Wednesday 1st of July 2026 05:56:41 PM
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अगर चाहते हैं बेदाग और निखरी त्वचा तो ऐसे करें विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल, मिलेंगे गजब के फायदे

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अगर चाहते हैं बेदाग और निखरी त्वचा तो ऐसे करें विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल, मिलेंगे गजब के फायदे

आपका चेहरा आपकी पहचान है, और उसकी सुंदरता को बनाए रखने के लिए सही देखभाल बेहद जरूरी है। विटामिन ई कैप्सूल एक ऐसा प्राकृतिक तत्व है जो आपकी त्वचा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, इसका सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है, अन्यथा यह आपकी त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आज जानें कि विटामिन ई कैप्सूल का सही इस्तेमाल कैसे करें और इसके लाभ क्या हैं।

विटामिन ई कैप्सूल का सही तरीका से इस्तेमाल कैसे करें

  1. सफाई का ध्यान रखें:
    • अपने चेहरे को विटामिन ई कैप्सूल का ऑइल लगाने से पहले गुनगुने पानी से अच्छे से धो लें। यह सुनिश्चित करता है कि आपकी त्वचा पर कोई गंदगी न हो, जिससे कैप्सूल का असर बेहतर होगा।
  2. पैच टेस्ट:
    • विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना न भूलें। इसे अपनी त्वचा के छोटे से हिस्से पर लगाकर देखें कि कहीं आपको एलर्जी तो नहीं हो रही।
  3. साफ उपकरण का उपयोग:
    • कैप्सूल को छेदने के लिए हमेशा साफ सुई या पिन का उपयोग करें। कैप्सूल का ऑइल निकालने के लिए एक साफ बर्तन का उपयोग करें और इसे अपने चेहरे पर साफ हाथों से लगाएं।
  4. लगाने का समय:
    • विटामिन ई कैप्सूल को आप आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक चेहरे पर लगा सकते हैं। रात को लगाना अधिक फायदेमंद हो सकता है, ताकि यह पूरी रात आपकी त्वचा में अच्छे से अवशोषित हो सके।

विटामिन ई कैप्सूल से फेस सीरम और फेस पैक

  1. फेस सीरम:
    • विटामिन ई फेस सीरम बनाने के लिए: 2 चम्मच गुलाब जल, 2 चम्मच एलोवेरा जेल और 2 विटामिन ई कैप्सूल के ऑइल को मिलाएं। इस मिश्रण को रात में चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें।
  2. फेस पैक:
    • एलोवेरा और विटामिन ई: 1 विटामिन ई कैप्सूल के ऑइल को 2 चम्मच एलोवेरा जेल में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। आधे घंटे बाद धो लें। यह पैक आपकी त्वचा की नमी को बनाए रखने में मदद करता है।
    • शहद और विटामिन ई: 1 विटामिन ई कैप्सूल के ऑइल में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसे हफ्ते में 2-3 बार इस्तेमाल करने से त्वचा पर निखार आ सकता है।
    • नींबू का रस और विटामिन ई: 1 विटामिन ई कैप्सूल के ऑइल को नींबू के रस के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट बाद धो लें। यह पैक त्वचा को ग्लोइंग बनाता है।

विटामिन ई कैप्सूल के फायदे

  • दाग धब्बे दूर करने में: त्वचा पर मौजूद दाग धब्बों को कम करने में मदद करता है।
  • पिंपल्स और ऑइली स्किन: त्वचा के पिंपल्स और ऑइलीनेस को नियंत्रित करता है।
  • डार्क सर्कल्स: आंखों के नीचे के काले घेरे को कम करता है।
  • स्किन हाइड्रेशन: त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है।
  • हाइपरपिग्मेंटेशन कम करता है: स्किन की रंगत को समान बनाता है।
  • डैमेज्ड स्किन रिपेयर: त्वचा को रिपेयर करता है और उसे नरम बनाता है।

इनसे बचें

  • ऑइली स्किन: ऑइली स्किन वाले लोगों को विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह त्वचा के पोर्स को बंद कर सकता है और पिंपल्स की समस्या बढ़ा सकता है।
  • एलर्जी: अगर आपकी त्वचा पर विटामिन ई सूट नहीं करता, तो इसका इस्तेमाल करने से आपको लाल रैशेज या खुजली की समस्या हो सकती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी को अपनाने से पहले अपने त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।

अररिया सांसद को कुख्यात गैंगस्टर के भाई ने दी जान से मारने की धमकी, जानें पूरी खबर

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अररिया सांसद को कुख्यात गैंगस्टर के भाई ने दी जान से मारने की धमकी, जानें पूरी खबर

अररिया के भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी एक नेपाली मोबाइल नंबर से भेजी गई है, और इसके पीछे जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर दिनेश राठौर के भाई विनोद राठौर का हाथ बताया जा रहा है। सांसद को भेजे गए टेक्स्ट मैसेज में 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई है और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।

सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक को एक लिखित आवेदन देकर इस मामले की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजकर 51 मिनट पर उनके मोबाइल पर दो बार फोन कॉल आए थे, जो नेपाल के मोबाइल नंबर से थे। फोन कॉल रिसीव न करने के बाद, उन्हें उसी नंबर से एक टेक्स्ट मैसेज प्राप्त हुआ जिसमें उन्हें धमकी दी गई थी।

मैसेज में लिखा गया था, “यह मेरी आखिरी वार्निंग है। मेरे भाई दिनेश राठौर को जेल से छुड़ाओ और 10 लाख रुपये जेल गेट पर भेजो, नहीं तो अररिया जिले में कहीं भी किसी समय बम, गोलियों से उड़ा देंगे।”

सांसद ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए नगर थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने 1 सितंबर 2024 को नेपाली नंबर से आए मैसेज को देखा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस को सूचित किया। सांसद ने आरोप लगाया कि वह लंबे समय से अपराधी दिनेश राठौर और उसके गैंग के निशाने पर हैं।

नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पुलिस अब इस धमकी की गंभीरता और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

इस घटना ने इलाके में सुरक्षा की चिंता को बढ़ा दिया है और स्थानीय लोगों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।

रांची समाचार: उत्पाद सिपाही नियुक्ति दौड़ परीक्षा में जान गवाने वाले युवाओं को दी गई श्रद्धांजलि, जानें पूरी खबर

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रांची समाचार: उत्पाद सिपाही नियुक्ति दौड़ परीक्षा में जान गवाने वाले युवाओं को दी गई श्रद्धांजलि, जानें पूरी खबर

रांची, झारखंड: झारखंड में उत्पाद विभाग में सिपाही पद पर नियुक्ति के लिए आयोजित दौड़ परीक्षा के दौरान 12 युवाओं की दुखद मौत हो गई है। इस प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है, लेकिन इस परीक्षा के दौरान हुए हादसे ने राज्य में भारी शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है।

सरकारी नौकरी की आस में जुटे इन युवाओं की मृत्यु ने समाज और राजनीति दोनों में हलचल मचा दी है। हेमंत सोरेन सरकार ने फिलहाल इस फिजिकल टेस्ट को रोक दिया है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि इस परीक्षा को आयोजित करने की हड़बड़ी में इन युवा अभ्यर्थियों की जान क्यों चली गई।

भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि उमस भरी गर्मी में इस तरह की कठिन परीक्षा आयोजित करना पूरी तरह से अनुचित था। असम के मुख्यमंत्री ने भी इस पर पत्रकार वार्ता आयोजित कर नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। भाजपा ने मृतक युवाओं के परिजनों को एक-एक लाख रुपए की सम्मान राशि देने की घोषणा की है। ओरमांझी के एक गांव के रहने वाले अजय कुमार महतो के परिजनों को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने 1,00,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भा.ज.यू.मो.) ने मृतक युवाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका के समीप एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में महा महानगर भाजपा के नेता भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हड़बड़ी में उत्पाद विभाग में सिपाही पद पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके परिणामस्वरूप कई अभ्यर्थियों की जान गई।

इस घटना ने पूरे राज्य में एक गंभीर बहस छेड़ दी है और यह सवाल खड़ा किया है कि क्या सरकारी नौकरियों की नियुक्ति प्रक्रिया इतनी जानलेवा हो सकती है?

प्रिंस खान पर कसा शिकंजा: झारखंड पुलिस ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस, रणनीति तैयार

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प्रिंस खान पर कसा शिकंजा: झारखंड पुलिस ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस, रणनीति तैयार

गैंग ऑफ वासेपुर के प्रमुख प्रिंस खान पर अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। झारखंड पुलिस ने इस सिलसिले में एक नई रणनीति को अमल में लाने का निर्णय लिया है और इसके तहत रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस की सूचना अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा एजेंसी को भी दे दी गई है, जिससे प्रिंस खान की गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

प्रिंस खान का अपराध साम्राज्य और रेड कॉर्नर नोटिस:

प्रिंस खान, जो दुबई में अपने नेटवर्क को चला रहा है, का गैंग धनबाद और आस-पास के इलाकों में आतंक मचाता है। प्रिंस खान के निशाने पर कोयला कारोबारी, ठेकेदार और अन्य व्यापारी हैं। वह नियमित रूप से धमकी भरे वीडियो जारी करता है और रंगदारी के पत्र भेजता है। इसके अलावा, उसका गुर्गा मेजर प्रिंस नाम से रंगदारी वसूलता है और हाल ही में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है।

अब झारखंड पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नोटिस के जरिए दुनियाभर की सुरक्षा एजेंसियों को प्रिंस खान की जानकारी दी गई है, जिससे उसकी गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

रेड कॉर्नर नोटिस के लाभ:

रेड कॉर्नर नोटिस उन अपराधियों के लिए जारी किया जाता है जो गंभीर अपराधों के आरोप में वांछित हैं, जैसे हत्या, बलात्कार और धोखाधड़ी। यह नोटिस संबंधित व्यक्ति के गृह देश से इतर भी जारी किया जा सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय पुलिस बलों को अपराधी के बारे में सूचित किया जाता है, और यदि वह किसी भी देश में पाया जाता है, तो उस देश की पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

झारखंड पुलिस की नई रणनीति:

रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने से पुलिस को कई लाभ हो सकते हैं:

  1. अंतरराष्ट्रीय सूचना: सभी विदेशी सुरक्षा एजेंसियों को प्रिंस खान के बारे में जानकारी मिल जाएगी।
  2. सहयोग की संभावना: यदि प्रिंस खान का कहीं भी ठिकाना बदलता है या वह किसी अन्य देश में गतिविधि करता है, तो वहां की पुलिस उसे पकड़ने में मदद कर सकती है।
  3. यूएई में कार्रवाई: यदि प्रिंस खान के बारे में दुबई में कोई जानकारी मिलती है, तो UAE पुलिस भी उसे गिरफ्तार कर सकती है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि झारखंड पुलिस की नई रणनीति और रेड कॉर्नर नोटिस के बाद प्रिंस खान की गिरफ्तारी की दिशा में कितनी सफलता मिलती है। पुलिस की कोशिशों से यह साफ है कि वे प्रिंस खान और उसके गैंग पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।

गिरिराज सिंह का विवादित बयान: घुसपैठ और सामाजिक बदलाव पर उठाए सवाल

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गिरिराज सिंह का विवादित बयान: घुसपैठ और सामाजिक बदलाव पर उठाए सवाल

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने पूर्णिया में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में बयान दिया है जो विवादों को जन्म दे सकता है। सिंह ने कहा कि यदि पंडित नेहरू ने देश के विभाजन के समय मुसलमानों को पाकिस्तान और हिंदुओं को भारत लाया होता, तो आज देश की सामाजिक व्यवस्था बेहतर होती। उनके अनुसार, बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू अपनी ज़मीन की लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि मुसलमान घुसपैठ कर रहे हैं।

घुसपैठ और सामाजिक व्यवस्था पर गिरिराज सिंह का बयान:

गिरिराज सिंह ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि मुसलमान घुसपैठ कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीमांचल क्षेत्र जैसे किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है, और यह स्थिति चिंता का विषय है। सिंह ने इन इलाकों में हिंदू संगठनों के साथ बड़ी बैठक की तैयारी की बात की और कहा कि इन जिलों में बढ़ती जनसंख्या के कारण स्थिति बिगड़ रही है।

‘जब तक हिंदू है, तब तक लोकतंत्र है’

गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि जब तक हिंदू समुदाय है, तब तक लोकतंत्र कायम रहेगा। यह बयान विशेष रूप से उस समय आया है जब भारत में धार्मिक और जातीय मुद्दों पर तीखी बहस हो रही है।

इस बयान के बाद, यह स्पष्ट है कि गिरिराज सिंह का ध्यान सीमांचल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की ओर है, जहां जनसंख्या परिवर्तन को लेकर चिंता जताई जा रही है। उनके बयान ने एक बार फिर समाज में धर्म और जनसंख्या के मुद्दे को लेकर चर्चा को तूल दिया है।

कोल्हान में कमल खिलाने की तैयारी: भाजपा ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

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कोल्हान में कमल खिलाने की तैयारी: भाजपा ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

झारखंड में विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। खासतौर पर भाजपा कोल्हान क्षेत्र में जीत की संभावना को देखते हुए जोरदार प्रयास कर रही है। यह क्षेत्र झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां 14 विधानसभा सीटों में से 11 पर झामुमो और 2 पर कांग्रेस का कब्जा है। लेकिन भाजपा अब कोल्हान में कमल खिलाने की पूरी तैयारी कर रही है और इसके लिए उसने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की भूमिका:

चंपाई सोरेन, जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं, को कोल्हान में भाजपा की उम्मीदों का अहम आधार माना जा रहा है। उन्होंने पांच बार सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की है और उनकी स्थानीय पकड़ बहुत मजबूत है। उनके भाजपा में शामिल होने से सरायकेला और खरसावां विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को बड़ी उम्मीदें हैं। चंपाई की स्थिति को देखते हुए सरायकेला सीट पर भाजपा की जीत की संभावना बढ़ गई है, जो अब तक झामुमो के मजबूत किले के रूप में रही है।

अर्जुन मुंडा की भूमिका:

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, जो झारखंड के बड़े नेताओं में से एक हैं, को भाजपा ने जमशेदपुर पूर्वी, पोटका, घाटशिला, और बहरागोड़ा जैसे सीटों पर जिम्मेदारी दी है। अर्जुन मुंडा की आदिवासी समुदाय में मजबूत पकड़ है और इन क्षेत्रों में आदिवासियों की संख्या काफी अधिक है। उनकी नेतृत्व क्षमता के चलते भाजपा इन सीटों पर झामुमो के वोट बैंक को काटने और जीत की संभावना को बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

मधु कोड़ा की भूमिका:

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने हाल ही में भाजपा में शामिल होकर पश्चिमी सिंहभूम में समीकरण बदल दिए हैं। मधु कोड़ा ‘हो’ जाति से आते हैं और इस जाति में उनकी लोकप्रियता बहुत अधिक है। उनके भाजपा में शामिल होने से चाईबासा, मझगांव, मनोहरपुर, जगन्नाथपुर, और चक्रधरपुर की विधानसभा सीटों पर भाजपा को लाभ हो सकता है। इन क्षेत्रों में हो समाज की आबादी काफी ज्यादा है, और मधु कोड़ा के प्रभाव से भाजपा को पिछले चुनावों की तुलना में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

अगर भाजपा के ये तीन पूर्व मुख्यमंत्री अपने प्रयासों में सफल होते हैं, तो कोल्हान की 7 से 8 सीटें भाजपा की झोली में जा सकती हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 25 सीटें मिली थीं, लेकिन अगर 2024 में कोल्हान में चंपाई, मधु कोड़ा, और अर्जुन मुंडा का जादू चल जाता है, तो भाजपा की जीत की संभावना काफी बढ़ जाती है।

1971 की लड़ाई और शिमला समझौता: इंदिरा गांधी की चूक और भुट्टो का मास्टरस्ट्रोक

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1971 की लड़ाई और शिमला समझौता: इंदिरा गांधी की चूक और भुट्टो का मास्टरस्ट्रोक

हम अक्सर 1971 की लड़ाई में इंदिरा गांधी की पीठ थपथपाते हैं, लेकिन पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के संसद में दिए गए बयान पर गौर करना भी जरूरी है।

जब पाकिस्तान के 90,000 से अधिक सैनिक भारत की कैद में थे और उनके 3,000 से ज्यादा अधिकारी हमारी हिरासत में थे, भारतीय सेना ने सिंध के थारपारकर जिले को भारत में शामिल कर लिया और उसे गुजरात का नया जिला घोषित कर दिया। मुजफ्फराबाद में तिरंगा भी फहराया गया था।

जुल्फिकार अली भुट्टो, जो उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे, शिमला समझौते के लिए इंदिरा गांधी से मिलने आए थे। उनके साथ उनकी बेटी बेनजीर भुट्टो भी थीं, जिसे वे राजनीति सिखा रहे थे। इंदिरा गांधी ने भुट्टो से शर्त रखी कि अगर उन्हें अपने 93,000 सैनिक वापस चाहिए, तो कश्मीर भारत को सौंप दें। भुट्टो ने इंकार करते हुए कहा कि वे कश्मीर नहीं देंगे और कोई दस्तखत नहीं करेंगे।

भुट्टो ने इंदिरा गांधी को एक मास्टर स्ट्रोक दिया। उन्होंने समझा कि युद्ध को टेबल पर कैसे जीता जाता है। पुपुल जयकर और कुलदीप नैयर की किताबों में भी इस बात का उल्लेख है कि इंदिरा गांधी और उनके सलाहकारों को इस स्थिति को संभालने का कूटनीतिक ज्ञान नहीं था।

जिनेवा समझौते के अनुसार, युद्ध बंदियों की डिग्निटी का पूरा ख्याल रखा जाता है। भुट्टो ने अपनी बेटी से कहा कि भारत की कमर टूट चुकी है और उनकी सेना को वापस लेकर पाकिस्तान को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने इंदिरा गांधी की स्थिति को इतना कठिन बना दिया है कि वह हार मान लेंगी।

फिर हुआ क्या? इंदिरा गांधी ने कश्मीर भी पाकिस्तान को दे दिया, 93,000 सैनिक भी लौटाए, और 56 सैनिकों को पाकिस्तान की जेल में मरने के लिए छोड़ दिया। आठ महीने बाद गुजरात के थारपारकर जिले को भी पाकिस्तान को वापस कर दिया, हालांकि उस समय जिले की 98% आबादी हिंदू थी।

28 जून से 1 जुलाई तक कई दौर की वार्ताएं चलीं। यह समझना कठिन नहीं है कि भारत पर किसी बड़ी विदेशी ताकत का दबाव था। पाकिस्तान ने एक हल्का आश्वासन दिया कि कश्मीर सहित अन्य विवाद आपसी बातचीत से हल किए जाएंगे, लेकिन यह आश्वासन बार-बार उल्लंघन का शिकार हुआ।

एक पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी किताब में लिखा कि हमने युद्ध के मैदान में जीत तो हासिल की, लेकिन राजनीतिक खेल में हमें हार का सामना करना पड़ा।

गोपालगंज: सीआरपीएफ जवान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को गंडक नदी में फेंका, NDRF सर्च अभियान में जुटी

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गोपालगंज: सीआरपीएफ जवान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को गंडक नदी में फेंका, NDRF सर्च अभियान में जुटी

गोपालगंज, 3 सितंबर 2024: गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बंगरा घाट पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण एक सीआरपीएफ जवान ने अपनी पत्नी को बंगरा पुल से गंडक नदी में फेंक दिया। लापता महिला की पहचान गुड़िया कुमारी के रूप में हुई है, जो सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के सेमराहा गांव की निवासी थी। गुड़िया की शादी 2019 में मसरख थाना क्षेत्र के सपहा गांव निवासी मनीष कुमार सिंह से हुई थी।

महिला के मायके वालों का आरोप

महिला के भाई मुकेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को ससुराल में दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन भी सास ने गुड़िया की मारपीट की थी। रविवार की रात, मनीष कुमार सिंह ने अपनी पत्नी को बंगरा पुल पर ले जाकर गंडक नदी में फेंक दिया। उन्होंने परिवार वालों को सूचना दी कि उसकी बहन सेल्फी लेते समय पुल से नदी में गिर गई है।

एनडीआरएफ का सर्च अभियान जारी

घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय सीओ गौतम सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम ने गंडक नदी में लापता महिला की तलाश के लिए सर्च अभियान शुरू कर दिया है। महिला की एक छह माह की बेटी भी है, और पति मनीष कुमार सिंह वर्तमान में दिल्ली में सीआरपीएफ की 200 बटालियन में तैनात है।

दहेज की मांग और प्रताड़ना

परिजनों के अनुसार, मनीष कुमार सिंह ने दहेज के लिए गुड़िया को बार-बार धमकाया और हत्या की धमकी दी। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है, और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा की कुरीतियों को उजागर किया है और समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

झारखंड: उत्पाद सिपाही दौड़ तीन दिनों के लिए स्थगित, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

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झारखंड: उत्पाद सिपाही दौड़ तीन दिनों के लिए स्थगित, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

झारखंड में उत्पाद सिपाही की भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित दौड़ के दौरान हाल ही में हुई दुर्घटनाओं ने राज्य सरकार को बड़ा निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है। पिछले दस दिनों में 12 से अधिक अभ्यर्थियों की असामयिक मौतों के बाद सरकार ने दौड़ की प्रक्रिया को तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस फैसले की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की। उन्होंने लिखा:

“जोहार साथियों,

उत्पाद सिपाही की नियुक्ति प्रक्रिया में दौड़ के क्रम में प्रतिभागियों की असामयिक मृत्यु दुःखद और मर्माहत करने वाली है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाये गये नियमावली की अविलंब समीक्षा का निर्देश देते हुए हमने इस ढंग की भविष्य की सभी बहालियों के लिए नियमावली में बदलाव करने का निर्देश दिया है, साथ ही इस प्रक्रिया में दुर्भाग्यवश पीड़ित और शोकाकुल परिवार को सरकार की तरफ से तत्काल राहत पहुंचाने के लिए प्रस्ताव बनाने का भी निर्देश दिया गया है।

एहतियातन अगले 3 दिनों के लिए हमने इस भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करने का निर्देश दिया है। दौड़ का आयोजन अब प्रातः 9 बजे के बाद किसी भी सूरत में नहीं की जाएगी। जिन अभ्यर्थियों को दौड़ के पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण की जरूरत महसूस होगी उनके लिए चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था होगी तथा सभी प्रतियोगिता स्थलों पर प्रतिभागियों के लिए नाश्ते/फल का व्यवस्था होगी जिससे कि कोई भूखे पेट दौड़ में हिस्सा न ले।

आखिर किन कारणों से हमारे गांव – समाज के अपेक्षाकृत स्वस्थ / चुस्त लोग, पूर्व से चली आ रही शारीरिक परीक्षा में हताहत हो जा रहे हैं, आखिर झारखंड सहित देश में पिछले 3-4 वर्षों में सामान्य जन के स्वास्थ्य में ऐसा क्या बदलाव आया है? इन युवाओं की असामयिक मृत्यु के कारणों की समीक्षा करने के लिए, जिससे की भविष्य में ऐसी दुर्घटना घटित न हो, हमने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी एक समिति का गठन कर परामर्श रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए नियमावली में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा। अब देखना होगा कि इन नए नियमों और व्यवस्थाओं के साथ आने वाले दिनों में क्या सुधार देखने को मिलता है।

सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल, मरीजों की परेशानियों का अंत नहीं

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सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल, मरीजों की परेशानियों का अंत नहीं

गिरिडीह जिले के सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। अस्पताल में न तो डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या है और न ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में, अवधेश कुमार सिंह नामक मरीज को इलाज के लिए भर्ती किया गया, लेकिन अस्पताल की व्यवस्थाओं की लापरवाही के चलते वह दर्द से कराहते रहे।

अवधेश कुमार सिंह के दाएं पैर में गिरने के कारण हड्डी टूट गई थी। उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां एक्स-रे की मशीन खराब पाई गई। डॉक्टरों ने उन्हें बाहर से एक्स-रे करवाने की सलाह दी, जिसके बाद भी पैर में फ्रैक्चर पर प्लास्टर नहीं किया गया। समाचार लिखे जाने तक उनके पैर का फ्रैक्चर ठीक करने का कोई प्रयास नहीं किया गया था।

इसके अलावा, अस्पताल में इलाज की उचित व्यवस्था की कमी के साथ ही दिव्यांग और लाचार लोग अस्पताल के बाहर पड़े हुए हैं। जब किसी संस्था या व्यक्ति ने विभागीय अधिकारियों को सूचित किया, तो उन्होंने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया और उल्टा नाराजगी जाहिर की।

किजपा के अध्यक्ष ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से ठप बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की कमी और विभागीय लापरवाही के कारण मरीजों को भयंकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। महंगी मशीनें अस्पताल में मौजूद होने के बावजूद टेक्नीशियन की कमी के कारण वे काम नहीं कर रही हैं, जिससे मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अब देखना यह है कि इस गंभीर मुद्दे पर संबंधित विभाग क्या कदम उठाता है और क्या मरीजों को जल्द राहत मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं की इस दयनीय स्थिति में सुधार की सख्त आवश्यकता है।

*दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष बनाए श्रीधरकांत जायसवाल*

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*दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष बनाए श्रीधरकांत जायसवाल*
नितेश जायसवाल उज्ज्वल दुनिया संवाददाता लातेहार
हेरहंज
प्रखंड मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के समीप घुरे दुर्गा पूजा समिति की बैठक किया गया। जिसमें सर्वसमिति से श्रीधर कांत जायसवाल को दुर्गा पूजा समिति का अध्यक्ष बनाया गया। उपाध्यक्ष विजय शंकर प्रसाद,कन्हाई प्रसाद,राजेश साहू,सचिव मनीष जायसवाल, कोषाध्यक्ष सन्दीप साहू,शिवकांत जायसवाल, नितेश जायसवाल, महामंत्री रमेश साहू,हिमांशु रंजन,नीरज साहू,मंत्री गुड्डू वर्मा,राजेश जायसवाल, जितेंद्र यादव,दीपक शर्मा,संरक्षक-रंजीत जायसवाल,सन्तोष यादव,देवनन्दन प्रसाद,बिन्देश्वर साहू,रूपेंद्र जायसवाल,विकास जायसवाल,रंजन प्रसाद,उमेश कांत जायसवाल,उपेन्द्र यादव,मंगल उरांव एंव 31 सदस्यों का गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कन्हाई प्रसाद ने किया। संचालन विजय शंकर प्रसाद ने किया। वहीं इस वर्ष हर वर्ष की भांति धूमधाम से दुर्गा पूजा मनाने पर विशेष चर्चा की गई। भव्य पंडाल,पंडाल के आस पास लाइट की ब्यवस्था,सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था,अग्निशयन की ब्यवस्था समेत कई बिंदुओं पर भी ज्यादा फोकस करने की बात कही गई। इस बैठके मे मनीष साहू,बिनय वर्मा समेत दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी गन व सदस्य मौजूद थे।

*पंचायत भवन में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का किया गया आयोजन*

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*पंचायत भवन में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का किया गया आयोजन*
नितेश जायसवाल उज्ज्वल दुनिया संवाददाता लातेहार
हेरहंज
आपकी योजना,आपकी सरकार,आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन प्रखण्ड मुख्यालय स्थित पंचायत सचिवालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार दास,उप-प्रमुख विजय उरांव,बिससूत्री अध्यक्ष रामवृक्ष गंझू व बिससूत्री उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। बीडीओ श्री दास ने सभी ग्रामीणों को संबोधित कर कहा झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना,अबुआ आवास,प्रधानमंत्री आवास योजना वैसे व्यक्ति को लाभ लेना है जिन्हें पहले से किसी तरह का आवास नहीं मिला हो,चार पहिया वाहन न हो,सरकारी नॉकरी न हो या फिर इनकम टैक्स से जुड़े हुवे न हो,वैसे व्यक्ति अबुआ आवास का लाभ ले सकते हैं जो आवास से वंचित हों साथ हीं सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना,आठवीं कक्षा से ऊपर छात्राओं को सरकार के द्वारा दी जाने वाली योजना का लाभ लें। इसके अलावे सरकार द्वारा अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ लें। साथ साथ संचालित कई योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इस शिविर में पंचायत से सैकड़ों की संख्या में पंचायत वासियों ने समस्या को लेकर निष्पादन हेतु संबंधित विभाग के कर्मचारियों को स्टॉल में आवेदन दिया। वहीं अबुआ आवास के स्टॉल में काफी भिंड देखा गया। ग्रामीणों द्वारा दिए गए जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र,जाती प्रमाण पत्र को निर्गत कर लाभुकों के बीच वितरण किया गया। उपस्थित अतिथियों के द्वारा लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण,छात्र छात्राओं के बीच साइकल,कृषि विभाग से बीज,जेएसएलपीएस द्वारा ऋण स्वीकृति समेत इस शिविर में लगभग कुल 500 सौ से अधिक आवेदन प्राप्त किए गए हैं।
मौके पर-अंचल निरीक्षक-अलीमुद्दीन अंसारी,प्रभारी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी सूर्य प्रकाश,पंचायत सचिव,समीर सुमन भेंगरा शिक्षा विभाग,स्वास्थ्य विभाग व प्रखण्ड,अंचल,सभी कम्प्यूटर ऑपरेटर समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

भोजपुरी के मुद्दे पर भाजयुमो ने रोहतास में आक्रोशपूर्ण मशाल जुलूस निकाला

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भोजपुरी के मुद्दे पर भाजयुमो ने रोहतास में आक्रोशपूर्ण मशाल जुलूस निकाला

बोकारो: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने बोकारो में शनिवार को उत्पाद सिपाही भर्ती में राज्य सरकार की लचर व्यवस्था के खिलाफ आक्रोशपूर्ण मशाल जुलूस निकाला। इस जुलूस का नेतृत्व युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष विनोद कुमार ने किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी लापरवाही के कारण अभ्यर्थियों की दुखद मौत हुई है।

भाजपा जिलाध्यक्ष जयदेव राय ने कहा, “राज्य के लाखों युवा इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अपने घरों से निकले हैं, उम्मीद के साथ कि उन्हें एक बेहतर भविष्य मिलेगा। लेकिन अब वे अपने बेटे की शव लेकर घर लौट रहे हैं। यह अत्यंत पीड़ादायक है। हम सभी मृत युवाओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और उनके परिवारों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति देने की कामना करते हैं।”

भाजयुमो जिला अध्यक्ष विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों की मौत की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को केवल 15 दिन पहले एडमिट कार्ड मिले थे, और राज्य सरकार ने सस्ती लोकप्रियता के लिए बिना उचित तैयारी के दौड़ करवाई। अभ्यर्थियों को रात 2 बजे लाइन में खड़ा किया गया, जिससे उन्हें उचित नींद और भोजन की कमी का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, गर्मी और अनियमित पानी की आपूर्ति ने स्थिति को और खराब कर दिया।

विनोद कुमार ने कहा कि पुलिस ने अभ्यर्थियों को 10 घंटे तक एक ही जगह पर खड़ा रखा और उन्हें खड़ा होने की भी अनुमति नहीं दी। यदि कोई अभ्यर्थी थोड़ी देर के लिए भी खड़ा होने का प्रयास करता, तो उसे लाठी से पीटा जाता और बाहर करने की धमकी दी जाती। स्थानीय युवाओं को भी गाली-गलौज का सामना करना पड़ा, जो बेहद दुखद है।

भाजपा युवा मोर्चा ने मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा और नियोजन की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में धांधली और भ्रष्टाचार की खबरें पहले से ही चल रही हैं और यह भ्रष्टाचार राज्य के गरीब युवाओं को ठगने के प्रयास का हिस्सा है। भाजपा और भाजयुमो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जवाबदेह ठहराने की बात की और यह चेतावनी दी कि आगामी विधानसभा चुनाव में युवा उनका करारा जवाब देंगे।

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रोहित लाल सिंह, पूर्व बीस सूत्री जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण नायक, किसान मोर्चा प्रदेश परिशिक्षण प्रमुख मुकेश राय, भाजपा जिला महामंत्री संजय त्यागी, अनिल स्वर्णकार, जिला उपाध्यक्ष धीरज झा और कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

घर में घूमते कॉकरोच से परेशान हैं? अपनाएं ये दो घरेलू ट्रिक्स और पाएं राहत

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घर में घूमते कॉकरोच से परेशान हैं? अपनाएं ये दो घरेलू ट्रिक्स और पाएं राहत

यदि आप भी अपने घर में कॉकरोच के आतंक से परेशान हो चुके हैं, तो ये दो घरेलू उपाय अपनाकर आप इन्हें दूर भगा सकते हैं। चूहों, मक्खियों और चींटियों की तरह ही कॉकरोच भी घर के विभिन्न हिस्सों में घुसकर असुविधा और गंदगी फैलाते हैं। कभी-कभी ये घर के खाद्य पदार्थों में घुस जाते हैं, जिससे खाना खराब हो जाता है और हमें उसे फेंकना पड़ता है।

कॉकरोच से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय

  1. बोरिक पाउडर और चीनी

कॉकरोच को भगाने का एक प्रभावशाली तरीका बोरिक पाउडर है, जिसे आमतौर पर कैरम बोर्ड पर इस्तेमाल किया जाता है। इसे उपयोग में लाने के लिए:

  • 1 चम्मच बोरिक पाउडर और 1 चम्मच चीनी को अच्छे से मिला लें।
  • इस मिश्रण को किचन या घर के उन हिस्सों में छिड़कें जहां कॉकरोच अक्सर देखे जाते हैं।
  • चीनी कॉकरोच को आकर्षित करेगी और बोरिक पाउडर उन्हें दूर करने में मदद करेगा।
  1. बेकिंग सोडा और चीनी

कॉकरोच को दूर भगाने का एक और प्रभावी उपाय बेकिंग सोडा है:

  • 1 चम्मच बेकिंग सोडा और 1 चम्मच चीनी को मिलाएं।
  • इस मिश्रण को पानी में घोलकर एक स्प्रे बोतल में डालें।
  • इसे घर के उन क्षेत्रों में स्प्रे करें जहां कॉकरोच मौजूद हैं।
  • बेकिंग सोडा कॉकरोच के लिए हानिकारक होता है, जिससे वे घर से बाहर निकल जाएंगे।

इन घरेलू उपायों को अपनाकर आप अपने घर को कॉकरोचों से मुक्त रख सकते हैं और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।