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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के VC ने “लाउडस्पीकर” पर अजान के खिलाफ़ प्रशासन से लगाई गुहार

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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की Vice- Chancellor संगीता श्रीवास्तव ने प्रयागराज के जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा है।  इस चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि सुबह चार बजे लाउडस्पीकर पर बजने वाले अजान की वजह से उनकी नींद में खलल पड़ता है, दिन भर सिर में दर्द रहता है जिससे उनके कामकाज पर असर पड़ रहा है।  वह दिन भर बोझिल महसूस करती हैं और अगर ऐसा ही हाल रहा तो वे बीमार पड़ जाएंगी ।

अजान की तेज आवाज़ से राहत दिलाने की गुहार
अजान की तेज आवाज़ से राहत दिलाने की गुहार

मैं किसी धर्म के खिलाफ़ नहीं 

Allahabad University की VC संगीता श्रीवास्तव ने कहा है कि उनका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है लेकिन भारत का संविधान सबको शांति से रहने का अधिकार भी देता है।  वे अजान दें,  इससे मुझे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन अजान लाउडस्पीकर पर हो, वह भी तेज आवाज़ में,  और वह भी सुबह के चार बजे, इसपर मुझे आपत्ति है।  आप धीमी आवाज़ में और बिना लाउडस्पीकर के भी अजान दे सकते हैं।

हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की VC ने अपनी चिट्ठी में हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी लगाई है जिसमें अफजल अंसारी बनाम अन्य की PIL पर कोर्ट आदेश दिया था कि अजान इस्लाम का अभिन्न अंग है लेकिन अजान लाउडस्पीकर पर हो,  ऐसा कोई उदाहरण इस्लाम की किसी किताब में नहीं है।  रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले यंत्र का उपयोग वर्जित है और प्रशासन को ये सुनिश्चित करना है।

 VC समाज में जहर घोल रही हैं- मौलाना फिरंगी महली

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सुन्नी धर्मगुरु मौलाना राशिद फिरंगी महली ने Vice-Chancellor संगीता श्रीवास्तव की चिट्ठी को घोर सांप्रदायिक और समाज में जहर घोलने वाला बताया।  उन्होंने कहा कि इस हिसाब से तो कीर्तन भी ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं।  उन्होंने कहा कि Vice-Chancellor साहिबा को पता होना चाहिए कि यह देश गंगा-जमुनी तहजीब से चलता है और हमें अजान का अधिकार संविधान ने दिया है।

18 March 2021

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सचिन वाझे ने शिवसेना के नेता के इशारे पर अर्णब

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देवेन्द्र फडनवीस ने विधानसभा में सवाल उठाया और NIA की हुई Entry
देवेन्द्र फडनवीस ने विधानसभा में सवाल उठाया और NIA की हुई Entry

मुंबई पुलिस का एक साधारण API (Assistant Police Inspector) के घर पैसे गिनने की मशीन मिलती है। उसके घर पर Scoda से लेकर Mercedes जैसी गाड़ियों की फौज खड़ी है । सचिन वाजे हिरासत में एक अपराधी को पीट-पीट कर मारने का आरोपी था, उसे निलंबित किया गया, वह नौकरी छोड़कर VRS लेना चाहता है,  वह शिवसेना में शामिल होता है, लेकिन अचानक उसकी किस्मत पलट जाती है । महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार आने के साथ ही सचिन वाजे का निलंबन रद्द और वह मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच का सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी बन जाता है।

 

“शिवसेना का वो “बड़ा नेता” कौन ?

सचिन वाजे मराठी है, आपराधिक प्रवृत्ति का है, अब तक 62 एनकाउन्टर में उसका हाथ है। ऐसे दागी सहायक पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे पर उद्धव ठाकरे को इतनी मेहरबानी दिखाने की जरूरत क्यों थी ? और राज्य के सारे महत्वपूर्ण और खासकर विरोधियों को सबक सिखाने वाले मामले उसे ही क्यों सौंपे जा रहे थे? रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार करने के लिए उसकी सेवाएं ली गईं। टीआरपी घोटाले की जांच भी उसे सौंपी गई। कंगना रनोट-रितिक रोशन का मामला भी उसके हवाले किया गया। अन्य हाई-प्रोफाइल मामले भी उसके पास पहुंचते रहे। अनुमान लगाइए कि ऐसा किसके इशारे पर हुआ होगा?

सचिन वाझे ने NIA के सामने कई विस्फोटक खुलासे किए हैं
सचिन वाझे ने NIA के सामने कई विस्फोटक खुलासे किए हैं

मुकेश अंबानी और शिवसेना के बड़े नेता की दुश्मनी 

आरोप है कि शिवसेना का एक बड़ा नेता उद्योगपति मुकेश अंबानी पर अनाप-शनाप पैसे देने का आरोप लगा रहा था।  जब मुकेश अंबानी ने उस तथाकथित बड़े नेता की बात पर ध्यान नहीं दिया तो उसने दबाव बनाने के लिए ये सारी साज़िश रची। उस नेता ने मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के अपने सबसे खास गुर्गे सचिन वाझे को इस काम में लगाया।  लेकिन मुकेश अंबानी कोई कंगना राणावत या अर्णब गोस्वामी तो हैं नहीं,  लिहाजा इस बार दांव उल्टा पड़ गया।

मनसुख हिरेन की मौत और NIA ने बिगाड़ दिया खेल

सचिन वाझे की planning जबरदस्त थी, लेकिन उसे और उसके Boss को अंदाजा नहीं था कि इतनी जल्दी इस मामले में NIA की Entry हो जाएगी।  उपर से मनसुख हिरेन सारी सच्चाई बताने की जिद कर रहा था । एंटीलिया के बाहर विस्फोटक पाए जाने के मामले में भी सचिन वझे की एंट्री पाई गई। वह विस्फोटक लदी गाड़ी के मालिक मनसुख हीरेन को जानता था। मनसुख की मानें तो उनकी गाड़ी चोरी हो गई थी। कुछ दिनों बाद उनका शव पानी में मिला।पहले कहा गया कि उन्होंने आत्महत्या की है। फिर पता चला कि वह तो अच्छे तैराक थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बताया कि उनके मुंह में कपड़े ठूंसे गए थे और शरीर पर चोट के निशान भी थे। अब तो साफ हो गया है कि मनसुख  के मुुंह में कपडा ठूंस कर उसे मारा गया और फिर जीते जी उसे खाई में फेंक दिया गया।

शिवसेना को बचाने के लिए मुंबई पुलिस कमिश्नर की बलि 

महाराष्ट्र सरकार की ओर से एक बात जो बार-बार कही जा रही है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर परमजीत सिंह को सब पता था । सचिन वाझे सीधे उन्हें ही रिपोर्ट करता था । लिहाजा खुद के दामन पर दाग लगता देख सरकार ने आनन-फानन में मुंबई पुलिस कमिश्नर को उनके पद से हटा दिया।  आपको याद होगा कि परमजीत सिंह ने खुद Press conference कर अर्णब गोस्वामी के TRP घोटाले की बात बताई थी । यानि मुंबई पुलिस कमिश्नर परमजीत सिंह और सचिन वाझे तो सिर्फ हुक्म बजा रहे थे। इन दोनों की बलि चढ़ाकर कहीं उस बड़े नेता को बचाने की साजिश तो नहीं?

West Bengal Elections 2021: देबाश्री राय ने दिया TMC से इस्तीफा, तीन सांसद भी पार्टी छोड़ने की तैयारी में

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रायदिघी से TMC की विधायक हैं देबाश्री राय
रायदिघी से TMC की विधायक हैं देबाश्री राय

नेताओं का TMC छोड़ने का सिलसिला जारी है।  अब रायदिघी से TMC विधायक देबाश्री राय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।  इस बार TMC ने उनका टिकट काट दिया था ।

मेरा दम घुट रहा था- देबाश्री राय 

अपने इस्तीफे का कारण बताते हुए पूर्व अभिनेत्री एवं रायदिघी विधायक ने बताया कि पार्टी में उनका दम घुट रहा था।  लोग एक-दूसरे के खिलाफ़ षडयंत्र कर रहे हैं।  इस बार तृणमूल कांग्रेस की हार का कारण BJP नहीं बल्कि TMC की अंदरूनी कलह होगी ।

लोग TMC में ममता बनर्जी को देखकर आते हैं और अभिषेक बनर्जी से तंग आकर चले जाते हैं 

पूर्व अभिनेत्री ने कहा कि TMC के अंदर दम घुट रहा था
पूर्व अभिनेत्री ने कहा कि TMC के अंदर दम घुट रहा था

TMC में एक बार फिर बड़ी टूट की संभावना जताई जा रही है।  कम से कम तीन सांसद पार्टी छोड़कर जाने की तैयारी कर रहे हैं।  एक सांसद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लोग इस पार्टी में ममता बनर्जी को देखकर आते हैं,  लेकिन अंदर आने पर पता चलता है कि ममता बनर्जी तो कहीं हैं ही नहीं?  वो तो सिर्फ चेहरा हैं? सारे फैसले तो प्रशांत किशोर और अभिषेक बनर्जी ले रहे हैं?  अगर ममता बनर्जी जीत गई तो ये अभिषेक बनर्जी और प्रशांत किशोर की जीत होगी और हार गई तब भी अभिषेक और प्रशांत किशोर की हार। बाकी लोगों का काम सिर्फ जनता के सामने पार्टी के लिए प्रचार करना है। पार्टी के अंदर  हम लोगों की कोई वैल्यू नहीं।

कई बड़े नेता कर चुके हैं पार्टी से किनारा 

West Bengal  Elections 2021 की घोषणा से पहले और बाद में कई छोटे बड़े नेता TMC छोड़ चुके हैं।  दिनेश त्रिवेदी जैसे कुछ नेताओं को BJP में जगह मिल गई तो कई नेता राजनीति छोड़ने की बात कर रहे हैं।  Bengal BJP का कहना है कि हम पहले नेताओं का बैकग्राउंड चेक करेंगे इसके बाद ही पार्टी में शामिल कराएंगे । पार्टी ने किसी भी नेता को टिकट का भरोसा नहीं दिया है ।

Giridih: अतिवीर समूह के फैक्ट्री, दफ्तर व घरों में IT का छापा

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अतिवीर समूह के फैक्ट्री, दफ्तर व घरों में आयकर का छापा, 130 की संख्या में आयकर अधिकारी खंगाल रहे कागजात । सुरक्षा की दृष्टि से आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम में सीआरपीएफ के जवान भी है शामिल ।

130 लोगों की टीम छापा मारने पहुंची थी
130 लोगों की टीम छापा मारने पहुंची थी

[राजेश कुमार]

गिरिडीह : सरावगी परिवार द्वारा संचालित गिरिडीह की प्रसिद्ध लौहे की फैक्ट्री अतिवीर ग्रुप ऑफ कम्पनीज के सभी प्रतिष्ठानों के साथ साथ कम्पनी के मालिको के घरों, दफ्तरों और कम्पनी में उच्च पद पर कार्यरत कर्मियों के आवासों पर भी बुधवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने एक साथ छापेमारी की। आयकर विभाग की छापेमारी टीम में 130 से अधिक अधिकारी शामिल थे और सुरक्षा की दृष्टि से इस टीम का सहयोग सीआरपीएफ के जवान कर रहे थे।

आयकर की टीम में झारखण्ड बिहार के अधिकारी हैं शामिल :

बुधवार की सुबह एसयूवी पर सवार होकर आयकर विभाग की छापेमारी टीम गिरिडीह पहुंची। टीम में झारखण्ड और बिहार के आयकर अधिकारी शामिल थे। सुबह के लगभग 9 बजे इस छापेमारी टीम ने एक साथ अतिवीर समूह के गिरिडीह में अवस्थित अतिवीर छड़ फैक्टरी, स्पॉन्ज प्लांट, मंझलाडीह स्थित चाइना प्लांट, शहर के बड़ा चौक स्थित दफ्तर व मकान, धरियाडीह स्थित मकान, उच्चपद पर कार्यरत कर्मी के आवास, कार्यालय आदि में एक साथ छापा मारा। वंही इस दौरान अतिवीर समूह के गिरिडीह के अलावा दूसरे राज्यों और जिलों में अवस्थित दफ्तरों में भी आयकर टीम द्वारा एक ही समय मे छापेमारी की गयी। इस छापामारी टीम का नेतृत्व संयुक्त आयकर निदेशक कर रहे हैं। इनकी टीम में 130 से अधिक अधिकारी व कर्मी शामिल हैं।

कुछ भी बताने से गुरेज कर रहे है अधिकारी :

अधिकारियों ने कुछ भी बताने से किया इनकार
अधिकारियों ने कुछ भी बताने से किया इनकार

समझा जाता है कि बड़े पैमाने पर कर वंचना को लेकर आयकर विभाग की टीम ने यह छापेमारी की है। जानकर बताते है कि लॉकडाउन पीरियड में उत्पादन के अनुरूप कर अदायगी न कर कम्पनी द्वारा बड़े पैमाने पर कर वंचना की गई है। जिसकी शिकायत के आलोक में ही आयकर विभाग की टीम द्वारा कम्पनी के कागजातों को खंगाला जा रहा है। इस दौरान टीम में शामिल अधिकारी काफी बारीकी से हर कागजातों का अध्ययन कर रहे हैं। मौके पर कई कर्मियों से भी पूछताछ किये जाने की खबर है।
हालांकि टीम में शामिल अधिकारी अब तक इस मामले में कुछ भी बताने से गुरेज कर रहे हैं। हालांकि समझा जाता है कि जिस बारीकियों से कागजातों को टीम द्वारा खंगाला जा रहा है। यह छापेमारी लंबी चल सकती है।

आयकर की छापेमारी से मची हड़कम्प :

अतिवीर समूह में हुई इस छापेमारी से गिरिडीह में संचालित अन्य लौह फैक्ट्रियों के संचालकों के बीच भी हड़कम्प मच गया है। अतिवीर ग्रुप ऑफ कम्पनीज के दफ्तर में पूर्व में कर वंचना की शिकायत पर आयकर विभाग द्वारा छापेमारी हो चुकी है। पुनः यह छापेमारी की गई है। हालांकि आयकर टीम के साथ पहली बार आयकर विभाग के अधिकारी-कर्मी के अलावा सुरक्षा की दृष्टि से सीआरपीएफ के जवानों को भी लगाया गया है। जिसकी दिन भर गिरिडीह में चर्चा होती रही।

कर्मियों ने किया था हंगामा तो पुलिस को करनी पड़ी थी हस्तक्षेप

वर्ष 2020 में पूरे देश मे लगी लॉकडाउन के दौरान
अतिवीर ग्रुप ऑफ कंपनी में कार्यरत कर्मियों ने कंपनी के मालिक द्वारा सुविधा नहीं देने और वेतन देने में आनाकानी करने का आरोप लगा जमकर हंगामा किया था। लॉक डाउन पीरियड में कर्मियों द्वारा किये गये हंगामे के बाद स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था तब जाकर मामला सलटा था।

Bengal Elections 2021: नकली मीडिया खड़ा कर चुनाव जीतने की रणनीति

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क्या आपने “आरामबाग टीवी” का नाम सुना है ? क्या बंगाल सरकार की मीडिया लिस्ट में “हल्दिया टीवी” का नाम भी है । इन दोनों प्रश्नों का जवाब है “ना” । लेकिन बंगाल के चुनाव में “आरामबाग टीवी” के पत्रकार भी हाथों में बूम लेकर घूम रहे हैं और हल्दिया टीवी के भी ।

बंगाल का चुनावी माहौल बदल सकते हैं सैकड़ों की संख्या में माइक लेकर घूम रहे फर्जी पत्रकार
बंगाल का चुनावी माहौल बदल सकते हैं सैकड़ों की संख्या में माइक लेकर घूम रहे फर्जी पत्रकार

इस तरह के करीब 60-70 टीवी चैनल के पत्रकार हाथों में माइक लेकर बंगाल के गांव-शहरों की खाक छान रहे हैं।  इनका टेलीविजन चैनल कहीं नहीं चलता बल्कि इनका सारा कामकाज पार्टियों के दफ्तर से संचालित होता है।  और इस तरह के फर्जी पत्रकारों को बकायदा प्रेस कार्ड, मोबाइल, माइक वगैरह दिया जाता है।

बिहार में कारगर रही थी प्रशांत किशोर की ये रणनीति 

इन तथाकथित चैनलों के काम करने का तरीका देखिए। हर राजनीतिक दल 5-15 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से बेरोजगार युवाओं को काम के लिए नियुक्त करती है । जैसे-जैसे चुनाव के चरण बीतते जाते हैं,  चेहरे भी बदल जाते हैं।

उदाहरण के तौर पर पहले चरण में आरामबाग टीवी के 12-14 पत्रकार उन क्षेत्रों में घूम-घूम कर लोगों की राय लेते हैं जहां पहले चरण में चुनाव हैं।  ये अपनी फीड पार्टी दफ्तर में बैठे एडिटर के पास भेजते हैं। फिर उस बातचीत को अपने हिसाब से फेर-बदल कर उस विधानसभा के विभिन्न WhatsApp group में भेजा जाता है।  पार्टी के कार्यकर्ताओं को इन्हें वायरल करना होता है।

एक अनुमान के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की लगभग 15 सीटों पर इन फर्जी पत्रकारों ने माहौल बनाकर रिजल्ट उलट-पुलट  कर दिया था ।

चुनाव आयोग को इसपर रोक लगानी चाहिए- शुवेन्दु अधिकारी 

नंदीग्राम से ममता बनर्जी के खिलाफ़ चुनाव लड़ रहे शुवेन्दु अधिकारी कहते हैं-”

500 करोड़ में खरीदे गए प्रशांत किशोर की टीम के 15 लड़के नकली पत्रकारों के वेश में आते हैं और 2-3 खाली कुर्सी को ढूंढकर यह साबित करने की कोशिश होती है कि हमारी सभा खाली पड़ी है। यह पाखंड अब छुपा नहीं रहा

कम पैसे में बड़ा असर

किसी भी बड़े अखबार या टीवी चैनल पर विज्ञापन देने के लिए नेताओं और राजनीतिक दलों को अच्छा खासा पैसा खर्च करना पड़ता है, लेकिन यहां 15 से 50 हजार खर्च कर महीने भर का प्रचार मिल जाता है।  आम वोटर भी इन्हें असली मीडिया ही समझते हैं।  बेरोजगारो को भी एक महीने के लिए पत्रकार का काम मिल जाता है।  चुनाव खत्म होते ही इनकी पत्रकारिता खत्म।

Jharkhand: मधुपुर उपचुनाव को लेकर NDA में अंदरूनी कलह

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NDA के टिकट के लिए दो प्रत्याशियों के बीच घमासान

झारखंड के मधुपुर में 17 अप्रैल को मतदान होना है, लेकिन NDA अभी तक अपने प्रत्याशी पर फैसला नहीं ले सकी है। भाजपा उम्मीदवार का टिकट क्लियर नहीं होना मतदाताओं में है उहा पोह की स्थिति है

हर हाल में चुनाव लड़ूंगा-गंगा नारायण सिंह

देवघर । मधुपुर उपचुनाव के तिथि की घोषणा होते ही सभी दलों के नेताओं ने रेस पकड़ लिया है मधुपुर बाजार के हर चौक चौराहों में राजनीतिक गतिविधियां और सरगर्मियां दोनों तेज हो गयी हैं ।हर चाय की दुकान पर जीत हार की चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है वैसे झारखंड मुक्ति मोर्चा और महागठबंधन के प्रत्याशी की घोषणा तय मानी जा रही है।

गंगा नारायण सिंह चुनाव लड़ने पर अडिग
गंगा नारायण सिंह चुनाव लड़ने पर अडिग

वहीं भाजपा के टिकट की घोषणा नहीं होने से कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में अभी भी उहा पोह की स्थिति बनी हुई है।बहरहाल जेएमएम,और गंगा नारायण सिंह का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है । बतौर गंगा नारायण सिंह वे हर अवस्था मे चुनाव लड़ेंगे और इसके लिए विते कई वर्षों से लगातार क्षेत्र की जनता से जनसम्पर्क करने औऱ उनके दुख सुख में लगातार शामिल भी हो रहे हैं।

RJD के कार्यकर्ता भी गंगा नारायण सिंह के समर्थन में 

सूत्रों की मानें तो एक राष्ट्रीय दल के कई कार्यकर्ता लगातार इनके सम्पर्क में है और चुनाव में मदद करने के लिए आतुर भी दिख रहे हैं। वैसे चुनाव की तिथि 17 अप्रैल को निर्धारित किया गया है।   कुल मिलाकर घोषणा के बाद समय का कम होना भी प्रत्यासियों को रेस पकड़ाने के लिए काफ़ी है। बहरहाल मधुपुर विधानसभा की जनता ने अपना मन बना लिया होगा कि इस दफ़ा मधुपुर की बाग डोर किनके हाथों में देनी है ।

निशिकांत दूबे के भरोसे टिकट पाने के चक्कर में हैं राज पालीवाल 

पूर्व विधायक राज पालीवाल गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे के जरिए टिकट के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।  इसके अलावा पूर्व सीएम रघुवर दास से भी उनके अच्छे संबंध हैं। राज पालीवाल के समर्थकों का दावा है कि रघुवर दास की सरकार में श्रम मंत्री रहने के दौरान राज पालीवाल ने क्षेत्र में बहुत काम करवाए हैं।  इसके अलावा धनबल में भी वे हाजी हुसैन अंसारी के बेटे को भी कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

कहीं फिर न हो जाए  NDA वोटों का बंटवारा? 

वहीं मधुपुर डालमिया कूप के निकट चर्चा करते लोगों की माने तो बाबू अभी बहुत खेल बाकी है इस बार मतदाता बहुत चुप चुप हैं किसी के विषय मे कुछ नहीं कह रहे हैं। पर सुदूर ग्रामीण वासियों ने तो मन बना लिया है इस दफा कोई नया चेहरा दिखेगा। बहरहाल जीत हार का निर्णय वर्तमान में भविष्य के गर्भ में समाहित है और चुनाव के रिजल्ट के बाद आगामी 2 मई को ही यह धुंध छटेगी।

Kerala assembly Elections 2021: शरद पवार ने दिए तीसरे मोर्चे के संकेत, नाम रखा Alternate Progressive Alliance

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NCP प्रमुख शरद पवार ने एक बार फिर तीसरा मोर्चा बनाने के संकेत दिए हैं।  कांग्रेस छोड़ कर NCP में शामिल हुए पीसी चाको को पार्टी में शामिल होने के मौके पर शरद पवार ने कहा कि Alternate Progressive Alliance वक्त की जरूरत है।  शरद पवार ने कहा कि मैं कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ रहा,  लेकिन आज की कांग्रेस BJP का मुकाबला नहीं कर पा रही। इसलिए मोदी-अमित शाह की BJP को हराने के लिए क्षेत्रिय दलों को एक मंच पर आना चाहिए।

क्षेत्रीय दलों का Alternate Progressive Alliance वक्त की जरूरत- शरद पवार
क्षेत्रीय दलों का Alternate Progressive Alliance वक्त की जरूरत- शरद पवार

अभी सिर्फ दो-चार दलों से की है प्रारंभिक चर्चा 

शरद पवार ने कहा कि तीसरा मोर्चा अभी आकार नहीं ले सका है,  सिर्फ दो-तीन दलों के नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा हुई है। इसमें कौन-कौन से दल शामिल होंगे इसपर कुछ भी कहना अभी जल्दीबाजी होगी। केरल में लेफ्ट और कांग्रेस के बीच लड़ई  है, इसपर शरद पवार ने कहा कि लेफ्ट निश्चित रूप से तीसरे मोर्चे के साथ होगा।

अगर शरद पवार का तीसरा मोर्चा बना तो कांग्रेस का क्या होगा? 

शरद पवार अगर क्षेत्रीय दलों का तीसरा मोर्चा बनाते हैं तो सबसे ज्यादा परेशानी कांग्रेस को हो सकती है।  बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।  वहीं महाराष्ट्र में कांग्रेस शिवसेना और NCP के साथ गठबंधन की सरकार चला रही है।  झारखंड में भी कांग्रेस को सरकार में बने रहने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ की जरूरत होगी।  शायद इसीलिए शरद पवार ने कहा कि तीसरा मोर्चा का आकार लेने में अभी वक्त है।

 

West Bengal Elections 2021: हिंसा और हमले से ममता दीदी को कुछ हासिल नहीं होगा

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केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने West Bengal Elections 2021 के दौरान TMC कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा और तोड़-फोड़ को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान अर्जुन मुंडा ने कहा कि ममता दीदी को समझना चाहिए कि इस तरह की हिंसा और डर का माहौल लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

हिंसा से BJP कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटने वाला

अर्जुन मुंडा ने कहा कि बंगाल में रहने वाले लोग जानते हैं कि कौन जनता को डराने धमकाने की कोशिश कर रहा है।  स्थानीय लोग हमला और तोड़-फोड़ करने वालों को पहचानते भी हैं।   BJP के कार्यकर्ता चाहते तो जवाब दे सकते थे, लेकिन हम अनुशासित संगठन हैं।  हमारा विश्वास आम जनता की समझ पर है । हम सेवा की राजनीति करते हैं,  BJP हिंसा की राजनीति नहीं करेगी ।

TMC कार्यकर्ता की तरह व्यवहार कर रही है बंगाल पुलिस 

अर्जुन मुंडा ने कहा कि आखिर क्या कारण है कि BJP के प्रचार रथ पर हमला करने वाला एक भी शख्स पकड़ा नहीं गया।  पुलिस अगर निष्पक्ष है तो फिर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। चुनाव आयोग को इसपर संज्ञान लेना चाहिए।

हताश और परेशान लोग ही लेते हैं हिंसा का सहारा 

अर्जुन मुंडा ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का सहारा वही लेते हैं जिन्हें लगता है कि जनता उनके साथ नहीं है और वो हार रहे हैं।  तृणमूल कांग्रेस अब वोटरों को डराने धमकाने पर उतर आई है । बंगाल के मतदाता जानते हैं कि इस गुंडागर्दी का जवाब कैसे देना है । 02 मई को “दादागिरी” और “तोलाबाजी” करने वालों को जवाब मिल जाएगा।

 

Jharkhand: मम्मी को अपने से छोटे उम्र के लड़के से प्यार करते देख बेटी ने बुला ली पुलिस

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झारखंड के रामगढ़ जिले में तीन बच्चों की माँ को अपनी बेटी से भी कम उम्र के लड़के से प्यार हो गया।  दोनों की आशिकी परवान चढ़ी और करीब ढाई साल से सेक्स संबंध चल रहा था। अब बेटी को अपनी माँ का प्यार रास नहीं आया और उसने पुलिस बुला ली। 

महिला की बेटी ने गिद्दी थाने में की शिकायत
महिला की बेटी ने गिद्दी थाने में की शिकायत

दरअसल तीन बच्चों की एक माँ ने झारखंड के रामगढ़ जिला अदालत में अपने पति से तलाक लेने के लिए आवेदन दिया है। तलाक की लिखित सूचना महिला ने गिद्दी थाना की पुलिस को भी दी है, जिसमें कहा है कि वह अपने पति और बच्चों से अपना रिश्ता पूरी तरह से हमेशा के लिए खत्म कर लिया है। उसके इस फैसले में पति और बच्चों की रजामंदी की जानकारी दी गई है।

प्रेमी महिला को बाजार छोड़ने जाता था, हो गया प्यार 

अभी कौशल्या के कुल तीन बच्चे हैं।  इनमें सबसे बड़ी लड़की की उम्र 24 साल है। कौशल्या देवी रामगढ़ के समीप चरही, कुजू, बड़गांव आदि बाजारों में सूप-टोकरी बेचती है। इस क्रम में वह बाजारटांड़ निवासी सूरज पासवान की गाड़ी से बाजार आना-जाना करती थी। बीते 2 साल में कौशल्या और सूरज की पहचान पहले दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। अवैध संबंध का शक गहराने पर उसके पति ने थाने में सूरज पासवान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

मैं पति के साथ नहीं,  अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती हूं 

महिला का कहना है कि उसकी उम्र करीब 37 साल है । उसका प्रेमी सूरज भले ही 24 साल का है पर मुझे बहुत प्यार करता है । वह मेरा अच्छी तरह ख्याल रखता है । अब मेरा मेरे बच्चों से कोई संबंध नहीं है,  मैं उनसे संबंध रखना भी नहीं चाहती । मैं अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती हूं।  उधर महिला के पति का कहना है कि पत्नी की वजह से समाज में जो बदनामी होनी थी वो हो गई।  अब मैं उस महिला से कोई संबंध नहीं रखना चाहता।  मैं अपने बच्चों को उस महिला की छाया से भी दूर रखना चाहता हूँ।

 

 

 

“Neeta Ambani सुंदर हैं, पैसे वाली हैं, लेकिन BHU की प्रोफेसर नहीं बन सकतीं”

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Neeta Ambani का BHU में विरोध क्यों?
Neeta Ambani का BHU में विरोध क्यों?

अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) अपने सोशल साइंस डिपार्टमेंट के महिला विंग में Visiting Professor बनाना चाहता है। लेेकिन छात्रों का एक गुट इसका विरोध कर रहा है। छात्र

इसे “गलत उदाहरण” के रूप  में देखते हैं। मंगलवार को 40 छात्रों के एक ग्रुप ने  Vice-Chancellor राकेश भटनागर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।

 

पैनल में नीता अंबानी के अलावा प्रीति अडाणी और उषा मित्तल का नाम 

BHU की तरफ से पहला प्रपोजल Neeta Ambani को भेजा गया है।  लेकिन अगर Neeta  Ambani मना कर देती हैं तो सोशल साइंस डिपार्टमेंट के महिला विंग में Visiting Professor के लिए दो अन्य नाम भी पैनल में हैं।  ये दो नाम हैं प्रीति अडाणी और उषा मित्तल का।  Priti Adani अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी की पत्नी हैं और उषा मित्तल लंदन स्थित उद्योगपति लक्ष्मी नारायण मित्तल की पत्नी ।

उद्योगपति गौतम अडाणी की पत्नी प्रीति अडाणी
उद्योगपति गौतम अडाणी की पत्नी प्रीति अडाणी

छात्र क्यों कर रहे हैं विरोध 

BHU में Neeta Ambani का विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि Neeta Ambani सुंदर हैं,  वे पैसे वाली भी हैं,  लेकिन BHU में पढ़ने वाली लड़कियों को inspire नहीं कर सकतीं।  चाहे Preeti Adani हो या फिर Neeta Ambani, इन दोनों की पहचान अपने पतियों की वजह से है। छात्र एक ऐसी महिला का नाम चाहते हैं जो बिना किसी मदद के अपने बल बूते सफल हुई हो । ताकि छात्राएँ उनसे सफल होने के गुर सीख सकें।

17 March 2021

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West Bengal Elections 2021:TMC के हमले में बाल

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West Bengal Elections 2021: बंगाल के पुरुलिया जिले के मान बाजार विधानसभा के श्यामपुर गांव में TMC कार्यकर्ताओं ने BJP के प्रचार रथ पर हमला कर दिया।  बस के शीशे तोड़ डाले और BJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की है।

TMC कार्यकर्ताओं के हमले में BJP के प्रचार रथ को नुकसान
TMC कार्यकर्ताओं के हमले में BJP के प्रचार रथ को नुकसान

बाल-बाल बचे केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा 

केन्द्रीय मंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने थोड़ी देर पहले ही प्रचार रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था । ये रथ आदिवासी इलाकों में BJP के प्रचार के लिए खासतौर से बनाया गया था। हमले से करीब पांच-सात मिनट पहले ही अर्जुन मुंडा वहां से रवाना हुए थे । अगर पांच मिनट की देरी हो जाती तो अर्जुन मुंडा भी हमले की चपेट में आ जाते। हमले में घायल बहुत से कार्यकर्ता झारखंड के हैं।

आदिवासी जनता देगी TMC को जवाब- BJP

अर्जुन मुंडा और आदिवासियों के प्रचार रथ पर हमले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है।  झारखंड से लेकर बंगाल तक कई आदिवासी संगठनों ने TMC की गुंडागर्दी की निंदा की है । झारखंड बीजेपी के नेता एवं राजमहल से विधायक अनंत ओझा ने कहा कि

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर चुनाव प्रचार के दौरान TMC के द्वारा हमला अतिनिंदनीय है। अपनी जमीन खिसकती देख के TMC के लोग बौखला गये हैं और ऐसी घटना को अंजाम दे रहे हैं,लेकिन इन्हें 2 मई को आदिवासी जनता इन्हें जवाब देगी ।

आदिवासी अस्मिता एवं आदिवासियों के पहचान पर हमला 

बंगाल BJP ने बयान जारी कर कहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के जिस्म से बहा खून का एक-एक कतरा TMC को महंगा पड़ेगा। वहीं झारखंड BJP ने इस हमले को कायराना एवं आदिवासी समाज पर हुआ हमला करार दिया है। छत्तीसगढ़ BJP ने अपने बयान में कहा है कि वीर बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हो हमारे पूज्य देवता हैं।  TMC द्वारा इनके पोस्टर फाड़ना आदिवासी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा ।

झारखंड के कई नेताओं ने अर्जुन मुंडा को फोन कर जाना हाल

झारखंड के लगभग सभी दलों के नेताओं ने फोन कर उनका हाल जाना । झामुमो,  आजसू और झारखंड BJP के नेताओं ने हिंसा की निंदा की है।  BJP नेता कुणाल षाडंगी ने ट्वीट कर बताया कि हमले में अर्जुन मुंडा को नहीं,  बल्कि प्रचार रथ को नुकसान पहुंचा है।

 

West Bengal Elections 2021:TMC के हमले में बाल

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West Bengal Elections 2021: बंगाल के पुरुलिया जिले के मान बाजार विधानसभा के श्यामपुर गांव में TMC कार्यकर्ताओं ने BJP के प्रचार रथ पर हमला कर दिया।  बस के शीशे तोड़ डाले और BJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की है।

TMC कार्यकर्ताओं के हमले में BJP के प्रचार रथ को नुकसान
TMC कार्यकर्ताओं के हमले में BJP के प्रचार रथ को नुकसान

बाल-बाल बचे केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा 

केन्द्रीय मंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने थोड़ी देर पहले ही प्रचार रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था । ये रथ आदिवासी इलाकों में BJP के प्रचार के लिए खासतौर से बनाया गया था। हमले से करीब पांच-सात मिनट पहले ही अर्जुन मुंडा वहां से रवाना हुए थे । अगर पांच मिनट की देरी हो जाती तो अर्जुन मुंडा भी हमले की चपेट में आ जाते। हमले में घायल बहुत से कार्यकर्ता झारखंड के हैं।

आदिवासी जनता देगी TMC को जवाब- BJP

अर्जुन मुंडा और आदिवासियों के प्रचार रथ पर हमले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है।  झारखंड से लेकर बंगाल तक कई आदिवासी संगठनों ने TMC की गुंडागर्दी की निंदा की है । झारखंड बीजेपी के नेता एवं राजमहल से विधायक अनंत ओझा ने कहा कि

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर चुनाव प्रचार के दौरान TMC के द्वारा हमला अतिनिंदनीय है। अपनी जमीन खिसकती देख के TMC के लोग बौखला गये हैं और ऐसी घटना को अंजाम दे रहे हैं,लेकिन इन्हें 2 मई को आदिवासी जनता इन्हें जवाब देगी ।

आदिवासी अस्मिता एवं आदिवासियों के पहचान पर हमला 

बंगाल BJP ने बयान जारी कर कहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के जिस्म से बहा खून का एक-एक कतरा TMC को महंगा पड़ेगा। वहीं झारखंड BJP ने इस हमले को कायराना एवं आदिवासी समाज पर हुआ हमला करार दिया है। छत्तीसगढ़ BJP ने अपने बयान में कहा है कि वीर बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हो हमारे पूज्य देवता हैं।  TMC द्वारा इनके पोस्टर फाड़ना आदिवासी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा ।

झारखंड के कई नेताओं ने अर्जुन मुंडा को फोन कर जाना हाल

झारखंड के लगभग सभी दलों के नेताओं ने फोन कर उनका हाल जाना । झामुमो,  आजसू और झारखंड BJP के नेताओं ने हिंसा की निंदा की है।  BJP नेता कुणाल षाडंगी ने ट्वीट कर बताया कि हमले में अर्जुन मुंडा को नहीं,  बल्कि प्रचार रथ को नुकसान पहुंचा है।

 

शिक्षिका की अगले माह थी शादी, लगाई फांसी भवनाथपुर शिशु विद्या मंदिर में कार्यरत थी व्यूटी

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गढ़वा (उज्ज्वल दुनिया)ः गढ़़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड मुख्यालय के टाउनशिप स्थित शिशु विद्या मंदिर की शिक्षिका ब्यूटी कुमारी(23) ने कल रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भिजवा दिया है। जानकारी के अनुसार शिक्षिका की अगले महीने शादी होनेवाली थी। उसने सुसाइड क्यों किया, फिलहाल इस संबंध में परिजन भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। शिक्षिका ब्यूटी अपने परिजनों के साथ टाउनशिप कॉलोनी में रहा करती थी। परिजनों के अनुसार, वह कल शाम 7 बजे अपने कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद परिजनों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। दरवाजे को तोड़ परिजन जब अंदर गए तो देखा ब्यूटी फांसी के फंदे से लटक रही थी।