Sunday 5th of July 2026 07:27:12 AM
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झारखंड में दलित

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दलितों, आदिवासियों और गरीबों के प्रति प्रशासन का रवैया असंवेदनशील- अमर बाउरी
दलितों, आदिवासियों और गरीबों के प्रति प्रशासन का रवैया असंवेदनशील- अमर बाउरी

हजारीबाग।   गैर भाजपा शासित राज्यों में दलित, शोषित, वंचित, आदिवासियों, महिलाएं, बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ रही है। झारखंड का नाम सबसे ऊपर है। आज हजारीबाग की पीड़िता पिछले 10 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही है लेकिन जिला प्रशासन और राज्य सरकार के आंखों में आंसू तक नहीं है। ये बातें भाजपा अनुसूचित जाति के प्रदेश अध्यक्ष अमर बाउरी ने हजारीबाग परिसदन में कही । वे हजारीबाग दुष्कर्म पीड़िता के परिवार से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे ।

अमर बाउरी ने कहा कि

मैं पूछना चाहता हूं, वैसी पार्टियों से जो दिल्ली की निर्भया को करोड़ों रुपया मुआवजा देने के लिए तैयार थी, लेकिन अपनी बेटी को 2500000 का मुआवजा देने में उन्हें शर्म आ रही है।

हजारीबाग परिसदन में दुष्कर्म की पीड़िता से सदर अस्पताल में मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए अमर कुमार बाउरी ने कहा कि मैंने पीड़िता के दर्द को देखा है और मैं गर्व करता हूं उस बेटी पर जो इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी संघर्ष कर रही है।

उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग किया कि पीड़ितों को अविलंब बेहतर इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। घटना के 10 दिन होने के बाद भी अगर जिला प्रशासन और राज्य सरकार का यह रवैया रहता है और यदि पीड़ित को किसी प्रकार का नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार की होगी।

उन्होंने कहा कि 10 दिन के बाद जब भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित से मुलाकात करने आता है उसके बाद पीड़िता के लिए एक मेडिकल टीम की घोषणा की जाती है। जो यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन अपने काम के प्रति कितना और संवेदनशील है।

उन्होंने बताया कि पीड़िता का परिवार डर के साये में जी रहा है लेकिन जिला प्रशासन उस पीड़ित के परिवार को संरक्षण देने में असमर्थ साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन सात में से तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने की बात कही है वह तीनों आरोपियों ने आत्मसमर्पण किया है।

संवाददाता सम्मेलन में विधायक सिमरिया किशुन दास, विधायक कांके समरी लाल, पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम सहित अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।

देवघर एम्स और एयरपोर्ट में केवल स्थानीय को नौकरी मिलेगी

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देवघर एम्स (AIIMS) और एयरपोर्ट में केवल भागलपुर के लोगों की बहाली हो रही है। मैं एम्स के डायरेक्टर से बात करूंगा। अगर यही चलता रहा तो मैं इनकी ईंट से ईंट बज दूंगा। नौकरी केवल स्थानीय और मूलवासियों को ही मिलेगी । ये बातें जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कही । उन्होने कहा कि झारखण्ड में बाहरी नहीं चलेगा, ये बात भाजपा सांसद समझ लें ।

देवघर एयरपोर्ट का एप्रोच रोड जनता की मदद से तैयार हुआ- निशिकांत दूबे

गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे ने इरफान अंसारी के बाहरी बनाम झारखण्डी विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वे निगेटिव इंसान हैं। खुद कुछ काम करना नहीं है बस दूसरे जो काम कर रहे हैं, उसमें बाधा डालने में जुटे हैं। निशिकांत दूबे ने कहा कि हमने जन आशीर्वाद से लगभग 2.50 करोड़ रुपए खर्च करके देवघर एयरपोर्ट तक अप्रोच रोड बनवा दिया । सेवा समर्पण अभियान के तहत आज नरेंद्र मोदी पथ का उद्घाटन किया गया।

मुकाबला करना है तो काम में करें

भारतीय जनता पार्टी ने जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी को फ्रस्टेटेड इंसान बताया है। झारखण्ड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने बताया कि देवतुल्य जनता ने आपस में चंदा कर देवघर एयरपोर्ट तक अप्रोच रोड बनाया है। महागठबंधन के साथियों को जनता के बीच विकास की तड़प को समझना चाहिए। जनता को इससे मतलब नहीं है कि कौन आदिवासी है, कौन गैर-आदिवासी, उनको तो बस विकास से मतलब है। जनता ऐसी सरकार चाहती है जो सेवा करे, लोगों की समस्यायें दूर करे। वे खुद तो रोजगार दे नहीं पा रहे, जनता जो अपने पैसे से काम कर रही है, उसमें भी बाधा डालने का काम कर रहे हैं।

वेदांता स्टील प्लांट के दुर्घटना के मृतकों के आश्रित को मिलेगा छह लाख मुआवजा

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दुर्घटना में तीन मजदूरों की हुई थी मौत
दुर्घटना में तीन मजदूरों की हुई थी मौत

बोकारो । जिले के सियालजोरी स्थित वेदांता समूह स्टील प्लांट में सोमवार सोमवार को हुए दुर्घटना में मारे गए तीन युवा मजदूरों के आश्रितों को मुआवजा के तौर पर ₹600000 अंतिम संस्कार के लिए ₹30000 तथा एक आश्रित को संबंधित ठेका कंपनी में नौकरी मिलेगी। उक्त निर्णय चास के प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश चौधरी एसडीपीओ पुरुषोत्तम सिंह तथा वेदांता के औद्योगिक संबंध विभाग के हेड लक्ष्मण राव की उपस्थिति में हुई बैठक में लिया गया ।

उल्लेखनीय है कि सोमवार की शाम लगभग 7:00 बजे हुए दुर्घटना में रांची के हिंद पीढ़ी में रहने वाले 18 वर्षीय ओसामा 20 वर्षीय सुल्तान तथा आलम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि 3 लोग घायल हो गए थे मिली जानकारी के अनुसार प्लांट के धमन भट्टी संख्या दो में बने लिफ्ट का मरम्मत करने के लिए पैशन ग्रुप एलिवेटर कंपनी के अधिकारी मजदूर के साथ आए थे तथा काम की शुरुआत करने से पहले लिफ्ट देखने गए थे. इसी क्रम में लिफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें 3 मजदूर दब गए। जिसके कारण घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई लिफ्ट का निर्माण 2015 में हुआ था लेकिन चालू नहीं हुआ था ।फिलहाल लिफ्ट की आवश्यकता महसूस करते हुए उसे शुरू करने का काम दिया गया था ।

कंपनी के अधिकारी 15 सितंबर से आए हुए थे लेकिन गेट पास 27 सितंबर की शाम उन्हें मिला लगभग 5:30 बजे प्लांट के अंदर घुसे एवं 7:00 काम की शुरुआत की लेकिन 7:30 बजे दुर्घटना हो गई वेदांता समूह प्रबंधन एवं श्रम विभाग ने अपने अपने स्तर से मामले की जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी है हालांकि जिला प्रशासन के कोई वरीय अधिकारी घटनास्थल की निरीक्षण करने की आवश्यकता महसूस नहीं की

वेदांता स्टील प्लांट प्रबंधन पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा- दीपक प्रकाश

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने इस घटना को दुखद बताते हुए इसके लिए प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है एवं सीएम हेमंत सोरेन से प्रबंधन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया है दीपक प्रकाश ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला लापरवाही का है इसलिए इसकी उच्च स्तरीय जांच तथा दोषी पर कार्रवाई जरूरी है 3 मजदूरों की मौत के बाद भी जिले के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने की आवश्यकता महसूस नहीं की यह दुखद है उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर घटना के लिए दोषी अधिकारी पर कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे ।

मुख्यमंत्री की पहल पर 14 वर्ष से लापता जयंती पहुंची अपने घर

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गुमला के किताम गांव की है जयंती
गुमला के किताम गांव की है जयंती

रांचीः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के आदेश के बाद गुमला के किताम गांव निवासी जयंती लकड़ा 14 वर्ष तक लापता रहने के बाद मंगलवार को अपने गांव वापस पहुंच गई है। जयंती एक दशक पूर्व चैनपुर से लापता हो गई थी। कुछ समय पहले पता चला कि वह पंजाब में है। इसके बाद मुख्यमन्त्री के निर्देश पर श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की कोशिशों से उसे पंजाब से दिल्ली होते हुए रांची लाया गया। मंगलवार को उसे परिजनों के साथ गुमला स्थित उसके गांव भेज दिया गया।

खाना बनाने का काम करती थी, अचानक हो गई थी लापता

जयंती गुमला के डुमरी प्रखंड स्थित किताम गांव की निवासी है। वह संत अन्ना चैनपुर में खाना बनाने का काम करती थी। परिजनों के मुताबिक वह करीब 14 साल पहले लापता हो गई थी। लापता हो जाने के बाद वह पंजाब में मिली, जहां उसे काफी भटकना पड़ा था। पंजाब में उसे गुरुनानक वृद्धा आश्रम में शरण मिली। यह मामला 9 सितंबर 2021 को राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के पास पहुंचा।

मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन को जब मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने जयंती को वापस झारखंड उसके परिजनों के पास पहुंचाने का निर्देश दिया। जयंती लकड़ा के परिवार और पंजाब स्थित गुरुनानक वृद्ध आश्रम से लगातार बात कर उसे रांची तक लाने की व्यवस्था की गई।

झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में हिन्दी भाषा जोड़े जाने की मांग, रांची हाईकोर्ट में याचिका दायर

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हाईकोर्ट की अधिवक्ता रितु कुमार ने दायर की याचिका
हाईकोर्ट की अधिवक्ता रितु कुमार ने दायर की याचिका

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा की नई नियमवाली में हिंदी भाषा को जोड़े जाने की मांग उठी है। इसको लेकर एकता विकास मंच नाम की संस्था ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली यह सामाजिक संस्था एकता विकास मंच सरायकेला में कार्यरत है। याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट की अधिवक्ता रितु कुमार ने यह याचिका दाखिल की है।

हाईकोर्ट में दायर याचिका में क्या है
इस याचिका में कहा गया है कि हिन्दी भाषा बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हिन्दी भाषा को हटा कर कम लोगों के प्रयोग में लाई जाने वाली भाषा को शामिल करना संविधान की मूल भावना के विपरीत है। एकता विकास मंच के पहले भी झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज और कुमारी सुगंधा के मुताबिक, रमेश हांसदा और अन्य की ओर से रिट याचिका दाखिल की गयी थी। जिसमें नई नियमावली को रद्द करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की गई पिटिशन में कहा गया कि उर्दू को जनजातीय भाषा की श्रेणी में राजनीतिक मंशा के कारण रखा गया है। जबकि झारखंड के ज्यादातर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माध्यम हिंदी है। उर्दू की पढ़ाई एक खास वर्ग के लोग मदरसे में करते हैं। ऐसे में किसी खास वर्ग को सरकारी नौकरी में अधिक अवसर देना और हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के मौके में कटौती करना संविधान की भावना के मुताबिक सही नहीं है।

नई नियमावली के दो प्रावधानों को निरस्त करने की मांग
ऐसे में राज्य सरकार की ओर से लागू की गई नई नियमवाली के दो प्रावधानों को निरस्त किया जाना चाहिए। दरअसल, राज्य सरकार ने नियमवाली में संशोधन कर क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की श्रेणी से हिंदी और अंग्रेजी को बाहर कर दिया है, जबकि उर्दू, बांग्ला और उड़िया को रखा गया है। सरकार के इसी फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है।

रांची नगर निगम को राजनीति का अखाड़ा बनाना ठीक नहीं

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पार्षद किसी पार्टी के सिंबल पर जीत कर नहीं आए हैं, वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं- डिप्टी मेयर
पार्षद किसी पार्टी के सिंबल पर जीत कर नहीं आए हैं, वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं- डिप्टी मेयर

पार्षद किसी परार्टी के प्रति जबावदेह नहीं होते, वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं। हाल के दिनों में ऐसा माहौल बनाया गया कि फलां पार्षद फलां पार्टी से जुड़ा है। लेकिन सच्चाई ये है कि हम किसी पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीतक नहीं आए हैं। कई वार्ड में तो ऐसा हुआ है कि एक ही पार्टी के अलग-अलग पार्षद आपस में मुकाबला कर रहे थे। इसलिए किसी विशेष दल का तोहमत लगाते हुए किसी पार्षद को बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है. ये बातें राजधानी रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने संवाददाता सम्मेलन में कही।

हमें जनता के विकास के लिए आपस में मिलकर काम करना है- डिप्टी मेयर

रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि हर महीने नगर निगम के बोर्ड की  होती है कि हमें अपने क्षेत्र में क्या काम करना है और इसमें क्या परेशानी आ रही है. लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ दिनों से नगर निगम के उपायुक्त और मेयर के व्यक्तिगत इगो की वजह से बोर्ड की बैठक टल रही है. हमें पता है कि दोनों संवेदनशील व्यक्ति हैं और दोनों चाहते हैं कि नगर निगम शहर के विकास के लिए कार्य करे। इसे राजनीति का अखाड़ा बनाने से हम सबकी बदनामी है।

डेढ़ साल का वक्त बचा है, हमें खुद को जनता के समक्ष साबित करना है

डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे पास सिर्फ डेढ़ साल का वक्त बचा है। जनता हमें बारिकी से देख रही है। अगर हमने काम नहीं किया तो हम सबको इसके परिणाम भुगतने होंगे। रांची को स्मार्ट सिटी बनाने को जो सपना हम सबने मिलकर देखा है उसे व्यकित्यों के इगो के कारण पलिता नहीं रगाने दिया जा सकता। जनता को इससे कोई मतलब नहीं है कि किस अधिकारी को किस वार्ड पार्षद से नहीं बनती। संजीव विजयवर्गीय ने विश्वास जताया है कि हर महीने बोर्ड की बैठक होगी और कोई भी शख्स राजधानी के विकास को बाधित नहीं करेगा।

लातेहार : नक्सली संगठन और पुलिस के बीच मुठभेड़, झारखण्ड जगुआर के डिप्टी कमांडेंट घायल

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एक उग्रवादी भी ढ़ेर, हथियार बरामद, घायल अधिकारी को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से भेजा गया रांची
एक उग्रवादी भी ढ़ेर, हथियार बरामद, घायल अधिकारी को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से भेजा गया रांची

नितेश जायसवाल/ उज्ज्वल दुनिया संवाददाता 

लातेहार । जिले के सदर थाना क्षेत्र के सलैया में मंगलवार को प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखण्ड जन मुक्ति मोर्चा (JJMP) और नक्सल विरोधी अभियान चला रहे झारखण्ड जगुआर और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई।

जानकारी के अनुसार गोलीबारी में झारखण्ड जगुआर के सहायक कमांडेंट (DC) घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए चॉपर से रांची भेजा गया है। घायल अधिकारी की पहचान राजेश कुमार के रूप में की गई है।
इसी बीच भारतीय वायुसेना का एक चॉपर भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए लातेहार पहुंचा है।

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में एक उग्रवादी की मारे जाने की भी सुचना है। हालाँकि मृत उग्रवादी की शव को बरामद किया गया है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस को मुठभेड़ के बाद उग्रवादियों के हथियार भी मिलने की सुचना है।

लातेहार के एसपी अंजनी अंजन ने घटना की पुष्टि की है।
पुलिस को सुचना मिली थी कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के लोग किसी घटना को अंजाम देने नावागढ़ के पास सलैया के जंगल में जमा हुए है। इसी सूचना पर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया गया था।

एनकाउंटर की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया।

“बालूमाथ के जिस गड्ढे में गिरकर सात बच्चियों की मौत हुई, वो विशेष समुदाय के खास व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया था”

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भ्रष्टाचार का वो गड्ढा जिसने सात बच्चियों की जान ले ली
भ्रष्टाचार का वो गड्ढा जिसने सात बच्चियों की जान ले ली

लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड के सेरेगडा पंचायत के मननडीह में 7 बच्चियों की 18 सितंबर को करमा पर्व के विसर्जन के दौरान हुई ।यह मौत कोई आम घटना नहीं थी। इस घटना के पीछे कई लोग और विभाग दोषी हैं । जिस तरह से यह घटना हुई है उससे यह प्रतीत होता है कि रेलवे द्वारा किए गए गड्ढे को किसी एक समुदाय, व्यक्ति विशेष, ठेकेदार आदि को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। जांच में पता चलता है कि किसी व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए गड्ढे तैयार किए गए। ये सनसनीखेज आरोप भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने लगाए ।

लातेहार डीसी कहीं दोषियों को बचा तो नहीं रहे ?

अमर बाउरी के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का मुआयना किया
अमर बाउरी के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का मुआयना किया

उन्होंने कहा कि लातेहार डीसी शायद इसलिए मुसलमानों की दुहाई दे रहे थे, क्योंकि अगर इस मामले की सही से जांच हो जाय तो समुदाय विशेष का वह ठेकेदार तो फंसेगा ही, उसके कई आका भी कानून की गिरफ्त में होंगे।

अमर कुमार बाउरी ने कहा कि 18 सितंबर को हुई इस घटना के बाद उपायुक्त लातेहार ने मौखिक रूप से एक जांच कमेटी तैयार कर मामले की जांच करने की बात कही, लेकिन आज 10 दिन गुजर जाने के बाद भी किसी भी प्रकार की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है और ना ही कोई अधिकारी इस मामले पर जनप्रतिनिधियों से बात कर रही है।

उन्होंने कहा कि रेलवे की तरफ से विकास के नाम पर किए गए यह गड्ढे किसी विशेष समुदाय, व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए किए गए हैं। अमर कुमार बाउरी ने कहा कि जिले के उपायुक्त का विवादित बयान भी इस मामले को अलग मोड़ देता नजर आ रहा है। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष को फोन पर कही बातों से यह लगता है कि जिला प्रशासन इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास कर रही है।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया

उन्होंने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से ₹400000 का मुआवजा देने की घोषणा कहीं से भी उचित मालूम नहीं पड़ती है। जबकि पिछली सरकार ने ही ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ित परिवार को ₹400000 आपदा प्रबंधन विभाग से तरफ से देने का प्रावधान बनाया था।

पीड़ित परिवारों से बात करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी एक परिवार की तरह उनके साथ खड़ा है और इस लड़ाई में वह जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार और अनुसूचित जाति आयोग को भी हस्तक्षेप करने का आग्रह करेंगे। पीड़ित परिवार खुद को असहाय न समझे। भारतीय जनता पार्टी हर स्तर पर इस लड़ाई में उनके साथ है।

सिद्धू के इस्तीफे पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि वो मेंटली अस्थिर है”

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नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि “मैंने पहले ही कहा था कि वो मेंटली अन-स्टेबल इंसान हैं।  पंजाब जैसे बॉर्डर स्टेट की कमान संभालने लायक तो बिल्कुल नहीं है।

नवजोत सिंह सिद्धू का पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा

दिल्ली में कांग्रेस दो नौजवान नेताओं कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी के पार्टी में शामिल होने की खुशी मना ही रही थी कि पंजाब से रंग में भंग पड़ गया। जिस नवजोत सिंह सिद्धू के लिए कांग्रेस ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह जैसे दिग्गज को नाराज़ किया, उसी सिद्धू ने यह कहते हुए पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया कि वह “सिद्धांतो” से समझौता नहीं कर सकते।

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से सिद्धू का इस्तीफा
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से सिद्धू का इस्तीफा

ऐसे कौन से सिद्धांत है जिसपर सिद्धू समझौता नहीं करना चाहते? 

अपने त्यागपत्र में नवजोत सिंह सिद्धू ने लिखा है कि ‘मैं समझौता नहीं कर सकता हूं। समझौता करने से शख्सियत खत्म हो जाती है। मैं पंजाब के भविष्य के साथ समझौता नहीं कर सकता हूं।’

अब सवाल है कि आखिर नवजोत सिंह सिद्धू किन सिद्धांतों की बात कर रहे हैं ? सबकुछ तो उनके अनुसार ही हो रहा था ? नवजोत सिंह सिद्धू की वजह से राहुल गांधी ने बड़े बेइज्जत तरीके से कैप्टन अमरिन्दर सिंह जैसी शख्सियत को सीएम पद से हटा दिया। इसके बाद सिद्धू पंजाब कांग्रेस के अंदर मजबूत होते चले गए।  लेकिन इस तरह अचानक इस्तीफे ने राहुल गांधी के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है ।

रघुवर दास का शिलापट्ट तोड़ने के मामले में पुलिस ने सरयू राय के चार समर्थकों को भेजा जेल

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कुछ दिनों पहले रघुवर दास द्वारा लगाया गया शिलापट्ट तोड़ा गया था
कुछ दिनों पहले रघुवर दास द्वारा लगाया गया शिलापट्ट तोड़ा गया था (फाइल)

गुस्साए सरयू राय समर्थकों ने किया बर्मा माइंस थाने का घेराव 

सवाल उठाया-दोनों तरफ से केस दर्ज, तो फिर एकतरफा कार्रवाई कैसे

जमशेदपुर : बर्मामाइंस थाना क्षेत्र से पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । ये चारों लोग जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के समर्थक है और भारतीय जनतंत्र मोर्चा के कार्यकर्ता है । जेल भेजे गए लोगो मे कमल किशोर अग्रवाल, दुर्गा राव, रंजीत कुमार और गोल्डेन शामिल हैं

सरयू राय अपने समर्थकों के साथ बर्मा माइंस थाने पहुंचे 

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के शिलापट्ट तोड़ने के मामले में कार्रवाई करते हुए चारो को पुलिस ने जेल भेज दिया । इस घटना की सूचना मिलने के बाद विधायक सरयू राय दल बल के साथ थाना पहुंचे तो थाना प्रभारी राजू कुमार ने जानकारी दी कि सिटी एसपी ने ही यह कार्रवाई कराई है और सबको जेल भेजा जा रहा है । इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनतंत्र मोर्चा ने कड़ा विरोध किया है और पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है । ऐसे ही मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नही करने को लेकर सवाल उठाया है । फिलहाल मामला एक बार फिर से गरमा गया है ।

किसी भी कीमत पर गोड्डा

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झारखंड की ट्रेन को बिहार होकर नहीं चलने देंगे- इरफान अंसारी
झारखंड की ट्रेन को बिहार होकर नहीं चलने देंगे- इरफान अंसारी

जामताड़ा से कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी ने कहा है कि वे गोड्डा सांसद निशिकान्त दूबे की साज़िश किसी भी हाल में सफल नहीं होने देंगे।  उन्होंने एलान किया है कि गोड्डा-भागलपुर-रांची ट्रेन नहीं चलने देंगे ।

भागलपुर के रास्ते ट्रेन का विरोध 

इरफान अंसारी को आपत्ति है कि झारखंड की इस ट्रेन को बिहार के भागलपुर के रास्ते क्यों चलाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि यह झारखंड का ट्रेन है, इसे झारखंड के लोग ही इस्तेमाल करेंगे।  निशिकान्त दूबे इसे साज़िश कर भागलपुर ले जाना चाहते हैं।

भागलपुर के रास्ते रांची जाने में ज्यादा समय लगेगा- इरफान अंसारी 

जामताड़ा विधायक का आरोप है कि अगर यह ट्रेन भागलपुर जाती है तो रांची पहुंचने में इसे 18-20 घंटे लगेंगे। लेकिन अगर इसे सिर्फ झारखंड में ही चलाया जायवतो 14-15 घंटे में रांची पहुंच जाएंगे।

गिरिडीहः ससुर के साथ महिला के थे अवैध संबंध, पति ने रिश्तेदारों और दोस्तों संग मिलकर मार डाला

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महिला का गला रेतकर हत्या मामले में पुलिस ने किया उदभेदन

नाजायज संबंध के कारण घटना को दिया गया अंजाम

तीन युवकों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

 अमित सहाय

गिरिडीह । ससुर के साथ महिला के अवैध संबंध के कारण एक युवक ने अपने रिश्तेदार और दोस्तों के साथ मिलकर महिला की गला रेत कर हत्या कर दी।  हत्या करने के बाद युवक और उसके साथी फरार हो गये लेकिन गिरिडीह मुफ्फसिल पुलिस ने पूरे मामले का उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने  खिजरसोता निवासी विरेंद्र वर्मा, अभिषेक दास और कैलाढाब के पवन वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, पिछले 21 सितंबर को गिरिडीह जमुआ मुख्य मार्ग के बगल सेनादोनी में एक महिला की लाश बरामद हुई थी। महिला को गला रेतकर मार डाला गया था। घटना की सूचना पर एसडीपीओ अनिल सिंह और थाना प्रभारी विनय राम पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल भेजकर अंत्येष्टि कराया गया था।

घटना के बाद महिला की पहचान परसन के खिजरसोता निवासी महेंद्र यादव की पत्नी ललिता देवी के तौर पर की गई, लेकिन यह पता नहीं चल रहा था कि महिला की हत्या किसने और किस उद्देश्य से की थी।

पुलिस अधीक्षक गिरिडीह अमित रेणू के निर्देश पर एसडीपीओ और थाना प्रभारी पड़ताल में जुट गये।

कॉल डंप और कॉल डिटेल निकाला गया तो शुरुआती जांच में कुछ विशेष सुराग नहीं मिला। मोबाइल सिमकार्ड भी फर्जी मिल रहा था लेकिन हर बिंदू पर बारिकी से जांच की गई तो साफ हुआ कि हत्या के पीछे कारण नाजायज संबंध है।

क्यों की गई महिला ललिता की हत्या ?

संतोष के ही एक दोस्त ने महिला ललिता को अपने प्रेमजाल में फंसाया। उसके बाद 21 सितम्बर को संतोष अपने अन्य तीन साथियों को लेकर मुम्बई से गिरिडीह पहुंचा। संतोष के जिस दोस्त ने ललिता को अपने प्रेमजाल फंसाया था उसने महिला को फोन कर जमुआ बुलवाया। ललिता जब जमुआ पहुंची तो युवक उसे बाइक पर बैठाकर सेनादोनी दसमलिया जंगल लाया, जहां पहले से मौजूद सन्तोष, बिरेंद्र, पवन, अभिषेक समेत सात लोगों ने मिलकर ललिता की हत्या कर दी।

इसके बाद सभी फरार हो गए । बाइक का जुगाड़ करने में बिरेंद्र और उसके साथी सक्रिय रहे । गिरिडीह मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनय राम ने बताया कि इस घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है । सभी को जेल भेज दिया गया है । अन्य चार की तलाश की जा रही है।

बोकारोः वेदांता इलेक्ट्रोस्टील में बड़ी दुर्घटना, ऊंचाई से गिरने से तीन मजदूरों की मौत

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ऊंचाई से गिरने से तीन मजदूरों की मौत
ऊंचाई से गिरने से तीन मजदूरों की मौत

बोकारो। बोकारो जिले के सियालजोरी स्थित वेदांता समूह के इलेक्ट्रो स्टील प्लांट में सोमवार को हुई दुर्घटना में तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार संध्या लगभग 7:00 बजे ब्लास्ट फर्नेस नंबर दो में लगभग 30 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहे तीन मजदूर अचानक गिर गए, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

प्रबंधन कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है। जबकि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पुरुषोत्तम सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि उक्त घटना में तीन मजदूरों की मौत हुई है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्लास्ट फर्नेस नंबर दो बंद था जिसे मरम्मत कर शुरू करने की तैयारी चल रही थी । इसी काम में मजदूरों को लगाया गया था । अचानक ऊंचाई तक जाने के लिए लगाई गई बल्ली टूट गया तथा तीनों मजदूर नीचे गिर पड़े। एक मजदूर का नाम शाहनवाज है, जबकि दो का नाम पता नहीं चल पाया है।

मजदूर रांची एवं जमशेदपुर के बताए जाते हैं, जिन्हें ठेकेदार द्वारा काम करने के लिए लाया गया था लेकिन सुरक्षा उपकरणों की कमी थी अर्थात सुरक्षा उपकरण उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया था । बिना सुरक्षा उपकरण से जल्दी बाजी में काम कराया जा रहा था ।जिसके कारण इस तरह की घटना घटी है ।

प्रबंधन के कोई अधिकारी फोन रिसीव नहीं कर रहा है, जिसके कारण घटना की विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है।

तम्बाकू के छोटे दुकानदारों के साथ

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लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी लुभा रहीं तंबाकू कंपनियां
लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी लुभा रहीं तंबाकू कंपनियां

राँची। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि तंबाकू कंपनियां भी अपना व्यापार बढ़ाने के लिए लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने का कार्य कर रहे हैं। वे अब लड़कों के साथ-साथ लड़कियों में भी इसका प्रचलन बढ़ाने की ओर कार्य कर रहीं है। यदि महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं, तो उनका स्वास्थ्य तो प्रभावित होगा हि साथ-साथ आने वाले बच्चों पर भी बुरा असर पड़ेगा।

बन्ना गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार के ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार भारत में 13 से 15 वर्ष के आयु वर्ग में 8.5 प्रतिशत छात्र/छात्रा किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते है। जबकी झारखण्ड में 13 से 15 वर्ष के आयु वर्ग में 5.1 प्रतिशत छात्र/छात्रा किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि झारखंड सरकार तम्बाकू के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिये प्रतिबद्ध है। सरकार ने इस हेतु विधानसभा में बिल भी पारित किया है, जिसमें तम्बाकू के इस्तेमाल एवं इसके व्यवसाय में संलग्न लोगों के कमसे कम उम्र की सिमा को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर तम्बाकू के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया ही है, साथ ही साथ स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, कोर्ट आदि के 100 मीटर दायरे में इसके बेचने व इस्तेमाल करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

बन्ना गुप्ता ने कहा कि छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई के साथ-साथ बड़े व्यवसायी जो तंबाकू निर्माण का काम कर रहे हैं, उन पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। झारखंड में सरकार द्वारा तंबाकू के इस्तेमाल में रोक लगाने के लिये लगातार प्रयाश किये जा रहें है। इसी का परिणाम है कि राज्य में तम्बाकू इस्तेमाल करने वालों का आँकडा 50.1 प्रतिशत से घटकर 38.9 प्रतिश्त हो गया है। लेकिन यह आँकड़ा अभी भी देश के आँकड़े 28.6 प्रतिशत से काफि अधिक है। इस ओर हम सब को सम्मिलित रूप से कार्यप्रणाली बनाकर कार्य करते हुए इसे और कम करने का प्रयास करना है।

बोकारो के विधायक बिरंचि नारायण एवं पूर्व विधायक योगेश्वर महतो आमने

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बाटुल उमाकांत मांगे माफी नहीं तो होगा दो करोड़ का मानहानि का मुकदमा- बिरंचि नारायण
बाटुल मांगे माफी नहीं तो होगा दो करोड़ का मानहानि का मुकदमा- बिरंचि नारायण

 भाजपा की अनुशासन की खुली पोल 

बोकारो। बोकारो के विधायक एवं विपक्ष का मुख्य सचेतक बिरंचि नारायण तथा बेरमो के के पूर्व भाजपा विधायक योगेश्वर महतो बाटुल ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है । इसके साथ ही भाजपा का अनुशासन की पोल खुल गई है । रविवार को संपन्न हुए विस्थापित समागम में पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल ने बिरंचि नारायण पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसका जवाब उन्होंने सोमवार को पत्रकार सम्मेलन कर दिया । इसके पूर्व भी बिरंचि नारायण, योगेश्वर महतो बाटुल के साथ-साथ पूर्व मंत्री आजसू नेता उमाकांत रजक पर भी कई गंभीर आरोप लगाते हुए विस्थापित आंदोलन के नाम पर अपने स्वार्थ पूर्ति की बात कही थी ।

पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिरंचि नारायण ने कहा कि बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल एवं उमाकांत रजक जो आरोप मेरे ऊपर लगाए हैं उसे 7 दिनों मैं साबित कंरे ,या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। नही तो दोनो पर 2 करोड़ रुपये की मानहानि का मामला दर्ज करूँगा ।

उन्होंने कहा कि योगेश्वर महतो बाटुल आज विस्थापितों के हितेषी बन बैठे हैं। जब दो बार विधायक रहे तब उनके द्वारा विस्थापित की समस्याओं का ख्याल क्यो नही हुआ ? जब बेरमो की जनता ने 2 बार उन्हें नकार दिया आज बोकारो आकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं।

विरंची नारायण ने कहा कि बेरमो क्षेत्र में कारो परियोजना में भी विस्थापित परिवार की गंभीर समस्या हैं।उनके समस्या को कितनी बार सदन में उठाई। बोकारो की विस्थापित की समस्याओं को लेकर कम से कम 18 बार सदन में आवाज उठाया गया। नरकेरा पंचायत या उसके आस पास मेरा परिवार या मेरे संबंधी किन्ही की जमीन ह तो बाटुल महतो जी को सार्वजनिक कर साबित करे।

पार्टी फॉरम पर बात रखी है, पार्टी जैसा कहेगा करुंगा- विरंची नारायण

विरंची नारायण ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि योगेश्वर महतो बाटुल को यह बताना होगा कि वह सेल प्रबंधन से लड़ रहे कि बोकारो विधायक से।  7 सालों के कार्यकाल में विस्थापित क्षेत्रों में कई विकास के कार्य हुए। चाहे वह सड़क, बिजलीकरण,दो हाई स्कूल आदि कार्य किया गया। जमीन वापसी का मुद्दा, पुनर्वास क्षेत्र में जमीन का पर्चा, विस्थापित क्षेत्रों के लिए पेयजल आपूर्ति योजना आपूर्ति योजना रानीपोखर फतवा पर जलापूर्ति योजना कई डीप बोरिंग चापाकल ,विस्थापित क्षेत्र बालीडीह में राजकीय उच्च विद्यालय स्थापित कर आना ऐसे कई कार्य इन 7 सालों में मेरे द्वारा की गई।

प्रेस वार्ता में  के के बोराल,सुनील गोस्वामी, कमलेश ठाकुर,महेंद्र राय, पियुष आचार्या, अविनाश सिंह, अजय महतो,रितवरण सोरेन,पंचानंद प्रसाद,जितेंद्र गोस्वामी,श्याम मंडल,घनश्याम आनंद,दिलावर गोस्वामी, महादेव घटवार,मनोज दास, पवन महतो,ब्रज दुबे,धीरज सिंह, सुमित कुमार, सुखदेव महतो,सोमा ठाकुर,पप्पू सिंह आदि मौजूद थे ।