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गावां में भीषण सड़क हादसा: बाइक सवार ने 6 लोगों को रोंदा, पुल के रेलिंग में टकराया

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गावां में भीषण सड़क हादसा: बाइक सवार ने 6 लोगों को रोंदा, पुल के रेलिंग में टकराया

गावां थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक बाइक सवार ने 6 लोगों को रोंदते हुए पुल के रेलिंग में जाकर टक्कर मार दी।

घटना में घायल हुए व्यक्तियों की पहचान टाड निवासी मो. मिनहाज (65 वर्ष), मोहम्मद इलियास (50 वर्ष), मोहम्मद फैयाज (40 वर्ष), मोहम्मद महबूब (65 वर्ष), मोहम्मद नियाज (37 वर्ष) और मो. समसेर (25 वर्ष) के रूप में की गई है। सभी लोग गावां से पटना की ओर किसी समारोह में भाग लेने जा रहे थे, जब यह हादसा हुआ।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाइक सवार विक्की कुमार (15 वर्ष), जो गावां निवासी सुरेंद्र सिंह का बेटा है, ने असंतुलित होकर पीछे से आ रहे इन छह व्यक्तियों को रोंदते हुए खुद को पुल के रेलिंग में टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में सभी घायल व्यक्तियों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से 108 एंबुलेंस के माध्यम से गावां सीएचसी लाया गया। डॉक्टर महेश्वरम और डॉक्टर हबीबुल्लाह खान ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गंभीर हालत में गिरिडीह रेफर कर दिया।

दुर्घटना के बाद बाइक सवार विक्की कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गया, और उसके एक पैर में गंभीर फ्रैक्चर आया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंच गया और मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल का मुआयना किया और हादसे की पूरी जानकारी जुटाई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आज पलामू में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मंईयां सम्मान योजना का प्रमंडलीय कार्यक्रम

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आज पलामू में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मंईयां सम्मान योजना का प्रमंडलीय कार्यक्रम

मेदिनीनगर, 21 अगस्त 2024: झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 22 अगस्त को पलामू के चियांकी हवाई अड्डा परिसर में आयोजित मंईयां सम्मान योजना के प्रमंडलीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में अपराह्न 1 बजे से मुख्यमंत्री के साथ श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण और कौशल विकास मंत्री सत्यानंद भोक्ता, स्कूली शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम, पेयजल मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, महिला, बाल विकास मंत्री बेबी देवी और कृषि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम की व्यापक तैयारी की गई है और चियांकी हवाई अड्डा परिसर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। विधि व्यवस्था की निगरानी के लिए पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं।

प्रमंडलीय आयुक्त बाल किशुन मुंडा, डीआईजी वाई. एस. रमेश, और उपायुक्त शशि रंजन सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और अंतिम तैयारियों के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उपायुक्त शशि रंजन ने समाहरणालय सभागार में जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की तैयारी में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और सभी बिंदुओं पर बारीकी से ध्यान दिया जाए।

झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना के तहत 21 से 50 वर्ष तक की उम्र की महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। अब तक पलामू में 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में योजना की राशि भेजी जा चुकी है, जिससे राज्य की महिलाओं में खुशी का माहौल है।

कार्यक्रम में पलामू, गढ़वा, और लातेहार जिलों के सभी विधानसभा क्षेत्र के विधायकगण और स्थानीय सांसद भी आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेताओं द्वारा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों को सराहा जाएगा।

भारत बंद का झारखंड में व्यापक असर, गिरिडीह में वाहनों का परिचालन ठप

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भारत बंद का झारखंड में व्यापक असर, गिरिडीह में वाहनों का परिचालन ठप

गिरिडीह, 21 अगस्त 2024: एससी-एसटी आरक्षण के मुद्दे पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा बुलाए गए भारत बंद का झारखंड में व्यापक असर देखने को मिला है। गिरिडीह जिले समेत विभिन्न प्रखंडों में बंद के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

सुबह से ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस, आजसू, भाकपा माले और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। इस दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल-कॉलेज और अन्य संस्थान भी प्रभावित हुए। जिले और प्रखंडों के मुख्य बाजारों में सन्नाटा छा गया है, और आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।

भीम सेना और अन्य संगठनों ने एससी-एसटी आरक्षण के मुद्दे पर भारत बंद का आह्वान किया है, जिसे झामुमो, कांग्रेस, आजसू और सीपीआई झारखंड राज्य परिषद ने समर्थन दिया है। बंद को सफल बनाने के लिए समर्थक सुबह से ही सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

गिरिडीह बस स्टैंड से एक भी बस का परिचालन नहीं हो सका, और दूर-दराज के इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बंद समर्थकों ने पचम्बा क्षेत्र में तोड़फोड़ भी की, जिससे प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई हो रही है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखा जा रहा है।

यह बंद विशेष रूप से एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने और उपजातियों में आरक्षण बांटने के विरोध में किया गया है। इस मामले में आगे की स्थिति पर निगरानी जारी रहेगी।

भाजपा द्वारा झंडा मैदान से बड़ा चौक तक मशाल जुलूस, युवा आक्रोश रैली की तैयारी

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भाजपा द्वारा झंडा मैदान से बड़ा चौक तक मशाल जुलूस, युवा आक्रोश रैली की तैयारी

गिरिडीह, 21 अगस्त 2024: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने बुधवार की शाम गिरिडीह में झंडा मैदान से बड़ा चौक तक एक भव्य मशाल जुलूस निकाला। इस जुलूस का आयोजन आगामी 23 अगस्त को रांची में होने वाली “युवा आक्रोश रैली” की तैयारी के तहत किया गया।

भाजपा जिला अध्यक्ष महादेव दुबे ने इस अवसर पर कहा, “हेमंत सोरेन ने सत्ता में आने से पहले युवाओं, महिलाओं और किसानों को 5 लाख नौकरी और हर महीने बेरोजगारी भत्ता देने के झूठे वादे किए थे। लेकिन हेमंत सरकार ने केवल छल और धोखा दिया है, जिससे युवाओं में सरकार के प्रति आक्रोश है।”

भाजयुमो जिलाध्यक्ष मिथुन चंद्रवंशी ने जोर देते हुए कहा कि युवाओं ने ठान लिया है कि वे इस निक़कमी सरकार को उखाड़ फेकेंगे। भाजयुमो प्रदेशमंत्री संजीव कुमार ने जानकारी दी कि हेमंत सरकार की जंगलराज, भ्रष्टाचार, और दमनकारी नीतियों के खिलाफ तथा युवाओं के हक और रोजगार की लड़ाई के लिए 23 अगस्त को रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित युवा आक्रोश रैली में गिरिडीह जिले से हजारों की संख्या में युवा शामिल होंगे।

इस विशाल मशाल जुलूस में भाजयुमो के जिला प्रभारी बीरू आनंद, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार, गिरिडीह विधानसभा प्रभारी संजीव अग्रवाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव, महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष विनीता कुमारी, और कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

भाजयुमो की यह रैली हेमंत सरकार के खिलाफ युवाओं के आक्रोश और उनकी मांगों को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।

घर में सूखे पेड़ के गिरने से तीन बच्चों की मौत

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घर में सूखे पेड़ के गिरने से तीन बच्चों की मौत

लातेहार, 20 अगस्त 2024 — हेरहंज प्रखंड के तासु पंचायत अंतर्गत बंदरलोरिया गांव में मंगलवार की शाम को एक दुखद घटना घटी। एक विशाल सूखा सेमल का पेड़ अचानक गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान कजरू भुइयाँ के दो बच्चों, लक्की भुइयाँ (3) और अंशु कुमारी (10), तथा रवि भुइयाँ की पुत्री रेशमी कुमारी (4) के रूप में की गई है। ये तीनों बच्चे आपस में चचेरे भाई-बहन थे।

मंगलवार शाम को जब पेड़ गिरा, तो घर में मौजूद ये तीनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। पेड़ की गिरने की आवाज सुनकर घरवालों और आसपास के लोगों ने तेजी से मलबे से बच्चों को बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी विक्रम कुमार ने एएसआई सुबोध कुमार सिंह, अंचल निरीक्षक अलीमुद्दीन अंसारी, तासु के पूर्व मुखिया अनिल उरांव और समाजसेवी शिवनाथ रजक को घटनास्थल पर भेजा।

सूचना के अनुसार, सेमल का यह पेड़ बहुत बड़ा और सूखा था, जो अचानक गिर गया और घर के भीतर मौजूद बच्चों पर गिर पड़ा। इस घटना के कारण घर का एलबेस्टर भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

गांव में इस दुखद घटना से शोक की लहर छा गई है। परिजनों का हाल बेहाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटना की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं और प्रभावित परिवार की सहायता के लिए प्रयासरत हैं।

डीडीसी से सहायक गोदाम प्रबंधक पर कम अनाज तौलने की शिकायत: जनवितरण प्रणाली दुकानदारों को बिना मशीन के अनाज देने का आरोप

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डीडीसी से सहायक गोदाम प्रबंधक पर कम अनाज तौलने की शिकायत: जनवितरण प्रणाली दुकानदारों को बिना मशीन के अनाज देने का आरोप

गिरिडीह: सदर प्रखंड के झारखंड खाद्य निगम गोदाम के सहायक प्रबंधक संजय यादव पर अनाज के कम वजन और जनवितरण प्रणाली दुकानदारों को बिना मशीन से अनाज देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता, भारतीय प्रशासनिक सुधार एवं जन शिकायत परिषद के प्रदेश विशेष सचिव सुनील लहरी, ने उप विकास आयुक्त गिरिडीह से इस मामले की शिकायत की है।

सुनील लहरी ने आरोप लगाया कि सहायक गोदाम प्रबंधक संजय यादव अनियमित तरीके से गोदाम का संचालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि संजय यादव सरकारी गोदाम से अनाज तौलकर प्राप्त करते हैं, लेकिन जनवितरण प्रणाली दुकानदारों को बगैर मशीन से वजन किए ही अनाज देते हैं। इससे अनाज की वास्तविक मात्रा से कम अनाज दुकानदारों को मिल रहा है।

लहरी ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया कि जब उन्होंने संजय यादव से कम तौलने की शिकायत की, तो यादव ने उन्हें बताया कि उन्हें ऊपर से संरक्षण प्राप्त है और उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। इसके बाद सुनील लहरी ने शिकायत पत्र में प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सहायक गोदाम प्रबंधक संजय यादव ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि गोदाम में उपलब्ध माप-तौल की मशीन विभाग द्वारा प्रदान की गई है और किसी भी डीलर को कम अनाज नहीं दिया जाता है। उन्होंने इसे उनके खिलाफ बदनाम करने की साजिश करार दिया।

अभी, इस शिकायत की जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों ने मामले की गहराई से समीक्षा करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और उचित कार्रवाई के लिए कदम उठाने की बात की है।

10 लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो ने किया आत्मसमर्पण, गिरिडीह पुलिस को मिली बड़ी सफलता

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10 लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो ने किया आत्मसमर्पण, गिरिडीह पुलिस को मिली बड़ी सफलता

**गिरिडीह:** गिरिडीह पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली और 10 लाख रुपये का इनामी रामदयाल महतो ने रविवार को एनआईए के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस मौके पर जिले के एसपी दीपक कुमार शर्मा भी मौजूद थे।

रामदयाल महतो, जो अपने नक्सली गतिविधियों के कारण वर्षों से वांछित था, ने अपने बेटे बैजनाथ महतो की भावनाओं की कद्र करते हुए आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। हालांकि, रामदयाल महतो के आत्मसमर्पण की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इस कदम से गिरिडीह पुलिस की नक्सल विरोधी मुहिम को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है।

गिरिडीह एसपी दीपक कुमार शर्मा ने रामदयाल महतो के परिजनों के साथ लगातार बैठकें कीं और उनसे अपील की कि वे रामदयाल को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करें। एसपी के प्रयासों का असर हुआ और कुछ दिनों बाद रामदयाल महतो ने आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामदयाल महतो को ‘बच्चन दा’ के नाम से भी जाना जाता है। वह वर्षों से नक्सली संगठन के लिए सक्रिय रहा और उसका दस्ता पीरटांड़, निमियाघाट, मधुबन, डुमरी और टुंडी जैसे क्षेत्रों में कई बड़े नक्सली घटनाओं को अंजाम दे चुका है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई बार छापेमारी की, लेकिन वह हमेशा पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। वह अक्सर अपने ठिकाने बदलता रहता था और पीरटांड़ थाना क्षेत्र के पीपराडीह गांव का निवासी है।

रामदयाल महतो के खिलाफ 75 से अधिक मामलों की जांच की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी से नक्सल गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की लड़ाई को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। पुलिस अब उसकी नक्सली गतिविधियों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

सकरीगली आश्रम टोला में जमीनी विवाद के चलते अधेड़ को गोली मारकर घायल किया: पुलिस जांच जारी

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सकरीगली आश्रम टोला में जमीनी विवाद के चलते अधेड़ को गोली मारकर घायल किया: पुलिस जांच जारी

साहिबगंज: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सकरीगली आश्रम टोला में सोमवार को जमीनी विवाद के चलते 50 वर्षीय संजय सिंह को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। संजय सिंह, जो स्व. सुरेंद्र सिंह के पुत्र हैं, को अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है।

घटना की जानकारी के अनुसार, संजय सिंह अपने घर के पास कुर्सी पर बैठे हुए थे जब अचानक तीन से चार अज्ञात हमलावर आए और उन पर गोली चला दी। गोली संजय सिंह के हाथ पर लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजनों ने संजय सिंह को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया और उनकी स्थिति को गंभीर बताया।

संजय सिंह ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने जमीनी विवाद के चलते उन्हें निशाना बनाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपितों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की जा रही है और स्थानीय निवासियों से पूछताछ की जा रही है।

इस घटना ने सकरीगली आश्रम टोला में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभी के लिए, पुलिस और चिकित्सक संजय सिंह की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा उपायों को बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

जंगली सियार के हमले में दो महिलाएं घायल: ग्रामीणों में दहशत

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जंगली सियार के हमले में दो महिलाएं घायल: ग्रामीणों में दहशत

हेरहंज: थाना क्षेत्र के चिरू पंचायत अंतर्गत डूमरटाड़ गांव में सोमवार को एक जंगली सियार के हमले से दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिलाओं में डूमरटाड़ गांव निवासी वजीर अंसारी की पुत्री नफीसा खातून और रजाऊल अंसारी की पत्नी सावरा बीवी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, दोनों महिलाएं नदी के किनारे मक्का की फसल में उर्वरक डाल रही थीं, तभी अचानक एक जंगली सियार ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में सावरा बीवी को गंभीर चोटें आईं, जबकि नफीसा खातून का हाथ लहूलुहान हो गया।

परिजनों ने दोनों महिलाओं को बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने उनका इलाज किया। डॉक्टर ने उनकी स्थिति को गंभीर बताते हुए उचित उपचार की सलाह दी है।

इस हमले के बाद डूमरटाड़ गांव और आस-पास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जंगली सियारों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करने का आश्वासन दिया है।

पतना में अवैध खनन की जाँच: जिला खनन टास्क फोर्स ने ड्रोन कैमरे के माध्यम से किया निरीक्षण

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पतना में अवैध खनन की जाँच: जिला खनन टास्क फोर्स ने ड्रोन कैमरे के माध्यम से किया निरीक्षण

पतना: जिला खनन टास्क फोर्स की टीम ने पतना प्रखंड के विभिन्न खनन स्थलों का निरीक्षण करने के लिए रविवार रात को एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान राजमहल एसडीएम कपिल कुमार ने जानकारी दी कि गुप्त सूचना के आधार पर यह पता चला था कि पतना प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में रात के अंधेरे में अवैध पत्थर उत्खनन किया जा रहा है।

एसडीएम कपिल कुमार ने बताया कि इस सूचना के बाद टास्क फोर्स ने पतना प्रखंड के विभिन्न खदानों और उनके आसपास के इलाकों में छापेमारी की। उन्होंने उल्लेख किया कि कई स्थानों पर बिना वैध माइनिंग के खुदाई की गई थी और भारी वाहनों के टायरों के निशान भी मिले हैं। हालांकि, मौके पर कोई व्यक्ति पकड़ में नहीं आया, लेकिन अवैध खनन के स्पष्ट संकेत पाए गए हैं।

इस अभियान के दौरान टास्क फोर्स की टीम ने ड्रोन कैमरे का उपयोग कर खनन क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के अवैध खनन या परिचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस निरीक्षण में राजमहल एसडीएम कपिल कुमार, पतना प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार देवेश द्विवेदी और रांगा थाना पुलिस दल बल के साथ मौजूद थे। यह अभियान अवैध खनन पर अंकुश लगाने और पर्यावरण सुरक्षा के लिए किया गया है।

कातिल बहू ने ससुर की गला रेतकर की निर्मम हत्या

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कातिल बहू ने ससुर की गला रेतकर की निर्मम हत्या

राजमहल: थाना क्षेत्र के जामनगर प्राणटोला गांव में रविवार की अपराहन एक भयानक हत्या की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी। यहां की 70 वर्षीय विभूति मंडल की अपनी ही बहू, रेणु देवी ने धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। यह घटना उस समय घटी जब गांव के लोग मां मनसा की पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए बाहर गए हुए थे।

सूत्रों के अनुसार, रविवार की दोपहर करीब 4 बजे, जब गांव में सन्नाटा छाया हुआ था, विभूति मंडल अपने घर के बाहर बरामदे में कुर्सी पर बैठे थे। अचानक, उनकी पुत्रवधू रेणु देवी ने तेज धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया और घटना के बाद घर से फरार हो गई। हत्या के समय गांव में किसी प्रकार की चिल्लपों या शोरगुल की आवाज सुनाई नहीं दी।

मृतक विभूति मंडल सफेद धोती और गंजी पहने हुए थे, और उनका शव घर के पास मिट्टी पर पड़ा मिला। घटना स्थल पर खून बिखरा हुआ था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गुलाम सरवर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सबूत इकट्ठा कर ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस ने इस हत्या के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी देने से इनकार किया है, लेकिन जल्दी ही मामले का खुलासा करने का दावा किया है।

राजमहल पुलिस ने पूरे मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है और आरोपित की तलाश जारी है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल बना दिया है।

23 अगस्त को रांची में युवाओं का ‘हेमंत सोरेन सरकार उखाड़ फेंकने’ का संकल्प: अनंत ओझा

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23 अगस्त को रांची में युवाओं का ‘हेमंत सोरेन सरकार उखाड़ फेंकने’ का संकल्प: अनंत ओझा

साहिबगंज, अगस्त 2024: भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के साहिबगंज युवा मोर्चा ने आगामी 23 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में एक विशाल युवा आक्रोश रैली आयोजित करने की घोषणा की है। इस रैली के माध्यम से युवा झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ अपने आक्रोश को व्यक्त करेंगे और सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लेंगे।

रविवार को जिला परिषद मार्केट स्थित उत्सव बैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र मंडल की अध्यक्षता में इस रैली की योजना बनाई गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राजमहल विधायक अनंत ओझा, भाजपा जिलाध्यक्ष उज्ज्वल मंडल, और युवा मोर्चा जिला प्रभारी अनिकेत गोस्वामी भी शामिल हुए।

राजमहल विधायक अनंत ओझा ने इस अवसर पर हेमंत सोरेन सरकार की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “हेमंत सोरेन सरकार ने सत्ता में आने के बाद राज्य के युवाओं को धोखा दिया है। उन्होंने 2019 में चुनावी वादे किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद युवाओं को नौकरी और रोजगार देने के अपने वादों को पूरा नहीं किया। चार वर्षों में न तो युवाओं को रोजगार मिला और न ही अनुबंधकर्मियों के सपने पूरे हुए। बेरोजगारी भत्ता देने का वादा भी खोखला साबित हुआ है।”

ओझा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने झूठे प्रचार प्रसार के माध्यम से अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार की तारीफ की, जिसमें युवाओं को रोजगार के अवसर मिले थे, और वर्तमान सरकार की नियोजन नीति पर सवाल उठाए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के सभी मंडलों में युवाओं की बैठकें आयोजित की जाएंगी, और हर बूथ से पांच युवा आक्रोश रैली में शामिल होंगे। हजारों युवा 22 अगस्त को रांची के लिए रवाना होंगे और 23 अगस्त को सुबह 10 बजे मोरहाबादी मैदान में रैली में शामिल होंगे।

इस बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष रामदरश यादव, आईटी सेल प्रदेश संयोजक पंकज घोष, जिला महामंत्री गौतम यादव, कुसुमाकर तिवारी, जिला उपाध्यक्ष ललिता पासवान, चंद्रभान शर्मा, जिला मंत्री चांदनी देवी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गरिमा साहा समेत अन्य कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

कोलकाता जूनियर डॉक्टर दुष्कर्म हत्याकांड: अभाविप ने ममता बनर्जी का पुतला फूंका

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कोलकाता जूनियर डॉक्टर दुष्कर्म हत्याकांड: अभाविप ने ममता बनर्जी का पुतला फूंका

साहिबगंज, 18 अगस्त 2024: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त को जूनियर डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले के विरोध में देशभर में आक्रोश फैल गया है। इस शर्मनाक घटना को लेकर सभी शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं और कई अस्पतालों में डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है।

साहिबगंज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने इस मुद्दे को लेकर एक छात्र आक्रोश मार्च निकाला और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन किया। विद्यार्थी परिषद के प्रांत छात्रा सह प्रमुख सुनिधि कुमारी ने आरोप लगाया कि ममता सरकार महिला सुरक्षा के मामलों में विफल रही है और दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

अभाविप के जिला संयोजक संजय दत्ता और नगर मंत्री अविनाश साह ने बताया कि इस घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें छात्रों ने पीड़िता को न्याय दिलाने और बलात्कार के अपराधों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग की। अगर दोषियों को जल्द सजा नहीं मिलती, तो अभाविप ने आगे के चरणबद्ध आंदोलनों की चेतावनी दी है।

इस मार्च में प्रांत संगठन मंत्री निलेश कटारे, राष्ट्रीय जनजाति कार्य प्रमुख प्रमोद रावत, विभाग संयोजक अमित साहा समेत कई अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।

अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: देवरी थाना ने किया कोयला लदा वाहन जब्त

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अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: देवरी थाना ने किया कोयला लदा वाहन जब्त

गिरिडीह, 18 अगस्त 2024: गिरिडीह जिले में अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्ती जारी है। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शर्मा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर देवरी थाना पुलिस ने रात्री गश्ती के दौरान बड़ी कार्रवाई की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र के जलखरियोडीह मोड़ के पास एक वाहन टाटा योद्धा पिकअप को पुलिस ने रोका और उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान पाया गया कि वाहन में लाल तिरपाल से ढक कर आलू के बोरियों में कोयला भर रखा गया था। वाहन में किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे, और कोयला अवैध तरीके से लाया जा रहा था।

पुलिस ने वाहन को विधिवत रूप से जब्त कर लिया और अवैध कोयला के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। इस मामले में देवरी थाना में कांड संख्या 68/2024 के तहत धारा 303 (2)/317 (2) बीएनएस 30 (ii) कोल माइंस एक्ट एवं 33 भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने इस कार्रवाई को अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ अपनी दृढ़ता और प्रतिबद्धता का संकेत बताया है और इस दिशा में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने का आश्वासन दिया है।

ठाणे में दूध का टैंकर खाई में गिरा, पांच की मौत और चार घायल

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दुर्घटना का विवरण

ठाणे में एक दु:खद दुर्घटना घटी जिसमें दूध का टैंकर खाई में गिर गया। यह घटना बुधवार की सुबह लगभग 4 बजे घटी जब टैंकर ठाणे-भिवंडी मार्ग पर यात्रा कर रहा था। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ वहां पहले भी कई दुर्घटनाओं की जानकारी मिली है, जो इस मार्ग की खतरनाक स्थिति को उजागर करता है।

दूध का टैंकर, जिसका पंजीकरण नंबर MH-04-AB-1234 था, महाराष्ट्र स्टेट को ऑपरेटिव डेयरी का था और वह नालासोपारा से मुंबई जा रहा था। दुर्घटना के समय टैंकर मुश्किल से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर था, लेकिन मार्ग की गलत संरचना और अत्यधिक अंधेरा होने के कारण चालक ने संतुलन खो दिया।

जैसे ही टैंकर खाई में गिरा, तत्काल प्रभाव से पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें दो ड्राइवर, दो देखभाल कर्मचारी और एक अन्य यात्री शामिल थे। चार अन्य लोग इस दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया।

प्रारंभिक जांच से यह पता चला कि टैंकर का ब्रेक फेल होने की संभावना है, हालांकि पुलिस और यातायात विभाग घटनास्थल की विस्तृत जांच में जुट गए हैं। इसके अलावा, स्थानीय निवासी और राहगीर तत्काल बचाव कार्य में शामिल हुए और उन्होंने घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की।

इस भयावह दुर्घटना के कारण स्थानीय प्रशासन ने ठाणे-भिवंडी मार्ग पर वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इसके साथ ही, डेयरी प्रबंधन और परिवहन विभाग को अपने वाहनों की नियमित तकनीकी जांच करवाने का निर्देश दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी दु:खद घटनाओं से बचा जा सके।

पीड़ितों की स्थिति

ठाणे में दूध का टैंकर खाई में गिरने के इस दुखद हादसे में कुल नौ लोग प्रभावित हुए हैं। घटनास्थल पर ही पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद, बचाव दल और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।

घायलों को निकटतम सरकारी अस्पताल में तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई। पहले चरण में उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया ताकि उनकी स्थिति स्थिर बनी रहे। इसके बाद, जिनकी स्थिति ज्यादा गंभीर थी, उन्हें विशेष चिकित्सा और सर्जरी के लिए बड़े अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।

मृतकों की पहचान की पहचान स्थानीय पुलिस द्वारा उनके आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों के माध्यम से की गई। मृतकों में शामिल हैं: रामलाल यादव (45 वर्ष), सुरेश पटेल (39 वर्ष), मीना देवी (34 वर्ष), विशाल सिंह (28 वर्ष), और लक्ष्मण सिंह (52 वर्ष)। इनकी पहचान के बाद उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है, और उन्हें शवों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

घायलों में मुकेश शर्मा (30 वर्ष), नीलम शर्मा (25 वर्ष), राजेश वर्मा (35 वर्ष), और पूजा कुमारी (22 वर्ष) शामिल हैं। उनकी चिकित्सा स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है, और उन्हें निरंतर मॉनिटरिंग और विशेष देखरेख में रखा गया है। स्थानीय प्रशासन घायलों और उनके परिवारों की आर्थिक सहायता के लिए उचित प्रावधान भी कर रहा है।

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरी संवेदना और दु:ख उत्पन्न किया है, और इस दुखद हादसे में घायल हुए और मृतकों के परिजनों को मानसिक और भावनात्मक संभाल भी प्रदान की जा रही है।

प्राथमिक जांच और बचाव कार्य

ठाणे में दूध का टैंकर खाई में गिरने की दुर्घटना के बाद पुलिस और बचाव टीमों ने त्वरित कार्रवाइयां शुरू कीं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्घटना स्थान की स्थिति भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद, बचाव कर्मियों ने तेजी और कौशल का प्रदर्शन किया। सबसे पहले, उन्होंने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने पर ध्यान केंद्रित किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।

प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि टैंकर की गति संभवतः अत्यधिक थी, जिससे वाहन चालक ने खड़ी मोड़ पर नियंत्रण खो दिया। इसके अलावा, सड़क की स्थिति और मौसम भी संभावित कारक माने जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने टैंकर का तकनीकी निरीक्षण शुरू किया है, ताकि ब्रेक, टायर और अन्य यांत्रिक कारणों की संभावना को भी जांचा जा सके।

बचाव कार्यों के दौरान, टीमों को खस्ता सड़कें और मौसम की खराब स्थिति जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों को पार करते हुए, उन्होंने सुनिश्चित किया कि अवसर का अधिकतम उपयोग किया जाए और जल्दी से जल्दी राहत प्रदान की जाए। बचाव कार्य में स्थानीय समाज के लोगों ने भी सक्रिय योगदान दिया, जिनकी मदद से कार्य और भी सटीक और त्वरित हो सका।

प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण मानवीय त्रुटि और वाहन की तकनीकी खामियां हो सकती हैं। मामले की व्यापक जांच जारी है और पूरी तस्वीर स्पष्ट होने पर ही पूर्ण निष्कर्ष निकाले जा सकेंगे। फिलहाल, पुलिस और बचाव दल घटना के हर पहलू पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

स्थानीय और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

दूध का टैंकर खाई में गिरने की दुर्घटना के बाद, स्थानीय निवासियों की त्वरित प्रतिक्रियाएं काबिल-ए-तारीफ रही हैं। घटना स्थल पर जल्द ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और बचाव कार्य में जुट गए। स्थानीय निवासियों ने न केवल घायलों को अस्पताल पहुंचाया, बल्कि उनके प्राथमिक इलाज के लिए भी सहायता प्रदान की।

गांव के एक निवासी, मनोज पाटील ने बताया, “हमने सुनते ही दौड़कर मदद करने का फैसला किया। यह हमारे लिए मानवता का कर्तव्य था।” दुर्घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हमने हर संभव प्रयास किया। हमारी प्राथमिकता थी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचा सकें।”

प्रशासनिक स्तर पर भी तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली। स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर वाहनों और घायलों को निकालने का काम शुरू किया। ठाणे जिले के जिलाधिकारी नीता मोरे ने मीडिया को जानकारी दी कि बचाव कार्य में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा, “हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि राहत कार्य तीव्र गति से पूरा हो और घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा मिले।”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के प्रावधान का आश्वासन दिया। उन्होंने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा, “यह एक हृदय विदारक घटना है। दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।”

घटना की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन भी किया है जो इस दुर्घटना के कारणों की जांच करेगी और उपयुक्त कारवाई की सिफारिश करेगी। उद्देश है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।