Saturday 4th of July 2026 06:02:56 PM
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कृषि मंत्री व पेयजल मंत्री ने किया राजकीय माघी पूर्णिमा मेला का उद्घाटन

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अमित साहा: राजमहल संवाददाता: राजमहल के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर लगने वाले राजकीय माघी पूर्णिमा मेला में कई प्रदेशों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालुगण पहुंचते हैं। यहां गंगा मैया, भगवान शिव, भगवान श्री राम की आराधना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूर्ण होती है। राजमहल को झारखंड का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। इससे यहां की महत्वता काफी बढ़ जाती है। वही मेले के इतिहास के बारे में सभी लोग जानते हैं अगर मैं गलत नहीं हूं तो पूरे भारतवर्ष में आदिवासियों का इतना बड़ा मेला कहीं नहीं लगता है। जितने शांतिपूर्ण तरीके से अनुशासित होकर आदिवासी श्रद्धालुओं का मेला में जमावड़ा होता आया है यह काफी प्रशंसनीय है। उक्त बातें झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता एवं उत्पाद तथा मध निषेध विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने राजकीय माघी पूर्णिमा मेले के उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में कहीं। इसके पूर्व राजकीय माघी पूर्णिमा मेला 2024 का उद्घाटन करने प्रदेश के पेयजल स्वच्छता एवं उत्पाद तथा मद्य निषेध विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख शनिवार को हेलीकॉप्टर के माध्यम से राजमहल पहुंचे। इसके पश्चात गाड़ियों का काफिला सूर्यदेव घाट पहुंचा। जहां सर्वप्रथम मंत्री ने गंगा माता की पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, बादल पत्रलेख, सांसद विजय हांसदा, विधायक अनंत कुमार ओझा सहित अन्य ने दीप प्रज्वलित कर राजकीय माघी पूर्णिमा मेला 2024 का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि यहां विकास की काफी जरूरत है कई योजनाएं लंबित है। वर्ष 2019 में आप लोगों ने गठबंधन की सरकार को जिम्मेवारी सौंप उस समय से झामुमो के नेतृत्व में सरकार बनी हमें खजाना खाली मिला। उधर कोरोना महामारी के बावजूद सरकार ने गुरु जी के संकल्प को आगे बढ़ाया जहां अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अच्छे स्कूल अस्पताल से लेकर किसानों का कर्ज माफ सिंचाई की सुविधा आदि का कार्य चल रहा था। इस दौरान सरकार आपके द्वार पहुंच रही थी आपके पंचायत जाकर सरकार आपकी बात सुन रही थी।

वही डीसी, एसपी बीडीओ के पास जाना नहीं पड़ता था लेकिन उसके बाद क्या हुआ यह आज के पावन अवसर पर बताने की जरूरत नहीं है। वही जनहित के काम को रोकने का प्रयास किया गया हमें कितनी भी यातनाएं दे दो हम झुकेंगे नहीं जहां पूर्व मुख्यमंत्री ने जेल जाना पसंद किया लेकिन झुकना पसंद नहीं किया। वही हमने फिर से नए नेता का चुनाव किया चंपई सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनी जहां वर्तमान मुख्यमंत्री सभी जिलों में जा रहे हैं। आज प्रदेश सरकार के द्वारा अब अबुआ आवास योजना, सावित्रीबाई फूलों झानों आशीर्वाद योजना, गुरु जी क्रेडिट कार्ड नल जल योजना पूरे प्रदेश में चलाई जा रही है। वही घर घर पेयजल पहुंचाने का कार्य कार्य किया जा रहा है। इस क्षेत्र में कुछ समस्याएं हैं जिसे वर्ष के अंत तक लक्ष्य तक पहुंचाने की प्रयास की जा रही है। वही अबुआ आवास योजना में अनियमितता की शिकायत को दूर करने के लिए पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है। आगे कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि मां गंगा की कृपा साहिबगंज जिले के लोगों को मिलती रही है यहां आए श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण हो ऐसी कामना करते हैं। उधर सांसद विजय हांसदा ने कहा कि राजमहल में लगने वाला मेला काफी विख्यात है। सभी गुरु बाबाओं का नमन करते हुए उन्होंने पहुंचे श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर विधायक अनंत कुमार ओझा ने कहा कि 33 करोड़ की लागत से जुडको द्वारा पेयजल योजना चलाई जा रही है जहां दो बार एक्सटेंशन होने के बावजूद कार्य नहीं हो पा रहा है। वही केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्वीकृति के बावजूद जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थी सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से शिक्षा नहीं ग्रहण कर पा रहे हैं। विकास की गति में बाधाएं दूर होनी चाहिए। वही कार्यक्रम को डीसी हेमंत सती ने भी संबोधित करते हुए जिलेवासियों को उपलब्धि गिनाई। वही धन्यवाद ज्ञापन एसडीओ कपिल कुमार ने किया। इस अवसर पर गुरु बाबा अभिराम मरांडी को अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर एसपी कुमार गौरव, डीएफओ मनीष तिवारी, राजमहल एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, इंस्पेक्टर श्यामलाल हांसदा, डीपीआरओ जयवर्धन कुमार, बीडीओ उदय कुमार सिन्हा, सीओ अशोक कुमार सिन्हा, उधवा बीडीओ विशाल पांडे, नगर प्रशासक स्मिता किरण, थाना प्रभारी गुलाम सरवर, भाजपा जिलाध्यक्ष उज्ज्वल मंडल, सांसद प्रतिनिधि संजीव सामु हेंब्रम झामुमो नेता केताबुद्दीन शेख, झामुमो कार्यकर्ता, भाजपा कार्यकर्ता, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी कर्मी, एसआई, एएसआई, सुरक्षा बल के जवान एवं भारी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

38 लाख 52 हजार 650 रुपए के अवैध लौटरी के साथ रसुलपुर दहला का युवक हुआ गिरफ्तार, भेजा गया जेल

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साहिबगंज: पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को विगत कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि नगर थाना क्षेत्र एवं उसके आसपास के थानों में अवैध लौटरी का कारोबार जोरशोर से किया जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में भी नगर थाना एवं जिरवाबाड़ी थाना के द्वारा अवैध लौटरी कारोबारी के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए कई लौटरी कारोबारियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेजा गया है। इसी कड़ी में नगर थाना परिसर में शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता ने बताया 23 फरवरी 2024 को पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि अवैध लौटरी कारोबार से जुड़ी एक बड़ी खेप जिले में लाई गई है। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक के द्वारा गठित छापेमारी दल के द्वारा त्वरित

कार्रवाई करते हुए नगर थाना क्षेत्र अन्तर्गत रसुलपुर दहला में अवैध लौटरी कारोबारी बिक्की के दुकान सह मकान में छापामारी कि गई। जहां छापेमारी दल में शामिल पुलिस की टीम ने अवैध लौटरी की बड़ी खेप बरामद किया। इस संबंध में नगर थाना कांड सं. 24/24, लौटरी रेगुलेशन एक्ट अंकित किया गया है। वही अवैध लौटरी टिकट कारोबारी अभियुक्त मो. शाहरूख आलम उर्फ बिक्की उर्फ एम. एस. खान उम्र करीब 30 वर्ष पिता मो. आजम साकिन रसुलपूर दहला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उधर गिरफ्तार किए गए अभियुक्त अवैध लौटरी के मामले में पूर्व में भी जेल चुका है। इस दौरान छापेमारी दल में शामिल पुलिस टीम ने अवैध लौटरी का कुल 28 हजार 730 पीस जिसका बाजार में अनुमानित मूल्य करीब 38 लाख 52 हजार 650 रुपए व एक एंड्रायड मोबाइल फ़ोन भी बरामद किया। इस छापेमारी दल में पुनि सह नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, पुअनि मुरली मनोहर सिंह, आरक्षी पंकज किशोर टाईगर मोबाइल व जितेंद्र कुमार टाईगर मोबाइल शामिल थे।

डोमचांच के परतांगो जंगल में एक नवजात शिशु का शव हुआ बरामद

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डोमचांच/कोडरमा
जहां आज पूरे देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा प्रधानमंत्री देकर भारत के सभी लोगों को जागरुक कर रहे हैं वही जिले के डोमचांच प्रखंड के परतांगो जंगल में झाड़ी के पास समाज को शर्मसार करने वाली घटना नवजात शिशु शव को डोमचांच पुलिस ने शुक्रवार को दिन में बरामद किया है। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों के मार्फत पुलिस को हुई,इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव अपने कब्जे में ले लिया एवं अगल-बगल के लोगों से इस घटना के बारे में पुलिस द्वारा ली गई। पुलिस ने नवजात शिशु के शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा है,वही इस घटना के संबंध में डोमचांच पुलिस ने वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर डोमचांच थाना में अज्ञात महिला पुरुष के नाम कांड संख्या. 21/24 आईपीसी की धारा 315 के तहत प्राथमिक की दर्ज कराया है। इस संबंध में अवर पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार पाठक ने बताया कि डोमचांच पुलिस को स्थानीय लोगों के द्वारा सूचना मिली थी कि परतांगो जंगल में झाड़ी के पास एक नवजात शिशु का शव को देखा गया है, इसके बाद पुलिस घटनास्थल पहुंचकर शिशु के शव को कब्जे में लेकर स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है, और आगे इस घटना के बारे में अनुसंधान के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। हाल के दिनों में तिलैया के एक निजी मकान में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड होने की जानकारी उपायुक्त को मिली थी,जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी रिया सिंह के नेतृत्व में सिविल सर्जन एवं तिलैया पुलिस एक टीम का गठित कर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था इससे पता चलता है कि जिले में चोरी छुपे कन्या भ्रूण हत्या करवाया जा रहा है।

बोकारो स्टील की महिला अधिकारी ने झारखंड पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप में जीता दो कांस्य पदक

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बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत शिल्पा टोप्पो, सहायक महाप्रबंधक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलिकॉम) ने झारखंड पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में हाल ही में रांची में आयोजित झारखंड पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप के 84 किलोग्राम वर्ग में बेंच प्रेस तथा पावर लिफ्टिंग में दो कांस्य पदक जीत कर न सिर्फ बोकारो स्टील प्लांट का नाम रौशन किया है, बल्कि दूसरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। पेशे से इंजीनियर टोप्पो का पावर लिफ्टिंग के क्षेत्र में पूर्व का कोई विशेष अनुभव नहीं रहा है, बावजूद इसके उन्होंने मात्र एक वर्ष के अल्पकाल में ही अपनी बुलंद इच्छाशक्ति के दम पर इस कड़ी स्पर्धा में कई पेशेवर खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए इस उपलब्धि को हासिल किया है।
झारखंड पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप में दो कांस्य पदक जीतने के पीछे टोप्पो की एक प्रेरणा दायक कहानी है। प्रबंध प्रशिक्षु(तकनीकी) -2007 बैच में शिल्पा टोप्पो ने बोकारो इस्पात संयंत्र से अपने ब्यवसायिक जीवन यात्रा की शुरुआत की और जीवन में सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा था। वर्ष 2018 में एक सड़क दुर्घटना में इनका दाहिना पैर टूट गया। पैर की सर्जरी के बाद भी बिना किसी सहारे के चलना इनके लिए मुश्किल था और पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। जैसा कि दुर्घटना का शिकार होने पर आमतौर पर सभी के साथ होता है, लोगों की सहानुभूति, निराशा और संघर्ष के इस समय में शिल्पा ने हताश होने के बजाए खुद को संभाला , मन को मजबूत किया और यह ठाना कि उसे अपाहिज की जिंदगी नहीं गुजारनी। इस कठिन समय में शिल्पा को अपने पति का भरपूर सहारा और प्रोत्साहन मिला तथा शिल्पा ने अपने पैर को दोबारा मजबूत करने के लिए सेक्टर -12 स्थित देबी प्रसाद चटर्जी के गुरुकुल में व्यायाम और स्क्वाट करना शुरू किया। घर, परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच अपनी चुनौती से उबरने के जज़्बे के साथ शिल्पा द्वारा किया गया। यह प्रयास अंतत: रंग लाया.इसी बीच शिल्पा ने पेशेवर रूप से पहली बार पावर लिफ्टिंग के क्षेत्र में 2023 कदम रखा और अगस्त 2023 में जिला स्तर प्रतियोगिता में शामिल हुई। नवंबर 2023 में शिल्पा को पूर्वी क्षेत्र चैंपियनशिप के लिए चुना गया पर चोट के कारण कोई स्थान नहीं मिल पाया। वर्ष 2024 में शिल्पा का चयन स्टेट चैंपियनशिप के लिए हुआ और उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 84 किलोग्राम वर्ग में दो कांस्य प्राप्त किए। बीएसएल के अधिशासी निदेशक (संकार्य) बीरेन्द्र कुमार तिवारी ने शिल्पा को इस उपलब्धि पर बधाई दी है.

चिरकुंडा थाना में स्वागत सह विदाई समारोह का आयोजन

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*एग्यारकुंड*। चिरकुंडा थाना परिसर में गुरूवार की रात्रि स्वागत सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें चिरकुंडा थाना सहित मैथन व कुमारधुबी ओपी से छह एसआई दीपक सोरेन, समीम अंसारी,संजय महतो,राहुल भारती, शंकर दयाल मेहता,विनय महतो व वसीम अनवर खान को विदाई दी गयी।वहीं नव पदस्थापित निरसा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी का स्वागत समारोह आयोजित की गयी।‌इस अवसर पर चिरकुंडा थाना परिसर में थाना प्रभारी सुनील सिंह के द्वारा कार्यक्रम किया गया।

जहां मुख्यातिथि के रूप में निरसा एसडीपीओ रजत मणिक बाखला व निरसा सर्किल इंस्पेक्टर अक्षय राम मौजूद थे। समारोह में लोगो ने तबादला हुए सभी एसआई पदाधिकारियों को फूल बुके देकर उनका स्वागत कर विदाई दी। एसडीपीओ व थाना प्रभारी ने सभी को शॉल देकर उनके मंगल भविष्य की कामना की। समारोह की अध्यक्षता चिरकुंडा थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह व संचालन माणिक लाल गोराई ने किया। एसडीपीओ ने कहा कि चिरकुंडा के जितने भी समाजसेवी और आम नागरिकों के द्वारा सभी पदाधिकारी को जो सम्मान दिया गया यह काफी खुशी की बात है उनका सम्मान पुलिस पदाधिकारियों को एक आशीर्वाद के रूप में होता है ताकि हम जहां कहीं भी जाए अच्छी तरह से काम कर सकें। एसडीपीओ कहा कि हम विदाई होने वाले सभी पदाधिकारी के मंगल जीवन की कामना करते हैं ताकि उनके भविष्य उज्जवल हो और एक अच्छी पुलिसिंग उनके द्वारा की जा सके। मौके पर समाजसेवी कृष्णलाल रूंगटा,उपेन्द्र नाथ पाठक, काजल चक्रवर्ती,राजू अंसारी,योगनाथ गोस्वामी,अजय सिंह,फिरोज अंसारी, अजय पासवान,रिंटू पाठकअभय गुप्ता,मनीष गुप्ता आदि थे।

 

ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के खाते से हो गई 90 हजार 655 रुपए की अवैध निकासी, भुक्तभोगी ने दिया थाना में आवेदन

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उज्ज्वल दुनिया संवाददाता
बरही। बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत बरहीडीह निवासी अनिता देवी पति राजेश चौधरी के एयरटेल पेमेंट बैंक के वॉलेट से 90 हजार 655 रुपए का अवैध निकासी का मामला प्रकाश में आया है। जिसकी सूचना भुक्तभोगी अनिता देवी ने बरही थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिस को जानकारी दी है कि वह प्लस 2 हाई स्कूल बरही के सामने ग्राहक सेवा केंद्र चलाती है, जिसके लिए एयरटेल पेमेंट बैंक के वॉलेट में उन्होंने 90 हजार 655 रुपया रखा था, लेकिन 20 फरवरी 2024 को उनके खाते से थोड़े थोड़े अमाउंट कर के कुल 90 हजार 655 रुपए का अवैध निकासी कर लिया गया। उन्होंने उक्त मामले की जांच करते हुए अपने रुपये की बरामदगी की मांग की है। इधर बरही पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अनिता देवी द्वारा बताया गया कि उन्होंने अपने पेमेंट वॉलेट में धन जमा किया था जो कि उनके व्यावसायिक केंद्र के लिए उपयोग होता है, लेकिन वे यहां बताती हैं कि कुछ अज्ञात राशि 20 फरवरी 2024 को उनके खाते से कट ली गई। इस मामले की जांच के लिए उन्होंने पुलिस से मदद मांगी है। बरही पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है ताकि अपराधियों को दंडित किया जा सके और अनिता देवी को उनकी राशि की वापसी की जा सके।

खदानों के जंगल क्षेत्रों में जंगली हाथियों की अचानक बढ़ी गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय बना

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हाथी टाटा स्टील एवं सेल की खदान क्षेत्रों मे कोहराम मचा रहे हैं – अनील महतो

सारंडा रिजर्व वन क्षेत्र स्थित टाटा स्टील की विजय-टू एवं सेल की विभिन्न खदानों के आसपास के जंगल क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष से जंगली हाथियों की अचानक बढ़ी गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है ।
उक्त तथ्यों को आजसू पार्टी केन्द्रीय सचिव अनील महतो ने बताते हुए कहा कि हाथियों की गतिविधियों ने ग्रामीणों से अधिक इन खदान प्रबंधनों की परेशानी व तनाव निरंतर बढ़ा रही है । टाटा स्टील एवं सेल की सारंडा स्थित उक्त खदान से सटे जंगलों में हाथी निरंतर अपना आशियाना बनाकर एवं खदान से प्रभावित गांव क्षेत्रों मे कोहराम मचा रहे हैं।इस क्षेत्र के जंगल से हाथियों को भगाने के लिये बीते महीने वन विभाग को बंगाल की विशेषज्ञ टीम को बुलाना पड़ा था ।अब पुनः हाथी आकर टाटा स्टील व सेल की खदानों के आसपास के गांवों व जंगलों में हाथी उत्पात मचाकर अनेक गंभीर सवाल खडा़ कर दिया है ।आजसू पार्टी केन्द्रीय सचिव अनील महतो के अनुसार सारंडा भारत का पहला नोटिफाईड एलिफैंट (हाथी) रिजर्व- ए क्षेत्र है । इसे हाथियों का वास स्थल कहा जाता है ।हाथी अपने वास स्थल सारंडा से विचरण करने कोल्हान, पोड़ाहाट, दलमा आदि जंगल होते धालभूमगढ़ के जंगल तक जाते एवं पुनः वहां से अपने कॉरिडोर से सारंडा वापस आते है ।तब हाथी विभिन्न जंगलों के गांवों में उत्पात एंव जान-माल का नुकसान नहीं पहुंचाते थे ।अब ऐसा क्या बदलाव हुआ जो हाथी हिंसा का रूप धारण कर जान-माल का भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं! यह प्रश्न आज सभी के सामने खड़ा है ।विकास और रोजगार के नाम पर सारंडा में औद्योगीकरण, खनन, सड़कों का जाल आदि बढा़ने, दिन-रात भारी मशीनों एंव वाहनों के चलने से होने वाली कंपन दूर बैठे हाथियों का बाईलौजिकल क्लौक को प्रभावित कर रहा है । जबकि सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद रिजर्व वन क्षेत्र में भारी मशीनों एंव वाहनों का परिचालन पर प्रतिबंध है ।अनियंत्रित खनन, टाटा स्टील की खदानों से लाखों टन फाइन्स चेकडैम को तोड़कर बहना, अवैध इन्क्रोचमेंट से होने वाला भूमि धसान आदि वजहों से सारंडा की तमाम प्राकृतिक जलश्रोत एंव कारो-कोयना जैसी बडी़ नदियों का अस्तित्व खत्म होते जा रहा है, जिससे हाथियों के सामने पानी व तमाम प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है ।

खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा एकदिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशानुसार आज नगर भवन, हजारीबाग में जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के लिए सीएससी सेवाओं एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी व सहायक गोदाम प्रबंधक के कार्यों की दक्षता में वृद्धि हेतु आपूर्ति संबंधी जानकारी पर आधारित एकदिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया l रांची से आए असिस्टेंट मैनेजर, सीएससी, असर इमाम द्वारा उपस्थित विभिन्न प्रखंडों से आए जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं को सीएससी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गईl उनके साथ-साथ जिला सीएससी मैनेजर, मोहम्मद निजामुद्दीन के द्वारा भी सीएससी केंद्र संबंधी विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की गईl जिला आपूर्ति पदाधिकारी हजारीबाग द्वारा आपूर्ति संबंधी जानकारी उपस्थित कर्मियों एवं डीलरों के साथ साझा किया गयाl
नरेश कुमार के द्वारा ई- पाॅस मशीन संबंधी तकनीकी जानकारी उपस्थित जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं को दी गई। ज्ञात हो कि ई- पाॅस मशीन द्वारा ही जन वितरण प्रणाली दुकानों से लाभुको को राशन दिया जाता हैl कार्यक्रम का संचालन रवि राजा द्वारा किया गया साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित रहे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सहायक गोदाम प्रबंधक, डीलर संघ के अध्यक्ष नंदू प्रसाद, डीलर अर्जुन साव, दिलीप पासवान, केदार याद, शिवनाथ प्रसाद गुप्ता, रामपति महतो, मालती देवी, सरिता देवी, विना देवी एवं विभिन्न प्रखंडों से आए अन्य डीलर मौजूद थे।

दो पदों पर बने रहने के लिए एक महिला जमा रही अपना धौंस, ग्रामीणों ने बीडीओ व राजमहल विधायक से की शिकायत

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उधवा: प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी उधवा पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों ने एक ही महिला ममता कुमारी जो पंचायत में स्वयंसेवक तथा वार्ड सदस्य के पद पर बने रहने के कारण अपनी धौंस जमा रही है। वही ग्रामीणों ने बताया कि मनमाने ढंग से अबुआ आवास योजना में लाभुकों का चयन करने हेतु गुरुवार को बीडीओ विशाल पांडे से लिखित शिकायत की है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि राजमहल विधायक अनंत ओझा एवं उपायुक्त हेमंत सती को भी प्रेषित किया है। दिए गए आवेदन में ग्रामीण व अबुआ आवास योजना के लाभुक जयंती देवी, सोमा कुमारी, पतासी देवी, अंजली देवी, निमाई सरकार, पल्लवी कुमारी, शांति देवी, रुवेश्वर सरकार, सागर राय, सुषमा देवी, प्रतिभा देवी, आयन राय, दयामंती देवी, जसोदा बेवा, अनिमा देवी, उषा देवी, निर्मला वेवा सहित दर्जनों ग्रामीण व लाभुकों ने हस्ताक्षर कर बताया कि पूर्वी उधवा पंचायत अंतर्गत सोमवारी हाटपाड़ा निवासी ममता कुमारी पति नयन सरकार काफी लंबे समय से पंचायत में पंचायत स्वयंसेवक के पद पर कार्यरत है। साथ ही वार्ड संख्या एक का वार्ड सदस्य के पद पर भी बनी हुई हैं। उधर ग्रामीणों ने बताया कि एक ही आदमी दोनों पद पर कैसे कार्यरत हैं जहां आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व में भी पैसा लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना में संपन्न लोगों को आवास दिलाने में ममता कुमारी तथा उनके पति नयन सरकार पर आरोप लगा है और राधानगर थाना में भी मामला दर्ज हुआ है। वही वर्तमान में भी वह वार्ड सदस्य तथा पंचायत स्वयंसेवक दोनों के पद पर रहते हुए अबुआ आवास योजना में लाभुक चयन में भारी हेराफेरी की है। जहां संपन्न लोगों को आवास दिया है तथा गरीब लोगों के द्वारा घुस नहीं देने पर नाम सूची से हटवा दिया है या फिर निबंधन तथा जियोटैग नहीं कर रहे हैं। वही महिला ममता कुमारी का पति अपने आपको कांग्रेसी नेता कहता है और महिला ममता कुमारी कहती है कि शाहजहां अंसारी आवास नोडल पदाधिकारी मेरा आदमी है मेरे अनुसार सब कुछ होगा। उधर इस मामले को लेकर समाचार पत्र में भी समाचार प्रकाशित हुआ है लेकिन पति पत्नी की मनमानी के कारण सभी ग्रामीण अबुआ आवास से वंछित हो गए हैं एवं हो रहे हैं। वही ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी विशाल पांडे से ममता कुमारी तथा उनके पति नयन सरकार के विरुद्ध पद का दुरुपयोग करने तथा दो पद पर एक ही व्यक्ति की निष्पक्ष जांच कराते हुए उसे पंचायत स्वयंसेवक पद से पद मुक्त करने की मांग की है। इस संबंध में बीडीओ विशाल पांडे ने बताया कि दो पदों पर एक ही महिला के बने रहने मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है तो पूरे मामले की जांच की जायेगी।

क्या कहते हैं राजमहल विधायक
इस संबंध में राजमहल विधायक अनंत ओझा ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा शिकायत मिली है उक्त मामलों को लेकर उन्होंने दूरभाष पर उधवा बीडीओ से बात कर मामले की जांच कर समाधान करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति दो पद पर कैसे बने हुए हैं, इस मामले की जांच होनी चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया में टेनिस महासागरीय खिलाड़ी रोज़ेविच की हार

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मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया: टेनिस महासागरीय खिलाड़ी नोवाक ड्जोकोविच को बाद में तारा के रूप में उभारने की कोशिश में, ऑस्ट्रेलियाई प्रशिक्षक दारेन कहिल के तत्काल पराजय के साथ, अपने नए खिलाड़ी अलेक्सेंडर रोज़ेविच ने मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलियन ओपन के मुकाबले में हार झेली है।

दरअसल, रोज़ेविच ने मेन्स एकल निशानेबाजी में सम्राटीय खिलाड़ी ड्जोकोविच के खिलाफ अच्छी खेल प्रस्तुत की, लेकिन उन्हें अंततः विचलित कर दिया गया और उनका खेल डिक्लेयर्ड नहीं हुआ। यह मैच दो सेटों में खेला गया, और ड्जोकोविच ने रोज़ेविच को 6-4, 6-3 से हराया।

रोज़ेविच, जिन्होंने पिछले सप्ताह अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब का ख्वाब देखा था, उन्हें अपने शानदार खेल के लिए प्रशंसा मिली, लेकिन उनकी जिद ने उन्हें नहीं बचा सकी।

ऑस्ट्रेलियन ओपन में अब ड्जोकोविच को अगले चरण में आगे बढ़ते हुए देखा जाएगा, जहां वह अपने खेल को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे|

राष्ट्रपति ट्रंप का नामांकन चुनावों में टिकट के लिए देने का एलान

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े घर्षण के बाद अपने फिर से राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन चुनावों में टिकट के लिए देने का एलान किया है। उनके इस घोषणा ने राजनीतिक दलों और लोगों में विवाद और उत्साह के मिश्रण को उत्पन्न किया है। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि वे अमेरिकी जनता के लिए सेवा करने का इरादा रखते हैं और उनका मकसद अमेरिका को फिर से महाशक्ति बनाना है।

ट्रंप का इस घोषणा ने अमेरिकी राजनीति में चर्चा का केंद्र बना दिया है। इसके पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो जो बाइडेन ने ट्रंप की कठिन विरोधी राजनीति का मुख्य मुद्दा बनाया था। ट्रंप के नामांकन से पहले राजनीतिक दल और नागरिक समूहों के बीच चुनावी चर्चा और गतिशीलता की अपेक्षा है।

ट्रंप के इस नामांकन का एलान उनके समर्थकों में उत्साह का स्रोत बना है, जबकि उनके विरोधियों ने इसे एक चुनावी चुनौती के रूप में देखा है। यह चुनावी प्रक्रिया अमेरिकी राजनीति में नए उतार-चढ़ाव को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।

Headline : वैश्विक नेताओं ने भारतीय स्थानीय वैक्सीन के ब्रेकथ्रू की सराहना की, अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की

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विश्वभर, 25 जनवरी 2024 — हाल के समय में भारत के स्थानीय वैक्सीन विकास में हुई ब्रेकथ्रू ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान को आकर्षित किया है, जिस पर वैश्विक नेताएँ वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना कर रहे हैं और महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी प्रयासों की आवश्यकता को जोर दे रहे हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त राज्य किंगडम, और जर्मनी सहित कई देशों के नेता ने भारतीय वैज्ञानिकों की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए साइन किया है। उन्होंने एक संयुक्त बयान में यह जताया है कि उन्हें वैक्सीन का संभावित सकारात्मक प्रभाव पर आश्वस्तता है जिसे विश्वभर में वायरस के खिलाफ लड़ाई में हो सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी भारतीय वैक्सीन विकास की महत्वपूर्णता को स्वीकृति दी है। डॉ. रोड्रिगेज, WHO के महानिदेशक, ने कहा, “भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा इस प्रयास की पहुंच का यह साक्षात्कार ग्लोबल सहयोग की महत्वपूर्णता को दर्शाता है। हम अन्य देशों को आत्मबलिदान करने और साथ मिलकर सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करते हैं कि प्रभावी टीकों की साझा करने की आवश्यकता है।”

टीके के निर्माण और वितरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावना पर चर्चाएं जारी हैं। इस विचार का है कि विभिन्न देशों की निर्माण क्षमताओं का उपयोग करके टीकाकरण अभियान को और व्यापक और कुशल बनाया जा सके।

भारतीय सरकार ने सहयोग के लिए खुले मन से स्वीकृति दी है, महामारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में संयुक्त दृष्टिकोण की महत्वपूर्णता को बताते हुए। विदेश मंत्री कपूर ने कहा, “हम मानते हैं कि यह एक साझा युद्ध है, और सहयोग अभिगम है। भारत अन्य राष्ट्रों के साथ हाथ मिलाकर इस सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि इस ब्रेकथ्रू के

india : सुरक्षित और स्वच्छ ऊर्जा पहल – भारत ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अभियांत्रिक कदम उठाए

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नई दिल्ली, 25 जनवरी 2024 — जलवायु परिवर्तन के बढ़ते चिंताओं का समाधान करने के लिए, भारत सरकार ने आज देश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए एक व्यापक स्वच्छ ऊर्जा पहल की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री शर्मा ने ने इस दुर्लभ कदम का अनावरण किया, स्थायी और नवीन ऊर्जा स्रोतों की ओर मोड़ने के लिए मुख्य रणनीतियों को स्पष्ट किया। इस पहल का हिस्सा बनाने के लिए सौर और हवा से चलने वाली ऊर्जा परियोजनाओं में बड़े निवेशों का सुझाव किया गया है, साथ ही वायु प्रदूषण को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का कार्यक्रम है।

प्रधानमंत्री शर्मा ने इस घोषणा के दौरान कहा, “हम जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण क्षण में हैं, और भारत प्लैनेट के लिए एक सतत भविष्य बनाने में अगुआ है।”

इस पहल के हिस्से के रूप में, सरकार ने पांच वर्षों के भीतर देश की सौर ऊर्जा क्षमता को 50% तक बढ़ाने की योजना बनाई है, सौर ऊर्जा के सुनहरे अंशों में बढ़त करने का मुख्याध्यापक है। हवा से चलने वाली ऊर्जा परियोजनाओं को भी एक बड़ी बढ़ोतरी मिलेगी, जिससे भारत को स्वच्छ हवा ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण निर्माता बनाने का लक्ष्य है।

इसके अलावा, सरकार विनिर्माताओं और उपभोक्ताओं को सब्सिडी और कर लाभ प्रदान करके इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुकरण को बढ़ावा देने का योजना बनाएगी। इस कदम से न केवल परिवहन क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन को कम किया जाएगा, बल्कि देश में हरित और सतत ऑटोमोटिव उद्योग के विकास में भी योगदान होगा।

पर्यावरणवादी और विशेषज्ञों ने सरकार की पहल की सराहना की है, इसके महत्वपूर्ण कदमों के लिए। यह पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए ऐसे कदमों के महत्व को मानता है। प्लान भारत के पैरिस समझौते के प्रति

Ram:राम मंदिर की प्रण प्रतिष्ठा में, राम लला की काली मूर्ति के पीछे न केवल धार्मिक महत्व है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक संदेशों को भी छिपाए हुए है।

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Ramlala को देखकर करोड़ों लोगों की आंखें नम हो रही हैं या हर कोई खुशी से झूम रहा है। और इसमें कोई आश्चर्य नहीं है, क्योंकि 500 साल के इंतजार का अंत हुआ है। 22 जनवरी 2024 को, आज, प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूरे विधि विधान के साथ सम्पन्न हो रहा है। राम लला की मूर्ति को देखने के बाद से, ‘जय श्री राम’ ही हर किसी की जुबान पर है। इस महत्वपूर्ण घटना के माध्यम से, धर्म, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का संकेत मिल रहा है।

भव्य समारोह में लोग न केवल अपने आदर्श देवता के साथ जुड़ रहे हैं, बल्कि इससे राष्ट्रीय एकता और समरसता की भावना भी प्रकट हो रही है। राम मंदिर की प्रण प्रतिष्ठा से सारे देश में आने वाले पर्व-त्योहारों की भी एक नई शुरुआत हो रही है। यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जो समृद्धि, शांति और सद्भाव की दिशा में हम सभी को प्रेरित कर रहा है। राम लला की काली मूर्ति के पीछे छिपे संदेश हमें साहित्य, कला, और नृत्य के माध्यम से भी सिखा रहे हैं।

इस अद्वितीय क्षण में, लोग धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता की महत्वपूर्णता को समझते हैं और एक नए भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। यह मंदिर न केवल एक भगवान के आलय के रूप में है, बल्कि यह एक सशक्त, संयमित, और समृद्धि की ऊँचाइयों की प्रतीक है। इस ऐतिहासिक पल में, समृद्धि और समरसता की ओर हमारा समूचा राष्ट्र बढ़ रहा है।

प्रदूषण निवारण का उत्कृष्ट उदाहरण : ऑक्सीजन पार्क त्रिपुरा

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डॉ. वीके बहुगुणा

(लेखक भारतीय वानिकी अनुसंधान परिषद, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक और चांसलर हैं)

शहरीकरण विकास के आधुनिक सिद्धांत का एक अभिन्न अंग है और भारत इसका अपवाद नहीं है। 1950 में विश्व में केवल 7.6 मिलियन लोग शहरी क्षेत्रों में रहते थे, जो 2014 में बढ़कर 3.9 बिलियन हो गये। 2009 में विश्व में ग्रामीण क्षेत्रों (3.41 बिलियन) की तुलना में अधिक लोग शहरी क्षेत्रों (3.42 बिलियन) में रह रहे थे। भारत में 1951 में हमारी आबादी का केवल 17.3 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में रहता था जो 2011 में 31.2 प्रतिशत हो गया। 2019 में हमारे देश में 47.6 करोड़ लोग शहरी क्षेत्रों में रहते थे और यह संख्या हर साल बढ़ रही है। बढ़ती जनसंख्या और बेरोजगारी के कारण आजीविका और बेहतर शैक्षिक और स्वास्थ्य सुविधाओं की तलाश में लोग धीरे-धीरे ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं। इससे शहरी गरीबी अनुपात और पर्यावरण प्रदूषण में भी वृद्धि हो रही है। शहरी निकाय प्रदूषण से निपटने और बेहतर सांस के लिए ऑक्सीजन बनाने के लिए पर्यावरणीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हरित फेफड़े बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में पारिस्थितिक और आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित करने की आवश्यकता है।

जैसे-जैसे अधिक से अधिक शहरीकरण हो रहा है, पर्यावरण की दृष्टि से खराब हवा, पानी और सीवेज निपटान ऊर्जा की भारी मांग और खपत के साथ मुख्य चुनौतियां हैं। शहरों में लोगों के पलायन से समस्या विकराल होती जा रही है। ऐसी स्थिति जनता के बीच संचारी और गैर-संचारी रोगों जैसे हृदय और अस्थमा की समस्याओं के लिए बहुत सारे स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे पैदा करती है। नागरिक सुविधाएं बेहद अपर्याप्त और बेतरतीब हैं और साल-दर-साल हम बरसात के मौसम में मुंबई, चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों में बाढ़ देख सकते हैं। अब लोग हरियाली का महत्व समझने लगे हैं। मैसूर शाही परिवार ने ऐतिहासिक रूप से भारत में हरित शहरों की नींव रखी और आज भी हमें मैसूर और बेंगलुरु में विशाल पुराने पेड़ और जल निकाय मिलते हैं। बाद में गांधी नगर, हैदराबाद, जमशेदपुर और दिल्ली हरियाली पैदा करने में अन्य अग्रणी शहर रहे। लेकिन हरियाली के लिए पराली जलाने के समय दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 1000 को पार कर जाता। अब अन्य सभी शहर भी पार्क और उद्यान बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

कैसे छोटा सा राज्य त्रिपुरा ऑक्सीजन पार्क बनाकर देश का नेतृत्व कर रहा है। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह जागरूकता पैदा करने और लोगों को अधिक पेड़ लगाने और स्थानीय संस्कृति और इतिहास को इसके साथ एकीकृत करने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है ताकि शहरी समस्याओं से निपटने और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक प्रभावी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके। अगरतला ऑक्सीजन पार्क गांधीग्राम-सलबागान क्षेत्र में 30 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया था, जो स्वतंत्रता और भारतीय संघ में त्रिपुरा के विलय से पहले त्रिपुरा शाही परिवार द्वारा बनाए गए खूबसूरत साल वनों से भरा था। साल के जंगलों की हरियाली त्रिपुरा के लोगों के लिए एक बड़ा सकारात्मक पहलू है। पार्क में समाज के हर वर्ग यानी बच्चों, युवाओं, शोधकर्ताओं, पक्षी प्रेमियों और आदिवासी/मानवविज्ञानियों के लिए सब कुछ है और यह सुबह और शाम की सैर करने वालों के लिए ताजी हवा में सांस लेने के लिए स्वर्ग है। उत्तर-पूर्वी राज्य ऑर्किड से भरे हुए हैं और 55 से अधिक ऑर्किड प्रजातियों का घर हैं। पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता के लिए ऑर्किड की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। मधुमक्खियों के साथ मिलकर वे परागण और कई अन्य पारिस्थितिकी तंत्र के कामकाज में मदद करते हैं। स्थानीय जनजातीय लोगों में ऑर्किड के प्रति विशेष आकर्षण और सांस्कृतिक मूल्य है क्योंकि वे अपने जीवन को रंगीन बनाते हैं क्योंकि उनका उपयोग दवाओं और धार्मिक समारोहों के लिए किया जाता है। सिक्किम ऑर्किड के प्रबंधन और व्यावसायीकरण में अग्रणी है और कई सौ लोग ऑर्किड की खेती से आजीविका कमाते हैं। त्रिपुरा में वन विभाग ने पार्क के अंदर एक विश्व स्तरीय ‘अत्याधुनिक’ ऑर्किडेरियम बनाया है जहां बड़ी संख्या में ऑर्किड प्रदर्शित किए गए हैं और छात्रों और प्रकृति प्रेमियों की भारी भीड़ को आकर्षित कर रहे हैं। ऑर्किड के अलावा वन विभाग ने एक ‘फर्नारियम’ भी बनाया था जो पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील फर्न के संरक्षण के लिए देश में पहला प्रयास हो सकता है। पार्क में 100 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ हैं, जिनमें से कई इस क्षेत्र के लिए अद्वितीय हैं।

पार्क के अंदर त्रिपुरा की सभी 18 जनजातियों के रीति-रिवाजों और परंपराओं को समझाने वाली एक गैलरी है जो पर्यटकों के लिए त्रिपुरा के सामाजिक ताने-बाने को समझने का एक बड़ा आकर्षण है। वनपाल का स्मारक लोगों को वन कर्मचारियों के बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा में अपना जीवन लगा दिया। ऑक्सीजन पार्क की अवधारणा केवल एक मनोरंजन केंद्र नहीं है, बल्कि न केवल लोगों को शिक्षित करने का एक समग्र तरीका है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने और अनुकूलित करने के लिए एक आंदोलन बनाने और लोगों को उनके दैनिक जीवन में किए जाने वाले हर काम के प्रति जागरूक बनाने का भी एक समग्र तरीका है। . वास्तव में, प्रत्येक राज्य और प्रत्येक शहर में क्षेत्र की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय ताकत को दर्शाने वाला एक ऑक्सीजन पार्क होना चाहिए और ऐसे पार्कों की एक श्रृंखला शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बनाई जानी चाहिए और औद्योगिक विकास, पारिस्थितिक पर्यटन के साथ एकीकृत की जानी चाहिए और एक लोगों के लिए पर्यावरण जागरूकता का पैकेज ताकि आने वाली पीढ़ियों को हमारी पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक किया जा सके और साथ ही आर्थिक अवसर पैदा किए जा सकें और लोगों को जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और शमन के लिए तैयार किया जा सके। जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितता अब हर घर तक पहुंच गई है और हर घर को इससे निपटना सीखना होगा। अब तक वन विभाग ज्यादातर पेड़ों/वन्यजीवों और वनों पर ध्यान केंद्रित करते रहे हैं, लेकिन अब विभाग के पास शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बड़े संरक्षण मूल्य और आर्थिक लाभ के लिए परिदृश्य की सुंदरता का उपयोग करने के साथ-साथ पारिस्थितिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत सेट अप होना चाहिए। त्रिपुरा एक दूरदर्शी राजनीतिक और निष्पक्ष नौकरशाही नेतृत्व के अलावा आईएएस और आईएफएस अधिकारियों और अन्य सेवाएँ के बीच सामंजस्यपूर्ण कार्यों के कारण अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और अन्य राज्यों के लिए अपने आप में एक उदाहरण है।