Saturday 4th of July 2026 07:22:21 PM
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रामलला की मूर्ति काली क्यों? शिल्पकार अरुण योगीराज की पत्नी ने बताई इस पत्थर को चुनने की वजह

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अयोध्या के राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित की गई रामलला की मूर्ति के लिए जिस काले पत्थर यानी कृष्णशिला का उपयोग किया गया, उसके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है. इसे तैयार करने वाले शिल्पकार अरुण योगीराज की पत्नी विजेता योगीराज ने कहा कि रामलला की मूर्ति बनाने के लिए इस पत्थर का उपयोग करने की एक खास वजह है. कृष्ण शिला में ऐसे गुण हैं कि जब आप अभिषेक करते हैं, यानी जब आप दूध प्रतिमा पर चढ़ाते हैं, तो आप प्रसाद के रूप में इसका उपयोग कर सकते हैं| यह आपके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालता है|

अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) के गर्भगृह में स्थापित की गई रामलला की मूर्ति (Ram Lalla Idol) के सामने आने के बाद करोड़ों श्रद्धालुओं ने उसका दर्शन किया. रामलला की मूर्ति के जिस काले पत्थर यानी कृष्णशिला का उपयोग किया गया, उसके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है. इसे तैयार करने वाले शिल्पकार अरुण योगीराज (Arun Yogiraj) की पत्नी विजेता योगीराज ने कहा कि रामलला की मूर्ति बनाने के लिए इस पत्थर का उपयोग करने की एक खास वजह है| कृष्ण शिला में ऐसे गुण हैं कि जब आप अभिषेक करते हैं, यानी जब आप दूध प्रतिमा पर चढ़ाते हैं, तो आप उसका प्रसाद  के रूप में उपयोग कर सकते हैं|

यूपी में कुछ इलाकों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट, धूप भी नहीं निकलेगी, ठंड से राहत में समय लगेगा

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मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश में एक या दो स्थानों पर घने से बहुत घना कोहरा छाया रहने का आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही एक या दो स्थानों पर कोल्ड डे या सीवियर कोल्ड का प्रकोप भी रहेगा यानि धूप नहीं निकलेगी और दिन में भी कुहासा बना रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत घना और कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाया रहा। पूर्वांचल में अनेक स्थानों पर कोल्ड डे या सीवीयर कोल्ड डे का प्रकोप बना रहा। कहीं-कहीं शीतलहर का भी असर रहा। इसी तरह का मौसम अभी बने रहने की आशंका जताई गई है।

राज्य के गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद मण्डलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया। झांसी मण्डल में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। सोमवार की रात प्रदेश में सबसे कम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस मेरठ में दर्ज हुआ। कानपुर सीएसए के मौसम विज्ञानी डॉ. एएन सुनील पांडेय ने बताया कि हवा की दिशा भले ही बदली हो लेकिन शीत लहर से राहत नहीं मिलेगी। ठिठुरन भरी सर्दी बनी रहेगी। तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। फिलहाल तापमानों में कोई खास वृद्धि नहीं होगी। बुधवार को भी शीतलहर चलेगी। किसानों को पाले से बचाने का उपाय करना चाहिए।

वहीं जौनपुर में 4.09, भदोही में 5.08, चंदौली-आजमगढ़ में छह, वाराणसी में 6.02, बलिया-गाजीपुर-मऊ में सात, मिर्जापुर आठ डिग्री तापमान रहा। मौसम विज्ञानियों की मानें तो कड़ाके की ठंड रबी की मुख्य फसल गेहूं के अनुकूल है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है। दावा है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक इसी तरह कड़ाके की ठंड पड़ेगी।

के.एन.गोविंदाचार्य: अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के गुमनाम नायक

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जबकि सुर्खियों का केंद्र अक्सर राजनीतिक नेताओं और धार्मिक हस्तियों पर पड़ता था, के.एन. गोविंदाचार्य एक प्रमुख रणनीतिकार और विचारक के रूप में उभरे जिन्होंने आंदोलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया

जीव कान्त झा

अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के इतिहास में, एक नाम समर्पण, बुद्धि और रणनीतिक दृष्टि के प्रतीक के रूप में सामने आता है – के.एन. गोविंदाचार्य। अक्सर आंदोलन में अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा छाया में रहने के बाद, गोविंदाचार्य ने पर्दे के पीछे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अभियान को आकार देने और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसके कारण अंततः अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ।

अयोध्या राम मंदिर आंदोलन, एक आंदोलन जो दशकों तक चला, उग्र भावनाओं, कानूनी लड़ाई और राजनीतिक चालबाजी से चिह्नित था। जबकि सुर्खियों का केंद्र अक्सर राजनीतिक नेताओं और धार्मिक हस्तियों पर पड़ता था, के.एन. गोविंदाचार्य एक प्रमुख रणनीतिकार और विचारक के रूप में उभरे जिन्होंने आंदोलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया।

1940 में जन्मे गोविंदाचार्य एक अनुभवी राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और विचारक हैं, जो भारत में विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं। राम मंदिर आंदोलन में उनकी भागीदारी को कानूनी पेचीदगियों और अयोध्या विवाद से जुड़ी सामाजिक-सांस्कृतिक भावनाओं दोनों की सूक्ष्म समझ की विशेषता थी।
गोविंदाचार्य के उल्लेखनीय योगदानों में से एक एक सामंजस्यपूर्ण रणनीति तैयार करने में उनकी भूमिका थी, जिसमें कानूनी वकालत को जमीनी स्तर पर लामबंदी के साथ जोड़ा गया था। उन्होंने इस मुद्दे को अदालतों और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों में एक साथ संबोधित करने के महत्व को पहचाना। उनके प्रयास राम जन्मभूमि आंदोलन की छत्रछाया में समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाने में सहायक थे।

जैसे-जैसे आंदोलन ने गति पकड़ी, गोविंदाचार्य ने विभिन्न हिंदू समूहों और संगठनों के बीच एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वैचारिक अंतराल को पाटने और आंदोलन के भीतर आम सहमति बनाने की उनकी क्षमता ने इसकी ताकत और लचीलेपन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे समय में जब विभाजन से सामूहिक संकल्प कमजोर होने का खतरा था, गोविंदाचार्य एक एकीकृत शक्ति के रूप में उभरे।

कानूनी क्षेत्र में, गोविंदाचार्य ने राम मंदिर के निर्माण के लिए एक मजबूत मामला बनाने के लिए सावधानीपूर्वक काम किया। संवैधानिक बारीकियों और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्यों की उनकी समझ ने मंदिर के समर्थकों द्वारा दिए गए कानूनी तर्कों को मजबूत किया। अयोध्या विवाद से जुड़ी कानूनी जटिलताओं के बावजूद, गोविंदाचार्य के रणनीतिक कौशल ने कानूनी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने रणनीतिक योगदान से परे, आंदोलन की शांतिपूर्ण और समावेशी प्रकृति को बनाए रखने के उनके निरंतर प्रयासों में गोविंदाचार्य की प्रतिबद्धता स्पष्ट थी। उन्होंने एक सामंजस्यपूर्ण समाधान की वकालत की जिसमें शामिल सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाए, बातचीत और समझ का माहौल बनाया जाए।

अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद, गोविंदाचार्य के योगदान को अक्सर अयोध्या आंदोलन से जुड़ी अन्य हाई-प्रोफाइल हस्तियों द्वारा नजरअंदाज किया गया है। हालाँकि, राम मंदिर आंदोलन के गुमनाम नायक के रूप में उनकी विरासत कायम है, और उनकी रणनीतिक अंतर्दृष्टि और समर्पण उन लोगों को प्रेरित करते हैं जो ऐतिहासिक अभियान में उनकी भूमिका के महत्व को पहचानते हैं।

चूंकि राम मंदिर आस्था और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक अयोध्या में खड़ा है, इसलिए के.एन. गोविंदाचार्य जैसे व्यक्तियों के योगदान को स्वीकार करना और सम्मान करना आवश्यक है, जिनके अथक प्रयासों ने लाखों लोगों की आकांक्षाओं को साकार करने और विकास की दिशा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाते समय ध्यान रखें ये बातें, बनी रहेगी सेहत और मजा

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आज देशभर में लोग मकर संक्रांति का पर्व मना रहे हैं। मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा सदियों पुरानी रही है। मकर संक्रांति का त्योहार तिल-गुड़ और पतंगबाजी के बिना अधूरा माना जाता है। मकर संक्रांति का नाम सुनते ही तिल के लड्डू और आसमान में रंग बिरंगी पतंगे उड़ती हुई नजर आने लगती हैं। यही वजह है कि आज के दिन बच्चों से लेकर बड़े तक आसमान पर रंग-बिरंगी पतंग उड़ाते नजर आते हैं। हालांकि कई बार पतंग उड़ाते समय हुई छोटी सी भी चूक त्योहार का मजा किरकिरा कर देती है। ऐसे में आपके त्योहार का रंग और मौज मस्ती बनाए रखने के लिए जानते हैं पतंगबाजी करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

आसमान में रंगीन पतंगों का खेल, मकर संक्रांति का हमारे देश में विशेष महत्व है। पतंग उड़ाने का यह पर्व हमें नाचने, खेलने और मिलने का मौका देता है, लेकिन इस खास दिन को स्वस्थ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए हमें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

चयन सही पतंग का: सही पतंग चुनना महत्वपूर्ण है। उच्च गति वाली पतंगों से बचें, ताकि वायुमंडल में खतरा न बने। छोटी और स्वच्छ हवा में बनी पतंगें सुरक्षित होती हैं।

स्थान का चयन: पतंग उड़ाने के लिए सही स्थान का चयन करें। बड़े और शुष्क स्थलों को पसंद करें, ताकि किसी औरत से टकराहट या अन्य खतरे का सामना ना करना पड़े।

बच्चों का साथ दें: छोटे बच्चों को पतंग उड़ाने में सहारा दें और उन्हें सुरक्षित जगहों पर ही खेलने के लिए अनुमति दें।

सावधानी से रंगीन सूची चलाएं: रंगीन सूची का सही तरीके से चलाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूसरों के साथ मिलकर उड़ाएं और बच्चों को सुरक्षित दूरी पर रखें।

उच्चतम गति से बचें: अधिक उच्च गति वाली पतंगों से बचें, क्योंकि इनमें अधिक वेग हो सकता है और वे अनुभवी खिलाड़ियों के लिए होती हैं।

पतंग को बचाव में रखें: अगर किसी अन्य क्षेत्र में पतंग पड़ती है, तो अपनी पतंग को

एमएस धोनी को भी मिला राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण, जानिए कौन लेकर गया न्योता

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अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का समारोह होगा, जिसके लिए लोगों को आमंत्रण पत्र दिए जा रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी को भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया है। वर्ल्ड कप विजेता कप्तान धोनी के अलावा महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, स्टार क्रिकेटर विराट कोहली और पूर्व दिग्ज स्पिनर हरभजन सिंह को भी न्योता मिला है। बता दें कि समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत हजारों की संख्या में नामचीन हस्तियां शामिल होंगी।

भारतीय क्रिकेट स्टार, महेंद्र सिंह धोनी, को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए निमंत्रित किया गया है। यह निमंत्रण एक विशेष संदेश के साथ आया है, जिसने एमएस धोनी को रामलला के प्रति उनकी भक्ति और समर्पण का स्वागत किया है।

निमंत्रण लेकर गए व्यक्ति का बड़ा खुलासा

निमंत्रण देने वाले व्यक्ति का बड़ा खुलासा हुआ है। अयोध्या के धर्मिक गुरु और संतों के समूह ने बताया है कि वे ही एमएस धोनी को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रित कर रहे हैं।

महेंद्र सिंह धोनी की भक्ति में दिलचस्पी

महेंद्र सिंह धोनी की भक्ति में दिलचस्पी होने के बावजूद, इस मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। फैंस और उनके प्रशंसकों को इस निमंत्रण का स्वागत है और वे जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या धोनी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का महत्वपूर्ण कार्यक्रम

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन एक बड़े धार्मिक और सामाजिक उत्सव के रूप में हो रहा है। इसमें विभिन्न धार्मिक गुरुओं, संतों, और धार्मिक प्रमुखों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रमुखों की भागीदारी हो रही है।

₹130 के पार जाएगा यह एनर्जी, ₹32 पर आया था IPO, अब खरीदने की लूट, 10% का लगा अपर सर्किट

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निवेशकों के लिए आच्छादित सप्ताह, जब एक नई ऊर्जा कंपनी ने बाजार में धमाल मचा दिया है। ₹32 प्रति शेयर पर आईपीओ (IPO) में लाया गया था, वही शेयर अब बाजार में ₹130 के पार पहुंच गया है। इसमें 10% का लगा अपर सर्किट हो गया है, जिसे देखकर निवेशकों के बीच में उत्साह बढ़ा है।

IPO से ₹32 पर लाया गया शेयर, बाजार में आया ₹130 पर

इस ऊर्जा कंपनी का इनिशिएल पब्लिक ऑफर (IPO) शुरू हुआ था, जिसमें शेयर ₹32 पर लाया गया था। निवेशकों के बीच में बड़ी चर्चा और रुचि के बाद, बाजार में यह शेयर अब ₹130 के पार पहुंच गया है, जिसमें 10% का लगा अपर सर्किट हो गया है।

निवेशकों को हुआ बड़ा फायदा

इस उच्ची बढ़ती मूल्य के साथ, निवेशकों को हुआ है बड़ा फायदा। उन्होंने IPO में निवेश करके शेयरों को मात्र कुछ हफ्तों में मल्टीबैगर के रूप में देखा है।

विशेषज्ञों का कहना है

वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, इस कंपनी के प्रदर्शन का मुख्य कारण उसकी सांविदानिक ऊर्जा संयंत्रों और नई तकनीकों में निवेश करना है, जिससे वह अपने क्षेत्र में पहले से भी अग्रणी बन रही है।

निवेशकों के लिए सख्त चुनौती

बाजार के अनुसार, इस ऊर्जा कंपनी का शेयर बड़े पैम्प में है और निवेशकों के लिए यह एक सख्त चुनौती हो सकता है क्योंकि अब इसे ₹130 के पार पहुंचने की उम्मीद है।

कार चलाने वाले ध्यान दें, 31 जनवरी तक अगर नहीं किया ये काम तो FASTag काम करना बंद कर देगा

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने आज एक अहम सुचना जारी की है, जिसमें बताया गया है कि सभी कार चालकों को 31 जनवरी 202 के पहले अपने वाहन में FASTag से सुसंगत जोड़ाई करने का आदान-प्रदान करना होगा। अगर यह कार्रवाई नहीं की गई तो FASTag काम करना बंद कर दिया जाएगा।*

FASTag क्या है?

FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लाजा पेमेंट सिस्टम है, जो वाहनों को बिना रुके टोल प्लाजा के माध्यम से गुजरने की अनुमति देता है। इससे यात्रा को सुरक्षित और अधिक दक्षिण होती है और यात्री बिना किसी देरी के अपने गंतव्य पर पहुंच सकते हैं।

क्यों है यह निर्णय?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, FASTag के सुसंगत इस्तेमाल की सुविधा से सड़कों पर यातायात को बेहतर बनाए जाने का उद्देश्य है। यह सिस्टम ट्रैफिक को अच्छा प्रबंधित करने में मदद करता है और यात्रीगण को रुकावटों से मुक्त करता है।

कैसे करें FASTag का अपने वाहन में जोड़ाई?

यदि आपने अभी तक अपने वाहन में FASTag नहीं जोड़ा है, तो इसे करने के लिए अपने बैंक या इसे जारी करने वाले संबंधित एजेंसी से संपर्क करें। FASTag को आप ऑनलाइन या ऑफ़लाइन तरीके से प्राप्त कर सकते हैं और इसे आसानी से वाहन में लगा सकते हैं।

NASA ने सपने को बनाया हकीकत, तैयार है आवाज से भी तेज उड़ने वाला विमान

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NASA (राष्ट्रीय अंतरिक्ष एवं विमानन प्रशासन) ने एक नई क्रांति की शुरुआत की है, जब उन्होंने सपने को हकीकत में बदलते हुए आवाज से भी तेज उड़ने वाले एक विमान का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह नया विमान न केवल उच्च गति में उड़ सकता है, बल्कि इसमें उच्च तकनीकी और सुरक्षा विशेषज्ञता भी शामिल है।

NASA ने इस उत्कृष्ट प्रौद्योगिकी के साथ नए विमान की प्रकटीकरण की घड़ी घोषित की है, जिसे “सुपरसोनिक स्पीडर” कहा जा रहा है। इस विमान का निर्माण उच्च गति और उच्च अस्तित्व की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है।

इस नए प्रौद्योगिकी में सुपरसोनिक स्पीडर का सबसे चमत्कारी पहलु यह है कि वह आवाज से भी तेज उड़ सकता है, जिससे उड़ान सफरों के समय को कम करने में मदद होगी। इसमें उच्च गति और नवीनतम तकनीकी उपयोग करने के बावजूद, इस विमान की ऊर्जा की दक्षता भी अत्यधिक है।

NASA के अध्यक्ष ने इस मैंगोल्ड उड़ान को “एक नई युग की शुरुआत” कहकर इसके निर्माण का उत्साह व्यक्त किया और उम्मीद है कि इसका अपने अनेक क्षेत्रों में उपयोग होगा।

अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन: पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित का परिचय, जिन्होंने समर्पित किया रामलला की प्राण प्रतिष्ठा; छत्रपति शिवाजी महाराज से संबंध

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अयोध्या: राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित को मुख्य पुजारी के रूप में चुना गया है, जो हाल ही में घोषित हुआ है कि वह कराएंगे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा। यहां हम जानेंगे कि पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित कौन हैं और उनका छत्रपति शिवाजी महाराज से कैसा कनेक्शन है।

पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित कौन हैं?

पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित एक प्रमुख हिन्दू धर्म विद्वान और पंडित हैं, जो अपने गहन ज्ञान और भक्ति भावना के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने रामलला के प्राण प्रतिष्ठान का अहम कार्य ग्रहण किया है, और इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए चयनित किए गए हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज से संबंध

पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित का छत्रपति शिवाजी महाराज से गहरा संबंध है। उनके पुरखों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के दरबार में बड़ी सेवाएं दी थीं, और वे आपके समर्थन में रहे हैं। इसके जरिए, पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित ने अपने धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में अपने योगदान के लिए समर्थन और पहचान प्राप्त की है।

पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित ने यह साबित किया है कि वे न केवल एक प्रमुख पंडित हैं, बल्कि उनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध भी गहरा है, जिससे वह इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफलता से पूरा करने के लिए उपयुक्त चयन हैं।

हिंदू महिला का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराने वालों पर मौलाना समेत चार लोगों को गिरफ्तार

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यूपी के हमीरपुर में शादीशुदा हिंदू महिला का धर्म परिवर्तन करा निकाह के मामले में पुलिस ने मौलाना सहित चार और को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता के बयान के बाद कार्रवाई की गई। अब तक प्रकरण में मुख्य आरोपी सहित पांच लोग पकड़े जा चुके हैं। पूर्व में दर्ज अपहरण के मुकदमे में धर्मांतरण की धाराएं बढ़ाई गई हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। बिवांर के छानी गांव निवासी मनीष गुप्ता की पत्नी आकांक्षा मई में भुजपुर निवासी अनीस के साथ लापता हो गई थी। उसके पति ने दिसंबर में अनीस के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद आकांक्षा का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराने का वीडियो सामने आ गया, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।

13 जनवरी की रात पुलिस ने घाटमपुर के कुरियां परास से आकांक्षा को बरामद कर अनीस को गिरफ्तार कर लिया। आकांक्षा के बयान के बाद पुलिस नेधर्मांतरणऔर निकाह में शामिल रहे अनीस के पिता राजू खां, चाचा बशीर, बहनोई खलील को भी गिरफ्तार कर लिया। सोमवार सुबह निकाह कराने वाले मौलाना मुश्ताक निवासी छानी को भी उठा लिया। एसएचओ के मुताबिक मुख्य आरोपी अनीस सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

धर्म परिवर्तन के बाद निकाह का वायरल हुआ था वीडियो

शादीशुदा हिंदू महिला का धर्म परिवर्तन कराकर उसका मुस्लिम युवक के साथ निकाह कराने का वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस जानकारी में पता चला कि वायरल वीडियो पिछले महीने की छह तारीख का है। इस मामले में महिला का पति रिपोर्ट भी दर्ज करा चुका है। थाना मुस्करा के मसगांव गांव निवासी मनीष गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि उसकी राठ निवासी आकांक्षा से शादी हुई थी। मनीष ने थाना बिवांर के छानी गांव में दुकान खोल रखी थी और वही किराए का मकान लेकर रहता था। इस बीच आकांक्षा की थाना ललपुरा के भुजपुर गांव निवासी अनीस खां से मित्रता हो गई। अनीस यहां एक कॉलेज में बीएससी का छात्र है। पति के अनुसार दिसंबर माह में आकांक्षा अनीस के साथ गायब हो गई। इस मामले की रिपोर्ट छह दिसंबर को थाना बिवांर में मनीष की तहरीर पर पुलिस ने धारा 366 आईपीसी के तहत दर्ज की थी।

 

 

 

झारखंड के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, डीसी और एसपी देवघर को लोकसभा की प्रिविलेज कमिटि का नोटिस

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12 जनवरी को हाजिर होने का निर्देश

बीजेपी सांसद डॉ निशिकांत दूबे ने अगले बजट सत्र में इस मामले को सदन में उठाने की इजाजत भी मांगी

रांची. गोड्डा से बीजेपी #सांसद डॉ निशिकांत दूबे की शिकायत पर लोकसभा सचिवालय ने झारखंड के मुख्य सचिव एल ख्यांगते, गृह सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी अजय कुमार सिंह, डीसी देवघर विशाल सागर और एसपी देवघर अजीत पीटर डूंगडूंग को विशेषाधिकार उल्लंघन का नोटिस जारी किया है. नोटिस में इन सभी आलाधिकारियों को 12 जनवरी की शाम चार बजे नई दिल्ली में संसद की प्रिविलेज कमेटी के समक्ष हाजिर होने का निर्देश दिया है. सांसद निशिकांत दूबे को भी उसी दिन समिति के समक्ष केस की जानकारी देनी है. सांसद ने स्पीकर से आगामी बजट सत्र के दौरान इस मामले को सदन में उठाने की इजाजत भी मांगी है, ताकि देश को यह पता चल सके कि एक राजनीतिक दल के जनप्रतिनिधि के खिलाफ कैसे झूठी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है. डॉ दूबे ने सोशल मीडिया एक्स पर यह जानकारी दी. साथ ही यह भी लिखा है कि हेमंत सोरेन के इशारे पर काम करने वाले मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह सचिव के अलावा उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक देवघर दिल्ली बुला लिये गए.

मुख्य सचिव,गृह सचिव व उपायुक्त देवघर भी दिल्ली बुलाए गए
मुख्य सचिव,गृह सचिव व उपायुक्त देवघर भी दिल्ली बुलाए गए

दो दिन पहले 8 जनवरी को बीजेपी सांसद #निशिकांतदूबे ने पत्र लिखकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, डीसी और एसपी देवघर के खिलाफ शिकायत की थी. साथ ही इन अधिकारियों के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने, प्रोटोकॉल और विशेषाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्रिविलेज लाने का प्रस्ताव दिया था.
बीजेपी सांसद दूबे लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि झारखंड सरकार बेवजह झूठे केसों में फंसाकर सांसद के तौर पर मुझे काम नहीं करने दे रही है. पिछले चार सालों में मेरे ऊपर अभी तक 42 केस दर्ज किए गए हैं. राज्य में झामुमो की सरकार बनते ही भाजपा के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ शर्मनाक नीति शुरू की गयी. मुख्य सचिव सहित सभी जिलों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि भाजपा से संबंधित निर्वाचित प्रतिनिधियों को किसी भी कीमत पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों में काम करने की अनुमति नहीं दी जाये. आवश्यक हो तो एफआईआर का सहारा भी लिया जाए.

https://x.com/nishikant_dubey/status/1744670167739887881?s=20
.सांसद डॉ दूबे ने अपने पत्र में स्पीकर का ध्यान हाल की दो घटनाओं की ओर आकर्षित कराया है. कहा है, एक बार जब मैं जरमुंडी की ओर जा रहा था तो सड़क पर बड़ी संख्या में गायों को देखा. ट्रैफिक जाम था. चूंकि, मैं लोकसभा में सड़क परिवहन और राजमार्ग समिति का अध्यक्ष भी हूं, इसलिए मैंने अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की. मुझे बताया गया कि कुछ गो तस्करों को पुलिस और क्षेत्र के लोगों ने पकड़ा है. मैंने भी अपने समर्थकों को प्रशासन मदद करने को कहा, लेकिन मुझे जानकर हैरानी हुई कि बाद में उन्हीं अधिकारियों ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर मुझे और मेरे समर्थकों के नाम से एक प्राथमिकी दर्ज करा दी.

दूसरी घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि #देवघर के टावर चौक पर ट्रैफिक पुलिस गाड़ी चेकिंग के दौरान जबरन बाइक और स्कूटर सवारों की चाबियां छिन रही थीं. पैसे ऐंठे जा रहे थे. पुलिस की इस जबरदस्ती के बारे में आरएसएस के अधिकारी का फोन आया. तत्काल मैं घटनास्थल पर पहुंचा और ट्रैफिक नियम को समझाने की कोशिश की. कहा, जबरन चाबियां लेना कानून के खिलाफ है. इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकार ली. बाद में पता चला कि न सिर्फ मेरे खिलाफ, बल्कि #आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गयी है.

PM मोदी का कोई मुकाबला नहीं है, उनसे मुकाबला करना राहुल गांधी के लिए मुश्किल है-कार्ति चिदंबरम

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कार्ति चिदंबरम को कांग्रेस ने भेजा नोटिस
कार्ति चिदंबरम को कांग्रेस ने भेजा नोटिस

चेन्नईः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिंदबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार (9 जनवरी) को नोटिस भेजा है। कार्ति चिदंबरम  ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता को लेकर तुलना की थी। कार्ति चिदंबरम ने कहा था कि PM मोदी का कोई मुकाबला नहीं है, उनसे मुकाबला करना राहुल गांधी के लिए मुश्किल है। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

https://x.com/ANI/status/1744709431299080609?s=20

EVM का भी किया था समर्थन

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि तमिलनाडु कांग्रेस अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष केआर रामासामी ने कार्ति चिदंबरम को कारण बताओ नोटिस भेजा है। कार्ति चिदंबरम ने हाल ही में Thanthi TV को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पीएम मोदी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ज्यादा लोकप्रिय हैं। उन्होंने इस दौरान EVM का समर्थन भी किया था। कार्ति चिदंबरम ने कहा था कि EVM बिल्कुल ठीक काम कर रहा है. आप अपनी कमी का दोष EVM पर नहीं थोप सकते।

नोटिस मिलने पर कार्ति चिदंबरम ने क्या कहा ?

कार्ति चिदंबरम के करीबी सूत्रों ने दावा किया है कि किसी सांसद को नोटिस जारी करने का अधिकार केवल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पास है। लेकिन यहां पर तमिलनाडु कांग्रेस ने ऐसा कदम उठाया है। कारण बताओ नोटिस को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगायी जा रही है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कारण बताओ नोटिस का उद्देश्य रणनीतिक रूप से तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख के रूप में कार्ति चिदंबरम की संभावित उम्मीदवारी को रोकना हो सकता है।

तमिलनाडु कांग्रेस के अंदर गुटबाजी

तमिलनाडु कांग्रेस के अंदर एक बड़ा तबका पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को लेकर नाराज़ रहता है, लेकिन कांग्रेस आलाकमान के दबाव कते कारण फिलहाल खामोस था। हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के द्वारा एक वरिष्ठ नेता को भेजे गए नोटिस के बाद इस बात की चर्चा को बल मिलने लगा है कि तमिलनाडु कांग्रेस में सबकुठ ठीक नहीं चल रहा है। तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं। जहां डीएमके के साथ कांग्रेस पार्टी की सरकार है।

 

खबर पक्की है…बिहार में फिर पलटी मारेंगे नीतीश कुमार

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बहाल ही में नीतीश ने बिहार के मुद्दे पर PM Modi से मुलाकात की थी
बहाल ही में नीतीश ने बिहार के मुद्दे पर PM Modi से मुलाकात की थी

पटना। नीतीश कुमार फिर पलटी मारने वाले हैं । मकर सक्रांति के बाद कभी भी खबर सामने आ सकती है। नीतीश कुमार पलटने वाले हैं, इसके संकेत मिलने शुरू हो गए् हैं। आखिर क्या हैं वे संकेत, जो बताते हैं कि नीतीश कुमार पलटी मारने वाले हैं ।

बहाल ही में नीतीश ने बिहार के मुद्दे पर PM Modi से मुलाकात की थी
बहाल ही में नीतीश ने बिहार के मुद्दे पर PM Modi से मुलाकात की थी

पीएम मोदी का बेतिया दौरा अचानक रद्द

पीएम मोदी के बेतिया दौरे को लेकर खूब तैयारियां चल रही थीं। बेतिया से बीजेपी के सांसद विनय जायसवाल पिछले एक महीने से लगे हुए थे। लेकिन पीएम मोदी की ओर से दौरा अचानक रद्द कर दिया गया है। कारण, अगर मोदी आते तो उन्हें नीतीश कुमार पर अटैक करना पड़ता। पीएम मोदी इससे बचना चाहते थे। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी महाराष्ट्र के दौरे पर थे। उस वक्त उन्होने शरद पवार के भतीजे अजीत पवार पर खूब हमले किए थे। लेकिन एक महीने के अंदर अजीत पवार की एनडीए में वापसी हो गई. तब विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के बयानों को लेकर भाजपा की खूब घेराबंदी की थी। इस बार पीएम मोदी उस शर्मिंदगी से बचना चाहते हैं।

बिहार बीजेपी के नेताओं को नीतीश पर न बोलने को कहा गया

बिहार बीजेपी के सू6ों के हवाले से खबर है कि भाजपा नेताओं को नीतीश कुमार पर डायरेक्ट ्टैक करने से बचने को कहा गया है। मतलब, नीतीश की बुराई नहीं करनी है, चाहे राजद के बारे में कुछ भी कहें। हाल के दिनों में बिहार भाजपा नेताओं के बयानों को देखें तो कोई बी नेता नीतीश कुमार पर तीखे हमले नहीं कर रहा। बिहार बीजेपी के नेताओं को नीतीश कुमार पर हमला करने से बचने को कहा गया है।

Land for Job घोटाले का बहाना

Land for Job घोटाले में लालू यादव और परिवार का नाम CBI के बाद अब ED की चार्जशीट में भी है। नीतीश कुमार “भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं” वाला बहाना बनाकर INDIA गठबंधन छोड़ सकते हैं। पिछली बार भी LARA घोटाला, यानि लालू-राबड़ी मॉल में चिड़ियाघर की मिट्टी का उपयोग का ारोप लगाने हुए नीतीश ने पलटी मारी थी. िस बार बहाना बनाएंगे कि नीतीश ने कभी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया, फिर रेलवे में नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले पर वो कैसे खामोश रहते

ललन सिंह से किनारा और अशोक चौधरी-संजय झा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

नीतीश कुमार ने सासंद संजय झा और अशोक चौधरी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं और बीजेपी विरोधी ललन सिंह को किनारे कर दिया। संजय झा पहले बीजेपी में थे, अरुण जेटली के कहने पर जेडीयू में शामिल हुए थे। आज भी जेडीयू और बीजेपी के बीच सेतु का काम करते हैं।

बीजेपी-नीतीश के बीच बातचीत हो गई है, मकर सक्रांति के बाद पलटेंगे नीतीश?
बीजेपी-नीतीश के बीच बातचीत हो गई है, मकर सक्रांति के बाद पलटेंगे नीतीश?

नीतीश को क्या मिलेगा ?

NDA में आने के बाद नीतीश कुमार को NDA का संयोजक बनाया जा सकता है. इसके अलावा रिटायमेंट पैकेज के रूप में कहीं का राज्यपाल बन सकते हैं। इसके अलावा वो अगले विधानसभा चुनाव तक निष्कंटक बिहार का मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। बिहार को केन्द्र की ओर से विशेष आर्थिक पैकेज की भी घोषणा हो सकती है।

बीजेपी को क्या मिलेगा ?

भाजपा ने अपने सर्वे कराकर देख लिए हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद वे नीतीश कुमार के बिना ज्यादा से ज्यादा 30-32 लोकसभा सीट जीतने की स्तिति में हैं। लेकिन अगर जेडीयू भाजपा के साथ आ जाती है तब बीजेपी कम से कम 37-39 सीटें जीत सकती है। नीतीश के पाला बदलने के बाद राजद के पास सिर्फ कांग्रेस और लेफ्ट रह जाएंगे। तीने के वोट मिलाकर भी एनडीए को बिहार में परास्त नहीं किया जा सकता।

पाकिस्तान में टल गया आम चुनाव, सीनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी, जानें अब कब होंगे इलेक्शन!

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आर्थिक तंगी और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे पाकिस्तान में आम चुनाव टल गया है. आज यानी शुक्रवार को पाकिस्तानी सीनेट ने आम चुनाव को टालने वाले एक प्रस्तान को मंजूरी दे दी है. बता दें पाकिस्तान में आठ फरवरी से चुनाव होने वाले थे. वहीं, चुनाव टलने के बाद अब इलेक्शन की तिथि क्या होगी इसको लेकर कोई बयान नहीं आया है. गौरतलब है कि बीते साल 9 अगस्त को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था. वहीं पाकिस्तान में कानून के तहत नेशनल असेंबली को भंग करने के 90 दिनों के भीतर आम चुनाव कराए जाने चाहिए. वहीं, अब आम चुनाव कब होंगे इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

इमरान खान की पार्टी ने नवंबर को मतदान कराने की मांग की थी
गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक सदस्य एवं राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नवंबर महीने में ही ईसीपी को पत्र लिखकर नवंबर को मतदान कराने का प्रस्ताव किया था, लेकिन शीर्ष निर्वाचन निकाय ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था.

कार्यवाहक सरकार कर रही है पाकिस्तान में शासन
बता दें, फिलहाल पाकिस्तान में कार्यवाहक सरकार शासन कर रही है और निर्वाचन के बाद नया प्रधानमंत्री चुने जाने तक वह देश की बागडोर संभालेगी. बीते कुछ दिन पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकड़ ने कहा था कि अंतरिम सरकार आम चुनाव कराकर पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने को लेकर प्रतिबद्ध है.

श्रीराम को क्यों कहते हैं भारत की आत्मा, जानें रामनाम का महत्व

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अयोध्या में विराजनेवाले भगवान राम निर्बलों के बल ही नहीं, आराध्य और आदर्श भी हैं. श्रीराम का चरित्र त्रेतायुग से लेकर आज के मानवों के लिए समान रूप से प्रेरणाप्रद है. इसीलिए तो राम भारत की आत्मा हैं, प्राण हैं तथा उपास्य हैं. पढ़ें चार विशेष आलेख.

सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए साल 2024 का जनवरी माह ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि इस माह में अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होने वाली है. 22 जनवरी को मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम के बाल स्वरूप की मूर्ति प्रतिष्ठित की जायेगी. इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इसे लेकर देश-दुनिया में भक्तों का उत्साह चरम पर है. अयोध्या में विराजनेवाले भगवान राम निर्बलों के बल ही नहीं, आराध्य और आदर्श भी हैं. श्रीराम का चरित्र त्रेतायुग से लेकर आज के मानवों के लिए समान रूप से प्रेरणाप्रद है. इसीलिए तो राम भारत की आत्मा हैं, प्राण हैं तथा उपास्य हैं. त्रेतायुग के रामचरितमानस एवं श्रीमद्भगवतगीता सहित सभी धर्म-ग्रंथों में भगवान के अवतार का उल्लेख मिलता है कि जब-जब धर्म की हानि होती है, पृथ्वी पर अनाचार बढ़ता है, तब-तब कोई दिव्यशक्ति प्रकट होती है और धर्मानुसार विधिक जीवन जीने के लिए उद्यम करती है. धर्मग्रंथों की इस उद्घोषणा को समाज की सबसे छोटी इकाई के रूप में हर मनुष्य अपने ही जीवन-काल को सत्ययुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग के दायरे में लेकर उस पर गहरी नजर डालें, तो सभी युगों में अधर्मपूर्ण जीवन के दृष्टांत तथा अवतार की अवधारणा बहुत कुछ स्पष्ट हो जायेगी.