Wednesday 1st of July 2026 03:15:26 AM
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फ्रांस के मार्सिले में पीएम मोदी ने वीर सावरकर को क्यों किया याद? जानें खास वजह

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पीएम मोदी ने मार्सिले में वीर सावरकर को क्यों किया याद? जानें खास वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अपने दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने फ्रांस के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर मार्सिले में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि वीर सावरकर की बहादुरी आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है।

मार्सिले से वीर सावरकर का विशेष संबंध

मार्सिले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण अध्याय से जुड़ा हुआ है। 8 जुलाई 1910 को ब्रिटिश शासन के दौरान वीर सावरकर को गिरफ्तार कर मुकदमे के लिए भारत लाया जा रहा था। उन्हें ब्रिटिश जहाज ‘मोरिया’ से भारत भेजा जा रहा था, लेकिन सावरकर ने जहाज के ‘पोर्टहोल’ (छोटी गोल खिड़की) से निकलकर समुद्र में छलांग लगा दी और तैरकर फ्रांसीसी तट तक पहुंच गए। हालांकि, वहां की पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और ब्रिटिश अधिकारियों को सौंप दिया, जिससे एक बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। बाद में सावरकर को अंडमान-निकोबार की सेल्युलर जेल में काला पानी की सजा दी गई।

पीएम मोदी का भावुक संदेश

पीएम मोदी ने X (ट्विटर) पर लिखा:
“भारत की स्वतंत्रता की खोज में इस शहर का विशेष महत्व है। यहीं पर महान वीर सावरकर ने साहसपूर्वक भागने का प्रयास किया था। मैं मार्सिले के लोगों और उस समय के फ्रांसीसी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मांग की थी कि उन्हें ब्रिटिश हिरासत में न सौंपा जाए। वीर सावरकर की बहादुरी आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है!”

फ्रांस दौरे के अन्य प्रमुख कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में AI Action Summit को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास में पारदर्शिता और वैश्विक सहयोग बेहद जरूरी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पीएम मोदी के विचारों की सराहना की।

अगला पड़ाव: अमेरिका

फ्रांस के बाद पीएम मोदी अमेरिका के लिए रवाना होंगे, जहां वह कई महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होंगे। उनके इस दौरे से भारत-फ्रांस संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आईआईटी में पढ़ता है बेटा, फीस भरने के लिए चलाता है ऑटो – होटल में नहीं मिली एंट्री! अरबपति ने किया बड़ा खुलासा

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भले ही हम आधुनिक युग में जी रहे हों, लेकिन समाज में भेदभाव और दोहरे मापदंड अब भी कायम हैं। थायरोकेयर के संस्थापक और अरबपति डॉ. अरोकियास्वामी वेलुमनी के साथ हाल ही में ऐसी ही एक घटना घटी।

बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के एक स्टार होटल में जाने के लिए वे ऑटो-रिक्शा से पहुंचे, लेकिन होटल के सुरक्षा गार्डों ने उनके वाहन को प्रवेश देने से मना कर दिया। गार्ड्स ने होटल के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ऑटो-रिक्शा को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। वेलुमनी को नीचे उतरकर पैदल ही होटल में प्रवेश करना पड़ा।

इस दौरान उन्होंने ऑटो ड्राइवर से बातचीत की और जाना कि वह अपने बेटे को आईआईटी हैदराबाद में पढ़ा रहा है। ड्राइवर हर दिन 12-14 घंटे मेहनत करता है ताकि वह अपने बेटे की फीस भर सके। यह कहानी उनके लिए प्रेरणादायक थी, लेकिन होटल द्वारा किया गया भेदभाव उन्हें सोचने पर मजबूर कर गया।

इस घटना ने समाज में मौजूद वर्ग विभाजन और बाहरी दिखावे के आधार पर किए जाने वाले भेदभाव की ओर इशारा किया। आखिर क्यों एक मेहनती व्यक्ति, जो अपने बेटे को आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ा रहा है, केवल एक ऑटो ड्राइवर होने की वजह से सम्मान का हकदार नहीं समझा जाता?

यह घटना बदलाव की जरूरत को दर्शाती है। क्या सिर्फ गाड़ियों की चमक-धमक से ही किसी की सामाजिक स्थिति तय होनी चाहिए? मेहनत और ईमानदारी से जीने वालों को भी वही सम्मान मिलना चाहिए, जो किसी अमीर व्यक्ति को मिलता है।

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का पश्चाताप! संत प्रेमानंद से पूछा – अपने कर्मों का प्रायश्चित कैसे करूं? मिला ये जवाब

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मेरठ में तैनात एनकाउंटर स्पेशलिस्ट मुनेश सिंह ने वृंदावन के संत प्रेमानंद से अपने अतीत के कर्मों का पश्चाताप करने का उपाय पूछा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई एनकाउंटर किए हैं और राष्ट्रपति से वीरता पदक भी प्राप्त किया है, लेकिन अब उन्हें अपने कार्यों को लेकर पछतावा हो रहा है।

मुनेश सिंह बुधवार को वृंदावन स्थित श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद से मुलाकात की। उन्होंने संत से हाथ जोड़कर पूछा, “अब तक किए गए एनकाउंटर का पश्चाताप कैसे करूं?”

संत प्रेमानंद ने उन्हें सलाह दी कि वे अपने जीवन से थोड़ा समय निकालकर भगवान की शरण में जाएं, प्रार्थना करें और आत्मशुद्धि का मार्ग अपनाएं। उन्होंने कहा, “मनुष्य जीवन का मूल कर्तव्य भगवत प्राप्ति है। सांसारिक कार्यों में उलझकर इसे भूल जाना सही नहीं है।”

मुनेश सिंह ने बताया कि पिछले साल 22 जनवरी को जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, तब एक बदमाश से मुठभेड़ में उनके सीने में गोली लगी थी। ईश्वर की कृपा से वह बच गए, लेकिन अब उन्हें अपने कार्यों को लेकर गहरा पश्चाताप हो रहा है।

संत प्रेमानंद ने उन्हें समझाया कि यदि आपका मन आपको पश्चाताप करने को कह रहा है, तो भगवत प्राप्ति के लिए समय निकालें और प्रार्थना करें कि आपकी सेवाओं में जो चूक हुई हो, वह क्षमा हो जाए।

मुनेश सिंह की इस आध्यात्मिक यात्रा ने उनके भीतर एक नया दृष्टिकोण ला दिया, जिससे यह सवाल उठता है – क्या आध्यात्मिक मार्ग ही वास्तविक शांति की कुंजी है?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य स्वागत, कड़ी सुरक्षा के बीच रांची पहुंचीं – BIT मेसरा में आज होगा ऐतिहासिक कार्यक्रम!

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रांची: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंच चुकी हैं। रांची एयरपोर्ट से लेकर राजभवन तक उनके स्वागत और सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए।

एयरपोर्ट पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच राष्ट्रपति का काफिला 20 मिनट में राजभवन पहुंच गया। वहां राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

BIT मेसरा में Platinum Jubilee समारोह में होंगी शामिल

शनिवार, 15 फरवरी, को राष्ट्रपति मुर्मू BIT मेसरा के GP बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित प्लेटिनम जुबली समारोह में शिरकत करेंगी। इस कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। BIT मेसरा प्रशासन ने कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

कड़ी सुरक्षा के इंतजाम

राष्ट्रपति की यात्रा के मद्देनजर रांची पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं। राष्ट्रपति के काफिले के लिए रूट डायवर्जन किया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा झारखंड के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे यहां के शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकती हैं।

बांग्लादेशियों पर वीजा प्रतिबंध हटाने की मांग, यूएई ने इंडस्ट्रियल पार्क बनाने का रखा प्रस्ताव

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ढाका: बांग्लादेश ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से अपने नागरिकों पर लगे वीजा प्रतिबंध को हटाने और बांग्लादेशी श्रमिकों की भर्ती बढ़ाने का आग्रह किया है। वहीं, यूएई ने बांग्लादेश में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने और हलाल प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपनी यूएई यात्रा के दौरान खेल मंत्री, ट्रेड मिनिस्टर और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने व्यापार, शिक्षा और खेल से जुड़े संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

बांग्लादेश ने क्यों की वीजा प्रतिबंध हटाने की मांग?

यूएई में बांग्लादेशी श्रमिकों की एक बड़ी संख्या कार्यरत है, लेकिन हाल के वर्षों में वीजा प्रतिबंधों के कारण उनके लिए अवसर सीमित हो गए हैं। मुख्य सलाहकार यूनुस ने ढाका ट्रिब्यून से बातचीत में कहा कि “हमने यूएई सरकार से आग्रह किया है कि वे हमारे श्रमिकों की भर्ती को बढ़ाएं और वीजा प्रतिबंध हटाएं।”

इसके अलावा, यूनुस ने यूएई की कंपनियों को बांग्लादेश में फैक्ट्रियां लगाने का भी निमंत्रण दिया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।

यूएई का इंडस्ट्रियल पार्क और हलाल हब बनाने का प्रस्ताव

यूएई ने इस बातचीत के दौरान बांग्लादेश में एक इंडस्ट्रियल पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा। यूएई के ट्रेड मिनिस्टर थानी बिन अहमद अल जेयूदी से हुई बैठक में, यूनुस ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

यूएई ने बांग्लादेश को हलाल प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का भी सुझाव दिया। अब्दुल कलाम आजाद मजूमदार, जो यूनुस के डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी हैं, उन्होंने बताया कि “यूएई बांग्लादेश की सस्ती श्रमशक्ति का उपयोग कर इसे हलाल प्रोडक्ट निर्माण का वैश्विक केंद्र बना सकता है।”

यूएई-बांग्लादेश संबंधों में नया मोड़

बांग्लादेश की यह पहल नौकरी के अवसर बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए अहम मानी जा रही है। वहीं, यूएई भी बांग्लादेश में निवेश को लेकर नए अवसर तलाश रहा है। यदि दोनों देशों के बीच यह समझौते सफल होते हैं, तो यह व्यापारिक और राजनयिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है।

निर्मला सीतारमण ने नया आयकर विधेयक पेश किया, सेलेक्ट कमेटी को भेजने का प्रस्ताव

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आयकर विधेयक 2025 पेश किया और इसे समीक्षा के लिए एक सेलेक्ट कमेटी को भेजने का प्रस्ताव रखा। यह विधेयक आयकर अधिनियम 1961 को निरस्त कर नए नियमों को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।

विपक्ष का विरोध और सरकार का तर्क

तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने तर्क दिया कि 1961 का आयकर अधिनियम सरकार द्वारा हर साल संशोधित किया जाता रहा है, इसलिए इसे पूरी तरह बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन ने भी इस विधेयक पर आपत्ति दर्ज कराई।

इसके जवाब में निर्मला सीतारमण ने बताया कि 1961 के अधिनियम में 298 धाराएं थीं, लेकिन समय के साथ यह बढ़कर 819 हो गईं, जिससे करदाता पर अनुपालन का भार बढ़ा। नया विधेयक इसे घटाकर 536 धाराओं तक सीमित कर देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव में केवल तकनीकी सुधार नहीं बल्कि “महत्वपूर्ण परिवर्तन” किए गए हैं।

क्या बदलेगा नए विधेयक में?

  • भाषा को सरल बनाया गया है ताकि करदाता इसे आसानी से समझ सकें।
  • “आकलन वर्ष” (Assessment Year) शब्द को हटा दिया गया है और “टैक्स ईयर” (Tax Year) की नई अवधारणा जोड़ी गई है।
  • क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों को पूंजीगत संपत्ति (Capital Asset) के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • अधिनियम की शब्द संख्या को आधे से भी कम कर दिया गया है, जिससे अनुपालन लागत कम होगी।

सेलेक्ट कमेटी को भेजा गया विधेयक

सीतारमण ने एक प्रस्ताव भी रखा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस विधेयक की समीक्षा के लिए एक सेलेक्ट कमेटी गठित करें। यह समिति अगले संसदीय सत्र के पहले दिन अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

लोकसभा ने इस प्रस्ताव को ध्वनि मत (Voice Vote) से स्वीकार कर लिया और इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 10 मार्च तक स्थगित कर दी।

पहले सत्र में संसद की उत्पादकता 112% रही, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 173 सांसदों ने 17.23 घंटे तक चर्चा की, जबकि केंद्रीय बजट पर 170 सांसदों ने 16.13 घंटे तक बहस की।

अब सबकी निगाहें आगामी बजट सत्र के दूसरे चरण पर टिकी हैं, जहां यह विधेयक विस्तार से चर्चा में आएगा।

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक मुलाकात: रक्षा समझौते से लेकर अप्रवासन तक अहम चर्चा

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वॉशिंगटन डीसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बहुप्रतीक्षित अमेरिकी दौरे की शुरुआत कर दी है। दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन वह ब्लेयर हाउस में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वॉल्ट्ज से मुलाकात कर रहे हैं। इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी से मिलेंगे। सबसे अहम बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होगी, जहां दोनों देशों के बीच एक नए रक्षा समझौते की घोषणा होने की संभावना है।

खुफिया सहयोग पर चर्चा: पीएम मोदी की तुलसी गबार्ड से मुलाकात

अमेरिका पहुंचने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड से मुलाकात की। इस बैठक में आतंकवाद विरोधी अभियानों और उभरते खतरों से निपटने के लिए खुफिया सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने हिंदू-अमेरिकी गबार्ड को अमेरिका की शीर्ष खुफिया अधिकारी बनने पर बधाई भी दी। गौरतलब है कि तुलसी गबार्ड को हाल ही में इस पद पर नियुक्त किया गया है।

अप्रवासन और निर्वासन का मुद्दा गर्माया

पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले, ट्रंप प्रशासन ने 104 भारतीय अवैध अप्रवासियों को वापस भेज दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 800 और भारतीयों को निकाले जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 487 भारतीय नागरिक और 298 अन्य लोग शामिल हैं, जिनकी अंतिम पुष्टि होनी बाकी है। भारत सरकार ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अपने नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है और अमेरिकी प्रशासन के रवैये पर चिंता जताई है।

अब सबकी निगाहें पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात पर टिकी हैं। क्या इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

रांची: घर में लगी आग से दंपति की दर्दनाक मौत, बच्चों ने छत से कूदकर बचाई जान

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रांची जिले के सोनाहातू थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना घटी। एक मकान में भीषण आग लगने से पति-पत्नी की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि उनके दो मासूम बच्चों ने छत से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

गैस सिलेंडर ब्लास्ट बना काल

रंजीत साहू, जो बाइक मैकेनिक का काम करता था, अपने घर में डीजल का गैलन और गैस सिलेंडर रखे हुए था। देर रात अचानक गैस सिलेंडर फट गया, जिससे पूरे घर में आग फैल गई। देखते ही देखते घर आग के गोले में तब्दील हो गया।

बच्चों ने दिखाई बहादुरी, माता-पिता फंसे रह गए

जब आग फैलने लगी, तो रंजीत साहू और उनकी पत्नी मीना देवी घर का जरूरी सामान बचाने में लग गए, लेकिन लपटों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। वहीं, उनके दोनों बच्चे सूझबूझ दिखाते हुए छत से कूद गए और किसी तरह अपनी जान बचा ली।

गांववालों की कोशिशें नाकाम, फायर ब्रिगेड भी देर से पहुंची

शोर सुनकर गांववाले दौड़े लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई पास नहीं जा सका। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी पहुंची, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।

सब कुछ जलकर राख, बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। माता-पिता को खोने के ग़म में दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

क्या था हादसे की वजह?

प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि गैस सिलेंडर लीक होने से यह बड़ा हादसा हुआ। पुलिस इस घटना की जांच कर रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता चल सके।

इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। ऐसे हादसे से बचने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन, 34 सालों तक की रामलला की सेवा

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अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले 34 वर्षों से रामलला की सेवा कर रहे थे और बाबरी विध्वंस से लेकर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तक के सभी ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी रहे।

बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी, जिसके बाद उन्हें पहले अयोध्या और फिर लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 12 फरवरी की सुबह उनका निधन हो गया।

रामलला को गोद में लेकर भागे थे आचार्य

आचार्य सत्येंद्र दास को 1992 में राम जन्मभूमि के तत्कालीन रिसीवर ने पुजारी के रूप में नियुक्त किया था। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के दिन वे रामलला को गोद में लेकर भागे थे, ताकि किसी भी तरह की क्षति से उन्हें बचाया जा सके। तब से लेकर अब तक वे रामलला की सेवा में समर्पित रहे।

शिक्षा और सेवाकाल

उन्होंने 1975 में संस्कृत विद्यालय से आचार्य की उपाधि प्राप्त की थी और 1976 में अयोध्या के संस्कृत महाविद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत हुए। 1992 में उन्हें रामलला के पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया और वे अस्थायी मंदिर में पूजा-अर्चना करते रहे।

जीवनभर रामलला की सेवा में समर्पित

उनका जन्म 1945 में उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन रामलला की सेवा में समर्पित कर दिया। कुछ समय पहले ब्रेन हेमरेज के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद मंगलवार को उनका निधन हो गया।

उनकी इस अपार सेवा के लिए अयोध्या और पूरे देश में शोक की लहर है।

फ्रांस में पीएम मोदी का तीसरा दिन: नए भारतीय वाणिज्य दूतावास से लेकर परमाणु परियोजना दौरे तक क्या रहेगा खास?

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मार्सेई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मार्सेई शहर का दौरा किया। पीएम मोदी यहां एक नए भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे, जो फ्रांस में भारत का दूसरा वाणिज्य दूतावास होगा। इसके अलावा, वे मज़ार्ग वॉर सिमेट्री में सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और राष्ट्रपति मैक्रों के साथ इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा करेंगे। फ्रांस की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री 13 फरवरी को अमेरिका के लिए रवाना होंगे।

वीर सावरकर के ‘साहसिक पलायन’ पर बोले पीएम मोदी

फ्रांस दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने कहा कि मार्सेई का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक विशेष स्थान है, क्योंकि 1910 में यहीं से सावरकर ने ब्रिटिश हिरासत से भागने की कोशिश की थी।

मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत की स्वतंत्रता की खोज में इस शहर का विशेष महत्व है। यहीं पर महान वीर सावरकर ने एक साहसिक पलायन का प्रयास किया था।”

उन्होंने यह भी कहा कि फ्रांस के उन कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों को सावरकर को सौंपने का विरोध किया था। “मैं मार्सेई के लोगों और उन फ्रांसीसी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने सावरकर को ब्रिटिश हिरासत में दिए जाने का विरोध किया। उनकी वीरता आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है,” पीएम मोदी ने लिखा।

पीएम मोदी करेंगे भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन

मार्सेई में भारतीय वाणिज्य दूतावास के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों एक साथ मौजूद रहेंगे। यह दूतावास भारत और फ्रांस के बीच लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

पीएम मोदी ने एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “यह यात्रा भारत और फ्रांस को और करीब लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की गवाह बनेगी। मार्सेई में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन हमारे लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा।”

परमाणु परियोजना का दौरा करेंगे मोदी और मैक्रों

इसके अलावा, दोनों नेता मज़ार्ग वॉर सिमेट्री जाएंगे, जहां वे उन भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे जिन्होंने विश्व युद्धों में फ्रांस के लिए लड़ाई लड़ी थी।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा भी करेंगे। यह परियोजना वैश्विक स्तर पर परमाणु ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

फ्रांस के बाद अमेरिका दौरे पर रवाना होंगे मोदी

फ्रांस दौरे के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने AI एक्शन समिट और 14वें भारत-फ्रांस CEO फोरम को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने प्रौद्योगिकी सहयोग और आर्थिक साझेदारी को लेकर प्रतिबद्धता जताई।

अब पीएम मोदी फ्रांस से अमेरिका रवाना होंगे। वहां वे 12 से 14 फरवरी तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरे में भारत-अमेरिका संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा होगी।

भारी विरोध के बीच समय रैना ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ वीडियो डिलीट कर दिया

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नई दिल्ली: मशहूर कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना ने अपने यूट्यूब चैनल से ‘इंडियाज़ गॉट लैटेंट’ के सभी वीडियो डिलीट कर दिए हैं, लेकिन विवाद अभी भी थमता नज़र नहीं आ रहा है। शो के कंटेंट को लेकर जनता और सरकार, दोनों का भारी विरोध देखने को मिला। हालांकि, विवाद के केंद्र में मौजूद रैना ने अब तक कोई माफी नहीं मांगी, जिससे सोशल मीडिया पर ग़ुस्सा और बढ़ गया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps) के एक सवाल ने इंटरनेट पर बवाल खड़ा कर दिया। शो के दौरान कई अश्लील जोक्स, गंदे इशारे और बेतुके सवाल पूछे गए, जिससे दर्शकों में रोष फैल गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर #BoycottIGL और #BanBeerBiceps जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। मामला इतना बढ़ा कि सरकार को भी दखल देना पड़ा।

सूत्रों के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस विवाद पर संज्ञान लिया, जिसके बाद YouTube को विवादित एपिसोड हटाने का निर्देश दिया गया। इतना ही नहीं, समय रैना और अन्य मेहमानों को पुलिस द्वारा समन भेजा गया, जिससे कानूनी कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है। हालांकि, रैना ने अपनी सफाई तो दी है, लेकिन माफी मांगने से इनकार किया है।

इस विवाद पर बॉलीवुड और टीवी जगत से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। टीवी अभिनेता अली गोनी ने समय रैना का समर्थन करते हुए कहा, “बस एक एपिसोड हटाना था, पूरा शो क्यों? यह गलत है।” निर्माता बोनी कपूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “फ्रीडम ऑफ स्पीच का मतलब यह नहीं कि कुछ भी बकवास बोलो।” ऑस्कर विजेता संगीतकार ए. आर. रहमान ने व्यंग्य कसते हुए कहा, “कुछ चीजें बोलने से अच्छा है चुप रहना,” जिस पर विक्की कौशल और अन्य हस्तियां हंस पड़ीं।

सोशल मीडिया पर लोग अभी भी नाराज हैं। कई यूज़र्स ने लिखा कि “वीडियो हटाना कोई एहसान नहीं, माफी मांगो!” एक अन्य यूजर ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, “अगर तुम्हारी कॉमेडी का मकसद सिर्फ अश्लीलता है, तो अपना चैनल ही डिलीट कर दो।”

अब बड़ा सवाल यह है कि समय रैना इस विवाद से कैसे बाहर निकलेंगे। क्या वे आखिरकार माफी मांगेंगे या फिर यह मामला और तूल पकड़ेगा।

फंडिंग पर रोक के विवाद के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी महानिरीक्षक पॉल मार्टिन को बर्खास्त कर दिया

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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) के इंस्पेक्टर जनरल पॉल मार्टिन को मंगलवार (12 फरवरी) को अचानक बर्खास्त कर दिया। यह फैसला उस रिपोर्ट के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें ट्रंप प्रशासन द्वारा USAID को कमजोर करने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की गई थी।

“तुरंत प्रभाव से बर्खास्त!”

व्हाइट हाउस के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ट्रेंट मोर्स ने एक ईमेल में मार्टिन को सूचित किया:

“राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप की ओर से, मैं आपको सूचित करता हूं कि USAID के इंस्पेक्टर जनरल के रूप में आपकी सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त की जा रही हैं।”

मार्टिन ने जवाब देते हुए लिखा, “यह मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात थी कि मैं अपने सहयोगियों के साथ मिलकर USAID की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर पाया। अपना ख्याल रखें और अपने साथियों का भी।”

ट्रंप की USAID से पुरानी दुश्मनी?

ट्रंप लंबे समय से USAID पर सवाल उठाते रहे हैं, इसे “करदाताओं के पैसे की बर्बादी” बताते हुए बार-बार आलोचना करते रहे हैं। 1961 में जॉन एफ. कैनेडी द्वारा स्थापित यह एजेंसी शीत युद्ध के दौरान सोवियत प्रभाव को रोकने के लिए बनाई गई थी। हालांकि सोवियत संघ के पतन के बाद भी इसकी भूमिका बनी रही, लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह एजेंसी वामपंथी एजेंडा को बढ़ावा देती है।

व्हाइट हाउस बनाम USAID: एलन मस्क भी हुए शामिल!

ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन कई बड़े कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें अंतरराष्ट्रीय खर्चों पर 90 दिनों के लिए रोक शामिल थी। व्हाइट हाउस ने USAID के कुछ प्रोजेक्ट्स को “बेवजह खर्च और भ्रष्टाचार” करार दिया, जिनमें सर्बिया में LGBTQ ग्रुप के लिए $1.5 मिलियन और मिस्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए $6 मिलियन का अनुदान शामिल था।

हालात तब और बिगड़ गए जब एलन मस्क के प्रतिनिधियों को USAID मुख्यालय में संवेदनशील डेटा तक पहुंचने से रोक दिया गया। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

अब सवाल उठता है—क्या ट्रंप का अगला कदम USAID को पूरी तरह खत्म करना होगा?

फ्रांसीसी जोड़े ने केरल के मंदिर में रचाई शादी, मुस्लिम डॉक्टर ने किया कन्यादान

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केरल में अनूठी मिसाल, मंदिर में हुई फ्रांसीसी जोड़े की शादी

कन्नूर: भारत विविधता और सांस्कृतिक मेलजोल के लिए जाना जाता है। इसका एक अनूठा उदाहरण केरल में देखने को मिला, जब फ्रांस के एक जोड़े ने हिंदू परंपराओं के अनुसार मंदिर में विवाह किया और कन्यादान की रस्म एक मुस्लिम डॉक्टर ने निभाई। यह शादी केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं थी, बल्कि भारतीय संस्कृति की गंगा-जमुनी तहजीब की अद्भुत मिसाल भी बनी।

भारतीय संस्कृति से प्रभावित फ्रांसीसी जोड़ा

फ्रांस के इमैनुएल और एमिली भारतीय परंपराओं से बेहद प्रभावित थे। उन्होंने विशेष रूप से केरल की सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए कई किताबें पढ़ीं और तय किया कि वे अपनी शादी भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार ही करेंगे। उनकी यह इच्छा पूरी हुई जब उन्होंने अझियुर श्री वेणुगोपाल मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए।

सभी धर्मों के लोगों ने लिया हिस्सा

शादी में जाति-धर्म से ऊपर उठकर कई लोग शामिल हुए। मंदिर प्रशासन की देखरेख में पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ। इस दौरान, केरल के डॉक्टर असगर ने कन्यादान की रस्म निभाई और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।

रिसेप्शन का आयोजन

शादी के बाद, डॉक्टर असगर ने नवविवाहित जोड़े के लिए एक विशेष रिसेप्शन का आयोजन किया। यह जोड़ा अपने फ्रांसीसी दोस्तों के साथ मायाज़ी नामक स्थान पर पहुंचा था, जो कभी एक पुरानी फ्रांसीसी कॉलोनी थी। विवाह से पहले इमैनुएल और एमिली ने वेणुगोपाल मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और भारतीय परंपराओं के अनुरूप अपनी शादी को यादगार बनाया।

बिजनौर में विवादास्पद धर्म परिवर्तन केस: मौलवी समेत पांच लोगों की गिरफ्तारियों की धुन

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बिजनौर, उत्तर प्रदेश: जबरन धर्म परिवर्तन का मामला

बिजनौर:
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर में एक चिंताजनक मामला सामने आया है। एक हिंदू लड़के का जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने के आरोप में पुलिस ने पांच व्यक्तियों, जिनमें से एक मौलवी प्रमुख आरोपी हैं, को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना की पृष्ठभूमि

मामले की शुरुआत तब हुई जब लड़के के पिता ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके बेटे को जबरन धर्म परिवर्तन कर विवाह के लिए मजबूर किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दल ने लड़के के धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया में दबाव डाला और उसे विवाह के लिए तैयार किया। इस संदिग्ध प्रक्रिया में मौलवी सहित अन्य चार व्यक्तियों का नाम सामने आया है।

पुलिस कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह पता चल रहा है कि आरोपी दल ने लड़के के परिवार के खिलाफ दबाव और ठगी की स्थिति पैदा की। पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का बयान

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में संलिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकार के मामलों की सूचना तुरंत दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

पूर्व मंत्री तानाजी सावंत के बेटे का विवादास्पद ‘अपहरण’ मामला, बैंकॉक की उड़ान बनी वापसी का कारण

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मुंबई: झूठे अपहरण की सूचना पर पुलिस की तत्काल कार्रवाई

पूर्व मंत्री तानाजी सावंत के बेटे ऋषिराज सावंत के बैंकॉक के लिए रवाना होते ही एक विवादास्पद घटना ने सुर्खियाँ बटोरीं। सोमवार दोपहर, जब ऋषिराज सावंत अपने दोस्तों – प्रवीण उपाध्याय और संदीप वासेकर – के साथ पुणे से चार्टर्ड फ्लाइट लेकर बैंकॉक जा रहे थे, पुलिस कंट्रोल रूम में मिली सूचना के आधार पर उड़ान को वापस मोड़ दिया गया।

जांच में सामने आया झूठा मामला

पुलिस उपायुक्त रंजन कुमार शर्मा ने बताया, “शुरुआती सूचना के अनुसार किसी ने ऋषिराज का अपहरण कर लिया है, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।” हालांकि, जांच में यह खुलासा हुआ कि असल में कोई अपहरण नहीं हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार में हुए किसी आंतरिक झगड़े के चलते ऋषिराज सावंत ने अपने आप यात्रा पर निकलने का निर्णय लिया था। पुलिस ने तुरंत चार्टर्ड फ्लाइट को रोककर उन्हें पुणे वापस लाने का प्रबंध किया।

राजनीतिक आरोप और विवाद

इस बीच शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने तानाजी सावंत पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने राजनीतिक संबंधों और धनबल का दुरुपयोग करते हुए झूठा अपहरण का मामला दर्ज कराया। अंधारे ने कहा, “यदि पूर्व मंत्री के बेटे की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया जाता है, तो आम परिवारों की सुरक्षा किस कदर सुनिश्चित की जा सकती है?” इस बयान से मामला एक नई राजनीतिक बहस में बदल गया है, जिसमें सत्ता और निजी हितों के बीच की खाई पर सवाल उठ रहे हैं।

भविष्य की जांच और आगे की कार्यवाही

पूर्व मंत्री तानाजी सावंत ने बताया कि उनका बेटा अब 30 वर्ष का हो चुका है और उनके बीच किसी भी प्रकार का गंभीर विवाद नहीं था। उन्होंने कहा, “जब मेरा बेटा लापता हुआ, तो मैंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। अब जब वह सुरक्षित रूप से पुणे वापस आ गया है, तो मैं उससे व्यक्तिगत रूप से बातचीत करूँगा।” पुलिस जांच जारी है और मामले की गहराई से छानबीन करने का आश्वासन दिया गया है।