Saturday 27th of June 2026 03:22:06 AM
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तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली-रांची एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट वापस दिल्ली लौटी

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नई दिल्ली:
दिल्ली से रांची जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही तकनीकी खराबी के संदेह के चलते वापस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लौटना पड़ा।

यह विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था, जिसे शाम 6:20 बजे रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर उतरना था। एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने कहा,

“हमारी एक फ्लाइट उड़ान के तुरंत बाद संभावित तकनीकी गड़बड़ी के कारण दिल्ली लौट आई। जांच और आवश्यक मंजूरी के बाद विमान ने फिर से अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखीं। हमें यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है।”


🛬 एक और फ्लाइट में भी तकनीकी समस्या:

इसी दिन की शुरुआत में, हांगकांग से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक अन्य फ्लाइट AI 315 को मध्य-उड़ान में तकनीकी खराबी के संदेह पर वापस हांगकांग लौटना पड़ा।

यह फ्लाइट बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान थी, जो सुबह 12:20 बजे तक दिल्ली पहुंचने वाली थी। Flight Radar 24 के अनुसार, उड़ान में तकनीकी समस्या का अंदेशा होने पर पायलट ने सावधानी के तहत लौटने का निर्णय लिया।

सभी यात्री सुरक्षित उतर गए हैं और विमान की सुरक्षा जांच जारी है।


🛑 संदेह और चिंता की लहर:

ये घटनाएं ऐसे समय पर हुई हैं जब 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट AI 171 (Dreamliner 787-8) के हादसे में 241 लोगों की मौत हुई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले एविएशन सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।


अहमदाबाद विमान हादसा: केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली बहु-विषयक समिति की पहली बैठक आयोजित

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नई दिल्ली:
अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के हादसे की जांच के लिए गठित केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में बनी बहु-विषयक उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक सोमवार को आयोजित हुई। इस बैठक में दुर्घटना की प्रारंभिक जानकारी साझा की गई और विभिन्न सदस्य संगठनों से इनपुट भी लिए गए।

सूत्रों के अनुसार, समिति को तीन महीने के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपनी है। इस रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य होगा:

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) तैयार करना।

इस समिति की जांच के समानांतर, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा भी तकनीकी कारणों की स्वतंत्र जांच की जा रही है।


✈️ दुर्घटना का विवरण:

12 जून, 2025 को, एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, जो अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही थी, टेकऑफ के एक मिनट के भीतर ही क्रैश हो गई। दुर्घटना का स्थान था मेघाणी नगर, जो सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे — 230 यात्री, 2 पायलट और 10 क्रू सदस्य।

241 लोग इस दर्दनाक हादसे में मारे गए, जबकि केवल एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से जीवित बचा।

इस हादसे में कई युवा मेडिकल छात्र भी शामिल थे, जिनकी मौत को पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।


🛡️ समिति की संरचना और कार्यक्षेत्र:

गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गुजरात सरकार, DGCA, BCAS, भारतीय वायुसेना, इंटेलिजेंस ब्यूरो, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, और राष्ट्रीय व राज्य-स्तरीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों सहित कई विभागों के प्रतिनिधि इस समिति में शामिल हैं।

समिति का मुख्य कार्य है:

  • दुर्घटना की तकनीकी, परिचालन और नियामकीय दृष्टिकोण से जांच करना।

  • संस्थागत और प्रणालीगत खामियों की पहचान करना।

  • दीर्घकालिक सुधारों की सिफारिश करना जिनमें शामिल हैं:

    • विमानन सुरक्षा मान्यता प्रणाली (certification systems)

    • आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल

    • क्रू प्रशिक्षण

    • एयर ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली

ब्रिटिश एयरवेज़ की चेन्नई जाने वाली उड़ान फ्लैप फेलियर के कारण हीथ्रो लौटी, 700 से अधिक यात्री प्रभावित

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नई दिल्ली:
ब्रिटिश एयरवेज़ की चेन्नई जाने वाली उड़ान BA35 को रविवार को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद तकनीकी खराबी के चलते वापस लौटना पड़ा। विमान के फ्लैप समायोजन प्रणाली में खराबी आने के कारण उसे मिड-एयर फ्यूल डंप (ईंधन निकासी) करना पड़ा और आपातकालीन स्थिति के तहत वापसी करनी पड़ी।

इस घटना ने एक बार फिर बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह विमान इसी मॉडल का था।

विमान विवरण:
उड़ान BA35, जो बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (रजिस्ट्रेशन G-ZBJG) द्वारा संचालित थी, ने सुबह लगभग 11:45 UTC पर हीथ्रो के रनवे 27R से उड़ान भरी। लेकिन लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद फ्लैप एडजस्टमेंट फेलियर की रिपोर्ट दी गई। फ्लैप वे सतहें होती हैं जो विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के समय लिफ्ट को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

Flightradar24 के अनुसार, विमान 12:30 UTC पर डोवर की खाड़ी के ऊपर एक होल्डिंग पैटर्न में चला गया और करीब एक घंटे तक चक्कर लगाता रहा ताकि लैंडिंग से पहले उसका वजन कम किया जा सके।

विमान सुरक्षित रूप से 2:00 UTC पर हीथ्रो वापस उतरा और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार दिया गया


🗣️ ब्रिटिश एयरवेज़ का बयान:

“तकनीकी समस्या की रिपोर्ट के बाद एहतियातन विमान को वापस लाया गया। हम प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में स्थानांतरित करने के प्रयास में हैं।”


✈️ प्रभाव और प्रतिक्रिया:

इस घटना के कारण ब्रिटिश एयरवेज़ को चेन्नई से लंदन आने वाली वापसी उड़ान को रद्द करना पड़ा

  • लंदन में 360 यात्री अपने कनेक्टिंग फ्लाइट्स (एम्सटर्डम, पेरिस, स्टॉकहोम आदि) से चूक गए।

  • चेन्नई में 366 यात्री फंसे रह गए, जिनमें कई अन्य शहरों से आए यात्री भी शामिल थे। चेन्नई एयरपोर्ट पर अव्यवस्था और नाराज़गी के दृश्य सामने आए।


⚠️ पिछली घटनाएं और सुरक्षा चिंता:

यह घटना अहमदाबाद में एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर की हालिया दुर्घटना के कुछ दिन बाद ही हुई है, जिससे इस मॉडल की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लैप फेलियर की वजह फ्लैप ड्राइव सिस्टम, अधूरा टॉर्क ट्रांसमिशन, सेंसर खराबी या एक्चुएटर फेलियर हो सकते हैं।
फिलहाल, प्रभावित विमान को जांच पूरी होने तक ग्राउंडेड कर दिया गया है।

कर्नाटक: महिला यात्री से कथित मारपीट को लेकर रैपिडो ड्राइवर के खिलाफ FIR दर्ज, वायरल वीडियो से जांच शुरू

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बेंगलुरु:
कर्नाटक पुलिस ने रैपिडो बाइक टैक्सी ड्राइवर के खिलाफ महिला यात्री से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज की है। यह घटना दिनदहाड़े हुई और इसका एक हिस्सा वीडियो में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने आम जनता और नेटिज़न्स के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है।

जयनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, आरोपी की पहचान सुहास के रूप में हुई है और शिकायतकर्ता श्रेया ने आरोप लगाया है कि चालक ने सार्वजनिक रूप से उन्हें गालियां दीं और थप्पड़ मारा, जब उन्होंने उसकी लापरवाह ड्राइविंग पर आपत्ति जताई।

श्रेया ने बताया कि उन्होंने 13 जून की सुबह लगभग 10 बजे BTM लेआउट से जयनगर 3rd ब्लॉक तक रैपिडो की सवारी बुक की थी। सफर के दौरान ड्राइवर ने कई यातायात नियमों का उल्लंघन किया। जब वह गंतव्य पर पहुंचीं, तो उन्होंने इस पर सवाल उठाया। इसके बाद चालक ने उन्हें कथित तौर पर गाली दी और थप्पड़ मारा

“शुरुआत में मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का मन नहीं बनाया था, लेकिन जब वीडियो वायरल हुआ और दोस्तों ने सुझाव दिया, तब मैंने पुलिस का रुख किया,” श्रेया ने कहा।


👮‍♂️ पुलिस ने शुरू की जांच, वीडियो हो रहा विश्लेषित

दक्षिण डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (DCP) लोकेश जगलासर ने बताया:

“महिला ने ड्राइवर की असुरक्षित ड्राइविंग पर सवाल उठाया, जिससे दोनों के बीच बहस हुई, जो कथित मारपीट में बदल गई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू हो गई है।”

पुलिस ने ड्राइवर को पूछताछ के लिए बुलाया है और वायरल वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है।


🎥 ड्राइवर ने जारी किया अपना पक्ष

घटना के बाद, ड्राइवर सुहास ने एक वीडियो बयान जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि यात्री ने उनसे अचानक बाइक रोकने को कहा जबकि वह ट्रैफिक से बचने के लिए एक शॉर्टकट ले रहे थे।

“अगर मैंने अचानक गाड़ी रोकी होती तो पीछे की गाड़ियों को खतरा हो सकता था। इसलिए मैंने कुछ मीटर आगे जाकर गाड़ी रोकी,” उन्होंने दावा किया।

ड्राइवर ने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने दो बार हाथ उठाने की कोशिश की, और पहले गुस्से में चिल्लाना शुरू किया।


🚫 रैपिडो की प्रतिक्रिया

जब रैपिडो से संपर्क किया गया, तो कंपनी ने कहा कि यह मामला पुलिस के अधीन है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा


📱 सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

यह घटना सोशल मीडिया पर बाइक टैक्सी सेवाओं की सुरक्षा, यात्री-ड्राइवर के व्यवहार और राइड-हेलिंग सेवाओं में नियमन और जवाबदेही की जरूरत पर बहस छेड़ दी है।

ईरान-इज़रायल युद्ध: भारत सरकार करेगी व्यापार पर असर की समीक्षा, इस सप्ताह होगी प्रमुख बैठक

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नई दिल्ली:
भारत सरकार ईरान-इज़रायल संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और इस सप्ताह शिपिंग लाइनों, कंटेनर कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी ताकि देश के विदेशी व्यापार पर प्रभाव का आकलन किया जा सके और संभावित समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।

वाणिज्य सचिव सुनील बार्थवाल ने सोमवार को कहा कि युद्ध का भारत के व्यापार पर कितना असर पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थिति किस दिशा में जाती है

“हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हम इस सप्ताह एक बैठक बुला रहे हैं जिसमें सभी शिपिंग लाइंस, कंटेनर संगठनों, संबंधित विभागों और हितधारकों को बुलाया जाएगा ताकि यह समझा जा सके कि वे किस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं और हम उन्हें कैसे सुलझा सकते हैं,” उन्होंने संवाददाताओं से कहा।


🚢 बढ़ सकती हैं शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम

निर्यातकों ने आशंका जताई है कि यदि यह युद्ध और अधिक बढ़ता है, तो यह वैश्विक व्यापार को प्रभावित करेगा, और हवा और समुद्री मालभाड़े की दरों में तेज वृद्धि हो सकती है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत का लगभग दो-तिहाई कच्चा तेल और आधा एलएनजी आयात आता है। ईरान ने इस मार्ग को बंद करने की धमकी दी है, जिससे गंभीर असर की आशंका है।

यह मार्ग सिर्फ 21 मील चौड़ा है लेकिन यहां से दुनिया के लगभग 20% तेल व्यापार का संचालन होता है और भारत जैसी ऊर्जा-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए यह जीवनरेखा समान है।


⚠️ लंबे समय तक युद्ध रहा तो बढ़ेंगी मुश्किलें

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि युद्ध लंबा चलता है, तो इसका व्यापार पर निश्चित रूप से असर होगा।

“हम निर्यातकों से लगातार संपर्क में हैं और उनके साथ बैठकों के ज़रिए समस्या की निगरानी कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।


📊 जीटीआरआई की रिपोर्ट: महंगाई बढ़ेगी, रुपया दबाव में

थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने कहा है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य हस्तक्षेप या अवरोध होता है, तो इससे तेल की कीमतें, मालभाड़ा, बीमा प्रीमियम और महंगाई बढ़ेगी, जिसका सीधा असर रुपये की मजबूती और वित्तीय प्रबंधन पर पड़ेगा।


🌍 रेड सी मार्ग फिर संकट में

रेड सी मार्ग, जो भारत से यूरोप, उत्तर अफ्रीका और अमेरिका के पूर्वी तट तक 30% पश्चिमी व्यापार को संभालता है, फिर से खतरे में है।
हौथी विद्रोहियों ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया था और अब इसराइल द्वारा यमन में 14–15 जून की कार्रवाई के बाद तनाव और बढ़ गया है।

भारत की 80% यूरोप व्यापार और काफी हद तक अमेरिकी व्यापार रेड सी होकर ही जाता है।


📉 इज़रायल और ईरान के साथ व्यापार पहले ही गिरा

भारत का इज़रायल को निर्यात 2023-24 के USD 4.5 बिलियन से घटकर 2024-25 में USD 2.1 बिलियन हो गया।
ईरान को निर्यात 2023-24 और 2024-25 दोनों में USD 1.4 बिलियन रहा लेकिन अस्थिरता से यह भी प्रभावित हो सकता है।
ईरान से आयात भी USD 625 मिलियन से घटकर USD 441 मिलियन पर आ गया है।


📉 वैश्विक व्यापार में गिरावट की आशंका

WTO ने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ और युद्ध के प्रभाव के कारण 2025 में वैश्विक व्यापार 0.2% सिकुड़ सकता है, जबकि पहले 2.7% की वृद्धि का अनुमान था।

भारत का कुल निर्यात 2024-25 में 6% बढ़कर USD 825 बिलियन पहुंचा है, जो आने वाले समय में प्रभावित हो सकता है।

केदारनाथ हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद हुए जयपुर के पायलट राजवीर सिंह चौहान, 14 साल सेना में दी थी सेवा

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जयपुर:
उत्तराखंड के केदारनाथ में रविवार सुबह गौरीकुंड के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें पायलट राजवीर सिंह चौहान भी शामिल थे। राजवीर सिंह जयपुर निवासी थे और भारतीय सेना में 14 वर्षों तक लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर सेवा दे चुके थे।

कुछ महीने पहले ही उन्होंने एक प्राइवेट एविएशन कंपनी में बतौर पायलट नौकरी जॉइन की थी।


चार महीने पहले बने थे जुड़वां बच्चों के पिता

राजवीर सिंह की पत्नी दीपिका भी सेना में कार्यरत हैं और चार महीने पहले उन्होंने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। इस हादसे ने जयपुर के शास्त्री नगर स्थित उनके परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। जैसे ही यह खबर परिवार को मिली, रिश्तेदार और परिचित सांत्वना देने उनके घर पहुंचे।


सबसे पहले पिता को मिली दुःखद सूचना

उनके पिता गोविंद सिंह चौहान को सबसे पहले बेटे की मौत की सूचना मिली। परिवार और आस-पड़ोस में शोक का माहौल है।


राजनीतिक नेताओं ने जताया दुख

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:

“केदारनाथ में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में पायलट व श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। बाबा केदार दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें व परिजनों को यह वज्राघात सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”

विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से उन्हें संकट सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र सिंह अलवर ने लिखा:

“गौरीकुंड, केदारनाथ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश की खबर अत्यंत दुःखद है। सभी 7 यात्रियों व पायलट श्री राजवीर सिंह (जयपुर, राजस्थान) की मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर सभी दिवंगत आत्माओं को शांति व परिजनों को संबल दें।”


आधिकारिक पुष्टि

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की सीईओ सोनिका ने इस बात की पुष्टि की कि हादसे में सातों यात्रियों और पायलट राजवीर सिंह चौहान की मृत्यु हुई है

क्यों हुआ एयर इंडिया ड्रीमलाइनर का हादसा? वायुसेना के पूर्व विंग कमांडर और एयरोनॉटिकल इंजीनियर ने बताई बड़ी वजहें

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अंबाला/चंडीगढ़:
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। यह Boeing 787-8 Dreamliner विमान था, जो अब तक कभी क्रैश नहीं हुआ था। ऐसे में सवाल उठता है — इतनी आधुनिक और सुरक्षित मानी जाने वाली उड़ान अचानक हादसे का शिकार कैसे हो गई?

इस सवाल का जवाब जानने के लिए ETV भारत ने भारतीय वायुसेना के पूर्व विंग कमांडर एसडी विज और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के एयरोनॉटिकल विशेषज्ञ प्रो. तजिंदर कुमार जिंदल से बात की।


✈️ हादसा सिर्फ कुछ सेकंड में हुआ

12 जून की दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरी, लेकिन चंद सेकंड बाद ही वह फिसलते हुए बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर जा गिरी। हादसे में 242 में से 241 यात्रियों और 29 ज़मीन पर मौजूद लोगों की मौत हो गई।


📻 पायलट को पहले मिलती है खराबी की सूचना

प्रो. जिंदल ने बताया कि किसी भी तकनीकी समस्या की सूचना सबसे पहले पायलट को मिलती है। अगर इंजन या अन्य सिस्टम में कोई गड़बड़ी आती है, तो पायलट तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क करता है और “Mayday” कॉल देता है।


🚨 दोनों इंजन फेल हो सकते हैं

इस हादसे में पायलट ने Mayday कॉल दिया था, जिससे संकेत मिलता है कि उड़ान के दौरान थ्रस्ट लॉस (Thrust Loss) यानी इंजन की शक्ति खत्म हो गई थी। प्रो. जिंदल के अनुसार Dreamliner में दो इंजन होते हैं और अगर एक भी काम करता रहे, तो विमान सुरक्षित लैंडिंग की कोशिश कर सकता है। लेकिन इस केस में शायद दोनों इंजन फेल हो गए


🛑 पायलट के नियंत्रण में नहीं था विमान

“जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें पायलट की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखती,” प्रो. जिंदल कहते हैं। “ऐसा संभव है कि विमान उस वक्त पायलट के नियंत्रण से बाहर हो गया हो, और वह कुछ कर ही न पाए।”


📦 ब्लैक बॉक्स: सच्चाई की चाबी

विमान का ब्लैक बॉक्स दो हिस्सों में बंटा होता है:

  1. कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR): पायलट और को-पायलट की बातचीत, केबिन की आवाज़ें और ATC से संपर्क रिकॉर्ड करता है।

  2. फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR): इंजन, ऊंचाई, गति, तापमान जैसे तमाम तकनीकी डेटा को रिकॉर्ड करता है।

ब्लैक बॉक्स की मदद से जांच एजेंसियां यह पता लगाती हैं कि हादसे की वजह मानवीय गलती थी, तकनीकी गड़बड़ी, मौसम, या कोई बाहरी कारण (जैसे बर्ड हिट)।


जांच में कितना समय लगता है?

ब्लैक बॉक्स डेटा की प्रारंभिक रिपोर्ट आने में 25–30 दिन लगते हैं। लेकिन पूरी जांच, विश्लेषण और सिमुलेशन के साथ 1 से 2 साल भी लग सकते हैं।


🧪 Boeing Dreamliner की तकनीकी इतिहास

  • Boeing 737 Max मॉडल में ऑटो-पायलट सिस्टम की गड़बड़ी के कारण पहले भी हादसे हुए थे।

  • Boeing 787 Dreamliner की शुरुआत में बैटरी से जुड़ी समस्या आई थी, जिसे बाद में ठीक कर दिया गया। इसके बाद से कोई गंभीर तकनीकी कमी सामने नहीं आई है।

हालांकि, जांच एजेंसियां अभी भी यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस बार किसी पुराने या नए तकनीकी दोष ने फिर से सिर उठाया।

अहमदाबाद विमान हादसे का चश्मदीद बना 17 वर्षीय आर्यन असारी, दर्दनाक दृश्य से उबरने की कोशिश में

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अहमदाबाद:
जिस जिज्ञासा में 17 वर्षीय आर्यन असारी ने एक विमान को पास से देखने की कोशिश की, वही पल उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक अनुभव बन गया। एयर इंडिया की उड़ान AI-171 की दुर्घटना के दौरान बनाया गया आर्यन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, लेकिन आर्यन अब इस भयावह दृश्य को भूलने के लिए संघर्ष कर रहा है।

गुजरात के अरावली जिले के शमलाजी तालुका से कक्षा 12वीं के छात्र आर्यन, 12 जून को अहमदाबाद आए थे ताकि नए सत्र के लिए किताबें खरीद सकें। जब वे दोपहर 12:30 बजे के करीब मेघाणी नगर स्थित अपने पिता के किराए के घर पहुँचे, तो उन्हें बताया गया कि यहाँ से अक्सर विमान बहुत नीचे से उड़ते हैं। उत्सुकता में वे छत पर गए और पहली बार इतने करीब से विमान को देखने लगे।

“मैंने छत से एक वीडियो बनाना शुरू किया क्योंकि मैंने कभी इतना नज़दीक से विमान नहीं देखा था,” आर्यन ने टूटी-फूटी हिंदी और गुजराती में कहा।

लेकिन यह वीडियो अचानक एक भयावह घटना में बदल गया।

“जैसे ही विमान उतरने लगा, मुझे लगा कि यह शायद दूसरी तरफ लैंड करेगा। लेकिन फिर वह नीचे गिरा और आग की लपटों में घिर गया। वह पल बहुत ही डरावना था,” आर्यन ने कांपती आवाज़ में कहा।


💔 मासूम जिज्ञासा से त्रासदी तक

इस दुर्घटना में 242 में से 241 लोग विमान में मारे गए और 29 स्थानीय नागरिकों की भी जान चली गई, क्योंकि विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में जा गिरा।

आर्यन के पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं और हाल ही में अहमदाबाद मेट्रो में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहे थे। इसी वजह से वे मेघाणी नगर में किराए के मकान में रह रहे थे — वही स्थान जो अब त्रासदी का प्रतीक बन गया है।

मकान मालिक कैलाशबा ने पुष्टि की कि, “आर्यन पहली बार अहमदाबाद आया था और कुछ ही घंटों में ऐसी भयानक घटना का चश्मदीद बन गया। वीडियो पहले अपने पिता को भेजा और फिर वह वायरल हो गया।”


🧠 ट्रॉमा से जूझता किशोर

आर्यन ने शनिवार को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को बतौर चश्मदीद गवाह अपना बयान दिया। अब वह वापस अपने गांव लौट रहा है, जहां वह शांति की तलाश और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। लेकिन वह दृश्य, जब विमान सामने आग की लपटों में बदल गया, अब उसकी स्मृतियों में गहराई से बैठ गया है।

“मैं बस ये सब भूलकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहता हूँ,” आर्यन ने जाते-जाते कहा।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: पीएम के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा ने राहत और जांच कार्यों की समीक्षा की

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर उनके प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा ने रविवार को अहमदाबाद का दौरा किया और हाल ही में हुए प्लेन क्रैश के बाद राहत, बचाव और जांच कार्यों की समीक्षा की। यह दौरा इस बात का संकेत था कि केंद्र सरकार पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ मिश्रा ने बीजे मेडिकल कॉलेज, मेघाणी नगर के पास स्थित हादसे के स्थल का दौरा किया, जहां राज्य सरकार, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें दुर्घटना के क्रम और तुरंत उठाए गए कदमों की जानकारी दी।


🏥 पीड़ितों से मुलाकात और सहायता निर्देश

इसके बाद डॉ मिश्रा ने सिविल अस्पताल, अहमदाबाद का दौरा किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की, डीएनए सैंपल मिलान प्रक्रिया को देखा और अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को हर प्रकार की सहायता बिना किसी देरी और पूरी संवेदनशीलता के साथ दी जाए।

उन्होंने घायल पीड़ितों से भी बातचीत की और अस्पताल प्रशासन को इलाज को प्राथमिकता देने को कहा।


🧬 गांधीनगर फोरेंसिक लैब का दौरा

डॉ मिश्रा ने गांधीनगर स्थित फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) का भी दौरा किया, जहां उन्होंने डीएनए सैंपलिंग कार्य की समीक्षा की और वैज्ञानिक सटीकता के साथ त्वरित पहचान पूरी करने का निर्देश दिया।


📋 समीक्षा बैठक और अंतरराष्ट्रीय जांच सहयोग

सर्किट हाउस, अहमदाबाद में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने राहत, बचाव और जांच से जुड़ी सभी एजेंसियों से समन्वय के साथ काम करने को कहा। इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, AAIB और AAI के प्रतिनिधि शामिल हुए।

AAIB ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है और चूंकि विमान अमेरिकी निर्माण का है, इसलिए अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत समानांतर जांच कर रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) बरामद कर लिए गए हैं।


🇮🇳 प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता दोहराई

डॉ मिश्रा ने प्रधानमंत्री की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि पीड़ितों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और सभी एजेंसियों के बीच समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

डॉ मिश्रा के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय से सलाहकार तरुण कपूर और उप सचिव मंगेश घिल्डियाल भी मौजूद रहे।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: मूक पीड़ितों की देखभाल के लिए पहुंचे पशु प्रेमी कार्यकर्ता

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अहमदाबाद: अहमदाबाद के मेघाणी नगर में हुए एयर इंडिया के विमान दुर्घटना ने भारी मानव क्षति तो पहुंचाई ही, साथ ही पशु-पक्षियों की भी बड़ी संख्या में मौत हो गई। यह इलाका जहां हादसा हुआ, वहां पेड़ों और इमारतों में कई आवारा कुत्ते, बिल्लियाँ, कबूतर और मोर रहते थे। 12 जून को हुए इस हादसे में कम से कम 5–6 कुत्तों के जलकर मरने की आशंका है।

शनिवार को ETV भारत की टीम जब AI 171 फ्लाइट क्रैश स्थल पर पहुँची, तो कई पशु कल्याण कार्यकर्ता मूक जीवों की देखभाल करते दिखे। पहले जो इलाका चहल-पहल से भरा रहता था, वहां अब मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की जली हुई बिल्डिंग्स और राख के ढेर हैं।


🐾 प्राकृतिक क्षेत्र अब राख में तब्दील

मेघाणी नगर का मेडिकल कॉलेज परिसर हरियाली से भरा हुआ था, जहां कई पक्षी और जानवर रहते थे। अब यह क्षेत्र जलकर खाली और खामोश हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां कई मोर भी रहते थे। हादसे के बाद से कई पशु इधर-उधर घबराए हुए भाग रहे हैं, और कई अब भी भोजन-पानी के लिए तड़प रहे हैं।


💬 नामस्ते फाउंडेशन की खुशी दवे ने बताया:

“हम हादसे के दिन रात 9-10 बजे ही पहुंच गए थे। कई जानवर और पक्षी मरे हुए मिले। हमें 5-6 कुत्तों की लाशें दिखीं। कुछ पालतू कुत्ते भी डॉक्टरों के साथ हॉस्टल में रहे होंगे, पर हमें बिल्डिंग के अंदर जाने की इजाज़त नहीं मिली।”


🐶 डरे हुए जानवर, अधूरी मदद

घटना के समय की तेज़ आवाज़ और धुएं से जानवर बुरी तरह घबरा गए। अब वो पहचाने हुए लोगों से भी डर रहे हैं। खुशी बताती हैं:

“हम उन्हें खाना देने आए हैं लेकिन वो पास तक नहीं आ रहे। बड़ी मुश्किल से कुछ को खाना और पानी दे पाए हैं। अभी भी कई कुत्ते इमारतों में फंसे हुए हैं, लेकिन पुलिस अंदर जाने नहीं दे रही।”


💔 जले हुए पेड़ और मरे हुए जानवर

एक लाख लीटर ईंधन के जलने से चारों तरफ काली दीवारें, राख, और जले हुए पेड़ दिख रहे हैं। कई पशु वहीं मरे पाए गए जहां वे हादसे के समय मौजूद थे। एक पशु प्रेमी ने कहा:

“जांच के चलते हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। कितने जानवर मरे हैं, इसका आंकड़ा ही नहीं है। बचे हुए जानवर भी बुरी हालत में हैं। कुछ को इलाज की ज़रूरत है।”


🌍 मूक प्राणियों की सेवा: असली नायक

इस हादसे ने मानवता को झकझोर दिया है। जहां कई परिवार अपनों को खो चुके हैं, वहीं पशु कल्याण कार्यकर्ता चुपचाप जानवरों के जख्म भरने की कोशिश कर रहे हैं।

“इस दुनिया में हर प्राणी को प्यार, भोजन और देखभाल की ज़रूरत है,” एक कार्यकर्ता ने कहा।

ईरान पर हमला अचानक नहीं था, अप्रैल 2025 से ही योजना थी: नेतन्याहू

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जेरूसलम: इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को खुलासा किया कि ईरान के खिलाफ किया गया बड़ा सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ अचानक नहीं बल्कि पहले से तय रणनीति के तहत किया गया था। यह ऑपरेशन नवंबर 2024 में अधिकृत किया गया था और इसे अप्रैल 2025 में अंजाम देने की योजना थी।

नेतन्याहू ने हिब्रू में दिए गए एक रिकॉर्डेड भाषण में कहा,

“मैंने नवंबर 2024 में ही रक्षा प्रतिष्ठानों को निर्देश दे दिए थे कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त किया जाए।”

हालांकि, “ऑपरेशनल परिस्थितियों” के चलते इस हमले में देरी हुई और अंततः यह जून 2025 में अंजाम दिया गया।


⚔️ परमाणु खतरे को लेकर चेतावनी:

नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट किए बिना इज़राइल का अस्तित्व खतरे में था। उन्होंने कहा:

“अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो हम यहां नहीं होते।”

उन्होंने एक दस्तावेज दिखाकर कहा कि ऑपरेशन की आधिकारिक योजना अप्रैल में थी। उन्होंने कहा कि यह हमला किसी राजनीतिक संकट या गाजा में बंधकों से ध्यान भटकाने के लिए नहीं था, जैसा कि आलोचकों ने आरोप लगाया है।


🧪 ईरान के बढ़ते परमाणु प्रयास:

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि हिज़बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की हत्या के बाद, खुफिया जानकारी से पता चला कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज़ कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब इतनी मात्रा में यूरेनियम समृद्ध कर चुका है कि वह 9 परमाणु बम बना सकता है।

“अब ईरान सिर्फ समृद्ध कर नहीं रहा, बल्कि उसे हथियार में बदलने के प्रयास भी कर रहा है। अगर नहीं रोका गया, तो वह कुछ ही महीनों में परमाणु बम बना सकता है।”


🛡️ सावधानी की अपील और संभावित बदले की चेतावनी:

नेतन्याहू ने नागरिकों से अत्यधिक उत्साह में न आने की अपील की और कहा कि ईरान की जवाबी कार्रवाई संभव है।

“हमने ऑपरेशन में सफलता पाई है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। जवाबी हमलों की संभावना है और इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।”


🇺🇸 अमेरिकी समर्थन पर नेतन्याहू का बयान:

नेतन्याहू ने यह भी बताया कि अमेरिका ने इस हमले में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया क्योंकि वह ईरान से बातचीत कर रहा था। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को देखते हुए अमेरिका का समर्थन इज़राइल को भविष्य में ज़रूर मिलेगा।

ट्रंप का ईरान को नया अल्टीमेटम: “दूसरा मौका” दिया, परमाणु समझौते पर लौटे या अंजाम भुगतें

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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अब उसके पास “एक दूसरा मौका” है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए राज़ी हो जाए। यह बयान ऐसे समय आया जब इज़राइल ने ईरान के परमाणु संयंत्र और मिसाइल ठिकानों पर विनाशकारी हमले किए हैं।

ट्रंप ने कहा कि इज़राइल ने अमेरिका से मिले उन्नत हथियारों का इस्तेमाल कर नतांज़ के मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्र, ईरान के मिसाइल कार्यक्रम, और शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया।

उन्होंने कहा,

“मैंने ईरान को पहले ही चेतावनी दी थी कि जो आने वाला है वह उनकी कल्पना से परे होगा… अमेरिका दुनिया का सबसे घातक सैन्य उपकरण बनाता है और इज़राइल के पास वह सब है।”


🛡️ मध्य पूर्व में बढ़ती चिंता:

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के नेताओं को अब इस मौके को गंवाना नहीं चाहिए। हालांकि वॉशिंगटन ने दावा किया कि उसने हमले में कोई भूमिका नहीं निभाई, पर अमेरिकी सैन्य बलों को पूर्वी भूमध्यसागर की ओर रवाना कर दिया गया है, जिससे ईरानी जवाबी कार्रवाई से बचाव किया जा सके।

व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी नेवी ने यूएसएस थॉमस हडनर को और एक अन्य विध्वंसक जहाज को आगे बढ़ने के आदेश दिए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तैनाती की जा सके।


☢️ राजनयिक प्रयास और बातचीत की उम्मीद:

इज़राइली हमले से कुछ घंटे पहले तक ट्रंप राजनयिक हल की उम्मीद में थे। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को रविवार को ओमान में ईरानी विदेश मंत्री के साथ वार्ता करनी थी, लेकिन अब उन वार्ताओं पर भी संकट मंडरा रहा है।

ट्रंप ने CNN और NBC जैसे प्रमुख अमेरिकी चैनलों से बात करते हुए दोहराया कि ईरान को अब समझौते की मेज़ पर आना चाहिए।


🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आशंकाएं:

  • ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, और इज़राइल के पीएम नेतन्याहू से भी बात की।

  • तेल की कीमतों में उछाल और शेयर बाजार में गिरावट देखी गई क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका है।

  • ईरान ने जवाबी कार्रवाई में सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और दर्जनों ड्रोन इज़राइल की ओर दागे, जिन्हें अमेरिकी सहयोग से नष्ट किया गया।


🗳️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

  • डेमोक्रेट सीनेटर टिम कैन ने ट्रंप प्रशासन की राजनयिक प्राथमिकता की तारीफ की।

  • पेनसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने कहा, “अगर इज़राइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर कर सके, तो यह दुनिया के लिए अच्छा है। लेकिन हमें पूरे मध्य पूर्व में युद्ध नहीं चाहिए।”

  • टर्निंग प्वाइंट USA के चार्ली किर्क ने X पर लिखा, “विदेश नीति अब मगा (MAGA) आंदोलन को बांट सकती है।”

अहमदाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा: एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश में 241 की मौत, शहर में शोक की लहर

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अहमदाबाद: शुक्रवार को एक दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे अहमदाबाद शहर को हिला कर रख दिया। एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171, जो अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 क्रू मेंबर भी शामिल हैं। यह भारत के इतिहास की सबसे भीषण विमान दुर्घटना मानी जा रही है।

हालांकि चमत्कारी रूप से एक ब्रिटिश नागरिक (भारतीय मूल) इस हादसे में बच गया, जिसे केवल मामूली चोटें आईं।


🕯️ शहर में मातम का माहौल:

इस हादसे ने अहमदाबाद के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मौके का दौरा किया और शोक व्यक्त किया। पूरे शहर में पोस्टर्स और बैनर लगाए गए हैं ताकि लोगों का मनोबल बढ़ाया जा सके।

एक टैक्सी चालक ने बताया, “हादसा इतना भयानक था कि यकीन करना मुश्किल है।” उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मृत्यु ने शहर को और अधिक दुखी कर दिया है। रूपाणी को “जनता का नेता” और “आपातकाल के दौरान सबसे युवा MISA बंदी” के रूप में याद किया जा रहा है।


🧍 स्थानीय निवासियों की आपबीती:

क्रैश साइट के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि भयंकर धमाका सुनकर उन्हें भूकंप का भ्रम हुआ।
एक महिला ने बताया, “पूरा इलाका काले धुएं से भर गया था। हम डरे हुए हैं और चाहते हैं कि ऐसा हादसा फिर कभी न हो।”

एक अन्य निवासी ने कहा, “अब जब भी कोई विमान उड़ान भरता है या उतरता है, लोग डर जाते हैं। जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रही।”


🛍️ प्रत्यक्षदर्शियों की कहानी:

दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि गैस सिलेंडर फटे हैं, लेकिन जब वे घटनास्थल पहुंचे, तो देखा कि लोग जल रहे थे।
एक चश्मदीद ने कहा, “मैंने वीडियो बनाने की कोशिश की, लेकिन जब पता चला कि ये प्लेन क्रैश था, तो होश उड़ गए।”

पुलिस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया, जिससे लोग घायलों की मदद नहीं कर सके। एयरपोर्ट के पास स्थित घोड़ा कैंप क्षेत्र के निवासियों पर इसका गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा है।

भारत का सबसे गर्म दिन: राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 49.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, अब तक का सर्वाधिक

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जयपुर: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। इस बीच, राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में शुक्रवार (13 जून, 2025) को 49.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे वर्ष 2025 में अब तक का सबसे अधिक तापमान बताया है।

आईएमडी के अनुसार, “श्रीगंगानगर ने शुक्रवार को 49.4°C अधिकतम तापमान दर्ज किया, जो इस वर्ष देशभर में किसी भी स्थान पर रिकॉर्ड किया गया सबसे अधिक तापमान है।”


🔥 गर्मी का प्रकोप पूरे उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में:

पूर्वी राजस्थान, जम्मू संभाग, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में लू की स्थिति बनी रही। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गंभीर लू दर्ज की गई।

राजस्थान के अन्य गर्म जिलों का तापमान:

  • चूरू – 47.6°C

  • जैसलमेर – 46.9°C

  • जोधपुर – 46.3°C

  • बाड़मेर – 46.2°C


🌡️ अन्य राज्यों का हाल:

  • उत्तर प्रदेश:

    • आगरा – 45°C

    • झांसी – 44.9°C

    • बांदा – 44.6°C

  • हरियाणा:

    • सिरसा – 47.6°C

  • पंजाब:

    • बठिंडा – 46°C

  • मध्य प्रदेश:

    • खजुराहो – 45°C

    • नरमदापुरम – 44.4°C

    • ग्वालियर – 44.5°C

शुक्रवार को उत्तर और मध्य भारत के 22 से अधिक स्थानों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।


🌧️ मानसून को लेकर उम्मीद:

आईएमडी के अनुसार, मानसून 18 जून तक मध्य और पूर्वी भारत के शेष हिस्सों में और कुछ उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचने की संभावना है। दिल्ली में मानसून 22-23 जून के आसपास पहुंच सकता है, जो सामान्य तिथि 30 जून से पहले होगा।

ईरान-इज़राइल तनाव पर विदेश मंत्री जयशंकर ने की दोनों देशों से बात

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को इज़राइल और ईरान के अपने समकक्षों से फोन पर बात की। उन्होंने इस समय क्षेत्र में हो रही घटनाओं पर चर्चा की और भारत की चिंता जताई।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर देर रात दो पोस्ट साझा कर यह जानकारी दी। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा:

“इज़राइल के विदेश मंत्री @gidonsaar का आज दोपहर कॉल आया। उन्होंने वर्तमान हालात पर चर्चा की।”

कुछ घंटे बाद, उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा:

“आज शाम ईरान के विदेश मंत्री @araghchi से बात हुई। हमने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।”


🌍 भारत की चिंता और प्रतिक्रिया:

शुक्रवार को इज़राइल द्वारा ईरान के परमाणु, मिसाइल और सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू करने के बाद तनाव तेज़ हो गया। इज़राइल ने इस सैन्य कार्रवाई को “ऑपरेशन राइजिंग लायन” नाम दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में ईरान के कई प्रमुख सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए।

भारत सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

“भारत को दोनों देशों के बीच हालिया घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता है। हम स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को न बढ़ाने की अपील करते हैं।”


🤝 भारत की भूमिका:

भारत ने हमेशा पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की पैरवी की है। इस बार भी जयशंकर की बातचीत का उद्देश्य दोनों पक्षों से संपर्क बनाकर तनाव को कम करने की दिशा में योगदान देना था।