दिल्ली के बत्रा अस्पताल में चल रहा है विरंची नारायण का ईलाज
बोकारो। बोकारो शहरी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर केन्द्रीय मंत्रियों के साथ बैठक करने गए बोकारो विधायक विरंची नारायण की तबीयत अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के बत्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया। बिरंची नारायण 5 जुलाई को दिल्ली गए थे। जानकारी के मुताबित डॉक्टरों का कहना है कि उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण पोस्ट कोविड केशन है। फिलहाल डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरु कर दिया है। उनकी कई तरह से जांच की गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही डॉक्टर कुछ बता सकेंगे।
इधर विरंची नारायण की तबीयत खराब होने की खबर सुनकर उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। हालांकि बाद में उनकी तबीयत में सुधार की खबर आ गई। समर्थकों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की भगवान से प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन जाकर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की
★कोल्ड रूम और कोल्ड स्टोरेज का निर्माण करायेगी सरकार
★किसान सब्जियों और फलों को रख सकेंगे सुरक्षित
★जहां फलों व सब्जियों की अधिक होती है उपज, उन सभी प्रखंडों में बनेंगे कोल्ड रूम
★लैम्पस और पैक्स कार्यालयों में 1324 गोदामों का हो चुका है निर्माण ================
रांचीः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के किसानों की समृद्धि हेतु कार्य करना शुरू कर दिया है। फिर वो किसानों के ऋण माफी की बात हो या फिर उनकी अभिरुचि की। मुख्यमंत्री उन सभी पहलुओं को पिरोने के प्रयास में जुट गए हैं, जिससे झारखण्ड के अन्नदाताओं को लाभ हो। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री इस बात से अवगत हुए हैं कि झारखण्ड के किसान अब फलों और सब्जियों की खेती में भी रूचि दिखा रहे हैं। कई जिलों में किसान नाशपाती, टमाटर, सब्जी एवं लघु वनोपज के उत्पादन से जुड़ रहे हैं। इससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है और राज्य में फलों व सब्जियों का उत्पादन भी बढ़ा है। फल, सब्जियां और अन्य उत्पाद ज्यादा समय तक सुरक्षित रहें, इसके लिए मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड रूम के निर्माण की योजना बनाई है।
नई निवेश नीति के तहत एग्रीकल्चर सप्लाई चेन मजबूत करेगी सरकार
इसलिए बनेंगे कोल्ड रूम और कोल्ड स्टोरेज
किसान सब्जी और फल आदि उपजा लेते हैं, लेकिन कोल्ड रूम और कोल्ड स्टोरेज न होने की वजह से अक्सर उन्हें इन उत्पादों को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखने में परेशानी होती है। किसानों को अगर बाजार तक अपने उत्पादों को पहुंचाने में देर होगी, तो वे खराब हो जाते हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान होता है। इसके अलावा कई बार मौसम के खराब होने से भी कृषि उत्पाद जल्दी खराब हो जाते हैं। राज्य सरकार ने किसानों की इसी परेशानी को कम करने के लिए पहल की है।
ऐसे पहुंचेगा किसानों को लाभ
राज्य के जिन प्रखंडों में फलों, सब्जियों, लघु वनोपज व ऐसे कृषि उत्पाद जो जल्दी खराब हो सकते हैं, उसके लिए संबंधित प्रखंडों में 30-30 मीट्रिक टन क्षमता के एक-एक कोल्डरूम का निर्माण किया जाना है। कोल्डरूम का संचालन लैम्पस/पैक्स एवं प्राथमिक फल सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों के माध्यम से किया जायेगा। कोल्ड रूम एवं कोल्ड स्टोरेज के संचालन के प्रारूप की नियमावली बनकर तैयार है। इन्हें द झारखंड स्टेट आदिवासी को-ऑपरेटिव वेजिटेबल मार्केटिंग फेडरेशन (वेजफेड) के द्वारा संचालित किया जायेगा।
60 मिनी कोल्ड रूम भी प्रस्तावित
किसानों को राहत पहुंचाने के लिए 60 मिनी कोल्ड रूम बनाने की योजना भी राज्य सरकार के अन्तर्गत प्रस्तावित है। ये मिनी कोल्ड रूम सौर उर्जा से संचालित होंगे। इससे संचालन का खर्च भी कम होगा। छोटे होने के बाद भी ये काफी उपयोगी होंगे। इस तरह कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड रूम का इस्तेमाल किसान अपने फलों व सब्जियों को स्टोर करने के लिए कर सकेंगे। इससे उन्हें काफी फायदा होगा, क्योंकि वे ज्यादा समय तक अपने उत्पादों को सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार तक पहुंचा सकेंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा और बाजार में भी ज्यादा समय तक फल व सब्जियां उपलब्ध होती रहेगी।
पंचायत स्तर पर गोदाम निर्माण
किसानों को धान, गेहूं सहित अन्य कृषि उपज के भंडारण में परेशानी न हो इसके लिए भी सरकार आगे आई है। राज्य के विभिन्न पंचायतों में गोदामों का निर्माण हो रहा है। कई गोदाम निर्मित हो चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में गोदाम निर्माणाधीन है। लैम्पस और पैक्स के माध्यम से पंचायतों में किसानों को कृषि कार्य में सहायता पहुंचाई जाती है। राज्य में लैम्पसों की संख्या 2024 एवं पैक्सों की संख्या 2374 है। राज्य में कुल लैम्पस, पैक्स एवं व्यापार मंडलों की संख्या 4478 है। इनके कार्यालयों में भी गोदाम का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक 1324 लैम्पस, पैक्स एवं व्यापार मंडलों में गोदाम का निर्माण हुआ है।
2 लाख टन भंडारन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य
100 मीट्रिक टन क्षमता के दो हजार गोदाम
सरकार की योजना है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (सहकारिता प्रभाग) के लिए उपबंधित योजना अन्तर्गत लैम्पस/पैक्स में 100 MT के गोदाम सह मार्केटिंग सेंटर सह ड्राइंग यार्ड का निर्माण किया जाना है। वहीं प्रखण्ड स्तर पर 500 MT के 100 गोदामों के निर्माण का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है।
दो लाख टन भंडारण क्षमता की है आवश्यकता
धान अधिप्राप्ति, खाद-बीज व्यवसाय तथा लघु वनोपज उत्पादों के भंडारण को दृष्टिगत रखते हुए लगभग दो लाख टन भंडारण क्षमता की अतिरिक्त आश्यकता है। जिसके लिए कुल 100 मीट्रिक टन क्षमता के 2000 गोदामों के निर्माण का प्रस्ताव है। प्रत्येक गोदाम के साथ ड्राइंग यार्ड का भी निर्माण कराया जायेगा ताकि लैम्पस/पैक्सों में नमी वाले खाद्यान्न एवं वनोपज को सुखाया जा सके।
क्या होगी क्षमता, कितने गोदाम विभिन्न लैम्पस/पैक्स एवं व्यापार मंडलों में 100 एमटी क्षमता के निर्मित गोदाम 1269, निर्माणाधीन 350, प्रस्तावित दो हजार। कुल 3619 गोदाम। 200 एमटी क्षमता निर्मित गोदाम 38, तीन सौ एमटी क्षमता के निर्मित गोदाम की संख्या एक, 400 एमटी के निर्मित गोदाम की संख्या दो,500 एमटी के निर्मित गोदाम की संख्या 13 है, जबकि सौ गोदाम प्रस्तावित हैं। 3000 एमटी के निर्मित गोदामों की संख्या एक है।
क्या होगा लाभ
झारखंड सरकार की नीतियों, योजनाओं तथा किसानों की मेहनत से कृषि उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। लेकिन, भंडारण की व्यवस्था नहीं होने की वजह से कई बार किसानों के कृषि उपज बर्बाद हो जाते थे। अब किसानों को नुकसान से बचाने के लिए उनकी उपज के भंडारण के लिए गोदाम बनाये जा रहे हैं। इससे किसानों और राज्य दोनों को ही लाभ होगा।
मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया): झारखंड-बिहार सीमा पर बूढ़ापहाड़ के इलाके में सक्रिय टॉप माओवादी कमांडर विमल यादव आत्मसमर्पण करने वाला है। एक करोड़ के इनामी नक्सली अरविंद की मौत के बाद विमल यादव ने बूढ़ापहाड़ इलाके की कमान संभाली थी। विमल यादव बिहार के जहानाबाद का रहने वाला है। विमल उर्फ राधेश्याम उर्फ उमेश यादव माओवादियों का स्टेट कमिटी सदस्य है। मार्च 2018 में टॉप माओवादी अरविंद की मौत हुई थी, उसके बाद से विमल बूढ़ापहाड़ का टॉप कमांडर रहा है। माओवादियों ने सेंट्रल कमिटी सदस्य मिथिलेश मेहता को बूढ़ापहाड़ का नया इंचार्ज बनाया है। करीब छह महीने पहले मिथिलेश बिहार में छकरबंधा से निकल कर बूढ़ापहाड़ इलाके में पहुंचा है। मिथिलेश मेहता ने बूढ़ापहाड़ पहुंचने में साथ विमल के हथियार छीन लिए थे। इस दौरान विमल दस्ता छोड़ कर भाग गया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसी वक्त से वह आत्मसमर्पण की कोशिश कर रहा है। फिलहाल विमल के ठिकाने की जानकारी किसी को पता नहीं है। बताया जाता है कि टॉप कमांडर मृत्युंजय भूइयां के साथ विमल यादव के संबंध ठीक नहीं थे, जिसके चलते संगठन में बड़ा बदलाव किया गया। माओवादियों ने बिहार-झारखंड के लिए बूढ़ापहाड़ को यूनिफाइड कमांड बनाया है। 2013-14 में बूढ़ापहाड़ को बेस कैंप बनाया गया था। हाल के दिनों में माओवादियों का दस्तावेज सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगा है, जिससे ये खुलासा हुआ है। विमल यादव पर पलामू, गढ़वा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा समेत छत्तीसगढ़ और बिहार में दर्जनों नक्सल हमले के मामले दर्ज हैं।
उज्जवल दुनिया, (मनोज मिश्र) रामगढ़। रामगढ़ जिले में कोरोना की तीसरी लहर के पूर्व स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश डीसी माधवी मिश्रा ने दिया है।
उन्होंने शनिवार को स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिले के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 10-10 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर युक्त बेड लगाने का निर्देश दिया।
साथ ही कहा कि तीसरी लहर में बच्चों के लिए अस्पताल प्रबंधन सजग, सतर्क और गंभीर रहे। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
बच्चों के लिए अस्पताल में इलाज की विशेष सुविधाओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
वहीं जिले में कोरोना संक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिए डीसी ने कोविड से बचाव के लिए हो रहे कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों की जानकारी ली।
उन्होंने सभी सामुदायिक, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर हो रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों तथा चिकित्सकों को कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए।
जिले में अलग-अलग माध्यमों से अब तक हुए कोरोना जांच की जानकारी लेते हुए डीसी ने सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी लंबित जांच रिपोर्ट को प्राप्त करने की बात कही।
वहीं जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिदिन लोगों की कोरोना जांच के निर्देश दिए।
कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए जिला कोविड-19 अस्पताल तथा अन्य अस्पतालों की समीक्षा करते हुए डीसी ने उपलब्ध स्वास्थ्य उपकरणों, ऑक्सीजन सेवा आदि की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने सभी केंद्रों पर प्रतिनियुक्त चिकित्सकों, अधिकारियों आदि को स्टैंडबाई मोड में रहने तथा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए डीसी ने अब तक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में रह रहे लोगों को उपलब्ध कराए गए कोरोना टीके की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए।
बैठक में डीडीसी, एसडीओ, सिविल सर्जन, डीआरसीएचओ, कार्यपालक दंडाधिकारी सह प्रभारी विधि शाखा, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रामगढ़, डीएमएफटी टीम के सदस्य समेत कई लोग उपस्थित थे।
जेडीयू में आज एक अप्रत्याशित घटना हुई । नीतीश के खास सिपाहसलार सांसद ललन सिंह उपेंद्र कुशवाहा के घर पहुंच गये । जानकार बताते हैं कि कल ही उपेंद्र कुशवाहा ने ललन सिंह को फोन किया था । ललन सिंह ने खुद कहा था कि वे उपेंद्र कुशवाहा के घऱ आय़ेंगे । अपने जीवन में संभवतः पहली दफे ललन सिंह उपेंद्र कुशवाहा के घर गये होंगे । दिलचस्प बात ये भी है कि जब उपेंद्र कुशवाहा की जेडीयू में फिर से एंट्री हुई थी तो आरसीपी औऱ ललन सिंह दोनों साथ मिलकर उन्हें हाशिये पर रखने की कवायद में लगे थे ।
अपने राजनैतिक जीवन में संभवतः पहली बार उपेन्द्र कुशवाहा के घर गये ललन सिंह. डेढ़ घंटे तक हुई बात
लेकिन वही ललन सिंह अब उपेंद्र कुशवाहा के घर पहुंच गये । दोनों का एक घंटे तक बंद कमरे में बातचीत करना बता रहा था कि जेडीयू के अंदर के समीकरण बदल गये हैं । चार दिन पहले तक ललन सिंह औऱ आरसीपी सिंह की जोड़ी हुआ करती थी । जिस दौर में ललन सिंह ने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला था उस दौर में भी वे आरसीपी सिंह के खिलाफ नहीं बोलते थे । अब जो मैसेज आ रहा है वो ये है कि ललन-आरसीपी की जोड़ी टूट चुकी है ।
दरअसल विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने जब जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी छोड़ कर आऱसीपी सिंह को उस पर बिठाया था, तो प्रमुख मकसद एक ही था । आरसीपी सिंह बीजेपी नेताओं से ऑफिशियली बात करेंगे । विधानसभा चुनाव के बाद जब नीतीश की हैसियत घटी तो बीजेपी ने अपने मंझोले नेताओं को उनसे बात करने के लिए भेजना शुरू कर दिया था । नरेंद्र मोदी-अमित शाह को छोड़ बीजेपी के किसी दूसरे नेता को अपने बराबर नहीं समझने वाले नीतीश को भूपेंद्र यादव औऱ संजय जायसवाल से बात करना अपमानजनक लगता था । आऱसीपी सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर उन्हें बीजेपी से को-ओर्डिनेशन बनाने का जिम्मा सौंपा गया था ।
एक सप्ताह पहले आया था नीतीश को फोन जेडीयू के सूत्र बताते हैं कि एक सप्ताह पहले नीतीश कुमार को बीजेपी के एक नेता ने कॉल किया था । उनसे पूछा गया कि किसे मंत्री बनाना चाहते हैं । नीतीश कुमार ने कह दिया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह बात कर लेंगे । मामला यही फंसा कि नीतीश कुमार को अमित शाह या प्रधानमंत्री के बजाय बीजेपी के मंझोले कद के नेता ने कॉल किया था । नाराज नीतीश ने कह दिया कि आरसीपी सिंह बात करेंगे ।
ऐसे हुआ खेल जेडीयू सूत्र बताते हैं कि बीजेपी से मंत्री बनाने के लिए नाम बताने का कॉल आने के बाद नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह से बात की थी। उन्हें कहा गया था कि बीजेपी से जो भी बात हो उसमें सबसे पहले लोजपा को तोडने वाले पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनाने की बात हो । इसके बाद जेडीयू अपने लिए तीन मंत्री की सीट मांगी जाये । इससे कम पर सहमत होने का सवाल ही नहीं है ।
जानकारों की मानें तो इसी फार्मूले के तहत जेडीयू ने तैयारी भी करनी शुरू कर दी थी । नीतीश कुमार ललन सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाना चाहते थे तो एक अति पिछड़ा और एक कुशवाहा सांसद को राज्यमंत्री । नीतीश की इसी सोंच के तहत संसदीय कमेटी के साथ बाहर दौरा पर गये जेडीयू के एक सांसद को आनन फानन में वापस दिल्ली बुलाया गया था । जिन्हें मंत्री बनना था उनके लिए आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट ले आ कर आना अनिवार्य कर दिया गया था । जेडीयू के दो सांसदों ने अपनी आऱटीपीसीआर जांच भी करा ली थी, लेकिन उन्हें न्योता ही नहीं आया ।
आरसीपी ने कर दिया खेल जानकार बता रहे हैं कि बीजेपी से जब आरसीपी सिंह ने बात की तो बीजेपी जेडीयू को दो मंत्री पद देने को तैयार थी, एक कैबिनेट औऱ एक राज्य मंत्री. बीजेपी अपने कोटे से पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनाने को तैयार नहीं थी. जेडीयू ने जब पारस को मंत्री बनाने की बात की तो बीजेपी ने कहा कि पारस के अलावा एक औऱ मंत्री पद दिया जा सकता है. आरसीपी सिंह ने झट से उस ऑफर को स्वीकार किया औऱ मंत्री पद के लिए अपना नाम बढ़ा दिया.
बीजेपी ने भी किया खेल जानकार बता रहे हैं कि आरसीपी सिंह काफी पहले से बीजेपी के संपर्क में थे. ट्रिपल तलाक, धारा 370 से लेकर दूसरे तमाम विवादास्पद मामलों में वे बीजेपी के साथ थे. कृषि कानून पर जब जेडीयू ने स्टैंड लिया कि केंद्र सरकार को किसानों से बात करना चाहिये तो आरसीपी सिंह ने बीजेपी के पक्ष में खुला मोर्चा खोल दिया. आरसीपी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों से बात करने की कोई जरूरत नहीं है. जेडीयू-बीजेपी के बीच असहमति के हर मसले पर आरसीपी सिंह जेडीयू के बजाय बीजेपी के प्रवक्ता बने नजर आय़े.
मंत्रिमंडल विस्तार के समय बीजेपी ने खेल किया. बीजेपी पहले जेडीयू को एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री का पद देने को तैयार थी. जब आरसीपी सिंह ने खुद मंत्री बनने की इच्छा जाहिर की तो दो कैबिनेट मंत्री का पद देने पर बीजेपी तत्काल राजी हो गयी. पारस को जेडीयू कोटे में ही शामिल किया गया है. बीजेपी जेडीयू के भीतर के खेल को समझ रही थी. लिहाजा आरसीपी सिंह को शह देने में देर नहीं की.
परेशान नीतीश की बेबसी आरसीपी सिंह के मंत्री बनने से नीतीश को सियासी नुकसान हुआ है. अपने गृह जिले के स्वजातीय व्यक्ति को केंद्र में मंत्री बना कर नीतीश को कोई राजनीतिक लाभ नहीं होने वाला. लेकिन आरसीपी सिंह के खेल को फिलहाल बर्दाश्त करने के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा. तीन दशक से भी ज्यादा समय से नीतीश के साथ रहे आरसीपी उनके हर बात के राजदार हैं. जेडीयू की भी बात करें तो उसका भी पूरा सांगठनिक ढांचा आरसीपी सिंह का ही तैयार किया हुआ है. नीतीश आरसीपी सिंह पर कार्रवाई करेंगे तो वहां फंसेंगे. उपर से बीजेपी की नाराजगी का भी खतरा है. दोनों आफत एक साथ आय़ी तो बिहार में सरकार पर खतरा होगा. ऐसे में नीतीश चाह कर भी तत्काल आरसीपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते.
समय पर आरसीपी पर कार्रवाई जानकार बता रहे हैं कि नीतीश पहले वह सब तैयारी कर लेना चाहते हैं जिससे आरसीपी के विद्रोह से कोई बड़ा नुकसान न हो. लिहाजा संगठन का काम जानने उपेंद्र कुशवाहा को बिहार के सभी जिलों के दौरे पर भेजा गया है. नीतीश कुमार की निगरानी में सभी जिलों को आगाह किया गया है कि जब उपेंद्र कुशवाहा वहां जायें तो उनके स्वागत से लेकर उन्हें सारी जानकारी दी जाये.
सूत्र बता रहे हैं कि नीतीश कुमार अगले महीने जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुला सकते हैं. उसी बैठक में आरसीपी सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से मुक्त करने की कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि खुद आरसीपी सिंह भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बने रहने को बहुत उत्सुक नहीं है.
आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने ने इस्तीफे की पेशकश की है । जगदा बाबू प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छोड़ना चाहते हैं । दरअसल जगदानंद सिंह लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के रवैया से नाराज है । सूत्रों की मानें तो उन्होंने अपना पद छोड़ने की पेशकश कर दी है । हालांकि खुद जगदानंद सिंह कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं ।
स्थापना दिवस पर मंच से उड़ाया जगदानन्द सिंह का मजाक
आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पार्टी के स्थापना दिवस समारोह के मौके तेज प्रताप यादव ने खुले मंच से जगदा बाबू का खूब मजाक उड़ाया था । तेज प्रताप को मंच पर भाषण के दौरान जब पार्टी के बाकी नेताओं को हाथ उठाने के लिए कह रहे थे । तब जगदानंद सिंह में हाथ नहीं उठाया था । इस पर तेज प्रताप ने यहां तक कह दिया था कि चाचा जगदानंद सिंह लगता है मुझ पर नाराज हैं । इसलिए हाथ नहीं उठा रहे । तेज प्रताप से कहा था कि वह पार्टी में भौंकने वाले नेताओं की फिक्र नहीं करते । जगदानंद सिंह और तेजप्रताप यादव के बीच विवाद नहीं है । लेकिन अब इस मामले में जगदानंद सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छोड़ने का फैसला कर लिया है ।
लालू-तेजस्वी के निर्णय के पहले मीडिया को नहीं बताना चाहते जगदा बाबू
राजनीतिक गलियारे में जैसे ही यह खबर आई कि जगदानंद सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है आरजेडी कार्यालय में मीडिया का जमावड़ा हो गया । जगदानंद सिंह से जब सवाल किया गया तो उन्होंने इस बात का सीधा जवाब नहीं दिया कि इस्तीफा दिया गया है या नहीं । जगदानंद सिंह के इस्तीफे की खबर को इस बात से बल मिलता है कि उन्होंने सीधे-सीधे इस्तीफा देने की खबर का खंडन नहीं किया । जगदा बाबू यही कहते रहे कि वह इस मामले पर कुछ भी नहीं कहना चाहते । संभव है कि तेजस्वी यादव जब तक लालू यादव से इस मामले पर बात नहीं कर लेते तब तक एक जगदा बाबू कुछ बोलना नहीं चाहते हो ।
राग पासवान की याचिका दिल्ली हाइकोर्ट ने खारिज कर दी है। इस याचिका के जरिए चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी थी। लोकसभा अध्यक्ष ने पशुपति पारस को ही लोजपा संसदीय दल के नेता को तौर पर मान्यता दी थी। दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले पर पशुपति पारस ने कहा कि वह मेरे भतीजे हैं, मैं उन्हें दुख नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन वह राह से भटक गए थे।
रामविलास की संपत्ति पर चिराग का अधिकार, लेकिन राजनीतिक वारिस मैं- पारस
पशुपति पारस ने कहा कि मैं अदालत के निर्णय का सम्मान करता हूं। राम विलास पासवान की संपत्ति पर चिराग पासवान का अधिकार है। लेकिन रामविलास पासवान के साथ मैंने परछाई की तरह जुड़ा रहा। हम दोनों ने गांव-गांव, घर-घर घूम पार्टी खड़ी की। इसलिए मुझे उनकी राजनीतिक विरासत मिली ।
चिराग बेटे होने के नाते उनकी संपत्ति के वारिस, लेकिन राजनीति का वारिस मैं- पारस
कोर्ट ने क्या कहा ?
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि आप स्पीकर के पास जाइए, चुनाव आयोग के पास जाइए, लेकिन यह याचिका यहां स्वीकार नहीं की जा सकती। इसका कोई कानूनी आदार ही नहीं है। चिराग पासवन की ओर से दाखिल याचिरा में कहा गया था कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देने की वजह से एलजेपी पहले ही पशुपति पारस को पार्टी से बाहर निकाल चुकी है । वे अब लोक जनशक्ति पार्टी के सदस्य नहीं हैं । राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 75 सदस्य हैं और इनमें से 66 सदस्य हमारे साथ हैं । सभी ने इसे लेकर हलफनामा दिया है ।
उज्जवल दुनिया संवाददाता, चरही(हजारीबाग)। चरही थाना अंतर्गत तापिन साउथ परियोजना के समीप गुरुवार को हाइड्रा पलटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक संजय कुमार (40) बताया जा रहा है।
वह मूल रूप से गोड्डा जिले के पहाड़पुर का रहने वाला था। वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ कुजू के डटमा मोड़ में रहता था।
संजय कुमार 15-20 वर्षों से इधर ही काम करता था। कुछ साल पहले ही उसने एक हाइड्रा लिया था।
शुक्रवार की सुबह संजय कुमार चालक के साथ हाइड्रा जेएच-05-बिवाई-1165 को लेकर तापिन साउथ के समीप पलटा हुआ हाइवा जेएच-02एएस-1515 को निकालने पहुंचा था।
दरअसल तापिन साउथ से कोयला लादकर ले जा रहा एक हाइवा गुरुवार की रात को पलट गया था।
हाइवा को निकालने में संजय खुद खड़े होकर हाइड्रा ऑपरेटर को मदद कर रहा था।
इतने में हाइड्रा का संतुलन बिगड़ गया और हाइड्रा भी पलट गया। इसी दौरान संजय भारी भरकम हाइड्रा के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद उसके शव को पुलिस ने अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी में गई जान, आए दिन होती है दुर्घटना
हजारीबाग क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल से संचालित परियोजनाओं में सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही बरती जाती है।
झारखंड, परेज, तापिन साउथ, और तापिन नॉर्थ परियोजनाओं से चरही रेलवे कोल शेड तक चलने वाले हाइवा के लिए सीसीएल की ओर से कोई भी वैकल्पिक सड़क नहीं बनाई गई है।
इस कारण सीसीएल की ट्रांसपोर्टिंग गाड़ियां चरही घाटोटांड़ होते हुए एनएच-33 से चरही रेलवे शेड तक पहुंचती है।
इस बीच कई घनी आबादी वाले इलाकों से गाड़ियां गुजरती हैं।
लगभग सभी हाइवा ज्यादा से ज्यादा चक्कर लगाने के लिए लोड कोयले को बिना ढके ही गति सीमा से अधिक तेजी से चलते हैं।
इससे धूलकण तो उड़ते ही हैं, कई बार राहगीरों पर भी कोयले का टुकड़ा गिरने का खतरा बना रहता है।
यही नहीं सीसीएल की ट्रांसपोर्टिंग में चलने वाले ज्यादातर हाइवा के चालकों के पास ट्रक चलाने का वैध लाइसेंस भी नहीं हैं।
इन क्षेत्रों में आए दिन इन वाहनों से सड़क हादसों में किसी न किसी मौत होती रहती है।
क्षेत्र के लोग इसका जिम्मेदार सीसीएल को मानते हैं।
उनका कहना है कि अगर सीसीएल सुरक्षा मानकों का सही से पालन करवाए, तो क्षेत्र में सड़क हादसा नहीं के बराबर होगा।
उज्ज्वल दुनिया, पूर्णिया(बिहार)। पूर्णिया में निगरानी विभाग ने श्रम अधीक्षक को कार्यालय में 55 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामले की सूचना मिलने पर सत्यापित करने के बाद निगरानी विभाग ने कार्रवाई की।
श्रम अधीक्षक और उसके सहयोगी को कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किया गया।
बकाया जमा करने के लिए 55 हजार रुपए घूस मांगे गए थे।
विजय कुमार नाम के एक व्यवसायी ने निगरानी विभाग को शिकायत की थी कि पूर्णिया के श्रम अधीक्षक कुमार आलोक रंजन उनसे पुराने भुगतान के के लिए 55 हजार रुपए घूस मांग रहे हैं।
शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने नजर रखनी शुरू की और जाल बिछाकर श्रम अधीक्षक के साथ उसके सहयोगी मनोज कुमार को रंगेहाथ दबोच लिया।
निगरानी विभाग के डीएसपी अरुण पासवान ने बताया कि विजय कुमार ने यह आवेदन दिया था कि उनकी बकाया राशि 1,99,500 रुपए जमा करने के लिए वह श्रम विभाग का कार्यालय गए।
श्रम अधीक्षक ने उन्हें बताया कि वह जाकर विभाग के अन्य कर्मी मुकेश कुमार से संपर्क करें।
मनोज कुमार ने इस राशि के भुगतान के लिए 50 हजार रुपए घूस मांगे।
विजिलेंस ने जाल बिछाकर विजय कुमार को 55 हजार रुपए देने को कहा।
जैसे ही विजय कुमार ने उस तक पैसे पहुंचाए, निगरानी विभाग ने उसे धर दबोचा।
उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(अजय निराला)। हजारीबाग पुलिस ने चोर गिरोह का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनसे चोरी के सामान भी बरामद किए गए हैं।
एसपी कार्तिक एस को गुरुवार की देर रात गुप्त सूचना मिली कि शहर बड़कागांव रोड स्थित यशवंतनगर गली-1 में हनुमान मंदिर के निकट कुछ आपराधिक तत्वों का जमावड़ा लगा हुआ है।
अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सुचना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित कर पुलिस को भेजी गई।
इसमें बड़ा बाजार और सदर पुलिस के नेतृत्व में संयुक्त कार्रवाई की गई। इसमें दो आरोपियों दारू थाना क्षेत्र के झरपो निवासी वर्तमान में कूद में रहनेवाले विकास कुमार सोनी और रेवाली के आकाश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
उनकी निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों कटकमदाग थाना क्षेत्र के रेवाली के ऋषभ राय, ओम कुमार पासवान और राजकुमार भुइयां को पुलिस ने दबोच लिया।
पूछताछ के बाद आरोपियों ने जुर्म कबूल करते हुए चोरी की गई सामानों को बरामद किया गया।
चोरी के सामानों में ओपो, सैमसंग, माइक्रोमैक्स, नोकिया, मोटोरोला और एमआई मोबाइल, जियो और एयरटेल के सिम, ताला तोड़ने के सामान चाकू, रड, लोहे का साबल, बड़ा कैंची, बाइक में होंडा स्कूटी, साइन, एक्टिवा, दो रेनकोट आदि बरामद किए गए।
इसके अलावा 12 जोड़े चांदी के पायल, एक जोड़ा चांदी का हेयर क्लिप, चांदी की बगुरी, अमृतवाला, सोने का चेन, मंगलसूत्र, दो जोड़े कर्णफूल, अंगूठी, सात लॉकेट, चांदी की राखी, चांदी के सिक्के, चाबी रिंग, 13 गोल्डन कंगन समेत कई जेवरात और बेशकीमती सामान बरामद किए गए।
उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। हजारीबाग एसपी की पहल पर डीएवी के प्राचार्य अशोक कुमार ने अपना लैपटॉप गरीब बच्चों के नाम दान कर दिया।
उन्होंने कहा कि लैपटॉप चलंत स्थिति में है और समाज के अभिवंचित छात्र-छात्राओं के लिए यह काम आएगा।
प्राचार्य ने अपना लैपटॉप सदर थाना प्रभारी को सौंपते हुए कहा कि अपने समाज में सैकड़ों ऐसे बच्चे हैं जो मोबाइल या लैपटॉप के अभाव में ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रहे हैं।
ऐसी स्थिति में सुविधा साधन संपन्न वर्ग के लोगों को आगे आना चाहिए और अपने घर पर पड़ी उन पुरानी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को अभिवंचित छात्र-छात्राओं के बीच वितरित कर देना चाहिए।
प्राचार्य ने विशेष रूप से जिला पुलिस प्रशासन की तारीफ की, जो यह मुहिम चला रही है।
उन्होंने सहोदय के सचिव होने के नाते सभी सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बढ़-चढ़कर इस मुहिम में हिस्सेदारी करें ताकि जरूरतमंद बच्चों को मोबाइल, लैपटाप जैसी आवश्यक एवं उपयोगी उपकरण प्राप्त हो सके।
कोडरमा/चंदवारा। चंदवारा थाना क्षेत्र के जवाहर घाटी के पास शुक्रवार शाम को अचानक चली गोली की घटना में एक युवक की मौत हो गयी। जिसमें मृतक की पहचान निखिल कुमार (25 वर्ष) निवासी बेऊर पटना, बिहार के रूप में हुई है। उक्त घटना बिहार के बक्सर के प्रशिक्षु डीएसपी आशुतोष कुमार के सर्विस रिवाल्वर से चली गोली से हुई। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की मच गई। देर रात इस मामले को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी ओर कोई कुछ बोलने से बच रहे थे। पुलिस के सीनियर अधिकारी खुद मामले की जांच कर रहे थे, प्रशिक्षु डीएसपी व उनके एक दोस्त से पुलिस पूछताछ की कर रही । विदित हो कि सिमरी थाना के प्रभार में हैं प्रशिक्षु डीएसपी आशुतोष कुमार दो दिन की छुट्टी पर बक्सर से निकले थे जानकारी के अनुसार, बिहार के बक्सर जिले के प्रशिक्षु डीएसपी आशुतोष कुमार निजी वाहन से अपने तीन दोस्तों को लेकर कोडरमा जिले के तिलैया डैम घूमने आये थे। डैम में घूमने के बाद सभी जवाहर घाटी के किनारे हसीन वादियों में सेल्फी फोटो क्लिक कर रहे थे। बताया जाता है कि उनका दोस्त सौरभ कुमार डीएसपी का सर्विस रिवाल्वर हाथ में लेकर एक्शन से फोटो क्लिक करवा रहा था। इसी दौरान अचानक गोली चल गई और पास खड़े निखिल को जा लगी. निखिल को जख्मी अवस्था में डीएसपी आशुतोष व सौरभ लेकर सदर अस्पताल, कोडरमा पहुंचे। हालांकि, तब तक निखिल की मौत हो गयी थी। वहीं एक अन्य दोस्त घटना के बाद से गायब रहने की बात कही जा रही है ,सदर अस्पताल से तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को मिली इसके बाद हड़कंप मच गया चंदवारा व तिलैया डैम ओपी की पुलिस घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची। डीएसपी मुख्यालय संजीव कुमार सिंह व अन्य प्रशिक्षु डीएसपी व उसके दोस्त को लेकर खुद देर रात घटनास्थल पर पहुंचे। डीएसपी मुख्यालय ने ने बताया कि बिहार के प्रशिक्षु डीएसपी के रिवाल्वर से गोली चलने व इससे उनके एक दोस्त की मौत की घटना हुई है। घटना को लेकर प्रशिक्षु डीएसपी व उनके बचे दोस्त से पूछताछ की जायेगी। इसके बाद ही आगे कुछ बता सकते हैं।
झारखंड कांग्रेस का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा । इसे लेकर अचानक सियासी चहलकदमी बढ़ गई है। झारखंड कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में कैंप कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही झारखंड और बिहार जैसे प्रदेशों के अध्यक्ष का एलान होने वाला है। अब नये नामों को लेकर कांग्रेस के अंदर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
कौन बनेगा झारखंड कांग्रेस का अगला प्रदेश अध्यक्ष ?
विक्सल कोंगाड़ी के नाम की चर्चा
कांग्रेस नेता नमन् विक्सल कोंगाड़ी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। कांग्रेस की क्रिश्चियन लॉबी ने उन्हें 12वां मंत्री पद दिलाने के लिए सोनिया से लेकर राहुल गांधी तक लॉबिंग की थी। ऑस्कर फर्नांडिस और अंजू बी जॉर्ज जैसे नेताओं तक बात पहुंचाई गई थी। लेकिन फिलहाल वो मामला चल गया। अब कांग्रेस का एक छोटा लेकिन ताकतवर तबका कोलेबिरा विधायक नमन् विक्सल कोंगाड़ी को अगला प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए दिल्ली में लॉबिंग कर रहा है।
दीपिका पांडे सिंह भी रेस में आगे
कांग्रेस की किसी भी महिला विधायक को सरकार में कोई पद नहीं मिला। ऐसे में एक सोंच यह भी है कि किसी महिला को पहली बार झारखंड प्रदेश कांग्रेस की कमान क्यों न सौंपी जाय । दीपिका पांडेय केंद्रीय नेताओं के लगातार संपर्क में हैं । लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने दीपिका पांडेय को केंद्रीय सचिव को जवाबदेही दी है । ऐसे में शायद ही कांग्रेस नेतृत्व उन्हें उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्य से हटाकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपे। वैसे भी दीपिका पांडे सिंह प्रदेश अध्यक्ष की बजाय मंत्री पद या बोर्ड-निगम ज्याद पसंद करें ।
अजय कुमार की चर्चा रांची से ज्यादा दिल्ली दरबार में
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार पार्टी में वापस आ चुके हैं। उनके रिश्ते दिल्ली के बड़े नेताओं से सहज हैं। राहुल गांधी की नजर में भी अजय कुमार की छवि अच्छी है। लेकिन प्रदेश स्तर पर अजय कुमार का बहुत विरोध है। खासकर रांची के नेताओं का एक तबका शायद ही उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर देखना पसंद करे।
संजय पांडे ने रामेश्वर उरावं की शिकायत आरपीएन सिंह से की
इधर, प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जिलाध्यक्ष भी अपने-अपने नेताओं को आगे कर रहे हैं । उनके लिए दिल्ली दरबार का चक्कर लगा रहे हैं । रांची के महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय सहित कई नेता समय-समय पर दिल्ली पहुंच रहे हैं । वहीं, प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने एक आदेश जारी किया है कि जिलाध्यक्ष अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे । इस आदेश का संजय पांडेय ने विरोध किया है। उनकी दलील है कि आउटरीच कार्यक्रम केवल जिलाध्यक्षों के लिए नहीं है । को-ऑर्डिनेटर, कार्यकारी अध्यक्ष सहित दूसरे पदाधिकारी भी प्रभार वाले जिला से बाहर ना जाये । महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय ने इसकी शिकायत झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह से भी की है ।