंदिर बन रहा है उसमें शेड्यूल कास्ट को जाने नहीं देंगे और उनसे जुर्माना लेंगे । वह आपका मंदिर है, आपका स्थान है । हम दलित और पिछड़ों के लिए कहां है ?

जीतन राम मांझी ने इसी के साथ कहा कि इस तरह का वर्चस्व बनाया गया जो यहां का रहने वाला था उसे आदिवासी, हरिजन और राक्षस कह दिया । और जो बाहर से आकर रह रहे थे वे पुरोहित बन गए ।

जीतन राम मांझी ने इसी के साथ कि हम मूल लोगों को शुरू से सता रहे हैं और प्रताड़ित कर रहे हैं । मांझी बोले कि जब वह सीएम थे तब मंदिर गए तो उसके बाद वहां धुलाई कराई गई । वहीं जब जगजीवन राम डिप्टी सीएम थे तो वह वाराणसी के मंदिर गए तो उसके बाद वहां भी सफाई कराई गई ।

जीतन राम मांझी ने कहा कि हम दलितों से इसपर आह्वन करते हैं कि मंदिरों में नहीं जाओ, मंदिरों को ठुकराओ इसलिए क्योंकि मंदिर तुम्हारा बनवाया नहीं है दूसरों का बनवाया है । मांझी ने इसी के साथ कहा वहां जिसकी पूजा होती है वह भी दूसरों के है । मांझी ने कहा कि भगवान बनाकर ढोंग रचा गया है यह नहीं होना चाहिए ।

हजारीबाग के उत्कर्ष को सिविल सर्विसेज की परीक्षा में 56वां रैंक, बोले

0

उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(अमरनाथ पाठक)। हजारीबाग सुरेश कॉलोनी के उत्कर्ष को भारतीय प्रशासनिक सेवा (सिविल सर्विसेज) की परीक्षा में सर्वोच्च मुकाम 56वां रैंक मिला है।

उन्होंने न सिर्फ हजारीबाग, बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है।

उनके पिता हजारीबाग के चूरचू ब्लॉक में जूनियर इंजनीयिर और माता सुषमा वर्णवाल जिला प्लस टू हाई स्कूल में शिक्षिका हैं। उनका छोटा भाई गया से इंजीनियरिंग कर रहा है।

उत्कर्ष का आरंभिक शैक्षणिक करियर डीएवी पब्लिक स्कूल हजारीबाग से शुरू हुआ था। वह साइंस के स्टूडेंट रहे हैं।

 

उन्होंने कोटा में आईआईटी में भी सर्वोच्च रैंक प्राप्त किया था। फिर दिल्ली बाजीराव से कोचिंग ली थी।

बातचीत में उन्होंने बताया कि यह उनका दूसरा अटैंप्ट था।

पहली परीक्षा में मंजिल नहीं पाने पर आत्मविश्लेषण किया कि क्या कमी रह गई है और फिर उन कमजोरियों को दूर किया।

उन्होंने कहा कि मेहनत और समर्पण के साथ आत्मविश्लेषण करना जीवन में बहुत जरूरी है, तभी आप लक्ष्य भेद सकते हैं।

इसी को जीवन का मूलमंत्र बनाकर दूसरी बार परीक्षा में शामिल हुए और बेहतरीन कामयाबी पायी।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और डीएवी के प्राचार्य अशोक कुमार के साथ उन सभी शिक्षकों और मित्र मंडली को दिया है, जिन्होंने हर पल उनका हौसला बढ़ाया।

गिरिडीह: बागोदर के घघरी टोल प्लाजा से सटे मकान में चल रहा था अवैध गन फैक्ट्री

0
घघरी टोल प्लाजा से सटे इसी मकान में चल रहा था गन फैक्ट्री
घघरी टोल प्लाजा से सटे इसी मकान में चल रहा था गन फैक्ट्री

गिरिडीह । बगोदर थाना क्षेत्र के घघरी टोल प्लाजा स्थित दो मंजिला मकान के निचले फ्लोर में चल रहे मिनी गन फ़ेंकट्री के खुलासे के बाद से बगोदर समेत आस पास के इलाके में चर्चा जोरो पर है। इधर मिनी गन फेक्ट्री के खुलासा को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गयी हैं ।

पूर्व विधायक नागेन्द्र महतो ने इसकी उच्च स्तरीय जांच कर इसके पीछे जूडे लोगों को पकड़ने की मांग जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय प्रशासन से की है ।

गन फैक्ट्री चलाने वाले को एक खास दल का राजनीतिक संरक्षण 

बगोदर थाना क्षेत्र के घघरी टोल प्लजा के पास से एक मकान से बरामद आर्मस के मामलें में बगोदर में चर्चा का विषय बना हुआ रहा । वही इसे लेकर कोडरमा अनुमंडल सांसद प्रतिनिधि छोटे लाल यादव ने कहा कि बडे दिनो से बगोदर में मिनी गन फेक्टी चल रहा था। जिससे साफ पता चलता है कि इसे चलाने वाले को एक राजनीतिक दल का संरक्षण है। जिसके बदोलौत ही उक्त फेक्ट्री चल रहा था। इससे साफ होता है कि आने वाले पंचायती चुनाव में कही न कही इसका दुरुपयोग किया जाता हैं । जो वोट के खातिर कुछ भी कर सकते हैं।

अवैध गन फैक्ट्री से बरामद हथियार देखकर सभी दंग रह गए
अवैध गन फैक्ट्री से बरामद हथियार देखकर सभी दंग रह गए

सांसद प्रतिनिधि छोटेलाल यादव ने बगोदर पुलिस से इस मामलें को जांच कर इससे जुड़े लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की माँग की है। उन्होनें यह भी कहा कि पुलिस इस मामले को जल्द से जल्द साफ करे कि आखिर छोटे से गाँव में यह फेक्ट्री कब से और किसके इशारे पर चल रही थी

शिबू सोरेन अपने बेटों के अलावा झारखंड में किसी दूसरे आदिवासी नेता को पनपने नहीं देंगे

0
नियुक्ति वर्ष कह देने से रोजगार थोड़ी न मिल जाता है ?
नियुक्ति वर्ष कह देने से रोजगार थोड़ी न मिल जाता है ?- बाबूलाल 

सीसीएल गिरिडीह से एमपीएल के कोयला उठाव रोकने को सही कदम बताया

अमित सहाय/ उज्ज्वल दुनिया संवाददाता 

गिरिडीह:  सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बनियाडीह में
ट्रक ऑनर एसोसिएशन के कार्यालय पहुंचे । इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने सीसीएल गिरिडीह से एमपीएल के कोयला उठाव रोकने को सही कदम बताया है।

इस सरकार में कोई सुरक्षित नहीं 

उन्होंने ने एक बार फिर से हेमंत सरकार पर हमला बोला और कहा कि हेमंत राज में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है । यहां कोई सुरक्षित नहीं है । आये दिन हत्या, लूट की घटना हो रही है। खनिज संपदा की लूट मची है । सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है ।

शिबू सोरेन अपने बेटे के अलावा किसी आदिवासी को पनपने नहीं देंगे 

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन नहीं चाहते हैं कि राज्य में कोई दूसरा आदिवासी नेता बने । यही कारण है कि सरकार नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे को टालती जा रही है । उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने भी जेवीएम के बीजेपी में विलय को संवैधानिक माना है । सोरेन परिवार का बस चले तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य को ही नेता प्रतिपक्ष बना दें।

नियुक्ति वर्ष बीतने को है, लेकिन कहां है रोजगार? 

मरांडी ने कहा कि पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर कांग्रेस धरना दे रही है. वहीं राज्य में उसके ही सहयोग से सरकार चल रही है, यह हास्यास्पद है । राज्य के युवा रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं और सीएम बार-बार घोषणा कर रहे कि नियुक्तियों का वर्ष होगा।

इस मौके पर पूर्व विधायक निर्भय शाहबादी, भाजपा नेता सुरेश साव, मनोज सिंह, विनय सिंह, सुरेश मंडल, मृतुंजय सिंह समेत कई नेता मौजूद थे

जीतराम मुंडा के परिजनों को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेगी भाजपा: दीपक प्रकाश

0
दीपक प्रकाश ने स्व जीतराम मुंडा के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया
दीपक प्रकाश ने स्व जीतराम मुंडा के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने ओरमांझी के पुंदाग गाँव जाकर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा राँची ग्रामीण जिला अध्यक्ष स्व जीतराम मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बँधाया।परिजनों ने श्री प्रकाश से घटना की सीबीआई जाँच कराने की बात कहा।

इस मौके पर परिजनों को सांत्वना देते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि इस घटना से पूरी पार्टी स्तब्ध है। इस घटना को पार्टी ने बहुत ही गम्भीरता से लिया है। प्रदेश से लेकर केंद्र तक की नज़र इस घटना पर है। दुःख की घड़ी में पूरी पार्टी पीड़ित परिजनों के साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही डीजीपी से मुलाकात कर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनायेगी।जब तक अपराधी गिरफ्तार नही हो जाते तब तक पार्टी के एक एक कार्यकर्ता चैन से नही बैठेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य की विधि व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। राज्य में भाजपा नेता-कार्यकर्ताओं को टारगेट कर हत्या किया जा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन करने पर लाठी डंडे से पीटा जाता है। पार्टी कार्यकर्ताओं के ऊपर फर्जी एफआईआर किया जा रहा है। राज्य में आम से लेकर खास कोई भी सुरक्षित नही है।

मिलने वालों में प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू,प्रदीप वर्मा,सुबोध सिंह गुडडू,विनोद सिंह, रामकुमार पाहन,सुरेंद्र महतो,योगेंद प्रताप सिंह,अशोक बड़ाईक,राहुल अवस्थी,अमरनाथ चौधरी, मानकी राजेन्द्र साही, मनोज कुमार चौधरी मंडल,दिलीप मेहता, अलखनाथ महतो,रामसाय मुंडा,बालक पाहन,नीरज नायक, राजेश गुप्ता,भीम मुंडा,धनंजय महतो सहित कई उपस्थित थे।

चतराः मृत गर्भवती महिला को जिंदा करने के लिए चर्च ने घंटों खेला अंधविश्वास का खेल

0
डॉक्टरों के आने पर भागीं चर्च की दीदीयां
डॉक्टरों के आने पर भागीं चर्च की दीदीयां

चतरा जिले से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जिले के उग्रवाद प्रभावित प्रतापपुर प्रखंड के सिद्दकी पंचायत में अंधविश्वास का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां गर्भवती महिला की मौत के बाद चर्च से जुड़ी महिलाएं उसे जिंदा करने के लिए कई घंटे तक झाड़-फूंक करती रहीं।

क्या है पूरा मामला ?

पूरा मामला हरहद सिजुआ गांव का है, यहां एक गर्भवती महिला के पेट में दर्द की शिकायत के बाद परिजन उसे इलाज के लिए रानीगंज ले गए। यहां से चिकित्सकों ने खून की कमी बताकर उसे गया के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर बिहार के गया जा रहे थे, इसी दौरान बीच रास्ते में ही गर्भवती महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजन शव को लेकर लौटे ही थे कि चर्च से जुड़ी 7-8 महिलाएं आई और परिजनों को मृत महिला को झाड़-फूंक कर पुनः जीवित करने का हवाला देने लगी।

घंटो चलता रहा अंधविश्वास का खेल

अपने बहू की मौत से आहत परिजन काफी आनाकानी के बाद झाड़-फूंक कराने के लिए तैयार हो गए। फिर क्या था, परिजनों की हामी के बाद चर्च वाली दीदियों हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। मृत महिला के शव को घर के एक कमरे में बंद कर झाड़-फूंक कर जिन्दा करने का खेल घंटों चलता रहा।

‘कभी सांसें चल रहीं तो कभी मृत महिला ने पिया पानी’

इस बीच परिजनों और ग्रामीणों के पूछे जाने पर चर्च से जुड़ी दीदी झूठा आश्वसान देती रहीं, कभी कहतीं कि सांसें चलने लगी हैं तो कभी मृत महिला के पानी पीने की बात कहती रहीं। ये सब चलते हुए सुबह से शाम हो गई लेकिन ना तो मृत शरीर में जान लौटी और ना ही चर्च वाली दीदियों पर विश्वास जताने वाले ग्रामीणों की अंधी आस्था कोई रंग लाई।

डॉक्टर के पहुंचने के बाद छिपकर भागीं चर्च की दीदियां
इस बीच ग्रामीणों ने कुछ देर बाद एक डॉक्टर को बुलाया और उस मृत महिला के शव की जांच करवाई। इसके बाद डॉक्टर ने बताया कि महिला की मृत्यु 4 घंटे पहले ही हो चुकी है। जिसके बाद झाड़-फूंक कर ग्रामीणों के बीच अंधविश्वास फैलाने वाली चर्च की दीदियां किसी तरह छुपकर भाग निकलीं।

उद्योगों के सुगम संचालन पर विभाग का फोकसः पूजा सिंघल

0
जमशेदपुर के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक
जमशेदपुर के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक

रांचीः उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने कहा है कि उद्योगों के संचालन की हर छोटी-बड़ी अड़चन दूर करने के लिए विभाग लगातार औद्योगिक संगठनों से फीडबैक ले रहा है। इसी के तहत पूर्व में रांची के औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक कर उनकी राय जानी गई थी। अब जमशेदपुर के औद्योगिक संगठनों की राय ली जा रही है।

मौके पर उद्योगों के सुगम संचालन से जुड़े तमाम विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे, ताकि अंतरविभागीय समन्वय बना रहे। सचिव ने कहा कि इसी के तहत विभाग रिफार्म के ट्रैक पर है। निवेश की आकर्षक नीति बनाई गई है। सिंगल विंडो के तहत मामले का निष्पादन किया जा रहा है। अब कोई भी आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रेक कर सकता है।

उद्योग संचालन में आ रही दिक्कतों को किया साझा

बैठक में उपस्थित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बेहतर औद्योगिक वातावरण के लिए विभिन्न विभागों यथा श्रम, नियोजन प्रशिक्षण एवं स्किल डेवलपमेंट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजली वितरण निगम की सेवा से जुड़े मसले पर चर्चा की।

बिजली वितरण निगम के साथ उद्योगों के दैनिदिनी कार्य में बेहतर पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके अलावा औद्योगिक परिसरों में पार्किंग समेत तमाम सुविधाओं की बहाली की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उसके बाद अधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही आदित्यपुर औद्योगिक प्रांगण का दौरा कर बैठक के दौरान उठाए गये मुद्दों का समाधान करेंगे।

उद्योग सचिव पूजा सिंघल की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में लघु उद्योग भारती, आदित्यपुर स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज और दलित इंडिया चैंबर के लगभग 60 प्रतिनिधि उपस्थित थे। मौके पर उद्योग निदेशक श्री जितेंद्र कुमार सिंह समेत वन एवं पर्यावरण विभाग, ऊर्जा विभाग, वाणिज्य कर विभाग, श्रम नियोजन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और जियाडा के अधिकारी मौजूद थे।