Monday 29th of June 2026 08:06:05 PM
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IND vs AUS 1st Semifinal: विराट कोहली की शानदार पारी से भारत चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा

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IND vs AUS: विराट कोहली की बवाली पारी, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में मारी एंट्री!

दुबई: जब-जब टीम इंडिया मुश्किल में फंसी, तब-तब विराट कोहली संकटमोचक बनकर उभरे, और इस बार भी कुछ अलग नहीं था! 84 रनों की क्लासिक पारी खेलकर किंग कोहली ने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दी, और भारत को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में पहुंचा दिया। अब 9 मार्च को होने वाले फाइनल में भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड या दक्षिण अफ्रीका से होगा।

265 रनों का टारगेट और भारत का ‘मिडल ऑर्डर शो’!

शुभमन गिल (12) और रोहित शर्मा (18) के आउट होते ही भारत का स्कोर 50 के अंदर था। लेकिन तभी विराट कोहली ने मोर्चा संभाल लिया। श्रेयस अय्यर (41) के साथ 91 रनों की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया।

फिर आया वो लम्हा, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिला दिया – हार्दिक पांड्या मैदान में आए और 47वें ओवर में एडम जैम्पा को लगातार दो गगनचुंबी छक्के जड़ दिए! स्टेडियम में शोर गूंज उठा, कंगारू खेमे में सन्नाटा छा गया।

केएल राहुल (नाबाद 42) ने छक्का लगाकर भारत की शानदार जीत पर मोहर लगा दी!


ऑस्ट्रेलिया की पारी – स्मिथ और कैरी ने किया संघर्ष, लेकिन भारतीय गेंदबाजों का चला जादू!

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए 264 रन बनाए, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

🔥 मोहम्मद शमी ने पहले ओवर में ही कूपर कॉनॉली (0) को चलता कर दिया।
🔥 ट्रैविस हेड (39) ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन वरुण चक्रवर्ती ने उनकी गिल्लियां बिखेर दीं।
🔥 स्टीव स्मिथ (73) और एलेक्स कैरी (61) की शानदार पारियों ने ऑस्ट्रेलिया को टिकाया।
🔥 श्रेयस अय्यर के डायरेक्ट थ्रो ने कैरी की गिल्लियां उड़ा दीं, जिसने ऑस्ट्रेलिया को झटका दे दिया।


टीम इंडिया के लिए ऐतिहासिक लम्हा!

🏆 भारत ने पांचवीं बार चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में जगह बनाई (2000, 2002, 2013, 2017, 2025)।
🏆 लगातार तीसरी बार फाइनल में एंट्री (2013, 2017, 2025) – विराट सेना का जलवा बरकरार!
🏆 2013 में इंग्लैंड को हराया, 2017 में पाकिस्तान से हारे – अब क्या 2025 में होगी ऐतिहासिक जीत?


गंभीर का ‘सीरियस’ स्टेटमेंट!

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा, “हम परफेक्ट गेम नहीं खेले, लेकिन जज्बा था, जुनून था – और इसी के दम पर हम फाइनल में पहुंचे हैं।”

अब पूरे भारत की नजरें 9 मार्च के फाइनल पर हैं – क्या इस बार टीम इंडिया इतिहास रच पाएगी?

अमेरिकी दूतावासों ने चीन और भारत में लोकप्रिय प्रदूषण डेटा सेवा बंद की

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नई दिल्ली: अमेरिकी सरकार ने मंगलवार को अपने दूतावासों द्वारा प्रदूषण ट्रैकिंग सेवा को समाप्त करने की घोषणा की। यह निर्णय विशेष रूप से बीजिंग और नई दिल्ली जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता डेटा के प्रमुख स्रोत को प्रभावित करेगा। ट्रंप प्रशासन ने इसे बजट कटौती का हिस्सा बताया है।

“वर्तमान बजट सीमाओं के कारण हमें कठिन निर्णय लेने पड़ रहे हैं, और दुर्भाग्य से हम इस डेटा को प्रकाशित करना जारी नहीं रख सकते,” अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा।

प्रदूषण निगरानी पर रोक, ऐतिहासिक डेटा रहेगा उपलब्ध

अमेरिकी दूतावास 2008 से वायु गुणवत्ता की निगरानी कर रहे थे, जिसका उद्देश्य न केवल अमेरिकी नागरिकों को सटीक जानकारी देना था, बल्कि उन देशों में पारदर्शिता लाना भी था जहां पर्यावरणीय डेटा को सेंसर किया जा सकता था।

विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐतिहासिक डेटा अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा, लेकिन लाइव डेटा सेवा मंगलवार से बंद कर दी गई है।

चीन में पारदर्शिता से मिली थी बड़ी सफलता

2014 में, चीन सरकार ने अमेरिकी दूतावास के डेटा को साझा करने वाले एक लोकप्रिय ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था, जब राष्ट्रपति बराक ओबामा एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले थे।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी दूतावासों के खुले डेटा ने चीन को मजबूर किया कि वह अपने प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्त करे। अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी आंकड़ों से चीन के आधिकारिक प्रदूषण स्तर की तुलना में अधिक गंभीर तस्वीर सामने आई थी, जिससे वहां के प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े।

नई दिल्ली में भी प्रमुख संदर्भ स्रोत था अमेरिकी डेटा

भारत की राजधानी नई दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, और यहां के लोग अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी वायु गुणवत्ता डेटा को अक्सर आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में अधिक विश्वसनीय मानते थे।

ट्रंप प्रशासन की पर्यावरण नीति में कटौती

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पर्यावरण पर खर्च में कटौती की है।

एलन मस्क की सलाह के तहत, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी विदेश सहायता एजेंसी (USAID) को भी प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिसने दशकों तक वैश्विक प्रभाव बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों की संख्या में कटौती की गई है और पिछले राष्ट्रपति जो बाइडेन के कई जलवायु नीतियों को वापस ले लिया गया है।

प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण हर साल लगभग 70 लाख लोगों की समय से पहले मृत्यु होती है।

अमेरिकी दूतावासों द्वारा वायु गुणवत्ता निगरानी सेवा की समाप्ति से भारत और चीन जैसे देशों में पर्यावरणीय डेटा की पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है, जहां प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बना हुआ है।

 

 

ट्रंप ने पाकिस्तान को एबी गेट बम विस्फोट के आरोपी मुहम्मद शरीफुल्लाह की गिरफ्तारी के लिए धन्यवाद दिया, आरोपी आज अमेरिका प्रत्यर्पित

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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की कि पाकिस्तान ने 2021 के काबुल हवाईअड्डे पर हुए एबी गेट आत्मघाती बम विस्फोट के मुख्य आरोपी मुहम्मद शरीफुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रंप ने पाकिस्तान को इस “खूनी आतंकवादी” को पकड़ने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि आरोपी को आज अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा रहा है।

अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान कांग्रेस को दिए गए पहले संबोधन में, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार 13 अमेरिकी सैनिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार इस आतंकी को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पाकिस्तान की मदद से बड़ी गिरफ़्तारी

व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि एफबीआई, न्याय विभाग और सीआईए के संयुक्त प्रयासों से शरीफुल्लाह की पहचान की गई और पाकिस्तान ने उसे गिरफ्तार किया।

26 अगस्त 2021 को काबुल हवाई अड्डे के बाहर आत्मघाती बम धमाके में 170 से अधिक अफगानी नागरिकों और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी। इस हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट (ISIS-K) का हाथ माना गया था।

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, “पाकिस्तान ने उस शीर्ष आतंकवादी को गिरफ्तार करने में हमारी सहायता की, जिसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। अब वह अमेरिकी न्याय का सामना करेगा।”

उन्होंने साथ ही पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की अफगानिस्तान से “अव्यवस्थित और अक्षम” वापसी की निंदा करते हुए कहा कि “यह पूरी तरह से आपदा थी, जिसे बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।”

अमेरिका में प्रत्यर्पण प्रक्रिया जारी

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुहम्मद शरीफुल्लाह को बुधवार तक अमेरिका लाया जाएगा, जहां वह न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेगा। एफबीआई और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसे अमेरिका लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं।

अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में नया मोड़?

पाकिस्तान की इस कार्रवाई को अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच आतंकवाद विरोधी अभियानों को लेकर तनाव बना हुआ था, लेकिन इस गिरफ्तारी से दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।

आरबीआई ने अजीत रत्नाकर जोशी को नया कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया!

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नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अजीत रत्नाकर जोशी को अपना नया कार्यकारी निदेशक (ED) नियुक्त किया है। जोशी की यह नियुक्ति 3 मार्च 2025 से प्रभावी हो गई है, जिसकी घोषणा बुधवार को आरबीआई ने की।

जोशी इससे पहले आरबीआई के सांख्यिकी और सूचना प्रबंधन विभाग में प्रधान सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। उन्हें वित्तीय स्थिरता और आर्थिक सांख्यिकी के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उनकी गहरी समझ और कुशल नेतृत्व से आरबीआई के महत्वपूर्ण विभागों को और मजबूती मिलेगी।

आरबीआई के अनुसार, कार्यकारी निदेशक के रूप में जोशी अब वित्तीय स्थिरता विभाग और सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन विभाग का नेतृत्व करेंगे। उनके अनुभव से न केवल बैंकिंग प्रणाली को मजबूती मिलेगी, बल्कि वित्तीय नीतियों को भी और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

अजीत रत्नाकर जोशी का शानदार प्रोफाइल

जोशी ने नागपुर विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में मास्टर्स किया है और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास से मौद्रिक अर्थशास्त्र में पीएचडी प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ, दिल्ली से विकास नीति और योजना में डिप्लोमा किया है।

उनका अनुभव केवल बैंकिंग तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने हैदराबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट एंड रिसर्च इन बैंकिंग टेक्नोलॉजी में फैकल्टी सदस्य के रूप में भी कार्य किया है और मैक्रोइकोनॉमिक स्टैटिस्टिक्स और पॉलिसी से जुड़े कई वर्किंग ग्रुप्स का हिस्सा रहे हैं।

उनकी नई भूमिका भारतीय बैंकिंग प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी, क्योंकि वह सांख्यिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर जोखिम प्रबंधन में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान: रोजगार सृजन के लिए लोगों और नवाचार में निवेश करें

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे कौशल विकास, प्रतिभा को निखारने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होकर निवेश करें, क्योंकि ये रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए आवश्यक हैं।

बजट के बाद रोजगार पर आयोजित वेबिनार में भाग लेते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने 2014 से अब तक 3 करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया है और 1,000 आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) को उन्नत करने तथा पांच उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण और प्रतिभा को विकसित करना राष्ट्रीय विकास की नींव है और अगले चरण की वृद्धि के लिए इन क्षेत्रों में अधिक निवेश आवश्यक है। “लोगों में निवेश का दृष्टिकोण तीन स्तंभों पर आधारित है – शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास,” उन्होंने कहा, यह भी जोड़ा कि आज भारत की शिक्षा प्रणाली एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और जल्द ही इसका सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। “IMF की रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2025 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था 66% बढ़ी है। वर्तमान में भारत 3.8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और जल्द ही 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने वाला है,” उन्होंने कहा।

सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme) पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल के माध्यम से युवाओं को नए अवसर और व्यावहारिक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं। “हमें सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्तरों पर व्यवसाय इस योजना में सक्रिय रूप से भाग लें। इस वर्ष के बजट में 10,000 अतिरिक्त मेडिकल सीटों की घोषणा की गई है, जिसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 75,000 मेडिकल सीटों को जोड़ना है,” उन्होंने कहा।

प्रधानमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिए जाने पर भी चर्चा की और इसे युवाओं के लिए रोजगार सृजन का एक प्रमुख स्रोत बताया। उन्होंने उद्योग जगत से स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया और यह भी कहा कि मेडिकल टूरिज्म (चिकित्सा पर्यटन) में रोजगार बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने शहरी नियोजन पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा, “एक बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध शहरीकरण आवश्यक है। इसके लिए, हमने शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत ₹1 लाख करोड़ आवंटित करने का निर्णय लिया है। निजी क्षेत्र, विशेष रूप से रियल एस्टेट उद्योग, को योजनाबद्ध शहरीकरण पर ध्यान देना चाहिए।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था में लाखों करोड़ रुपये का योगदान कर सकता है। “इस दिशा में, हमने बजट में एआई-संचालित शिक्षा और अनुसंधान के लिए ₹500 करोड़ आवंटित किए हैं। इसके अलावा, भारत राष्ट्रीय बड़े भाषा मॉडल (National Large Language Model) विकसित कर एआई क्षमता को मजबूत करेगा,” उन्होंने कहा।

पाकिस्तान के सैन्य अड्डे पर आत्मघाती हमला: 12 की मौत, 30 घायल, छह आतंकवादी ढेर

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पेशावर: उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के बन्नू सैन्य छावनी में मंगलवार को हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जिसमें चार बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 30 लोग घायल हुए हैं। सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कम से कम छह आतंकवादियों को मार गिराया।

हमलावरों ने विस्फोटकों से भरे दो वाहनों को बन्नू छावनी की सीमा दीवार से टकरा दिया। यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित इस छावनी पर सूर्यास्त के समय किया गया।

इस हमले की जिम्मेदारी हाफिज गुल बहादुर से जुड़े एक कम ज्ञात संगठन जैश अल फुरसान ने ली है, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कई गुटों में से एक है।

बन्नू जिला मुख्यालय अस्पताल (DHQ) के प्रवक्ता डॉ. नूमन ने पुष्टि की कि विस्फोट में 12 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें चार बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल सूत्रों के अनुसार, धमाकों से आसपास की कई इमारतों को नुकसान पहुंचा, और छावनी की सीमा से सटे एक मस्जिद का मलबा भी धमाके की चपेट में आ गया।

सुरक्षा एजेंसियों ने हमले के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। छावनी की दीवार टूटने के बाद आतंकवादियों ने अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों ने छह हमलावरों को मार गिराया और बाकी को घेर लिया।

सेना ने सभी प्रमुख मार्गों को सील कर दिया है और विस्फोट स्थल तक किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जब तक सभी आतंकवादी समाप्त नहीं हो जाते, तब तक खोज और सफाई अभियान जारी रहेगा।

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए घटना की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा, “रमजान के पवित्र महीने में इस तरह की घटनाएं अत्यंत निंदनीय और दुखद हैं।”

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2025 में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में 42% की वृद्धि देखी गई थी। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने देशभर में 74 आतंकवादी हमले हुए, जिनमें 91 लोग मारे गए और 117 घायल हुए थे।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 27 हमले हुए, जिससे 19 लोगों की मौत हुई। वहीं, बलूचिस्तान आतंकवाद से प्रभावित दूसरा सबसे बड़ा प्रांत बना।

भारत हमसे 100% से अधिक शुल्क लेता है’: ट्रंप ने भारत, चीन पर लगाए पारस्परिक टैरिफ, 2 अप्रैल से होगा लागू

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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए भारत और चीन सहित कई देशों द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ को “बेहद अनुचित” बताया और घोषणा की कि अगले महीने से पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) लागू किए जाएंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “अन्य देश दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का उपयोग कर रहे हैं, अब हमारी बारी है कि हम उनके खिलाफ उसी तरह से टैरिफ लगाएं। यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और कनाडा जैसे देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ हमसे काफी ज्यादा हैं। यह बेहद अनुचित है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत हमसे ऑटोमोबाइल टैरिफ में 100% से अधिक शुल्क वसूलता है। चीन हमारे उत्पादों पर दोगुना औसत टैरिफ लगाता है, जबकि दक्षिण कोरिया का टैरिफ चार गुना अधिक है। लेकिन हम उन्हें सैन्य और अन्य सहायता प्रदान करते हैं। यह प्रणाली अमेरिका के लिए अनुचित रही है और अब हम इसे बदलेंगे।”

ट्रंप ने कहा कि 2 अप्रैल से पारस्परिक टैरिफ लागू होंगे और अमेरिका उन्हीं दरों पर टैरिफ लगाएगा जो अन्य देश अमेरिकी उत्पादों पर लगाते हैं। यदि अन्य देश गैर-आर्थिक बाधाओं के माध्यम से अमेरिकी उत्पादों को अपने बाजारों में प्रवेश से रोकते हैं, तो अमेरिका भी उनके उत्पादों को अपने बाजार से बाहर करेगा।

उन्होंने आगे कहा, “हमने दशकों तक लगभग हर देश से व्यापार में नुकसान उठाया है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह अमेरिका के लिए एक नई शुरुआत है।”

गुजरात में पीएम मोदी ने किया अनंत अंबानी के ‘वंतारा’ का उद्घाटन, वन्यजीवों के साथ बिताए खास पल

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जामनगर, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के जामनगर में वंतारा (Vantara), एक बड़े पैमाने पर स्थापित वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा स्थापित किया गया है और अनंत अंबानी की देखरेख में विकसित किया गया है।

क्या है वंतारा?

वंतारा 3,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें 2,000 से अधिक प्रजातियों और 1.5 लाख से अधिक बचाए गए, संकटग्रस्त और लुप्तप्राय वन्यजीवों को पुनर्वासित किया गया है। इस केंद्र का उद्देश्य वन्यजीव कल्याण को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना है।

पीएम मोदी ने किया वंतारा का दौरा

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, मोदी ने केंद्र के विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया और वहां पुनर्वासित किए गए कई जानवरों के साथ घनिष्ठ बातचीत की। उन्होंने विभिन्न प्रजातियों को खिलाया और उनके पुनर्वास कार्यों को समझा।

पीएम मोदी ने अनंत अंबानी की सराहना की

प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अनंत अंबानी की सराहना करते हुए लिखा, “वंतारा, एक अनूठी वन्यजीव संरक्षण, बचाव और पुनर्वास पहल का उद्घाटन किया। यह जानवरों के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करता है और पारिस्थितिक स्थिरता और वन्यजीव कल्याण को बढ़ावा देता है। मैं अनंत अंबानी और उनकी पूरी टीम को इस करुणामय प्रयास के लिए बधाई देता हूं।”

वंतारा में मौजूद उन्नत सुविधाएँ

पीएम मोदी ने वंतारा के वन्यजीव अस्पताल का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अत्याधुनिक MRI, CT स्कैन, ICU, और विभिन्न चिकित्सा विभागों का निरीक्षण किया। इस अस्पताल में वाइल्डलाइफ एनेस्थीसिया, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एंडोस्कोपी, डेंटिस्ट्री और इंटरनल मेडिसिन जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं।

पीएम मोदी ने वन्यजीवों के साथ बिताए विशेष पल

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र में असम के एक गैंडे के अनाथ बछड़े, सफेद शेर के शावक, क्लाउडेड लेपर्ड, कराकल, सुनहरा बाघ और चार स्नो टाइगर्स के साथ बातचीत की।

  • सफेद शेर के शावक को पीएम मोदी ने खुद खिलाया, जो यहाँ एक बचाए गए शेरनी के गर्भ से जन्मा था।
  • कराकल, जो भारत में कभी प्रचुर मात्रा में पाए जाते थे, अब दुर्लभ हो चुके हैं। वंतारा में इनका संरक्षण और पुनर्वास कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

वन्यजीव बचाव और पुनर्वास कार्यक्रम

पीएम मोदी ने MRI रूम में एक एशियाई शेर का MRI स्कैन होते हुए देखा। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर का भी दौरा किया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से घायल तेंदुए का जीवनरक्षक ऑपरेशन किया जा रहा था।

वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की नकल

वंतारा में पशुओं को ऐसे स्थानों पर रखा जाता है, जो उनके प्राकृतिक आवास से मेल खाते हैं। यहाँ एशियाई शेर, स्नो लेपर्ड, एक-सींग वाले गैंडे जैसे महत्वपूर्ण प्रजातियों के लिए विशेष संरक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी का विशेष वन्यजीव अनुभव

पीएम मोदी ने गोल्डन टाइगर, सफेद शेर, स्नो टाइगर, और स्नो लेपर्ड के साथ आमने-सामने समय बिताया। उन्होंने कई जानवरों को अपने हाथों से खिलाया और उनके संरक्षण के प्रयासों को करीब से देखा।

  • ओकापी को सहलाया
  • चिंपांज़ी और ओरंगुटान्स के साथ खेला, जो पहले पालतू जानवरों की तरह रखे गए थे
  • दरियाई घोड़े (Hippo) को पानी के अंदर देखा
  • जेब्रा, जिराफ़ और गैंडे के बछड़े को खिलाया
  • बंगो (Antelope), सील, विशाल ऊदबिलाव (Giant Otter), तेंदुए के शावक और दुर्लभ दो-सिर वाले सांप को भी देखा

हाथियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएँ

पीएम मोदी ने विश्व के सबसे बड़े हाथी अस्पताल का दौरा किया, जहाँ हाइड्रोथेरेपी पूल मौजूद हैं, जो गठिया और पैर की समस्याओं से ग्रस्त हाथियों की चिकित्सा में मदद करते हैं।

पक्षियों को आज़ाद किया

पीएम मोदी ने बचाए गए तोतों को उड़ने के लिए आज़ाद किया और डॉक्टरों, सहायक स्टाफ और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने इस केंद्र के प्रयासों की सराहना की और कहा कि भारत को वन्यजीव संरक्षण में एक वैश्विक उदाहरण बनना चाहिए।

2025 Ducati Panigale V4 कल भारत में लॉन्च होगी: जानिए पूरी जानकारी

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नई दिल्ली: Ducati भारत में अपनी शानदार 2025 Ducati Panigale V4 को कल लॉन्च करने जा रही है। यह स्पोर्ट्स बाइक पहले ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध हो चुकी है। इस अपडेटेड वर्जन में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनमें नया डैशबोर्ड, बेहतर चेसिस, नई एर्गोनॉमिक्स, और अपडेटेड स्विंगआर्म शामिल हैं।

2025 Ducati Panigale V4 के संभावित फीचर्स

  • बेहतर एयरोडायनामिक्स: नई Ducati Panigale V4 का फेयरिंग डिजाइन 4% अधिक एयरोडायनामिक होगा, जिससे बाइक की परफॉर्मेंस में सुधार होगा।
  • कूलिंग सिस्टम अपग्रेड: रेडिएटर के सामने की डिज़ाइन को बेहतर बनाया गया है, जिससे ऑयल कूलर अधिक प्रभावी तरीके से काम करेगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम: नई बाइक में Ducati Traction Control DVO, Ducati Slide Control, Ducati Wheelie Control DVO, Ducati Power Launch DVO, Engine Brake Control, और Ducati QuickShift 2.0 जैसे हाई-टेक फीचर्स होंगे।
  • IMU Inertial Platform: यह सिस्टम बाइक पर लगने वाले ग्राउंड फोर्स और लोड को एनालाइज़ करता है, जिससे बेहतर राइडिंग अनुभव मिलेगा।

2025 Ducati Panigale V4 का अपडेटेड डैशबोर्ड

नई Panigale V4 में 6.9-इंच डिस्प्ले होगा, जिसका 8:3 एस्पेक्ट रेशियो बाइक चलाते समय बेहतर रीडेबिलिटी देगा। डैशबोर्ड की सुरक्षा के लिए ऑप्टिकल बॉन्डिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे तेज धूप में भी डिस्प्ले क्लियर दिखेगा।

इसके अलावा, नया ट्रैक डिस्प्ले G-मीटर रीडिंग, पावर और टॉर्क आउटपुट, और लीन एंगल की जानकारी देगा, जिससे राइडर को बेहतर कंट्रोल मिलेगा।

2025 Ducati Panigale V4 के संभावित स्पेसिफिकेशंस

  • इंजन: 1,103cc Desmosedici Stradale V4 (Euro5+ कम्प्लायंट)
  • पावर आउटपुट: 214 bhp @ 13,500 rpm
  • टॉर्क: 120 Nm @ 11,250 rpm
  • गियरबॉक्स: 6-स्पीड स्टैंडर्ड गियरबॉक्स Ducati QuickShift 2.0 के साथ

2025 Ducati Panigale V4 की रिवाइज़्ड एर्गोनॉमिक्स

नई Panigale V4 के फ्यूल टैंक को रिडिजाइन किया गया है, जिससे राइडर को अधिक स्पेस मिलेगा। इसके अलावा, फुटरेस्ट को 10mm अंदर की तरफ किया गया है, जिससे ग्राउंड क्लीयरेंस बढ़ेगा और राइडर के पैरों को अधिक सेंटर में रखने की सुविधा मिलेगी।

इंजमाम उल हक और सकलैन मुश्ताक का भारत से गहरा नाता, बताया- कहां रहते थे उनके पूर्वज

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नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी इंजमाम उल हक और सकलैन मुश्ताक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों क्रिकेटर्स अपने पारिवारिक इतिहास के बारे में बता रहे हैं और यह खुलासा कर रहे हैं कि उनके पूर्वज भारत में ही रहते थे।

सकलैन मुश्ताक: अमृतसर से हिंदू परिवार का था नाता

वीडियो में सकलैन मुश्ताक अपने पूर्वजों के बारे में बात करते हुए बताते हैं कि उनका परिवार भारत के अमृतसर का रहने वाला था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके दादा का नाम रूड सिंह था और वे पहले हिंदू थे, लेकिन बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया। सकलैन ने बताया कि मशहूर भारतीय कॉमेडियन कपिल शर्मा भी उन्हीं के गांव के हैं।

उन्होंने कहा, “कपिल शर्मा मेरे ही गांव के हैं। मेरी उनसे दुबई में मुलाकात हुई थी। मैंने उनसे पूछा कि आप अमृतसर के किस इलाके के हैं, और बातचीत में पता चला कि हम दोनों का गांव एक ही है।”

इंजमाम उल हक: हिसार के रहने वाले थे उनके पूर्वज

इंजमाम उल हक ने भी इस वीडियो में अपने भारत से गहरे संबंधों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार हरियाणा के हिसार जिले के हांसी कस्बे से ताल्लुक रखता था।

इंजमाम ने कहा, “2004-05 में जब मैं भारत गया था, तो मेरे वालिद (पिता) ने बताया कि वे हांसी, हिसार से हैं। बाद में मेरे माता-पिता और भाई भारत गए थे। सिक्योरिटी और शेड्यूल के कारण मैं नहीं जा सका, लेकिन जब मेरे परिवार के लोग वहां पहुंचे, तो उन्हें बहुत अच्छा स्वागत मिला। जहां हम रहते थे, वह बड़ी हवेली अब भी वहां मौजूद है, हालांकि अब वह थोड़ी छोटी हो गई है।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

यह वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट फैंस के बीच काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इस वीडियो को देखकर हैरान हैं कि ये दिग्गज क्रिकेटर कभी भारत में ही रहते थे। इस वीडियो पर फैंस की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और कई लोग यह जानकर हैरान हैं कि पाकिस्तान के बड़े क्रिकेटरों का गहरा भारतीय कनेक्शन है।

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से आगे का रिश्ता

क्रिकेट हमेशा से ही भारत और पाकिस्तान के बीच एक भावनात्मक और ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। ऐसे में जब क्रिकेटर्स अपने पारिवारिक संबंधों के बारे में बात करते हैं, तो यह साबित करता है कि दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते आज भी जीवंत हैं।

राम मंदिर को RDX से उड़ाने की धमकी देने वाले मकसूद अंसारी ने उगले आतंकी मंसूबों के राज, UP पुलिस की कड़ी पूछताछ जारी

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अयोध्या: उत्तर प्रदेश पुलिस ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी देने के आरोप में मकसूद अंसारी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान मकसूद ने कई आतंकी मंसूबों का खुलासा किया, जिससे पुलिस और जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

गिरफ्तारी और जांच का सिलसिला

मकसूद अंसारी, जो बिहार के भागलपुर जिले के बरारी इलाके का निवासी है, को यूपी पुलिस ने 13 सितंबर 2024 को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, 22 अगस्त 2024 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हेल्प डेस्क के वॉट्सएप नंबर पर धमकी भरा मैसेज भेजा गया था, जिसके बाद राम जन्मभूमि थाने में केस दर्ज किया गया था।

UP पुलिस ने भागलपुर पहुंचकर मकसूद के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कटिहार और बांका जिले के कुछ इलाकों में भी दबिश दी गई। पुलिस को मकसूद के पास से चार मोबाइल फोन मिले, जिनमें कई संदिग्ध संपर्क नंबर पाए गए, जिनका संबंध आतंकी संगठनों और अलगाववादी ताकतों से होने की आशंका जताई जा रही है।

टेरर फंडिंग और आतंकी साजिशों का खुलासा

मकसूद की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह सीमा पार से मिलने वाली टेरर फंडिंग और फर्जी भारतीय मुद्रा के वितरण से जुड़ा हुआ था। पुलिस को इस बात के भी प्रमाण मिले हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई नेपाल के जरिए नकली नोट भारत में भेज रही थी, जिन्हें उत्तर प्रदेश, कश्मीर और अन्य राज्यों में फैलाया जा रहा था।

इसके अलावा, मकसूद की कॉन्टेक्ट लिस्ट में कुछ ऐसे नंबर और चैट मिले हैं, जो बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार-अल-इस्लाम से जुड़े लोगों के हैं। यह संगठन भारत में जिहादी गतिविधियों को फैलाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

यूपी पुलिस और एजेंसियों की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष दस्ते ने मकसूद की निशानदेही पर कई जगहों पर छापेमारी की और अब तक कई अहम सुराग जुटाए हैं। पुलिस इस पूरे मामले में उसके संभावित सहयोगियों और साजिशकर्ताओं की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।

मंगलवार को चार दिनों की रिमांड समाप्त होने के बाद पुलिस मकसूद को कोर्ट में पेश करेगी। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA), यूपी एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में गहराई से जांच कर रही हैं।

राम मंदिर पर खतरे की साजिशें जारी

गौरतलब है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ही राम मंदिर को लेकर आतंकी संगठनों की ओर से धमकियां दी जाती रही हैं। 2023 में PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के गिरफ्तार किए गए सदस्यों से भी इस तरह की साजिशों के सुराग मिले थे।

यूपी पुलिस के अनुसार, मकसूद जैसे कट्टरपंथी तत्वों के जरिए बिहार, बंगाल और झारखंड में अलगाववादी ताकतों का नया नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई हैं।

निष्कर्ष

राम मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाले मकसूद अंसारी की गिरफ्तारी और उसके खुलासे से एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। यूपी पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले में तेजी से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित आतंकी घटना को रोका जा सके।

भारत की धमाकेदार जीत! न्यूज़ीलैंड को 44 रनों से हराकर दिखाया दम

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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूज़ीलैंड को 44 रनों से मात देकर अपनी ताकत साबित कर दी। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार पारियां खेलीं, वहीं गेंदबाजों ने भी घातक प्रदर्शन कर विपक्षी टीम को घुटनों पर ला दिया।

मैच की शुरुआत से ही टीम इंडिया का दबदबा नजर आया। भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरे और न्यूज़ीलैंड के सामने एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया। इसके बाद गेंदबाजों ने बेहतरीन लय में गेंदबाजी करते हुए न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।

इस शानदार जीत के साथ भारत ने अपनी विजयी लय बरकरार रखी है और आगे के मुकाबलों के लिए अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है। अब फैंस को अगले मैच का बेसब्री से इंतजार है, जहां टीम इंडिया एक बार फिर जीत की लय को बरकरार रखने उतरेगी।

कर्नाटक की 85 वर्षीय करिबसम्मा की लड़ाई: सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार के लिए संघर्ष जारी

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कर्नाटक की 85 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका एच. बी. करिबसम्मा, जिन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा इच्छामृत्यु (Euthanasia) को कानूनी दर्जा दिलाने के संघर्ष में बिता दिया, अब राज्य में “सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार” की पहली लाभार्थी बनने के करीब हैं।

दशकों पुराना संघर्ष और कानूनी लड़ाई

करिबसम्मा पिछले 24 वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रही हैं। slipped disc, डायबिटीज़ और कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित होने के बावजूद, उन्होंने इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया।

2018 में, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने का आदेश दिया। इससे पहले, कर्नाटक हाई कोर्ट ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वह सर्जरी करवा सकती हैं, लेकिन करिबसम्मा ने सर्जरी कराने से इनकार कर दिया और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

कर्नाटक में लागू हुआ ‘सम्मानजनक मृत्यु’ का अधिकार

केरल के बाद, कर्नाटक हाल ही में “सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार” को लागू करने वाला दूसरा राज्य बना। हालांकि, करिबसम्मा अब भी अंतिम प्रक्रियात्मक रूपरेखा के इंतजार में हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार:

  • निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) अब कानूनी है, जिसका अर्थ है कि टर्मिनल स्टेज के मरीजों को जीवन रक्षक प्रणाली से हटाने की अनुमति दी जा सकती है।
  • सक्रिय इच्छामृत्यु (Active Euthanasia), यानी डॉक्टर द्वारा किसी टर्मिनल मरीज को दया मृत्यु देना, अभी भी भारत में गैर-कानूनी है।

सरकार को लिखे पत्र और अकेले संघर्ष की कहानी

करिबसम्मा ने इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए नीदरलैंड तक से जानकारी जुटाई। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य सरकारी अधिकारियों को पत्र लिखे, लेकिन उनके प्रयासों का कोई त्वरित परिणाम नहीं निकला।

उन्होंने अपने संघर्ष के लिए अपनी पेंशन और घर तक बेच दिया, लेकिन किसी से कोई आर्थिक सहायता नहीं ली। इस लड़ाई के कारण उनका परिवार भी उनसे अलग हो गया।

साहित्यिक और सिनेमा में करिबसम्मा की कहानी

करिबसम्मा ने अपनी आपबीती पर ‘लास्ट बेल’ नामक पुस्तक लिखी और उन पर ‘मुक्ति’ नामक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई। उनकी कहानी पर आधारित फिल्म ‘निर्गमना’ भी बनाई जानी थी, लेकिन कोविड-19 के कारण इसे रोक दिया गया।

क्या मिलेगा करिबसम्मा को न्याय?

अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी करिबसम्मा अभी भी “सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार” के तहत कानूनी रूप से इच्छामृत्यु प्राप्त करने के लिए इंतजार कर रही हैं। उनकी दशकों की लड़ाई ने भारत में इच्छामृत्यु की दिशा में एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दिया, लेकिन क्या उन्हें इसका लाभ मिल पाएगा? यह अब भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

संयम और शालीनता के साथ चलेगा ‘BeerBiceps’ पॉडकास्ट: सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी!

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया को उनके चर्चित ‘BeerBiceps’ पॉडकास्ट को फिर से शुरू करने की इजाज़त दे दी है, लेकिन एक सख्त शर्त के साथ – कंटेंट में ‘शालीनता’ और ‘नैतिकता’ बनाए रखनी होगी! यह फैसला सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की बढ़ती अनियमितता को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी व्यावसायिक उद्देश्य से कुछ भी प्रसारित कर सकता है। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह ऑनलाइन कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाए और इस पर जनता व विशेषज्ञों से राय मांगे।

रणवीर अल्लाहबादिया, जो ‘BeerBiceps’ नाम से मशहूर हैं, उनके खिलाफ अश्लील और विवादित टिप्पणियों को लेकर महाराष्ट्र, राजस्थान और असम में कई एफआईआर दर्ज की गई थीं। कोर्ट ने इससे पहले उनके पॉडकास्ट को बैन कर दिया था, लेकिन जब उनके वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने दलील दी कि “यह सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि 200 से अधिक लोगों की रोज़ी-रोटी का सवाल है,” तब जाकर उन्हें शर्तों के साथ राहत दी गई।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी ऑनलाइन कंटेंट को लेकर चिंता जताई और कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी है, लेकिन फूहड़ता और अश्लीलता को समाज पर थोपा नहीं जा सकता।” इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक ऐसा ढांचा तैयार करना चाहिए जो “स्वतंत्रता और सामाजिक मर्यादा” के बीच संतुलन बनाए रखे।

हालांकि, कोर्ट ने रणवीर को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उनके पॉडकास्ट में शालीनता और नैतिकता का उल्लंघन हुआ, तो दोबारा प्रतिबंध लगाया जा सकता है! सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत में सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट पर नियंत्रण को लेकर बड़ी बहस को जन्म दे सकता है

कैसे असम की काली हल्दी ने राजस्थान के किसानों की रुचि को बढ़ाया

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कैसे असम की काली हल्दी ने राजस्थान के किसानों की रुचि को बढ़ाया

क्या आप जानते हैं कि हल्दी, जिसे आमतौर पर पीली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है, उसकी एक काली-नीली प्रजाति भी होती है? यह लोकप्रिय मसाला न केवल भारतीय रसोई में अपनी अहमियत बनाए रखता है बल्कि समय के साथ इसका महत्व और भी बढ़ा है। ‘हल्दी’ को एक ऐसी जड़ी-बूटी माना जाता है जो याददाश्त बढ़ाने, मूड सुधारने और त्वचा को निखारने में मदद करती है।

क्या है काली हल्दी?

काली हल्दी, जिसे वैज्ञानिक रूप से Curcuma Caesia कहा जाता है, एक दुर्लभ औषधीय पौधा है जो मुख्य रूप से असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह साधारण हल्दी की तुलना में और भी अधिक लाभकारी होती है। जब इसे काटा जाता है, तो इसका रंग नीला और बैंगनी दिखाई देता है। यह न केवल प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी उपयोगी साबित हो रही है।

राजस्थान में काली हल्दी की बढ़ती खेती

पिछले सात वर्षों में, राजस्थान में किसान बड़े पैमाने पर काली हल्दी की खेती कर रहे हैं। विशेष रूप से पिछले दो वर्षों में इसकी खेती में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। देश में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इस मसाले की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे इसका बाजार भी विकसित हो रहा है।

असम के कामाख्या मंदिर से जुड़ा इतिहास

परंपरागत रूप से, काली हल्दी पश्चिम बंगाल और असम में उगाई जाती रही है। राजस्थान में यह मुख्य रूप से जयपुर, दौसा और सीकर में उगाई जा रही है। कृषि विशेषज्ञ अतुल गुप्ता बताते हैं, “काली हल्दी एक औषधीय पौधा है। इसे पहली बार असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या माता मंदिर के आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया गया था। आज भी यह पश्चिम बंगाल और असम में धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों में उपयोग की जाती है।”

उन्होंने आगे बताया कि काली हल्दी की खेती को भारत के तटीय इलाकों में बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, और पिछले दो वर्षों में इस दिशा में अच्छी सफलता मिली है। “हमने यह साबित कर दिया है कि 45-50 डिग्री तापमान और 6 से 8 हाइड्रोजन पोटेंशियल वाली मिट्टी में भी काली हल्दी की अच्छी खेती संभव है। जयपुर और सीकर जैसे इलाकों में भी इसकी खेती सफल रही है,” उन्होंने कहा।

भारत में बढ़ता बाजार

गुप्ता के अनुसार, काली हल्दी का उपयोग न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी से बढ़ रहा है। “काली हल्दी का उपयोग कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियों के इलाज में किया जाता है। यही कारण है कि अब चीन जैसे देश भी इसे आयात कर रहे हैं। भारत में भी कई फार्मा कंपनियां काली हल्दी का उपयोग कर रही हैं।”

उन्होंने आगे बताया, “यदि कोई किसान एक एकड़ जमीन पर काली हल्दी की खेती करता है, तो वह 7 से 8 लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है। एक एकड़ में खेती करने के लिए लगभग 400 किलोग्राम राइजोम की आवश्यकता होती है, जिससे 7000 किलोग्राम तक उत्पादन संभव है। किसान काली हल्दी के साथ अन्य औषधीय पौधों की भी खेती कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।”

कैसे दिखती है काली हल्दी?

गुप्ता बताते हैं कि काली हल्दी का बाहरी स्वरूप अदरक और चुकंदर जैसा होता है, लेकिन जब इसे काटा जाता है, तो यह नीले और बैंगनी रंग की दिखाई देती है। यह प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी काम करती है। “आज देश की बड़ी-बड़ी फार्मा कंपनियां इस पर शोध कर रही हैं,” उन्होंने कहा।

बाजार में कैसे बेची जाती है काली हल्दी?

गुप्ता के अनुसार, काली हल्दी को बेचने के लिए किसी प्रसंस्करण की आवश्यकता नहीं होती। इसे ताजा ही बाजार में बेचा जाता है क्योंकि इसे सुखाने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा, “कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली यह खेती किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसकी मांग बढ़ने के कारण यह एक लाभदायक कृषि विकल्प बन चुकी है। किसान इसे निर्यात कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अच्छा लाभ कमा सकते हैं।”